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हिंदू नववर्ष 2026: जानिए कब से शुरू होगा नववर्ष और किसे मिलेगा राजा और मंत्री का दर्जा?

इंदौर  Hindu Nav Varsh 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, नए साल की शुरुआत चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है. धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी, इसलिए इसे हिंदू नववर्ष का पहला दिन माना जाता है. इसी दिन से पूरे साल का फल और उसके प्रभाव का आकलन भी किया जाता है। कब से शुरू होगा हिंदू नववर्ष? साल 2026 में हिंदू नववर्ष यानी विक्रम संवत 2083 की शुरुआत 19 मार्च से होगी. इस दिन गुरुवार पड़ रहा है, इसलिए इस वर्ष के राजा देवगुरु बृहस्पति होंगे. ज्योतिष के नियम के अनुसार जिस वार से साल शुरू होता है, उसी वार का स्वामी ग्रह पूरे वर्ष का राजा माना जाता है. वहीं इस साल के मंत्री मंगल ग्रह होंगे. इसलिए इस संवत का नाम 'रौद्र' रखा गया है। कैसा रहेगा रौद्र संवत का असर? ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, रौद्र नाम का यह संवत थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. दुनिया भर में राजनीतिक तनाव बढ़ने के संकेत हैं और देशों के बीच मतभेद भी देखने को मिल सकते हैं. कुछ स्थानों पर युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई जा रही है. इसके अलावा इस साल आगजनी, दुर्घटनाओं और प्राकृतिक समस्याओं की घटनाएं बढ़ सकती हैं. बारिश कम होने की वजह से फसलों पर असर पड़ सकता है, जिससे महंगाई भी बढ़ने की संभावना है. कई देशों में जनता सरकार के खिलाफ आवाज उठा सकती है. कुल मिलाकर यह साल कुछ उतार-चढ़ाव और चुनौतियां लेकर आ सकता है। क्या होता है रौद्र संवत्सर? ज्योतिषियों ने विक्रम संवत 2083 को 'रौद्र' नाम दिया है. हर साल का एक अलग नाम होता है, जिससे उस वर्ष के स्वभाव और संभावित घटनाओं का अंदाजा लगाया जाता है. इस बार नए साल की शुरुआत उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में होगी और उस समय शुक्ल योग के साथ मीन लग्न रहेगा. इन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को ज्योतिष में काफी अहम माना जाता है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर साल भर के प्रभाव का आकलन किया जाता है. रौद्र शब्द का मतलब उग्र या तेज स्वभाव से जुड़ा होता है. इसी कारण यह माना जा रहा है कि पूरे साल के दौरान प्रकृति, समाज और राजनीति से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

राशिफल 06 मार्च 2026: जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए क्या है खास, किसे मिलेगा फायदा

मेष राशि– आज आपका आपको पॉजिटिव व शांत रहना होगा। क्योंकि आज आपके अंदर थोड़ा गुस्सा या नकारात्मक ऊर्जा जमा हो सकती है। इसे निकालने के लिए थोड़ी वॉक करें या हल्की एक्सरसाइज करें। इससे आपका मन हल्का होगा और आप अच्छा महसूस करेंगे। गुस्सा अंदर मत रखें, खुद को काम में व्यस्त रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वाले आज कोई बड़ी चीज खरीदने से पहले अलग-अलग जगह के दाम जरूर देख लें। जल्दबाजी में महंगी चीज न खरीदें। थोड़ा रिसर्च करेंगे तो आपके पैसे की अच्छी बचत होगी। परिवार की सलाह लें और उन्हें थोड़ा वक्त दें। बाहरी खाना ना खाएं। मिथुन राशि– आज अगर किसी बात को लेकर शक या गलतफहमी है तो सीधे पूछ लें। खुलकर बात करने से रिश्ते अच्छे रहते हैं। बिना समझे कोई धारणा न बनाएं, वरना झगड़ा हो सकता है। योग स दिन की शुरुआत करें। ऑयली फूड ऑवाइड करें। कर्क राशि- आज आपको बेकार के झगड़ों और ड्रामे से दूर रहना चाहिए। जो बातें आपसे जुड़ी नहीं हैं, उनमें न पड़ें। अपने मन की शांति पर ध्यान देंगे तो दिन अच्छा गुजरेगा। सेहत का ध्यान रखें। सुबह वाली धूप सेंके। सिंह राशि- आज सिंह राशि वालों का दिन शुभ होगा। हर चीज में दूसरों से टक्कर लेने की जरूरत नहीं है। अगर टीम के साथ काम करेंगे तो काम जल्दी होगा। दूसरों की मदद करेंगे तो आपकी लीडरशिप दिखेगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज काम करते समय परफेक्ट बनने से ज्यादा जरूरी है काम समय पर खत्म करना। छोटी-छोटी बातों में ज्यादा समय मत लगाइए। समय पर काम पूरा करना ज्यादा जरूरी है। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज अगर आपको किसी बात में न्याय या बराबरी चाहिए, तो सीधे बोलिए। लोग आपके मन की बात खुद नहीं समझ सकते। साफ और विनम्र तरीके से अपनी बात कहें। वृश्चिक राशि– वृश्चिक राशि वाले आज अपनी योजनाओं और आइडिया को ज्यादा लोगों को न बताएं। सही समय आने पर ही कदम उठाएं। चुपचाप योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। धनु राशि- धनु राशि वाले आज अपने रूट या निकलने के समय में थोड़ा बदलाव करें। अगर 5 मिनट पहले निकलेंगे तो ट्रैफिक से बच सकते हैं। छोटी-छोटी बदलाव से दिन आसान हो सकता है। सेहत का ध्यान रखें। बाहरी खाने को अवॉइड करें। परिवार के साथ संग बिताएं। मकर राशि- आज चाहे कितनी भी परेशानी आए, अपनी दिनचर्या (रूटीन) पर टिके रहें। आपकी अनुशासन से आप अपने काम पूरे कर पाएंगे। परिवार की मदद लें। शाम तक अच्छी खबर मिल सकती है। कुंभ राशि- मकर राशि वाले आज किसी पुरानी समस्या का नया और अलग तरीका आजमाएं। रचनात्मक सोच से आपको अच्छा समाधान मिल सकता है। काम के बीच में ब्रेक लें। संगीत व लेखन जैसे क्रिएटिव कामों में मन लगा रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। पर्याप्त पानी पिएं। मीन राशि- मीन राशि वाले आज थोड़ी देर अकेले समय बिताएं या टहल लें। इससे आपका दिमाग शांत होगा और आप अपने काम बेहतर तरीके से कर पाएंगे। कोई भी बात हो सच्चाई के साथ रखें।

शीतला अष्टमी कब मनाई जाएगी? जानें डेट, पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

सनातन धर्म में शीतला अष्टमी का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन माता शीतला का पूजन और व्रत किया जाता है. शीतला अष्टमी का व्रत हर वर्ष चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रखा जाता है. इस व्रत को लोग बसौड़ा भी कहा करते हैं, क्योंकि इस व्रत में शीतला माता को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है. ये परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. मान्यता है कि बासी भोग लगाने से माता अति प्रसन्न होती हैं. माता शीतला का व्रत और पूजन करने जीवन में खुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. माता का व्रत और पूजन करने से आरोग्य का वरदान प्राप्त होता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल शीतला अष्टमी का व्रत किस दिन रखा जाएगा? साथ ही जानते हैं शीतला अष्टमी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि. शीतला अष्टमी कब है? पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 मार्च को रात 01 बजकर 54 मिनट पर हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन 12 मार्च को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस साल शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च को रखा जाएगा. शीतला अष्टमी पूजा शुभ मुहूर्त शितला अष्टमी के दिन शुभ मुहूर्त में माता की पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है. ऐसे में इस साल शीतला अष्टमी के दिन माता की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 36 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त शाम को 06 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. शीतला अष्टमी पूजा विधि शीतला अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर पहले स्नान करें और फिर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं. फिर घर के मंदिर में चौकी पर मां शीतला देवी की प्रतिमा या तस्वीर रखें. इसके बाद विधि-विधान से माता की पूजा करें. पूजा के दौरान माता के सामने दीपक और धूप जलाएं. माता को रोली, अक्षत और फूल चढ़ाएं. बासी भोजन का भोग अर्पित करें. व्रत कथा का पाठ करें. अंत में आरती से पूजा का समापन करें.

सिर्फ एक मुट्ठी सौंफ बदल सकती है घर का माहौल, जानें कहाँ रखें

हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति में रसोई घर को ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। रसोई में मौजूद मसाले न केवल स्वाद और सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार इनका ज्योतिषीय महत्व भी बहुत गहरा है। इन्हीं मसालों में से एक है सौंफ । आमतौर पर हम सौंफ का उपयोग मुखशुद्धि या अचार में करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक मुट्ठी सौंफ आपके घर के वास्तु दोषों को दूर कर मानसिक तनाव  को कम कर सकती है ? आइए विस्तार से जानते हैं कि सौंफ का सही इस्तेमाल कैसे आपके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि ला सकता है। शयनकक्ष और सिरहाने के पास यदि आपको रात में बुरे सपने आते हैं या मानसिक तनाव के कारण नींद नहीं आती, तो एक छोटे से सफेद या लाल सूती कपड़े में एक मुट्ठी सौंफ बांधकर पोटली बना लें। इस पोटली को अपने तकिए के नीचे या सिरहाने की तरफ रखें। इससे राहु का दोष कम होता है और मन शांत रहता है, जिससे गहरी और शांतिपूर्ण नींद आती है।  उत्तर-पूर्व दिशा घर की उत्तर-पूर्व दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है। इस दिशा में एक कांच की कटोरी में थोड़ी सी सौंफ भरकर रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे वैचारिक मतभेदों को कम करता है और शांति का माहौल बनाता है। किचन की उत्तर दिशा किचन में सौंफ को हमेशा उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा के डिब्बे में रखना शुभ माना जाता है। इससे घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती। अगर आप लंबे समय से किसी मानसिक उलझन या तनाव से गुजर रहे हैं, तो सौंफ के ये उपाय रामबाण सिद्ध हो सकते हैं। यदि आपकी कुंडली में मंगल भारी है, जिसके कारण आपको छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता है, तो जेब में एक हरे रंग के रुमाल में थोड़ी सी सौंफ बांधकर रखें। इससे स्वभाव में सौम्यता आती है। बुध की मजबूती: हर बुधवार को एक मुट्ठी सौंफ का दान करना या गाय को सौंफ के साथ हरा चारा खिलाना आपके व्यापारिक तनाव को खत्म करता है। नकारात्मकता का नाश: घर के मुख्य द्वार के पास एक ऊंचे स्थान पर थोड़ी सी सौंफ छुपा कर रखने से बाहर से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा घर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाती।

खरमास की शुरुआत: 14 या 15 मार्च? जानिए कब से बंद हो जाएंगी शादियां और शुभ काम

सनातन धर्म में खरमास का बहुत महत्व माना जाता है. खरमास एक माह की अशुभ अवधि मानी जाती है, इसलिए इस दौरान शादी-विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नामकरण और मुंडन संस्कार जैसे शुभ और मांगलिक काम करने की मनाही होती है. खरमास साल में दो बार तब लगता है, जब ग्रहों के राजा भगवान सूर्य धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं. मार्च के इस माह में खरमास लगने वाला है, लेकिन लोगों के मन में संशय है कि 14 या 15 मार्च आखिर खरमास कब से लग रहा है? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं. साथ ही जानते हैं कि खरमास में शुभ काम क्यों नहीं किए जाते? खरमास कब से शुरू हो रहा है? ज्योतिष गणना अनुसार, आत्मा के कारक सूर्य देव इस साल 15 मार्च को कुंभ राशि से निकलेंगे और इसी दिन 01 बजकर 08 मिनट पर उनका प्रवेश मीन राशि में होगा. मीन राशि में सूर्य देव के प्रवेश करते ही 15 मार्च से खरमास की शुरुआत हो जाएगी. भगवान सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने पर मीन संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा. वहीं, 14 अप्रैल को खरमास का समापन होगा. इस साल 15 मार्च से शादी-विवाह समेत तमाम शुभ और मागंलिक काम रोक दिए जाएंगे. यही नहीं खरमास के दौरान न किसी बिजनेस की शुरूआत की जाएगी और न ही नया प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा. खरमास में क्यों नहीं होते शुभ काम? ज्योतिष मान्यताओं और धर्म शास्त्रों के अनुसार, जब सूर्य देव का प्रवेश धनु या मीन राशि में होता है, तो उनकी गति और ऊर्जा थोड़ी मंद हो जाती है. इससे उनकी शुभता में कमी आ जाती है. धनु और मीन राशि का स्वामित्व गुरु बृहस्पति के पास है. सूर्य जब इन दोनों राशि में प्रवेश करते हैं, तो गुरु का प्रभाव भी कम हो जाता है. शुभ कार्यों को करने के लिए सूर्य और गुरु का शुभ होना जरूरी है. यही कारण है कि खरमास में तमाम तरह के शुभ और मांगलिक काम रोक दिए जाते हैं.

चाणक्य नीति के अनुसार: जो माता-पिता करते हैं ये 5 काम, उनकी संतान जरूर पाती है बड़ा मुकाम

हर माता-पिता चाहते हैं कि उनकी संतान जीवन में सफल बने, सम्मान पाए और एक मजबूत इंसान के रूप में अपनी पहचान बनाए। इसके लिए केवल अच्छी पढ़ाई या पैसा ही काफी नहीं होता, बल्कि सही परवरिश, मजबूत संस्कार और सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने सदियों पहले संतान के पालन-पोषण को ले कर ऐसे स्पष्ट और व्यवहारिक सूत्र बताए, जो आज भी उतने ही उपयोगी हैं। यदि आप इन बातों को अपने जीवन में अपनाते हैं तो आप अपने बच्चे को केवल सफल ही नहीं बल्कि एक बेहतर इंसान भी बना सकते हैं। चलिए जानते है आचार्य चाणक्य द्वारा बताए गए ये सूत्र क्या है। शुरुआत से ही संस्कार और अनुशासन सिखाएं आचार्य चाणक्य के अनुसार बच्चे के जीवन के पहले पांच वर्ष बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय आपको उसे भरपूर प्रेम देना चाहिए। प्यार से बच्चा भावनात्मक रूप से मजबूत बनता है और उसके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है। इसके बाद अगले दस वर्षों में उसे अनुशासन सिखाएं। उसे सही और गलत का अंतर समझाएं। नियमों का महत्व बताएं और जिम्मेदारी लेना सिखाएं। जब बच्चा सोलह वर्ष का हो जाए, तो उसके साथ मित्र जैसा व्यवहार करें। उस पर हुक्म चलाने के बजाय उसे समझें, उसकी बात सुनें और मार्गदर्शन दें। इससे वह आपसे खुलकर बात करेगा और गलत रास्ते पर जाने की संभावना कम होगी। शिक्षा को सबसे बड़ा धन मानें चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन है, जिसे कोई चुरा नहीं सकता। इसलिए केवल स्कूल की पढ़ाई पर ध्यान देना काफी नहीं है। अपने बच्चे को जीवन से जुड़ी बातें भी सिखाएं। उसे समझाएं कि कैसे सही निर्णय लेना है, कैसे लोगों से व्यवहार करना है और कठिन परिस्थिति में कैसे शांत रहना है। उसे सवाल पूछने दें और उसकी सोचने की क्षमता बढ़ाएं। जब बच्चा समझदारी से फैसले लेना सीख जाता है, तब वह जीवन में आगे बढ़ता है और गलतियों से भी सीखता है। बच्चे के चरित्र निर्माण पर ध्यान दें धन, पद और शोहरत समय के साथ बदल सकते हैं लेकिन चरित्र जीवनभर साथ रहता है। इसलिए बचपन से ही बच्चे में सच्चाई, ईमानदारी और मेहनत की आदत डालें। उसे बताएं कि गलत रास्ते से मिली सफलता टिकाऊ नहीं होती। जब बच्चा सच बोलने और सही काम करने की आदत डाल लेता है, तो वह हर परिस्थिति में मजबूत बना रहता है। आप खुद भी अपने व्यवहार से उदाहरण पेश करें क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो वे घर में देखते हैं। संगति पर नजर रखें बच्चा किन लोगों के साथ समय बिताता है, इसका उसके स्वभाव और सोच पर गहरा असर पड़ता है। इसलिए उसकी संगति पर ध्यान देना जरूरी है। उसे अच्छे दोस्तों का महत्व समझाएं। यदि आप देखें कि वह गलत संगति में जा रहा है, तो डांटने के बजाय प्यार से समझाएं। उसके मित्रों को जानने की कोशिश करें और ऐसा माहौल बनाएं कि वह आपसे हर बात साझा कर सके। अच्छी संगति बच्चे को आगे बढ़ाती है और उसे सही दिशा देती है। आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है अत्यधिक लाड़-प्यार बच्चे को कमजोर बना सकता है। आप अपने बच्चे को हर छोटी समस्या से बचाने के बजाय उसे समस्याओं का सामना करना सिखाएं। उसे छोटे-छोटे निर्णय खुद लेने दें। जब वह गलती करे तो उसे समझाएं, लेकिन हर बार उसकी जगह खुद फैसला ना लें। इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार होगा। आत्मनिर्भर बच्चा ही आगे चलकर मजबूत और सफल इंसान बनता है।

मनी प्लांट भी फेल! इस पौधे को सही दिशा में लगाते ही बढ़ने लगती है धन-दौलत

वास्तु शास्त्र में पेड़-पौधों का विशेष महत्व बताया गया है। अक्सर लोग सुख-समृद्धि के लिए घर में 'मनी प्लांट' लगाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा पौधा भी है जिसे मनी प्लांट से भी ज्यादा शक्तिशाली और 'धन खींचने वाला' माना जाता है? इस पौधे का नाम है क्रसुला, जिसे कुबेर पौधा या जेड प्लांट भी कहा जाता है। क्रसुला का पौधा अपनी मोटी, मखमली और गहरे हरे रंग की पत्तियों के लिए जाना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह पौधा घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने में जादुई भूमिका निभाता है। जैसे चुंबक लोहे को अपनी ओर खींचता है, वैसे ही यह पौधा सकारात्मक ऊर्जा और धन के आगमन के रास्ते खोलता है। सही दिशा का महत्व     वास्तु शास्त्र में किसी भी चीज का पूरा लाभ तभी मिलता है जब उसे सही दिशा में रखा जाए।     पौराणिक मान्यताओं और वास्तु के नियमों के मुताबिक, क्रसुला के पौधे को घर के मुख्य द्वार के दाईं ओर रखना सबसे शुभ माना जाता है।     अगर आप इसे मुख्य द्वार पर रखते हैं, तो यह नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकता है।     इसे ऑफिस की डेस्क पर रखने से व्यापार में उन्नति और पदोन्नति के योग बनते हैं।     धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पौधे को कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे विपरीत परिणाम मिल सकते हैं। देखभाल में है बहुत आसान     इस पौधे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बहुत अधिक देखभाल की जरूरत नहीं होती।     इसे रोजाना पानी देने की आवश्यकता नहीं है। हफ्ते में दो या तीन बार पानी देना पर्याप्त है।     यह पौधा छाया में भी अच्छी तरह पनपता है, इसलिए इसे घर के अंदर आसानी से रखा जा सकता है।     इसकी पत्तियां जितनी हरी-भरी रहती हैं, घर में उतनी ही सुख-शांति बनी रहती है। वास्तु के अनुसार, मुरझाया हुआ या सूखा पौधा तुरंत हटा देना चाहिए क्योंकि यह प्रगति में बाधा डालता है। आर्थिक तंगी से छुटकारा अगर आप लंबे समय से कर्ज या पैसों की किल्लत से जूझ रहे हैं, तो क्रसुला का पौधा एक उम्मीद की किरण बन सकता है। प्राचीन शास्त्रों में वर्णित प्रकृति के नियमों के आधार पर, यह पौधा न केवल धन को आकर्षित करता है बल्कि परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य भी बढ़ाता है।  

घर की तरक्की रोक सकती हैं बालकनी में रखी ये वस्तुएँ

वास्तु शास्त्र में बालकनी को घर की ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना गया है। यहीं से सूर्य प्रकाश, वायु और ब्रह्मांडीय ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। मत्स्य पुराण, गरुड़ पुराण और वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि बालकनी में गलत वस्तुएं रख दी जाएं, तो इससे नकारात्मक ऊर्जा, धन हानि, मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह बढ़ सकती है। वास्तु शास्त्र केवल निर्माण का नियम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित करने का विज्ञान है। यदि बालकनी को स्वच्छ, हल्का और सकारात्मक रखा जाए तो घर में सुख, शांति और समृद्धि निश्चित रूप से आती है। आइए जानते हैं कौन-सी चीजें बालकनी में भूलकर भी नहीं रखनी चाहिए। बालकनी में पुराने फर्नीचर, टूटी कुर्सियां, खराब गमले या बेकार सामान रखना दरिद्र योग को जन्म देता है। इससे लक्ष्मी का वास नहीं होता और आर्थिक संकट बढ़ता है। कूड़ेदान या गंदगी बालकनी में कचरा रखना सबसे बड़ा वास्तु दोष माना गया है। यह घर में नकारात्मक ऊर्जा और बीमारियों को आकर्षित करता है। गरुड़ पुराण में गंदगी को दुर्भाग्य का कारण बताया गया है। लोहे के भारी औज़ार या हथियार बालकनी में हथौड़ा, रॉड, एक्सरसाइज़ इक्विपमेंट या लोहे का भारी सामान रखने से झगड़े, क्रोध और मानसिक अशांति बढ़ती है। कांटेदार या सूखे पौधे कैक्टस, सूखे पौधे या मुरझाए फूल वास्तु में अशुभ माने गए हैं। ये रिश्तों में तनाव और नकारात्मक विचार बढ़ाते हैं। बालकनी में हमेशा हरे और जीवित पौधे ही रखें। गीले कपड़े या कपड़ों का ढेर बालकनी में लंबे समय तक गीले कपड़े टांगे रखना चंद्र दोष और मानसिक तनाव को बढ़ाता है। यह घर की सकारात्मक तरंगों को रोकता है। बंद और अंधेरी बालकनी अगर बालकनी हमेशा बंद या अंधेरी रहती है तो सूर्य ऊर्जा का प्रवेश रुक जाता है, जिससे अवसाद और आलस्य बढ़ता है। प्रतिदिन कुछ समय बालकनी खुली रखें। बालकनी में क्या रखें (शुभ वस्तुएं) तुलसी, मनी प्लांट, एलोवेरा, हल्का और साफ फर्नीचर, विंड चाइम, मिट्टी या पीतल का दीपक (शाम को)

05 मार्च 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्य, जानें किसके लिए होगा लाभकारी दिन

आज का राशिफल मेष आज के दिन की स्थिति कुछ न कुछ मुश्किलें देने वाली हो सकती हैं, किसी न किसी बात को लेकर घर पर भी कुछ मतभेद बने रह सकते हैं जिन्हें सुलझाना आसान नहीं होगा। आप अपने काम के चलते कुछ यात्रा भी कर सकते हैं जो शायद अभी खर्च और थकान ही बढ़ाने वाली हैं।     करियर – काम के लिहाज से आज के दिन की स्थिति आप को कई मायनों में एक छिपा हुआ कंपटीशन देने वाली है यानी के लोग विरोध में सामने न हों लेकिन पीठ पीछे काफी कुछ चल रहा होगा। कारोबार को लेकर ध्यान से सौदे करने की जरूरत है।     फाइनेंस – पैसों को लेकर आज का दिन आपको खर्च की अधिकता देने वाला है। आप कुछ चीजों की खरीदारी कर सकते हैं।     लव लाइफ – प्यार भरे रिश्ते इस समय होकते हैं किसी दूसरे के चलते विवाद या तनाव का शिकार।     हेल्थ – सेहत के मामले में इस दौरान शरीर में दर्द बुखार या अन्य कोई परेशानी उभर सकती है। आज का राशिफल वृष वृषभ राशि वालों के लिए काम के साथ-साथ इस समय कुछ बदलाव का भी मौका होगा, घर को सजाने या उसमें कुछ चेंज करने की कोशिशें भी अच्छी रहने वाली हैं। इस समय घर पर दोस्तों के आने से अलग ही रौनक लगने वाली है।     करियर – काम के लिहाज से आज आप अपने रचनात्मक पक्ष में ज्यादा अच्छे रहने वाले हैं। इस दौरान आप के काम में कुछ नवीनता दिखाई दे सकती है। इस समय के दौरान काम या किसी सौदे को लेकर यात्रा भी हो सकती है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति की अगर बात करें तो ये समय आपको कुछ अपने ऊपर होने वाले खर्च की स्थिति को अधिक दिखा रहा है।     लव लाइफ – प्रेम संबंध इस समय काफी बातों के चलते रहेंगे आप के लिए कमजोर क्योंकि कोई न कोई शक या संदेह दिलों में ला सकता है दूरी का असर।     हेल्थ – स्वास्थ्य के मामले में इस सप्ताह आप छोटी छोटी बातों से हो सकते से परेशान जिससे दिक्कत हो सकती हैं।   आज का राशिफल मिथुन मिथुन राशि वालों के लिए आज के दिन की स्थिति रह सकती है कुछ मामलों में उलझनों से भरी हुई। घर पर कुछ काम आप के ध्यान को कर सकते हैं भ्रमित। इस दौरान बच्चों को लेकर उनकी पढ़ाई से संबंधित बातचीत होगी जिसमें आप उनके लिए एक अच्छे मार्गदर्शक बनेंगे।     करियर – कामकाज की अगर बात की जाए तो इस समय कुछ पुरानी बातें या यादें मन पर डाल सकती हैं अपना प्रभाव। इस समय के दौरान लगातार कामकाज में लगे रहना आपको अपने आस पास के माहौल से भी दूर ले जाने वाला हो सकता है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति के मामले में दिन रहेगा कुछ दोस्तों के साथ खर्चीला या फिर किसी भाई बंधु के लिए खरीदारी भी हो सकती है।     लव लाइफ – प्रेम संबंधों की अगर बात की जाए तो इस समय आप अचानक से किसी से मिल सकते हैं या बातचीत आगे बढ़ सकती है।     हेल्थ – सेहत की स्थिति सामान्य रहने वाली है, लेकिन किसी खेलकूद में चोट न लगे इस बात का रखें ख्याल।   आज का राशिफल कर्क कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन कुछ आत्मविश्वास को देने वाला रह सकता है। आप अपने कामों को लेकर भी सक्रिय रहेंगे, लेकिन किसी पारिवारिक विषय को लेकर मन थोड़ा बेचैन हो सकता है। आज शांत रहते हुए मेहनत करते रहना आपके लिए बेहद आवश्यक रहेगा।     करियर – कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। यदि आप नौकरी में हैं तो अधिकारी आपके काम की सराहना कर सकते हैं, लेकिन अपेक्षाएं भी बढ़ेंगी। व्यापार से जुड़े लोगों को किसी पुराने संपर्क से लाभ मिल सकता है। निर्णय सोच-समझकर लें, जल्दबाज़ी नुकसान दे सकती है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति स्थिर रहने वाली है, किसी जरूरी घरेलू खर्च के कारण बजट थोड़ा प्रभावित हो सकता है।     लव लाइफ – दांपत्य जीवन में आज के दिन एक दूसरे को समय कम ही दे पाते हैं, प्रेम संबंधों में उन बातों से परेशान न हों जो किसी बाहरी व्यक्ति के कारण प्रभावित हो रही है।     हेल्थ – स्वास्थ्य अच्छा रहेगा असर पर यात्रा के दौरान कुछ दर्द की शिकायत बढ़ सकती है।   आज का राशिफल सिंह सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन काम के साथ साथ घर के लोगों के साथ समय बिताने वाला देगा। परिवार और काम दोनों के बीच संतुलन भी बना सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर परिवार में चर्चा हो सकती है, जिसमें आपकी राय अहम होगी।     करियर – काम के मामले में आपकी मेहनत रंग ला सकती है। लंबे समय से अटका हुआ काम आज आगे बढ़ सकता है। व्यवसाय में साझेदारी से लाभ मिलने की संभावना है। सहकर्मियों के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाएं।     फाइनेंस – आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें वैसे तो आय के नए स्रोत बनने की संभावना है, लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं।     लव लाइफ – रिश्तों में आज के दिन घर परिवार की जिम्मेदारी ही बहुत अधिक रहने वाली है, जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।     हेल्थ – स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, खानपान में लापरवाही न करें। गले या सर्दी-जुकाम की हल्की समस्या हो सकती है।   आज का राशिफल कन्या कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन अपने ही अनुसार काम करने की इच्छा को बढ़ा सकता है। इस समय घर पर किसी के साथ बातचीत में बहस बढ़ सकती है, इसलिए जितना हो सके आज के दिन आपने स्वभाव में अड़ियल रुख न अपनाएं।     करियर – कार्यक्षेत्र में पुरानी बातें या अनुभव आपके फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। आप किसी नए काम में शामिल होने की इच्छा तो रखेंगे लेकिन इसमें आगे बढ़ना मुश्किल रह सकता है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन मित्रों के साथ बाहर जाना या किसी रिश्तेदार के लिए खरीदारी करने से खर्च बढ़ सकता … Read more

Hanuman Chalisa Rules: गलत समय पर पाठ करने से हो सकता है नुकसान, जानें सही समय

नई दिल्ली हनुमान चालीसा हिंदू धर्म में सबसे प्रभावशाली और फलदायी स्तोत्रों में से एक है। नियमित पाठ से भय, रोग, शत्रुता, आर्थिक संकट और ग्रह पीड़ा दूर होती है। बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। लेकिन शास्त्रों में इसके पाठ से जुड़े कुछ सख्त नियम भी बताए गए हैं। कुछ विशेष समय और अवस्थाओं में हनुमान चालीसा का पाठ करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। आइए जानते हैं उन समयों के बारे में, जब हनुमान चालीसा का पाठ गलती से भी नहीं करना चाहिए। दोपहर के समय हनुमान चालीसा का पाठ क्यों नहीं करना चाहिए हनुमान चालीसा का पाठ दोपहर के समय वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि दोपहर में हनुमान जी विभीषण को दिए गए वचन के अनुसार, लंका चले जाते हैं। इस समय उनकी उपस्थिति नहीं रहती है। इसलिए दोपहर में पाठ करने से इच्छित फल नहीं मिलता, बल्कि विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। ब्रह्म मुहूर्त, सूर्योदय या संध्या काल में हनुमान चालीसा का पाठ सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इन समयों में पाठ करने से मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं। मासिक धर्म के समय पाठ से बचें महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। शास्त्रों में इस अवस्था को शारीरिक और मानसिक विश्राम का समय बताया गया है। इस दौरान पूजा-पाठ और मंत्र जप से दूर रहने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से महिला के शरीर और मन को आराम मिलता है। इस अवधि में पाठ करने से ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। मासिक धर्म समाप्त होने के बाद शुद्ध होकर पाठ शुरू करें। मृत्यु के समय हनुमान चालीसा का पाठ ना करें घर में किसी की मृत्यु होने पर हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। मृत्यु के बाद परिवार पर शोक और अशौच की स्थिति होती है। इस समय धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पूजा-पाठ को कुछ समय के लिए बंद कर दिया जाता है। शोक काल समाप्त होने और शुद्धि संस्कार के बाद ही पाठ शुरू करना चाहिए। मृत्यु के समय पाठ करने से आत्मा की शांति में बाधा आ सकती है और परिवार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बच्चे के जन्म के समय पाठ से दूर रहें जब घर में किसी बच्चे का जन्म होता है, तो हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। जन्म के बाद कुछ दिनों तक परिवार पर सूतक माना जाता है। यह समय नवजात और माता की देखभाल के लिए होता है। इस अवधि में पूजा-पाठ को कुछ समय के लिए बंद कर देना चाहिए। सूतक समाप्त होने और शुद्ध होने के बाद ही पाठ शुरू करें। ऐसा करने से नवजात का स्वास्थ्य और परिवार की शांति बनी रहती है। हनुमान चालीसा का सही समय और लाभ हनुमान चालीसा का पाठ मंगलवार और शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त या संध्या काल में करना विशेष रूप से फलदायी होता है। इन समयों में पाठ करने से भय, रोग, शत्रुता और ग्रह पीड़ा दूर होती है। नियमों का पालन करने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। नियमित पाठ से आत्मविश्वास, साहस और सफलता मिलती है। गलत समय में पाठ करने से विपरीत प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए समय का विशेष ध्यान रखें। हनुमान चालीसा का पाठ श्रद्धा और नियमों के साथ करें। सही समय पर पाठ करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।