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रवि योग का संयोग: 27 फरवरी को आमलकी एकादशी का विशेष पर्व

27 फरवरी को फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। इसे आमलकी यानी आंवला एकादशी कहते हैं। फाल्गुन महीने में आने के कारण ये हिंदी कैलेंडर की आखिरी एकादशी होती है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा के साथ ही आंवले का दान करने का भी विधान है। जिससे कई यज्ञों का फल मिलता है। श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि इस साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का प्रारंभ 27 फरवरी 2026 को तड़के 12:33 से होगा। तिथि का समापन 27 फरवरी 2026 की रात 10:32 पर होगा। इसलिए आमलकी एकादशी 27 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु के साथ आंवले के पेड़ को भी खासतौर पूजा जाएगा। तभी ये एकादशी व्रत पूरा माना जाता है, क्योंकि आंवले के पेड़ को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और पूजनीय माना जाता है। इस दिन आंवला खाने से बीमारियां खत्म होती हैं। एकादशी पर किए गए व्रत-उपवास और पूजन से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और सफलता मिलती है। ये व्रत भगवान विष्णु के लिए किया जाता है। आमलकी एकादशी पर विष्णु जी के साथ आंवले की और माता अन्नपूर्णा की पूजा करने की परंपरा है। आमलकी एकादशी की शाम तुलसी के पास दीपक अनिवार्य रूप से जलाना चाहिए। भगवान विष्णु की पूजा के साथ ही विष्णु जी के मंत्र ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय का जप करते रहें। श्रीकृष्ण का अभिषेक करें और कृं कृष्णाय नम: मंत्र का जप करें। श्रीकृष्ण के साथ गौ माता की भी पूजा जरूर करें। किसी गौशाला में गायों की देखभाल के लिए दान-पुण्य करें। किसी मंदिर में पूजन सामग्री का सामान जैसे कुमकुम, चंदन, मिठाई, तेल-घी, हार-फूल, भगवान के वस्त्र आदि का दान करें। आमलकी एकादशी पर खाने में आंवले का सेवन जरूर करें। आंवले का रस भी पी सकते हैं। आंवले का दान भी करें। माता अन्नपूर्णा अन्न की देवी है। इस तिथि पर देवी की पूजा करें और जरूरतमंद लोगों अन्न का दान करें। शुभ योग आमलकी एकादशी पर काफी शुभ योग बन रहे हैं। आमलकी एकादशी के दिन सर्वार्थ सिद्धि, रवि, आयुष्मान और सौभाग्य योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा के लिए शुभ समय सुबह 6:48 से 11:08 तक रहेगा। रंगभरी और आमलकी एकादशी होली से चार दिन पहले आने से इसे रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन से बनारस में बाबा विश्वनाथ को होली खेलकर इस पर्व की शुरुआत की जाती है। ब्रह्मांड पुराण के मुताबिक इस दिन आंवले के पेड़ और भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है। इस दिन शुभ ग्रह योगों के प्रभाव से व्रत और पूजा का पुण्य और बढ़ जाएगा। मिलता है यज्ञों का पुण्य पद्म और विष्णु धर्मोत्तर पुराण का कहना है कि आंवले का वृक्ष भगवान विष्णु को बहुत प्रिय होता है। इस पेड़ में भगवान विष्णु के साथ ही देवी लक्ष्मी का भी निवास होता है। इस वजह से आमलकी एकादशी के दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस दिन आंवले के पेड़ को पूजन और आंवले का दान करने से समस्त यज्ञों और 1 हजार गायों के दान के बराबर फल मिलता है। आमलकी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को मोक्ष मिल जाता है।  तिल, गंगाजल और आंवले से नहाने की परंपरा इस एकादशी पर सूर्योदय से पहले उठकर पानी में गंगाजल की सात बूंद, एक चुटकी तिल और एक आंवला डालकर उस जल से नहाना चाहिए। इसे पवित्र या तीर्थ स्नान कहा जाता है। ऐसा करने से जाने-अनजाने में हुए हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं। इसके बाद दिनभर व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करना चाहिए। इससे एकादशी व्रत का पूरा पुण्य फल मिलता है। सूर्यास्त के बाद जलाएं दीपक विष्णु जी की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल खासतौर पर किया जाता है। मान्यता है कि तुलसी के पत्तों के बिना विष्णु जी भोग स्वीकार नहीं करते हैं, इसलिए भोग के साथ ही तुलसी जरूर रखी जाती है। एकादशी विष्णु जी की तिथि है, लेकिन इस दिन विष्णु प्रिया तुलसी की भी विशेष पूजा करनी चाहिए। सुबह तुलसी को जल चढ़ाएं और शाम को सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास दीपक जलाएं। ध्यान रखें शाम को तुलसी को स्पर्श न करें। दीपक जलाकर दूर से ही परिक्रमा करें।  पूजा विधि सुबह उठकर भगवान विष्णु का ध्यान कर व्रत का संकल्प करें। संकल्प लेने के बाद स्नान से निवृत्त होकर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। दीपक जलाकर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। पूजा के बाद आंवले के पेड़ के नीचे नवरत्न युक्त कलश स्थापित करें। आंवले के वृक्ष का धूप, दीप, चंदन, रोली, फूल और अक्षत से पूजन कर किसी गरीब या ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए। अगले दिन स्नान कर स्नान कर पूजन के बाद कलश, वस्त्र और आंवला का दान करना चाहिए। इसके बाद भोजन ग्रहण कर व्रत खोलना चाहिए।

कन्फ्यूजन दूर करें: 3 मार्च को सरकारी छुट्टी, धुलेंडी 4 को, जानें सही जानकारी

होलिका दहन और होली की तारीख को लेकर इस साल लोगों में कन्फ्यूजन बना हुआ है। इस साल यह कन्फ्यूजन है कि होलिका दहन 2 मार्च को होगा या 3 मार्च को और रंगों वाली होली किस दिन मनाई जाएगी। वाराणसी से प्रकाशित हृषीकेश पंचांग और ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार इस साल होलिका पूजन और दहन 2 मार्च 2026, सोमवार की रात को किया जाएगा। वहीं, रंगभरी होली 4 मार्च 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। 2 मार्च को कब से कब तक है पूर्णिमा तिथि- पंचांग के अनुसार 2 मार्च को सुबह 6 बजकर 16 मिनट पर सूर्योदय होगा। इस दिन चतुर्दशी तिथि शाम 5 बजकर 18 मिनट तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी। नक्षत्र की बात करें तो सुबह 7 बजकर 24 मिनट तक आश्लेषा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद मघा नक्षत्र लग जाएगा। योग की स्थिति में दिन में 12 बजकर 6 मिनट तक अतिगंड योग रहेगा, उसके बाद सुकर्मा योग बनेगा। औदायिक योग सौम्य रहेगा। अगले दिन यानी 3 मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम 4 बजकर 33 मिनट तक रहेगी। होलिका दहन रात में ही क्यों होता है- शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन हमेशा रात में और पूर्णिमा तिथि में ही किया जाता है। दिन में होलिका जलाने की परंपरा नहीं है। यही वजह है कि होलिका दहन के लिए रात का समय ही शुभ माना गया है। इस बार पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की शाम से शुरू हो रही है, इसलिए होलिका दहन भी 2 मार्च की रात में ही होगा। होलिका दहन 2026 तिथि और तारीख हिंदू शास्त्रों के अनुसार, होलिका दहन फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को प्रदोष काल यानि की सूर्यास्त के बाद भद्रा रहित शुभ मुहूर्त में करते हैं. भद्रा रहित मुहूर्त का अर्थ है कि सूर्यास्त के बाद भद्रा नहीं होनी चाहिए. यदि भद्रा होगी, तो होलिका दहन नहीं होगा. भद्रा के बाद किया जाएगा. दृक पंचांग के आधार पर देखते हैं तो फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5:55 से शुरू होकर 3 मार्च को शाम 5:07 बजे खत्म हो रही है. अब 2 मार्च को भद्रा पूर्णिमा तिथि के साथ ही यानि शाम 05:55 बजे से लग जाएगी और 3 मार्च को सुबह में 05:28 ए एम तक रहेगी. भद्रा की वजह से 2 मार्च को प्रदोष या रात्रि के समय में होलिका दहन नहीं हो पाएगा. इस वजह से होलिका दहन 3 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में किया जाना सही है. भद्रा की पूंछ 3 मार्च को 01:25 ए एम से 02:35 ए एम तक है और भद्रा मुख 02:35 ए एम से 04:30 ए एम तक है.     होलिका दहन मुहूर्त: 3 मार्च, मंगलवार, ब्रह्म मुहूर्त 05:05 ए एम से 05:55 ए एम के बीच. सुकर्मा योग और मघा नक्षत्र में होलिका दहन इस साल होलिका दहन पर सुकर्मा योग और मघा नक्षत्र का संयोग बना है. 3 मार्च को सुकर्मा योग सुबह में 10:25 बजे तक है, उसके बाद से धृति योग बनेगा. वहीं मघा नक्षत्र सुबह में 07:31 बजे तक है, फिर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है. 3 मार्च की शाम क्यों न करें होलिका दहन? 3 मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम को 5:07 बजे खत्म हो जा रही है और उसके बाद से चैत्र कृष्ण प्रतिपदा की शुरूआत होगी. 3 मार्च को प्रदोष काल प्रतिपदा तिथि का हो जाएगा क्योंकि सूर्यास्त का समय 06:22 पी एम है. होली 2026 की तारीख होलिका दहन के अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है. उस समय में चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि होती है. दृक पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 3 मार्च को शाम 05:07 बजे से शुरू होकर 4 मार्च को शाम 04:48 बजे तक रहेगी. उदयातिथि के आधार पर चैत्र कृष्ण प्रतिपदा 4 मार्च को है. इसलिए इस साल होली का त्योहार 4 मार्च बुधवार को मनाना शास्त्र सम्मत है. भद्रा का साया और दहन का सही समय– इस साल होलिका दहन पर भद्रा का प्रभाव भी है। पंचांग के अनुसार 2 मार्च को शाम 5 बजकर 18 मिनट से लेकर 3 मार्च की सुबह 4 बजकर 56 मिनट तक भद्रा रहेगी। यानी पूरी रात भद्रा का साया रहेगा। शास्त्रों में कहा गया है कि भद्रा के समय होलिका दहन नहीं किया जाता, लेकिन अगर पूरी रात भद्रा हो तो भद्रा के पुच्छ भाग में दहन करना शुभ माना जाता है। इस साल भद्रा का पुच्छ भाग रात 12 बजकर 50 मिनट से रात 2 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। यही समय होलिका दहन के लिए सबसे अच्छा माना गया है। यानी 2 मार्च की रात 12:50 से 2:02 के बीच होलिका दहन करना शुभ रहेगा। यह करीब 1 घंटा 12 मिनट का समय है। इन तारीखों को जान लीजिए     2 को पूर्णिमा का आगमन, भद्रा भी रहेगी     भद्रा 3 मार्च को ब्रहम मुहूर्त तक रहेगी     3 मार्च को ही सुबह से चंद्रग्रहण का सूतक रहेगा, शाम को ग्रहण समाप्त होगा     4 मार्च को धुलेंडी पर्व 3 मार्च को क्या है खास- 3 मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम तक रहेगी। इस दिन स्नान-दान का महत्व माना जाता है। कई लोग इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-पाठ करते हैं। हालांकि, रंग खेलने की परंपरा इस दिन नहीं होती है। रंगों वाली होली अगले दिन मनाई जाएगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा जिस वजह से सूतक काल मान्य होगा। इस दिन किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। 4 मार्च को होली- रंगों वाली होली 4 मार्च, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली का त्योहार मनाएंगे। क्यों हो रहा है लोगों में कन्फ्यूजन- तिथि और वार के बदलने की वजह से हर साल होली की तारीख को लेकर भ्रम रहता है। कुछ लोग सिर्फ कैलेंडर देखकर तारीख मान लेते हैं, जबकि त्योहार तिथि के हिसाब से मनाए जाते हैं। इस बार पूर्णिमा तिथि पर चंद्र ग्रहण लग रहा है, जिस वजह से कन्फ्यून की स्थिति बनी हुई है। पंचांग के अनुसार शास्त्रीय नियमों को देखें तो होलिका दहन 2 मार्च की रात को ही होगा और … Read more

राशिफल (25 फरवरी 2026): मेष से मीन तक, जानें किसे मिलेगा शुभ फल और किसे रहेगी सावधानी

मेष राशि- फैमिली और फ्रेंड्स का सपोर्ट मिलेगा। कारोबार में बढ़ोत्तरी के नए अवसर मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी। शासन-सत्ता पक्ष का सहयोग मिलेगा। नौकरी-कारोबार में तरक्की करेंगे। धन, सुख-संपत्ति में वृद्धि होगी। कला और संगीत के प्रति रुचि बढ़ेगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थल पर यात्रा करने जा सकते हैं। वृषभ राशि- मन अशांत रहेगा। धैर्यता बनाएं रखें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। कार्यक्षेत्र में नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी लेने के लिए कॉन्फिडेंट नजर आएंगे। खर्चों की अधिकता रहेगी।  भूमि या वाहन की खरीदारी के योग बनेंगे। मित्रों के सहयोग से लंबे से रुके हुए कार्य संपन्न होंगे। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। धन से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। मिथुन राशि- मन शांत रहेगा। कारोबार में तरक्की के कई अवसर मिलेंगे, लेकिन कार्यों में बाधाओं का भी सामना करना पड़ेगा। घर-परिवार में धार्मिक कार्यों का आयोजन हो सकता है। धन का आवक बढ़ेगा, लेकिन खर्चों की अधिकता भी रहेगी। आशा-निराशा के भाव रहेंगे। माता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। आज लेखनादि-बौद्धिक कार्यों से धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे। दिनचर्या थोड़ी अस्त-व्यस्त रहेगी। वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। जीवसाथी का सहयोग मिलेगा। कर्क राशि- आशा-निराशा के भाव रहेंगे। आत्मविश्वास की कमी महसूस होगी। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। नौकरी में स्थान परिवर्तन की संभावनाएं हैं। भाइयों का सहयोग मिलेगा। नए कार्यों की शुरुआत करने के लिए आज का दिन बेहद शुभ है। यात्रा के सुखद परिणाम मिलेंगे। वाणी में मधुरता आएगी। जीवनसाथी संग रिश्ता मजबूत होगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। आनंददायक जीवन गुजारेंगे। सिंह राशि- प्रोफेशनल लाइफ में छोटी-मोटी दिक्कतें रहेंगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। रिश्तों में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। मैरिड लाइफ में खुशियों का माहौल होगा। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिलेंगी। वाहन सावधानी से चलाएं। प्रोफेशनल लाइफ में अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब का ऑफर मिलेगा। सुख-सुविधाओं में जीवन गुजारेंगे, लेकिन आत्मसंयत रहें। धन से जुड़े फैसले बड़े समझदारी से लें। इससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। कन्या राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। काम के सिलसिले में यात्रा के योग बनेंगे। भौतिक सुख-संपदा में वृद्धि होगी। नौकरी में स्थान परिवर्तन के संकेत हैं। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकता है, जिससे लव लाइफ में दिक्कतें बढ़ सकती हैं। क्रोध के अतिरेक से बचें। रिश्तों की दिक्कतों को बड़ी समझदारी से सुलझाएं। वाणी पर नियंत्रण रखें और बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। तुला राशि- जीवन में उतार-चढ़ाव आएंगे। परिजनों का सहयोग मिलेगा। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगा। व्यापार में लाभ होगा, लेकिन कार्यों की चुनौतियां बढ़ेंगी। धैर्यता की कमी रहेगी। दोस्तों के सहयोग से कार्यों की बाधाएं दूर होंगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। घरेलू दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दिनचर्या अव्यवस्थित रहेगी। घर में वाद-विवाद से बचें। आज कड़ी मेहनत के बाद ही सफलता सुनिश्चित होगी। वृश्चिक राशि- पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन बनाएं रखें। धन से जुड़े फैसले बड़ी होशियारी से लें। खर्चों पर नियंत्रण रखें। माता-पिता का सानिध्य प्राप्त होगा। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है। कारोबार में विस्तार के अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। वाणी में सौम्यता रहेगी, लेकिन अज्ञात भय से मन परेशान रह सकता है। बातचीत में संतुलित रहें और व्यर्थ के वाद-विवाद से बचने की कोशिश करें। धनु राशि- शैक्षिक और बौद्धिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। कारोबार में तरक्की के योग बनेंगे, लेकिन कार्यक्षेत्र में परिश्रम भी अधिक करना होगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। वाणी में कठोरता का प्रभाव रहेगा। आत्मविश्वास की कमी महसूस होगी। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। आत्मसंयत रहें और क्रोध के अतिरेक से बचें। ऑफिस में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें।  आज कड़ी मेहनत और लगन के साथ किए गए कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। मकर राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहें। शैक्षिक या बौद्धिक कार्यों से धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। कारोबार में परिश्रम अधिक रहेगा, लेकिन व्यावसायिक सफलता जरूर मिलेगी। परिवारिक दिक्कतों के चलते मन थोड़ा चिंतित रह सकता है। आज पैतृक संपत्ति से धन लाभ होगा। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। भूमि या वाहन की खरीदारी के योग बनेंगे। मित्र के सहयोग से धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे। हालांकि, जीवनसाथी से थोड़े अनबन के संकेत हैं। रिश्तों की गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश करें। कुंभ राशि- परिजनों का सहयोग मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में सुखद परिणाम मिलेंगे। कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में तरक्की के  सुनहरे अवसर मिलेंगे। भावनाओं को उतार-चढ़ाव संभव है। आज भावुक होकर कोई निर्णय न लें। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। मैरिड लाइफ में खुशहाली आएगी। वस्त्रों की खरीदारी के लिए धन खर्च हो सकता है। कानूनी मामलों में जीत हासिल होगी, लेकिन रहन-सहन कष्टमय रहेगा। मीन राशि- नई वित्तीय योजना बनाएं। सोच-समझकर धन खर्च करें। बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। मानसिक अशांति रह सकती है। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। क्रोध के अतिरेक से बचें। आय के नए साधन बनेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। आलस्य से दूर रहें और जीवन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। चुनौतियों से न घबराएं। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें और परफॉर्मेंस पर ध्यान दें।

पिता के लिए चाणक्य नीति: ये 5 गलतियां बेटे का भविष्य कर सकती हैं बर्बाद

आचार्य चाणक्य प्राचीन भारत के एक महान शिक्षक, दार्शनिक, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और कूटनीतिज्ञ थे। उनकी बताई गई नीतियां आज भी लोगों के लिए मोटिवेशन, लाइफ मैनेजमेंट, लीडरशिप , रिलेशनशिप पेरेंटिंग से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए बहुत उपयोगी मानी जाती हैं। आचार्य चाणक्य ने अपनी चाणक्य नीति में पालन-पोषण से जुड़े कई सुझाव भी दिए हैं। जिन्हें अपनाकर आप अपने बच्चों की अच्छी परवरिश कर सकते हैं। आचार्य चाणक्य की नीतियों में से आज बात करेंगे उन सुझावों की, जो आचार्य चाणक्य ने एक बेटे के पिता को दी हैं। आइए जानते हैं एक बेटे के पिता को भूलकर भी कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए। चाणक्य नीति के अनुसार, बेटे के पिता को अपने बेटे को जरूरत से ज्यादा लाड़ नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से बेटा जिद्दी और गैरजिम्मेदार बन सकता है। बेटे को सफलता और अनुशासन का स्वाद चखाने के लिए कड़ी मेहनत और अनुशासन का महत्व समझाएं। बेटे के फैसलों में ना करें दखलअंदाजी आचार्य चाणक्य के अनुसार बेटा जब बड़ा हो जाए तो उसके हर फैसले में दखलअंदाजी ना करें। इसके विपरित, बेटे को अपने फैसले खुद करने की आजादी देनी चाहिए। अगर पिता होने के नाते बेटे के सभी फैसले आप ही लेंगे तो भविष्य में आपका बेटा अपना कोई भी फैसला खुद अकेले करने में डर महसूस करेगा। अच्छे संस्कार नहीं देना कई बार पेरेंट्स बेटों को बड़ा करते समय उन्हें पैसे की अहमियत तो सीखा देते हैं लेकिन उनमें अच्छे संस्कार नहीं डाल पाते हैं। ऐसे लड़के बड़े होकर लालची और स्वार्थी हो सकते हैं। बेटे को अनुभवहीन समझना कुछ पिता अपने बेटे को कमजोर या अनुभवहीन समझकर उसकी बातों पर विश्वास नहीं करते हैं। उनके ऐसा करने से बेटा निराश और खुद को कमजोर समझने लगता है। जिससे उनका आत्मविश्वास कमजोर हो सकता है। गुणों का बखान जरूरी नहीं आचार्य चाणक्य के अनुसार अगर आपका बेटा गुणी और श्रेष्ठ है, तो उसकी तारीफ करके आपको सबको यह बताने की जरूरत नहीं है कि उसने जीवन में क्या-क्या उपलब्धियां हासिल की हैं। उसके गुण और कर्तव्य खुद ही उसे समाज में पहचान दिला देंगे। हर किसी के सामने बेटे की तारीफ करने से उसके दोस्तों के मन में जलन की भावना आ सकती है। जिससे दोस्तों के साथ उसके संबंधों पर नेगेटिव असर पड़ सकता है।

चंद्र ग्रहण के दौरान इन बातों का रखें खास ध्यान, भूलकर भी न करें ये काम

धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण को बहुत महत्वपूर्ण समय माना गया है. हर साल सूर्य और चंद्रमा को ग्रहण लगता है. ग्रहण का समय अशुभ माना गया है. सूर्य ग्रहण अमावस्या तो चंद्र ग्रहण पूर्णिमा तिथि को लगता है. इस साल फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि पर सूर्य को ग्रहण लगा था. ये ग्रहण भारत में नजर नहीं आया था. ऐसे में सूर्य ग्रहण का सूतक काल भी देश में नहीं माना गया था. अब फाल्गुन माह में ही चंद्र ग्रहण लगले जा रहा है. इस साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा 03 मार्च को है. इसी दिन चंद्र ग्रहण लगेगा. ये साल का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होगा. इस ग्रहण की अवधि 03 घंटे 27 मिनट होगी. ये ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. ये ग्रहण भारत में दिखाई देगा. ऐसे में इसका सूतक काल भी माना जााएगा. चंद्र ग्रहण के विशेष नियम धर्म शास्त्रों में बताए गए हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दौरान क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए? चंद्र ग्रहण 2026 का समय     चंद्र ग्रहण की शुरुआत दोपहर में 03 बजकर 20 मिनट पर होगी.     ये चंद्र ग्रहण शाम को 06 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. चंद्र ग्रहण का सूतक काल चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण लगने से 09 घंटे पहले लग जाता है. ऐसे में साल के पहले चंद्र ग्रहण का सूतक भारत में सुबह 06 बजकर 20 मिनट से शुरू हो जाएगा. फिर शाम को ग्रहण खत्म होने के साथ ही 06 बजकर 47 मिनट पर सूतक काल भी समाप्त हो जाएगा. चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें? चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू होने से पहले भगवान के मंदिर को परदे से ढंक दें. सूतक के दौरान अपने ईष्टदेव के मंत्रों का जाप करते रहें. सूतक शुरू होने से पहले खाने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दें, जिससे भोजन बाद में खा सकें. ग्रहण के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन विशेष रूप से करें. चंद्र ग्रहण के दौरान क्या न करें? ग्रहण के सूतक काल के दौरान किसी भी तरह की पूजा-पाठ न करें. चंद्र ग्रहण के समय में घर से बाहर नहीं निकलें. न नंगी आंखों से ग्रहण को देखें. सूतक काल के दौरान भोजन न बनाएं और खाएं. चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं भूलकर भी घर से न निकलें. सूतक काल में बिस्तर पर न लेटें और सोएं.

रंगों और भक्ति का महीना मार्च: होलिका दहन से चैत्र नवरात्र तक छुट्टियों की भरमार

नई दिल्ली साल 2026 का मार्च महीना आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों से सराबोर रहने वाला है। इस महीने में न केवल रंगों का महापर्व होली मनाया जाएगा, बल्कि हिंदू नववर्ष की शुरुआत और चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व भी आएगा। मार्च के पहले ही सप्ताह में होलाष्टक समाप्त होंगे, जिसके बाद शुभ कार्यों की शुरुआत (March 2026 Festivals List) हो जाएगी। होली और चंद्र ग्रहण का संयोग इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च को मनाया जाएगा। विशेष बात यह है कि इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त शाम 06:48 बजे से रात 08:50 बजे तक रहेगा। इसके अगले दिन यानी 4 मार्च को रंगवाली होली खेली जाएगी और इसी दिन से चैत्र माह का प्रारंभ होगा।  8 मार्च को रंग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। इसी के साथ मार्च में छुट्टियों की भी लंबी लिस्ट (March Holidays List) है। इसे जानकर आप अपना धूमने या सेलिब्रेट करने प्लान भी बना सकते हैं।   चैत्र नवरात्रि और घटस्थापना वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा 19 मार्च से शुरू होंगे। कलश स्थापना के लिए दो विशेष मुहूर्त उपलब्ध हैं। पहला सामान्य मुहूर्त सुबह 06:52 से 07:46 तक है, जबकि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 से 12:52 तक रहेगा। नवरात्रि के नौ दिनों के बाद 26 मार्च को राम नवमी का महापर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।

24 फरवरी का राशिफल: इन राशियों के जीवन में हो सकते हैं अहम परिवर्तन

मेष राशि आज आपका पूरा ध्यान धन के प्रबंधन और व्यावहारिक सोच पर बना रहेगा। चंद्रदेव आपके द्वितीय भाव (धन और वाणी का क्षेत्र) में गोचर कर रहे हैं, जो वेतन वृद्धि या व्यवसाय में लाभ पर चर्चा करने के लिए सही समय है। करियर के मोर्चे पर आप धन के प्रबंधन और बजट बनाने में बहुत निपुण रहेंगे। प्रेम संबंधों में आज आप स्थिरता की तलाश करेंगे। पार्टनर के साथ भविष्य की सुरक्षा पर की गई बातें रिश्तों को मजबूत बनाएंगी। करियर में तरक्की आज आपके व्यावहारिक दृष्टिकोण और सही सलाह से मिलेगी। मंगलदेव आपके एकादश भाव (लाभ का क्षेत्र) में विराजमान हैं, जिससे आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। हालांकि, इसी भाव में राहुदेव की मौजूदगी के कारण दिखावे वाली खरीदारी से बचें। शाम को परिवार के साथ बिताया गया समय आपको मानसिक सुकून देगा। सेहत के लिए गले का विशेष ध्यान रखें और खूब पानी पिएं। शुभ रंग: आइवरी या गहरा लाल | शुभ अंक: 9 उपाय: किसी कन्या को सफेद मिठाई या मिश्री दें और "ॐ अंगारकाय नमः" का जाप करें। वृषभ राशि आज का दिन आत्म-विश्वास, व्यक्तिगत निखार और शांत संकल्प का है। चंद्रमा आपकी ही राशि में उच्च के होकर विराजमान हैं, जो आपके व्यक्तित्व में एक विशेष आकर्षण और स्पष्ट निर्णय लेने की शक्ति पैदा करेंगे। करियर में दसवें भाव की पंचग्रही हलचल के बीच भी आपकी सौम्यता और धैर्य आपको कार्यक्षेत्र पर सफल बनाएगा। प्रेम संबंधों में पुराने विवादों को व्यवस्थित और संबंधों में गहराई लाने के लिए आज का दिन श्रेष्ठ है। लग्नेश शुक्र देव की कुंभ में उपस्थिति आपको प्रोफेशनल स्टेबिलिटी देगी। आर्थिक मामलों में भविष्य के लक्ष्यों पर ध्यान दें चंद्रमा की स्थिति आपको मजबूती को संजोने की प्रेरणा देगी। शाम को थकान से बचने के लिए सात्विक भोजन और थोड़ा विश्राम आपकी ऊर्जा बढ़ाएगा। चंद्रदेव की कृपा से आप खुद को फिर से तरोताजा महसूस करेंगे। आवेश में आकर करियर का कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचें। शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 6 उपाय: चांदी के रंग के वस्त्र पहनें और शिवलिंग पर इत्र मिश्रित जल अर्पण करें। मिथुन राशि,अचानक होने वाले खर्चों के प्रति सतर्क रहें मिथुन राशि आज का दिन पेशेवर पेशेवरों और आंतरिक शांति के बीच संतुलन बनाने का है। बारहवें भाव में उच्च के चंद्रमा रचनात्मक कल्पना और गहरी शोध के लिए दिन को बढ़िया बना रहे हैं। करियर में आप 'परदे के पीछे' रहकर शानदार काम करेंगे, जिसकी सराहना भविष्य में निश्चित है। नेटवर्किंग के लिए सुबह का समय अच्छा है, लेकिन शाम होते ही आप एकांत पसंद करेंगे। लव लाइफ में आज निजी और भावनात्मक जुड़ाव बना रहेगा। कपल्स के बीच गहरी और अर्थपूर्ण बातें होंगी। बुध आपके बौद्धिक विकास में सहायता करेंगे और मंगलदेव मुश्किल आर्थिक गुत्थियों को सुलझाने का अनुशासन देंगे। आज गुप्त धन लाभ की अच्छी संभावना है, लेकिन अचानक होने वाले खर्चों के प्रति सतर्क रहें। मानसिक चंचलता को शांत रखने के लिए डिजिटल स्क्रीन से दूरी और अच्छी नींद बहुत जरूरी है। शुभ रंग: लैवेंडर या चांदी सफेद | शुभ अंक: 5 उपाय: किसी धार्मिक स्थान पर पीले फल दान करें और शाम को उत्सव अगरबत्ती जलाएं। कर्क राशि आज का दिन आत्म-मंथन से बाहर निकलकर सामाजिक और आर्थिक लाभ प्राप्त करने का है। ग्यारहवें भाव में उच्च के चंद्रमा आय के नए स्रोत और प्रभावशाली मित्रों का भरपूर सहयोग दिलाएंगे। करियर में आपका प्रोफेशनल नेटवर्क ही आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित होगा और नई योजनाओं को गति मिलेगी। प्रेम संबंधों में भावनात्मक भरोसा और स्थिरता रहेगी। किसी मित्र के माध्यम से आपकी मुलाकात किसी गंभीर व्यक्ति से हो सकती है। मंगल देव आपको मुश्किल बातचीत के लिए हिम्मत देंगे, वहीं सूर्य देव और शुक्र देव आपके बदलाव के भाव को सक्रिय रूप से जोड़ेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और लंबी अवधि के निवेश के लिए दिन शुभ है। अष्टम भाव के मंगल-राहु के कारण अचानक होने वाली घबराहट से बचने के लिए योग का सहारा लें। शाम को दोस्तों के साथ बढ़ने का समय ताजगी देगा। शुभ रंग: मोती जैसा सफेद | शुभ अंक: 2 उपाय: पक्षी को चीनी युक्त चावल खिलाएं और सफेद वस्त्र धारण करें। सिंह राशि,आर्थिक स्थिति में सुधार होगा सिंह राशि आज का फोकस करियर में वर्चस्व और सकारात्मक आत्म-विश्वास पर है। चंद्रमा आपके दशम भाव में उच्च के हैं, जिससे आप नेतृत्व की कमान संभालते हैं और अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार होते हैं। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारी आपको एक विशेषज्ञ के रूप में देखेंगे और आपकी राय को महत्व देंगे। प्रेम जीवन में मर्यादा और सम्मान का भाव प्रमुख रहेगा। शाम को किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होना रिश्तों में नई ऊर्जा भरेगा। करियर में तरक्की के लिए आज आपके पास "मिडास टच" है, क्योंकि मंगलदेव आपको रोजाना के काम संभालने की ताकत दे रहे हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आय बढ़ने की प्रबल संभावना है। साझेदारी के कामों में साथियों के व्यवहार से थोड़ा दबाव महसूस हो सकता है, इसलिए शांति बनाए रखें और हाइड्रेशन पर ध्यान दें। शुभ रंग: सुनहरा या रॉयल क्रीम | शुभ अंक: 1 उपाय: सूर्यदेव को लाल फूल अर्पण करें और माथे पर केसर का तिलक लगाएं।   कन्या राशि आज संबंधों के प्रति सहजता और भविष्य के बड़े लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने का दिन है। नवम भाव के चंद्रमा यात्रा, कानूनी कार्य और उच्च शिक्षा में सकारात्मक परिणाम दिलाएंगे। करियर में आप दूरगामी योजनाएं बनाने और जटिल कार्यों को व्यवस्थित करने में सफल रहेंगे। लव लाइफ में आज आप दिखावे के बजाय रिश्तों में गहराई और गंभीरता महसूस करेंगे। मंगलदेव आपको रचनात्मक शक्ति प्रदान कर रहे हैं, वहीं बुधदेव रोजाना के कामों को बारीकी से समझने और बेहतर ढंग से संभालने में मदद करेंगे। आर्थिक स्थिति में भाग्य का साथ मिलेगा और विदेशी निवेश से लाभ हो सकता है। छठे भाव के मंगल-राहु के कारण व्यवसायों पर दूसरों की छोटी गलतियों को नजरअंदाज करना ही आपके हित में होगा। अपने नर्वस सिस्टम को सपोर्ट करने के लिए माइंडफुल रूटीन अपनाएं और शाम को विश्राम करें। शुभ रंग: पीला या पन्ना हरा | शुभ अंक: 5 उपाय: मंदिर में चने की दाल दान करें और "ॐ बृं … Read more

जब जीवन हो संकट में: ऋण, शत्रु और रोग पर विजय दिलाएंगी चाणक्य नीति की ये 10 बातें

लाइफ में सक्सेज के साथ जीना बहुत ही मुश्किल होता है। कई बार हमें असफलता, निराशा और लोगों के विरोध का सामना करना पड़ता है। कुछ मौके ऐसे आते हैं जब लोग बिना अपने विवेक का इस्तेमाल किए बड़ी मुसीबत में फंस जाते हैं। उन सारी समस्याओं से निकलने के लिए बड़ों की बातों पर अमल करना जरूरी है। जैसे चाणक्य नीति में कही गई ये 10 बातें, जो आपको लाइफ में केवल सक्सेज नहीं देंगी बल्कि दुश्मनों से बचने और सही-गलत के पहचान का फर्क भी सिखाएगी। चाणक्य नीति की ये बात बहुत ही काम की है। अगर जीवन में सफलता और सुकून चाहिए तो कर्ज नहीं रखना चाहिए। शरीर के रोग को जड़ से खत्म करने का प्रयास करना चाहिए। नहीं तो ये बड़े दुख देते हैं। वन की अग्नि चन्दन की लकड़ी को भी जला देती है इसका मतलब है कि अगर आप गलत और नीच प्रवृत्ति का इंसान किसी का भी बुरा कर सकता है। जैसे जंगल की आग चंदन की लकड़ी को भी नहीं छोड़ती। आपातकाल में स्नेह करने वाला ही मित्र होता है मुसीबत के समय जो आपके साथ बना रहे वहीं सच्चा दोस्त होता है। ऐसे इंसान की परख जरूर करनी चाहिए। जो धैर्यवान नहीं है, उसका न वर्तमान है न भविष्य इंसान को धैर्य रखना जरूर आना चाहिए। तभी आप लाइफ में सक्सेजफुल बनेंगे। एक बिगड़ैल गाय सौ कुत्तों से ज्यादा श्रेष्ठ है कहने का मतलब है कि सौ चापलूसी करने वाले लोगों से भला एक विपरीत स्वभाव का हितैषी है। कल के मोर से आज का कबूतर भला चाणक्य की नीति उन लोगों के लिए है जो कल के बेहतर में अपने आज को गंवा देते हैं। मतलब संतोष सबसे बड़ा धन है। आज जो भी है उसमे संतोष करना सीखें। कल क्या होगा इसके चक्कर में आज के पल को खराब ना करें। आग सिर में स्थापित करने पर भी जलाती है चाणक्य की ये नीति सिखाती है कि आप दुष्ट इंसान को कितना भी सम्मान देंगे वो आपका अहित ही करेगा। जैसे आग को सिर पर रखने पर भी वो जलाने का काम ही करेगी। भूख के समान कोई दूसरा शत्रु नहीं है चाणक्य नीति की इस लाइन का मतलब है कि भूख से बेबस होकर इंसान बड़े से बड़ा पाप कर सकता है। भूखा इंसान खुद का और दूसरों का सबसे बड़ा दुश्मन हो सकता है। विद्या ही निर्धन का धन है अगर आप गरीब हैं और पैसे कमाना चाहते हैं तो आपकी जानकारी और ज्ञान ही इस काम में सबसे ज्यादा मदद करेगी। इसलिए खुद को काबिल बनाने के लिए पढ़ना जरूरी है। संकट में बुद्धि ही काम आती है चाणक्य नीति में लिखी ये बात सिखाती है कि मुसीबत के समय सबसे पहले अपनी बुद्धि और विवेक पर भरोसा करें। बुद्धि की मदद से ही आप मुसीबत से बाहर निकल सकते हैं।  

वास्तु दोष से सुरक्षा चाहिए? होलाष्टक की एंट्री से पहले घर में करें ये खास परिवर्तन

होलाष्टक का समय हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। होली से आठ दिन पहले शुरू होने वाले इस समय को 'होलाष्टक' कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इन आठ दिनों में सभी ग्रह उग्र अवस्था में होते हैं, जिसके कारण वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। यही कारण है कि इस दौरान कोई भी शुभ कार्य वर्जित होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि आप होलाष्टक शुरू होने से पहले अपने घर और जीवन से जुड़ी कुछ खास तैयारियों को पूरा कर लेते हैं तो आप आने वाली परेशानियों और वास्तु दोषों से बच सकते हैं। आइए जानते हैं विस्तार से कि वे कौन से काम हैं जिन्हें समय रहते निपटा लेना चाहिए। घर की गहरी सफाई और कबाड़ का निपटारा वास्तु में स्वच्छता का सीधा संबंध सकारात्मकता से है। होलाष्टक के दौरान नकारात्मक शक्तियां प्रभावी होती हैं, इसलिए घर के कोनों में जमा धूल-मिट्टी और मकड़ी के जाले वास्तु दोष को निमंत्रण देते हैं।  घर में पड़ी टूटी हुई क्रॉकरी, बंद घड़ियां या इलेक्ट्रॉनिक कचरा तुरंत बाहर करें। ये चीजें राहु और शनि के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाती हैं। मुख्य द्वार के पास पुराने फटे जूते न रखें। होलाष्टक से पहले इन्हें हटा दें ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश सुगम हो सके। ईशान कोण को दोषमुक्त करना घर का उत्तर-पूर्वी कोना यानी ईशान कोण देवताओं का स्थान माना जाता है। होलाष्टक शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित करें कि इस दिशा में कोई भारी सामान या गंदगी न हो। यदि यहां कोई भारी अलमारी रखी है, तो उसे दक्षिण या पश्चिम दिशा में खिसका दें। इस कोने में गंगाजल का छिड़काव करें ताकि ग्रहों की उग्रता का असर आपके घर की शांति पर न पड़े।  रसोई और नमक का उपाय वास्तु शास्त्र में रसोई को घर की समृद्धि का केंद्र माना गया है। होलाष्टक से पहले रसोई की सफाई अनिवार्य है। होलाष्टक शुरू होने से एक दिन पहले पूरे घर में सेंधा नमक मिले हुए पानी से पोंछा लगाएं। नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोखने का काम करता है। यह नियम बना लें कि होलाष्टक के दौरान रात को रसोई में जूठे बर्तन न रहें। इससे अन्नपूर्णा दोष लगता है। मुख्य द्वार का सौंदर्यीकरण वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार ही भाग्य का द्वार होता है। होलाष्टक में ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को रोकने के लिए मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं। द्वार के दोनों ओर सिंदूर से स्वास्तिक बनाएं। यह चिन्ह सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और बुरी शक्तियों को घर के अंदर प्रवेश करने से रोकता है। धन स्थान और तिजोरी की व्यवस्था होलाष्टक के दौरान आर्थिक तंगी से बचने के लिए अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान को व्यवस्थित करें। तिजोरी में लाल कपड़ा बिछाएं और उसमें कुछ गोमती चक्र या कौड़ियां रखें। ध्यान रहे कि होलाष्टक शुरू होने के बाद निवेश या बड़े आर्थिक लेनदेन से बचना चाहिए, इसलिए जो भी निवेश संबंधी कागजी कार्यवाही है, उसे पहले ही पूरा कर लें। पूजा घर की शुद्धि होलाष्टक में भक्ति का विशेष महत्व है क्योंकि भक्त प्रहलाद को इसी दौरान प्रताड़ित किया गया था। अपने मंदिर की सफाई करें और भगवान की मूर्तियों को गंगाजल से स्नान कराएं। खंडित मूर्तियों या तस्वीरों को विसर्जित कर दें। होलाष्टक शुरू होने से पहले शुद्ध घी का दीपक जलाने का संकल्प लें, ताकि घर का आभामंडल शुद्ध रहे।

Aaj Ka Rashifal 23 February 2026: 12 राशियों का हाल, किस पर बरसेगी किस्मत

मेष: आज मन थोड़ा भटका हुआ रह सकता है। छोटे-छोटे कामों में मन नहीं लगेगा और बार-बार मूड बदल सकता है। खर्चे अचानक निकल सकते हैं, इसलिए फालतू खर्च से बचें। घर में किसी की बात बुरी लग सकती है, लेकिन बात को दिल पर न लें। लव लाइफ में सामने वाले की बात ध्यान से सुनेंगे तो झगड़ा टल सकता है। कामकाज में जल्दबाजी न करें, धीरे-धीरे करेंगे तो बेहतर नतीजे मिलेंगे। सेहत ठीक रहेगी, बस नींद पूरी लें। वृषभ: आज पैसों को लेकर सोच-विचार ज्यादा रहेगा। कहीं से उम्मीद के उलट पैसा आ सकता है, लेकिन टिकेगा नहीं। किसी दोस्त या रिश्तेदार की बात पर तुरंत भरोसा न करें, पहले सच्चाई जान लें। ऑफिस में काम सामान्य चलेगा, ज्यादा दबाव नहीं रहेगा। लव लाइफ में थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है, खुद पहल करेंगे तो बात सुधरेगी। जरूरी न हो तो लंबी यात्रा टाल दें। मिथुन: आज थकान ज्यादा महसूस हो सकती है। नींद पूरी न होने से चिड़चिड़ापन रह सकता है। घर में किसी बात को लेकर बहस हो सकती है, शब्दों का ध्यान रखें। लव लाइफ में गलतफहमी बढ़ सकती है, इसलिए साफ बात करें। नौकरी या काम में जो चल रहा है, उसी पर फोकस रखें। नया काम शुरू करने से अभी बचें। सेहत के लिए पानी ज्यादा पिएं। कर्क: आज मन थोड़ा हल्का रहेगा। परिवार से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। कामकाज में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन सीनियर से बात करते समय सोच-समझकर बोलें। किसी पुराने मामले पर सफाई देनी पड़ सकती है। लव लाइफ में अपनापन महसूस होगा। सेहत सामान्य रहेगी, बस खानपान में लापरवाही न करें। सिंह: आज शरीर में सुस्ती या कमजोरी लग सकती है। बाहर निकलते समय संभलकर रहें, फिसलने या हल्की चोट का खतरा है। काम के मामले में फैसले आपके पक्ष में जा सकते हैं। घर में माहौल ठीक रहेगा। लव लाइफ में अच्छा समय बीतेगा, साथ बैठकर बात करने से रिश्ता मजबूत होगा। पेट से जुड़ी दिक्कत से बचने के लिए हल्का खाना खाएं। कन्या: आज बच्चों या परिवार की किसी बात को लेकर चिंता रह सकती है। घर का माहौल थोड़ा भारी लग सकता है। काम से जुड़ी कोई बात बनते-बनते अटक सकती है। प्रॉपर्टी या गाड़ी से जुड़ा मामला आगे बढ़ेगा, लेकिन समय लगेगा। मां की सेहत पर ध्यान दें। खुद को शांत रखें, ज्यादा सोचेंगे तो मन भारी होगा। तुला: आज बोलचाल में सख्ती आ सकती है। गुस्से में कही बात रिश्तों में दूरी ला सकती है। पैसों की स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन बचत पर ध्यान देना जरूरी है। कोई नया निवेश करने का मन बनेगा, फिलहाल रुकना बेहतर रहेगा। काम में जिम्मेदारी बढ़ सकती है। सेहत को लेकर बीपी या मुंह से जुड़ी दिक्कत परेशान कर सकती है। वृश्चिक: आज गला, नाक या कान से जुड़ी परेशानी हो सकती है। मौसम से बचाव करें। भाई-बहन को लेकर मन परेशान रहेगा। काम में ज्यादा बदलाव नहीं दिखेगा। लव लाइफ ठीक रहेगी और बच्चों से जुड़ी कोई अच्छी बात सुनने को मिल सकती है। भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें। धनु: आज रिश्तों में गलतफहमी की वजह से दूरी बन सकती है। बिना वजह शक करने से बचें। ऑफिस में आपकी बातों को महत्व मिल सकता है। जो लोग पब्लिक डीलिंग या राजनीति से जुड़े हैं, उनके लिए दिन ठीक है। विपरीत लिंग के साथ बातचीत में लिमिट बनाए रखें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन मानसिक दबाव महसूस हो सकता है। मकर: आज मन में बेचैनी रह सकती है। खर्चे उम्मीद से ज्यादा निकल सकते हैं, जिससे टेंशन होगी। उधार देने या जोखिम भरे काम से दूरी रखें। कामकाज में मन नहीं लगेगा, लेकिन दिन जैसे-तैसे निकल जाएगा। लव लाइफ में बात कम हो सकती है। खुद को शांत रखने की कोशिश करें, हालात धीरे-धीरे सुधरेंगे। कुंभ: आज गुस्से पर कंट्रोल रखना जरूरी है। पैरों में दर्द या मोच जैसी दिक्कत हो सकती है। पढ़ाई करने वालों के लिए दिन ठीक है, मन लगाकर पढ़ेंगे तो फायदा मिलेगा। लव लाइफ सामान्य रहेगी। कोई बड़ा फैसला लेने का मन बनेगा, लेकिन आज टालना बेहतर है। भावुक होकर कुछ न करें। मीन: आज खर्चों पर लगाम लगाना जरूरी है। सिरदर्द या आंखों में जलन परेशान कर सकती है। लव लाइफ में मनमुटाव हो सकता है, छोटी बात को बड़ा न बनाएं। मन में बेवजह डर या चिंता रह सकती है। आज खुद को थोड़ा आराम दें और फैसले सोच-समझकर लें। हालात धीरे-धीरे बेहतर होंगे।