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घर के एंट्रेंस पर लटकाएं ये शुभ वस्तु, झगड़े और नेगेटिव एनर्जी होगी खत्म

वास्तु शास्त्र में घर में नमक की पोटली रखने या लटकाने से जुड़े कई लाभ माने जाते हैं। नमक को शुद्धता और नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए नमक का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है। घर में नमक की पोटली रखने या लटकाने के लाभ नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना वास्तु शास्त्र के अनुसार, नमक की पोटली घर में नकारात्मक ऊर्जा और नकारात्मक प्रभावों को दूर करने का काम करती है। यह वातावरण को शुद्ध करके सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। खासकर वह स्थान, जहां मानसिक तनाव या विवाद होते हैं, वहां नमक की पोटली रखने से वातावरण में सुधार हो सकता है। वातावरण को शुद्ध करना: नमक में विशेष गुण होते हैं जो वातावरण में मौजूद गंदगी और नकारात्मकता को अवशोषित करते हैं। जब नमक की पोटली घर में रखी जाती है या लटकाई जाती है तो यह किसी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को सोखकर वातावरण को शुद्ध करती है। शांति और संतुलन बनाए रखना नमक की पोटली रखने से घर में शांति और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। यह मानसिक तनाव और अवसाद को दूर करने में सहायक हो सकती है। यह घर के माहौल को शांत और खुशहाल बनाती है। व्यावसायिक समृद्धि नमक की पोटली को घर के व्यापारिक स्थान पर या कार्यक्षेत्र में लटकाने से समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है। यह व्यापार में सफलता और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सहायक मानी जाती है। स्वास्थ्य लाभ नमक को घर में रखने से स्वास्थ्य में भी सुधार हो सकता है। वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि नमक का उपयोग घर के वातावरण को शुद्ध रखने और बीमारियों को दूर करने के लिए किया जा सकता है। इसे विभिन्न स्थानों पर रखने से हानिकारक बैक्टीरिया और विषाणु दूर हो सकते हैं। घर के प्रवेश द्वार के पास रखना घर के मुख्य द्वार या प्रवेश द्वार के पास नमक की पोटली रखने से घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक ऊर्जा को रोका जा सकता है। यह एक प्रकार की सुरक्षा का काम करती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश सुनिश्चित करती है। अशांति और विवादों को कम करना यदि घर में लगातार अशांति, झगड़े या आपसी विवाद होते रहते हैं तो नमक की पोटली को घर के विभिन्न स्थानों पर रखकर इन समस्याओं को दूर किया जा सकता है। यह वातावरण को शांत करता है और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बनाए रखने में मदद करता है। सपने और मानसिक स्थिति में सुधार नमक की पोटली को तकिए के नीचे रखने से मानसिक स्थिति में सुधार हो सकता है। यह नकारात्मक विचारों को दूर करने और अच्छे सपने देखने में सहायक हो सकती है। घर में नमक की पोटली रखने का तरीका नमक की पोटली को एक सफेद कपड़े में बांधकर घर के किसी कोने में या मुख्य द्वार के पास लटकाया जा सकता है। इसे विशेष रूप से घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है क्योंकि यह दिशा घर की ऊर्जा को स्थिर रखने में मदद करती है। नमक की पोटली को एक स्थान पर कुछ समय के लिए रखें और जब वह पूरी तरह से नमक को अवशोषित कर ले, तो उसे बदल दें। पुराने नमक को घर से बाहर फेंक दें क्योंकि वह नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। नमक की पोटली रखते समय ध्यान देने योग्य बातें नमक का उपयोग शुद्धता के प्रतीक के रूप में किया जाता है लेकिन इसे किसी भी स्थान पर स्थायी रूप से नहीं रखना चाहिए। समय-समय पर इसे बदलते रहना चाहिए। नमक की पोटली का उपयोग छोटे या अंधेरे स्थानों पर करना अधिक लाभकारी हो सकता है, जहां नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव ज्यादा हो। निष्कर्ष वास्तु शास्त्र में नमक का उपयोग नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने, घर के वातावरण को शुद्ध करने और सकारात्मकता को बढ़ाने के लिए किया जाता है। नमक की पोटली को घर में सही स्थान पर रखना मानसिक शांति और समृद्धि लाने में सहायक हो सकता है। यह सरल उपाय घर में शांति, सुख और समृद्धि बनाए रखने में मदद करता है।  

आस्था का अद्भुत केंद्र—कौशल्या माता मंदिर, माँ की गोद में बाल रूप में श्रीराम

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 30 किलोमीटर दूरी पर चंदखुरी में भगवान श्रीराम की जननी कौशल्या माता का प्रसिद्ध मंदिर है। छत्तीसगढ़ की पावन भूमि में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जननी माता कौशल्या का मंदिर पूरे भारत में एक मात्र और दुर्लभ मंदिर तो है ही यह छत्तीसगढ़ राज्य की गौरवपूर्ण अस्मिता भी है। प्राकृतिक सुषमा के अनेक अनुपम दृश्य इस स्थल पर दिखाई देते हैं। पौराणिक कथाएं रामायण काल में छत्तीसगढ़ का अधिकांश भाग दण्डकारण्य क्षेत्र के अंतर्गत आता था। यह क्षेत्र उन दिनों दक्षिणापथ भी कहलाता था। यह रामवनगमन पथ के अंतर्गत है इस कारण श्रीरामचंद्र जी के यहां वनवास काल में आने की जनश्रुति मिलती है। उनकी माता की जन्मस्थली होने के कारण उनका इस क्षेत्र में आगमन ननिहाल होने की पुष्टि करता है। वाल्मिकी रामायण के अनुसार अयोध्यापति युवराज दशरथ के अभिषेक के अवसर पर कोसल नरेश भानुमंत को अयोध्या आमंत्रित किया गया था। इसी अवसर पर युवराज द्वारा राजकुमारी भानुमति जो अपने पिता के साथ अयोध्या गयी थी, उनकी सुंदरता से मुग्ध होकर युवराज दशरथ ने भानुमंत की पुत्री से विवाह का प्रस्ताव रखा, तभी कालांतर में युवराज दशरथ एवं कोसल की राजकन्या भानुमति का वैवाहिक संबंध हुआ। कोसल की राजकन्या भानुमति को विवाह उपरांत कोसल राजदूहिता होने के कारण कौशल्या कहा जाने लगा। रानी कौशल्या को कोख से प्रभु राम का जन्म हुआ। कौशल्या माता मंदिर चंद्रखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर का जीर्णोद्धार 1973 में किया गया था। पुरातात्विक दृष्टि से इस मंदिर के अवशेष सोमवंशी कालीन आठवीं-नौंवी शती ईस्वीं के माने जाते हैं।यहां स्थित जलसेन तालाब के आगे कुछ दूरी पर प्राचीन शिव मंदिर चंद्रखुरी जो इसके समकालीन स्थित है, पाषण से निर्मित इस शिव मंदिर के भग्नावशेष की कलाकृति है। इस तालाब में सेतु बनाया गया है। सेतु से जाकर इस मंदिर के प्रांगण में संरक्षित कलाकृतियों से माता कौशल्या का यह मंदिर जलसेन तालाब के मध्य में स्थित है, जहां तक पहुंचा जा सकता है। जलसेन तालाब लगभग 16 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत है, इस सुंदर तालाब के चारों और लबालब जलराशि में तैरते हुए कमल पत्र एवं कमल पुष्प की सुंदरता इस जलाशय की सुंदरता को बढ़ाती है। इस मंदिर की नैसर्गिक सुंदरता एवं रमणीयता और बढ़ जाती है।चंद्रखुरी सैंकड़ों साल तक चंद्रपुरी मानी जाती थी क्यूंकि चंद्रपुरी क अर्थ देवताओं की नगरी होता है। हालाँकि अब चंद्रपुरी से चंद्रखुरी हो गया। दरअसल तालाब के संबंध में कहावत है । यह इस क्षेत्र का सबसे बड़ा तालाब था। चूँकि इसके चारों ओर 126 तालाब होने की जनश्रुति मिलती है। किंतु अभी इस क्षेत्र में 20-26 तालाब ही बचे हैं ।  

29 दिसंबर का भविष्यफल: सभी 12 राशियों के लिए क्या कहता है सितारों का हाल

मेष राशि 29 दिसंबर का दिन आपके लिए आज महत्वपूर्ण है, जो सपनों और रियल्टी के बीच एक अच्छे बैलेंस को मोटिवेट करता है। ब्रह्मांडीय वाइब पर्सनल ग्रोथ को सपोर्ट करता है, मोटिवेट करता है। रिलेशन, करियर और वित्तीय मामले से जुड़े डिसीजन पार्टनरशिप और धैर्य के साथ लिए जाने चाहिए। वृषभ राशि 29 दिसंबर के दिन अपने टास्क को प्राथमिकता दें, अपने समय को अच्छे से मैनेज करें और सकारात्मक दृष्टिकोण रखें। आपका पॉजिटिव एटिट्यूड आखिर तक महत्वपूर्ण उपलब्धियों का मार्ग प्रशस्त करेगा। याद रखें कि हर चुनौती सीखने का अवसर प्रदान करती है। मिथुन राशि 29 दिसंबर के दिन की चुनौतियां विकास की सीढ़ियां बन रही हैं, सफलता का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। नेचुरल स्वभाव की ओर झुकाव के लिए एक उत्कृष्ट दिन है। ग्रह इस तरह से संरेखित हो रहे हैं, जिससे दूसरों के साथ गहरे संबंध और विकास का मौका मिल सकता है। कर्क राशि 29 दिसंबर के दिन आप चुनौतियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम होंगे। अपने आप पर बहुत ज्यादा प्रेशर डालने से बचें और टास्क को कंप्लीट करने में अपना समय लें। लाइफ और वर्क के बीच बैलेंस बनाना जरूरी है। सिंह राशि 29 दिसंबर के दिन अपनी भावनाओं पर भरोसा रखें और अपनी बातचीत में गहरे अर्थ खोजने की कोशिश करें। परिवर्तन जल्द हो सकता है, लेकिन आपका इंट्यूशनआपको आसानी से आगे बढ़ने में मदद करेगा। कन्या राशि 29 दिसंबर के दिन अपनी एनर्जी को सही जगह इस्तेमाल करें। आज अपने शरीर और दिमाग की आवश्यकता को सुनना महत्वपूर्ण है। आज आप पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन को लेकर थोड़ा परेशान हो सकते हैं। आराम करें क्योंकि बॉडी को इसकी जरूरत है। तुला राशि 29 दिसंबर के दिन अपने चेहरे पर मुस्कान रखें क्योंकि यह आपके कॉन्फिडेंस को दर्शाता है। आज प्यार के विभिन्न पहलुओं का पता लगाने के लिए शांत रहें। कार्यालय में आपकी उत्पादकता हाई रहेगी। आज स्वास्थ्य और आर्थिक जीवन दोनों उत्तम रहेगा। वृश्चिक राशि 29 दिसंबर के दिन स्वास्थ्य उत्तम रहेगा लेकिन भारी वस्तुएं उठाने से बचें। आज के डिजिटल युग में अपनी पर्सनल जानकारी की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन सिक्युरिटी को प्राथमिकता देना आवश्यक है। पैसे की कोई कमी नहीं रहेगी। धनु राशि 29 दिसंबर के दिन आप सोच-समझकर इनवेस्टमेंट करने के लिए जरूरी डीसीजन ले सकते हैं। चुनौतियां जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन उनसे पार पाना जानते हैं। आज अपने प्रोफेशनल रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए मुद्दों की जांच करें। मकर राशि 29 दिसंबर के दिन विश्वास रखें कि मुश्किल घड़ी बीत जाएगी और परिणाम स्वरूप आपका रिश्ता और भी मजबूत हो जाएगा। अपनी प्रोडक्टिविटी पर ध्यान दें। आज पैसों को मैनेज समझदारी से करें। अपने प्रेम संबंधी मुद्दों और दफ्तर की दिक्कतों को आज सावधानी से संभालें। कुंभ राशि 29 दिसंबर के दिन ऑफिस और पर्सनल जीवन में संतुलन बनाए रखें और सभी पेशेवर लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास करें। मुद्दों का सामना करने में जल्दबाजी करने के बजाय, एक कदम पीछे हटें और भावनाओं को शांत होने का समय दें। मीन राशि 29 दिसंबर का दिन आपको मानसिक और शारीरिक भलाई के बीच संतुलन के महत्व की याद दिला रहा है। किसी वित्तीय सलाहकार से बात-चीत करने का भी यह अच्छा समय हो सकता है। अपने सिनीयर्स के साथ करियर के बारे में बातचीत शुरू करने का भी यह एक उत्कृष्ट समय है।

शनि दोष से बचना चाहते हैं तो शनिवार को जरूर करें ये खास उपाय

हिंदू धर्म शास्त्रों में शनि देव को कर्मों का फल देने और न्याय करने वाला देवता कहा गया है. कहा जाता है जिस पर शनि देव की कृपा दृष्टि रखते हैं वो रंक से राजा बन जाता है. वहीं जिस पर शनि देव टेढ़ी दृष्टि डालते हैं, उसका जीवन बर्बाद हो जाता है. शनि की टेढ़ी दृष्टि से व्यक्ति को मानसिक तनाव, कार्यों में रुकावट और अचानक हानि होने लगती है. रिश्तों में भी गलतफहमियां और दूरी बढ़ जाती है. सेहत बिगड़ जाती है. हिंदू धर्म शास्त्रों में शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित किया गया है. इस दिन शनि देव की विशेष पूजा और व्रत किया जाता है. शनि देव की पूजा-पाठ करने से जीवन की बाधाएं दूर हो जाती हैं. वहीं शनि की टेढ़ी दृष्टि से बचने के लिए शनिवार को पूजा-पाठ के साथ-साथ कुछ विषेश उपाय भी किए जाते हैं. आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में. शनिवार को करें ये उपाय पीपल के पेड़ की पूजा हिंदू धर्म में पीपल का पेड़ बहुत पूज्यनीय माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार के दिन सूर्योदय से पहले पीपल की पेड़ की पूजा करें. इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं. शनिवार को पीपल के पेड़ को जल दें और तेल का दीपक जलाएं. ऐसा करने से शनि देव की कृपा हमेशा रहती है. शनिवार को करें दान शनिवार के दिन कुछ विशेष चीजों का दान करें. शनिवार के दिन काला तिल, काला छाता, सरसों का तेल, काली उड़द और जूते-चप्पलों का दान करना चाहिए. इन चीजों का दान करने से जीवन में समस्याएं कम होती हैं. आर्थिक स्थिति सुधरती है. शनि देव की कृपा जल्द मिलती है. लोहे का दीपक जलाएं शनि देव का वास लोहे में माना जाता है, इसलिए शनिवार और मंगलवार के दिन लोहे का दीपक जलाना चाहिए. इस उपाय को करने से जीवन में सुख-शांति आती है. शनि यंत्र की पूजा करें शनिवार के दिन शनि यंत्र की पूजा करनी चाहिए. शनि यंत्र की पूजा करने से शनि देव के बुरे प्रभाव कम होते हैं. शनिवार को तामसिक भोजन और मांसाहार के सेवन से परहेज करना चाहिए.

तर्जनी उंगली बताएगी आप कैसे इंसान हैं – स्वभाव से लेकर भविष्य तक के संकेत

हर किसी के हाथ में पांच उंगलियां होती हैं. कुछ लोगों की एक छठी उंगली भी होती है, जिसे सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है . इन पांचों उंगलियों का अपना-अपना इतिहास और महत्व है. हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, अंगूठा शुक्र ग्रह से, तर्जनी बृहस्पति ग्रह से, मध्यमा शनि ग्रह से, अनामिका रवि ग्रह से और छोटी उंगली बुध ग्रह से संबंधित है. तर्जनी को गुरु उंगली कहा जाता है. इस तर्जनी उंगली में पुष्यराग रत्न की अंगूठी पहनना आम बात है. तर्जनी की आकृति व्यक्ति की बुद्धि और स्वभाव का वर्णन करती है. इस विषय पर प्रसिद्ध ज्योतिषी डॉक्टर बसवराज गुरुजी ने बताया है. उनका कहना है कि तर्जनी उंगली की आकृति किसी व्यक्ति की बुद्धि और स्वभाव को दर्शाती है. अगर तर्जनी उंगली लंबी है, तो व्यक्ति में नेतृत्व के गुण होते हैं और उसके समाज में नेता बनने की संभावना होती है. वहीं, उंगली चपटी हो और नाखून का हिस्सा थोड़ा चौड़ा हो, तो व्यक्ति में उच्च आत्मविश्वास, भरोसा और तेज बुद्धि होती है. वे अपने काम में सफलता प्राप्त करने में सक्षम होते हैं. मोटी या चौड़ी वालों का कैसा रहता है भविष्य? गुरुजी के मुताबिक, तर्जनी उंगली त्रिभुजाकार या नुकीली हो, तो ऐसे लोग स्वप्नद्रष्टा होते हैं. उनमें प्रेम, इच्छाएं और आकांक्षाएं अधिक होती हैं. वे वास्तविकता की तुलना में स्वप्नलोक में अधिक विचरण करते हैं. यदि तर्जनी उंगली, विशेषकर नाखून, मोटे हों, तो ऐसे लोग उदार हृदय वाले और दानशील होते हैं. वे धर्मार्थ कार्यों और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं. इसके अलावा तर्जनी उंगली छोटी, मोटी या चौड़ी हो, तो ऐसे लोगों में आमतौर पर अपने बारे में नकारात्मक भावनाएं होती हैं. वे सोचते हैं ‘क्या मेरा पूरा जीवन ऐसा ही रहेगा?’ लेकिन सार्वजनिक जीवन में उनकी प्रतिष्ठा अच्छी रहेगी. परिवार में कुछ छोटी-मोटी समस्याएं हो सकती हैं. तर्जनी उंगली का प्रयोग शुभ कार्यों के लिए करें गुरुजी ने कहा कि शास्त्रों में तर्जनी उंगली का प्रयोग शुभ कार्यों के लिए करने की सलाह दी गई है. इतिहास में कहा जाता है कि यदि तर्जनी उंगली का प्रयोग किसी का अपमान करने या किसी बुरे कार्य के लिए किया जाए, तो इसके नकारात्मक प्रभाव दोगुने हो जाते हैं. गुरुजी ने सुझाव दिया है कि तर्जनी उंगली की आकृति किसी व्यक्ति के सामान्य गुणों को दर्शाती है.

100% सफलता कैसे पाएं? सरकारी नौकरी के इच्छुकों को प्रेमानंद जी ने दिया खास सक्सेस मंत्र

हमारे देश में सरकारी नौकरी का क्रेज किसी से छिपा नहीं है। हर साल लाखों छात्र अलग-अलग सरकारी नौकरियों का सपना लिए तैयारी शुरू करते हैं। इस रेस में कोई तय समय नहीं होता, कभी कोई सालभर में अपना मुकाम हासिल कर लेता है, तो किसी को कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिलती। जाहिर है लाखों की भीड़ में जब आप उतरते हैं, वो गला काट प्रतिस्पर्धा फेस करते हैं, तो मन में घबराहट भी होती है। और जब कड़ी मेहनत के बाद भी कई सालों तक कोई रिजल्ट नहीं मिलता तो मन निराशा में भी घिर जाता है। प्रेमानंद जी महाराज ने अपने एक सत्संग के दौरान इसी विषय पर विस्तार में बताया है। उनके बताए इस मंत्र को अगर छात्र अपने जीवन में उतार लें, तो जरूर सफलता उनके हाथ लगेगी। और यदि असफल भी हुए तो उसे बेहतर तरीके से डील कर पाने में भी मदद मिलेगी। हमेशा उत्साह के साथ करें तैयारी प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि छात्र जीवन में हमेशा उत्साह होना चाहिए। चाहे आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हों या बेसिक पढ़ाई; हमेशा पूरे जोश, लगन और उत्साह के साथ करें। कोई भी काम मिल रहा है तो उसे चुनौती की तरह लें और टालने की बजाए तुरंत करने की आदत डालें। जब आप जरूरी काम को सही समय पर करने की आदत डाल लेंगे तो मानसिक रूप से भी आप स्ट्रेस फ्री ही रहेंगे। हंसते-खेलते जोश के साथ आपकी तैयारी भी बेहतर होगी और परिणाम भी हमेशा अच्छा ही मिलेगा। प्रॉपर प्लानिंग के साथ करें तैयारी प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि तैयारी करने से पहले उसकी पूरी योजना बनाना जरूरी है। रोज का काम रोज करने की आदतें डालें और डेली प्लानिंग करें। आज आपको क्या करना है इसकी प्रॉपर प्लानिंग बनाएं। रात में प्लान बनाकर सोएं तो और भी बेहतर होगा। इससे आपको अगले दिन काम करने में आसानी होगी और आप अपने पूरे दिन का अच्छा उपयोग कर पाएंगे। चिंता की बजाय चिंतन करें चिंता करना चिता के समान है। इससे मिलता तो कुछ नहीं उल्टा नुकसान ही होता है। प्रेमानंद जी महाराज भी कहते हैं कि छात्र हो या कोई भी व्यक्ति, चिंता तो बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए। चिंता की जगह अगर आप चिंतन करें तो ज्यादा बेहतर होगा। सोचें कि कैसे खुद को बेहतर कर सकते हैं, आगे की योजना बनाएं। अपनी तैयारी ऐसी रखें कि एक महीने बाद परीक्षा है, तो आज भी अगर कोई आपसे सवाल पूछे तो आप बता पाएं। ऐसी तैयारी करने वाले छात्र को जरूर सफलता मिलती है।  

28 दिसंबर का भविष्यफल: सभी 12 राशियों के लिए क्या कहता है सितारों का हाल

मेष आज का दिन आपके लिए एनर्जी से भरपूर होगा। आज आप जिस भी काम में हाथ डालेंगे, उसे पूरे कॉन्फिडेंस के साथ पूरा करेंगे। आज आपको ऑफिस या बिजनेस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है इस वजह से मन खुश रहेगा। काफी लंबे समय के बाद आपको अपने परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। बस इस चीज का ध्यान रखें कि गुस्से में आकर आपको कोई भी फैसला नहीं लेना है। वृषभ आज वृषभ राशि वालों की मेहनत रंग लाती दिख रही है। पैसों से जुड़ा कोई मामला आज सुलझ सकता है। नौकरीपेशा लोगों की मेहनत आज रंग लाएगी। आज परिवार में खुशियों का माहौल होगा। बस आज अपनी सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी बरतें। खानपान को लेकर लापरवाही ना करें। मिथुन आज नए लोगों से संपर्क करने के लिए अच्छा दिन है। आपकी बातों से लोग इन्फ्लुएंस होते हैं और आज भी होंगे। ऐसे में सही चीजों पर ही बोलें। आपकी यात्रा के योग बन रहे हैं तो आने वाले समय में आप यात्रा कर सकते हैं। हो सकता है कि मन आज थोड़ा सा भटके। ऐसे में आज सिर्फ जरूरी काम में ही फोकस बनाकर रखें। कर्क आज आप इमोशनल तौर से थोड़े से सेंसेटिव हो सकते हैं। किसी पुराने मुद्दे पर फिर से सोच-विचार कर सकते हैं। परिवार के साथ रहें। इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी। काम के मामले में थोड़ा धैर्य बनाकर रखना होगा। सिंह आज आपका कॉन्फिडेंस एकदम नेक्स्ट लेवल होगा। ऑफिस में आपके काम की तारीफ हो सकती है। लव लाइफ फिर से ट्रैक पर आएगी और आज पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आपके खर्चे अब बढ़ सकते हैं। ऐसे में अपने बजट का पूरा ख्याल रखें। कन्या आज आप काम का प्रेशर फील कर सकते हैं। अपने मेहनत से आप हर चुनौती को पार कर लेंगे। सीनियर्स का सपोर्ट मिलेगा। परिवार में कोई गुड न्यूज मिल सकती है। अच्छी सेहत के लिए आराम की भी जरूरत है। रूटीन को हमेशा फॉलो करें। तुला आज आप प्रोफेशनल लाइफ में काफी फोकस्ड रहने वाले हैं। जो प्लानिंग आप लंबे समय से कर रहे थे, उसमें आज सफलता मिलेगी। सेहत में सुधार आने के चांस हैं। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात हो सकती है। अपनी सेहत का ध्यान रखें। वृश्चिक आज आपके मन में नए विचार आएंगे। ऑफिस में काम की तारीफ होगी। कलीग्स का सपोर्ट मिलेगा। आर्थिक स्थिति अब धीरे-धीरे सुधरेगी। स्क्रीन टाइमिंग कम करें और रात में सोने का समय निर्धारित करें। देर रात भारी खाना ना खाएं। धनु आज हर एक चीज में बैलेंस बनाकर चलने की जरूरत है। हो सकता है कि आज पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर गलतफहमी हो। ऐसे में आज क्लैरिटी के साथ बात करने की जरूरत है। बस इस बात का ध्यान रखें कि जल्दबाजी में कोई भी फैसला ना लें। मकर आज आप मानसिक रूप से मजबूत महसूस करेंगे। कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में ना लें। चीजों को सोच-समझकर ही आगे बढे़ं। आज लव लाइफ मजबूत होगी। कामकाज के मामले में सही प्लानिंग की जरूरत होगी। अपनी पर्सनल बातें किसी से भी शेयर ना करें। कुंभ आज भाग्य आपका पूरा साथ देने वाला है। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन अच्छा है। आज आपको अच्छा रिजल्ट मिल सकता है। सीनियर्स का पूरा सपोर्ट मिलने वाला है। यात्रा के योग बन रहे हैं। बाहर का खाना कम ही खाएं। अपनों के साथ वक्त बिताने की सोचें। मीन आज मन शांत रहेगा। अंदर से आप काफी इमोशनल फील करने वाले हैं। हो सकता है कि आज धार्मिक काम में मन लगे। लव लाइफ में चीजें आसान होती दिखेंगी। आज कोई भी फैसला लेने से पहले उसके हर पहलू को सोच लें।  

नए साल की शुरुआत में ग्रहों की चाल बदलेगी: जनवरी में चार ग्रह बदलेंगे राशि

नए साल के पहले महीने में कई प्रमुख ग्रहों का राशि परिवर्तन और चाल में बदलाव देखने को मिलेगा। जनवरी 2026 में कुल मिलाकर चार ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा। इस महीने में सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ- साथ मंगल, बुध और शुक्र ग्रह भी गोचर करेंगे। जनवरी महीने के ग्रह गोचर का असर सारी 12 राशियों पर पड़ेगा। कुछ राशि वालों के लिए जनवरी का ग्रह गोचर शुभ रहेगा। वहीं कुछ राशि के जातक को इस गोचर से सावधान रहने की आवश्यकता है। ज्योतिषाचार्या बताते है कि जनवरी 2026 में सूर्य 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करेंगे।  मंगल 16 जनवरी को मकर राशि में गोचर करेंगे।  ग्रहों के राजकुमार बुध 17 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र ग्रह 13 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करेंगे।  ऐसे में कुछ राशि के जातकों के लिए जनवरी के महीने में विशेष सावधानियां बरतनी होगी। ज्योतिष गणना के अनुसार जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है, तो उसका असर हर राशि के जातकों के जीवन पर पड़ता है। सूर्य का गोचर ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि वर्तमान में सूर्य देव धनु राशि में विराजमान हैं। वे 13 जनवरी 2026 तक इसी राशि में रहेंगे। इसके बाद 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस गोचर से कई राशियों के जातकों को नौकरी और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के योग बनेंगे। इसी दिन मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया जाएगा, जो नई शुरुआत और उन्नति का प्रतीक माना जाता है। शुक्र का गोचर ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि सुख-सुविधाओं और ऐश्वर्य के कारक शुक्र देव 12 जनवरी तक धनु राशि में रहेंगे। इसके बाद 13 जनवरी 2026 को वे मकर राशि में गोचर करेंगे। शुक्र के इस परिवर्तन से कई राशियों के जातकों को भौतिक सुख, धन-लाभ और रिश्तों में मधुरता का अनुभव हो सकता है। मंगल का गोचर ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि ग्रहों के सेनापति मंगल फिलहाल धनु राशि में हैं और 15 जनवरी 2026 तक वहीं रहेंगे। इसके बाद 16 जनवरी को मंगल मकर राशि में प्रवेश करेंगे और 22 फरवरी तक इसी राशि में स्थित रहेंगे। मंगल का यह गोचर करियर, साहस और आत्मविश्वास को मजबूत करेगा। कई लोगों को मनचाही सफलता और पद-प्रतिष्ठा मिलने के संकेत हैं। बुध का गोचर ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि ग्रहों के राजकुमार बुध 17 जनवरी को मकर राशि में गोचर करेंगे। बुध का यह परिवर्तन व्यापार, निवेश और संचार से जुड़े क्षेत्रों में लाभ दिला सकता है। शुभ प्रभाव –  मिथुन, वृश्चिक, मकर और मीन अशुभ प्रभाव – वृष, सिंह, तुला और कुंभ मिलाजुला प्रभाव – मेष कर्क, कन्या और धनु ग्रहों के गोचर का प्रभाव ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि बीमारियों के इलाज में भी नए-नए आविष्कार होंगे। नई-नई दवाइयां और तकनीक विकसित होगी। कोरोना के नए वेरिएंट का नहीं होगा भारत पर बड़ा असर। दुर्घटनाएं अप्रिय घटनाएं हिंसा, प्राकृतिक आपदा होने की आशंका। फिल्म एवं राजनीति से दुखद समाचार। शुक्र बुध और सूर्य के राशि परिवर्तन से व्यापार में तेजी आएगी। बीमारियों में कमी आएगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आय में इजाफा होगा। वायुयान दुर्घटना होने की संभावना। पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल उच्च होगा। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा होंगे। सत्ता संगठन में बदलाव होंगे। पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जायेगा। देश में आंदोलन, हिंसा, धरना प्रदर्शन हड़ताल, बैंक घोटाला, वायुयान दुर्घटना, विमान में खराबी, उपद्रव और आगजनी की स्थितियां बन सकती है। करें पूजा-पाठ और दान ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि ग्रहों के अशुभ असर से बचने के लिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। भगवान शिव और माता दुर्गा की आराधना करनी चाहिए। महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए।

राशिफल 27 दिसंबर 2025: मेष से मीन तक, सभी 12 राशियों का आज का हाल

मेष राशि (Aries) 27 दिसंबर के दिन आपका मूड थोड़ा अच्छा रहने वाला है। अंदर से आप काफी एनर्जेटिक महसूस करने वाले हैं। जो काम काफी समय से मन में था, उस पर आज कदम बढ़ा सकते हैं। लोगों से बातचीत आसान रहेगी और रिश्तों में भी खुलापन आएगा। आज आप जो कुछ भी बोलेंगे, लोग उसे समझने की पूरी कोशिश करेंगे। काम को नए तरीके से करने की सोच बन सकती है। दिन का इस्तेमाल सही लोगों से जुड़ने और पुराने मतभेद मिटाने में करें। वृषभ राशि (Taurus) 27 दिसंबर का दिन अपनों के साथ बैठने, बात करने और रिश्तों को मजबूत करने का है। घर-परिवार या दोस्तों के साथ समय बिताने से मन हल्का रहेगा। अगर किसी से मनमुटाव चल रहा था तो आज उनसे बात बन सकती है। बस आपको अपने गुस्से पर थोड़ा सा काबू रखना होगा। आज दिल की बात कहने में झिझक ना रखें क्योंकि आपको पॉजिटिव रिस्पॉन्स ही मिलेगा। छोटी-छोटी खुशियां आपको अच्छा महसूस कराएंगी। मिथुन राशि (Gemini) 27 दिसंबर को मिथुन राशि के जातकों का मन थोड़ा डगमगाया हुआ रह सकता है। कभी आप ज्यादा सोचेंगे, कभी खुद पर शक करने लगेंगे। हालांकि आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर आप अपनों के साथ खुलकर बात करेंगे तो आधी परेशानी वहीं खत्म हो जाएगी। रिश्तों में गलतफहमी की गुंजाइश है, ऐसे में अपनों शब्दों को संभालकर बोलें। दिन थोड़ा भारी लग सकता है, लेकिन शाम तक चीजें ट्रैक पर लौट आएंगी। कर्क राशि (Cancer) 27 दिसंबर का दिन कर्क राशि वालों के लिए थोड़ा भारी रह सकता है। आज मन और शरीर दोनों थोड़ा साथ नहीं दे सकते। छोटी-छोटी बातों पर मन भारी हो सकता है। किसी अपने से बात करना फायदेमंद रहेगा। सब कुछ खुद ही संभालने की कोशिश ना करें। आज आराम और खुद को समझने का दिन है। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातक 27 दिसंबर के दिन अच्छा, कॉन्फिडेंट और हल्का महसूस करेंगे। लोग आज आपकी बातों को ध्यान से सुनेंगे और आपकी मौजूदगी नोटिस होगी। रिश्तों में गर्मजोशी बनी रहेगी। दिल की बात कहने के लिए आज का दिन सही है। जो बात लंबे समय से अंदर दबाए बैठे थे, आज उसे बिना किसी भी हिचक के कह सकते हैं। कन्या राशि (Virgo) 27 दिसंबर का दिन कन्या राशि के जातकों के लिए पॉजिटिव रहेगा। आपकी मेहनत का असर अब धीरे-धीरे दिखेगा। परिवार या पुराने दोस्तों से बात करके मन खुश होगा। कोई पुरानी बात फिर से जुड़ सकती है। अब आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और आप नए मौकों के लिए तैयार रहेंगे। अपनों के साथ समय बिताएं और अपने खानपान का ध्यान रखें। तुला राशि (Libra) आज आप काफी संतुलित महसूस करेंगे। बातचीत में समझदारी रहेगी और लोग आपकी बातों को महत्व देंगे। किसी खास इंसान के साथ दिल की बात शेयर हो सकती है। आज दूसरों की मदद भी करेंगे और खुद को लेकर भी अच्छा महसूस करेंगे। दिन शांत और सुकून भरा रहेगा। धनु राशि (Sagittarius) 27 दिसंबर के दिन धनु राशि वालों का मन थोड़ा उलझा रह सकता है। कुछ बातें अंदर ही अंदर परेशान कर सकती हैं। हर किसी से तुरंत उम्मीद न रखें। बातों में नरमी रखें और खुद को समय दें। आज का दिन आपको धैर्य सिखाने वाला है। जल्द प्रतिक्रिया देने से बचें। वृश्चिक राशि (Scorpio) 27 दिसंबर को वृश्चिक राशि वालों का मन थोड़ा भारी रह सकता है और आसपास का माहौल भी ठीक नहीं लगेगा। आपको अब समझना होगा कि ये वक्त खुद के साथ बिताने का है। यही वो समय है जब आप खुद को करीब से समझ पाएंगे। भावनाओं से भागने के बजाय उन्हें स्वीकार करें। सही बातचीत से रिश्तों में सुधार आ सकता है। मकर (Capricon) 27 दिसंबर के दिन मकर राशि वालों का दिल थोड़ा खुला रहेगा। अपनों से बात करने का मन करेगा और रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी। पुरानी गलतफहमियां दूर हो सकती हैं। आप चीजों को ज्यादा साफ तरीके से देख पाएंगे। अंदर से ताकत और भरोसा महसूस होगा, जिससे सारे काम आसानी से होते दिखेंगे। कुंभ राशि (Aquarius) 27 दिसंबर के दिन आपको लग सकता है कि चीजें आपके कंट्रोल से बाहर जा रही हैं। मन थोड़ा बेचैन रह सकता है। किसी से उलझने के बजाय खुद को समझने की कोशिश करें। आज का दिन खुद को समझने का है। धीरे-धीरे हालात आपके पक्ष में आएंगे। मीन राशि (Pisces) 27 दिसंबर के दिन आपको थकान और भावनात्मक उलझन महसूस हो सकती है। छोटी बात भी बड़ी लग सकती है। ऐसे में खुद को थोड़ा स्पेस दें। हर बात पर रिएक्ट न करें। यह समय खुद के बारे में सोचने और मन को शांत करने का है। धैर्य रखें क्योंकि चीजें धीरे-धीरे बदलने वाली हैं।

मौत को मात देकर शिवभक्त बना एकमात्र अंग्रेज, पत्नी के तप और बैजनाथ महादेव से जुड़ी चमत्कारी कथा

मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में स्थित बैजनाथ महादेव मंदिर का एक अनूठा इतिहास रहा है. ये मंदिर आगर-मालवा के सुसनेर रोड पर स्थित है, जोकि जिले के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों में से एक है. मंदिर के शिखर की ऊंचाई लगभग 50 फीट है. यह भारत का एकमात्र मंदिर है जिसका अंग्रेजों ने जीर्णोद्धार करवाया. मंदिर बाणगंगा नदी के किनारे बना हुआ है. दरअसल, 16वीं शताब्दी में निर्मित इस प्राचीन मंदिर का 1883 में एक ब्रिटिश सेना अधिकारी ने जीर्णोद्धार कराया गया था. वह अधिकारी एक चमत्कारिक घटना के कारण शिव का भक्त बन गया था. ब्रिटिश सेना का नाम लेफ्टिनेंट कर्नल मार्टिन था, जोकि अफगानिस्तान युद्ध में भाग लेने गए. उनकी पत्नी आगर मालवा छावनी में रहती थीं. उन्हें कुछ दिनों तक अपने पति की कोई खबर नहीं मिली. एक दिन वह चिंतित होकर घोड़े पर सवार होकर जीर्ण-शीर्ण बैजनाथ मंदिर पहुंचीं. वहां की आरती और मंत्रोच्चार ने उसे आकर्षित किया. उनकी व्याकुलता देखकर पुजारियों ने उन्हें 11 दिनों तक ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने की सलाह दी. उन्होंने प्रतिज्ञा की कि यदि उनका पति सुरक्षित लौट आता है, तो वह मंदिर का जीर्णोद्धार करवाएंगी. मार्टिन की पत्नी के मंत्र जपने का फल जब उन्होंने मंत्र का जाप करना शुरू किया उसके ठीक दसवें दिन मार्टिन का एक पत्र आया. उसमें उसने एक चौंकाने वाली बात लिखी. उसने बताया कि जब युद्ध में शत्रुओं ने उसे घेर लिया, तो बाघ की खाल पहने और हाथ में त्रिशूल लिए एक योगी प्रकट हुए और उन्होंने शत्रुओं को भगा दिया. मार्टिन ने बताया कि योगी ने उससे कहा कि वह उनकी पत्नी की प्रार्थनाओं के कारण उसे बचाने आए हैं. सौभाग्य से, पति की सुरक्षित वापसी के बाद मार्टिन दंपति ने 15,000 रुपए के भारी दान से मंदिर का जीर्णोद्धार कराया. इसका प्रमाण आज भी मंदिर के शिलालेखों में देखा जा सकता है. इसके बाद वे इंग्लैंड चले गए, लेकिन कहा जाता है कि उन्होंने अपने घर में एक शिवलिंग स्थापित किया और अपनी अंतिम सांस तक शिव की पूजा की. बैजनाथ महादेव मंदिर तक कैसे पहुंचे? हवाई मार्ग: सबसे निकट इंदौर का देवी अहिल्या बाई होलकर हवाई अड्डा है, जोकि 126 किमी दूर है. यह मध्य प्रदेश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा माना जाता है. दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद, कोलकाता, बेंगलुरु, रायपुर और जबलपुर जैसे शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है. रेल मार्गः इस मंदिर के सबसे पास उज्जैन का रेलवे स्टेशन है, जोकि 68 किमी दूर है. उज्जैन रेलवे स्टेशन मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है. सड़क मार्गः आगर-मालवा सड़क से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है. आप यहां एक कैब किराए पर ले सकते हैं या उज्जैन, इंदौर (126 किमी), भोपाल (184 किमी) और कोटा राजस्थान (195 किमी) से बस पकड़कर यहां पहुंच सकते हैं.