samacharsecretary.com

GST से सरकार की बढ़ी तिजोरी, क्या सुधारों से और होगा फायदा या घटेगा कलेक्शन?

नई दिल्ली जीएसटी काउंसिल की बैठक में अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों को लेकर कई बड़े फैसले किए गए. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनके बारे में बताते हुए साफ किया कि अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब 5% और 18% के रहेंगे, जबकि हानिकारक और सुपर लग्जरी आइटम्स के लिए एक स्पेशल 40% का स्लैब होगा. देश में तमाम टैक्सों को खत्म करते हुए 2017 में GST लागू किया गया था और जीएसटी कलेक्शन के जरिए सरकार की कमाई में साल-दर-साल तगड़ा इजाफा देखने को मिला है. बीते 8 साल में कमाई का आंकड़ा तीन गुना हो गया है. हालांकि, अब GST 2.0 के तहत इसमें किए बदलाव से कलेक्शन पर भी असर देखने को मिल सकता है.    2017 में शुरुआत, अब बड़ा बदलाव देश की आजादी के बाद सबसे बड़े टैक्स सुधार के रूप में 1 जुलाई 2017 को जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) को लागू किया गया था. सरकार पुरानी अप्रत्‍यक्ष कर व्‍यवस्‍था की जगह वस्‍तु एवं सेवा कर को लेकर आई और इसके बाद पहले लगने वाले अलग-अलग तरह के तमाम टैक्स खत्म कर दिए गए. इसे संचालित करने के लिए जीएसटी परिषद का गठन किया गया, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री, राज्‍य मंत्री (रेवेन्‍यू) और राज्‍यों के वित्त मंत्रियों को जगह दी गई. शुरुआत से ही जीएसटी को चार भागों में डिवाइड किया गया.       पहला: सीजीएसटी (केंद्रीय माल और सेवा कर)     दूसरा: एसजीएसटी (राज्य माल और सेवा कर)     तीसरा: आईजीएसटी (एकीकृत माल और सेवा कर)     चौथा: यूटीजीएसटी (केंद्र शासित प्रदेश माल और सेवा कर) जीएसटी को अलग-अलग कैटेगरी के सामानों के हिसाब से चार स्लैब में भी बांटा गया, जो 5%, 12%, 18% और 28% तय किए गए थे. अब जीएसटी आठवें साल में पहुंच गया है और इसके साथ ही इसमें नए सुधार करते हुए सरकार ने इसे सिर्फ दो टैक्स स्लैब तक सीमित कर दिया है, जो 5% और 18% के होंगे.   हर साल बढ़ती गई सरकार की कमाई जीएसटी से सरकार की कमाई के बारे में बात करें, तो 1 जुलाई 2017 को लागू होने के बाद से हर साल इसमें जोरदार इजाफा हुआ है. इस साल 2025 में तो जीएसटी कलेक्शन ने सारे रिकॉर्ड तोड़े. शुरुआती साल में इसके जरिए सरकारी खजाने में 7.41 लाख करोड़ रुपये (जुलाई से मार्च तक) आए थे. तो वहीं अगले साल 2018–19 में जीएसटी से कमाई का आंकड़ा 11.77 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं इसकी शुरुआत से अब तक कलेक्शन में तीन गुना से ज्यादा का इजाफा दर्ज किया गया है और 2021-22 से लेकर 2024-25 तक सिर्फ पांच साल में ही जीएसटी से सरकार की कमाई दोगुनी हो चुकी है और ये 11.37 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 22.08 लाख करोड़ रुपये हो गई है.  2025 में बनाया सबसे बड़ा रिकॉर्ड इस साल 2025 में जीएसटी कलेक्शन ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़े और सरकार को ताबड़तोड़ कमाई कराई. अप्रैल महीने में अब तक सबसे बड़ा मासिक जीएसटी कलेक्शन हुआ, जो 2.37 लाख करोड़ रुपये रहा.  महीना जीएसटी कलेक्शन जनवरी 2025 1.96 लाख करोड़ रुपये फरवरी 2025 1.84 लाख करोड़ रुपये   मार्च 2025 1.96 लाख करोड़ रुपये   अप्रैल 2025 2.37 लाख करोड़ रुपये मई 2025 2.01 लाख करोड़ रुपये जून 2025 1.85 लाख करोड़ रुपये जुलाई 2025 1.96 लाख करोड़ रुपये अगस्त 2025  1.86 लाख करोड़ रुपये रेवेन्यू में नुकसान की भरपाई की उठी थी मांग जीएसटी रिफॉर्म के चलते सरकार ने करीब 40,000 करोड़ रुपये के सालाना रेवेन्यू नुकसान की आशंका जाहिर की है. मतलब सरकार की कमाई पर इन सुधारों का असर पड़ने वाला है, लेकिन दूसरी ओर देश की आम जनता से लेकर छोटे कारोबारियों और किसानों तक के लिए ये सरकार की ओर से दिवाली से पहले दिया गया बड़ा गिफ्ट है. जीएसटी रिफॉर्म के रेवेन्यू पर पड़ने वाले असर को लेकर बैठक के दौरान विपक्षी राज्यों की ओर से नुकसान की भरपाई के लिए योजना बनाने की मांग उठाई गई थी. हालांकि, बैठक के रिजल्ट आने के बाद पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बात करते हुए कहा कि हमने कहा था कि क्षतिपूर्ति उपकर बढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन केंद्र सहमत नहीं हुआ.  रोजमर्रा के सामानों से कार-बाइक तक होंगी सस्ती  बुधवार 3 सितंबर को नई दिल्ली में हुई जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में नए सुधारों का ऐलान करते हुए सरकार ने रोजमर्रा के सामानों साबुन, तेल, घी, फूड प्रोडक्‍ट्स, डेयरी प्रोडक्ट्स (मक्खन, घी, पनीर, गाढ़ा/पनीर), चॉकलेट और कोको पाउडर, सिलाई मशीन, पास्ता, कॉर्न फ्लेक्स, नूडल्स, बिस्कुट, माल्ट एक्सट्रेक्ट (गैर-कोको) के साथ ही जैम, जेली, मुरब्बा, मेवे/फलों का पेस्ट, सूखे मेवे, मेवे समेत पहले से पैक पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती, रोटी को 5%  स्लैब में डाला गया है.  छोटी कारों, 350 सीसी तक की बाइक्स से लेकर ट्रैक्टर तक पर जीएसटी घटाकर 28 से 18 फीसदी किया गया है और इसका मतलब है कि इनके दाम घटने वाले हैं. इसके अलावा एयर कंडीशनर, डिशवाशर मशीनें, टीवी (एलईडी, एलसीडी), मॉनिटर, प्रोजेक्टर पर लागू 28% जीएसटी को कम करते हुए 18% कर दिया गया है. इंश्योरेंस प्रीमियम और 33 जरूरी दवाओं के साथ ही शिक्षा से संबंधित सामानों को जीएसटी फ्री यानी जीरो जीएसटी में शामिल किया गया है. जीएसटी बदलाव के तहत करीब 90% हाउसहोल्ड आइटम्स के दाम घटेंगे और नवरात्रि के पहले दिन यानी 22 सितंबर 2025 से ये लाभ जनता को मिलने लगेंगे. हालांकि, तंबाकू प्रोडक्ट्स, कॉर्बोनेटेड-कैपिनेटेड ड्रिंक्स, फास्ट फूड और सुपर लग्जरी आइटम्स जैसे प्राइवेट जेट को 40% स्लैब में रखा गया है.

संबित पात्रा बोले: जीएसटी बदलाव से आम जनता और व्यवसायियों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में जीएसटी 2.0 को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने जीएसटी स्लैब को हर वर्ग के लिए खुशखबरी बताया। उन्होंने कहा कि नवरात्र से पहले देश में खुशी का माहौल है, क्योंकि जीएसटी दरों में कटौती से आम जनता, किसानों, मध्यम वर्ग और मेडिकल सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी। संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, "नवरात्र से पहले ही पूरे देश में खुशी का माहौल है। आज सुबह जब मैंने चाय की चुस्कियों के साथ अखबार पढ़ा, तो चाय का रेट 6 प्रतिशत वैट से कम होकर 0 प्रतिशत जीएसटी हो गया था। 22 सितंबर से सभी के लिए हर वस्तु एक तरह से सस्ती होने वाली है और हर वर्ग के लिए खुशखबरी है, चाहे वो किसान हो, कोई मरीज हो, आम गृहणी हो, साधारण ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो, या कोई बच्चा हो, उन सभी के लिए आज खुशखबरी आई है।" उन्होंने कहा, "कांग्रेस के जमाने में दूध पर 6 प्रतिशत वैट लगता था, आज उसे 0 प्रतिशत कर दिया गया है, यानी उसपर कोई जीएसटी नहीं रहेगी। उसी प्रकार दही, लस्सी, छाछ पर भी अब मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगी। इसके अलावा, चॉकलेट पर 31 प्रतिशत वैट लगता था, जो अब कम होकर 5 प्रतिशत जीएसटी हो गया है। मिठाई पर 21 प्रतिशत वैट लगता था, जो अब कम होकर 5 प्रतिशत जीएसटी हो गया है। साथ ही गेहूं पर 2.5 प्रतिशत वैट लगता था। अब 0 प्रतिशत जीएसटी लगेगी। चावल पर 2.75 प्रतिशत वैट लगता था। अब 0 प्रतिशत जीएसटी लगेगी।" संबित पात्रा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कांग्रेस के जमाने में 1 किलो आटे पर 3.5 प्रतिशत टैक्स लगता था, अब उसे शून्य कर दिया गया है। ठीक उसी प्रकार सोयाबीन का तेल और ग्राउंड नट (मूंगफली) के तेल पर 6 प्रतिशत वैट लगता था, अब उस पर 0 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इसी तरह, बोतलबंद मिनरल वाटर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी की जरूरत बन गया है। जब गांधी परिवार सत्ता में था, तब इस पर 27 प्रतिशत टैक्स लगता था। आज वह दर घटाकर सिर्फ 5 प्रतिशत कर दी गई है।" संबित पात्रा ने कहा, "टूथपेस्ट पर 27 प्रतिशत वैट लगता था, अब वो घटकर 5 प्रतिशत जीएसटी हो गया है। ठीक उसी प्रकार टूथ पाउडर पर भी 17 प्रतिशत वैट लगता था, अब वो भी घटकर 5 प्रतिशत जीएसटी हो गया है। साबुन और तेल पर भी 27 प्रतिशत वैट लगता था, अब मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगी। साथ ही, साइकिल पर 16 प्रतिशत वैट लगता था, अब उस पर मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। सिलाई मशीन पर 16 प्रतिशत वैट लगता था, अब उस पर भी मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगी।" भाजपा प्रवक्ता ने किसानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "हमारे किसान भाइयों के लिए भी बड़ी खुशखबरी है। ट्रैक्टर वाली फिक्स्ड स्पीड डीजल इंजन जो 15 हॉर्सपावर या नीचे की है और ट्रैक्टर का रियर टायर और ट्यूब पर पहले 16 प्रतिशत वैट लगता था। अब वो घटकर 5 प्रतिशत जीएसटी रह गई है। हैंडपंप, इरिगेशन सिस्टम, कंपोस्ट मशीन, फर्टिलाइजर इनपुट पर भी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत जीएसटी कर दिया गया है। ट्रैक्टर के सारे पार्ट्स जो 18 प्रतिशत टैक्स स्लैब में थे, अब ये सारे 5 प्रतिशत टैक्स स्लैब में आ जाएंगे।"

बर्नस्टीन रिपोर्ट: जीएसटी बदलाव से जीडीपी पर असर बहुत कम, सिर्फ 0.05%

नई दिल्ली ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन की गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार द्वारा घोषित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में व्यापक बदलावों का सार्वजनिक वित्त पर मामूली प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि केंद्र पर केवल 18,000 करोड़ रुपए का राजकोषीय बोझ पड़ने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वित्त वर्ष 26 के लिए भारत के अनुमानित जीडीपी का केवल 0.05 प्रतिशत है। 3 सितंबर को, सरकार ने प्रमुख जीएसटी सुधारों की घोषणा की, जिसमें कर स्लैब की संख्या कम की गई और कई वस्तुओं पर दरें कम की गईं। दैनिक उपयोग की एफएमसीजी वस्तुओं से लेकर कारों, घरेलू वस्तुओं और बीमा तक, अधिकांश उत्पाद 22 सितंबर से सस्ते होने वाले हैं। विश्लेषकों का मानना ​​है कि इन उपायों से मांग बढ़ेगी, कर अनुपालन में सुधार होगा और उपभोग-आधारित विकास को मजबूती मिलेगी। बर्नस्टीन के लेटेस्ट इंडिया स्ट्रेटजी नोट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि इन सुधारों से राजस्व में अल्पकालिक कमी आएगी, लेकिन अर्थव्यवस्था पर समग्र प्रभाव सीमित रहेगा। ब्रोकरेज का अनुमान है कि 12 प्रतिशत स्लैब को 5 प्रतिशत तक तर्कसंगत बनाने से 79,600 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान होगा और 28 प्रतिशत स्लैब को समाप्त करने से 1.12 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त नुकसान होगा। 12 से 18 प्रतिशत स्लैब में बदलाव से 700 करोड़ रुपए और कुछ वस्तुओं को 28 से 40 प्रतिशत तक स्थानांतरित करने से 15,000 करोड़ रुपए के लाभ से इन नुकसानों की आंशिक भरपाई हो पाएगी। इन बदलावों को ध्यान में रखते हुए, केंद्र और राज्यों को संयुक्त रूप से लगभग 1.57 लाख करोड़ रुपए का राजस्व घाटा होने का अनुमान है। केंद्र का हिस्सा लगभग 74,000 करोड़ रुपए है। बर्नस्टीन ने राजस्व की कमी को संतुलित करने के लिए पूंजीगत व्यय में 5 प्रतिशत की कटौती का भी अनुमान लगाया है, जो 56,000 करोड़ रुपए है। परिणामस्वरूप, केंद्र पर वास्तविक राजकोषीय बोझ घटकर 18,000 करोड़ रुपए रह गया है। इस बीच, एचएसबीसी ने एक दूसरी रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 24 के उपभोग आधार के आधार पर कर कटौती से सकल राजस्व हानि लगभग 10.8 अरब डॉलर हो सकती है। क्षतिपूर्ति उपकर से नए 40 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में पुनर्निर्देशित राजस्व इस हानि के लगभग 5.2 अरब डॉलर की भरपाई कर सकता है, जिससे 5.6 अरब डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 0.16 प्रतिशत की शुद्ध कमी रह जाएगी। वित्त वर्ष 26 के आधार पर इसे जोड़ते हुए, एचएसबीसी का अनुमान है कि राजस्व हानि 570 अरब रुपए होगी, जो एक वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद के केवल 0.16 प्रतिशत के बराबर होगी। यह देखते हुए कि वित्त वर्ष का केवल आधा समय बचा है, वित्त वर्ष 26 के लिए राजकोषीय प्रभाव सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 0.1 प्रतिशत होगा। दोनों रिपोर्टों से पता चलता है कि जीएसटी सुधारों से सरकार को कुछ राजस्व हानि होगी, लेकिन उच्च उपभोग और मजबूत अनुपालन के दीर्घकालिक लाभ अल्पकालिक राजकोषीय नुकसान से अधिक होंगे।

प्याज महंगा नहीं होगा! जानें किन शहरों में मिल रही सब्सिडी और वजह

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने महंगाई को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। अब दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद में ₹24 प्रति किलोग्राम की दर से सब्सिडी वाला प्याज बेचा जाएगा, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस पहल की शुरुआत की है।   24 रुपए प्रति किलो बिकेगा प्याज केंद्र सरकार ने दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद में ₹24 प्रति किलोग्राम की discounted rate पर प्याज की बिक्री शुरू कर दी है। इसके लिए मोबाइल वैन का इस्तेमाल किया जा रहा है। शुरुआती चरण में नेफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार जैसी सरकारी एजेंसियों के ज़रिए लगभग 25 टन प्याज बेचा जाएगा। सरकार का कहना है कि जिन शहरों में प्याज का रिटेल रेट ₹30 प्रति किलो से ज्यादा है, वहां यह सब्सिडी वाला प्याज बेचा जाएगा। यह योजना शुक्रवार से चेन्नई, गुवाहाटी और कोलकाता में भी शुरू होगी और दिसंबर तक जारी रहेगी। सरकार का बफर स्टॉक सरकार के पास अभी 3 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक है, जिसे Price Stabilisation Fund (PSF) योजना के तहत औसतन ₹15 प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा गया था। यह स्टॉक मुख्य रूप से महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश से खरीदे गए रबी (सर्दियों) प्याज का है। इस प्याज को ₹24 प्रति किलो की दर पर बेचने से सरकार को लागत वसूलने में भी मदद मिलेगी।   महंगाई पर लगाम लगाने की कोशिश केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि सरकार की पहली प्राथमिकता खाद्य मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखना है। हाल के महीनों में सरकार के हस्तक्षेप से महंगाई को कम करने में मदद मिली है। जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति 1.55% पर आ गई थी, जो पिछले 8 सालों में सबसे कम थी। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बताया कि फसल वर्ष 2024-25 में प्याज का घरेलू उत्पादन 27% बढ़कर 30.77 मिलियन टन होने का अनुमान है। उन्होंने यह भी साफ किया कि प्याज के निर्यात पर कोई रोक नहीं है।  

40 लाख के घर पर कितना होगा फायदा? सीमेंट GST में आई राहत से मिलेगी बचत

नई दिल्ली  त्योहारी सीज़न से ठीक पहले केंद्र सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है। जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में एक अहम फैसला लिया गया है जिससे घर बनाने वालों और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार ने सीमेंट पर लगने वाले 28% जीएसटी को घटाकर अब 18% कर दिया है। यह बदलाव 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होगा। सीमेंट सस्ता, तो मकान सस्ता! घर बनाने में सीमेंट की लागत सबसे बड़ी होती है और यही वजह है कि उस पर जीएसटी कटौती का सीधा असर जेब पर पड़ता है। आमतौर पर किसी भी घर के निर्माण में कुल लागत का करीब 20% खर्च सिर्फ सीमेंट पर होता है। मान लीजिए आप 40 लाख रुपये में मकान बनवा रहे हैं। इसमें से लगभग 8 लाख रुपये का खर्च सिर्फ सीमेंट पर आएगा। पहले इस 8 लाख रुपये पर 28% यानी 2.24 लाख रुपये GST देना होता था, जिससे सीमेंट की कुल लागत बढ़कर 10.24 लाख रुपये हो जाती थी।अब, जब सीमेंट पर जीएसटी 18% हो गया है, तो इस पर 1.44 लाख रुपये टैक्स लगेगा। यानी कुल सीमेंट की लागत घटकर 9.44 लाख रुपये हो जाएगी। इस तरह 80,000 रुपये की सीधी बचत होगी। कुल निर्माण लागत में 2-2.5% की गिरावट सीमेंट सस्ता होने का असर पूरे निर्माण बजट पर पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, जीएसटी कटौती से घर बनाने की कुल लागत में 2 से 2.5 प्रतिशत तक की कमी संभव है। अगर आप 40 लाख का मकान बना रहे हैं, तो आपको कुल मिलाकर 1 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। एक सीमेंट बैग पर होगी कितनी बचत?       पुरानी कीमत: यदि एक सीमेंट बैग की कीमत 350 रुपये है, तो 28% जीएसटी के साथ उसकी कीमत बनती थी 448 रुपये (350 + 98)     नई कीमत: अब 18% जीएसटी के साथ उसी बैग की कीमत होगी 413 रुपये (350 + 63)     कुल बचत प्रति बैग: 35 रुपये अगर आप मकान निर्माण के लिए हज़ारों बैग सीमेंट इस्तेमाल करते हैं, तो ये बचत लाखों में बदल सकती है।  रियल एस्टेट सेक्टर को भी राहत इस फैसले का असर केवल घर बनाने वालों पर ही नहीं, बल्कि पूरे रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर भी पड़ेगा। कम लागत में मकान बनेंगे, जिससे:     फ्लैट और मकान की कीमतें घट सकती हैं     डवलपर्स की लागत कम होगी     अधिक लोग घर खरीदने की सोचेंगे     निर्माण कार्यों में तेजी आएगी अगर रियल एस्टेट कंपनियां यह लाभ खरीदारों तक पहुंचाती हैं, तो मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी। सीमेंट कंपनियों को मिलेगा डिमांड बूस्ट सीमेंट सस्ता होने से उसकी डिमांड बढ़ने की संभावना भी तेज हो गई है। त्योहारी सीज़न और मानसून के बाद की निर्माण गतिविधियों में उछाल आने की उम्मीद है। कंपनियां प्रति बैग कीमत 10 से 30 रुपये तक घटा सकती हैं, जिससे बाज़ार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।  

पुणे में एप्पल का नया स्टोर, iPhone 17 की लॉन्चिंग से पहले मिलेगी एक्सक्लूसिव एक्सपीरियंस

 पुणे  आजकल पूरी दुनिया के स्मार्टफोन इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा और बड़ी चर्चा iPhone 17 Series के लॉन्च की हो रही है. अपने इस नई आईफोन सीरीज के लॉन्च से पहले एप्पल भारत में अपनी रेवेन्यू को बढ़ाने की तगड़ी प्लानिंग कर रही है. इसी प्लानिंग के तहत एप्पल ने भारत में अब अपना चौथा रिटेल स्टोर भी खोल दिया है. इस बार एप्पल ने अपना रिटेल स्टोर महाराष्ट्र के शहर पुणे में खोला है. एप्पल के इस स्टोर को पुणे के Koregaon Park में खोला गया है. आपको बता दें कि एप्पल ने कुछ ही दिन पहले भारत में अपना तीसरा रिटेल स्टोर बेंगलुरु में खोला था. इससे पहले कंपनी दिल्ली और मुंबई में भी अपने रिटेल स्टोर्स खोल चुकी है. एप्पल ने पुणे के इस रिटेल स्टोर को पुणे में स्थित कोरेगांव पार्क में आज यानी 4 सितंबर 2025 की दोपहर 1 बजे से ऑफिशियली खोल दिया है. आपको बता दें कि भारत में एप्पल का पहला रिटेल स्टोर मुंबई के BKC में खुला था, जबकि दूसरा स्टोर दिल्ली के साकेत में स्थित सिलेक्ट सिटी वॉक मॉल में खुला था. उसके बाद एप्पल ने तीसरा रिटेल स्टोर 2 सितंबर यानी सिर्फ दो दिन पहले बेंगलुरु के हेब्बल में और अब चौथा स्टोर पुणे में लॉन्च किया है. इसका मतलब है कि अब इन सभी ऑफलाइन रिटेल स्टोर में जाकर भी ग्राहक एप्पल की अपकमिंग नई iPhone 17 सीरीज के फोन्स को खरीद पाएंगे. पुणे एप्पल स्टोर की सुविधाएं पुणे के कोरेगांव पार्क में स्थित एप्पल के इस रिटेल स्टोर में कस्टमर्स को एप्पल का पूरा एक्सपीरियंस मिलेगा. इसमें यूज़र्स iPhone 16 सीरीज़, MacBooks, iPads, Apple Watch और accessories जैसे AirPods और AirTag समेत सबकुछ खरीद सकते हैं. पुणे के इस एप्पल स्टोर में काम करने वाली टीम में लोगों को कुल संख्या 68 है, जो भारत के 11 अलग-अलग राज्यों से आए हैं. यहां पर ग्राहकों को हिंदी और इंग्लिश समेत कई भाषाओं में कई भाषाओं में कस्टमर सपोर्ट मिलेगा. इस स्टोर की ओपनिंग को सेलिब्रेट करने के लिए एप्पल ने कुछ एक्सक्लूसिव कस्टम वॉलपेपर्स दिए हैं और साथ ही एक Apple Music playlist भी बनाई है जिसमें पुणे के लोकल आर्टिस्ट्स को स्पॉटलाइट किया गया है. एप्पल रिटेल स्टोर की ये टीम कस्टमर्स को पर्सनलाइज़्ड सेटअप, आईओएस में स्विच करने की मदद और एप्पल ट्रेड-इन जैसी सर्विसेज की सुविधा देती है. एप्पल का ये नया स्टोर पूरी तरह से रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) पर चलता है और कंपनी के मुताबिक ये कार्बन-न्यूट्रल भी है. इसका मतलब है कि एप्पल ने रिटेल स्टोर्स को खोलने के लिए टेक्नोलॉजी के साथ-साथ पर्यावरण का भी पूरा ख्याल रखा है. Apple Koregaon Park में हर दिन फ्री इन-स्टोर सेशन्स होंगे, जो खासतौर पर छात्रों, क्रिएटर्स और प्रोफेशनल्स के लिए डिज़ाइन किए गए हैं. इन सेशन्स को एप्पल क्रिएटीव्स गाइड करेंगे और अगर आप चाहें तो अपने दोस्तों, फैमिली या टीम के साथ ग्रुप बुकिंग भी कर सकते हैं. अगर आपने कोई एप्पल प्रोडक्ट ऑनलाइन ऑर्डर किया है, तो उसे स्टोर में एक डेडिकेटेड Apple Pickup zone से आराम से कलेक्ट कर सकते हैं. इसके साथ ही वहां पर आपको ईएमआई, फाइनेसिंग ऑप्शन्स भी मिलेंगे.

इलेक्ट्रिक सेगमेंट में Tesla का कमाल! Model Y को लॉन्च के साथ ही मिली 600 बुकिंग

मुंबई   अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार दिग्गज Tesla ने भारतीय बाजार में इस साल जुलाई में अपनी शुरुआत की थी. कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी Tesla Model Y को लॉन्च किया था, जिसके बारे में अब कंपनी ने जानकारी दी है कि इस क्रॉसओवर के लिए 600 बुकिंग प्राप्त हो चुकी है, और इसी महीने से इसकी डिलीवरी भी शुरू होने वाली है. बता दें कि फिलहाल Tesla Model Y की डिलीवरी शुरुआत में दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम और पुणे तक सीमित रहेगी. Tesla Model Y की बुकिंग और डिलीवरी कंपनी ने जानकारी दी है कि Tesla को भारत में अपनी Model Y के लिए लॉन्च के बाद से अब तक कुल 600 बुकिंग मिल चुकी हैं, जिनमें से कंपनी को 350-500 यूनिट्स की डिलीवरी की उम्मीद है. ब्लूमबर्ग की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यह टेस्ला के भारत में 2,500 यूनिट्स के वार्षिक कोटा को पूरा करने के आंतरिक अनुमान से काफी कम है. संदर्भ के लिए, Tesla वैश्विक बाजारों में हर चार घंटे में लगभग इतनी ही यूनिट्स की डिलीवरी करती है. ज्यादा कीमत के चलते बिक्री कम देखा जाए तो, भारतीय बाजार में Tesla की बिक्री काफी सुस्त रही, और इसका कारण संभवतः भारत में Tesla Model Y की कीमत को माना जा सकता है. इस कार को भारतीय बाजार में CBU (पूरी तरह से निर्मित यूनिट) के तौर पर आयात किया जा रहा है, जिसके चलते इसकी शुरुआती कीमत 59.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है. हालांकि भारत सरकार ने जून में बहुत कम 15 प्रतिशत आयात शुल्क के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों के स्थानीय निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए SPMEPCI योजना शुरू की थी, लेकिन Tesla ने मौजूदा समय में भारत में अपने मॉडल बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई, और इसलिए वह इस नीति का लाभ नहीं उठा सकती है. व्यापक रूप से देखें तो, JATO डायनेमिक्स के आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी से जून 2025 तक भारत में 45 लाख रुपये से 70 लाख रुपये के बीच कीमत वाले 2,800 से ज़्यादा इलेक्ट्रिक वाहन बेचे गए. हालांकि, Tesla Model Y की बुकिंग संख्या कंपनी की ब्रांड अपील और उच्च प्रत्याशा को नहीं दर्शाती है, और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता द्वारा यहां खुद को बाज़ार में लाने में झिझक से भी इसमें मदद नहीं मिलती. हालांकि फिर भी, Tesla मुंबई और दिल्ली में अपने सुपरचार्जर नेटवर्क के माध्यम से भारत में धीरे-धीरे अपना विस्तार जारी रख रही है, साथ ही अगले साल दक्षिण भारत में अपना तीसरा एक्सपीरिएंस सेंटर खोलने की योजना बना रही है.

अब जेब पर पड़ेगा डबल बोझ: पान मसाला-सिगरेट पर 40% स्पेशल टैक्स, जानें किन चीजों पर असर

नईदिल्ली   जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में बड़ा टैक्स सुधार किया गया है। अब GST स्लैब को सिर्फ दो हिस्सों में बांट दिया गया है – 5% और 18%, यानी पहले के 12% और 28% स्लैब को हटा दिया गया है और उनमें शामिल वस्तुओं को इन दो नए स्लैब्स में समायोजित किया गया है। लेकिन इस बीच कुछ खास और हानिकारक वस्तुओं पर अब सीधा 40% स्पेशल जीएसटी लगाया जाएगा।  किस चीज पर लगेगा 40% 'Special GST'? जीएसटी काउंसिल ने तय किया है कि कुछ हाई रिस्क या हाई लग्जरी कैटेगरी की वस्तुओं पर अब अलग से कोई सेस या उपकर नहीं लगेगा, बल्कि सीधे 40% जीएसटी ही लिया जाएगा। ये एक तरह से "सिन टैक्स" की श्रेणी में आएगा — यानी ऐसी चीजें जो सेहत या समाज के लिए हानिकारक मानी जाती हैं। 40% टैक्स वाली चीजों की पूरी लिस्ट:     पान मसाला          सिगरेट     गुटखा     चबाने वाला तंबाकू (खैनी, ज़र्दा आदि)     तंबाकू उत्पादों की री-प्रोसेसिंग यूनिट्स में बनने वाले उत्पाद     ऐडेड शुगर वाले और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स (Soft Drinks, Energy Drinks आदि)     फास्ट फूड चेन के कुछ हाई-प्रोसेस्ड आइटम्स (बर्गर, नूडल्स, आदि)     सुपर लग्जरी आइटम्स     पर्सनल यूज़ वाले एयरक्राफ्ट (Private Jets, Helicopters)     हाई-एंड लग्जरी कारें (जैसे – स्पोर्ट्स कार, प्रीमियम SUVs) 22 सितंबर से होंगे लागू मोदी सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए अब सिर्फ दो मुख्य टैक्स स्लैब रखने का फैसला किया है। जीएसटी परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि अब सिर्फ 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो ही स्लैब लागू होंगे। ये सभी घोषणाएं 22 सितंबर से पूरे देश में लागू हो जाएगी। 12% और 28% वाले स्लैब खत्म इस फैसले के बाद, पहले से चले आ रहे 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत वाले स्लैब को खत्म कर दिया गया है। इससे कई वस्तुओं की कीमतों पर सीधा असर पड़ेगा। माना जा रहा है कि इस बदलाव से जीएसटी प्रणाली और भी सरल हो जाएगी और आम जनता को इसका लाभ मिलेगा। लग्जरी और तंबाकू उत्पादों पर 40% GST हालांकि, लग्जरी सामान और तंबाकू उत्पादों पर लगने वाली जीएसटी दर में बढ़ोतरी की गई है। इन उत्पादों पर अब 40 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। सरकार का यह कदम लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं की खपत को कम करने की दिशा में देखा जा रहा है।  22 सितंबर से क्या-क्या होगा सस्ता? (GST दरें घटाई गईं) वस्तु/सेवा     नई GST दर दूध, रोटी, पनीर, घी     5% बिस्किट, सॉस, पास्ता     5% सूखे मेवे, पिज़्जा ब्रेड     5% ऑक्सीजन, ग्लूकोमीटर, मेडिकल टेस्ट किट     0% (टैक्स फ्री) जीवनरक्षक दवाएं, पट्टियां     5% साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट     5% मोमबत्ती, खिलौने, फर्नीचर     5% सोलर और विंड एनर्जी डिवाइसेस     5% बायोगैस उपकरण     5% टेक्सटाइल्स, टीवी, सीमेंट     5% या 18% (आइटम के अनुसार) छोटी कारें, बाइक्स (कम्यूटर व्हीकल)     18% तंबाकू और सिगरेट जैसी कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत के विशेष स्लैब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिन भर चली जीएसटी परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, ‘‘सभी फैसले सर्वसम्मति से किए गए और किसी भी राज्य से कोई असहमति नहीं थी।'' परिषद ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को मौजूदा चार स्लैब… पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत से दो दरों… पांच और 18 प्रतिशत करने को मंजूरी दे दी। महंगी कार, तंबाकू और सिगरेट जैसी कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत के विशेष स्लैब का प्रस्ताव किया गया है।  वस्तु नई टैक्स दर पान मसाला, सिगरेट, गुटखा, तंबाकू 40% एडेड शुगर वाले कोल्ड ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स 40% फास्ट फूड चेन के कुछ प्रोसेस्ड आइटम्स 40% प्राइवेट जेट्स, हेलिकॉप्टर (पर्सनल यूज) 40% लग्जरी कारें, बड़ी SUV कारें 40% मक्खन और घी से लेकर सूखे मेवे तक ये वस्तुएं होंगी सस्ती दैनिक उपयोग की खाद्य वस्तुओं पर कर की दर शून्य होगी, जबकि मक्खन और घी से लेकर सूखे मेवे, कंडेंस्ड दूध, सॉसेज और मांस, चीनी से बनी कन्फेक्शनरी, जैम और फलों की जेली, नारियल पानी, नमकीन, 20 लीटर की बोतल में पैक पेयजल, फलों का गूदा या रस, दूध युक्त पेय पदार्थ, आइसक्रीम, पेस्ट्री और बिस्कुट, कॉर्नफ्लेक्स और अनाज तथ चीनी से बनी मिठाइयों पर कर की दर को मौजूदा के 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया जाएगा। सभी प्रकार की चपाती और पराठे पर कर की दर शून्य होगी। इस पर फिलहाल पांच प्रतिशत जीएसटी लगता है। ‘टूथ पाउडर', दूध की बोतलें, रसोई के बर्तन, छाते, बर्तन, साइकिल, बांस के फर्नीचर और कंघी जैसी उपभोक्ता वस्तुओं पर कर की दर 12 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत होगी। शैम्पू, टैल्कम पाउडर, टूथपेस्ट, टूथब्रश, फेस पाउडर, साबुन और हेयर ऑयल पर कर की दरें 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई हैं।  इन वाहनों पर लगेगा 40 प्रतिशत की दर से टैक्स सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद ने व्यक्तिगत जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के प्रीमियम भुगतान पर जीएसटी को हटाने का फैसला किया है। इससे लोगों के लिए बीमा पॉलिसी लेना सस्ता हो पाएगा। जीएसटी परिषद ने सीमेंट पर कर की दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा 1,200 सीसी तक के पेट्रोल वाहनों और 1,500 सीसी तक के डीजल वाहनों (4,000 मिलीमीटर तक लंबाई) पर भी जीएसटी दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि 1,200 सीसी से अधिक क्षमता वाले पेट्रोल वाहनों और 1,500 सीसी से बड़े डीजल वाहनों पर अब 40 प्रतिशत की दर से कर लगेगा।  कंडीशनर, डिशवॉशर और टीवी समेत इन इलेक्ट्रॉनिक चीजें भी होंगी सस्ती  सीतारमण ने कहा कि 350 सीसी तक की मोटरसाइकिलें और एयर कंडीशनर, डिशवॉशर एवं टीवी जैसे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर भी कर घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि, 350 सीसी से अधिक क्षमता वाली मोटरसाइकिल, याट, निजी उपयोग वाले विमान और रेसिंग कारों पर 40 प्रतिशत की विशेष दर से जीएसटी लगेगा। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी दर पहले की तरह पांच प्रतिशत ही बनी रहेगी।  राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने … Read more

अब कम दाम में AC और TV! GST कटौती से जानें कितने हजार रुपये होंगे बचत

नई दिल्ली दीवाली, नवरात्र या कहें कि फेस्टिव सीजन से पहले केंद्र सरकार की तरफ से एक बड़ा तोहफा दिया जा रहा है. आने वाले दिनों में अगर आप कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक्स से जुड़ा कोई सामान खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो आपको बड़ी सेविंग होगी. ये सेविंग न्यू GST रेट्स के लागू होने के बाद होगी.  बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित GST Council की 56वीं बैठक हुई. इस मीटिंग के दौरान बड़े फैसले लिए और GST Tax Slab में बदलाव किए गए. इसके बाद स्मार्ट टीवी, एयर कंडीशनर (AC), इलेक्ट्रोनिक डिशवॉशर पर लगने वाले GST Tax Slab में बदलाव कर दिया है, जो 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे. अभी तक इन पर 28% टैक्स लगता था अब 18% का टैक्स लगेगा.   Air Conditioners और TV आने वाले दिनो में सस्ते होंगे नए बदलाव के तहत Air Conditioners पर अब 18 परसेंट का GST लगेगा, जो अब तक 28 परसेंट था. टेलीविजन को अब 18% GST Tax में कर दिया है, ये अभी तक 28 परसेंट के स्लैब में थीं.  TV पर होगी इतने हजार रुपये की सेविंग  मान लीजिए TV का बेस प्राइस = 10,000 रुपये पुरानी कीमत (28% GST) = 10,000 × 1.28 = 12,800 रुपये नई कीमत (18% GST) = 10,000 × 1.18 = 11,800 रुपये  इतने रुपये की होगी बचत  = 1,000 रुपये   32 इंच से बड़े एलईडी और एलसीडी टीवी पर अब जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है. जीएसटी की दरों में 10 फीसदी की कटौती से 35000 रुपये में अभी 35900 रुपये में आना वाला टीवी करीब तीन हजार रुपये सस्‍ता हो जाएगा. जीएसटी के नए रेट 22 सितंबर से लागू होंगे. यानी इस बार की त्‍योहारी शॉपिंग आपकी सस्‍ती होने वाली है. टीवी कैसे सस्‍ता होगा, आइये जानते हैं. अभी फ्लिपकार्ट पर एक 40 इंच का स्‍मार्ट एंड्रॉयड टीवी 35990 रुपये में मिल रहा है. अभी क्‍योंकि 32 इंच से बड़े टीवी पर जीएसटी 28 फीसदी है, तो यह रेट इतना है. टीवी का बेस प्राइस जीएसटी हटाने के बाद ₹28,117.19 होता है. इस बेस प्राइस पर 28 फीसदी जीएसटी ₹7,872.81 रुपये बनती है और इस तरह टीवी का रेट 35990 रुपये हो जाता है. अब जीएसटी दर 18 फीसदी होने से टीवी के बेस प्राइस ₹28,117.19 पर जीएसटी के रूप में आपको 5,061.06 रुपये कर के रूप में देने होंगे और टीवी की कुल कीमत 33,178 रुपये हो जाएगी. इस तरह आपको सीधे-सीधे 2812 रुपये की बचत होगी. 41,990 वाले एसी पर बचेंगे 3,281 रुपये अमेजन पर फिलहाल वोल्‍टास 1.5 टन 5 स्‍टार, इनवर्टर स्प्लिट एसी 41990 रुपये में मिल रहा है. क्‍योंकि अभी इस पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है तो इसका बेस प्राइस ₹32,805 रुपये है. 28 फीसदी के हिसाब से 9,185 रुपये जीएसटी के रूप में लगते हैं. इसी बेस प्राइस पर 18 फीसदी जीएसटी लगने से इस एसी कीमत घटकर 38,709 रुपये हो जाएगी. यानी यही एसी आपको 3,281 रुपये की बचत हो जाएगी. टीवी भी हो जाएगा सस्‍ता अभी फ्लिपकार्ट पर एक 40 इंच का स्‍मार्ट एंड्रॉयड टीवी 35990 रुपये में मिल रहा है. अभी क्‍योंकि 32 इंच से बड़े टीवी पर जीएसटी 28 फीसदी है, तो यह रेट इतना है. टीवी का बेस प्राइस जीएसटी हटाने के बाद ₹28,117.19 होता है. इस बेस प्राइस पर 28 फीसदी जीएसटी ₹7,872.81 रुपये बनती है और इस तरह टीवी का रेट 35990 रुपये हो जाता है. अब जीएसटी दर 18 फीसदी होने से टीवी के बेस प्राइस ₹28,117.19 पर जीएसटी के रूप में आपको 5,061.06 रुपये कर के रूप में देने होंगे और टीवी की कुल कीमत 33,178 रुपये हो जाएगी. इस तरह आपको सीधे-सीधे 2812 रुपये की बचत होगी. कितने सस्ते होंगे स्मार्ट टीवी? फिलहाल 43 इंच से बड़े स्मार्ट टीवी पर अभी 28% टैक्स देना पड़ता है लेकिन अगर यह दर भी 18% हो गई तो इनके दामों में भी एसी की तरह ही गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसा भी अनुमान लगाया जा रहा है कि इससे टीवी का प्राइस लगभग 2,000 से लेकर 3,000 रुपये तक कम हो सकता है। हालांकि, कीमत में असली कटौती हर प्रोडक्ट के बेस प्राइस पर डिपेंड करेगी। कितने सस्ते होंगे फ्रिज और वॉशिंग मशीन? वहीं, इस वक्त रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन 18% जीएसटी स्लैब के दायरे में आते हैं। यानी अगर इन्हें भी 5% स्लैब में शामिल कर दिया जाता है तो ग्राहकों को इनकी कीमतों में भी अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि इन प्रोडक्ट्स की कीमत तभी कम होगी जब टैक्स रेट घटाया जाएगा। हेयर ऑयल, साबुन, साइकिल भी हुई सस्‍ती हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप, साबुन की टिकिया, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामान पर भी जीएसटी घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है. दूध, ब्रेड, छेना और पनीर पर जीएसटी 5 फीसदी से घटाकर 0 कर दिया गया है. सभी भारतीय रोटियों पर जीएसटी 0 होगा यानी रोटी हो या पराठा या जो भी हो, उन सभी पर जीएसटी 0 होगा. खाद्य पदार्थ नमकीन, बुज्जिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी, ये सभी 5 चीजें जीएसटी के दायरे में हैं. 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी जीएसटी में एयर कंडीशनिंग मशीनें, डिशवॉशिंग मशीनें, छोटी कारें, मोटरसाइकिलें शामिल हैं.   नए GST Tax के बाद AC पर कितनी होगी बचत?  Air Conditioners पर लगने वाले GST टैक्स की कीमतों की बात करें तो 28 परसेंट की जगह पर 18 परसेंट होने के बाद कई हजार रुपये की सेविंग होगी. इसको हमने नीचे उदाहरण से समझाया है.   मान लीजिए AC की बेस प्राइस = 30,000 रुपये पुरानी कीमत (28% GST) = 30,000 × 1.28 = 38,400 रुपये नई कीमत (18% GST) = 30,000 × 1.18 = 35,400 रुपये  इतने रुपये की होगी बचत  = 3,000 रुपये  1 Ton से 2 Ton AC तक इतने हजार की होगी बचत (अनुमानित कीमत) AC कैटेगरी     अनुमानित बेस प्राइस (Rs) पुराना GST (28%)  न्यू GST Tax (18%) कस्टमर की बचत (Rs) 1 Ton AC 30,000 38,400 35,400 3,000 1.5 Ton AC 40,000 51,200 47,200 4,000 2 Ton AC 50,000 64,000 59,000 5,000 डिशवॉशिंग मशीन भी होंगी सस्ती  डिशवॉशिंग मशीन का इस्तेमाल गंदे बर्तन … Read more

GST कटौती का बाजार पर असर, सेंसेक्स में 600 अंकों की तेजी, निवेशकों की बल्ले-बल्ले

मुंबई  जीएसटी काउंसिल की बुधवार को हुई बैठक में स्लैब चेंज से लेकर जीएसटी रेट कट के तमाम प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगी है और इन बदलाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है. पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच गुरुवार को सेंसेक्स-निफ्टी की तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स ने 81000 के पार ओपनिंग की, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की निफ्टी 150 अंक की उछाल के साथ खुला. इस बीच शुरुआती कारोबार में एफएमसीजी कंपनियों से लेकर ऑटो शेयर ताबड़तोड़ भागते हुए नजर आए.  सेंसेक्स-निफ्टी ने खुलते ही लगाई दौड़ जीएसटी चेंज के बाद गुरुवार को जब शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत हुई, तो खुलने के साथ ही दोनों इंडेक्स ने दौड़ लगा दी. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,567.71 की तुलना में तूफानी तेजी पकड़ते हुए 81,456.67 पर खुला. वहीं दूसरी ओर एनएसई निफ्टी ने भी जोरदार शुरुआत की और अपने पिछले बंद 24,715.05 की तुलना में बढ़त लेकर 24,980.75 पर कारोबार शुरू किया.  ग्लोबल बाजारों के पॉजिटिव संकेतों के कारण और जीसीएटी कटौती के बाद आज 4 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. निफ्टी 24,900 के आसपास खुला है और सेंसेक्स 585.37 अंक यानी 0.73% बढ़कर 81,153.08 पर ट्रेड कर रहा है. बाजार खुलते ही करीब 1926 शेयरों में तेजी देखने को मिली, वहीं, 439 शेयरों में गिरावट रही. निफ्टी में बजाज फाइनेंस, एचयूएल, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व, और ट्रेंट टॉप गेनर्स रहे, जबकि एनटीपीसी, हिंदाल्को इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, और ओएनजीसी में गिरावट देखी गई. इन सेक्टर्स में खरीदारी निफ्टी ऑटो में भारी खरीदारी देखने को मिल रही है. आज 9 बजकर 42 मिनट पर निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.39% तक उछल गया है. इसके अलावा फाइनेंशियल सर्विसेस, मीडिया, बैंकिंग सेक्टर्स में भी तेजी देखी जा रही है. वहीं, निफ्टी आईटी और मेटल में बिकवाली जारी है. ऑटो शेयरों में उछाल देखा गया क्योंकि छोटी कारों (4 मीटर से कम लंबाई और 1200 सीसी से कम पेट्रोल इंजन या 1500 सीसी से कम डीजल इंजन) पर 22 सितंबर से 18% जीएसटी लगेगा, जो अभी 29-31% है. इसके अलावा, 350 सीसी से कम इंजन वाली मोटरसाइकिलों पर भी जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है. सबसे तेज भागे ये 10 शेयर  मार्केट में तेजी के बीच सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कंपनियों में शामिल महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 7.10%, बजाज फाइनेंस शेयर 5%, बजाज फिनसर्व शेयर 3.20%, आईटीसी शेयर, 2.30% और एचयूएल शेयर 2.20% की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में शामिल एस्कोर्ट शेयर 8.87%, फर्स्टक्राई शेयर 5.46%, पॉलिसी बाजार शेयर 4.66%, जुबली फूड्स शेयर 3.14% की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था. स्मॉलकैप कंपनियों में अतुल ऑटो शेयर 10.05% और कैंपस शेयर में 6.77% की तेजी देखने को मिली.  इन शेयरों ने भी खुलते ही मचाया गदर बाजार की ओपनिंग के साथ ही रफ्तार पकड़ने वाले अन्य शेयरों की बात करें, तो कैंटाबिल (5.35%), नीबाबूपा शेयर (4.21%), जिलेट (4.08%), ईमामी लिमिटेड (3.57%), रेलेक्सो (3.19%), व्हर्लपूल (3.14%),  स्टारहेल्थ (2.26%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा टाटा मोटर्स, आईसीआईसीआई बैंक, अडानी पोर्ट्स, मारुति, टाइटन, एशियन पेंट्स के शेयर भी जोरदार बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे. गौरतलब है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में जो बदलाव किए गए हैं, उनके चलते 22 सितंबर 2025 से घरों में रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले एफएमसीजी प्रोडक्ट्स, फूड प्रोडक्ट्स से लेकर कार-बाइक्स और इंश्योरेंस प्रीमियम सस्ते हो जाएंगे. ऐसे में बाजार खुलने पर इन सेक्टर्स से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में ताबड़तोड़ तेजी देखने को मिली है.  पहले से मिल रहे थे तेजी के संकेत शेयर बाजार में तेजी के संकेत पहले से ही मिल रहे हैं. गिफ्ट निफ्टी ओपनिंग के साथ ही तेजी के साथ कारोबार कर रहा था और भारतीय बाजार खुलने से पहले ये 120 अंकों की तेजी लिए हुए थे. इसके साथ ही प्री-मार्केट में भी सेंसेक्स गदर मचाता हुआ नजर आ रहा था. इससे पहले जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर संबोधित करते हुए जब जीएसटी सुधार के प्रस्ताव का ऐलान किया था, तो उसके बाद भी बाजार ने लंबी छलांग लगाई थी.