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चांदी में 12 हजार रुपये की गिरावट, सोने की कीमत में भी आई कमी, जानें गोल्ड और सिल्वर के नए रेट

इंदौर  गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को चांदी के भाव में भारी गिरावट आई है. आज सोने के दाम भी कम हुए हैं. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, बुधवार, 7 जनवरी 2026 को 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,25,194 प्रति 10 ग्राम था, जो आज गुरुवार, 8 जनवरी को ₹1,24,066 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है. आज चांदी (999, प्रति 1 किलो) की कीमत में 12 हजार से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है. जानें सोना-चांदी के लेटेस्ट भाव                                   शुद्धता               बुधवार शाम का रेट               गुरुवार सुबह का रेट     कितना सस्ता? सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)     136675                                  135443                ₹1232 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)     136128                                  134901                ₹1227 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)     125194                                  124066                ₹1128 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)     102506                                  101582                 ₹924 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)     79955                                    79234                   ₹721 सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो)     999                    248000                                   235775                 ₹12225 सस्ती बुधवार को सोने का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹136615 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹136675 प्रति 10 ग्राम बुधवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹246044 प्रति किलो शाम का रेट: ₹248000 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इनकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी के रेट टैक्स समेत होने की वजह से अधिक होते हैं. बता दें IBJA की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.

2026 में लॉन्च हो सकता है फोल्डेबल iPhone, डिजाइन लीक होने पर Apple ने किया मुकदमा

 नई दिल्ली ऐपल उन गिनी चुनी कंपनियों में से है जो अपने आने वाले प्रोडक्ट्स को सालों तक पूरी तरह छुपाकर रखती है. इसलिए आपने दूसरी कंपनियों की तरह ऐपल के किसी प्रोडक्ट का टीजर कभी नहीं देखा होगा. हालांकि सालों से ऐपल के आईफोन लॉन्च से पहले लीक हो जाते हैं.  टेक इंडस्ट्री में एक सच्चाई यह भी है कि ऐपल से जुड़ी सबसे बड़ी कहानियां अक्सर लॉन्च से पहले ही बाहर आ जाती हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है. फर्क बस इतना है कि इस बार लीक किसी अफवाह या सप्लाई चेन रिपोर्ट से नहीं, बल्कि उस शख्स से आया है जिसके खिलाफ ऐपल पहले ही कानूनी कार्रवाई कर चुका है. हाल के दिनों में ऐपल के Foldable iPhone को लेकर चर्चाएं फिर तेज़ हो गई हैं. यह वही प्रोडक्ट है जिसे लेकर सालों से कहा जाता रहा है कि ऐपल इस सेगमेंट में तब तक एंट्री नहीं करेगा जब तक टेक्नोलॉजी पूरी तरह तैयार न हो जाए. अब जो जानकारी सामने आई है, वह इसी सोच को मजबूत भी करती है और नए सवाल भी खड़े करती है. जॉन प्रॉसर नाम के यूट्यूबर ने एक बार फिर से Foldable iPhone का डिजाइन लीक किया है. लीक के मुताबिक ऐपल का फोल्डेबल आईफोन बुक स्टाइल डिजाइन में हो सकता है. यानी फोन बंद रहने पर यह एक नॉर्मल बार स्मार्टफोन जैसा दिखेगा और खोलने पर टैबलेट साइज स्क्रीन में बदल जाएगा. बताया जा रहा है कि बाहर की स्क्रीन कॉम्पैक्ट होगी ताकि रोज़मर्रा के इस्तेमाल में फोन भारी न लगे, जबकि अंदर की स्क्रीन बड़ी होगी जो वीडियो, पढ़ने और मल्टीटास्किंग के लिए बनाई गई है. रिपोर्ट के मुताबिक फोल्डेबल आईफोन में क्रीज ना के बराबर होगा. फोल्डेबल फोन की सबसे बड़ी कमजोरी यही रही है कि स्क्रीन के बीच एक लाइन साफ दिखती है. इंडस्ट्री में लंबे समय से चर्चा है कि ऐपल बिना क्रीज़ या बहुत कम क्रीज़ वाली डिस्प्ले टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है, और इसी वजह से वह अब तक फोल्डेबल फोन लॉन्च करने से बचता रहा. इस पूरे मामले को और दिलचस्प बनाता है कानूनी बैकग्राउंड. जिस व्यक्ति ने यह जानकारी शेयर की है, उसके खिलाफ ऐपल पहले ही ट्रेड सीक्रेट चोरी करने का आरोप लगा चुका है. कंपनी का दावा है कि उसके इंटरनल सॉफ्टवेयर और डिजाइन से जुड़ी जानकारी गैरकानूनी तरीके से बाहर लाई गई. इसके बावजूद नई जानकारी सामने आना यह दिखाता है कि ऐपल के लिए अपने सीक्रेट्स को पूरी तरह कंट्रोल में रखना अब पहले जितना आसान नहीं रहा. टेक इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि फोल्डेबल आईफोन की टाइमिंग भी बेहद अहम होगी. अभी तक फोल्डेबल मार्केट में सैमसंग और कुछ हद तक गूगल जैसे ब्रांड्स मौजूद हैं, लेकिन यह सेगमेंट अभी भी नीश कैटेगरी में ही गिना जाता है. ऐपल की एंट्री इस कैटेगरी को मेनस्ट्रीम बना सकती है, ठीक वैसे ही जैसे उसने पहले स्मार्टफोन और स्मार्टवॉच के साथ किया था. यह भी मुमकिन है कि ऐपल फोल्डेबल आईफोन को एक अलग पहचान के साथ पेश करे. चर्चा है कि कंपनी इसे प्रो या अल्ट्रा कैटेगरी में रख सकती है ताकि यह एक प्रीमियम और लिमिटेड ऑडियंस के लिए बना प्रोडक्ट लगे. इससे ऐपल को टेक्नोलॉजी को धीरे धीरे स्केल करने का वक्त भी मिल जाएगा. फिलहाल ऐपल की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. कंपनी हमेशा से लीक और रूमर्स पर प्रतिक्रिया नहीं देती. लेकिन इतना साफ है कि फोल्डेबल आईफोन अब सिर्फ एक दूर की संभावना नहीं रह गया है. इस साल सितंबर में ऐपल iPhone 18 सीरीज के साथ ही फोल्डेबल लॉन्च कर सकता है. 

वेदांता चेयरमैन के बेटे का निधन, 49 साल की उम्र में अग्निवेश की हो गई मौत, अनिल अग्रवाल का भावुक संदेश

नई दिल्ली ग्रुप के चेयरमैन और उद्योगपति अनिल अग्रवाल के बड़े बेटे अग्निवेश अग्रवाल का बुधवार को न्यूयॉर्क में निधन( Vedanta Chairman Anil Agarwal's Son Agnivesh Agarwal Passes Away) हो गया। वे 49 वर्ष के थे। इस दुखद खबर की जानकारी स्वयं अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की और इसे अपने जीवन का 'सबसे काला दिन' बताया। अनिल अग्रवाल के अनुसार, अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और उनकी हालत में सुधार हो रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि वे जल्द स्वस्थ हो जाएंगे, लेकिन अचानक आए कार्डियक अरेस्ट ने उनकी जान ले ली। अपने भावुक संदेश में अनिल अग्रवाल ने लिखा कि अग्निवेश स्वस्थ थे, जीवन और सपनों से भरपूर थे और इतनी जल्दी चले जाना परिवार के लिए असहनीय है। उन्होंने कहा कि परिवार को लग रहा था कि सबसे कठिन समय बीत चुका है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अग्निवेश अग्रवाल का ऐसा रहा करियर  Anil Agarwal के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन हो गया है. उनका जन्म 3 जून, 1976 को बिहार के पटना में हुआ था. उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की थी और उसके बाद Vedanta Group में एंट्री लेकर इसकी कई कंपनियों में बड़ी भूमिका निभाई थी. जहां अग्निवेश अग्रवाल ने हिंदुस्तान जिंक के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम किया था, तो 2019 में अपना पद छोड़ने के बाद वे वेदांता से जुड़ी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हुए थे और कंपनी को आगे बढ़ाने में अहम रोल निभाया था.  Agnivesh Agarwal ने ट्विन स्टार इंटरनेशनल लिमिटेड, स्टेरलाइट डिस्प्ले टेक समेत ग्रुप की अन्य सब्सिडियरीज में डायरेक्टर के पद संभाले थे. वहीं उन्होंने एक कंपनी Fujeirah Gold FZC की स्थापना भी की थी, जो UAE बेस्ड मेटल रिफाइनिंग कंपनी है. उनके निधन के बाद पिता अनिल अग्रवाल ने भी एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट (Anil Agarwal Post) में इसका जिक्र करते हुए कहा कि,'अग्निवेश बहुत कुछ थे, उन्होंने सबसे अच्छी कंपनियों में से एक फुजैरा गोल्ड शुरू की, हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन बने, और अपने साथ काम करने वालों और दोस्तों का सम्मान पाया.' वेदांता चेयरमैन ने लिखा कि मेरे लिए, वह सिर्फ मेरा बेटा नहीं था, वह मेरा दोस्त था, मेरा गर्व, मेरी दुनिया था. पत्नी का बंगाल की सबसे अमीर फैमिली से ताल्लुक  अग्निवेश अग्रवाल की शादी पूजा बांगुर साथ हुई थी, जो पश्चिम बंगाल के सबसे अमीर कारोबारी घराने से ताल्लुक रखती हैं. वह श्री सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर हरि मोहन बांगुर की बेटी हैं. उनके दादा बेनु गोपाल बांगुर (Benu Gopal Bangur) देश के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं. उनकी नेटवर्थ की बात करें तो ये 6.7 अरब डॉलर (55000 करोड़ रुपये से ज्यादा) है. वे 1992 से 2002 तक Shree Cement के चेयरमैन रहे थे. पिता देश के सबसे अमीरों में शामिल बात करें, अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल के दिवंगत बेटे अग्निवेश अग्रवाल की नेटवर्थ (Agnivesh Agarwal Networth) के बारे में, तो इसका कोई सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, वहीं पिता Anil Agarwal Networth देखें, तो ये 3.3 अरब डॉलर है. उनकी कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.36 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है.  अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। वे एक सफल उद्योगपति थे और फुजैराह गोल्ड कंपनी की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके साथ ही वे हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रहे। अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे को एक उत्कृष्ट खिलाड़ी, संगीतकार और प्रभावी नेतृत्वकर्ता बताया, जो अपनी सादगी, गर्मजोशी और दयालु स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कहा कि अग्निवेश आत्मनिर्भर भारत की सोच में गहरा विश्वास रखते थे और देश की क्षमताओं पर पूरा भरोसा करते थे। अपने पोस्ट में अनिल अग्रवाल ने समाज सेवा के उन सपनों का भी उल्लेख किया, जो उन्होंने अपने बेटे के साथ मिलकर देखे थे। इनमें बच्चों की भूख मिटाना, शिक्षा को बढ़ावा देना और महिलाओं का सशक्तिकरण शामिल था। उन्होंने दोहराया कि वे अपनी आय का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाज को लौटाने के संकल्प पर पहले की तरह दृढ़ रहेंगे और और भी सादा जीवन अपनाएंगे।

चांदी हुई 8000 रुपये सस्ती, देखें आज के ताजे भाव और एक दिन पहले का रिकॉर्ड

नई दिल्‍ली.  चांदी की कीमत तो जैसे रोलर कोस्‍टर पर सवार है. एक दिन पहले तक रिकॉर्ड कीमत पर पहुंच चुकी चांदी ने बुधवार के कारोबार में बड़ी गिरावट दिखाई. मल्‍टीकमोडिट एक्‍सचेंज पर आज चांदी का वायदा भाव करीब 8 हजार रुपये टूट गया. एक दिन पहले ही चांदी की कीमत 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास दिख रही थी, जो आज बड़ी गिरावट के साथ 2.52 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई. चांदी में यह गिरावट ग्‍लोबल मार्केट में बढ़ रहे दबाव की वजह से दिखी है. मल्‍टी कमोडिटी एक्‍सचेंज (MCX) पर 7 जनवरी की सुबह चांदी का वायदा भाव करीब 3 फीसदी टूट गया और 2,51,729 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर आ गया. इससे एक दिन पहले यानी 6 जनवरी को चांदी का भाव एमसीएक्‍स पर 2,59,692 रुपये के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया था. आज के कारोबार में मई का वायदा भाव 2.5 फीसदी गिरा, फिर भी यह 2,58,566 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर दिखा. इसी तरह, जुलाई का वायदा भाव 2 फीसदी की गिरावट के साथ 2,65,028 रुपये प्रति किलोग्राम पर दिखा था. ग्‍लोबल मार्केट में भी टूटी चांदी ऐसा नहीं है कि आज सिर्फ एमसीएक्‍स पर ही चांदी का वायदा भाव टूटा है, ग्‍लोबल मार्केट में भी चांदी का हाजिर भाव 3.5 फीसदी की गिरावट के साथ 78.43 डॉलर प्रति औंस के भाव रहा. 29 दिसंबर को ग्‍लोबल मार्केट में चांदी का हाजिर भाव 83.62 डॉलर प्रति औंस के साथ अपने रिकॉर्ड लेवल पर था. चांदी में तेज गिरावट का कारण मुनाफा वसूली है, क्‍योंकि अमेरिका के जॉब डाटा जल्‍द ही आने वाले हैं और निवेशकों के मन में चांदी को लेकर संभावनाएं निगेटिव हो रही हैं. सिल्‍वर ईटीएफ के भी टूटे भाव चांदी की वायदा और हाजिर कीमतों में गिरावट की वजह से आज सिल्‍वर एक्‍सचेंज ट्रेडेड फंड में भी गिरावट दिख रही है. आज के कारोबार में 360 ONE Silver ETF 2 फीसदी गिरा, जबकि Axis Silver ETF, Tata Silver ETF, SBI Silver ETF और HDFC Silver ETF में मामूली उछाल दिख रहा है. इसके अलावा Nippon India Silver ETF, UTI Silver ETF, ICICI Prudential Silver ETF, Motilal Oswal Silver ETF, Zerodha Silver ETF में भी 0.5 फीसदी तक का उछाल दिख रहा है. निवेशकों के लिए क्‍या सुझाव वीएसआरके कैपिटल के कमोडिटी एक्‍सपर्ट संजय अग्रवाल का कहना है कि चांदी में अभी काफी उतार-चढ़ाव दिख रहा है. निवेशकों को इस पर ज्‍यादा भरोसा तब दिखाना चाहिए, जब इसकी कीमतें स्थिर हों. INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी का कहना है कि साल 2026 में चांदी का कारोबार बढ़ता दिख रहा है, क्‍योंकि इंडस्‍ट्री में इसकी डिमांड बढ़ती जाएगी. इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और सोलर सेक्‍टर में चांदी की बढ़ती मांग की वजह से मार्केट में भी इसकी कीमतों में उछाल दिखेगा. अगर चांदी पर दांव लगाना है तो आने वाले साल में यह तेज रिटर्न दिला सकता है, लेकिन लंबी अवधि में इसकी कीमतों में गिरावट से भी इनकार नहीं किया जा सकता है.

Simple One Gen 2 लॉन्च, 400KM रेंज और लाइफटाइम वारंटी के साथ मिले एडवांस फीचर्स

 नई दिल्ली Simple One Gen 2 Electric Scooter: देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी सिंपल एनर्जी ने आज अपने व्हीकल पोर्टफोलियो को बड़ा अपडेट दिया है. नए साल के शुरुआत के साथ कंपनी ने अपने पॉपुलर इलेक्ट्रिक स्कूटर Simple One का Gen 2 वर्जन लॉन्च किया है. यह नया मॉडल Gen 1.5 पर बेस्ड एक ज्यादा बेहतर और परफॉर्मेंस फोकस्ड स्कूटर है. इसके अलावा कंपनी ने नया फ्लैगशिप मॉडल सिंपल अल्ट्रा को भी पेश किया है.  कंपनी ने Simple One Gen 2 के डिजाइन, राइड क्वालिटी, बैटरी, परफॉर्मेंस और सॉफ्टवेयर में कई जरूरी सुधार किए हैं, ताकि यूजर्स को ज्यादा भरोसेमंद और एडवांस अनुभव मिल सके. इस नए इलेक्ट्रिक स्कूटर की शुरुआती कीमत 1.40 लाख रुपये में पेश किया है. जो इंट्रोडक्ट्री प्राइस है, ऑफर खत्म होने के बाद इसकी कीमत 1.50 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) हो जाएगी. डिजाइन और हार्डवेयर में सुधार सिंपल एनर्जी का कहना है कि, Simple One Gen 2 का डिजाइन पहले से ज्यादा स्लीक और स्ट्रीमलाइन किया गया है. स्ट्रक्चरल जॉइंट्स को मजबूत बनाया गया है, जिससे स्कूटर की राइड ज्यादा शार्प और कंट्रोल्ड हो जाती है. बैटरी के चारों तरफ क्रैश जोन को मजबूत किया गया है, जिससे सेफ्टी बढ़ती है. नए टायर कंपाउंड से हाई स्पीड पर स्टेबिलिटी बेहतर होती है. सस्पेंशन को दोबारा ट्यून किया गया है और सीट की ऊंचाई 16 मिमी तक कम की गई है. सीट फोम अब ज्यादा स्पोर्टी और सख्त है, जिससे लंबी राइड में बेहतर सपोर्ट मिलता है. नई बैटरी और दमदार परफॉर्मेंस Simple One Gen 2 का टॉप वेरिएंट नई 5kWh बैटरी के साथ आता है, जो पहले से हल्की, ज्यादा एनर्जी डेंस और ज्यादा एफिशिएंट है. बैटरी का वजन 34 किग्रा से घटकर 30 किग्रा हो गया है. इसमें लगा इलेक्ट्रिक मोटर 8.8kW की पीक पावर और 72Nm का पीक टॉर्क देता है. कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर सिंगल चार्ज में 265 किमी की IDC रेंज देता है.  इसके अलावा 4.5kWh बैटरी वाला वर्जन भी मिलेगा, जो सिंगल चार्ज में 236 किमी की रेंज देगा. दोनों वेरिएंट 0 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार सिर्फ 2.55 सेकंड में पकड़ लेते हैं और इस स्कूटर की टॉप स्पीड अब 115 किमी प्रतिघंटा हो गई है. Simple OneS का बेस वर्जन Simple OneS वेरिएंट में 3.7kWh की छोटी बैटरी दी गई है, जो 190 किमी की IDC रेंज देती है. इसमें कम पावरफुल मोटर है, जो 6.4kW की पावर और 52Nm का टॉर्क जनरेट करता है. यह वर्जन उन ग्राहकों के लिए है, जो रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर चाहते हैं.  स्कूटर के वेरिएंट और कीमत वेरिएंट     कीमत (एक्स-शोरूम) Simple OneS     1.40 लाख रुपये Simple One 4.5kWh     1.70 लाख रुपये Simple One 5kWh     1.78 लाख रुपये   Simple One Ultra में क्या है ख़ास कंपनी ने Simple One Ultra वेरिएंट भी शोकेस किया है. इसमें 6.5kWh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो सिंगल चार्ज में 400 किमी की IDC रेंज देने का दावा करती है. यह वेरिएंट महज 2.77 सेकंड में 0 से 40 किमी प्रतिघंटा की स्पीड पकड़ता है. फिलहाल इसकी कीमत का ऐलान नहीं किया गया है. आने वाले समय में इसकी कीमत से पर्दा उठेगा. SimpleOS और नए स्मार्ट फीचर्स Gen 2 के साथ SimpleOS में कई नए सॉफ्टवेयर अपडेट दिए गए हैं. इसमें दो नए राइडिंग मोड जोड़े गए हैं, EcoX और SonicX. ये दोनों राइडिंग मोड्स स्कूटर की राइड को और भी बेहतर बनाने में मदद करेंगे. EcoX राइडर के थ्रॉटल इनपुट, स्पीड पैटर्न और आसपास के माहौल को समझकर रेंज बढ़ाने पर फोकस करता है. वहीं SonicX मोड स्कूटर की पूरी 115 किमी प्रतिघंटा के टॉप स्पीड को अनलॉक करता है.  स्कूटर में चार ट्रैक्शन मोड और 4 लेवल की रीजनरेटिव ब्रेकिंग दी गई है. इसके अलावा 2 लेवल का क्रूज कंट्रोल, हिल होल्ड असिस्ट, व्हीकल फॉल कटऑफ और हार्ड ब्रेकिंग पर एक्टिव होने वाली इमरजेंसी ब्रेक लाइट्स भी मिलती हैं. 5kWh बैटरी वाले वेरिएंट में 7 इंच की टचस्क्रीन TFT डिस्प्ले दी गई है. वहीं Simple OneS में 7 इंच की नॉन टच TFT स्क्रीन मिलती है. डिस्प्ले में डार्क मोड और लाइट मोड दोनों ऑप्शन दिए गए हैं. सभी वेरिएंट में 35 लीटर का बूट स्पेस, फ्रंट ग्लव बॉक्स और USB चार्जिंग पोर्ट मौजूद है. लाइफटाइम वारंटी यह स्कूटर सोनिक रेड, एरो एक्स और एस्फाल्ट एक्स सहित कुल 3 रंगों में बिक्री के लिए उपलब्ध होगी. खास बात यह है कि कंपनी सभी Gen 2 स्कूटर के साथ लाइफटाइम वारंटी भी दे रही है, जिससे इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी लाइफ को लेकर ग्राहकों की एक बड़ी चिंता दूर होगी.

Mahindra XUV 7XO लॉन्च, 13.66 लाख रुपये की शुरुआती कीमत, जानें इसके शानदार फीचर्स

मुंबई  स्वदेशी एसयूवी निर्माता कंपनी Mahindra & Mahindra ने भारतीय बाजार में अपनी नई Mahindra XUV 7XO को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस एसयूवी को 13.66 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर उतारा है, जो पुरानी Mahindra XUV 700 की शुरुआती कीमत के बराबर ही है. बता दें कि यह भारतीय बाजार में लोकप्रिय Mahindra XUV 700 का फेसलिफ्ट वर्जन है, और इसके नेमप्लेट को बदलकर Mahindra XUV 7XO कर दिया गया है और साथ ही इसमें कुछ खास स्टाइलिंग अपडेट भी किए गए हैं, जो इसे थोड़ा और मस्कुलर लुक देते हैं. इसके अलावा, अब इसके केबिन में Mahindra की नई बोर्न इलेक्ट्रिक SUVs से ली गई नई टेक्नोलॉजी दी गई है. नई Mahindra XUV 7XO का डिजाइन इसके डिजाइन की बात करें तो, इसका फ्रंट अब पहले से ज़्यादा स्क्वेयर दिखता है. इसके अलावा इसकी ग्रिल को एक नया लुक दिया गया है और इसके दोनों तरफ़ नए, ज़्यादा एंगुलर डुअल-बैरल LED प्रोजेक्टर हेडलाइट्स लगाई गई हैं, साथ ही नए LED डे-टाइम रनिंग लैंप भी दिए गए हैं. कंपनी ने इसके बम्पर को भी रीडिज़ाइन किया गया है और इसमें सेंट्रल एयर इनटेक के दोनों तरफ़ खास ट्विन LED फॉग लैंप लगाए गए हैं. वहीं साइड प्रोफाइल पर नजर डालें तो, यहां पर सबसे बड़ा बदलाव नए डिजाइन का अलॉय व्हील है, जबकि पीछे की तरफ़ आपको नए टेल लैंप और एक रीडिज़ाइन किया गया रियर बम्पर मिलता है. नई Mahindra XUV 7XO का इंटीरियर केबिन अंदर नजर डालें तो, सबसे बड़ा बदलाव यह है कि यहां नए लुक वाला डैशबोर्ड लेआउट देखने को मिलता है. इसके टॉप वेरिएंट का डैशबोर्ड Mahindra XEV 9E और 9S के जैसा दिखाई देता है, क्योंकि इसमें वाइड-स्क्रीन ट्राई-डिस्प्ले सेटअप दिया गया है. ये डिस्प्ले लेटेस्ट AdrenoX Plus पर चलेंगे, जिसमें को-ड्राइवर डिस्प्ले कंटेंट स्ट्रीम कर सकता है. कार में आगे की सीटें पावर एडजस्टेबल हैं, और ड्राइवर की सीट में मेमोरी फंक्शन का फीचर भी दिया गया है. वहीं को-ड्राइवर सीट में एक पावर्ड बॉस मोड भी मिलता है, जो पीछे की सीट पर बैठे लोगों को सीट को पीछे खिसकाकर पैर फैलाने के लिए जगह बनाने की सुविधा देता है. वहीं रियर पैसेंजर की बात करें तो, पीछे की सीट पर बैठने वालों को सेंट्रल फ्लोर कंसोल के बेस पर एक वायरलेस चार्जिंग पैड, दरवाजों पर सन ब्लाइंड्स और तीसरी रो में आसानी से जाने के लिए को-ड्राइवर साइड सीट के लिए टम्बल फंक्शन मिलता है. इसके अलावा, वेरिएंट के आधार पर, खरीदार दूसरी रो में बेंच सीट या अलग-अलग कैप्टन चेयर में से विकल्प चुन सकते हैं. आपको बता दें कि कंपनी ने नई Mahindra XUV 7XO को कुल 6 ट्रिम लेवल में उतारा, जिनमें AX, AX3, AX5, AX7, AX7T और AX7 L शामिल हैं. नई Mahindra XUV 7XO के फीचर्स फीचर्स लिस्ट को देखें तो, नई 7XO में लेवल-2 ADAS टेक, ऑटो हेडलाइट्स और वाइपर्स, मल्टीज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल, पावर्ड फ्रंट सीट्स, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, पावर्ड बॉस मोड, डॉल्बी एटमॉस के साथ हरमन कार्डन साउंड सिस्टम, 540-डिग्री कैमरा, महिंद्रा के ब्रिंग योर ओन डिवाइस के ज़रिए मल्टी-डिवाइस स्ट्रीमिंग इंटीग्रेशन, बीच वाली रो में 65W टाइप C USB आउटलेट, एक पैनोरमिक सनरूफ और अन्य कई फीचर्स मिलते हैं. नई Mahindra XUV 7XO का पावरट्रेन मैकेनिकल तौर पर नई 7XO में कोई बदलाव नहीं किया गया है, और इसमें XUV700 वाले ही 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल और 2.2-लीटर डीजल इंजन विकल्प मिलते हैं. दोनों यूनिट मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स ऑप्शन के साथ आते हैं, और टॉप डीजल ट्रिम्स में ऑल-व्हील ड्राइव का ऑप्शन भी मिलता है. हालांकि Mahindra का कहना है कि कंपनी ने नई Mahindra XUV 7XO के सस्पेंशन सेटअप पर काम किया है, और इस SUV में नए 'डेविंची' डैम्पर लगाए गए हैं, जिनके बारे में कंपनी द्वारा दावा किया गया है कि वे राइड क्वालिटी को बेहतर बनाते हैं.

चांदी और सोने की कीमतों में उछाल, चांदी में 7 हजार से ज्यादा का इजाफा, जानें नए रेट

  नई दिल्ली 6 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. आज मंगलवार को सोने के दाम भी बढ़े हैं. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 5 जनवरी 2026 को 22 कैरेट सोने का रेट ₹124730 प्रति 10 ग्राम था, जो आज सुबह बढ़कर ₹125409 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है. आज चांदी (999, प्रति 1 किलो) के भाव में 7 हजार 700 से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है.   सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट                                      शुद्धता              सोमवार शाम का रेट                मंगलवार सुबह का रेट                             कितना महंगा? सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)            136168                                136909                                         ₹741 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)            135623                                 136361                                        ₹738 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)            124730                               125409                                          ₹679 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)            102126                               102682                                         ₹556 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)            79658                                  80092                                          ₹434 महंगा चांदी (प्रति 1 किलो)     999                           237063                                244788                                        ₹7725 महंगी सोमवार को सोने का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹135721 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹136168 प्रति 10 ग्राम मंगलवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹236775 प्रति किलो शाम का रेट: ₹237063 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में मान्य होते हैं, लेकिन इनमें जीएसटी शामिल नहीं होता है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी की कीमत टैक्स समेत होने के कारण अधिक होती है. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित भाव शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते हैं.

नए साल का पहला आईपीओ, ₹1071 करोड़ का इश्यू, निवेशकों के लिए बड़ी उम्मीदें

मुंबई  बीते साल 2025 में एक के बाद एक कई छोटी-बड़ी कंपनियों ने अपने आईपीओ पेश किए. इनमें से कुछ ने निवेशकों को ताबड़तोड़ कमाई कराई, तो कुछ ने निराश किया. अब नए साल 2026 का पहला आईपीओ (First IPO Of 2026) दस्तक देने वाला है. तो अगर आप IPO Investment का प्लान बना रहे हैं, फिर निवेश के लिए पैसे तैयार रखें. भारत कोकिंग कोल लिमिटेड अपना आईपीओ (Bharat Coking Coal IPO) इसी हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन ओपन करेगी.  9 जनवरी को खुलेगा पहला IPO नए साल में नए निवेश का प्लान करने वालों, खासतौर पर आईपीओ में पैसे लगाने का प्लान बना रहे निवेशकों को लिए अच्छी खबर है. साल का पहला भारत कोकिंग कोल का आईपीओ खुलने वाला है. इसकी सारी डिटेल भी सामने आ गई है. BCCL IPO 9 जनवरी को सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन होगा और निवेशक इसमें 13 जनवरी तक पैसे लगा सकेंगे. इसके बाद शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स BSE-NSE में इसके शेयरों की लिस्टिंग के लिए 16 जनवरी की संभावित तारीख तय की गई है.  1071 करोड़ साइज, प्राइस बैंड इतना इस साल के पहले आईपीओ के साइज की बात करें, तो भारत कोकिंग कोल का इश्यू मार्केट से 1,071 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में आ रहा है. BCCL IPO एक बुक-बिल्ट इश्यू है और पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है, जिसमें कोल इंडिया लिमिटेड 46.57 करोड़ तक इक्विटी शेयर बेचेगी. IDBI कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड और ICICI सिक्योरिटीज लिमिटेड इस इश्यू के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं. प्राइस बैंड की अगर बात करें, तो कंपनी ने ये 21 रुपये से 23 रुपये निर्धारित किया है.   ₹14000 से कम में बनें प्रॉफिट पार्टनर सबसे पहले जान लें कि Bharat Coking Coal भारत के कोयला और इस्पात उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. CRISIL के अनुसार, FY2025 में कंपनी ने देश के घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन का लगभग 58.5% हिस्सा हासिल किया, जिससे यह भारत में इस्पात निर्माण के इस प्रमुख कच्चे माल का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया. इस बड़ी कंपनी के मुनाफे में हिस्सेदार बनने का मौका इसके आईपीओ के जरिए मिल रहा है.  कंपनी की ओर से IPO Lot Size 600 शेयरों का तय किया है, इसका मतलब है कि किसी भी निवेशक को कम से कम इतने शेयरों के लिए बोली लगानी होगी. अब अपर प्राइस बैंड के हिसाब से देखें, तो इतने स्टॉक्स के लिए निवेशकों को महज 13800 रुपये का निवेश करना होगा. इसके बाद अगर आईपीओ निकलता है, तो फिर इसकी लिस्टिंग और उसके बाद होने वाली कमाई में निवेशकों की हिस्सेदारी पक्की हो जाएगी.     ग्रे-मार्केट में अभी से मचाने लगा धमाल साल 2026 का ये पहला आईपीओ अपनी ओपनिंग से पहले ही निवेशकों को तगड़ी कमाई का संकेत दे रहा है. जी हां, ग्रे-मार्केट में ये अभी से गदर मचा रहा है. कोल इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी BCCL के शेयर ग्रे-मार्केट में 16.5 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं, जो इसके प्राइस बैंड की तुलना में 70% के आसपास की बढ़त है. जीएमपी के मुताबिक, लिस्टिंग होती है तो फिर निवेशकों की रकम एक झटके में बढ़कर 23,700 रुपये हो जाएगी यानी एक लॉट पर सीधे 9,900 रुपये की कमाई होगी. 

वेनेजुएला से क्रूड ऑयल पर बैन हटने से तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा? कंपनियों को मिलेगा सस्ता तेल

नई दिल्‍ली. अमेरिकी द्वारा वेनेजुएला के राष्‍ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने दुनियाभर में हलचल मचा दी है. अमेरिका की इस कार्यवाही से दुनिया के ज्‍यादातर देश खुश नहीं है, लेकिन खुलकर बस कुछ ही देश इसके खिलाफ बोल रहे हैं. वेनेजुएला पर अमेरिका के इस ‘अघोषित नियंत्रण’ के बाद वेनेजुएला के तेल निर्यात पर लगे कड़े प्रतिबंध (Embargo) हटने की उम्‍मीद जगी है. यदि ऐसा होता है तो क्‍या भारतीय कंपनियों को सस्‍ता तेल मिलेगा? ये वो सवाल है जो हर किसी के जेहन में उभर रहा है. कच्‍चे तेल के व्‍यापार पर नजर रखने वालों का कहना है कि वेनेजुएला के तेल से प्रतिबंध हटते हैं तो यह भारतीय कंपनियों, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ओएनजीसी (ONGC) सहित वैश्विक रिफाइनिंग दिग्गजों के लिए ‘लॉटरी’ लगने जैसा होगा. एक सवाल यह भी है कि आखिर यह तेल कंपनियों को कितना सस्ता मिलेगा और वैश्विक बाजार पर इसका क्या असर होगा? वेनेजुएला वर्तमान में दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार (लगभग 300 बिलियन बैरल) पर बैठा है, जो वैश्विक आपूर्ति का लगभग 17-20% हिस्सा है. विडंबना यह है कि कुप्रबंधन और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण नवंबर 2025 तक इसका उत्पादन गिरकर मात्र 9.21 लाख बैरल प्रति दिन (bpd) रह गया है. यह उस देश के लिए चिंताजनक है जिसने 1970 के दशक में 3.5 मिलियन bpd का उत्पादन किया था. अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर 2025 में उत्पादन 1.01 मिलियन bpd था, जो नवंबर में घटकर 8.60 लाख bpd रह गया. करना होगा बड़ा निवेश ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यदि प्रतिबंध हटाए जाते हैं तो अमेरिकी तेल कंपनियां वहां के क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को ठीक करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करेंगी. ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला के तेल उद्योग की सबसे बड़ी चुनौती इसका जर्जर हो चुका बुनियादी ढांचा है. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के 12 साल के शासनकाल और उससे पहले ह्यूगो चावेज़ के दौर में भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और निवेश की भारी कमी ने इस ‘सोने की खान’ को कबाड़ में बदल दिया है. इस बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने के लिए अगले एक दशक तक हर साल कम से कम 10 अरब डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी. अगर अमेरिकी कंपनियां इतना बड़ा निवेश करती है और बुनियादी ढांचा खड़ा करती है तो इससे न केवल वेनेजुएला में कच्‍चे तेल का उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि बाजार में आपूर्ति बढेगी, जिससे कीमतें स्वाभाविक रूप से नीचे आएंगी. कांटों भरा है रास्‍ता भले ही वेनेजुएला में तेल का खजाना बड़ा है, लेकिन उसे निकालने का रास्ता कांटों भरा है. वुड मैकेंजी (Wood Mackenzie) के अनुमान के अनुसार, वेनेजुएला के ओरिनोको बेल्ट में उत्पादन को 2 मिलियन bpd तक ले जाने के लिए कम से कम 1-2 साल और बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता होगी. पूर्ण बहाली के लिए बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण पर $58 बिलियन की लागत आने का अनुमान है. इसमें शेवरॉन, एक्सॉन मोबिल और कोनोकोफिलिप्स जैसी कंपनियों की भूमिका अहम होगी. कोनोकोफिलिप्स जैसी कंपनियों का वहां $10 बिलियन से अधिक का पुराना बकाया है, जिसे वे उत्पादन शुरू होने पर वसूलना चाहेंगी. इसके अलावा एसएलबी (SLB) और हैलीबर्टन जैसी ऑयल सर्विस कंपनियां भी वहां सक्रिय होंगी, जिससे तकनीकी सुधार तेज होगा. भारतीय कंपनियों के लिए ‘डिस्काउंट’ का गणित वेनेजुएला का कच्चा तेल अपनी विशिष्टता के लिए जाना जाता है. यह मुख्य रूप से ‘हैवी’ और ‘हाई-सल्फर’ क्रूड है. इसी विशिष्टता के कारण यह अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की तुलना में हमेशा सस्ते दाम पर मिलता है. जेफरीज (Jefferies) के विश्लेषण के अनुसार, यदि प्रतिबंध हटते हैं और व्यापार सामान्य होता है तो रिलायंस जैसी कंपनियों को वेनेजुएला का क्रूड ब्रेंट की तुलना में $5 से $8 प्रति बैरल के भारी डिस्काउंट पर मिल सकता है. रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी दुनिया की सबसे जटिल रिफाइनरियों में से एक है, जो इस तरह के भारी कच्चे तेल को संसाधित कर उच्च गुणवत्ता वाला डीजल और पेट्रोल बनाने में सक्षम है. यह डिस्काउंट रिलायंस के ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) को काफी बढ़ावा देगा. ओएनजीसी (ONGC) की चांदी भारत की सरकारी कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) का वेनेजुएला के सैन क्रिस्टोबल फील्ड में हिस्सा है. प्रतिबंधों के कारण कंपनी का लगभग $500 मिलियन (करीब 4200 करोड़ रुपये) का लाभांश (Dividend) फंसा हुआ है. प्रतिबंध हटने पर न केवल यह बकाया राशि मिलेगी, बल्कि कंपनी को अपने निवेश पर वास्तविक रिटर्न मिलना भी शुरू हो जाएगा. अमेरिका को सबसे ज्‍यादा लाभ वेनेजुएला से बैन हटने का सबसे बड़ा लाभार्थी अमेरिकी गल्फ कोस्ट की रिफाइनरियां होंगी. भौगोलिक रूप से वेनेजुएला अमेरिका के बेहद करीब है, जिससे मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) की तुलना में परिवहन लागत (Freight Cost) बहुत कम आती है. अमेरिकी रिफाइनरीज को वेनेजुएला के हैवी क्रूड से उच्च लाभ मिलता है क्योंकि इसकी लागत कम होती है और यह डीजल, एस्फाल्ट (डामर) जैसे भारी मांग वाले उत्पादों के लिए सबसे उपयुक्त फीडस्टॉक है. वर्तमान में वेनेजुएला का अधिकांश तेल ‘गुप्त शिपिंग समझौतों’ के जरिए चीन को भारी डिस्काउंट पर बेचा जा रहा है. प्रतिबंध हटने पर यह तेल पारदर्शी तरीके से वैश्विक बाजार में आएगा, जिससे चीन का एकाधिकार खत्म होगा और प्रतिस्पर्धा के कारण कीमतें और भी प्रतिस्पर्धी होंगी. क्या ब्रेंट $60 से नीचे आएगा? शॉर्ट-टर्म में, वेनेजुएला में राजनीतिक उथल-पुथल और अमेरिकी नाकेबंदी के कारण आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे कीमतों में हल्का उछाल आ सकता है. दिसंबर 2025 में अमेरिकी प्रतिबंधों के सख्त प्रवर्तन से निर्यात प्रभावित हुआ, लेकिन वैश्विक बाजार पर इसका असर सीमित रहा क्योंकि फिलहाल दुनिया में तेल की पर्याप्त आपूर्ति है. लॉन्ग-टर्म एंगल काफी अलग है. यदि ट्रंप के नेतृत्व में वेनेजुएला का उत्पादन 2 मिलियन bpd के पार जाता है, तो बाजार में मौजूद मौजूदा ‘सरप्लस’ (अतिरिक्त आपूर्ति) और बढ़ जाएगी. विश्लेषकों का मानना है कि इस अतिरिक्त आपूर्ति के कारण ब्रेंट क्रूड 2026 में $60 प्रति बैरल से नीचे गिर सकता है. यह भारत सहित उन देशों के लिए राहत की खबर होगी जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हैं.  

2026 की शुरुआत में कारों का धमाका, जनवरी में लॉन्च होंगी 6 नई कारें—यहां देखें लिस्ट

नई दिल्ली साल 2026 के शुरू होते ही वाहन निर्माता कंपनियों ने अपने नए उत्पादों को बाजार में उतारने की तैयारी शुरू कर दी है. कार बनाने वाली कंपनियां जनवरी 2026 में अपने कुछ उत्पाद बाजार में उतारने वाली हैं. इसमें सबसे आगे घरेलू कार निर्माता Mahindra & Mahindra और Tata Motors हैं, जिनमें से Tata Motors चार मॉडल (एक EV सहित) लॉन्च करने वाली है. इसके अलावा घरेलू कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki की पहली EV भी लॉन्च की जा सकती है. इस लिस्ट में Kia India भी शामिल होती, लेकिन आज ही कंपनी ने नई-जनरेशन Kia Seltos को लॉन्च कर दिया है. इसके अलावा, Nissan और Renault जनवरी 2026 में एक-एक नया मॉडल पेश करने वाली हैं. Renault लगभग चार साल बाद अपने एक पॉपुलर नेमप्लेट को फिर से जीवित कर रही है. 1. Mahindra XUV 7XO (लॉन्च: 5 जनवरी, 2026) Mahindra XUV700 के नाम से जानी जाने वाली बेहतरीन एसयूवी को Mahindra XUV 7XO के नाम से जनवरी में लॉन्च किया जा सकता है. इसकी अनुमानित कीमत 14.00 लाख रुपये से 25.00 लाख रुपये के बीच होने वाली है. इसमें महिंद्रा का आजमाया हुआ, 2.0-लीटर, टर्बो-पेट्रोल और 2.2-लीटर टर्बो-डीजल इंजन इस्तेमाल किया जाएगा, जो अपनी मौजूदा ट्यूनिंग में क्रमशः 200hp और 185hp तक की पावर प्रदान करता है. Mahindra XUV 7XO डीजल में ऑल-व्हील ड्राइव का सेटअप दिया जाएगा, जबकि ट्रांसमिशन ऑप्शन में मैनुअल और टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक ऑप्शन मिलते हैं. Mahindra XUV 7XO के खास फीचर्स में ट्रिपल-स्क्रीन सेटअप मिलता है, जैसा कि Mahindra XEV 9e और 9S में मिलता है. आगे के पैसेंजर सीट के लिए पावर्ड 'बॉस' मोड, दो-स्पोक स्टीयरिंग व्हील और हरमन कार्डन ऑडियो शामिल हैं. एक्सटीरियर और इंटीरियर डिज़ाइन में किए गए बदलाव 7XO को XUV700 से अलग पहचानने में मदद करेंगे. 2. Tata Harrier और Safari पेट्रोल वर्जन (लॉन्च: जनवरी के पहले सप्ताह में) नई Tata Sierra में पेश किया गया, Tata Motors का नया 1.5-लीटर 'हाइपरियन' टर्बो-पेट्रोल इंजन अब Tata Harrier और Safari में भी देखने को मिलता है. इन दोनों गाड़ियों में, इस चार-सिलेंडर पेट्रोल इंजन का आउटपुट बढ़ाकर 170hp की पावर और 280Nm का टॉर्क कर दिया गया है. इसे 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ जोड़ा जा सकता है. संभावना जताई जा रही है कि नई Tata Harrier पेट्रोल की कीमत लगभग 13.00 लाख रुपये से 24.50 लाख रुपये के बीच हो सकती है, जबकि Tata Safari पेट्रोल वेरिएंट की कीमत 14.00 लाख रुपये से 25.50 लाख रुपये के बीच हो सकती है. इन SUVs के टॉप-स्पेक पेट्रोल वेरिएंट में 14.5-इंच का QLED टचस्क्रीन, आगे और पीछे के कैमरों के लिए 'वॉशर' फंक्शन, एक डिजिटल IRVM, और 10-स्पीकर वाला JBL ऑडियो सिस्टम मिलता है. 3. Tata Punch फेसलिफ्ट (लॉन्च: जनवरी के मध्य में) Tata Motors जनवरी 2026 के बीच में Tata Punch फेसलिफ्ट को लॉन्च कर सकती है, जिसकी कीमत 6.00 लाख रुपये से 9.50 लाख रुपये के बीच हो सकती है. अपडेटेड Tata Punch को ज़्यादा मॉडर्न लुक देने के लिए Punch EV से कुछ डिज़ाइन एलिमेंट्स लिए जा सकते हैं, जबकि नए कन्वीनियंस और टेक फीचर्स से ओवरऑल एक्सपीरिएंस बेहतर होगा. 2026 Tata Punch मौजूदा 1.2-लीटर तीन-सिलेंडर इंजन के साथ आएगी, जो लगभग 88hp की पावर और 115Nm का टॉर्क प्रदान करता है, जिसे 5-स्पीड मैनुअल या 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जाएगा. 4. Nissan Gravite (लॉन्च: जनवरी के मध्य में) जापानी कार निर्माता Nissan भी अपनी पहली एमपीवी भारत में लॉन्च करने वाली है. नई Nissan Gravite को CMF-A+ प्लेटफॉर्म पर बनाया जाएगा, जिसका इस्तेमाल Renault Triber के लिए किया जाता है. इस कार की अनुमानित कीमत 6.00 लाख रुपये से 9.00 लाख रुपये के बीच होने वाली है. Nissan Gravite के इंजन की बात करें तो इसमें वही 1.0-लीटर, तीन-सिलेंडर पेट्रोल इंजन इस्तेमाल किया जाएगा, जो Renault Triber में इस्तेमाल किया जाता है. यह इंजन 72hp की पावर और 96Nm का टॉर्क उत्पन्न करता है. इसी तरह, संभावना जताई जा रही है कि गियरबॉक्स विकल्पों में 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT शामिल होंगे. 5. नई-जनरेशन Renault Duster (लॉन्च: 26 जनवरी) लगभग चार साल पहले Renault ने अपनी Renault Duster की बिक्री और उत्पादन भारत में बंद कर दिया था. अब कंपनी एक बार फिर से इस नेमप्लेट को जीवित करने वाली है. नई-जनरेशन Renault Duster को रिपब्लिक डे 2026 पर नए अवतार में पेश किया जा सकता है. नई Renault Duster के हायर वेरिएंट में 156hp का पावर देने वाला 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन इस्तेमाल किया जा सकता है, जो ग्लोबल-स्पेक मॉडल में उपलब्ध है. वहीं लोअर वेरिएंट में 1.0-लीटर तीन-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिल सकता है, जो Renault Kiger में इस्तेमाल होता है, यहां यह इंजन 100hp की पावर और 160Nm तक का टॉर्क देता है. हालांकि संभावना यह है कि Renault इस इंजन में कुछ बदलाव कर सकती है ताकि इससे ज़्यादा पावर मिल सके, जिससे इस मिडसाइज़ SUV के बढ़े हुए वज़न की भरपाई हो सके. नई Renault Duster की कीमत 10.00 लाख रुपये से 20.00 लाख रुपये के बीच हो सकती है, और संभावना है कि इंडिया-स्पेक मॉडल अपने ग्लोबल मॉडल से अलग दिखेगा. 6. Maruti Suzuki e-Vitara (लॉन्च: जनवरी के अंत में) लिस्ट में Maruti Suzuki का नाम भी शामिल है, और अगर कोई समस्या नहीं होती है, तो कंपनी भारत में अपनी पहली EV, Maruti Suzuki e-Vitara को जनवरी 2026 में लॉन्च हो सकती है. कीमत की बात करें तो इस कार को लगभग 18.00 लाख रुपये से 25.00 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच उतारा जा सकता है. Maruti e-Vitara के एंट्री-लेवल वेरिएंट में 49kWh बैटरी पैक के साथ 144hp की फ्रंट-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर हो सकती है. वहीं, इस मारुति EV के टॉप-स्पेक वेरिएंट में 61kWh बैटरी पैक मिलने वाला है, जो 174hp की इलेक्ट्रिक मोटर को पावर देता है, जो फ्रंट व्हील्स को भी चलाती है. बड़े बैटरी पैक वाली ई विटारा की ARAI-क्लेम्ड रेंज 543km है.