samacharsecretary.com

रिपोर्ट: जीएसटी सुधारों के असर से भारत में कार और अन्य वाहन की बिक्री में 22% इजाफा

नई दिल्ली  भारत के यात्री वाहन (पैसेंजर व्हीकल) उद्योग में नवंबर 2025 में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली। त्योहारी सीजन के बाद भी लगातार मांग, जीएसटी दरों में कटौती और सर्दियों में शादी के सीजन के शुरू होने से गाड़ियों की मांग में वृद्धि देखी गई। इससे बिक्री और उत्पादन दोनों में सालाना आधार पर अच्छा इजाफा हुआ। आईसीआरए की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर में गाड़ियों की रिटेल बिक्री पिछले साल के मुकाबले 22 प्रतिशत बढ़ी। हालांकि, अक्टूबर में त्योहारों के कारण हुई बिक्री के मुकाबले नवंबर में यह 29 प्रतिशत कम रही।  वहीं, होलसेल बिक्री (कंपनियों से डीलरों को गाड़ियां भेजना) 19 प्रतिशत बढ़कर 4.1 लाख गाड़ियों तक पहुंच गई, क्योंकि कंपनियों ने मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन जारी रखा। रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में होलसेल बिक्री में 1 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका कारण स्थिर मांग, जीएसटी में कटौती, नए मॉडल्स की लॉन्चिंग और बाजार में बनी सकारात्मक स्थिति है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 के पहले 8 महीनों में होलसेल बिक्री 3.6 प्रतिशत बढ़ी, जबकि रिटेल बिक्री 6.1 प्रतिशत बढ़ी है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, गाड़ियों की बिक्री बढ़ने से डीलरों के पास रखा स्टॉक भी संतुलित हुआ है। सितंबर के अंत में जहां गाड़ियों का स्टॉक करीब 60 दिनों का था, नवंबर तक घटकर 44–46 दिन रह गया। नवंबर में यात्री वाहनों की कुल बिक्री में यूटिलिटी वाहनों की हिस्सेदारी 67 प्रतिशत रही, जो अक्टूबर में 69 प्रतिशत थी, जबकि जीएसटी में कटौती के बाद मिनी, कॉम्पैक्ट और सुपर-कॉम्पैक्ट सेगमेंट में बिक्री से सुधार देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर महीने के दौरान भारत में तीन पहिया वाहनों की बिक्री में 21.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 71,999 यूनिट तक पहुंच गई, जबकि दो पहिया वाहनों की बिक्री में 21.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो 19,44,475 यूनिट तक पहुंच गई है। यही नहीं, शहरी क्षेत्रों में ज्यादा मांग के चलते स्कूटरों की बिक्री में 29 प्रतिशत की शानदार वृद्धि हुई और इनकी बिक्री 7,35,753 यूनिट तक पहुंच गई। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थिर मांग के चलते मोटरसाइकिलों की बिक्री में 17.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 11,63,751 यूनिट तक पहुंच गई। यात्री वाहनों की बढ़ती मांग के कारण नवंबर में तीन पहिया वाहनों की बिक्री में 24.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 59,446 यूनिट तक पहुंच गई। तो वहीं मालवाहक वाहनों की बिक्री में 10.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 10,874 यूनिट तक पहुंच गई। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत से यात्री वाहनों का निर्यात भी बढ़ा है। मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका जैसे देशों से मजबूत मांग के कारण भारतीय गाड़ियों की विदेशों में अच्छी बिक्री हो रही है। 

जापान का बड़ा कदम: सेंट्रल बैंक ने महंगाई पर काबू के लिए ब्याज दरें 30 साल के उच्चतम स्तर पर बढ़ाईं

टोक्यो जापान से बड़ा खबर आई है, यहां के सेंट्रल बैंक (Bank Of Japan) ने ब्याज दरों में तगड़ा इजाफा किया है इसे एक चौथाई फीसदी बढ़ाते हुए 0.75% (Japan Hikes Interest Rate) कर दिया है. ये देश में ब्याज दरों का 30 साल का सबसे उच्चतम स्तर है. जापानी बैंक के फैसले पर सभी की नजर थी और अनुमान के मुताबिक ही शुक्रवार को केंद्रीय बैंक की ओर से बड़ा ऐलान किया गया. बढ़ती महंगाई (Japan Inflation) के दबाव में देश में ब्याज दरों में ये बढ़ोतरी की गई है.   अब 'जीरो' ब्याज पर कर्ज का दौर खत्म  जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा (Kazuo Ueda) के नेतृत्व में बैंक ऑफ जापान (Bank Of Japan) के मॉनिटरी बोर्ड ने शुक्रवार को एक व्यापक रूप से अपेक्षित निर्णय में अपनी बेंचमार्क दर को एक चौथाई फीसदी बढ़ाकर 0.75% कर दी है. शुक्रवार को इंटरेस्ट रेट बढ़ाकर तीन दशकों या 1995 के बाद सबसे हाई पर पहुंच गया. अब ये देश में पहले कभी नहीं देखे गए लेवल पर पहुंच गया है. इस फैसले से जापान में दशकों से मिल रहे भारी मॉनेटरी सपोर्ट और लगभग ज़ीरो फीसदी पर उधार लेने की लागत का दौर खत्म हो गया है.  पहले से जताई जा रही थी उम्मीद गौरतलब है कि बैंक ऑफ जापान की ओर से Rate Hike का ये फैसला पहले से जताई जा रही उम्मीदों के अनुरूप ही है. एक्सपर्टस शॉर्ट-टर्म Japan Interest Rate में सेंट्रल बैंक की ओर से 0.5% से बढ़ाकर 0.75% करने का अनुमान जाहिर कर रहे थे. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब नई प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची देश में महंगाई को कम करने के लिए प्रयास कर रही हैं.  ताकाइची और उएदा दोनों के अपने वर्तमान पदों को संभालने के बाद यह पहली वृद्धि (First Rate Hike) है, अब Bank Of Japan के गवर्नर उएडा दोपहर 3:30 बजे (0630 GMT) इस फैसले के बारे में अधिका जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. जापान में महंगाई घटाने के लिए कदम बता दें कि जब कोई केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है, तो इसका सीधा प्रभाव देश की करेंसी के मूल्य में वृद्धि के रूप में देखने को मिलता है. जापान के मामले में ये कदम देश में महंगाई को कम करने की क्षमता रखता है,  क्योंकि अमेरिकी डॉलर (US Dollar) और यूरो जैसी अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले येन के कम मूल्य ने आयात लागत को बढ़ाकर महंगाई को बढ़ावा देने में मदद की है. अभी ब्याज दर में और इजाफा संभव! Japan Inflation Rate पर एक नजर डालें, तो शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जापान में खाद्य और ईंधन को छोड़कर महंगाई दर नवंबर में 2.9% की दर से बढ़ी है. मंहगाई का ये आकंड़ा बैंक ऑफ जापान के तय 2% के टारगेट से अधिक है. अधिकांश अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान अगले साल एक बार फिर अपनी बेंचमार्क ब्याज दर बढ़ाकर 1% कर देगा. क्या है जापान के शेयर बाजार का हाल?  जापान में लिए गए Rate Hike के बड़े फैसले से पहले जापानी शेयर बाजार ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा था. वहीं इस खबर के आने के बाद भी इसमें तेज उछाल देखने को मिल रहा है. Japan Nikkei 560 अंक या 1.14% की बढ़त के साथ 49,602.98 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था. हालांकि, ब्याज दरों में इजाफा किए जाने के फैसले के बाद दुनियाभर के शेयर बाजार सकर्त मोड में नजर आ रहे हैं. भारतीय बाजार की बात करें, तो इसमें तेजी देखने को मिली है. BSE Sensex 450 अंक, तो NSE Nifty 140 अंक की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था.  

निसान की नई लाइनअप: टेक्टॉन और ग्रेविट सहित 3 गाड़ियां जल्द भारत में

मुंबई  निसान मोटर इंडिया भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक बड़े मिशन पर काम कर रही है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह अगले 12 से 15 महीनों के भीतर भारत में तीन नए शानदार प्रोडक्ट्स लॉन्च करेगी. इस योजना में एक कॉम्पैक्ट MPV, एक मिड-साइज SUV और एक प्रीमियम 7-सीटर SUV शामिल है. नए मॉडल्स की लाइनअप और टाइमलाइन निसान का यह आक्रामक अभियान जनवरी 2026 से शुरू होगा और 2027 की शुरुआत तक चलेगा: निसान ग्रेविट (Gravite): यह एक B-सेगमेंट कॉम्पैक्ट MPV है, जिसे जनवरी 2026 में पेश किया जाएगा और मार्च 2026 से यह शोरूम में उपलब्ध होगी. निसान टेक्टॉन (Tekton): ग्रेविट के लॉन्च के कुछ ही महीनों बाद कंपनी अपनी मिड-साइज SUV 'टेक्टॉन' को बाजार में उतारेगी. 7-सीटर SUV (C-सेगमेंट): इस सीरीज का आखिरी धमाका 2027 की शुरुआत में एक बड़ी सात-सीटर SUV के रूप में होगा. चार अलग-अलग सेगमेंट में होगी मौजूदगी अब तक निसान भारतीय बाजार में केवल 'मैग्नाइट' के जरिए एक ही सेगमेंट में सीमित थी. लेकिन इन तीन नए मॉडल्स के आने के बाद कंपनी कुल चार अलग-अलग सेगमेंट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी. अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए निसान देशभर में अपने डीलरशिप नेटवर्क का भी विस्तार करने की योजना बना रही है. ग्रेविट और टेक्टॉन निसान ग्रेविट (MPV): उम्मीद है कि इसमें 1.0-लीटर का पेट्रोल इंजन मिलेगा, जो 76 hp की पावर और 95 Nm का टॉर्क जनरेट करेगा. इसमें मैनुअल और AMT गियरबॉक्स के विकल्प मिलेंगे. यह काफी हद तक रेनॉल्ट ट्राइबर के प्लेटफॉर्म पर आधारित हो सकती है. निसान टेक्टॉन (SUV): यह मॉडल निसान के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है. इसका मुकाबला भारतीय बाजार की सबसे प्रतिस्पर्धी कारों— Hyundai Creta, Kia Seltos, Maruti Grand Vitara और Tata Curvv जैसी दिग्गज गाड़ियों से होगा. क्या है आगे का प्लान  निसान की इस घोषणा से साफ है कि कंपनी अब 'सिंगल-प्रोडक्ट ब्रांड' की छवि से बाहर निकलक एक दमदार कार निर्माता बनना चाहती है. जहां ग्रेविट बजट सेगमेंट के परिवारों को टारगेट करेगी, वहीं टेक्टॉन और आगामी 7-सीटर SUV उन ग्राहकों को लुभाएगी जो प्रीमियम फीचर्स और दमदार परफॉर्मेंस की तलाश में हैं.   

SBI रिपोर्ट: डॉलर मजबूती के बावजूद रुपये में अगले 6 महीनों में होगा बदलाव

नई दिल्‍ली भारतीय रुपये की लगातार गिरावट ने एक्‍सपर्ट्स के बीच एक बहस छेड़ दी है कि आखिर ये कितना गिरेगा. SBI रिसर्च ने अपनी नई रिपोर्ट में एक बड़ा दावा किया है. एसबीआई ने 'इन रूपी वी ट्रस्‍ट' में कहा है कि भारतीय रुपया अभी डीवैल्‍यूवेशन के तीसरे चरण से गुजर रही है, जो रुपया और अमेरिकी डॉलर दोनों में एक साथ कमजोरी का दौर है.  एसबीआई ने कहा कि रुपये में गिरावट घरेलू व्यापक आर्थिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता, विशेष रूप से भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार व्यवधानों के कारण हो रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्कोव रिजीम-स्विचिंग मॉडल का उपयोग करते हुए, एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि रुपया लगभग छह महीने तक दबाव में रह सकता है. लेकिन इसके बाद इसमें शानदार तेजी आएगी. इसके बाद इसमें करीब 6.5 फीसदी की उछाल आ सकती है और संभावित तौर से  2026 में यह वापस 87 रुपये प्रति डॉलर की ओर बढ़ सकता है.  आरबीआई के एक्‍शन से उछला रुपया भारतीय रुपया मंगलवार को 91 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया और सर्वकालिक निम्न स्तर पर पहुंच गया, लेकिन अगले दिन इसमें तेजी से सुधार हुआ.  बुधवार को मुद्रा 90.3475 प्रति अमेरिकी डॉलर पर कारोबार कर रही थी, जो इसके पिछले बंद भाव 91.0275 से 1 फीसदी  से ज्‍यादा की उछाल है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मजबूत हस्तक्षेप ने 17 दिसंबर को रुपये में सात महीनों में सबसे मजबूत तेजी आई, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लंबे समय से चली आ लगातार गिरावट पर ब्रेक लग गई.  सरकारी बैंकों द्वारा डॉलर की लगातार बिक्री के बाद शुरुआती कारोबार में घरेलू मुद्रा में उछाल आया है. माना जा रहा है कि सरकारी बैंक ने केंद्रीय बैंक के हस्‍तक्षेप के बाद ऐसा फैसला किया है. इस हस्तक्षेप से अस्थिरता को कम करने और बाजार की भावना को स्थिर करने में मदद मिली. रुपये में 1.03% की वृद्धि हुई, जो 23 मई, 2025 के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी तेजी है.  रुपये में गिरावट क्यों? एक्‍सपर्ट्स के अनुसार रुपये को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा संरचनात्मक परिवर्तन 2014 से पहले की अवधि की तुलना में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश में आई भारी गिरावट है. 2007 से 2014 के बीच, नेट पोर्टफोलियो निवेश औसतन 162.8 अरब डॉलर प्रति वर्ष था, जिससे करेंसी को मजबूती मिली थी. हालांकि, 2015 से 2025 तक, औसत निवेश घटकर 87.7 अरब डॉलर रह गया है, जिससे वैश्विक झटकों को झेलने की क्षमता कम हो गई है. अकेले 2025 में, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का निवेश 10 अरब डॉलर से अधिक हो गया, जिससे रुपये पर लगातार दबाव बना रहा.  एसबीआई रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में भू-राजनीतिक तनाव और टैरिफ को भी रुपये में गिरावट की वजह बताई है.रिपोर्ट के मुताबिक, टैरिफ ऐलान के बाद से ही रुपये में 5.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.   डॉलर की डिमांड रिपोर्ट में विदेशी मुद्रा बाजार के व्‍यापारी क्षेत्र में डॉलर की बढ़ती मांग पर भी प्रकाश डाला गया है. जुलाई 2025 से, अनिश्चितता के बीच आयातकों और निर्यातकों द्वारा हेजिंग बढ़ाने के कारण फॉरवर्ड बाजार में अतिरिक्त मांग में तेजी से वृद्धि हुई है. व्यापारी बाजार में कुल अतिरिक्त मांग 145 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जिसके चलते भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को हस्तक्षेप करना पड़ा. क्या 2026 में रुपया 87 पर होगा? इस गिरावट के बाद भी एसबीआई रिसर्च रुपया पर पॉजिटिव बना हुआ है. इसके मार्कोव-स्विचिंग विश्लेषण से पता चलता है कि रुपया लगभग छह महीने बाद मौजूदा गिरावट के दौर से बाहर निकल सकता है. ऐतिहासिक रुझान बताते हैं कि एक बार ऐसा होने पर मुद्रा में उल्लेखनीय सुधार होता है. इसी आधार पर, रिपोर्ट भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी और पूंजी प्रवाह में स्थिरता आने की स्थिति में, 2026 में लगभग 6.5% की संभावित वृद्धि का अनुमान है, जो 87 लेवल पर रुपया को पहुंचा देगा. 

Tata Motors की Tata Sierra के दीवाने हुए लोग, एडवांस बुकिंग का धमाका

नई दिल्ली  स्वदेशी कार निर्माता कंपनी Tata Motors ने हाल ही में अपनी नई Tata Sierra एसयूवी को पेश किया, और कंपनी ने 16 दिसंबर से इस कार की प्री-बुकिंग लेना शुरू किया. अब Tata Motors ने जानकारी दी है कि बुकिंग शुरू होने के पहले दिन ही नई Tata Sierra के लिए 70,000 से ज़्यादा कन्फर्म बुकिंग मिल चुकी हैं. Tata Motors ने यह भी बताया कि 1.35 लाख से ज़्यादा कस्टमर्स ने अपनी पसंदीदा कॉन्फ़िगरेशन सबमिट कर दी है, और वे बाकी फॉर्मेलिटीज़ पूरी होने का इंतज़ार कर रहे हैं. डीलर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक हुई बुकिंग में से 50 प्रतिशत से ज़्यादा बुकिंग Tata Sierra के डीज़ल वेरिएंट के लिए हुई हैं. Tata Sierra डीजल वेरिएंट की ताबड़तोड़ बुकिंग नई Tata Sierra मिड-साइज़ SUV सेगमेंट में चार मॉडलों में से एक है, जो डीज़ल इंजन का ऑप्शन प्रदान करती है. अन्य तीन कारों में Hyundai Creta, Kia Seltos और Tata की अपनी Curvv हैं. यह बात कि ज़्यादातर खरीदारों ने डीज़ल वेरिएंट को चुना है, इस बात का सबूत है कि जब SUV खरीदारों को डीज़ल का ऑप्शन मिलता है, तो वे इसे ही खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं. यहां तक ​​कि सेगमेंट-चैंपियन Hyundai Creta के लिए भी, डीज़ल वेरिएंट की डिमांड ज्यादा ही रहती है, खासकर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाले वेरिएंट के लिए. Tata Sierra के पावरट्रेन विकल्प नई Tata Sierra में मिलने वाले इंजन विकल्पों की बात करें तो इसमें तीन इंजन ऑप्शन के साथ दिए गए हैं, जिनमें 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल (106hp पावर), 1.5-लीटर डीज़ल इंजन (116hp पावर) और 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन (160hp पावर) शामिल हैं. गियरबॉक्स विकल्पों पर नजर डालें तो इसके नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 7-speed DCT गियरबॉक्स, डीज़ल इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स ही मिलता है. Tata Sierra के वेरिएंट्स और कीमत Tata Motors ने नई Sierra को कुल सात ट्रिम्स में पेश किया है, जिनमें Smart Plus, Pure, Pure Plus, Adventure, Adventure Plus, Accomplished और Accomplished Plus शामिल हैं. कीमत की बात करें तो Tata Sierra की शुरुआती कीमतें अभी 11.49 लाख रुपये से 21.29 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच हैं, और इसकी डिलीवरी 15 जनवरी, 2026 से शुरू होने वाली है.

देशभर में बदल रहे सोने-चांदी के दाम, आज है खरीदने का सही मौका

भोपाल   देशभर में आज सोने-चांदी के बाजारों में हलचल तेज है. इसी बीच राजधानी भोपाल के सराफा में आज सोने का भाव 260 रुपए नीचे गिरा है तो वहीं चांदी 930 रुपए सस्ती हुई है. एमपी की राजधानी भोपाल में आज गुरुवार (18 December 2025) को भारतीय बाजार के मुताबिक, बाजार शुरू होने तक सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं: – भोपाल में 24 कैरेट सोने के दाम आज: 134,750 रुपए/10 ग्राम बीते दिन: 134,990 रुपए प्रति 10 ग्राम – भोपाल में चांदी का भाव आज: 206,110 रुपए/1 किलो बीते दिन: 207,050 रुपए प्रति किलो रिकॉर्ड बढ़त के बाद गिरा सोना-चांदी देशभर में सोने के भाव में एक बार भारी बढ़त के बाद गिरावट दर्ज हुई है. जिसके बाद सोना 310 रुपए सस्ता हुआ है. वहीं चांदी 910 रुपए सस्ता हुआ है. इसी बीच आज येलो मेटल कहे जाने वाले सोने के शुरुआती कारोबार में कितनी तेजी आई है यहां जाने. वहीं देश में आज गोल्ड-सिल्वर रेट कुछ इस प्रकार से हैं: – भारत में 24 कैरेट गोल्ड रेट आज: 134,800 रुपए प्रति 10 ग्राम बीते दिन: 135,110 रुपए प्रति 10 ग्राम – भारत में चांदी का भाव आज: 206,270 रुपए प्रति 1 किलो बीते दिन: 207,180 रुपए/किलो हॉलमार्क ही है असली सोने की पहचान अगर आप सोने के गहने खरीदने जा रहे हैं तो कभी भी क्वालिटी से समझौता न करें. हॉलमार्क देखकर ही गहने खरीदें, क्योंकि यही सोने की सरकारी गारंटी है. भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क का निर्धारण करता है. हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग होते हैं, जिसे ध्यान से रखकर ही सोना खरीदें. अगर आप ऐसा नही करते हैं तो आपके सोने में मिलावट भी हो सकती है तो हमेशा जांच परख कर ही खरीदी करें.

महंगाई से राहत: नए साल पर घटे CNG और PNG के दाम, आम लोगों को फायदा

नई दिल्ली  भारत भर के उपभोक्ताओं को कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कम कीमतों का फायदा मिलने वाला है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने टैरिफ में बदलाव (रैशनलाइजेशन) का ऐलान किया है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगा. एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में PNG RB के मेंबर AK तिवारी ने कहा कि नया यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर लागू होने से उपभोक्ताओं को राज्य और लागू टैक्स के अनुसार प्रति यूनिट ₹2 से ₹3 तक की बचत होगी. नया यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर PNGRB ने टैरिफ सिस्टम को आसान बनाते हुए जोन की संख्या तीन से घटाकर दो कर दी है. 2023 में लागू पुराने सिस्टम के तहत दूरी के आधार पर तीन जोन बनाए गए थे. इसमें 200 किलोमीटर तक ₹42, 300 से 1,200 किलोमीटर तक ₹80 और 1,200 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के लिए ₹107 टैरिफ था. तिवारी ने बताया, हमने टैरिफ को रैशनलाइज किया है. अब तीन की जगह दो जोन होंगे और पहला जोन पूरे भारत में CNG और घरेलू PNG ग्राहकों पर लागू होगा. अब जोन-1 के लिए यूनिफाइड दर ₹54 तय की गई है, जो पहले ₹80 और ₹107 थी. इन लोगों को होगा फायदा नया टैरिफ स्ट्रक्चर भारत में काम कर रही 40 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के तहत आने वाले 312 भौगोलिक क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को फायदा देगा. तिवारी ने कहा, इससे CNG इस्तेमाल करने वाले ट्रांसपोर्ट सेक्टर और रसोई में PNG इस्तेमाल करने वाले घरों को लाभ मिलेगा. PNGRB ने निर्देश दिया है कि इस रैशनलाइज्ड टैरिफ का पूरा फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और इसकी नियमित निगरानी भी की जाएगी. तिवारी ने कहा, हमारी भूमिका उपभोक्ताओं और इस बिजनेस से जुड़े ऑपरेटरों, दोनों के हितों में संतुलन बनाए रखने की है. गैस इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार CNG और PNG इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर बात करते हुए तिवारी ने बताया कि पूरे देश को कवर करने के लिए लाइसेंस दिए जा चुके हैं, जिनमें सरकारी कंपनियां (PSU), निजी कंपनियां और जॉइंट वेंचर शामिल हैं. PNGRB, CGD कंपनियों को राज्य सरकारों से समन्वय कराने में मदद कर रहा है, जिसके चलते कई राज्यों ने VAT कम किया है और अनुमतियों की प्रक्रिया को आसान बनाया है. तिवारी ने कहा, हम सिर्फ रेगुलेटर ही नहीं, बल्कि एक फैसिलिटेटर की भूमिका भी निभा रहे हैं. सरकार की ओर से CNG और घरेलू PNG के लिए सस्ती और रैशनलाइज्ड गैस देने की पहल से देशभर में नेचुरल गैस के इस्तेमाल में तेजी आने की उम्मीद है. भारत में CGD सेक्टर को नेचुरल गैस खपत बढ़ाने वाला मुख्य सेक्टर माना गया है.  

भारत की सबसे सस्ती कन्वर्टिबल कार: MINI Cooper S लॉन्च, कीमत 58.50 लाख

मुंबई  BMW समूह के सब-ब्रांड MINI इंडिया ने भारतीय बाजार में नई MINI Cooper S Convertible को लॉन्च कर दिया है। यह बीते तीन महीनों में MINI की तीसरी पेशकश है। इससे पहले कंपनी ने अक्टूबर में JCW All4 और नवंबर में Countryman SE All4 को पेश किया था। नई MINI Cooper S Convertible को भारत में सबसे सस्ती कन्वर्टिबल कार बताया जा रहा है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹58.50 लाख तय की गई है। कार को भारत में CBU (Completely Built Unit) के रूप में बेचा जाएगा। कंपनी के अनुसार यह कार महज 6.9 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है।  इलेक्ट्रिक फैब्रिक रूफ बना खास पहचान इस कार की सबसे बड़ी खासियत इसका इलेक्ट्रिक फैब्रिक रूफ है, जो 30 किमी/घंटा की स्पीड पर भी सिर्फ 18 सेकंड में खुल जाता है और 15 सेकंड में बंद हो जाता है। इसके अलावा ‘सनरूफ मोड’ में रूफ थोड़ा पीछे खिसकता है, जिससे ओपन-एयर ड्राइविंग का अनुभव मिलता है। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला मुख्य रूप से Volkswagen Golf GTI से माना जा रहा है। एक्सटीरियर: आइकॉनिक MINI लुक बरकरार डिजाइन की बात करें तो MINI की पहचान वाला लुक इसमें बरकरार रखा गया है। फ्रंट में सर्कुलर LED हेडलैंप्स, DRLs और ऑक्टागोनल ग्रिल दी गई है। साइड प्रोफाइल में 18-इंच अलॉय व्हील्स स्टैंडर्ड मिलते हैं, जबकि पीछे की ओर यूनियन जैक डिजाइन वाली LED टेललाइट्स दी गई हैं। टेलगेट नीचे की ओर खुलता है और 80 किलोग्राम तक वजन सहन कर सकता है। कलर ऑप्शंस में ब्लैक, व्हाइट और रेड शेड्स उपलब्ध होंगे। इंटीरियर: प्रीमियम केबिन और OLED टचस्क्रीन केबिन को लग्जरी टच देने के लिए ब्लैक और बेज कलर थीम का इस्तेमाल किया गया है। कार में 9.4-इंच OLED टचस्क्रीन दी गई है, जो वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay सपोर्ट करती है। फ्रंट सीट्स पावर्ड हैं और ड्राइवर सीट में मसाज फंक्शन भी मिलता है। बूट स्पेस 215 लीटर है, जो रूफ ओपन होने पर 160 लीटर रह जाता है। फीचर्स और टेक्नोलॉजी MINI Cooper S Convertible में हेड-अप डिस्प्ले, वायरलेस चार्जिंग, एम्बिएंट लाइटिंग और हरमन कार्डन साउंड सिस्टम जैसे फीचर्स दिए गए हैं। कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी और रियर-व्यू कैमरा भी इसमें शामिल हैं। दमदार इंजन और परफॉर्मेंस इस कन्वर्टिबल में 2.0-लीटर, 4-सिलेंडर टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 204hp की पावर और 300Nm टॉर्क जनरेट करता है। इंजन को 7-स्पीड ड्यूल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जोड़ा गया है। कंपनी के अनुसार इसकी टॉप स्पीड 237 किमी/घंटा है। सेफ्टी फीचर्स सेफ्टी के लिहाज से कार में ABS, EBD, ESC, मल्टीपल एयरबैग्स और रियर कैमरा जैसे फीचर्स दिए गए हैं। हालांकि इसमें लेवल-2 ADAS जैसी एडवांस्ड सेफ्टी टेक्नोलॉजी नहीं दी गई है। कंपनी का दावा है कि कार यूरो NCAP मानकों के अनुरूप तैयार की गई है।

India–Oman Trade: 10.5 अरब डॉलर का व्यापार, आज होगी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर मुहर

नई दिल्‍ली भारत अपने व्‍यापार रणनीति को तेजी से आगे बढ़ा रहा है. अब भारत एक और देश के साथ फ्री ट्रेड डील (FTA) करने जा रहा है. केंद्रीय और वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और ओमान गुरुवार को फ्री ट्रेड डील करने जा रहे हैं, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत होंगे और प्रमुख क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में इसपर हस्‍ताक्षर होंगे.  खाड़ी सहयोग परिषद देशों में ओमान भारत का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात स्‍थान रहा है और अब ये डील दोनों देशों के बीच आर्थिक स्थिति को और भी मजबूत करने वाली है. गोयल ने कहा कि ओमान लगभग 20 सालों से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्‍तक्षर कर रहा है. अमेरिका के साथ इसने 2006 में इसी तरह का समझौता किया था. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कारोबारियों के लिए नया अवसर लेकर आएगा, उन्‍होंने कहा कि जूते, कपड़े, ज्‍वेलरी, एग्रीकल्‍चर, वाहन और कलपुर्जे, नवीनीकरण ऊर्जा जैसे सेक्‍टर्स में संभावनाएं और बढ़ेंगी.  कई देशों के लिए खुलेंगे रास्‍ते मंत्री ने कहा कि यह डील अफ्रीका और मध्‍य एशिया के लिए एंट्री गेट है. इस कदम से अन्‍य देशों से भी व्‍यापार करने की संभावनाएं बढ़ेंगी. भारत और ओमान के बीच व्‍यापार 10.5 अरब डॉलर का है. भारत ओमान से 6 अरब डॉलर से ज्‍यादा का आयात करता है, जबकि निर्यात 4 अरब डॉलर का है. अब आइए जानते हैं भारत ओमान से क्‍या मंगाता है और क्‍या देता है?    ओमान से क्‍या मंगाता है भारत?  भारत के ओमान से प्रमुख आयात पेट्रोलियम और यूरिया है. आयात में इनकी हिस्‍सेदारी 70 फीसदी से ज्‍यादा की है. इसके अलावा, भारत ओमान से प्रोपलीन, एथ‍लिन पॉलीमर, पेट कोक, जिप्‍सम, केमिकल, लोहा और इस्‍पात अपरिष्‍कृत एल्‍युमीनियम शामिल है.  ओमान भारत से क्‍या मंगाता है?  ओमान भारत से भी बड़ी मात्रा में चीजों का आयात करता है, जो करीब 4 अरब डॉलर की है. भारत ओमान को खनिज ईधन, केमिकल, बहुमूल्‍य धातुएं, लोहा और इस्‍पात, अनाज, जहाज, नावें, विद्युत मशीनरी, बॉयलर, चाय, कॉफी, मसाले, वस्‍त्र और खाद्य पदार्थ देता है. 

मार्केट बाउंस: सेंसेक्स और निफ्टी ने फिर तोड़ा अहम स्तर

मुंबई  शेयर मार्केट अब तेजी की पटरी पर है। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 111 अंकों के फायदे के साथ 84439 के लेवल पर है। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 33 अंक ऊपर 25852 पर पहुंच गया है। सेंसेक्स में इन्फोसिस टॉप गेनर है तो सन फार्मा टॉप लूजर है। शेयर मार्केट की गिरावट आज भी नहीं थमी। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 183 अंकों के नुकसान के साथ 84376 के लेवल पर है। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 46 अंक नीचे 25772 पर आ गया है। सेंसेक्स में इन्फोसिस टॉप गेनर है तो सन फार्मा टॉप लूजर है। शेयर मार्केट की गिरावट आज भी नहीं थमी। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 41 अंकों के नुकसान के साथ 84518 के लेवल पर खुला। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 53 अंक नीचे 25765 पर। शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50, लगातार तीन सत्रों में गिरावट और वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेतों के बाद गुरुवार, 17 दिसंबर को सपाट से थोड़ा नकारात्मक होने की उम्मीद है। गिफ्ट निफ्टी से शुरुआती संकेत एक सबड्यूड स्टार्ट के लिए पॉइंट करते हैं, इंडेक्स ट्रेडिंग लगभग 25,871, जो पिछले निफ्टी फ्यूचर्स से 15 पॉइंट या 0.06% नीचे है। इस बीच, एशियाई बाजार भी अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों से पहले चौथे सीधे सत्र के लिए वॉल स्ट्रीट पर बिकवाली को प्रतिबिंबित कर रहे थे। बता दें सेंसेक्स बुधवार को 120 अंक नीचे 84,559.65 पर जबकि निफ्टी 50 42 अंक टूटकर 25,818.55 पर बंद हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी के लिए आज के संकेत एशियाई बाजार एशियाई शेयर गुरुवार को नीचे खुले। हांगकांग इक्विटी फ्यूचर्स में गिरावट के साथ-साथ जापान और ऑस्ट्रेलिया के शेयर जल्दी फिसल गए। हैंग सेंग फ्यूचर्स 0.6% नीचे थे, जापान का टॉपिक्स 0.5% गिर गया, ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.3% गिर गया, और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स 0.7% फिसल गया। गिफ्ट निफ्टी टुडे गिफ्ट निफ्टी पर ट्रेंड भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए एक फ्लैट शुरुआत का संकेत देते हैं। गिफ्ट निफ्टी 25,871 लेवल के पास ट्रेडिंग कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद होने से 15 पॉइंट या 0.06% नीचे था। वॉल स्ट्रीट का हाल अमेरिकी शेयरों ने बुधवार को लगातार चौथे सत्र के लिए अपनी गिरावट को बढ़ाया, क्योंकि एआई-लिंक्ड शेयरों में भारी बिकवाली ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व से अतिरिक्त ब्याज दर में कटौती के बारे में आशावाद को पीछे छोड़ दिया। एसएंडपी 500 1.16% गिरकर 6,721.43 पर आ गया, नैस्डैक कंपोजिट 1.81% से 22,693.32 तक फिसल गया, और डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 228.29 अंक या 0.47% गिरकर 47,885.97 पर बंद हो गया। एआई शेयरों में भी गिरावट आई, ब्रॉडकॉम में 4%, एनवीडिया लगभग 4%, एएमडी 5% से अधिक और अल्फाबेट 3% से अधिक टूटा। अमेरिकी डॉलर गुरुवार को प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में तेजी बनी रही क्योंकि व्यापारियों ने यूके, यूरोप और जापान में केंद्रीय बैंक के फैसलों की लहर के लिए तैयार किया। ब्रिटेन की मुद्रास्फीति में अप्रत्याशित गिरावट के बाद स्टर्लिंग दबाव में रहा, जिससे बैंक ऑफ इंग्लैंड की दर में कटौती की उम्मीदें मजबूत हो गईं। येन ने बुधवार को 0.6% की गिरावट को ट्रिम करते हुए, ग्रीनबैक के मुकाबले 0.2% मजबूत होकर 155.45 कर दिया। यूरो में थोड़ा बदलाव हुआ था $1.1743, जबकि स्टर्लिंग भी पिछले दिन 1.3373% की गिरावट के बाद $0.4 पर स्थिर था। सोने की कीमतें गुरुवार को सोना अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे स्थिर रहा। पिछले सत्र में 4,340% बढ़ने के बाद धातु 0.8 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रही थी, जिससे यह अक्टूबर में अपने ऑल टाइम हाई से $40 से थोड़ा अधिक कम हो गया। तेल की कीमतें गुरुवार को एशियाई व्यापार में तेल की कीमतें लगभग एक डॉलर बढ़ गईं, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के प्रवेश करने और छोड़ने वाले टैंकरों पर नाकाबंदी की घोषणा की और देश से अधिकांश निर्यात रुके रहे। यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 98 सेंट या 1.7% बढ़कर 0120 जीएमटी पर 56.89 डॉलर प्रति बैरल पर था, जो शुरू में एक डॉलर से अधिक बढ़ने के बाद था। ब्रेंट क्रूड 92 सेंट या 1.54% बढ़कर 60.60 डॉलर प्रति बैरल हो गया।