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दोपहिया से चार पहिया की ओर रुझान, Maruti ने बेची 80,000 कारें सिर्फ ₹1,999 EMI ऑफर पर

नई दिल्ली त्योहारों का मौसम है और बाजार में खूब रौनक है. ऐसे में 22 सितंबर से लागू हुए नए जीएसटी स्ट्रक्चर ने और भी तड़का लगा दिया है. गाड़ियों की कीमत में भारी कटौती आई है. जिसका सीधा असर कार खरीदारी पर देखने को मिल रहा है. और कार बेचने में सबसे आगे है मारुति सुज़ुकी. जीएसटी कटौती हुई तो गाड़ियों के दाम नीचे आए. ऊपर से कंपनी ने ऐसा ऑफर फेंका कि लोगों की भारी भीड़ शोरूमों पर टूट पड़ी है. नवरात्रि के शुरू होने के बाद अब तक 80 हज़ार से ज्यादा मारुति की कारें बिक चुकीं हैं. इतना ही नहीं रोजाना तकरीबन 80 हज़ार लोग अपनी नई कार के बारे में एंक्वॉयरी (पूछताछ) कर रहे हैं. शोरूम में भीड़ ऐसी कि डीलर रात में 11–12 बजे तक गाड़ियां डिलीवर कर रहे हैं. GST लागू होने के पहले दिन ही मारुति सुजुकी ने 35 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा था और एक दिन में ही 25,000 कारों की डिलीवरी की थी. अब ये सिलसिला और आगे बढ़ रहा है. मारुति सुजुकी के सीनियर एक्जीक्यूटिव ऑफिसर (सेल्स और मार्केटिंग) पार्थो बनर्जी ने बिज़नेस टुडे को बताया कि कंपनी ने नवरात्रि की शुरुआत से अब तक 80,000 वाहनों की बिक्री की है. जबकि रोजाना एंक्वॉयरी बढ़कर लगभग 80,000 हो गई है. बनर्जी ने कहा, "हमारे शोरूम में भारी भीड़ है. चैनल पार्टनर हमारे ग्राहकों तक वाहन पहुँचाने के लिए देर रात तक काम कर रहे हैं." EMI का खेल… दोपहिया छोड़ कार खरीद रहे लोग अब पढ़िए कंपनी का मास्टरस्ट्रोक. EMI सिर्फ़ 1,999 रुपये से शुरू. यानी जितने में लोग बाइक या स्कूटर खरीदते हैं, उतने में अब कार घर आ सकती है. कंपनी को पता है कि भारत में करोड़ों दो-पहिया उपभोक्ता हैं, जिन्हें बस थोड़ा धक्का चाहिए. EMI का ये जादू वही धक्का है.  कारों को किफायती बनाने के लिए मारुति सुजुकी ने एक शानदार EMI स्कीम लॉन्च की है. जिसके तहत ग्राहक केवल 1,999 प्रति माह की ईएमआई देकर कार खरीद सकते हैं. बनर्जी ने आगे कहा, "इससे दोपहिया वाहन मालिकों के लिए चार पहिया वाहन में अपग्रेड करना आसान हो गया है." सुधर रही है छोटी कारों की बिक्री दरअसल, कंपनी ने छोटे कार सेगमेंट की बिक्री के गिरने की वजह भी बताई है. इसका सीधा कारण कंपनी ने जेब पर पड़ने वाले बोझ को माना है. पार्थो बनर्जी ने बताया कि, छोटी कारों की बिक्री में गिरावट मुख्य रूप से अफोर्डेबिलिटी संबंधी चुनौतियों के कारण हुई है. उन्होंने कहा, "हाल ही में रेपो रेट में कटौती से ईएमआई को और अधिक किफायती बनाने में मदद मिली है." उन्होंने आगे कहा कि मारुति ने चुनिंदा एंट्री-लेवल मॉडलों की कीमतों में 24% तक की कमी की है, जो 31 दिसंबर, 2025 तक लागू रहेगी.  अब जब रेपो रेट घटा, EMI सस्ती हुई, और मारुति ने एंट्री-लेवल कारों के दाम 24% तक घटा दिए (31 दिसंबर 2025 तक), तो ग्राहकों के लिए ये कार खरीदारी का सुनहरा मौका बन गया. छोटी कारों की लोकप्रियता फिर से बढ़ रही है, लेकिन एसयूवी अभी भी भारी डिमांड में है. बनर्जी ने कहा, "हम एसयूवी सेगमेंट में भी अच्छी ग्रोथ देख रहे हैं." एक दिक्कत भी है…! कारों की बिक्री बढ़ रही है, लेकिन दिक्कत ये है कि सप्लाई लाइन दबाव झेल रही है. कारों की सप्लाई के बारे में, बनर्जी ने कहा कि बढ़ती माँग को पूरा करना एक चुनौती बना हुआ है. उन्होंने बताया, "सितंबर के पहले 20 दिनों में डिस्पैच रोक दिया गया था और 22 सितंबर को ही फिर से शुरू हुआ. कई वाहन अभी ट्रांजिट में हैं और हम उन्हें जल्द से जल्द पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं." सप्लाई चेन में तेज़ी आने के साथ, मारुति के अधिकारी ने ग्राहकों को लंबे वेटिंग पीरियड से बचने के लिए अपनी गाड़ियाँ जल्दी बुक करने की सलाह दी है. कुल मिलाकर कहानी ये है कि मारुति सुज़ुकी इस बार के त्योहारी सीज़न में सेल्स के नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है. जीएसटी कटौती, दमदार EMI ऑफर और प्राइस कट  तीनों का कॉम्बो ग्राहकों को शोरूम तक खींच लाया है.

शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का, अमेरिका के फैसले समेत ये हैं गिरावट के 3 कारण

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मचा है, पिछले 5 दिन से लगातार गिरावट जारी है. अचानक शुक्रवार को दोपहर 2 बजे के बाद सेंसेक्स में भूचाल आ गया. सेंसेक्स करीब 800 अंक लुढ़क गया, सेंसेक्स गिरकर 80,359.93 पर पहुंच गया. जबकि निफ्टी 24700 से नीचे फिसल गया है. निफ्टी में जोरदार 250 से ज्यादा अंकों की गिरावट दर्ज की गई.  दरअसल, फॉर्मा और आईटी कंपनियों के शेयरों की जोरदार पिटाई हो रही है. H-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी के असर से मौजूदा हफ्ता आईटी स्टॉक्स के लिए बेहद खराब रहा है. लगातार स्टॉक्स गिर रहे हैं, गुरुवार को देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS के शेयर फिसलकर 2900 से नीचे पहुंच गया है. जबकि इंफोसिस के शेयर 1450 से नीचे पहुंच गया है.  वहीं गुरुवार देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फार्मा समेत कई सेक्‍टर पर टैरिफ का ऐलान कर दिया. फार्मा पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया गया है, जिससे आज भारतीय फॉर्मा कंपनियों में जोरदार बिकवाली हावी है. सन फॉर्मा के शेयर 3 फीसदी टूट चुका है. डॉ रेड्डी के शेयर में भी करीब 2 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है. मुख्य तौर पर भारतीय बाजार में गिरावट के कारण अमेरिकी फैसले हैं, पहले अमेरिका ने H-1B वीजा को लेकर नियम बदला, और अब कई सेक्टर पर टैरिफ थोप दिया है. साथ ही अमेरिकी निवेशक भी लगातार भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं.  इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं:  1. फॉर्मा सेक्टर पर टैरिफ की चोट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रांडेड दवाओं के आयात पर 100% शुल्क लगाने की घोषणा की है. इसके अलावा, किचन कैबिनेट्स और बाथरूम वैनिटीज पर 50%, गद्देदार फर्नीचर पर 30%, भारी ट्रकों पर 25% शुल्क लागू करने की योजना है. ये नए शुल्क 1 अक्टूबर से लागू होंगे. इस ऐलान के बाद भारतीय फार्मा कंपनियों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया. निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया.  2. आईटी शेयरों में लगातार कमजोरी H-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी होने से भारतीय आईटी सेक्टर पहले से ही दबाव में था, अब एक्सेंचर (Accenture) के कमजोर तिमाही नतीजों से मूड और बिगाड़ दिया. निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.3% तक की गिरावट आई. दूसरी वजह H-1B वीजा शुल्क में बढ़ोतरी का डर है, जिससे भारतीय कंपनियों की लागत बढ़ सकती है.  3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी 25 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 4,995 करोड़ रुपये की निकासी की. इस महीने अब तक कुल 24,454 करोड़ रुपये की बिकवाली हो चुकी है. निवेशकों को लाभ वृद्धि (Earnings Growth) को लेकर भी चिंता है. इसके अलावा टैरिफ फैसलों के बाद एशिया के शेयर बाजारों में भी गिरावट हावी है. जापान का निक्केई, चीन का CSI 300, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स नीचे बंद हुए. अमेरिका के बाजार भी गिरावट में बंद हुए. इन वैश्विक नकारात्मक लहरों ने भारत के बाजार पर दबाव डाला. 

Gold-Silver Price: चांदी का बढ़ा भाव, सोना भी हुआ महंगा , जानें आज क्या है गोल्ड-सिल्वर का रेट

इंदौर  आज शुक्रवार 26 सितंबर को सोना-चांदी की कीमतें और बढ़ गईं। सोने की कीमतों में जहां 440 रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी के भाव में 3000 रुपए प्रति किलो का उछाल आया है, वहीं 22 कैरेट सोने के दाम (Gold Rate Today) 1,05,450 रुपए, 24 कैरेट का भाव 1,15,030 रुपए और 18 ग्राम सोने का रेट 86,310 रुपए पर ट्रेंड कर रहा है। इसके अलावा 1 किलो चांदी का रेट (Silver Rate Today) 1, 43, 000 रुपए पर पहुंच गई है। patrika.com पर जानें आपके शहर में 18, 22 और 24 कैरेट सोने का भाव… क्या हैं ताजा रेट… आज शुक्रवार को सोने के ताजा भाव -18 कैरेट सोने का भाव: इंदौर और भोपाल में सोने का भाव 86,210 चल रहा है। -22 कैरेट सोने का ताजा भाव: भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Rate Today) 1,05 450/- रुपए पर ट्रेंड कर रही है। -24 कैरेट सोने का ताजा भाव: भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 1,14, 930 रुपए हो गई है। आज शुक्रवार को आपके शहर इंदौर और भोपाल में चांदी का लेटेस्ट रेट चांदी की बात करें तो आपके शहर भोपाल और इंदौर में 1 किलो चांदी की कीमत 1,43,000/ रुपए ट्रेंड कर रही है। यहां जानें कैसे चेक करें शुद्धता? सोना खरा है या नहीं? ISO (Indian Standard Organization) की ओर से सोने की शुद्धता पहचानने के लिए हॉल मार्क दिए जाते हैं। 24 कैरेट गोल्ड 99.9 प्रतिशत शुद्ध होता है और 22 कैरेट लगभग 91 प्रतिशत शुद्धता होती है। वहीं 24 कैरेट सोने में 1.0 शुद्धता (24/24=1.00) होनी चाहिए। वहीं 22 कैरेट गोल्ड में 9% अन्य धातु जैसे तांबा, चांदी, जिंक मिलाकर जेवर तैयार किए जाते हैं। 22 कैरेट सोने में 0.916 शुद्धता (22/24 = 0.916) होनी चाहिए। 24 कैरेट सोने के गहने? 24 कैरेट सोने के गहनों पर 999, 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है। 24 कैरेट में कोई मिलावट नहीं होती, इसके सिक्के मिलते है, लेकिन 24 कैरेट सोने के आभूषण नहीं बनाए जा सकते, इसलिए ज्यादातर दुकानदार 18, 20 और 22 कैरेट सोना बेचते हैं। जानें क्या है चांदी पर हॉलमार्किंग का नियम सोने के बाद अब 1 सितंबर 2025 से चांदी की ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग का नियम लागू कर दिया है। हालांकि चांदी के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है। आप बिना हॉलमार्क वाली चांदी भी खरीद सकते हैं। 6 अंकों का यूनिक HUID कोड बता देगा चांदी कितनी शुद्ध हॉलमार्किंग के नियमों के तहत, चांदी पर 6 अंकों का यूनिक HUID कोड होगा। इससे तुरंत पता चल जाएगा कि आपका खरीदा हुआ गहना कितनी शुद्धता का है और वह असली है या नहीं। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने चांदी की शुद्धता के लिए 6 नए स्टैंडर्ड 800, 835, 900, 925, 970 और 990 तय किए हैं। जिल गहने पर 925 या 9250 अंकित है, तो इसका सीधा अर्थ है कि चांदी 92.5% शुद्ध है।

हावड़ा-जमालपुर वंदे भारत ने तोड़ा रिकॉर्ड: 12 महीनों में 15 लाख यात्री और 13 करोड़ की आय

भागलपुर हावड़ा-जमालपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ने 17 सितंबर को एक साल का सफल संचालन पूरा कर लिया। पहले यह ट्रेन हावड़ा भागलपुर के नाम से चलती थी। शुरुआत में ट्रेन केसरिया और काले रंग में चलती थी, लेकिन 16 अगस्त से जमालपुर से संचालन शुरू होने के बाद इसका रंग उजाला और ब्लू कर दिया गया। वहीं, मालदा डिविजन के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान लगभग 15 लाख यात्रियों ने इस ट्रेन से सफर किया और रेलवे को 13 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। वहीं, भागलपुर स्टेशन यार्ड में वंदे भारत की मेंटेनेंस सुविधा भी शुरू होने जा रही है। 32 करोड़ रुपये की लागत से डब्ल्यूपीओ कंपनी द्वारा पिट लाइन तैयार की गई है। 28 सितंबर को इसका फाइनल निरीक्षण होगा। इस पिट लाइन के बाद ट्रेन की नियमित मेंटेनेंस और तकनीकी कार्य यहीं किए जा सकेंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे भविष्य में वंदे भारत की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। वंदे भारत यात्रियों को अब मिलेगा एक लीटर रेल नीर वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों को अब पानी की कमी की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। आईआरसीटीसी ने बड़ा बदलाव करते हुए आधा लीटर के स्थान पर एक लीटर रेल नीर की बोतल देने की तैयारी शुरू कर दी है। आईआरसीटीसी के एजीएम विरेंद्र भट्ठी ने बताया कि अन्य रूटों पर यह व्यवस्था पहले से लागू है और जल्द ही वंदे भारत में भी यात्रियों को सुविधा मिलेगी। दरअसल, यात्रियों की ओर से लगातार शिकायत की जा रही थी कि आधा लीटर पानी यात्रा के दौरान पर्याप्त नहीं होता। अतिरिक्त बोतल की मांग पर उपलब्धता का हवाला देकर इंकार कर दिया जाता था। अब यह नई व्यवस्था यात्रियों की सुविधा में बड़ा कदम साबित होगी।

ट्रंप की घोषणा का असर: 5 बड़ी फार्मा कंपनियों के शेयर धड़ाम

मुंबई   डोनाल्‍ड ट्रंप ने गुरुवार देर रात फार्मा समेत कई सेक्‍टर पर टैरिफ का ऐलान कर दिया.फार्मा पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया गया है, जिसका असर आज भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है. भारतीय शेयर बाजार आज दबाव में कारोबार कर रहा है. सेंसेक्‍स 412.67 अंक गिरकर 80,747.01 पर है और निफ्टी 115 अंक गिरकर 24,776 पर कारोबार कर रहा है. वहीं फार्मा शेयर, जिनका अमेरिका में बड़ा एक्‍सपोजर है, आज बिखर गए. ट्रंप टैरिफ के ऐलान के बाद भारत के 5 फार्मा शेयर तेजी से बिखरे हैं, जिसमें अरबिंदो, ल्यूपिन, डीआरएल, सन और बायोकॉन शामिल हैं. Arvindo Pharma आज 1.91 फीसदी गिरकर 1,076 रुपये पर कारोबार कर रहा है. Lupin शेयर में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 1918.60 रुपये पर कारोबार कर रहा है. सन फार्मा के शेयर करीब 3.8 फीसदी टूटकर 1580 पर कारोबार कर रहा है. Cipla के शेयर में 2 फीसदी की गिरावट आई है. Strides Pharma Science 6 फीसदी, नैट्को फॉर्मा 5 फीसदी, बॉयोकॉन 4 फीसदी, ग्‍लैनफार्मा 3.7%, डिविलैब 3%, IPCA लैब 2.5% और Zydus life 2 % टूटे हैं. मैनकाइंड फार्मा में भी 3.30 फीसदी की गिरावट रही.  बीएसई टॉप 30 शेयरों की बात करें तो सबसे ज्‍यादा ग‍िरावट सनफार्मा के शेयर में 3.8 फीसदी की रही. इसके बाद इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एशियन पेंट्स जैसे 25 शेयर 2 फीसदी तक टूटे हैं. बाकी 5 शेयरों में तेजी है. भारी दबाव में ये सेक्‍टर्स टैरिफ ऐलान के बाद आज फार्मा सेक्‍टर में सबसे बड़ा दबाव दिखाई दे रहा है. यह सेक्‍टर 1.80  फीसदी टूट चुका है. इसके अलावा, H-1B वीजा के कारण आईटी 1.30 फीसदी और हेल्‍थकेयर सेक्‍टर 1.50 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहे हैं. 88 शेयर 52वीक के लो पर  बीएसई के 3,073 शेयरों में से 864 शेयरों में तेजी देखी जा रही है, जबकि 2,062 शेयर गिर हुए हैं. 147 शेयरों में कोई एक्‍शन नहीं दिखाई दे रहा है. 76 शेयरों में अपर सर्किट और 65 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है. 88 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर कारोबार कर रहे हैं.  निवेशकों को तगड़ा नुकसान  शेयर बाजार में गिरावट से निवेशकों को आज भी तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है. बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन आज 454 लाख करोड़ हो चुका है, जबकि कल 457 लाख करोड़ रुपये था. इसका मतलब है कि निवेशकों को करीब 3 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है.     

वैश्विक स्तर पर चमकी भारत की अर्थव्यवस्था, अमित शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का किया दावा

मुंबई मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था के विश्लेषक भारत की विकास गाथा को स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में हुए सुधारों को ऐतिहासिक बताया। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र में उन सुधारों की शुरुआत की, जो वर्षों तक भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता से ग्रसित रहा। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने निर्णायक कदम उठाए। शाह ने बताया कि बीते दस वर्षों में देश में 53 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए। इसका उद्देश्य गरीब से गरीब व्यक्ति को भी बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच दिलाना था। उन्होंने कहा कि इससे देश की आर्थिक संरचना मजबूत हुई। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने पहली बार नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) की जानकारी को पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत किया। इससे न केवल बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार आया बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा। भारत की छवि मजबूत हुई उन्होंने कहा कि भारत की विकास दर और सुधारों ने वैश्विक स्तर पर देश की छवि को मजबूती दी है। अब दुनिया भारत को आर्थिक शक्ति के रूप में देख रही है। शाह ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और तेजी से विकास करेगा और विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। जीएसटी पर क्या बोले शाह? शाह ने जीएसटी सुधारों पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी की पार्टी इसे अपना विचार बताती रही, लेकिन उनकी सरकार राज्यों को 14% वृद्धि की गारंटी नहीं दे पाई। मोदी सरकार ने यह भरोसा दिलाकर इसे लागू किया। गृह मंत्री ने आगे कहा कि ग्रीन ग्रोथ और रक्षा उत्पादन भारत की विकास यात्रा के प्रमुख कारक होंगे। उन्होंने बैंकों से कहा कि भारतीय बैंक अब वैश्विक शीर्ष बैंकों में शामिल होने के लिए पैमाना बदलें। भारत-अमेरिका वार्ता पर भी बोले शाह इस दौरान शाह ने भारत-अमेरिकी वार्ता पर भी अपनी बात कई बाते रखी। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका वार्ता अपने अंतिम चरण में है और एक सप्ताह में इसका परिणाम सबके सामने होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को मजबूती और सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। इसके साथ ही शाह ने ‘मेक इन इंडिया’ और एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने की बात करते हुए कहा कि यह भारत को निर्माण केंद्र बनाने में निर्णायक साबित होगा। उन्होंने यूपीआई को डिजिटल क्रांति की धुरी बताया।

दुनिया को चौंकाने वाला दान: लैरी एलिसन देंगे 31.24 लाख करोड़, 15 साल पहले ली थी संकल्प

न्यूयॉर्क  दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्‍यक्ति और ओरैकल के फाउंडर लैरी एलिसन ने अपनी कुल संपत्ति का 95 फीसदी दान करने की बात कही है. एलिसन फिलहाल टेस्‍ला के सीईओ एलन मस्‍क के बाद दूसरे सबसे अमीर आदमी हैं. ब्‍लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्‍स के मुताबिक, एलिसन के पास सितंबर, 2025 तक करीब 373 अरब डॉलर की संपत्ति थी. इस लिहाज से अगर देखा जाए तो इसका 95 फीसदी यानी 31 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की संपत्ति वे दान करने वाले हैं. एलिसन की संपत्ति में सबसे ज्‍यादा उछाल ओरैकल के एआई मॉडल की ग्रोथ के बाद आया है, जिसकी वजह से ओरैकल के स्‍टॉक में जबरदस्‍त उछाल दिखा है. एलिसन ने साल 2010 में ही अपनी कुल संपत्ति का 95 फीसदी दान करने की बात कही थी. उनकी संपत्ति में सबसे बड़‍ी हिस्‍सेदारी ओरैकल की इक्विटी में 41 फीसदी भागीदारी के रूप में आती है. सितंबर, 2025 तक एलिसन के पास 373 अरब डॉलर की संपत्ति रही है. उन्‍होंने टेस्‍ला में भी बड़ा निवेश किया हुआ है. कहां दान करते हैं अपना पैसा एलिसन पहले से ही अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्‍सा दान करते आए हैं, जो ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक गैर लाभकारी संगठन एलिसन इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी के जरिये किया जाता रहा है. यह संस्‍थान दुनियाभर में हेल्‍थकेयर, खाने की कमी, क्‍लाइमेट में बदलाव और एआई रिसर्च के लिए फंडिंग करता है. इस संस्‍थान का नया कैंपस साल 2027 में खुलने वाला है, जिसकी वैल्‍यू करीब 1.3 अरब डॉलर की होगी. इससे पहले एलिसन ने 20 करोड़ डॉलर का दान यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया को कैंसर रिसर्च सेंटर स्‍थापित करने के लिए दिया था. इसके अलावा 1 अरब डॉलर का दान एलिसन मेडिकल फाउंडेशन को भी दिया था. मुश्किल प्रोजेक्‍ट पर कर रहे काम  एलिसन ने पिदले साल साइंटिस्‍ट जॉन बेल को अपने रिसर्च सेंटर की अगुवाई के लिए नियुक्‍त किया था. लेकिन, पिछले अगस्‍त में उन्‍होंने कहा कि यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के पूर्व प्रेसिडेंट सैंटा ओनो को हायर किया है, जो बेल के साथ मिलकर काम करते. इसके दो सप्‍ताह बाद ही बेल ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया. उनका कहना था कि यह बहुत मुश्किल प्रोजेक्‍ट है और इस पर काम नहीं किया जा सकता है. कोड लिखने से की थी करियर की शुरुआत एलिसन ने यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस से पढ़ाई समाप्‍त करने के बाद डाटाबेस कोड लिखने से अपने करियर की शुरुआत की थी. साल 1977 में उन्‍होंने बतौर सह-संस्‍थापक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लैबोरेटरीज की स्‍थापना की, जो बाद में ओरैकल के नाम से जानी गई. साल 2014 तक वह ओरैकल के सीईओ रहे. इसके बाद एग्‍जीक्‍यूटिव चेयरमैन और सीटीओ के पद पर काम किया. एलिसन के पास इस कंपनी के अलावा भी कई और निवेश हैं. उन्‍होंने हवाई द्वीप का करीब 98 फीसदी हिस्‍सा खरीद रखा है.

भारत का सबसे अमीर बनने का सपना सच होने के क़रीब: गौतम अदाणी की संपत्ति में दो दिन में 13 अरब डॉलर का उछाल

नई दिल्ली देश के दिग्गज उद्योगपति और अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी की संपत्ति में बीते दो कारोबारी सत्रों में 13 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। उनकी संपत्ति में बढ़ोतरी शेयरों की कीमत में तेजी आने के कारण हुई है। गौतम अदाणी की संपत्ति में इस साल 17.1 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है, जबकि मुकेश अंबानी की संपत्ति में 8.02 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। अदाणी ग्रुप के शेयरों में बढ़ोतरी की वजह सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) की ओर से शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग मामले में क्लीन चिट देना है। शॉर्ट-सेलर द्वारा व्यापक रूप से प्रचारित दावों के झूठे होने की पुष्टि करने वाले अपने अंतिम आदेश में, सेबी ने निष्कर्ष निकाला कि अदाणी समूह ने दो निजी फर्मों के माध्यम से धन का प्रवाह करके किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया, जिससे छिपे हुए संबंधित पक्ष लेनदेन और धोखाधड़ी के दावों को प्रभावी ढंग से खारिज कर दिया गया। बीते तीन कारोबारी सत्रों में अदाणी पावर का शेयर करीब 30 प्रतिशत, अदाणी टोटल गैस का शेयर भी करीब 18 प्रतिशत, अदाणी ग्रीन एनर्जी का शेयर करीब 15 प्रतिशत, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर का दाम 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुका है। इस दौरान अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 11 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दे चुका है, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर ने करीब 3 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। दुनिया के अरबपतियों की सूची में 452 अरब डॉलर के साथ एलन मस्क शीर्ष पर हैं। इसके बाद 388 अरब डॉलर के साथ लैरी एलिसन दूसरे, 269 अरब डॉलर के साथ मार्क जुकरबर्ग तीसरे, 250 अरब डॉलर के साथ जेफ बेजोस चौथे और 221 अरब डॉलर के साथ लैरी पेज पांचवे स्थान पर होंगे। मौजूदा में समय में अरबपतियों की सूची में मुकेश अंबानी 98.6 अरब डॉलर के साथ 18 वें स्थान पर, गौतम अदाणी 95.7 अरब डॉलर के साथ 19 वें स्थान पर हैं।

Nokia की बाजार में वापसी तय, क्या एक बार फिर जीत पाएगा यूज़र्स का भरोसा?

मुंबई  Nokia एक बार फिर मार्केट में वापसी कर रही है. कंपनी ने HMD ग्लोबल के साथ अपने ब्रांड लाइसेंस एग्रीमेंट को बढ़ा दिया है. इसका मतलब है कि HMD अगले कुछ सालों तक Nokia की ब्रांडिंग वाले फोन्स बेच पाएगी. हालांकि, ये एग्रीमेंट सिर्फ फीचर फोन्स के लिए है. यानी मार्केट में आपको नोकिया के स्मार्टफोन नहीं मिलेंगे.  दोनों कंपनियों के बीच साल 2016 में ब्रांड लाइसेंसिंग एग्रीमेंट हुआ था, जो 2026 में एक्सपायर होने वाला था. हालांकि, लाइसेंस एक्सपायर होने से पहले ही HMD ने नोकिया ब्रांड का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था.  कौन-से फोन होंगे लॉन्च? कंपनी पिछले कुछ वक्त से HMD ब्रांड नेम के तहत स्मार्टफोन और फीचर फोन्स मार्केट में बेच रही है. रिपोर्ट्स की मानें, तो कंपनी ने नोकिया के साथ अपने लाइसेंस को अगले दो से तीन साल के लिए बढ़ा लिया है. इसकी वजह से हमें मार्केट में नोकिया ब्रांडिंग वाले फीचर फोन्स एक बार फिर देखने को मिल सकते हैं.  HMD ने नोकिया ब्रांडिंग के साथ कई क्लासिक फोन्स को मार्केट में दोबारा लॉन्च किया था. इन फोन्स को अच्छा रिस्पॉन्स भी मिला, लेकिन स्मार्टफोन के जमाने में फीचर फोन्स कहां तक मुकाबला करते. वहीं दूसरी तरफ नोकिया की ब्रांडिंग के बाद भी HMD के स्मार्टफोन्स मार्केट में कोई कमाल नहीं कर पाए.  अब तक कंपनी को नहीं हुआ फायदा पिछले कुछ वक्त से कंपनी HMD ब्रांडिंग के साथ स्मार्टफोन को लॉन्च कर रही है. मगर इसका भी कोई फायदा होते ब्रांड को नहीं दिख रहा है. नोकिया ब्रांड की फीचर फोन मार्केट में वापसी कंपनी को राहत पहुंचा सकती है. खासकर भारत और चीन जैसे मार्केट में जहां आज भी फीचर फोन्स की मांग है.  भारत की बात करें, तो फीचर फोन्स की डिमांड यहां सबसे ज्यादा है. IDC के डेटा के मुताबिक, HMD ग्लोबल भारतीय फीचर फोन मार्केट में एक मजबूत प्लेयर है. साल 2024 में कंपनी का मार्केट शेयर लगभग 22 फीसदी था. लाइसेंस एक्सटेंशन से HMD को मजबूती मिलेगी. ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस पारी में नोकिया और HMD की जोड़ी कोई कमाल करेगी.

Hero ने लॉन्च किया नया Destini स्कूटर, GST छूट के बाद कीमत 72,000 रुपये तक पहुंची

नई दिल्ली जीएसटी छूट से सरगर्म ऑटो बाजार में हीरो मोटोकॉर्प ने बड़ा दांव खेला है. जब तमाम कंपनियां दाम घटाने की होड़ में हैं, वहीं हीरो ने ग्राहकों को सिर्फ कीमत का तोहफा ही नहीं दिया, बल्कि एकदम नया स्कूटर Destini 110 लॉन्च किया है. महज 72,000 रुपये से शुरू होने वाला यह स्कूटर न सिर्फ किफायती है बल्कि लुक और डिज़ाइन के मामले में सेग्मेंट के लीडर Honda Activa को टक्कर देता है. वेरिएंट और प्राइस जनवरी 2025 में कंपनी ने Destini 125 का नया अवतार पेश किया था और अब उसी डिज़ाइन व स्टाइलिंग पर बेस्ड नया Destini 110 लॉन्च किया गया है. कंपनी ने इसे दो वेरिएंट्स में उतारा है. VX वेरिएंट की कीमत 72,000 रुपये और ZX जिसकी कीमत 79,000 रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है. लुक और डिज़ाइन देखने में यह स्कूटर काफी हद तक बड़े मॉडल Destini 125 से मिलता-जुलता है. इसमें वही H-शेप्ड LED डे-टाइम-रनिंग लाइट (DRLs) और LED टेललैंप दिए गए हैं. इंडिकेटर्स एप्रन पर थोड़ा नीचे की ओर प्लेस किए गए हैं. चौड़ा फ्लोरबोर्ड और लंबी सीट के चलते ये स्कूटर एक आरामयदाक सवारी के लिए डिज़ाइन किया गया है. कलर ऑप्शन     VX वेरिएंट: ग्रे, ब्लू और व्हाइट     ZX वेरिएंट: ग्रे, ब्लू और रेड इंजन और परफॉर्मेंस Destini 110 में कंपनी ने 110.9 सीसी का इंजन दिया है, जो 8.1 bhp की पावर और 8.87 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. हीरो का दावा है कि यह स्कूटर 56.2 kmpl का माइलेज देगा. ZX वेरिएंट में कंपनी ने कैस्ट व्हील्स और फ्रंट डिस्क ब्रेक ब्रेक्स दिए हैं. वहीं  VX वेरिएंट में ड्रम ब्रेक सेटअप मिलता है.  आंकड़ो में Destini सीट हाइट 770 मिमी व्हीलबेस 1,302 मिमी ग्राउंड क्लीयरेंस 162 मिमी वजन 114 किग्रा फ्यूल टैंक 5.3 लीटर मिलते हैं ये फीचर्स दोनों वेरिएंट्स में प्रोजेक्टर LED हेडलाइट, LED टेल लैंप, डिगी-एनालॉग स्पीडोमीटर, फ्रंट ग्लव बॉक्स, इनबिल्ट USB चार्जिंग पोर्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं. सस्पेंशन के लिए सामने टेलिस्कोपिक फोर्क और पीछे सिंगल-साइड शॉक दिया गया है. दोनों वेरिएंट्स में 12-इंच ट्यूबलेस टायर दिए गए हैं.  Honda Activa से तुलना भारत का सबसे लोकप्रिय स्कूटर Honda Activa फिलहाल 73,000 रुपये से 77,500 (एक्स-शोरूम) की रेंज में उपलब्ध है. ऐसे में हीरो ने Destini 110 को रणनीतिक तरीके से पोजिशन किया है. इसका बेस VX वेरिएंट (72,000 रुपये) Activa से सस्ता है. टॉप ZX वेरिएंट (79,000 रुपये) थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन इसमें डिस्क ब्रेक, कैस्ट व्हील्स और LED प्रोजेक्टर हेडलैंप जैसे प्रीमियम फीचर्स हैं, जो Activa में नहीं मिलते.