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रुपाली गांगुली को 5 साल बाद बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड, मेहनत को मिली सराहना

मुंबई  पिछले 5 साल से 'अनुपमा' टीवी का सबसे मशहूर शो बना हुआ है। समय के साथ शो में बहुत कुछ बदला, लेकिन दर्शकों का प्यार अनुपमा के लिए हर दिन के साथ बढ़ता जा रहा है। 'अनुपमा' की बदौलत अब रुपाली गांगुली को अपनी मेहनत का फल मिला है और उन्हें भारतीय टेलीविजन अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अवॉर्ड मिलने के बाद अभिनेत्री बहुत खुश है और उन्होंने दिवंगत सतीश शाह को याद किया है। अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर रुपाली गांगुली ने अवॉर्ड के साथ कुछ फोटोज पोस्ट की हैं, जिसमें वे हाथ में ट्रॉफी लिए चेहरे पर चमकती खुशी के साथ पोज कर रही हैं। अनुपमा के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का आईटीए अवॉर्ड मिलने की खुशी अभिनेत्री ने अपने कोस्टार, प्रोड्यूसर राजन शाही और अपने चाहने वालों के साथ शेयर की है। रुपाली ने कैप्शन, "आभार, आभार और ढेर सारा आभार। यह लेजेंड, मेरे रॉकस्टार- मेरे सतीश काका के लिए है। 25 साल की लगन, कड़ी मेहनत, सपने, उम्मीद, संघर्ष, असुरक्षा, निराशा, खुशी के बीच कुछ चीजें हमेशा पहली जैसे बनी रही, वो थे अश्विन। जब मैं हार मानना ​​चाहती थी, तब उनके विश्वास ने ही आगे बढ़ने की ताकत दी। बता दें कि अश्विन अभिनेत्री के पति हैं, जिन्होंने हमेशा एक्टिंग के करियर में आगे बढ़ने में उनकी मदद की है। टीवी की अनुपमा ने आगे लिखा, "25 साल पहले टेलीविजन की खूबसूरत दुनिया में कदम रखा, तब के डेब्यू डायरेक्टर राजन शाही के साथ और शानदार मेकर ने इस घर पर रहने वाली मां पर भरोसा किया और मुझे अपनी आइकॉनिक 'अनुपमा' बना दिया। इतने प्यार और सपोर्ट के लिए सबका धन्यवाद।" बता दें कि रुपाली गांगुली और दिवंगत सतीश शाह का रिश्ता बहुत खास रहा है। रुपाली ने सतीश शाह को हमेशा अपने पिता का दर्जा दिया है और उनके आखिरी समय में मिलने भी पहुंची थीं। दोनों ने साथ में सिटकॉम शो 'साराभाई वर्सेज साराभाई' में एक साथ काम किया था। रुपाली ने शो में सतीश की बहू मोनिषा का रोल प्ले किया था। दोनों की कॉमेडी टाइमिंग सभी को खूब पसंद आई थी। सिटकॉम शो का सीक्वल भी आया था, लेकिन सतीश शाह के जाने के बाद साराभाई का परिवार अधूरा हो गया है।

कॉमेडियन भारती सिंह के घर खुशियों का आगमन, गोला के बाद दूसरे बेटे का जन्म

मुंबई  कॉमेडियन भारती सिंह एक बार फिर मां बन गई हैं. भारती और उनके पति हर्ष लिंबाचिया ने अपने दूसरे बेटे का स्वागत किया है. खास बात ये है कि भारती ने अपने पहले बेटे गोला के जन्म के करीब तीन साल बाद दूसरे बच्चे को जन्म दिया है. जैसे ही ये खबर सामने आई, लोगों के मन में एक सवाल फिर से उठने लगा कि क्या तीन साल का गैप सही माना जाता है? अक्सर कपल्स पहले बच्चे के बाद दूसरा बच्चा प्लान करने को लेकर कन्फ्यूजन में रहते हैं. बढ़ता खर्च, मां की सेहत, करियर या फिर अपनी निजी पसंद इन सब वजहों से कई लोग एक ही बच्चे तक सीमित रहना चाहते हैं. लेकिन जब परिवार की तरफ से दबाव बढ़ता है या बच्चे को भाई-बहन देने की बात आती है, तो दूसरा बच्चा प्लान करने का फैसला बदल भी जाता है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि दो बच्चों के बीच कितना गैप मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए सही होता है? क्या दो साल काफी हैं या फिर पांच साल का इंतजार बेहतर माना जाता है? आखिर दूसरे बच्चे के जन्म का सही या आइडियल गैप कितना होना चाहिए? पहले और दूसरे बच्चे में भारती ने कितना रखा गैप? भारती लाफ्टर शेफ्स सीजन 3 के सेट पर शूटिंग के लिए जाने वाली थीं, लेकिन घर पर ही अचानक लेबर पेन शुरू हो गया. वॉटर ब्रेक होते ही उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने बेटे को जन्म दिया. भारती सिंह के पहले बेटे गोला का जन्म 3 अप्रैल 2022 में हुआ था. ऐसे में गोला और दूसरे बेटे के जन्म के बीच लगभग 3 साल का अंतर है. आज के दौर में कई कपल्स इसी गैप को प्रेफर करते हैं, क्योंकि इससे मां की सेहत और बच्चों की देखभाल दोनों बेहतर तरीके से हो पाती है. आखिर बच्चों के बीच कितना होना चाहिए सही गैप? दूसरा बच्चा कब प्लान करना है, ये यूं तो पूरी तरह माता-पिता का निजी फैसला होता है. लेकिन इस फैसले में सबसे अहम भूमिका मां की सेहत की होती है. पहली प्रेग्नेंसी के बाद मां के शरीर को पूरी तरह ठीक होने के लिए समय चाहिए. ऐसे में दूसरा बच्चा तभी प्लान करना चाहिए, जब शरीर पहले गर्भ और डिलीवरी के असर से उबर चुका हो. बच्चों के बीच बहुत कम या बहुत ज्यादा गैप रखने के अपने-अपने फायदे और नुकसान होते हैं, जिन्हें समझना जरूरी है. 12 से 18 महीने का गैप  अगर दो बच्चों के बीच 12 से 18 महीने का गैप हो, तो दोनों के बीच बॉन्डिंग काफी अच्छी बनती है. पहला बच्चा इतना छोटा होता है कि उसे जलन या इनसिक्यॉरिटी का एहसास नहीं होता और दोनों बच्चे एक-दूसरे के अच्छे प्लेमेट बन जाते हैं. हालांकि, इस तरह का कम गैप मां की सेहत पर भारी पड़ सकता है. लगातार नींद पूरी ना होना, दो बच्चों की देखभाल, ब्रेस्टफीडिंग और ट्रेनिंग जैसी जिम्मेदारियां एक साथ निभाना आसान नहीं होता. रिसर्च बताती है कि 18 महीने से कम गैप होने पर प्रीमैच्योर डिलीवरी, बच्चे का वजन कम होना और गर्भ में बच्चे की ग्रोथ धीमी रहने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. दो साल का गैप  कई डॉक्टरों का मानना है कि दो साल का गैप मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए बेहतर माना जाता है. इस समय तक मां का शरीर काफी हद तक रिकवर कर चुका होता है और पहला बच्चा भी इतना समझदार हो जाता है कि अपनी बातें इशारों या शब्दों में बता सके. इससे मां को दूसरे बच्चे की देखभाल में थोड़ी आसानी होती है और घर का माहौल भी ज्यादा बैलेंस्ड रहता है. तीन साल या उससे ज्यादा का गैप  अगर बच्चों के बीच तीन साल या उससे ज्यादा का गैप रखा जाए, तो पहला बच्चा काफी हद तक अपने काम खुद से करने लगता है और खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करता है. इस दौरान मां का शरीर भी पहली प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग से पूरी तरह उबर चुका होता है. माता-पिता दोनों बच्चों को अलग-अलग ध्यान दे पाते हैं क्योंकि दोनों की जरूरतें और रुचियां अलग होती हैं. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबे गैप के बाद दोबारा प्रेग्नेंट होना शरीर के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है. कुछ मामलों में प्रेग्नेंसी और डिलीवरी से जुड़े रिस्क बढ़ सकते हैं. अगर गैप पांच साल तक चला जाए, तो हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है. क्या सलाह देते हैं डॉक्टर? विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के मुताबिक, पहले और दूसरे बच्चे के बीच कम से कम 24 महीने का गैप होना चाहिए. इस दौरान मां का शरीर पहली प्रेग्नेंसी में खोए हुए पोषक तत्वों को दोबारा हासिल कर लेता है और अगली प्रेग्नेंसी के लिए बेहतर तरीके से तैयार होता है. अगर 24 महीने का गैप संभव न हो, तो भी कम से कम 18 महीने का अंतर जरूर रखा जाना चाहिए, ताकि मां और बच्चे दोनों की सेहत सुरक्षित रह सके.

‘हैप्पी पटेल’ ट्रेलर आउट: आमिर खान प्रोडक्शन की फिल्म में वीर दास का बिल्कुल अलग अंदाज

मुंबई आमिर खान की फिल्मों का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार रहता है। अब आमिर खान एक नई फिल्म लेकर आए हैं। हालांकि, इस बार वो बतौर हीरो नहीं बल्कि बतौर प्रोड्यूसर फिल्म लेकर आए हैं ‘हैप्पी पटेल’। अनोखी मार्केटिंग और प्रमोशन के बाद अब ‘हैप्पी पटेल’ का ट्रेलर आज रिलीज हो गया है। मजेदार है ट्रेलर फिल्म का पूरा नाम ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ है। 2 मिनट 38 सेकंड के इस ट्रेलर में जबरदस्त ह्यूमर और कई मजेदार, हटके पल देखने को मिलते हैं। जिससे पता चलता है कि ये फिल्म एक दम हटके और एंटरटेनमेंट से भरपूर रहने वाली है। निर्देशक और अभिनेता दोनों की भूमिका में वीर दास अपनी अलग और फ्रेश कॉमेडी स्टाइल लेकर आए हैं, जो ट्रेलर से काफी हटके नजर आती है। यह ट्रेलर फिल्म को लेकर उत्साह और भी बढ़ा रहा है। फिल्म 16 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। अलग अंदाज में दिखे वीर दास और आमिर खान ट्रेलर में वीर दास एक बिल्कुल नए अंदाज में नजर आते हैं। वह यहां एक परफेक्ट लेकिन थोड़े इम्परफेक्ट जासूस बने हैं, जो एक मिशन पर निकले हैं। कहानी आगे बढ़ते ही वह मुसीबतों में फंस जाते हैं और फिर शुरू होता है पूरा हंगामा, जो फिल्म में देखने को मिलेगा। फिल्म में मोना सिंह भी बिल्कुल अलग अंदाज में दिखी हैं। इसके अलावा मिथिला पालकर अपनी अलग सी मासूमियत और चार्म जोड़ती हैं। फिल्म में आमिर खान भी नजर आएंगे। हालांकि, यहां भी उनका अलग अंदाज और अनोखा लुक देखने को मिलेगा। ट्रेलर देखने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों का उत्साह और भी बढ़ता है।

इंडस्ट्री को बड़ा झटका: इस फेमस अभिनेता का अचानक हुआ निधन, परिवार ने दी जानकारी

लॉस एंजिल्स हॉलीवुड इंडस्ट्री को एक बड़ा झटका लगा है। फेमस एक्टर विलियम रश का 31 साल की उम्र में निधन हो गया। विलियम के अचानक निधन ने उनके परिवार और फैंस को हैरान कर दिया है। अभिनेता की मौत की जानकारी उनकी मां और हॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस डेबी रश ने खुद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा की। अभी तक विलियम के निधन का कारण सामने नहीं आया है। मां ने दी निधन की जानकारी विलियम की मां डेबी रश ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि उनके प्यारे बेटे का 17 दिसंबर को निधन हो गया। उन्होंने बताया कि इस गहरे दुख से उनका परिवार पूरी तरह टूट गया है। डेबी ने पोस्ट में कहा कि इस मुश्किल समय में भी विलियम ने दूसरों की मदद की और अंगदान कर कई परिवारों को नई उम्मीद और जीवन दिया। उन्होंने फैंस से प्रार्थना की अपील करते हुए कहा कि विलियम को हमेशा याद रखा जाएगा। विलियम रश कौन थे? विलियम रश ने अपने करियर की शुरुआत टीवी सीरीज से की थी। उन्होंने 'Waterloo Road' में जोश स्टीवेन्सन की भूमिका निभाई और दर्शकों का ध्यान खींचा। साल 2016 में उन्होंने 'X Factor' में ऑडिशन भी दिया। विलियम की मां डेबी रश भी हॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं, जिन्होंने 'Coronation Street' में करीब एक दशक तक काम किया। फैंस ने जताया दुख सोशल मीडिया पर विलियम रश के फैंस उनकी याद में पोस्ट साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनकी मौत ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरी हॉलीवुड इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ा दी है।

रानी मुखर्जी को मिला ‘एक्सीलेंस इन वूमन एम्पावरमेंट थ्रू सिनेमा अवॉर्ड’

मुंबई, भामला फाउंडेशन ने बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी को सिनेमा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘एक्सीलेंस इन वूमन एम्पावरमेंट थ्रू सिनेमा अवॉर्ड’ से सम्मानित किया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने भामला फाउंडेशन के साथ मिलकर भारत की बेटियों को सशक्त और शिक्षित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान ‘सुपरगर्ल्स ऑफ टुमॉरो’ की शुरुआत की है। इस पहल का नेतृत्व भामला फाउंडेशन के संस्थापक आसिफ भामला कर रहे हैं। इस अभियान के तहत भामला फाउंडेशन ने अभिनेत्री रानी मुखर्जी को सिनेमा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘एक्सीलेंस इन वूमन एम्पावरमेंट थ्रू सिनेमा अवॉर्ड’ से सम्मानित किया है। भारतीय फिल्म उद्योग में अपने 30 वर्षों के शानदार सफर का जश्न मना रहीं रानी मुखर्जी न केवल सिनेमा की एक आइकॉन हैं, बल्कि एक ऐसी ट्रेलब्लेज़र भी हैं, जिनके काम ने लगातार रूढ़ियों और सीमाओं को तोड़ा है। अपने सशक्त, आत्मनिर्भर और प्रेरणादायक किरदारों के ज़रिए उन्होंने हमेशा महिलाओं की गरिमा, समानता और सम्मान का पक्ष लिया है। मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे में उनके दमदार अभिनय को इस वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसने भारतीय सिनेमा की महानतम अभिनेत्रियों में उनके स्थान को और मजबूत किया। आधुनिक भारतीय महिला की पहचान मानी जाने वाली रानी मुखर्जी का सिनेमा ब्लैक, नो वन किल्ड जेसिका, मर्दानी फ्रैंचाइज़ी, युवा, बंटी और बबली, साथिया, हम तुम, वीर -जारा, हिचकी और मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे जैसी प्रभावशाली फिल्मों तक फैला हुआ है। उनके सिनेमा ने महिलाओं को हमेशा मजबूत, स्वतंत्र और निडर रूप में प्रस्तुत किया है और भारतीय समाज में महिलाओं को देखने के नजरिए को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है। रानी मुखर्जी ने कहा, “सुपरगर्ल्स ऑफ टुमॉरो को सशक्त और शिक्षित करने के लिए समर्पित ऐसे अभियान एक अधिक समान और संवेदनशील समाज के निर्माण के लिए बेहद जरूरी हैं। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे ऐसे मजबूत और आत्मनिर्भर महिला किरदार निभाने का अवसर मिला, जो पितृसत्ता को चुनौती देते हैं, रूढ़ियों को तोड़ते हैं और दर्शकों को यह देखने के लिए प्रेरित करते हैं कि महिलाएं बदलाव की वाहक, राष्ट्र निर्माता और समाज में समान अधिकारों की हकदार हैं। मुझे गर्व है कि मैंने ऐसी निडर महिलाओं की भूमिकाएं निभाईं, जो उदाहरण पेश करती हैं और अंध रूढ़ियों को तोड़ती हैं। सिनेमा में समाज को प्रभावित करने और उसकी सोच को बदलने की ताकत होती है, और मेरा काम हमेशा महिलाओं को सशक्त व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश करता है, जो यथास्थिति को चुनौती दे सकें। सिनेमा के ज़रिए मेरे काम को मिले इस सम्मान के लिए मैं दिल से आभारी हूं। यह मेरे लिए बेहद खास पल है। मैं आगे भी इस मिशन पर काम करती रहूंगी और दुनिया को बताती रहूंगी कि लड़कियां हमारे देश की रीढ़ हैं, हमारे सामाजिक ढांचे की बुनियाद हैं, और अब समय आ गया है कि हम हर एक बेटी का जश्न मनाएं।” रानी मुखर्जी अगली बार मर्दानी 3 में अपनी आइकॉनिक भूमिका, निडर महिला पुलिस अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में नज़र आएंगी। यह फिल्म 27 फरवरी 2026 को रिलीज होने वाली है।  

एआई के गलत इस्तेमाल पर भड़कीं श्रीलीला, फैंस से की सावधानी बरतने की अपील

मुंबई   सोशल मीडिया पर एआई का चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है। एक तरफ यह तकनीक जीवन को आसान बना रही है, तो दूसरी ओर इसके गलत इस्तेमाल से कई लोगों की छवि को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इसकी चपेट में मनोरंजन जगत के सितारे भी पीछे नहीं हैं। डीप फेक कंटेंट से परेशान कई सेलेब्स ने इसको लेकर आवाजें भी उठाई हैं। इसी कड़ी में साउथ सिनेमा की अभिनेत्री श्रीलाला ने नाराजगी जताते हुए बुधवार को इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर किया।  इसमें उन्होंने सभी से निवेदन किया कि बढ़ते एआई फेक वीडियो या किसी भी प्रकार के कंटेंट का समर्थन न करें। उन्होंने लिखा, "मैं हाथ जोड़कर सभी से निवेदन करती हूं कि कृपया एआई द्वारा बनाई गई गलत और फेक चीजों का समर्थन न करें। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और उसका दुरुपयोग करने में जमीन-आसमान का फर्क है। मेरी नजर में टेक्नोलॉजी का उद्देश्य जिंदगी को आसान बनाना है, न कि उसे और भी ज्यादा मुश्किल करना।" उन्होंने आगे लिखा कि दुनिया की हर लड़की किसी की बेटी, बहन, पोती या दोस्त होती है, भले ही वह फिल्म इंडस्ट्री में काम क्यों न कर रही हो। हम सब एक ऐसे माहौल में काम करना चाहते हैं, जहां पर खुशी फैले और हर कोई सुरक्षित महसूस करे। श्रीलीला ने खुलासा किया कि व्यस्त शेड्यूल की वजह से उन्हें सोशल मीडिया पर चल रही बातों की जानकारी देर से प्राप्त हुई। इसी के साथ अभिनेत्री ने अपने फैंस और शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उन्हें अलर्ट किया। अभिनेत्री ने लिखा, "मैं हमेशा बातों को हल्के में लेकर अपनी दुनिया में मस्त रहती आई हूं, लेकिन यह सब बहुत परेशान करने वाला और दुखद है। मैं देख रही हूं कि मेरे कई सहकलाकार भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। मैं सभी की तरफ से यह बात रख रही हूं।" अभिनेत्री ने आखिरी में लिखा, "सम्मान और गरिमा के साथ, मैं अपने फैंस पर भरोसा रखते हुए, सभी से निवेदन करती हूं कि कृपया हमारा साथ दें।"

धर्मेंद्र की अंतिम फिल्म ‘इक्कीस’ की रिलीज डेट बदली, 01 जनवरी को होगी रिलीज

मुंबई,  बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की अंतिम फिल्म ‘इक्कीस’ 01 जनवरी 2026 रिलीज होगी। फिल्म ‘इक्कीस’ दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म है। धर्मेंद्र के निधन (24 नवंबर 2025) के बाद से ही उनके फैंस इस फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। यह फिल्म 25 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इस फिल्म की रिलीज डेट बदल गयी है। मैडॉक फिल्म्स ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘आज भी जी करता है, पिंड अपने नू जानवा।” धरम जी मिट्टी के सच्चे बेटे थे और उनके शब्दों में उस मिट्टी का सार है। उनकी यह कविता एक तड़प है; एक लेजेंड से दूसरे लेजेंड को एक ट्रिब्यूट। हमें यह टाइमलेस वर्स गिफ्ट करने के लिए धन्यवाद। सिनेमाघरों में ये फिल्म देखें। इक्कीस 01 जनवरी 2026 को रिलीज हो रही है।’ श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी फिल्म इक्कीस वर्ष 1971 के युद्ध पर आधारित है जिसमें एक 21 साल के लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की कहानी दिखाई जाएगी। मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म को दिनेश विजान और बिन्नी पड्डा ने प्रोड्यूस किया है। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा, अरुण खेत्रपाल की भूमिका में हैं, जबकि धर्मेंद्र, अरुण के पिता एमएल. खेत्रपाल की अहम भूमिका में नजर आयेंगे। बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार की भांजी सिमर भाटिया इस फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू कर रही हैं। इस फिल्म की कहानी एक पिता की भावनात्मक यात्रा को दर्शाती है, जब वह यह समझने की कोशिश करते हैं कि 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उसके बेटे ने किस वजह से देश के लिए बलिदान दिया था।  

पति पुलकित सम्राट को घर पर प्यार से ‘अन्नपूर्णा’ बुलाती है कृति खरबंदा

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेत्री कृति खरबंदा अपने पति और अभिनेता पुलकित सम्राट को घर पर प्यार से 'अन्नपूर्णा' बुलाती है। बॉलीवुड की प्रेम कहानियाँ अक्सर ग्लैमर और चकाचौंध में लिपटी होती हैं, लेकिन कुछ सबसे खूबसूरत रिश्ते बेहद सादे और सच्चे पलों में जन्म लेती हैं और कृति खरबंदा और पुलकित सम्राट की कहानी उन्हीं में से एक है। कृति खरबंदा ने हाल ही में करण जौहर के साथ एक बातचीत के दौरान अपनी ज़िंदगी के उस निजी पल को साझा किया, जिसने उन्हें यह यकीन दिला दिया कि पुलकित ही वह इंसान हैं, जिनके साथ वह अपनी पूरी ज़िंदगी बिताना चाहती हैं। यह पल न तो शोहरत से जुड़ा था, न सफलता से और न ही किसी लग्ज़री से। कृति ने बताया कि यह एक देर रात की ड्राइव थी, जब दोनों बांद्रा की सड़कों से गुज़र रहे थे। उस समय तक उन्होंने अपने रिश्ते को निजी ही रखा हुआ था। शहर की शांत सड़कों पर गाड़ी चलाते हुए एक लेम्बॉर्गिनी उनके पास से गुज़री। सहज-सी जिज्ञासा में कृति ने पुलकित से पूछ लिया कि यदि कभी उनके पास बहुत सारा पैसा हुआ तो वह क्या करेंगे? पुलकित ने बिना एक पल सोचे, सड़क पर ध्यान रखते हुए जो जवाब दिया, उसने एक ही पल में सब कुछ बदल दिया। कृति ने मुस्कुराते हुए बताया, “पुलकित ने कहा कि वह एक गुरुद्वारा बनवाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि वहाँ 24×7 लंगर चलता रहे।” यही वह क्षण था जब कृति को बिना किसी संदेह के यह एहसास हो गया कि यही वह शख़्स हैं, जिनसे वह शादी करना चाहती हैं।“उस पल, प्यार एक बार फिर से हो गया।” पुलकित की दरियादिली और खाने को लेकर पुलकित के पैशन पर कृति ने यह भी बताया कि वे घर पर पुलकित को प्यार से “अन्नपूर्णा” कहकर बुलाती हैं। कृति ने बताया कि पुलकित की असली पहचान उनकी सहज दरियादिली और समाज को लौटाने की भावना है। न महत्वाकांक्षा, न लाइफ़स्टाइल और न ही सफलता, बल्कि उनके शब्दों के पीछे छुपा दिल ही उन्हें खास बनाता है।  

शानदार नज़ारे, कमजोर कहानी – अवतार: फायर एंड ऐश क्यों बन गई लंबी और थकाऊ फिल्म

लॉस एंजिल्स 'अवतार: फायर एंड ऐश' जेम्स कैमरून की अवतार सीरीज तीसरी फिल्म है, इससे पहले 'अवतार' (2009) और 'अवतार: द वे ऑफ वॉटर' (2022) को ऑडियंस का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म को लेकर लोगों में काफी उम्मीदें थीं, क्योंकि अवतार का नाम आते ही बड़ी फिल्म, नई दुनिया और शानदार तकनीक का खयाल आता है। फिल्म का स्केल बहुत बड़ा है और यह देखने में भी काफी महंगी और भव्य लगती है। लेकिन पूरी फिल्म देखने के बाद ऐसा लगता है कि तकनीक और विजुअल्स के अलावा बाकी चीजों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया। फिल्म की कहानी एक बार फिर इंसानों और पैंडोरा की दुनिया के बीच टकराव पर आधारित है। इस बार कहानी फायर एंड ऐश इलाके में जाती है, जहां आग, राख और ज्वालामुखी से जुड़ा माहौल दिखाया गया है। शुरुआत में यह जगह नई और अलग लगती है और ऑडियंस को थोड़ा उत्सुक भी करती है। लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, कहानी वही जाना-पहचाना रास्ता पकड़ लेती है। कई जगह ऐसा लगता है कि कहानी में कोई बड़ा मोड़ आने वाला है, लेकिन ज्यादातर घटनाएं पहले से ही समझ में आने लगती हैं। इसी वजह से फिल्म का रोमांच धीरे-धीरे कम होता जाता है। कहानी में नयापन बिल्कुल महसूस नहीं होता है और कई बार लगता है कि वही पुरानी बातों को थोड़ा बदलकर दिखाया जा रहा है। स्क्रीनप्ले और प्लॉट फिल्म का स्क्रीनप्ले काफी फैला हुआ है। कई सीन ऐसे हैं जिनसे कहानी में कोई खास फर्क नहीं पड़ता। कुछ जगह फिल्म बहुत धीमी लगती है …कुछ जगह अचानक तेज हो जाती है। अगर फिल्म को छोटा किया जाता और गैर-जरूरी सीन हटा दिए जाते, तो शायद कहानी अच्छी बन सकती थी। प्लॉट में कुछ नया आइडिया नहीं था। कई जरूरी सीन जल्दी खत्म हो जाते हैं, जबकि कुछ कम जरूरी सीन काफी देर तक चलते रहते हैं। इससे फिल्म की पकड़ ढीली पड़ जाती है। जेक सुली का किरदार निभाने वाले अभिनेता सैम वर्थिंगटन के एक्सप्रेशन इस फिल्म में ज्यादा बदलते हुए नहीं दिखते। उनके किरदार का व्यवहार और उसके लिए गए फैसले पहले जैसे ही हैं। ऑडियंस को यह महसूस नहीं होता कि उनका किरदार किसी नई सिचुएशन से गुजर रहा है या कुछ नया सीख रहा है। ऐसे में उनका अभिनय पिछली दो फिल्मों जैसा ही रहा। नेयतिरी के रोल को भी इस पार्ट में सीमित ही रखा गया है। वह ज्यादातर गुस्से या दुख की स्थिति में ही दिखाई देती है। यह किरदार अभिनेत्री जोई सलडाना ने निभाया और उनका काम भी पहले जैसा ही है। वहीं इस पार्ट में एंट्री की है ओना चैपलिन ने, जिन्हाेंने फिल्म की मुख्य विलन वारंग का किरदार निभाया है। उनका काम ठीक-ठाक है। नए किरदार फिल्म में आते तो हैं, लेकिन उनमें भी ऐसी कोई खास बात नहीं कि ऑडियंस उनसे जुड़ सके। तकनीक और विजुअल्स फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा इसकी तकनीक है। जेम्स कैमरून ने इस बार भी टेक्नोलॉजी के मामले में कोई कमी नहीं छोड़ी है। CGI बहुत साफ और डिटेल में है। पैंडोरा की दुनिया, खासकर फायर एंड ऐश वाला इलाका, देखने में अलग और प्रभावशाली लगता है। आग, राख, ज्वालामुखी और टूटे-फूटे इलाकों को जिस तरह दिखाया गया है…. वह बड़े पर्दे पर अच्छा असर डालता है। कई सीन ऐसे हैं जहां सिर्फ विजुअल्स देखने में ही मजा आता है। कैरेक्टर और उनके आसपास का माहौल अच्छी तरह से ब्लेंड होता है, जिससे सब कुछ रियल-सा लगता है। सिनेमैटोग्राफी भी मजबूत है। कैमरा मूवमेंट स्मूथ है और एक्शन सीन साफ दिखते हैं। हर फ्रेम में डिटेल पर ध्यान दिया गया है, जिससे फिल्म विजुअली रिच लगती है। 3D और बड़े स्क्रीन पर फिल्म देखने का अनुभव और भी बेहतर हो जाता है। हालांकि, एक बात यहां खटकती है। कई बार ऐसा लगता है कि तकनीक को कहानी से ज्यादा महत्व दिया गया है। कुछ सीन सिर्फ इसलिए लंबे लगते हैं ताकि विजुअल्स दिखाए जा सकें। कुल मिलाकर, तकनीकी स्तर पर फिल्म काफी मजबूत फिल्म है। CGI, विजुअल्स और कैमरा वर्क इसे देखने लायक बनाते हैं, भले ही कहानी उस स्तर तक न पहुंच पाए। कमियां फिल्म की लंबाई एक बड़ी समस्या है। यह जरूरत से ज्यादा लंबी लगती है। एक्शन सीन बार-बार आते हैं और कुछ समय बाद एक जैसे लगने लगते हैं। इससे फिल्म बीच-बीच में थकाने वाली महसूस होती है। फिल्म पर्यावरण बचाने का मैसेज देती है, जो सही बात है। लेकिन इसे बहुत लंबे तरीके से दिखाया गया है। पिछली फिल्मों से तुलना पहली अवतार ने ऑडियंस को पैंडोरा की नई दुनिया से जोड़ा था और द वे ऑफ वॉटर ने उस दुनिया में इमोशंस और परिवार के पहलू को आगे बढ़ाया था। फायर एंड ऐश में वह ताजगी और इमोशनल जुड़ाव कम महसूस होता है। जहां पिछली फिल्मों में कहानी और दुनिया एक-दूसरे को सहारा देती थीं… वहीं यहां ज्यादातर बोझ विजुअल्स पर डाल दिया गया है। देखे या नहीं? अवतार: फायर एंड ऐश देखने में भले ही शानदार हो, लेकिन कंटेंट के मामले में यह औसत फिल्म लगती है। जो लोग सिर्फ बड़े विजुअल्स और तकनीक देखने जाते हैं, उन्हें यह फिल्म ठीक लग सकती है। लेकिन जो लोग नई और मजबूत कहानी, अच्छे किरदार और इमोशंस की उम्मीद करते हैं, उनके लिए यह फिल्म थोड़ी निराशाजनक हो सकती है।  

700 करोड़ क्लब में शामिल हुई धुरंधर, 13वें दिन कलेक्शन ने तोड़े रिकॉर्ड

मुंबई फिल्म ‘धुरंधर’ इस समय बॉक्स ऑफिस में धमाके पे धमाका कर रही है. कई बड़े-बड़े दिग्गज स्टार्स भी आदित्य धर द्वारा निर्देशित इस फिल्म की तारीफ कर रहे हैं. फिल्म ने दो हफ्तों में ही बॉक्स ऑफिस के कई बड़े रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है और इसी के साथ ये फिल्म साल 2025 में सबसे कम समय में इतना कमाने वाली पहली फिल्म बन गई है. 13 दिनों में फिल्म की वर्ल्डवाइड कमाई का आकंड़ा 700 करोड़ के करीब जा पहुंचा है. बता दें कि ‘धुरंधर’ ने पहले वीकेंड की तुलना में दूसरे वीकेंड पर बंपर कमाई किया है. Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, 280 करोड़ के बजट में बनी ‘धुरंधर’ ने रिलीज के 13वें दिन 25.50 करोड़ रुपये की कमाई किया है. इसकी साथ भारत में इस फिल्म ने अब तक 437.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है. विदेशों से किया इतने का कलेक्शन वहीं, इस फिल्म के वर्ल्डवाइड कमाई के आंकड़ों की बात करें, तो विदेशों में भी इस फिल्म ने शानदार प्रदर्शन किया है. ‘धुरंधर’ ने 12 दिनों में 634 करोड़ रुपये की कमाई किया और अब 13 दिनों में ये आकंड़ा 700 करोड़ के करीब जा पहुंचा है. फिल्म ने केवल ओवरसीज मार्केट से 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है. वहीं, अब इस फिल्म को इस वीकेंड फिल्म अवतार: फायर एंड एश से कड़ी टक्कर मिल सकती है. फिल्म की दमदार स्टारकास्ट फिल्म ‘धुरंधर’ के स्टारकास्ट की बात करें तो ये काफी दमदार है. फिल्म में रणवीर सिंह  के अलावा सारा अर्जुन, संजय दत्त , आर. माधवन , अक्षय खन्ना, राकेश बेदी  और अर्जुन रामपाल जैसे कलाकार ने भी काम किया है. हर स्टार ने फिल्म में एक अलग ही जान डाला है. वही, ये फिल्म अक्षय खन्ना के लिए भी काफी लकी साबित हुई है.