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डबल वोटिंग विवाद: राहुल गांधी पर लगा आरोप और आर्टिकल 337 के तहत संभावित जेल की सजा

बेंगलुरु कर्नाटक में डबल वोटिंग का दावा अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए कानूनी पचड़ा बन गया है. राहुल गांधी ने अपनी प्रेजेंटेशन में एक डॉक्‍यूमेंट दिखाते हुए दावा किया था कि यह चुनाव आयोग का रिकॉर्ड है. शगुन रानी नाम की एक महिला के पास दो-दो वोटर आईडी हैं. इसमें पोलिंग बूथ ऑफिसर का टिक मार्क लगा है, जो यह साबित करता है कि शगुन रानी ने दो बार वोट भी किया. अब यही राहुल गांधी के गले की फांस बन गया है. क्‍योंक‍ि चुनाव आयोग कह रहा क‍ि पूरी कहानी ही उलटी है. कर्नाटक के चीफ इलेक्‍शन कमीश्नर ने राहुल गांधी को नोटिस जारी कर दिया है और पूछा है क‍ि जो दावा आपने क‍िया, उसका सबूत तो दीजिए. क्‍योंक‍ि हमने जो जांच की है, उसके मुताबिक- शगुन रानी नाम की मह‍िला ने दो वार वोट नहीं क‍िया. लेकिन सबसे बड़ा सवाल, अगर राहुल गांधी का दावा गलत पाया गया तो क्‍या होगा? कहा जा रहा है क‍ि उन पर आर्टिकल 337 के तहत कार्रवाई हो सकती है. आख‍िर ये आर्टिकल 337 है क्‍या? भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 337 एक गंभीर अपराध में लागू होती है. जब भी कोई शख्‍स सरकारी दस्तावेज या कोर्ट रिकॉर्ड की जालसाजी करता है तो उस पर ये धारा लगाई जा सकती है. जैसे कोई शख्‍स अगर वोटर आईडी, आधार कार्ड, जन्म-मृत्यु या विवाह रजिस्टर, सरकारी प्रमाणपत्र, कोर्ट की कार्यवाही के रिकॉर्ड, पावर ऑफ अटॉर्नी जैसे दस्तावेज में खेल करे, तो वो इस खेल में फंस सकता है. माना जा रहा क‍ि राहुल गांधी ने ज‍िस तरह चुनाव आयोग के डॉक्‍यूमेंट को गलत तरह से पेश क‍िया, उसमें छेड़छाड़ की गई, वह इस दायरे में आएगी. अगर ऐसा हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. क्‍या कहता है कानून कानून कहता है कि अगर कोई व्यक्ति ऐसे किसी डॉक्‍यूमेंट को जाली साबित करने में दोषी पाया जाता है, चाहे वह डॉक्‍यूमेंट कागजी हो या इलेक्ट्रॉनिक, तो उसे 7 साल तक की कठोर कारवास की सजा दी जा सकती है. इतना ही नहीं, उस पर असीमित जुर्माना भी लगाया जा सकता है. कानून विशेषज्ञों के मुताबिक, यह अपराध गैर-जमानती भी हो सकता है, यानी दोषी पाए जाने पर गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से ही जमानत लेनी होगी. क‍ितने द‍िन की सजा कानून ये भी कहता है क‍ि अगर आरोप साबित होते हैं तो दोषी व्यक्ति को राजनीति में बने रहने पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 के तहत 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर संसद या विधानसभा की सदस्यता जा सकती है. राहुल गांधी के मामले में अगर जांच और कोर्ट में यह साबित होता है कि उन्होंने वोटर लिस्ट से जुड़ा कोई जाली डॉक्‍यूमेंट बनाया या इस्तेमाल किया, तो धारा 337 के तहत उन पर केस चल सकता है और दोषी साबित होने पर उन्हें 7 साल तक की जेल, जुर्माना, और सांसद पद गंवाने का खतरा भी हो सकता है. कहां फंसे पेच चुनाव आयोग को कोर्ट में यह तय करना होगा कि डॉक्‍यूमेंट जानबूझकर जाली बनाया गया या सिर्फ गलती से शामिल हुआ. सबूत की जिम्मेदारी अभियोजन पक्ष पर यानी चुनाव आयोग पर होगी. दोष साबित होने पर सजा और जुर्माने की मात्रा अदालत तय करेगी. कांग्रेस बोली, रंगे हाथ पकड़े गए तो सबूत मांग रहे कर्नाटक चुनाव आयोग के दावे पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस महासच‍िव केसी वेणुगोपाल ने कहा- राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनका बड़ा खुलासा आयोग के अपने डेटा, यानी वोटर लिस्ट, पर आधारित है. अब, जब वे आपको रंगे हाथ पकड़ चुके हैं, तो आप उनसे दस्तावेज़ मांग रहे हैं? ये वही डेटा है जो आपके पास है.राहुल का आरोप है कि आयोग डिजिटल, मशीन-रीडेबल वोटर लिस्ट देने से इंकार करता है, सीसीटीवी फुटेज तक पहुंच रोकता है और सबूत मिटाता है. उनका कहना है कि सबूत सार्वजनिक डोमेन में मौजूद हैं, फिर भी आयोग व्हिसलब्लोअर से सवाल कर रहा है. यह सिर्फ विडंबना नहीं, बल्कि दोष स्वीकारने जैसा है. कांग्रेस ने पांच सीधे सवाल पूछे हैं विपक्ष को डिजिटल वोटर लिस्ट क्यों नहीं दी जाती? सीसीटीवी और वीडियो सबूत मिटाने का आदेश किसने दिया? फर्जी वोटिंग और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी क्यों हुई? विपक्षी नेताओं को धमकाने का कारण क्या है? क्या चुनाव आयोग अब भाजपा का चुनाव एजेंट बन गया है?

संसद के बाद सड़क पर जुटे 300 सांसद, 25 दलों का SIR विरोधी मेगा मार्च

नई दिल्ली बिहार में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावों में कथित धांधली के खिलाफ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी इंडिया अलायंस के करीब 300 सांसद आज संसद भवन से चुनाव आयोग तक पैदल मेगा मार्च करने जा रहे हैं। इसमें विपक्ष के 25 दलों के सांसद शामिल होंगे। बड़ी बात ये है कि दिल्ली पुलिस ने अभी तक इस मार्च की इजाजत नहीं दी है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, किसी सांसद ने ऐसी अनुमति मांगी ही नहीं है। ऐसे में अब विपक्षी सांसद संसद के बाद सड़क पर भी संग्राम करते नजर आ सकते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि पुलिस की अनुमति के लिए कोई औपचारिक अनुरोध प्रस्तुत नहीं किया गया है। हालांकि, निर्वाचन आयोग सचिवालय ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश को जवाबी पत्र लिखकर आज दोपहर 12 बजे मुलाकात और बातचीत का समय तय किया है। इस चिट्ठी में कहा गया है कि चूंकि जगह कम है और पार्किंग स्पेस की दिक्कत है, इसलिए अधिकतम 30 लोग ही चर्चा करने के लिए बैठक में शामिल हों। इस बीच दिल्ली पुलिस ने चुनाव आयोग के बाहर बैरिकेड्स लगा दिए हैं। ट्रांसपोर्ट भवन होते हुए मार्च इंडिया गठबंधन के प्रमुख घटक दल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का सीधा आरोप है कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलकर वोट चोरी करवा रहा है और भाजपा को फायदा पहुंचा रहा है। गांधी के आवास पर पिछले सप्ताह आयोजित डिनर में इस विषय पर चर्चा के बाद तय हुआ था कि गठबंधन दलों के सांसद इस मुद्दे पर संसद भवन के मकर द्वार से चुनाव आयोग के कार्यालय तक ट्रांसपोर्ट भवन होते हुए मार्च करेंगे। इसमें संसद के दोनों सदनों के सदस्य भाग लेंगे। मार्च से पहले गठबंधन नेताओं की बैठक मार्च का आयोजन आज (सोमवार 11 अगस्त को) हो रहा है। इससे पहले संसद की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व सुबह संसद भवन परिसर में विपक्ष के नेता के कक्ष में गठबंधन के नेताओं की बैठक होगी, जिसमें संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करने को लेकर चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि इंडिया गठबंधन के नेता संसद भवन परिसर में पिछले सप्ताह की तरह प्रदर्शन भी करेंगे। करीब 11:30 बजे निकलेगा मार्च इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी समेत कई सांसद शामिल होंगे। सुबह करीब 11:30 बजे ये मार्च निकाला जा सकता है। इस दौरान ये सांसद 2024 के लोकसभा चुनावों में कथित "वोट चोरी" और चुनावी राज्य बिहार में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करेंगे।

दो बार वोट डालने के आरोप से घिरे राहुल गांधी, शकुन रानी मामले में जवाब मांगा गया

कर्नाटक कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को वोट चोरी के आरोपों पर नोटिस भेजा है। 7 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया, 'चुनाव आयोग के आंकड़ों बता रहे हैं कि शकुन रानी ने दो बार मतदान किया। यह ईसी का डेटा है। इस आईडी कार्ड पर 2 बार वोट डाला गया है। इस पर जो टिक है, वो पोलिंग बूथ के अधिकारी का है।' मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से शुरुआती तौर पर जांच की गई। इसमें पता चला कि राहुल गांधी की ओर से प्रेजेंटेशन में दिखाए गए टिक मार्क ईसी के आधिकारिक दस्तावेज नहीं हैं। इसके अलावा, शकुन रानी ने भी बयान दिया है कि उन्होंने केवल एक बार ही मतदान किया। न कि दो बार, जैसा कि आरोप लगाया गया है। इसे देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी से उन दस्तावेजों को उपलब्ध कराने की मांग रखी है, जिनके आधार पर उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला कि शकुन रानी या किसी अन्य व्यक्ति ने दो बार मतदान किया। यह दस्तावेज इस मामले में विस्तृत जांच के लिए आवश्यक बताया गया है। नोटिस में कहा गया कि इन दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

समय की बर्बादी कहे महुआ मोइत्रा को, कल्याण बनर्जी ने खोला TMC में विवाद का पिटारा

कोलकाता  तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो नेता इन दिनों आमने-सामने हैं। लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी पार्टी की अन्य सांसद महुआ मोइत्रा पर हमलावर हैं। बनर्जी ने मोइत्रा को समय की बर्बादी कह दिया है। इसके अलावा, निम्नस्तरीय कहकर भी दोनों के बीच पहले से चला आ रहा विवाद बढ़ा दिया है। हाल ही में कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में टीएमसी के चीफ व्हिप के पद से इस्तीफा दिया है। चार बार के सांसद कल्याण बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, ''वह (महुआ मोइत्रा) मेरे लिए विषय नहीं है। वह बहुत ही घटिया स्तर की हैं। उनके बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है। उनकी वजह से मैं कई लोगों के लिए बुरा बन गया हूं। यह समय की बर्बादी थी, मैंने अपनी ताकत बर्बाद की। वह मेरे ध्यान के लायक नहीं। मेरी गलती थी कि मैंने उन पर ध्यान दिया।'' उन्होंने आगे कहा कि मेरे एक जूनियर वकील भाई ने मुझे मैसेज किया था। उससे मुझे अहसास हुआ कि महुआ मोइत्रा मेरे लिए विषय नहीं हैं। मुझे अभी बहुत काम करना है। कल्याण और महुआ मोइत्रा के बीच लंबे समय से पर्दे के पीछे खींचतान चल रही थी, लेकिन हालिया तनाव की शुरुआत श्रीरामपुर के सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने से हुई। उन्होंने 2023 का आठ मिनट पुराना एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह "प्रश्न के बदले नकद" मामले में आचार समिति की कार्यवाही के दौरान लोकसभा में महुआ का बचाव करते दिखाई दे रहे हैं। इससे भी ज़्यादा हैरान करने वाली बात यह थी कि कल्याण ने न सिर्फ़ महुआ और अपनी पार्टी को, बल्कि आधिकारिक भाजपा हैंडल और कांग्रेस को भी टैग किया। पार्टी नेताओं ने इसे ‘हद पार करने’ जैसा माना है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मंगलवार को वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी का लोकसभा के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उनके उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा कर दी। इससे पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के मुखर सांसदों पर लगाम लगाने और असंतुष्टों को चेतावनी देने के संकल्प का संकेत मिलता है। इस बात का स्पष्ट संकेत देते हुए कि असहमति और अवज्ञा बर्दाश्त नहीं की जाएगी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने न केवल कल्याण बनर्जी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया, बल्कि एक महत्वपूर्ण फेरबदल भी शुरू कर दिया, जिसमें काकोली घोष दस्तीदार को नया मुख्य सचेतक और शताब्दी रॉय को लोकसभा में उपनेता नियुक्त किया गया। कल्याण के इस्तीफा देने के बमुश्किल 24 घंटे बाद हुए नेतृत्व परिवर्तन से इस बात में कोई संदेह नहीं रह जाता कि ममता बनर्जी पार्टी के भीतर अनुशासन बहाल करने के लिए कड़े कदम उठा रही हैं। तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह उन सभी लोगों के लिए एक संदेश है जो खुद को पार्टी से बड़ा समझते हैं। एक कड़ा संदेश देने की जरूरत थी।’’ तृणमूल कांग्रेस ने अपने संसदीय नेतृत्व में बड़े फेरबदल के तहत सोमवार को पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को लोकसभा में अपना नया नेता नियुक्त किया। वह वरिष्ठ सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की जगह लेंगे, जो कई महीनों से अस्वस्थ हैं।  

उम्मीदवार चयन पर सहमति के लिए विपक्षी नेताओं से मिले खरगे

नई दिल्ली   विपक्षी गठबंधन इंडिया उपराष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त उम्मीदवार उतारेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे संभावित नामों पर चर्चा करने और इस पर आम सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों से संपर्क कर रहे हैं। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। खरगे ने कहा कि विपक्षी गठबंधन में यह प्रबल भावना है कि विपक्षी दलों को नतीजे की परवाह किए बिना मजबूत राजनीतिक संदेश भेजने के लिए मुकाबले से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार चुनने पर कोई चर्चा नहीं हुई है, लेकिन संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार-विमर्श के लिए इंडिया गठबंधन के साझेदारों के बीच बातचीत चल रही है। खरगे आम सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों से संपर्क कर रहे हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, सभी दलों में इस बात पर आम सहमति है कि इंडिया उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए संयुक्त उम्मीदवार उतारेगा। हालांकि, विपक्षी खेमे के एक वर्ग का मानना है कि भाजपा की ओर से अपने उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही इंडिया को अपना उम्मीदवार तय करना चाहिए। हाल के समय में इंडिया के घटक दलों के बीच एकता बढ़ी है, जिन्होंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित चुनाव धांधली के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया है। एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए इंडिया के शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर रात्रिभोज बैठक आयोजित की। बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के साथ-साथ भाजपा-निर्वाचन आयोग के वोट चोरी मॉडल के खिलाफ लड़ने की प्रतिबद्धता जताई। खरगे के आवास पर विपक्षी गुट की बैठक लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद जून 2024 में कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी गुट के शीर्ष नेताओं की बैठक के बाद आमने सामने की यह पहली बैठक थी। बैठक में 25 दलों के कई नेता मौजूद थे जिनमें खरगे, सोनिया गांधी, एनसीपी-(एसपी) प्रमुख शरद पवार, नेशनल कॉन्फ्रेंस सुप्रीमो फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, सपा के अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, डीएमके के तिरुचि शिवा व टीआर बालू, माकपा के एमए बेबी, भाकपा के डी राजा, भाकपा (माले) के दीपांकर भट्टाचार्य और एमएनएम प्रमुख कमल हासन शामिल थे। 'वोट चोरी मॉडल' के बारे में बताया बैठक के दौरान राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग के माध्यम से भाजपा के कथित तौर पर वोट चोरी मॉडल पर एक प्रस्तुति दी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस बैठक को सबसे सफल बैठकों में से एक बताया। यह पूछा गया कि क्या उपराष्ट्रपति चुनाव पर भी चर्चा हुई? इस पर उन्होंने कहा, 'उपराष्ट्रपति चुनाव पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई। इसके लिए और भी मौके हैं।' खरगे सोमवार को इंडिया अलायंस के सांसदों के लिए रात्रिभोज का भी आयोजन करेंगे। जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 4 अगस्त की शाम को अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया, हालांकि उनके इस्तीफे के पीछे अन्य कारणों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। एनडीए गठबंधन की मजबूत स्थिति दोनों सदनों की प्रभावी संख्या 781 है। उपराष्ट्रपति पद के लिए विजयी उम्मीदवार को 391 वोट हासिल करने होंगे, बशर्ते सभी पात्र मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें। उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य मतदान करते हैं। इनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं। ऐसा मालूम होता है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पक्ष में लगभग 422 सदस्य हैं। निर्वाचन आयोग ने 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए पिछले अधिसूचना जारी कर दी है। धनखड़ के उत्तराधिकारी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी, राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी को तीन नामांकन पत्र प्राप्त हुए, जिन्हें क्रमानुसार न होने के कारण अस्वीकार कर दिया गया। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है। दस्तावेजों की जांच 22 अगस्त को की जाएगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 25 अगस्त है।  

राहुल गांधी का डिजिटल मिशन: वोट चोरी की शिकायत अब वेबसाइट और कॉल से होगी दर्ज

नई दिल्ली  कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ को लेकर चुनाव आयोग पर लगातार निशाना साध रहे हैं। यहां तक कई बार चुनाव अधिकारियों को सत्ता में आने पर देख लेने की धमकी भी दे चुके हैं। अब लगता है कि राहुल गांधी चुनाव आयोग से 2-2 हाथ करने के मूड में पूरी तरह आ चुके हैं। कांग्रेस सांसद ने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ मुहिम शुरू (कर डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने वेबसाइट और मिस्ड कॉल नंबर जारी कर लोगों से समर्थन मांगा है। लोग पोस्ट के कमेंट बॉक्स में अपना समर्थन सर्टिफिकेट शेयर कर समर्थन भी दे रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग से हमारी मांग साफ़ है, पारदर्शिता दिखाएं और डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करें। ताकि जनता और राजनीतिक दल उसका खुद ऑडिट कर सकें। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार (10 अगस्त, 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वोट चोरी ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत पर हमला है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए साफ़-सुथरी मतदाता सूची अनिवार्य है। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग से हमारी मांग साफ़ है, पारदर्शिता दिखाएं और डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करें, ताकि जनता और राजनीतिक दल उसका खुद ऑडिट कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि आप भी हमारे साथ जुड़ कर इस मांग का समर्थन करें – http://votechori.in/ecdemand पर जाएं या 9650003420 पर मिस्ड कॉल दें। ये लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा की है। अमित मालवीय बोले- राहुल गांधी राजनैतिक नौटंकी कर रहे हैं दूसरी तरफ बीजेपी प्रवक्ता अमित मालवीय ने चुनाव आयोग की राहुल गांधी से की गई अपील शेयर करके उनसे डिक्लेरेशन दाखिल करने की मांग की है। अमित मालवीय ने कहा, “ऐसा न करने पर यह स्पष्ट हो जाएगा कि उनके पास कोई ठोस आधार नहीं है, और वे केवल राजनीतिक नाटक कर रहे थे। इसका उद्देश्य तथ्यों को तोड़-मरोड़ना, जनता के मन में संदेह पैदा करना और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार एक संवैधानिक संस्था को बदनाम करना था। ऐसा आचरण लापरवाही भरा और हमारे लोकतंत्र के लिए बेहद हानिकारक है। इलेक्शन कमीशन शपथ पत्र प्रस्तुत करने की मांग की बता दें कि फर्जी मतदाता मामले पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को इलेक्शन कमीशन ने फटकार लगाते हुए कहा कि वो नियमों के अनुसार स्पष्ट घोषणा और शपथ पत्र प्रस्तुत करें या फिर अपने झूठे और भ्रामक आरोपों के लिए देश से सार्वजनिक माफी मांगें। चुनाव आयोग ने कड़ी आपत्ति जाहिर की और कहा कि राहुल गांधी ने आदित्य श्रीवास्तव के मामले का ज़िक्र किया, जबकि इस मामले में 2018 में ही कार्रवाई हो चुकी है। चुनाव आयोग के मुताबिक कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और इससे आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने की कोशिश की गई है। आयोग ने साफ किया है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने के लिए नेताओं को तथ्यों और सबूतों के साथ ही बयान देने चाहिए।

झूठ की राजनीति? IAF चीफ के बयान को लेकर BJP का राहुल गांधी पर वार

नई दिल्ली  ऑपरेशन सिंदूर में राजनैतिक नेतृत्व ने सुरक्षा बलों को खुली छूट दी या नहीं इसका जवाब एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने दिया है। उनके इस बयान के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी लोकसभा नेता विपक्ष राहुल गांधी पर हमलावर हो गई है। संसद में खड़े होकर केंद्र सरकार के ऊपर भारतीय जवानों के 'हाथ बांधने का आरोप लगाने वाले राहुल गांधी के ऊपर जमकर तंज कसा। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने पद की मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं और भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही विपक्ष लगातार इस बात पर सवाल खड़े कर रहा था कि इसमें राजनीतिक इच्छा सकती नहीं थी। जवानों को पूरी आजादी नहीं दी गई थी। एयर चीफ मार्शल ने इस दावे का खंडन करते हुए शनिवार को कहा कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया था और उन्हें ऑपरेशन के दौरान हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने की "पूरी आज़ादी" थी। एयर चीफ के बयान के बाद केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने लिखा, "मैं राहुल गांधी जी से अनुरोध करता हूँ कि भारत की संसद की मर्यादा बनाए रखें। आप हर समय झूठ क्यों बोलते रहते हैं? मैंने विपक्ष के कई नेताओं को देखा है जिन्होंने संसदीय मर्यादा बनाए रखी। आपने न केवल अपना कद गिराया है, बल्कि भारत की उच्च प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुँचाई है!" अमित मालवीय ने भी साधा निशाना भाजपा की तरफ से राहुल गांधी पर हमला केवल किरेन रिजिजू तक ही नहीं रुका, बल्कि बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कांग्रेस की तुलना पाकिस्तान के साथ कर दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर किए पोस्ट में लिखा, "एयर चीफ मार्शल एपी सिंह द्वारा ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को नष्ट करने की बात को उजागर करने के बाद पाकिस्तानी और कांग्रेसी मीडिया दोनों में सन्नाटा पसरा हुआ है। समय की पाबंदी लाज़मी है। यह खुलासा ठीक उसके बाद हुआ है जब राहुल गांधी ने संसद में खुद को पूरी तरह से मूर्ख बना लिया था। इस खुलासे के साथ, विपक्ष के नेता की जो थोड़ी-बहुत विश्वसनीयता बची थी, वह भी अब तार-तार हो गई है, अगर शुरू से ही थी। रक्षाबंधन के दिन को चुने जाने का प्रतीकात्मक महत्व किसी से छिपा नहीं है।  

मुंबई कांग्रेस में बड़ा फेरबदल संभव, वर्षा गायकवाड़ की कुर्सी पर संकट गहराया

मुंबई मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर एक बार फिर से पार्टी के स्थानीय नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद वर्षा गायकवाड़ पर संगठन को दिशा देने में विफल रहने और सीमित समूह के सहारे पार्टी चलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इससे संगठन की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला 12 अगस्त को पुणे में पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के 10 सदस्यों के साथ व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इसी बैठक में वर्षा गायकवाड़ के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। चेन्निथला 12 और 13 अगस्त को पुणे में आयोजित महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के दो दिवसीय कार्यशाला में शामिल होंगे। दूसरी बार उठी हटाने की मांग यह पहली बार नहीं है जब गायकवाड़ के खिलाफ असंतोष सामने आया है। 16 जून को भी कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व से उन्हें पद से हटाने की मांग की थी। असंतुष्ट नेताओं का आरोप है कि गायकवाड़ से मिलना मुश्किल होता है। उन्हें कार्यकर्ताओं और नेताओं के सुझाव भी पसंद नहीं आते हैं। इसके अलावा संगठन के कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने में असफल रही हैं। चुनाव से पहले बढ़ी अंदरूनी खींचतान मुंबई में आगामी नगर निगम चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि पार्टी संगठन मजबूत और एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरे। लेकिन गायकवाड़ के नेतृत्व में गुटबाजी और असंतोष की खबरें पार्टी की चुनावी तैयारी पर असर डाल सकती हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 12 अगस्त की बैठक में असंतुष्ट नेताओं को अपनी बात सीधे प्रभारी के सामने रखने का मौका मिलेगा। यदि नेतृत्व परिवर्तन पर सहमति बनती है तो मुंबई कांग्रेस में जल्द ही नया अध्यक्ष देखने को मिल सकता है।  

कांग्रेस में बड़ा फेरबदल संभव, खतरे में मुंबई अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ की कुर्सी

मुंबई. मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर एक बार फिर से पार्टी के स्थानीय नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद वर्षा गायकवाड़ पर संगठन को दिशा देने में विफल रहने और सीमित समूह के सहारे पार्टी चलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इससे संगठन की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला 12 अगस्त को पुणे में पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के 10 सदस्यों के साथ व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इसी बैठक में वर्षा गायकवाड़ के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। चेन्निथला 12 और 13 अगस्त को पुणे में आयोजित महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के दो दिवसीय कार्यशाला में शामिल होंगे। दूसरी बार उठी हटाने की मांग यह पहली बार नहीं है जब गायकवाड़ के खिलाफ असंतोष सामने आया है। 16 जून को भी कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व से उन्हें पद से हटाने की मांग की थी। असंतुष्ट नेताओं का आरोप है कि गायकवाड़ से मिलना मुश्किल होता है। उन्हें कार्यकर्ताओं और नेताओं के सुझाव भी पसंद नहीं आते हैं। इसके अलावा संगठन के कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने में असफल रही हैं। चुनाव से पहले बढ़ी अंदरूनी खींचतान मुंबई में आगामी नगर निगम चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि पार्टी संगठन मजबूत और एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरे। लेकिन गायकवाड़ के नेतृत्व में गुटबाजी और असंतोष की खबरें पार्टी की चुनावी तैयारी पर असर डाल सकती हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 12 अगस्त की बैठक में असंतुष्ट नेताओं को अपनी बात सीधे प्रभारी के सामने रखने का मौका मिलेगा। यदि नेतृत्व परिवर्तन पर सहमति बनती है तो मुंबई कांग्रेस में जल्द ही नया अध्यक्ष देखने को मिल सकता है।

महाराष्ट्र चुनाव से पहले दो नेताओं का भरोसा, शरद पवार बोले- 160 सीटें हमारी पक्की जीत

मुंबई  एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर शनिवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दो व्यक्तियों ने नई दिल्ली में उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने 288 में से 160 निर्वाचन क्षेत्रों में विपक्ष की जीत की गारंटी दी थी। नागपुर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि उन्होंने दोनों व्यक्तियों को विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलवाया। शरद पवार ने यह खुलासा ऐसे समय में किया है, जब राहुल ने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दावा किया, ‘महाराष्ट्र में 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले नई दिल्ली में दो लोग मुझसे मिले थे। उन्होंने विपक्ष (महा विकास आघाडी) को 288 में से 160 सीटें जीतने में मदद की गारंटी दी।’ एनसीपी (एसपी) प्रमुख ने कहा, ‘मैंने उन्हें राहुल गांधी से मिलवाया। उन्होंने उन दोनों व्यक्तियों ने जो कुछ भी कहा, उसे नजरअंदाज कर दिया। उनका यह भी मानना था कि हमें ऐसे मामलों में नहीं पड़ना चाहिए और सीधे जनता के पास जाना चाहिए।’ भाजपा ने विधानसभा चुनावों में 132 सीटें जीतीं शरद पवार ने दावा किया कि चूंकि दोनों व्यक्तियों ने जो कुछ भी कहा, उसे उन्होंने बहुत तवज्जो नहीं दी। इसलिए उन्होंने उनका नाम और संपर्क ब्योरा नहीं रखा। मालूम हो कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों में 132 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने क्रमशः 57 और 41 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की। विपक्षी गठबबंधन ‘महा विकास आघाडी’ ने अपनी हार के लिए ईवीएम में गड़बड़ी और डेटा में छेड़छाड़ को जिम्मेदार ठहराया था। महा विकास आघाडी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 48 में से 30 लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की थी।