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समय की बर्बादी कहे महुआ मोइत्रा को, कल्याण बनर्जी ने खोला TMC में विवाद का पिटारा

कोलकाता  तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो नेता इन दिनों आमने-सामने हैं। लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी पार्टी की अन्य सांसद महुआ मोइत्रा पर हमलावर हैं। बनर्जी ने मोइत्रा को समय की बर्बादी कह दिया है। इसके अलावा, निम्नस्तरीय कहकर भी दोनों के बीच पहले से चला आ रहा विवाद बढ़ा दिया है। हाल ही में कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में टीएमसी के चीफ व्हिप के पद से इस्तीफा दिया है। चार बार के सांसद कल्याण बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, ''वह (महुआ मोइत्रा) मेरे लिए विषय नहीं है। वह बहुत ही घटिया स्तर की हैं। उनके बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है। उनकी वजह से मैं कई लोगों के लिए बुरा बन गया हूं। यह समय की बर्बादी थी, मैंने अपनी ताकत बर्बाद की। वह मेरे ध्यान के लायक नहीं। मेरी गलती थी कि मैंने उन पर ध्यान दिया।'' उन्होंने आगे कहा कि मेरे एक जूनियर वकील भाई ने मुझे मैसेज किया था। उससे मुझे अहसास हुआ कि महुआ मोइत्रा मेरे लिए विषय नहीं हैं। मुझे अभी बहुत काम करना है। कल्याण और महुआ मोइत्रा के बीच लंबे समय से पर्दे के पीछे खींचतान चल रही थी, लेकिन हालिया तनाव की शुरुआत श्रीरामपुर के सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने से हुई। उन्होंने 2023 का आठ मिनट पुराना एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह "प्रश्न के बदले नकद" मामले में आचार समिति की कार्यवाही के दौरान लोकसभा में महुआ का बचाव करते दिखाई दे रहे हैं। इससे भी ज़्यादा हैरान करने वाली बात यह थी कि कल्याण ने न सिर्फ़ महुआ और अपनी पार्टी को, बल्कि आधिकारिक भाजपा हैंडल और कांग्रेस को भी टैग किया। पार्टी नेताओं ने इसे ‘हद पार करने’ जैसा माना है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मंगलवार को वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी का लोकसभा के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उनके उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा कर दी। इससे पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के मुखर सांसदों पर लगाम लगाने और असंतुष्टों को चेतावनी देने के संकल्प का संकेत मिलता है। इस बात का स्पष्ट संकेत देते हुए कि असहमति और अवज्ञा बर्दाश्त नहीं की जाएगी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने न केवल कल्याण बनर्जी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया, बल्कि एक महत्वपूर्ण फेरबदल भी शुरू कर दिया, जिसमें काकोली घोष दस्तीदार को नया मुख्य सचेतक और शताब्दी रॉय को लोकसभा में उपनेता नियुक्त किया गया। कल्याण के इस्तीफा देने के बमुश्किल 24 घंटे बाद हुए नेतृत्व परिवर्तन से इस बात में कोई संदेह नहीं रह जाता कि ममता बनर्जी पार्टी के भीतर अनुशासन बहाल करने के लिए कड़े कदम उठा रही हैं। तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह उन सभी लोगों के लिए एक संदेश है जो खुद को पार्टी से बड़ा समझते हैं। एक कड़ा संदेश देने की जरूरत थी।’’ तृणमूल कांग्रेस ने अपने संसदीय नेतृत्व में बड़े फेरबदल के तहत सोमवार को पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को लोकसभा में अपना नया नेता नियुक्त किया। वह वरिष्ठ सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की जगह लेंगे, जो कई महीनों से अस्वस्थ हैं।  

उम्मीदवार चयन पर सहमति के लिए विपक्षी नेताओं से मिले खरगे

नई दिल्ली   विपक्षी गठबंधन इंडिया उपराष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त उम्मीदवार उतारेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे संभावित नामों पर चर्चा करने और इस पर आम सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों से संपर्क कर रहे हैं। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। खरगे ने कहा कि विपक्षी गठबंधन में यह प्रबल भावना है कि विपक्षी दलों को नतीजे की परवाह किए बिना मजबूत राजनीतिक संदेश भेजने के लिए मुकाबले से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार चुनने पर कोई चर्चा नहीं हुई है, लेकिन संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार-विमर्श के लिए इंडिया गठबंधन के साझेदारों के बीच बातचीत चल रही है। खरगे आम सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों से संपर्क कर रहे हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, सभी दलों में इस बात पर आम सहमति है कि इंडिया उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए संयुक्त उम्मीदवार उतारेगा। हालांकि, विपक्षी खेमे के एक वर्ग का मानना है कि भाजपा की ओर से अपने उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही इंडिया को अपना उम्मीदवार तय करना चाहिए। हाल के समय में इंडिया के घटक दलों के बीच एकता बढ़ी है, जिन्होंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित चुनाव धांधली के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया है। एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए इंडिया के शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर रात्रिभोज बैठक आयोजित की। बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के साथ-साथ भाजपा-निर्वाचन आयोग के वोट चोरी मॉडल के खिलाफ लड़ने की प्रतिबद्धता जताई। खरगे के आवास पर विपक्षी गुट की बैठक लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद जून 2024 में कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी गुट के शीर्ष नेताओं की बैठक के बाद आमने सामने की यह पहली बैठक थी। बैठक में 25 दलों के कई नेता मौजूद थे जिनमें खरगे, सोनिया गांधी, एनसीपी-(एसपी) प्रमुख शरद पवार, नेशनल कॉन्फ्रेंस सुप्रीमो फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, सपा के अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, डीएमके के तिरुचि शिवा व टीआर बालू, माकपा के एमए बेबी, भाकपा के डी राजा, भाकपा (माले) के दीपांकर भट्टाचार्य और एमएनएम प्रमुख कमल हासन शामिल थे। 'वोट चोरी मॉडल' के बारे में बताया बैठक के दौरान राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग के माध्यम से भाजपा के कथित तौर पर वोट चोरी मॉडल पर एक प्रस्तुति दी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस बैठक को सबसे सफल बैठकों में से एक बताया। यह पूछा गया कि क्या उपराष्ट्रपति चुनाव पर भी चर्चा हुई? इस पर उन्होंने कहा, 'उपराष्ट्रपति चुनाव पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई। इसके लिए और भी मौके हैं।' खरगे सोमवार को इंडिया अलायंस के सांसदों के लिए रात्रिभोज का भी आयोजन करेंगे। जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 4 अगस्त की शाम को अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया, हालांकि उनके इस्तीफे के पीछे अन्य कारणों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। एनडीए गठबंधन की मजबूत स्थिति दोनों सदनों की प्रभावी संख्या 781 है। उपराष्ट्रपति पद के लिए विजयी उम्मीदवार को 391 वोट हासिल करने होंगे, बशर्ते सभी पात्र मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें। उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य मतदान करते हैं। इनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं। ऐसा मालूम होता है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पक्ष में लगभग 422 सदस्य हैं। निर्वाचन आयोग ने 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए पिछले अधिसूचना जारी कर दी है। धनखड़ के उत्तराधिकारी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी, राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी को तीन नामांकन पत्र प्राप्त हुए, जिन्हें क्रमानुसार न होने के कारण अस्वीकार कर दिया गया। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है। दस्तावेजों की जांच 22 अगस्त को की जाएगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 25 अगस्त है।  

राहुल गांधी का डिजिटल मिशन: वोट चोरी की शिकायत अब वेबसाइट और कॉल से होगी दर्ज

नई दिल्ली  कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ को लेकर चुनाव आयोग पर लगातार निशाना साध रहे हैं। यहां तक कई बार चुनाव अधिकारियों को सत्ता में आने पर देख लेने की धमकी भी दे चुके हैं। अब लगता है कि राहुल गांधी चुनाव आयोग से 2-2 हाथ करने के मूड में पूरी तरह आ चुके हैं। कांग्रेस सांसद ने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ मुहिम शुरू (कर डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने वेबसाइट और मिस्ड कॉल नंबर जारी कर लोगों से समर्थन मांगा है। लोग पोस्ट के कमेंट बॉक्स में अपना समर्थन सर्टिफिकेट शेयर कर समर्थन भी दे रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग से हमारी मांग साफ़ है, पारदर्शिता दिखाएं और डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करें। ताकि जनता और राजनीतिक दल उसका खुद ऑडिट कर सकें। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार (10 अगस्त, 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वोट चोरी ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत पर हमला है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए साफ़-सुथरी मतदाता सूची अनिवार्य है। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग से हमारी मांग साफ़ है, पारदर्शिता दिखाएं और डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करें, ताकि जनता और राजनीतिक दल उसका खुद ऑडिट कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि आप भी हमारे साथ जुड़ कर इस मांग का समर्थन करें – http://votechori.in/ecdemand पर जाएं या 9650003420 पर मिस्ड कॉल दें। ये लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा की है। अमित मालवीय बोले- राहुल गांधी राजनैतिक नौटंकी कर रहे हैं दूसरी तरफ बीजेपी प्रवक्ता अमित मालवीय ने चुनाव आयोग की राहुल गांधी से की गई अपील शेयर करके उनसे डिक्लेरेशन दाखिल करने की मांग की है। अमित मालवीय ने कहा, “ऐसा न करने पर यह स्पष्ट हो जाएगा कि उनके पास कोई ठोस आधार नहीं है, और वे केवल राजनीतिक नाटक कर रहे थे। इसका उद्देश्य तथ्यों को तोड़-मरोड़ना, जनता के मन में संदेह पैदा करना और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार एक संवैधानिक संस्था को बदनाम करना था। ऐसा आचरण लापरवाही भरा और हमारे लोकतंत्र के लिए बेहद हानिकारक है। इलेक्शन कमीशन शपथ पत्र प्रस्तुत करने की मांग की बता दें कि फर्जी मतदाता मामले पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को इलेक्शन कमीशन ने फटकार लगाते हुए कहा कि वो नियमों के अनुसार स्पष्ट घोषणा और शपथ पत्र प्रस्तुत करें या फिर अपने झूठे और भ्रामक आरोपों के लिए देश से सार्वजनिक माफी मांगें। चुनाव आयोग ने कड़ी आपत्ति जाहिर की और कहा कि राहुल गांधी ने आदित्य श्रीवास्तव के मामले का ज़िक्र किया, जबकि इस मामले में 2018 में ही कार्रवाई हो चुकी है। चुनाव आयोग के मुताबिक कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और इससे आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने की कोशिश की गई है। आयोग ने साफ किया है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने के लिए नेताओं को तथ्यों और सबूतों के साथ ही बयान देने चाहिए।

झूठ की राजनीति? IAF चीफ के बयान को लेकर BJP का राहुल गांधी पर वार

नई दिल्ली  ऑपरेशन सिंदूर में राजनैतिक नेतृत्व ने सुरक्षा बलों को खुली छूट दी या नहीं इसका जवाब एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने दिया है। उनके इस बयान के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी लोकसभा नेता विपक्ष राहुल गांधी पर हमलावर हो गई है। संसद में खड़े होकर केंद्र सरकार के ऊपर भारतीय जवानों के 'हाथ बांधने का आरोप लगाने वाले राहुल गांधी के ऊपर जमकर तंज कसा। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने पद की मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं और भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही विपक्ष लगातार इस बात पर सवाल खड़े कर रहा था कि इसमें राजनीतिक इच्छा सकती नहीं थी। जवानों को पूरी आजादी नहीं दी गई थी। एयर चीफ मार्शल ने इस दावे का खंडन करते हुए शनिवार को कहा कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया था और उन्हें ऑपरेशन के दौरान हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने की "पूरी आज़ादी" थी। एयर चीफ के बयान के बाद केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने लिखा, "मैं राहुल गांधी जी से अनुरोध करता हूँ कि भारत की संसद की मर्यादा बनाए रखें। आप हर समय झूठ क्यों बोलते रहते हैं? मैंने विपक्ष के कई नेताओं को देखा है जिन्होंने संसदीय मर्यादा बनाए रखी। आपने न केवल अपना कद गिराया है, बल्कि भारत की उच्च प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुँचाई है!" अमित मालवीय ने भी साधा निशाना भाजपा की तरफ से राहुल गांधी पर हमला केवल किरेन रिजिजू तक ही नहीं रुका, बल्कि बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कांग्रेस की तुलना पाकिस्तान के साथ कर दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर किए पोस्ट में लिखा, "एयर चीफ मार्शल एपी सिंह द्वारा ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को नष्ट करने की बात को उजागर करने के बाद पाकिस्तानी और कांग्रेसी मीडिया दोनों में सन्नाटा पसरा हुआ है। समय की पाबंदी लाज़मी है। यह खुलासा ठीक उसके बाद हुआ है जब राहुल गांधी ने संसद में खुद को पूरी तरह से मूर्ख बना लिया था। इस खुलासे के साथ, विपक्ष के नेता की जो थोड़ी-बहुत विश्वसनीयता बची थी, वह भी अब तार-तार हो गई है, अगर शुरू से ही थी। रक्षाबंधन के दिन को चुने जाने का प्रतीकात्मक महत्व किसी से छिपा नहीं है।  

मुंबई कांग्रेस में बड़ा फेरबदल संभव, वर्षा गायकवाड़ की कुर्सी पर संकट गहराया

मुंबई मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर एक बार फिर से पार्टी के स्थानीय नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद वर्षा गायकवाड़ पर संगठन को दिशा देने में विफल रहने और सीमित समूह के सहारे पार्टी चलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इससे संगठन की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला 12 अगस्त को पुणे में पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के 10 सदस्यों के साथ व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इसी बैठक में वर्षा गायकवाड़ के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। चेन्निथला 12 और 13 अगस्त को पुणे में आयोजित महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के दो दिवसीय कार्यशाला में शामिल होंगे। दूसरी बार उठी हटाने की मांग यह पहली बार नहीं है जब गायकवाड़ के खिलाफ असंतोष सामने आया है। 16 जून को भी कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व से उन्हें पद से हटाने की मांग की थी। असंतुष्ट नेताओं का आरोप है कि गायकवाड़ से मिलना मुश्किल होता है। उन्हें कार्यकर्ताओं और नेताओं के सुझाव भी पसंद नहीं आते हैं। इसके अलावा संगठन के कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने में असफल रही हैं। चुनाव से पहले बढ़ी अंदरूनी खींचतान मुंबई में आगामी नगर निगम चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि पार्टी संगठन मजबूत और एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरे। लेकिन गायकवाड़ के नेतृत्व में गुटबाजी और असंतोष की खबरें पार्टी की चुनावी तैयारी पर असर डाल सकती हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 12 अगस्त की बैठक में असंतुष्ट नेताओं को अपनी बात सीधे प्रभारी के सामने रखने का मौका मिलेगा। यदि नेतृत्व परिवर्तन पर सहमति बनती है तो मुंबई कांग्रेस में जल्द ही नया अध्यक्ष देखने को मिल सकता है।  

कांग्रेस में बड़ा फेरबदल संभव, खतरे में मुंबई अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ की कुर्सी

मुंबई. मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर एक बार फिर से पार्टी के स्थानीय नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद वर्षा गायकवाड़ पर संगठन को दिशा देने में विफल रहने और सीमित समूह के सहारे पार्टी चलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इससे संगठन की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला 12 अगस्त को पुणे में पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के 10 सदस्यों के साथ व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इसी बैठक में वर्षा गायकवाड़ के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। चेन्निथला 12 और 13 अगस्त को पुणे में आयोजित महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के दो दिवसीय कार्यशाला में शामिल होंगे। दूसरी बार उठी हटाने की मांग यह पहली बार नहीं है जब गायकवाड़ के खिलाफ असंतोष सामने आया है। 16 जून को भी कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व से उन्हें पद से हटाने की मांग की थी। असंतुष्ट नेताओं का आरोप है कि गायकवाड़ से मिलना मुश्किल होता है। उन्हें कार्यकर्ताओं और नेताओं के सुझाव भी पसंद नहीं आते हैं। इसके अलावा संगठन के कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने में असफल रही हैं। चुनाव से पहले बढ़ी अंदरूनी खींचतान मुंबई में आगामी नगर निगम चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि पार्टी संगठन मजबूत और एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरे। लेकिन गायकवाड़ के नेतृत्व में गुटबाजी और असंतोष की खबरें पार्टी की चुनावी तैयारी पर असर डाल सकती हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 12 अगस्त की बैठक में असंतुष्ट नेताओं को अपनी बात सीधे प्रभारी के सामने रखने का मौका मिलेगा। यदि नेतृत्व परिवर्तन पर सहमति बनती है तो मुंबई कांग्रेस में जल्द ही नया अध्यक्ष देखने को मिल सकता है।

महाराष्ट्र चुनाव से पहले दो नेताओं का भरोसा, शरद पवार बोले- 160 सीटें हमारी पक्की जीत

मुंबई  एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर शनिवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दो व्यक्तियों ने नई दिल्ली में उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने 288 में से 160 निर्वाचन क्षेत्रों में विपक्ष की जीत की गारंटी दी थी। नागपुर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि उन्होंने दोनों व्यक्तियों को विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलवाया। शरद पवार ने यह खुलासा ऐसे समय में किया है, जब राहुल ने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दावा किया, ‘महाराष्ट्र में 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले नई दिल्ली में दो लोग मुझसे मिले थे। उन्होंने विपक्ष (महा विकास आघाडी) को 288 में से 160 सीटें जीतने में मदद की गारंटी दी।’ एनसीपी (एसपी) प्रमुख ने कहा, ‘मैंने उन्हें राहुल गांधी से मिलवाया। उन्होंने उन दोनों व्यक्तियों ने जो कुछ भी कहा, उसे नजरअंदाज कर दिया। उनका यह भी मानना था कि हमें ऐसे मामलों में नहीं पड़ना चाहिए और सीधे जनता के पास जाना चाहिए।’ भाजपा ने विधानसभा चुनावों में 132 सीटें जीतीं शरद पवार ने दावा किया कि चूंकि दोनों व्यक्तियों ने जो कुछ भी कहा, उसे उन्होंने बहुत तवज्जो नहीं दी। इसलिए उन्होंने उनका नाम और संपर्क ब्योरा नहीं रखा। मालूम हो कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों में 132 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने क्रमशः 57 और 41 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की। विपक्षी गठबबंधन ‘महा विकास आघाडी’ ने अपनी हार के लिए ईवीएम में गड़बड़ी और डेटा में छेड़छाड़ को जिम्मेदार ठहराया था। महा विकास आघाडी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 48 में से 30 लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की थी।  

क्या सुरक्षित हैं धनखड़? सिब्बल ने शाह से की सीधी बात

नई दिल्ली  उपराष्ट्रपति के पद से अचानक इस्तीफा देने के बाद से जगदीप धनखड़ सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं दिखे हैं। ना ही उनका कोई बयान सामने आया है। इस बीच राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने एक्स पर देश के गृह मंत्री अमित शाह से उनको लेकर एक बड़ा सवाल पूछा है। उन्होंने पूछा है कि क्या हमें बताया जा सकता है कि जगदीप धनखड़ कहां हैं? उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर पूछा, 'क्या वह सुरक्षित हैं? उनसे संपर्क क्यों नहीं हो पा रहा है?' कपिल सिब्बल आगे लिखते हैं, ''अमित शाह जी को पता होना चाहिए! वह हमारे उपराष्ट्रपति थे। देश को चिंतित होना चाहिए।'' जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक इस्तीफा देने के बाद 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद रिक्त हो गया था। धनखड़ का कार्यकाल अगस्त 2027 में समाप्त होना था। इसके बाद से नए उपराष्ट्रपति के नाम को लेकर कयासों का दौर शुरू हो चुका है। निर्वाचन आयोग ने भी उपराष्ट्रपति पद के लिए नौ सितंबर को होने वाले चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है और इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत हो गई। अधिसूचना के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है और दस्तावेजों की जांच 22 अगस्त को की जाएगी। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि 25 अगस्त है।  

एमपी बीजेपी में नेतृत्व बदलाव के बाद कार्यकारिणी गठन पर अटकलें तेज

भोपाल भारतीय जनता पार्टी को पिछले दिनों सभी जिला अध्यक्षों के साथ ही राज्य अध्यक्ष भी मिल चुका है। वहीं, अब तक जिला कार्यकारिणी का गठन नहीं किया जा सका है। पार्टी संगठन अब प्रदेश और संभाग के दो-दो पदाधिकारी जिलों में भेजकर जिला कार्यकारिणी का गठन कराने पर विचार कर रही है। ये वरिष्ठ पदाधिकारी जिला कार्यकारिणी गठन के लिए कार्यकर्ताओं का चयन कराएंगे। संभागीय प्रभारियों की बैठक हुई गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय भोपाल में प्रदेश और संभाग प्रभारियों बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद सहित कई नेता मौजूद रहे। इस बैठक में जिला कार्यकारिणी गठन का मुद्दा उठा। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि जिला कार्यकारिणी का गठन जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि इसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाए। जिलों में जाएंगे पार्टी के पदाधिकारी पार्टी का प्लान है कि जिला कार्यकारिणी गठन के लिए दो-दो पदाधिकारी जिलों में जाकर कार्यकारिणी गठन के लिए आम सहमति बनाएंगे, ताकि निर्विरोध कार्यकारिणी का गठन हो सके। कार्यकारिणी में एक प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी होगा और एक अन्य पदाधिकारी संभाग का होगा। इन दो पदाधिकारियों को दो जिलों की कमान सौंपी जाएगी। विभाजन की विभीषिका से युवाओं को कराएंगे परिचित भाजपा ने पूरे प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई है। 14 अगस्त को भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर मौन जुलूस निकालने के साथ प्रदर्शनी लगाने की कार्ययोजना है। बैठकों का आयोजन कर देश के विभाजन के समय पीड़ितों के परिजनों से भेंट करने के साथ प्रदर्शनी और अन्य माध्यमों से युवाओं को देश के विभाजन की विभीषिका से अवगत कराया जाएगा।  

बीजेपी में उपराष्ट्रपति पद को लेकर मंथन, इस जाट नेता का नाम चर्चा में

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब चुनाव का शेड्यूल आ गया है। इसके बाद से ही चर्चाएं तेज हैं कि आखिर एनडीए का उम्मीदवार अब कौन होगा। लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों की संख्या को देखते हुए स्पष्ट है कि एनडीए का कैंडिडेट ही जीतने की स्थिति में है। इसलिए एनडीए की ओर से किसे कैंडिडेट बनाया जाएगा। इस पर कयासों का दौर चल रहा है। दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के एलजी वीके सक्सेना और मनोज सिन्हा का नाम चर्चा में है। इसके अलावा राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश का नाम भी रेस में बताया जा रहा है। इसका कारण बिहार का विधानसभा चुनाव भी है। उनके बिहार कनेक्शन का फायदा भाजपा और जेडीयू उठाना चाहेंगे। इसके अलावा अब एक और नाम तेजी से चर्चा में है। यह नाम है, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का। आचार्य देवव्रत उसी जाट बिरादरी से हैं, जिससे जगदीप धनखड़ आते हैं। ऐसे में जाट समाज के बीच संदेश देने के लिए आचार्य देवव्रत को मौका दिया जा सकता है। वह आर्य समाज से जुड़े रहे हैं और प्रखरता से विचारधारा का प्रचार करने में जुटे रहे हैं। उन्होंने लंबे समय तक कुरुक्षेत्र स्थित एक गुरुकुल में प्रिंसिपल के तौर पर काम किया है। इससे पहले वह हिमाचल प्रदेश के भी राज्यपाल रह चुके हैं। वह हरियाणा के ही समालखा के रहने वाले हैं। खबर है कि 18 से 20 अगस्त के बीच किसी भी दिन भाजपा की ओर से उपराष्ट्रपति पद के कैंडिडेट के नाम का ऐलान हो सकता है। बता दें कि जेडीयू, टीडीपी और शिवसेना जैसे एनडीए के दलों ने पीएम नरेंद्र मोदी को अधिकार दिया है कि वे किसी भी नेता का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं। इस तरह एनडीए में आम सहमति बन गई है कि भाजपा की ओर से दिए गए नाम के पक्ष में ही मतदान किया जाएगा। बता दें कि चुनाव आयोग की ओर से इलेक्शन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। किरेन रिजिजू का कहना है कि एनडीए के दलों ने पीएम मोदी और जेपी नड्डा को अधिकृत किया है कि वे जिस नेता पर भी मुहर लगाएंगे, उस पर उनकी सहमति रहेगी।