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योगी सरकार का बड़ा कदम: 2026 के लिए खाद आपूर्ति रणनीति तैयार

खाद आपूर्ति को लेकर योगी सरकार का बड़ा प्लान, 2026 के लिए विस्तृत आपूर्ति रणनीति तैयार यूरिया, डीएपी और एनपीके की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सप्लाई प्लान पर किया जा रहा काम सहकारी समितियों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर, निजी क्षेत्र का 35% कोटा प्रस्तावित किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार की सख्त मॉनीटरिंग व्यवस्था लखनऊ  योगी सरकार ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए अप्रैल 2026 के लिए एक व्यापक और सुव्यवस्थित सप्लाई प्लान तैयार किया है। इस योजना का उद्देश्य राज्य में किसी भी प्रकार की खाद कमी की स्थिति को रोकना और कृषि कार्यों को सुचारु बनाए रखना है। राज्य सरकार द्वारा जारी इस रणनीति के तहत यूरिया, डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) और एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) जैसे प्रमुख उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। कृषि विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिले में मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति समय से पहले सुनिश्चित की जाए, ताकि बुवाई और फसल की बढ़वार के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।        इसके साथ ही प्रदेश के समस्त उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं आवश्यकतानुसार अन्य विभागों के कार्मिकों की ड्यूटी लगाकर पारदर्शिता के साथ वितरण किया जाए। उर्वरकों की जमाखोरी कर कृत्रिम अभाव करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। गैर कृषि क्षेत्रों में उर्वरकों के डायवर्जन यथा-प्लाईवुड इण्डस्ट्रियल, पशु आहार निर्मित इकाइयों पर सघन निगरानी रखी जाए। फसल में संस्तुति / संतुलित मात्रा में (अधिकतम यूरिया 07 बोरी एवं डी०ए०पी०-05 बोरी प्रति हेक्टेयर) उर्वरकों का प्रयोग करने के साथ-साथ उर्वरकों का अग्रिम भण्डारण न करने के सम्बन्ध में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाए। अन्तर्राष्ट्रीय / अन्तर्राज्यीय सीमावर्ती जनपदों में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की सघन निगरानी रखी जाए।  इस योजना में सहकारी समितियों की भूमिका को और मजबूत करने की बात कही गई है। सरकार ने सहकारी संस्थाओं के माध्यम से खाद वितरण की हिस्सेदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे पारदर्शिता और सुगमता दोनों में सुधार होगा। वहीं, निजी क्षेत्र की भागीदारी को संतुलित रखते हुए उन्हें लगभग 35 प्रतिशत कोटा देने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि सप्लाई चेन प्रभावी बनी रहे।     खाद वितरण की निगरानी के लिए सरकार ने सख्त मॉनीटरिंग व्यवस्था लागू की है। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से खाद की उपलब्धता और वितरण पर नजर रखी जाएगी। इस सुनियोजित रणनीति से किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होगी, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। यह पहल राज्य के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सीएम हेल्पलाइन 1076 के कर्मचारियों की शिकायत पर सख्त हुए मुख्यमंत्री, वेतन वृद्धि पर कंपनी ने दी सहमति

सीएम हेल्पलाइन 1076 के कर्मचारियों की शिकायत पर मुख्यमंत्री सख्त, वेतन वृद्धि पर कंपनी की सहमति कंपनी ने कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार करने पर भी सहमति जताई है कर्मचारियों में प्रसन्नता की लहर, मुख्यमंत्री का जताया आभार लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारियों द्वारा वी-विन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ की गई शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के वेतन संबंधी मुद्दों एवं कार्यस्थल की समस्याओं का तत्काल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यूपीडेस्को की प्रबंध निदेशक को निर्देश दिया कि पूरे प्रकरण की गहन समीक्षा कर कंपनी स्तर पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कराई जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। निर्देश मिलते ही प्रबंध निदेशक यूपीडेस्को ने संबंधित कंपनी के शीर्ष प्रबंधन को स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया और उच्चस्तरीय वार्ता शुरू की गई। मुख्यमंत्री स्तर से हुए सख्त हस्तक्षेप के बाद कंपनी प्रबंधन को कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाना पड़ा। कंपनी ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए वेतन वृद्धि पर सहमति दे दी है। साथ ही साथ कंपनी ने कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार करने पर भी सहमति जताई है। यूपीडेस्को की प्रबंध निदेशक नेहा जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में पूरे प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा कराई गई है। कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के वेतन संबंधी मुद्दों का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए और कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि कार्मिकों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस प्रकार की स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए भी सतत निगरानी की जाएगी। बताया जा रहा है कि त्वरित कार्रवाई के चलते स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई और कर्मचारी पुनः अपने कार्य पर लौट आए हैं। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के इस निर्णायक हस्तक्षेप की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है और कहा है कि समय पर लिए गए निर्णय से उनकी समस्याओं का समाधान संभव हुआ। कर्मचारियों में खुशी की लहर सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारी हिमांशु विक्रम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, “हम सभी कर्मचारियों की समस्याओं को जिस गंभीरता से माननीय मुख्यमंत्री जी ने सुना और तत्काल प्रभाव से समाधान के निर्देश दिए, वह हमारे लिए बहुत राहत देने वाला है। लंबे समय से चले आ रहे वेतन संबंधी मुद्दों पर अब सकारात्मक निर्णय हुआ है और वेतन वृद्धि के लिए कंपनी मान गई है, इससे हम सभी कर्मचारियों में खुशी की लहर है। सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारी विकास यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “माननीय मुख्यमंत्री जी के त्वरित हस्तक्षेप से हमारी समस्याओं का समाधान हुआ है। वेतन संबंधी मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय के बाद स्थिति सामान्य हो गई है और हम सभी कर्मचारी अपने काम पर वापस आ गए हैं। इसके लिए हम उनका हृदय से धन्यवाद करते हैं।” सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारी अंकित शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “माननीय मुख्यमंत्री जी ने हमारी बात को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई कराई, जिससे हमारी समस्याओं का समाधान संभव हुआ। कंपनी द्वारा वेतन संबंधी मांगों पर सहमति बनने के बाद अब कार्यस्थल का माहौल भी बेहतर हुआ है। हम सभी कर्मचारी उनके इस निर्णय के लिए धन्यवाद देते हैं और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कार्य में लगे हैं।

सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य में शामिल हुए CM योगी और सीएम यादव

सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व एमपी के सीएम मोहन यादव सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का काशी की धरा पर मंचन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की उत्कृष्ट अवधारणा का उदाहरण – सीएम योगी आदित्यनाथ यह आयोजन भारतीय कालगणना की नगरी उज्जैन और पंचांग निर्माण की नगरी काशी का सम्मिलन है – सीएम योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आयोजन को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और ज्ञान को पुनर्जीवित करने का माध्यम बताया वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा के महानायक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य का आज काशी की धरा पर मंचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस आयोजन ने मां गंगा के तट पर बाबा विश्वनाथ की पावन धरा को महाकाल की धरा उज्जैन के साथ एक सांस्कृतिक एकता के बंधन से जोड़ने का काम किया है। इसके लिए मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, सांस्कृतिक विभाग के पदाधिकारियों और इस आयोजन से जुड़े सभी कलाकारों का उत्तर प्रदेश में काशी की धरा पर स्वागत करता हूं। मुख्यमंत्री ने काशी और उज्जैन नगरी के संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस तरह से भारतीय परंपरा में भाई-भाई के संबंध के आदर्श रूप में भगवान राम-लक्ष्मण और कृष्ण-बलराम की जोड़ियां प्रसिद्ध हैं, वैसे ही नाथ संप्रदाय में दीक्षित संत भर्तृहरि और सम्राट विक्रमादित्य की जोड़ी भी प्रसिद्ध है। सम्राट विक्रमादित्य की कर्मस्थली जहां उज्जैन थी, तो वहीं संत भर्तृहरि की साधनास्थली काशी के गंगा तट पार स्थित है। काशी के ठीक उस पार चुनार का किला उनके ही तप और आशीर्वाद से संभव हुआ था। यूपी सरकार चुनार के किले के सौंदर्यीकरण और संरक्षण का कार्य कर रही है। सीएम योगी ने कहा कि यह आयोजन भारतीय कालगणना की नगरी उज्जैन और पंचांग निर्माण की नगरी काशी का सम्मिलन है, जो भारत की कालगणना की परंपरा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करेगा। वर्ष 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से देश के पारंपरिक ज्ञान और कौशल का विकास किया जा रहा है, उसे आज पूरा विश्व स्वीकार कर रहा है। भारतीय परंपरा का योग हो या आयुष, आज पूरा विश्व उसे स्वीकार कर रहा है। कुंभ की परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है, लेकिन वर्ष 2019 में जब प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में इसका भव्य आयोजन किया गया तो पूरा विश्व इसमें सहभागी बना। पूरी दुनिया से 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज की धरा पर महाकुंभ में आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के बाद से देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु हर वर्ष काशी और अयोध्या आ रहे हैं। अयोध्या नगरी के पुनरुत्थान में भी महाराज विक्रमादित्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 2000 वर्ष पहले अयोध्या नगरी को खोजने का कार्य सम्राट विक्रमादित्य ने ही किया था। प्रभु श्रीराम के पुत्र लव के बाद सबसे पहले श्रीराम मंदिर भी सम्राट विक्रमादित्य ने बनवाया था। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सम्राट विक्रमादित्य के प्रयासों को ही आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित इस नाट्य प्रस्तुति को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि नाटक, कला और सिनेमा समाज को दिशा देने का माध्यम होते हैं और कलाकारों द्वारा निभाए गए पात्र युवाओं के लिए प्रेरणा बनते हैं। मैं सिनेमा निर्माताओं को भी सुझाव देता हूं कि सकारात्मक चरित्रों को ही नायक के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए। एक कालखंड था, जब सिनेमा नकारात्मक चरित्रों को नायक के रूप में स्थापित करता था। इसका परिणाम यह हुआ कि देश की एक पीढ़ी इससे प्रभावित होकर बर्बाद हो गई। मुख्यमंत्री ने इस नाट्य रूपांतरण को भारतीय संस्कृति, पराक्रम, दानवीरता, न्याय व्यवस्था और सुशासन जैसे मूल्यों को पुनर्जीवित करने का माध्यम बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह प्रयास आज की नई पीढ़ी को अपने प्राचीन सांस्कृतिक मूल्य और आदर्शों से जोड़ने के वृहद अभियान का एक हिस्सा है। इस सराहनीय प्रयास के लिए उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, संस्कृत विभाग और सभी कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उत्तर प्रदेश बनेगा विश्व की आध्यात्मिक राजधानी, पर्यटन विभाग ने पेश किया यूपी@2047 का रोडमैप

विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित होगा उत्तर प्रदेश, पर्यटन विभाग ने पेश किया विकसित यूपी@2047 का रोडमैप पर्यटन आधारित सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में यूपी का योगदान 9.2 प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2047 तक 16 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य “विकसित उत्तर प्रदेश@2047” का विजन पर्यटन में वृद्धि के साथ राज्य की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “विकसित उत्तर प्रदेश@2047” के विजन के तहत वर्ष 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर इकॉनामी का लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में पर्यटन विभाग ने अपना रोडमैप जारी किया है। जिसके तहत विभाग ने वर्ष 2047 तक राज्य को विश्व की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में देश के पर्यटन आधारित सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में यूपी का योगदान वर्तमान के लगभग 9.2 प्रतिशत में क्रमिक रूप से बढ़ोतरी करते हुए वर्ष 2029-30 तक 11 प्रतिशत, वर्ष 2035-36 तक 14 प्रतिशत और वर्ष 2046-47 तक 16 प्रतिशत तक प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पर्यटकों के लिए कमरों की उपलब्धता को 150 तक पहुंचाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित उत्तर प्रदेश@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में पर्यटन विभाग सबसे जरूरी कार्य राज्य में पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के प्रयासों को और गति प्रदान करेगा। हालांकि इस दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में प्रदेश के पर्यटन एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का वृहद पैमाने पर सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार किया गया है। साथ ही यूपी पर्यटन नीति-2022 के तहत राज्य में पर्यटन आधारित अवसंरचना होटल, रेस्टोरेंट, होमस्टे का भी तेज गति से विकास किया गया है। इसी क्रम में राज्य के पर्यटकों के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या को वर्तमान में प्रति लाख जनसंख्या पर 30 से बढ़ाकर वर्ष 2047 तक 150 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही राज्य में विदेशी पर्यटकों के ठहरने की औसत अवधि को वर्तमान की 3 रात्रि से बढ़ाकर वर्ष 2046-47 तक 6 रात्रि तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी करने के किए जाएंगे सभी संभव प्रयास पर्यटकों की संख्या के मामले में भी उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर अपनी स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। हालांकि घरेलू पर्यटकों के मामले में उत्तर प्रदेश सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर चुका है, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी राज्य का चौथा स्थान है, जिसमें बढ़ोतरी करने के सभी संभव प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था के मानक के अनुसार राज्य में आने वाला 1 पर्यटक 6 लोगों के लिए आय का सृजन करता है। इस दिशा में वर्ष 2025 में महाकुंभ के भव्य आयोजन में आए रिकॉर्ड 66 करोड़ पर्यटकों के अतिरिक्त राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों में 64.9 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया। पर्यटन विभाग पर्यटकों की इस संख्या को वर्ष 2029-30 तक बढ़ाकर 75 करोड़ और वर्ष 2047 तक 100 करोड़ पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। यूनेस्को से मान्यता प्राप्त विरासतों की संख्या 20 तक पहुंचाने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में यूनेस्को से मान्यता प्राप्त भौतिक एवं अमूर्त सांस्कृतिक विरासतों की संख्या बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। जिसके तहत वर्तमान में प्रदेश के पास  यूनेस्को से मान्यता प्राप्त 07 विरासतें हैं, जिनकी संख्या वर्ष 2029-30 तक 08,  2035-36 तक 14 और वर्ष 2047 तक 20 पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, साथ ही विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का “विकसित उत्तर प्रदेश@2047” का विजन राज्य में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को एक नई गति देने के साथ राज्य की सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर और अधिक प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सनातन संस्कृति और भारत की प्राचीन सभ्यता के केंद्र काशी, अयोध्या, प्रयागराज, मथुरा-वृंदावन के विकास से उत्तर प्रदेश में न केवल पर्यटन गतिविधियों का विकास हो रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में भी स्थापित हो रहा है। इसके साथ ही राज्य में रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की बढ़ोतरी भी सुनिश्चित हो रही है।

सीमा हैदर ने बेटे का रखा अनोखा नाम, पाकिस्तान को होगा बड़ा झटका

नोएडा पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर फरवरी 2026 में छठी बार मां बनी थीं।  सीमा और उनके पति सचिन ने बेटे का नामकरण किया। कपल ने बेटे का नाम 'भारत' रखा है जिसे जानने के बाद हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान को मिर्च जरूर लगेगी। नामकरण समारोह नोएडा के रबुपुरा स्थित उनके निवास पर आयोजित किया गया। इस दौरान सीमा ने कहा कि हिंदू धर्म बहुत सुंदर है और उन्हें हिंदू होने पर गर्व महसूस होता है। बेटे के नामकरण को लेकर सीमा हैदर ने कहा कि ‘हिंदू धर्म में जब घर में बेटा होता है तो नामकरण किया जाता है। यह दूसरा कुआं पूजन है, इससे पहले जब मीरा हुई थी, तब कराया था। बहुतअच्छा महसूस करती हूं और खुशी महसूस होती है। हमारा हिंदू धर्म बहुत खूबसूरत है और बहुत सारी खूबसूरत दिखाता है। छोटे-छोटे त्योहार प्यार बढ़ाते हैं। मैं बहुत खुश हूं और कभी पछतावा नहीं होता। मुझे गर्व होता है कि मैं हिंदू हूं।’ भारत नाम रखने के पीछे की वजह भी बताई बेटे का नाम भारत रखने के पीछे क्या वजह थी इसपर सीमा बताती हैं कि 'पंडित ने जब नाम निकाला तो वह 'भ' अक्षर से आया तो हमने सोचा कि भारत से सुंदर नाम कोई हो ही नहीं सकता तो हमने रख लिया।' 'वापस पाकिस्तान नहीं जाना चाहती' उन्होंने आगे कहा कि ‘भारत को सपोर्ट करना उन्हें अच्छा लगता है। हर मैच में वह भगवान से भारत की जीत की प्रार्थना करती हैं। जब भारत जीतता है, तो उन्हें गर्व और खुशी महसूस होती है। उनके अनुसार, जीत के बाद पूरा परिवार मिलकर जश्न मनाता है। वापस पाकिस्तान नहीं जाना चाहती। हर कास्ट के लोग रबूपुरा में रहते हैं। मुझे प्यार करते हैं, सम्मान देते हैं। मुझे अपनी बहू मानते हैं।’ साल 2023 में अपने चार बच्चों के साथ भारत आई थीं आपको बता दें कि सीमा के पहले पति से चार बच्चे हैं। जबकि, सचिन से मिलने के बाद वह दो और बच्चों की मां बनी हैं। पाकिस्तानी नागरिक सीमा साल 2023 में अपने चार बच्चों के साथ नेपाल के रास्ते भारत आई थीं। सचिन से सीमा की मुलाकात ऑनलाइन गेम PUBG खेलने के दौरान हुई थी। इसके बाद सीमा जब यूपी आई तो सचिन ने उन्हें किराए के मकान में अपने साथ रखा। कपल यह भी दावा करता है कि दोनों ने 2023 में काठमांडू के एक मंदिर में शादी की थी। सीमा कई मौकों पर कह चुकी हैं कि अब हिंदुस्तान ही उनके लिए सबकुछ है और वह यहां पर ही रहना चाहती हैं।

धानापुर के किसानों की मेहनत स्वाहा, अब प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग

चंदौली. जिले के धानापुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जिसमें 10 बीघा से अधिक गेहूं की खड़ी फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई. यह घटना पगही, विझवल और कुसुम्ही गांव के सिवान में स्थित हरदेव पीजी कॉलेज के पीछे हुई, जिससे क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा. बता दें कि शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे अचानक आग लग गई और देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया. तेज हवा के कारण आग तेजी से खेतों में फैलती चली गई. स्थानीय ग्रामीण और किसान तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने में जुट गए. सूचना मिलते ही धानापुर थाना प्रभारी त्रिवेणी लाल सेन पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. दमकल विभाग को भी सूचना दी गई, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया. इस हादसे में विझवल और पगही गांव के किसान रामलाल यादव, लालमन यादव, प्यारेलाल यादव, मुकेश सिंह यादव, नंदलाल राम और डॉ. कुमार राम सहित कई किसानों की फसल जलकर खाक हो गई. बताया जा रहा है कि कुल मिलाकर 10 बीघा से अधिक गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है. घटना के बाद प्रभावित किसानों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. समाजसेवी केवट बाबूलाल बिंद ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें.

मेरठ: बारात का इंतजार और फिर पसरा सन्नाटा, प्रेमी दूल्हे ने ऐन वक्त पर दिया धोखा; सदमे में परिवार

मेरठ मेहंदी से सजे हाथ, दुल्हन का जोड़ा, घर में सजी रोशनी और दरवाजे पर बारात के स्वागत की तैयारियां… सब कुछ वैसा ही था जैसा हर शादी में होता है. फर्क बस इतना था कि इस घर में बारात पहुंची ही नहीं. मेरठ के श्याम नगर में एक ऐसी ही शादी अधूरी रह गई, जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया. श्याम नगर की रहने वाली लड़की अपने निकाह के लिए पूरी तरह तैयार थी. हाथों में दूल्हे के नाम की मेहंदी सजी थी और आंखों में नए जीवन के सपने. घर में रिश्तेदार जुट चुके थे, मेहमानों के लिए इंतजाम किए जा चुके थे और हर कोई बारात के आने का इंतजार कर रहा था. रात को दूल्हे आरिफ को बारात लेकर पहुंचना था, लेकिन समय बीतता गया और बारात नहीं आई. पहले लोगों को लगा कि शायद रास्ते में देरी हो गई होगी, लेकिन धीरे-धीरे चिंता बढ़ने लगी. जब काफी देर तक बारात नहीं पहुंची, तो दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हे को फोन करना शुरू किया. लेकिन फोन स्विच ऑफ.  घर में मौजूद लोग एक-दूसरे से सवाल पूछ रहे थे, लेकिन किसी के पास जवाब नहीं था. इंतजार का हर मिनट भारी होता जा रहा था. दूल्हे के घर पहुंचा परिवार, मिला ताला  दुल्हन पक्ष के कुछ लोग सीधे दूल्हे के घर पहुंच गए. लेकिन वहां का नजारा और भी चौंकाने वाला था. घर पर ताला लटका हुआ था. इससे साफ हो गया कि कुछ गड़बड़ है. दूल्हा और उसका परिवार बिना किसी सूचना के गायब हो चुका था. दुल्हन के परिजनों के मुताबिक, शादी के लिए 250 से 300 लोगों का इंतजाम किया गया था. खाने-पीने से लेकर सजावट तक हर चीज पर खास ध्यान दिया गया था. लेकिन बारात के न आने से सारी तैयारियां एक झटके में बेकार हो गईं. घर में खुशी का माहौल अचानक गम में बदल गया. मेहमान भी हैरान थे और परिवार के लोग सदमे में. पिता की हालत बिगड़ी, परिवार पर टूटा दुख इस घटना का सबसे ज्यादा असर दुल्हन के पिता पर पड़ा. बताया जा रहा है कि बारात न आने की खबर से उनकी तबीयत बिगड़ गई. परिवार के लोग उन्हें संभालने में लगे रहे, लेकिन हालात संभलने का नाम नहीं ले रहे थे. घर में जहां कुछ घंटे पहले तक शहनाई बजने की तैयारी थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ था. जानकारी के मुताबिक, दुल्हन और दूल्हा आरिफ के बीच पहले से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों के रिश्ते को परिवारों ने भी मंजूरी दे दी थी और बीच-बचाव के बाद निकाह की तारीख 2 अप्रैल 2026 तय की गई थी. हालांकि, बताया जा रहा है कि दूल्हे के कुछ परिजन इस निकाह के पक्ष में नहीं थे. बावजूद इसके, बातचीत के बाद मामला सुलझा लिया गया था और शादी की तैयारियां शुरू हो गई थीं. शादी के दिन ही बदली तस्वीर सब कुछ तय होने के बाद भी शादी के दिन अचानक ऐसा मोड़ आएगा, यह किसी ने नहीं सोचा था. जिस घर में खुशियों का माहौल था, वहां एक ही रात में सब कुछ बदल गया. दूल्हे के इस कदम ने न सिर्फ शादी को अधूरा छोड़ दिया, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं. घटना के बाद दुल्हन का परिवार सीधे थाने पहुंचा. उन्होंने दूल्हा आरिफ और उसके परिजनों के खिलाफ तहरीर दी है और कार्रवाई की मांग की है. परिजनों का कहना है कि उन्हें बिना किसी सूचना के इस तरह छोड़ दिया गया, जिससे उनकी सामाजिक और मानसिक स्थिति पर असर पड़ा है. इस मामले में पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है. सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी.

प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य, अफवाह फैलाने वालों और कालाबाजारी करने वालों पर कसा शिकंजा

लखनऊ  यूपी में पेट्रोल-डीजल और गैस की कालाबाजारी को लेकर सीएम योगी ऐक्शन में हैं। सीएम योगी ने प्रदेश में तेल और गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैंसीएम योगी के निर्देश के बाद अब तक 233 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। जबकि 20 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके अलावा 237 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की जा रही है। खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त ने शुक्रवार को यहां बताया कि 12 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत यूपी में 19,882 स्थानों पर छापेमारी और निरीक्षण किए गये। एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि गैस की कालाबाजारी में संलप्ति अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 200 प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। कार्रवाई पूरे प्रदेश में एक साथ चलाकर कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। यूपी में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य मुख्यमंत्री ने विभिन्न मंचों से स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाकर बाजार में कृत्रिम संकट पैदा करने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में प्रशासन ने निगरानी बढ़ाते हुए ऐसे तत्वों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कार्रवाई के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। राज्य के 12,888 पेट्रोल पंपों के माध्यम से नियमित बिक्री हो रही है, जबकि 28 मार्च से एक अप्रैल तक बिक्री के आंकड़े भी सामान्य स्तर पर रहे हैं। गैस की आपूर्ति को लेकर विभाग सतर्क वर्तमान में प्रदेश में 97,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1,26,000 किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। अधिकारियों के अनुसार मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर समन्वय किया जा रहा है। एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी विभाग सतर्क है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिकायतों के निस्तारण के लिए राज्य स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है, वहीं जिला प्रशासन को भी लगातार फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

चारबाग में धमाका करने की साजिश विफल, पाकिस्तान से जुड़े चार संदिग्ध पकड़े गए

लखनऊ यूपी एसटीएफ को लखनऊ में बड़ी सफलता मिली है। एटीएस ने चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। चारों लखनऊ के चारबाग में धमाका करने आए थे, लेकिन उससे पहले ही एटीएस ने धर दबोचा। इनमें दो आतंकी मेरठ और दो नोएडा के रहने वाले हैं। गिरफ्तार सभी आतंकी सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म से जुड़कर पाकिस्तान हैंडलर के संपर्क में थे। गिरफ्तार आतंकियों में मुख्य आरोपी नाई का काम करता था जो उसकी आड़ में देश के खिलाफ साजिश रच रहा था। एटीएस को आतंकियों के लखनऊ में होने की जानकारी मिलते ही तलाशी अभियान शुरू कर दिया। चारों आतंकी एटीएस के हत्थे चढ़ गए। गिरफ्तारी के दौरान एटीएस ने उनके पास से एक कैन ज्वलनशील पदार्थ, सात स्मार्टफोन, 24 पम्पलेट और आधार कार्ड बरामद किए हैं। लखनऊ के चारबाग में करनी थी बड़ी आतंकी घटना यूपी के एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि देश में दहशत फैलाने की तैयारी में जुटे मेरठ के अगवानपुर गांव थाना परीक्षितगढ़ इलाके के साकिब उर्फ डेविड(25), मेरठ के अरबाब(20), गौतमबुद्धनगर के राम विहार निवासी विकास गहलावत उर्फ रौनक(27) और राम विहार कालोनी गौतमबुद्धनगर के ही लोकेश उर्फ पोपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू(19) को शुक्रवार को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के करीब गिरफ्तार किया गया। एटीएस के मुताबिक, चारों शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे और साथियों के साथ मिलकर लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल और रेलवे की संपत्तियों को आगजनी अथवा विस्फोट के जरिये नुकसान पहुंचाने जा रहे थे। इससे पहले ही एटीएस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। एटीएस को सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यमों से एक भारतीय गिरोह, पाकिस्तान हैंडलर के निरंतर संपर्क में है तथा देश विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहा है। गिरोह का मुख्य उद्देश्य देश के महत्त्वपूर्ण संस्थानों तथा राजनैतिक व्यक्तियों की रेकी कर प्राप्त जानकारी को पाकिस्तानी हैंडलर को उपलब्ध कराना तथा योजना बनाकर उन्हें नुक्सान पहुंचाना है। देश में घटनाओं का वीडियो भेजकर मंगाता था पैसे एटीएस ने साकिब उर्फ डेविल (25 वर्ष) पुत्र शकील अहमद, अरबाब (20 वर्ष) पुत्र रहीशुद्दीन निवासी अगवानपुर थाना परीक्षितगढ़ जिला मेरठ, 27 वर्षीय विकास गहलावत उर्फ रौनक पुत्र रविंद्र निवासी राम विहार, लोकेश उर्फ पपलात (19 वर्ष) पुत्र रोहताश शर्मा निवासी रामविहार कॉलानी, छपरौला जिला नोएडा को गिरफ्तार किया है। एटीएस की पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तार आतंकियों ने पिछले दिनों कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाओं को भी अंजाम दिया था। घटना के बाद आतंकी वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजकर क्यू आर कोड के माध्यम से पैसे मंगाए जाते थे। पैसों के लालच में रचने लगे थे देश विरोधी साजिश गिरफ्तार चारों आतंकी पैसों के लालच में देश विरोधी साजिश रचने लगे थे। गिरोह के मुख्य सदस्य ने अपने ही गांव के अरबाब को भी इस काम में शामिल कर लिया था। पैसों का लालच देकर उसने नोएडा के रहने वाले विकास और लोकेश को भी अपने गिरोह में शामिल कर लिया। पूछताछ में पता चला है कि चारों प्रतिष्ठित संस्थानों और वाहनों की रेकी भी करते थे। इस गिरोह ने गाजियाबाद, अलीगढ़, लखनऊ जैसे शहरों में वाहनों, रेलवे सिग्नल बॉक्स की रेकी की थी। घटना के बाद गिरोह ने उसके वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर को भेजे थे। पाकिस्तानी हैंडलीर द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों की गूगल लोकेश भेजी जाती थी, जिसके आधार पर रेकी का काम होता था।

झारखंड और नेपाल के डोनरों से जुड़ा किडनी तस्करी का खेल, कानपुर पुलिस ने ओटी टेक्नीशियन और मैनेजर को दबोचा

कानपूर कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट के आरोपियों का नेटवर्क आसपास के जिलों में फैला है। पुलिस को उन्नाव और जालौन में इससे जुड़े कुछ सुराग मिले हैं। गुरुवार को पुलिस की टीमें भेजी गई हैं। गुर्दा प्रत्यारोपण के खेल में उन्नाव के एक डॉक्टर और जालौन के नर्सिंगहोम संचालक का नाम सामने आया है। घटना में जेल गया शिवम अग्रवाल मूलरूप से जालौन का रहने वाला है। कानपुर के लगभग 10 नर्सिंगहोम के नाम आने के बाद उन्नाव और उरई के कुछ नर्सिंगहोम भी शक के दायरे में आ गए हैं। वहां के मरीजों को शहर लाया गया है या यहां से प्रत्यारोपण के बाद गुर्दा रोगियों की वहां के निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है, इसकी जांच शुरू हो गई है। आरोपी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ जुड़े उन्नाव के एक डॉक्टर का नाम सामने आया है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। रावतपुर पुलिस एनसीआर के डॉ. रोहित, डॉ. अफजल, डॉ. अनुराग, डॉ. वैभव की तलाश कर रही है। इनमें से एक डॉक्टर उन्नाव का रहने वाला बताया जा रहा है। वह उन्नाव के निजी अस्पतालों के सर्जन से लंबे समय से संपर्क में है। पुलिस को दोनों के संबंधों के साक्ष्य मिले हैं। उरई के नर्सिंगहोम संचालक के भी इस खेल में शामिल होने की जानकारी हुई है। दोनों जिलों से कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। अब तक हुई जांच में केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल का एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल के बारे में भी जानकारी मिली है। वह मूलरूप से जालौन का रहने वाला है। उसके परिजन और रिश्तेदारों की और जानकारी जुटाई जा रही है।   शहर के बड़े और नामी नर्सिंगहोम में कुछ दिन पहले हुआ था किडनी ट्रांसप्लांट किडनी ट्रांसप्लांट प्रकरण में शहर के बड़े और नामी नर्सिंगहोम का नाम सामने आया है। यहां कुछ दिन पहले ही गुर्दा प्रत्यारोपित हुआ था। यह जानकारी पुलिस को गुरुवार को गिरफ्तार हुए ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार से पूछताछ में हुई है। दोनों ने अधिकारियों को बताया है कि यह नर्सिंगहोम रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक बना हुआ है। रोजाना काफी संख्या में मरीज आते हैं। कई छोटे-बड़े ऑपरेशन भी होते हैं। पुलिस ने नर्सिंगहोम के दो स्टाफ को हिरासत में लिया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार दोनों ओटी टेक्नीशियन हैं। राजेश कुमार का प्रमोशन हो गया है। उसे ओटी मैनेजर बना दिया गया है। उसका वेतन 70 हजार महीना है जबकि कुलदीप को 42 हजार रुपये मिलते हैं। दोनों डॉ. रोहित के संपर्क में थे। डॉ. रोहित एनेस्थीसिया के डॉक्टर हैं। उसका संबंध सर्जन डॉ. अली और डॉ. सैफ के साथ में है। दोनों ने पैरामेडिकल स्टाफ अखिलेश और शैलेश के बारे में भी बताया है। ये सभी गाजियाबाद के वैशाली क्षेत्र के बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल से जुड़े हुए हैं। ये कई बार शहर आ चुके हैं। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगा दी गई हैं। क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम ब्रांच की टीमें भी सक्रिय हैं। किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े आरोपियों का नेटवर्क सिर्फ एनसीआर ही नहीं कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। डॉक्टरों की टीम करने आई थी दो ट्रांसप्लांट डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि डॉक्टरों की दोनों टीम रविवार देर रात दो किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए आई थी लेकिन एक ही करके चली गई थी। यह जानकारी दोनों ओटी टेक्नीशियन ने पूछताछ में दी है। दोनों ने झारखंड और नेपाल के दो डोनरों की जानकारी दी है। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लग गई हैं। जिस रोगी को किडनी लगानी थी, वह भी शहर के नर्सिंगहोम में उपचाराधीन है  शुक्रवार को उनके परिजनों से जानकारी जुटाई जाएगी।  किडनी ट्रांसप्लांट मामले में कुछ अन्य जिलों के डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ के शामिल होने के सुराग मिले हैं। उन जिलों में टीमें भेजी गई हैं। आरोपियों के संपर्क में आए लोगों की और जानकारी जुटाने के साथ नेटवर्क खंगाला जा रहा है।- एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिमी जोन कानपुर