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बसपा संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की अपील, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को भेजा लेटर

लखनऊ लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सामाजिक न्याय आंदोलन के महान नेता कांशीराम को मरणोपरांत 'भारत रत्न' देने की मांग की है। गांधी ने रविवार को अपने पत्र में कहा कि मान्यवर कांशीराम ने भारतीय राजनीति की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बहुजन समाज तथा गरीब वर्गों में राजनीतिक चेतना जगाई थी। उनका कहना था कि उनके इन प्रयासों से भारतीय लोकतंत्र की नींव मजबूत हुई और राजनीतिक व्यवस्था अधिक प्रतिनिधिक तथा न्यायपूर्ण बनी। कांग्रेस नेता ने कहा, “आज जब हम कांशीराम जी की जयंती मना रहे हैं और उनके जीवन तथा योगदान को याद कर रहे हैं। मैं आपसे अनुरोध करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं कि उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। उन्होंने लोगों को बताया था कि उनका वोट,उनकी आवाज और उनका प्रतिनिधित्व है और यह देश सभी का समान रूप से है। उनके प्रयासों के कारण कई ऐसे लोग, जिन्होंने कभी सार्वजनिक जीवन में आने के बारे में नहीं सोचा था, उन्होंने राजनीति को न्याय और समानता प्राप्त करने का माध्यम मानना शुरू किया।” गांधी ने लिखा कि हमारा संविधान प्रत्येक भारतीय को समानता, गरिमा और भागीदारी का वादा करता है और कांशीराम जी ने अपना जीवन समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों के लिए इन वादों को सार्थक बनाने में समर्पित किया। कांग्रेस नेता ने कहा, "कई वर्षों से दलित बुद्धिजीवी, नेता और सामाजिक कार्यकर्ता कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करते रहे हैं। उनकी यह मांग लगातार और गहरी भावना के साथ उठती रही है। हाल ही में मैं लखनऊ में एक कार्यक्रम में शामिल हुआ था, जहां नेताओं और प्रतिभागियों ने इस मांग को जोरदार तरीके से दोहराया, जो व्यापक जनभावना को दर्शाता है। उन्हें भारत रत्न प्रदान करना हमारे राष्ट्र के प्रति उनके महान योगदान को मान्यता देगा। यह उन लाखों लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान भी होगा, जो आज भी उन्हें सशक्तीकरण और उम्मीद के प्रतीक के रूप में देखते हैं।"

40 से 50 हजार तक कमीशन अर्जित कर रहीं यूपी की बीसी सखियां

लखनऊ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में उत्तर प्रदेश बीसी सखी योजना के अंतर्गत देश में नंबर वन बन गया है। वहीं, मध्य प्रदेश दूसरे और राजस्थान तीसरे नंबर पर है। योगी सरकार के लगातार प्रयास से इस योजना के जरिए प्रदेश भर की महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन के रिकॉर्ड बना रहीं हैं। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 40 हजार महिलाएं गांवों में काम करते हुए न केवल ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं, बल्कि स्वयं भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहीं हैं। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाएं औसतन 10 से 15 हजार रुपये महीने की कमाई कर रहीं हैं। इनमें से कई बीसी सखियां एक महीने में 40 से 50 हजार रुपये का कमीशन अर्जित कर रहीं हैं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित बीसी सखी (बिजनेस कॉरेस्पांडेंट सखी) पहल ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। इसके तहत प्रशिक्षित महिलाएं गांवों में माइक्रो एटीएम और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से कैश निकासी, जमा, आधार आधारित भुगतान और अन्य बैंकिंग सेवाएं घर के पास ही उपलब्ध करा रही हैं। इस पहल के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच तेजी से बढ़ी है। बड़ी संख्या में महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने परिवार की तरक्की का आधार बन रहीं हैं। महिला सशक्तीकरण का मजबूत माध्यम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला के अनुसार बीसी सखी योजना के तहत लखनऊ, प्रयागराज, सुल्तानपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन की नई मिसाल बन रहीं हैं। प्रशिक्षण के बाद इन महिलाओं को गांवों में तैनात किया जाता है, जिससे ग्रामीणों को बैंक की सुविधाएं घर के पास ही मिलने लगी हैं। गांव-गांव पहुंच रहीं बैंकिंग सेवाएं यह पहल न केवल ग्रामीण वित्तीय प्रणाली को मजबूत कर रही है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर महिला सशक्तीकरण को भी नई दिशा दे रही है। गांव-गांव महिलाओं को प्रशिक्षित कर इस मॉडल को तेजी से विस्तार दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। लखनऊ की अनीता और सुल्तानपुर की प्रियंका ने पेश की बदलते यूपी की तस्वीर लखनऊ की अनीता पाल ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित बीसी सखी योजना के जरिए आत्मनिर्भरता का मजबूत उदहारण प्रस्तुत किया है। इस योजना के तहत हर महीने निश्चित आय के साथ-साथ वे 50 हजार रुपए तक कमीशन भी अर्जित कर रही हैं। वहीं, सुल्तानपुर जिले की प्रियंका मौर्य भी आजीविका मिशन के अंतर्गत योजना का बेहतर संचालन कर रहीं हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहीं हैं। उन्हें भी महीने में आय के अतिरिक्त करीब 50 हजार का कमीशन भी मिल रहा है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला ने बताया कि योजना के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन के रिकॉर्ड बना रहीं हैं। यह मॉडल ग्रामीण भारत में समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ग्रामीण आजीविका मिशन को मिला बैंकों का साथ बीसी सखी कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए पहले से ही कार्यरत बैंक ऑफ बड़ौदा तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ-साथ अब बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, केनरा आदि बैंक भी इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन को सहयोग प्रदान करने के लिए आगे आए हैं।

एक ही छत के नीचे मिल रही चिकित्सा, कानूनी और परामर्श सेवाएं, 75 जिलों में संचालित हैं 96 सेंटर

लखनऊ कुछ महीने पहले औरैया स्थित वन स्टॉप सेंटर में एक 24 वर्षीय महिला घबराई हुई हालत में पहुंची। घरेलू कलह और लगातार बढ़ते विवादों ने उसके पारिवारिक जीवन को लगभग टूटने की कगार पर ला खड़ा किया था। वहां मौजूद परामर्शदाताओं ने धैर्य और संवेदनशीलता के साथ उसकी पूरी बात सुनी। केंद्र की पहल पर पति को भी बुलाया गया और दोनों की काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई। कई दौर की बातचीत और सलाह के बाद पति पत्नी के बीच संवाद का रास्ता खुला। नतीजा यह रहा कि आपसी विवाद सुलझ गया और एक परिवार टूटने से बच गया। संपर्क करने पर महिला ने बताया कि अब उसका दाम्पत्य जीवन सामान्य है और घर का माहौल पहले से बेहतर हो गया है। यह घटना बताती है कि योगी सरकार द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर संकट में घिरी महिलाओं के लिए भरोसे और सहारे का मजबूत केंद्र बन चुके हैं। एक ही छत के नीचे मिल रही हर जरूरी सहायता हिंसा या उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित वन स्टॉप सेंटर अब प्रदेश में प्रभावी सहायता तंत्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं। यहां पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सकीय सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, विधिक सलाह और पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जरूरत पड़ने पर महिलाओं को पांच दिनों तक अल्प प्रवास की सुविधा भी दी जाती है। इससे संकट की घड़ी में उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके। प्रशिक्षित परामर्शदाता महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए समाधान की दिशा में मार्गदर्शन देते हैं।  96 वन स्टॉप सेंटर से महिलाओं को सहायता प्रदेश में तेजी से मजबूत हुआ वन स्टॉप सेंटर का नेटवर्क महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्था को लगातार विस्तार दिया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 96 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में अतिरिक्त सेंटर स्थापित करने की स्वीकृति भी दी गई है, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को समय पर सहायता मिल सके। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को न केवल तत्काल राहत मिल रही है बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी भी मिल रही है। आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए वाहन महिला सुरक्षा के इस तंत्र को और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक वन स्टॉप सेंटर पर आकस्मिक सेवाओं के लिए एक वाहन की व्यवस्था भी की गई है। इससे जरूरत पड़ने पर पीड़ित महिला तक तुरंत पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराना संभव हो रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी महिला को संकट की स्थिति में मदद के लिए भटकना न पड़े और उसे सुरक्षित वातावरण में हर जरूरी सहयोग तुरंत मिल सके।

ओडीओपी योजना से मिली उड़ान: झांसी की वंदना ने 20-25 अन्य महिलाओं को दिया रोजगार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की योजनाएं आज बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहीं हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ओडीओपी योजना ने न केवल पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान दी है, बल्कि छोटे उद्यमियों को भी आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा मंच प्रदान किया है। झांसी की रहने वाली वंदना चौधरी इसी परिवर्तन की प्रेरक मिसाल हैं। कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली वंदना ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस दिखाया। वर्ष 2021 में उन्होंने ओडीओपी योजना के अंतर्गत उन्हें 2 लाख का ऋण प्राप्त हुआ और उद्योग विभाग के माध्यम से सॉफ्ट टॉयज बनाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण भी मिला। प्रशिक्षण के बाद सरकार की पहल के तहत उन्हें निःशुल्क सिलाई मशीन भी मिली, जिसने उनके लिए स्वरोजगार की नई राह खोल दी। कई शहरों की प्रदर्शनियों में लिया हिस्सा  शुरुआत में छोटे स्तर पर सॉफ्ट टॉयज बनाकर बेचने का काम शुरू करने वाली वंदना ने अपनी मेहनत और लगन से धीरे-धीरे अपने उत्पादों की पहचान बना ली। उनके बनाए रंग-बिरंगे और आकर्षक सॉफ्ट टॉयज ने लोगों का ध्यान खींचना शुरू किया। परिणामस्वरूप उन्हें प्रयागराज, हरिद्वार और अन्य शहरों में आयोजित प्रदर्शनियों में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला।  इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में लिया हिस्सा  सरकार की योजनाओं से मिले इस प्रोत्साहन ने वंदना के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। इसी का परिणाम है कि उन्होंने नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में अपने सॉफ्ट टॉयज की प्रदर्शनी लगाकर झांसी के हुनर को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की योजनाओं से मिले अवसरों का भी सशक्त उदाहरण है। वंदना ने बताया कि हमारे सॉफ्ट टॉयज की बिक्री लगभग सभी ट्रेड फेयर में होती है और उन्हें स्टाल लगाने से बिक्री भी बढ़ती है। अब तो वंदना और उनके पति ने मिलकर झांसी में एक दुकान 'श्री राधे सॉफ्ट टॉयज' के नाम से किराये पर ली है, उससे भी उनकी अच्छी कमाई हो जाती है। उनके साथ अब 20 से 25 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। वंदना के समूह का नाम है कर्मठ महिला स्वयं सहायता समूह जिसकी वह खुद अध्यक्ष हैं।  महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत वंदना चौधरी की कहानी यह बताती है कि जब सरकार की योजनाओं का लाभ सही दिशा में उठाया जाए और मेहनत के साथ आगे बढ़ा जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है। आज वंदना न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुकीं हैं। उनकी यह यात्रा उत्तर प्रदेश में चल रही विकास और आत्मनिर्भरता की उस नई कहानी का हिस्सा है, जिसमें सरकार की पहल, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन से आम नागरिकों के सपनों को सच होने का अवसर मिल रहा है। बड़े बाजार में नई पहचान झांसी के उपायुक्त (उद्योग) मनीष चौधरी का कहना है कि भारत मंडपम  जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर स्थानीय उद्यमियों की भागीदारी से न केवल उनके उत्पादों को बड़े बाजार में नई पहचान मिलती है बल्कि इससे प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी नई गति मिलती है।

योगी सरकार की सतत पर्यटन की नीति के तहत विकसित हो रहा है श्रावस्ती में बुद्धवनम पार्क

लखनऊ श्रावस्ती देश-प्रदेश का ही नहीं, विश्व में बौद्ध धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। यही कारण है कि श्रावस्ती में श्रीलंका, म्यांमार, नेपाल, भूटान, थाईलैंड, चीन और जापान सहित कई देशों से बौद्ध श्रद्धालु और पर्यटक आते रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत पर्यटन के विजन के अनुरूप श्रावस्ती में बुद्धवनम पार्क का निर्माण किया जा रहा है। बुद्धवनम पार्क का निर्माण कार्य इस वर्ष जून के अंत तक पूरा होने की संभावना है। इस परियोजना के पूरा होने से प्रदेश में बौद्ध पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह पार्क राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित होगा। बुद्धवनम पार्क में लैंडस्केप कार्य लगभग पूरा उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के नए आयाम विकसित करने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से जनपद श्रावस्ती में बुद्धवनम पार्क का निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत पार्क के लैंडस्केप क्षेत्र में कई प्रमुख संरचनाओं का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। परियोजना के अंतर्गत धर्म चक्र से संबंधित आठ संरचनाओं के आरसीसी फाउंडेशन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। साथ ही म्यूरल वॉल के लिए भी आरसीसी स्ट्रक्चर बन चुका है। इस पर सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। परिसर में बनाए जा रहे सेंटर पाथ-वे और स्टेप गैलरी के लिए ब्रिक वर्क का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। इससे पार्क का मुख्य संरचनात्मक स्वरूप स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। पार्क के आसपास स्ट्रीट ब्यूटीफिकेशन के तहत सड़क के दोनों किनारों पर आरसीसी रिटेनिंग वॉल का निर्माण, केबल ट्रेंच, स्टोन बोलार्ड, विशेष लैंप पोस्ट और पाथ-वे पर स्टोन क्लैडिंग जैसे कार्य किए जा रहे हैं। इंटरप्रिटेशन सेंटर, डॉर्मेट्री और गेट पिलर के निर्माण कार्य जल्द होंगे पूरे बुद्धवनम पार्क में आने वाले पर्यटकों को बौद्ध धर्म और क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे इंटरप्रिटेशन सेंटर के कॉलम ढलाई का कार्य प्रगति पर है, जो जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इसके अतिरिक्त तैयार की जा रही डॉर्मेट्री के आंतरिक प्लास्टर और फ्लोरिंग का कार्य भी अंतिम चरण में है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग व्यवस्था भी विकसित की जा रही है। दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग क्षेत्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन व्यवस्थाओं के पूरा होने के बाद क्षेत्र की सुंदरता और पर्यटन अनुभव में उल्लेखनीय सुधार होगा। बुद्धवनम पार्क के विकसित होने से श्रावस्ती में बौद्ध पर्यटन को नया आयाम मिलेगा साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

प्रयागराज के परेड मैदान से केशव मौर्य का हुंकार, 2027 में ‘साइकिल पंचर’ का दिया नारा

प्रयागराज उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भाजपा की ओर से परेड मैदान पर आयोजित होली व वसंतोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस लें। हमें साइकिल पंचर करके 2017 से बड़ी जीत हासिल करनी है। प्रधानमंत्री मोदी हैं, इसलिए आप चिंता न करिए डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा कि रसोई गैस की देश में कमी नहीं है। सपाई और कांग्रेसी अफवाह फैला रहे हैं। आपकी देखभाल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं इसलिए आप किसी प्रकार की चिंता न करिए। सरकार गरीब को अमीर बनाने का रास्ता बना रही है, उसमें सहयोग करिए। उन्होंने कहा कि आपके ईवीएम बटन दबाने से अयोध्या में प्रभु श्रीराम का मंदिर बना, काशी सजी और धारा 370 को उखाड़ फेंका गया।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 16 मार्च को लखनऊ में सिंगल क्लिक से लाभार्थियों के खातों में भेजेंगे धनराशि

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 90 हजार लाभार्थियों को पहली किस्त का डीबीटी हस्तांतरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 16 मार्च को लखनऊ में सिंगल क्लिक से लाभार्थियों के खातों में भेजेंगे धनराशि मुख्यमंत्री जी 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाणपत्र करेंगे वितरित, विभिन्न जनपदों के लाभार्थियों से करेंगे वर्चुअल संवाद लखनऊ प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण के लगभग 90 हजार पात्र लाभार्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रथम किस्त जारी करेंगे। वे इस धनराशि को डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के जरिए भेजेंगे। यह कार्यक्रम 16 मार्च को अपराह्न 04.30 बजे लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाणपत्र भी वितरित करेंगे। इसके साथ ही वे फतेहपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, सहारनपुर, महाराजगंज तथा देवरिया के एक–एक लाभार्थी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअल संवाद भी करेंगे और उनसे योजना के लाभ एवं अनुभवों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।  प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 एक मांग आधारित योजना है। इसके अंतर्गत सभी पात्र शहरी लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से आवास निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित एवं पक्का आवास उपलब्ध कराना है, जिससे “सबके लिए आवास” की परिकल्पना को साकार किया जा सके। यह कार्यक्रम केवल धनराशि हस्तांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश सरकार की “सबके लिए आवास” की संकल्पना को धरातल पर उतारने की दिशा में उत्तर प्रदेश की स्पष्ट प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से बड़ी संख्या में शहरी गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत होगी कार्रवाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बदायूं सीबीजी प्लांट मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी गठित बरेली मंडल के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में विशेष जांच दल का किया गठन एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से करेगी जांच अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत होगी कार्रवाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीबीजी प्लांट परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए वहां पुलिस चौकी की स्थापना कर दी गई है: मुख्यमंत्री बदायूं   जनपद बदायूं स्थित सीबीजी प्लांट में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बरेली मंडल के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है और घटना की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच करेगी, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या संभावित साजिश की स्थिति सामने आने पर जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जा सके। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि इस मामले में मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बावजूद यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की साजिश या अन्य आपराधिक संलिप्तता के संकेत मिलते हैं तो प्रदेश सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीबीजी प्लांट परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए वहां पुलिस चौकी की स्थापना कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी घटना की संभावना को रोका जा सके और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना में प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ की जाए तथा किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।

सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था पर दिया जाए विशेष ध्यान: सीएम योगी

सीएम योगी ने सहारनपुर में मां शाकुंभरी देवी चैत्र नवरात्रि मेला की तैयारियों के संबंध में की समीक्षा बैठक सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था पर दिया जाए विशेष ध्यान: सीएम योगी होर्डिंग, प्रदर्शनी एवं एलईडी वाहन के माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाओं का हो प्रचार-प्रसार: मुख्यमंत्री  पूरे मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने और एंटी रोमियो स्क्वाड को सक्रियता से कार्य करने का निर्देश स्वच्छता के लिए आमजनों का जागरूक होना जरूरी, मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त करने का निर्देश सहारनपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहारनपुर पहुंचे और जनपद भ्रमण के दौरान सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी मेला चैत्र नवरात्रि की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने 19 मार्च से प्रारम्भ होने वाली चैत्र नवरात्रि के अवसर पर सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था पर विशेष ध्यान देने और पूरे मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले में तैनात किए जाने वाले कार्मिकों की काउंसलिंग की जाए और उन्हें बेहतर व्यवहार के लिए सजग किया जाए। मेला परिसर को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित किया जाए। बिना भेदभाव हर किसी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रियता से कार्य करे। परम्परा के विपरीत कार्य करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत सिविल डिफेन्स एवं एनजीओ को भी जोड़ा जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने सफाई कर्मियों के साथ भी बैठक करने और डम्पिंग स्थल का चयन दूर क्षेत्र में करने का निर्देश दिया। सीएम योगी ने कहा कि मेले में प्लास्टिक को बैन किया जाए। जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। पुरुष एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेले को सुव्यवस्थित सम्पन्न करवाने के लिए भीड़ प्रबंधन के दृष्टिगत कार्य किए जाएं। श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल एवं अच्छी गुणवत्ता का भोजन तथा प्रसाद मिले, जिसमें किसी प्रकार की मिलावट न हो, इसको सुनिश्चित किया जाए।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मेला परिसर में पार्किंग की दर निर्धारित हो, जो कि साधारण रखी जाए। अवैध वसूली न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ई-रिक्शा, ऑटो के साथ ही दुकानदारों का भी सत्यापन करा लिया जाए। सरकारी विभागों के होर्डिंग, प्रदर्शनी एवं एलईडी वाहन के माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाए। निर्बाध विद्युत की व्यवस्था रहे। चैत्र नवरात्रि में लगने वाले मेले की व्यवस्थाएं अच्छी हों, इसको ध्यान में रखकर तैयारियां की जाएं। यह एक पौराणिक मेला है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों एवं जनपदों से श्रद्धालु आते हैं। दर्शनार्थी भक्तगणों के बीच सरकार का बेहतर संदेश प्रसारित हो।  बैठक में मण्डलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार एवं पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह ने पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर राज्यमंत्री संसदीय कार्य एंव औद्योगिक विकास जसवंत सैनी, राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग ब्रजेश सिंह, विधायक नकुड मुकेश चौधरी, विधायक रामपुर मनिहारान देवेन्द्र निम, विधायक गंगोह किरत सिंह, विधायक नगर राजीव गुम्बर, महापौर डॉ. अजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, एडीजी भानू भास्कर, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, एसपी देहात सागर जैन उपस्थित रहे।

उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा संबंधी मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त

व्यक्ति, जाति, पंथ व संप्रदाय की आस्था के विषय में अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीः मुख्यमंत्री  उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा संबंधी मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त सीएम ने दिया निर्देश- फील्ड में निकलकर फसलों को हो रहे नुकसान का तत्काल आकलन सुनिश्चित करें जिलाधिकारी मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्ड के चेयरमैन को दिया निर्देश  सीएम योगी ने रविवार सुबह पश्चिम उत्तर प्रदेश में हुई बारिश से किसानों की फसलों के नुकसान की भी ली जानकारी  लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में प्रश्न पत्र संबंधी मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रवैया अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्ड के चेयरपर्सन्स को निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति/जाति/पंथ/सम्प्रदाय की मर्यादा एवं आस्था के विषय में अमर्यादित टिप्पणी न हो। ऐसी टिप्पणी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ⁠इसका संज्ञान लेते हुए सभी पेपर सेटर्स को भी निर्देशित करें और ⁠हैबिचुअल ऑफेंडर्स को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए। यह विषय पेपर सेटर्स के एमओयू का भी हिस्सा बनाएं।  फील्ड में निकलकर फसलों को हो रहे नुकसान का तत्काल आकलन सुनिश्चित करें जिलाधिकारीः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई वर्षा से फसलों को होने वाले नुकसान संबंधी जानकारी ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारी समेत सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर किसानों से संवाद करने और उनकी फसलों के नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राहत आयुक्त फील्ड के अधिकारियों से सीधा समन्वय रखें। साथ ही ⁠फसलों को होने वाली क्षति का आकलन प्राप्त कर ससमय मुआवजे के वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।