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उपमुख्यमंत्री और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री की जर्मनी में वैश्विक रक्षा कंपनियों से वार्ता, यूपी को मिला निवेश का भरोसा

उपमुख्यमंत्री व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने वैश्विक रक्षा कंपनियों से किया संवाद  जर्मनी में यूपी की दमदार दस्तक में रक्षा संबंधी निवेश को मिला समर्थन जर्मनी/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी मार्गदर्शन व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में जर्मनी पहुंचा प्रतिनिधिमंडल वहां के उद्यमियों से संवाद स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व प्रदेश सरकार के इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जर्मन-इजराइल की अग्रणी कंपनी क्वाटंम सिस्टम जीएमबीएच के साथ बैठक की। यह कंपनी मानवरहित और ड्रोन आधारित प्रौद्योगिकी की विशेषज्ञ है। यह कंपनी भारत में पिछले एक दशक से अधिक समय से उन्नत हवाई निगरानी तथा 160 किमी तक की परिचालन क्षमता वाले मानवरहित प्लेटफॉर्म में विशेषज्ञ है। इस कंपनी की टेक्नोलॉजी जर्मनी और स्पेन की सशस्त्र सेनाओं की सेवा में भी है।  उपमुख्यमंत्री व आईटी मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भारत की तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था का मुख्य केंद्र है। उप मुख्यमंत्री मौर्य व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री शर्मा ने क्वांटम टेक्नोलॉजीज को राज्य में ड्रोन मैन्युफेक्चरिंग, अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया, जिससे यहां की प्रगतिशील नीतियां, मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और कुशल प्रतिभा-समूह का लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिले। दोनों पक्षों ने मैन्युफेक्चरिंग, अनुसंधान-विकास, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में दीर्घकालिक सहयोग पर चर्चा की जिससे भारत के एयरोस्पेस और मानवरहित प्रणालियों के पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाया जा सके।

नवीकरणीय ऊर्जा, आईसीटी, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे प्रमुख सेक्टर्स में निवेश के लिए किया आमंत्रित

सीएम योगी ने मित्सुई प्रबंधन के साथ की व्यापक निवेश पर चर्चा, दिया यूपी में बड़े निवेश का न्यौता नवीकरणीय ऊर्जा, आईसीटी, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे प्रमुख सेक्टर्स में निवेश के लिए किया आमंत्रित मुख्यमंत्री ने भारत-जापान आर्थिक सहयोग को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए जताई अपनी प्रतिबद्धता टोक्यो/लखनऊ उत्तर प्रदेश को भविष्य की अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के पहले दिन वैश्विक निवेश संवाद की मजबूत शुरुआत की। जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने जापान की अग्रणी वैश्विक ट्रेडिंग और निवेश कंपनी मित्सुई एंड कंपनी लि.0(Mitsui & Co.) के प्रबंधन से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश में परिवर्तनकारी निवेश अवसरों को तलाशने का औपचारिक आमंत्रण दिया। चार उभरते सेक्टर पर रणनीतिक फोकस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चार प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा के तहत सोलर, बायो-एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण परियोजनाएं शामिल हैं। वहीं दूसरी आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) के तहत आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल सर्विसेज और स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश पर चर्चा हुई। तीसरा सेक्टर सेमीकंडक्टर का रहा, जिसमें चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन का विस्तार प्रमुख रहे। वहीं चौथा सेक्टर डेटा सेंटर रहा, जिसमें हाइपर-स्केल डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कनेक्टिविटी हब जैसे क्षेत्रों में निवेश को लेकर गहन विमर्श हुआ।  भारत-जापान औद्योगिक संबंधों को नई गति मुख्यमंत्री ने मित्सुई प्रबंधन को दीर्घकालिक साझेदारी के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भारत-जापान आर्थिक सहयोग को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार होने के साथ-साथ उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स के कारण निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। सीएम योगी ने राज्य सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम और समयबद्ध स्वीकृति प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख वातावरण उपलब्ध कराता है।

सैट्स के सीईओ ने योगी सरकार की कार्यशैली की सराहना, विदेशी निवेश के लिए सीएम योगी के प्रतिबद्धता की जताई प्रशंसा

सैट्स के सीईओ ने योगी सरकार की कार्यप्रणाली को खुलकर सराहा कहा, विदेशी निवेश के लिए प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी आदित्यनाथ सिंगापुर/लखनऊ  इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो में सिंगापुर की एयरपोर्ट ग्राउंड हैंडलिंग क्षेत्र की अग्रणी कंपनी सैट्स के सीईओ (एशिया-पैसिफिक) बॉब ची ने कहा कि सीएम योगी का सैट्स के कार्गो हब का दौरा करना उनकी विदेशी निवेश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता जाहिर करता है। हम उत्तर प्रदेश की विकास संभावनाओं को लेकर अत्यंत आशावादी हैं। यूपी की प्रगति का आधार उसका तेजी से विस्तार करता कृषि, औद्योगिक और सेवा क्षेत्र है। बीते एक दशक में उत्तर प्रदेश का एयर कार्गो वॉल्यूम लगभग पांच गुना बढ़ा है, जो लगातार दो अंकों की सालाना वृद्धि दर को दर्शाता है। इसमें कोई संदेह नहीं कि उत्तर प्रदेश भारत की आर्थिक शक्ति का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है। बॉब ने कहा कि हमने देखा है कि उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली अत्यंत प्रगतिशील है। यह तत्परता से कार्रवाई करती है, जो उद्यमिता के लिए अनिवार्य शर्त है। यह समाधान-उन्मुख है और प्रो-एक्टिव दृष्टिकोण अपनाती है। राज्य सरकार विशेष रूप से नई तकनीकों, डिजिटलीकरण से जुड़े निवेशों तथा स्थानीय आबादी के लिए उच्च-कौशल वाले रोजगार अवसरों के सृजन को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। हमने यूपी सरकार की सशक्त एवं उद्योगों के अनुकूल नीतियों का प्रत्यक्ष अनुभव किया है। सरकार द्वारा हमें जो सहयोग और सकारात्मक समर्थन मिला है, उसके लिए हम आभारी हैं। यूपी में वैसा ही माहौल है, जिसे वैश्विक कंपनियां महत्व देती हैं और यही कार्यप्रणाली उत्तर प्रदेश में निवेश के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करती है।

सिंगापुर के निवेशकों के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विशेष रूप से नियोजित सिंगापुर सिटी की अवधारणा पर कार्य जारी: योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन उत्तर प्रदेश में निवेश पूरी तरह सुरक्षित और संभावनाओं से परिपूर्ण: सीएम योगी सिंगापुर के निवेशकों के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विशेष रूप से नियोजित सिंगापुर सिटी की अवधारणा पर कार्य जारी: योगी आदित्यनाथ सिंगापुर का हर इंडस्ट्री लीडर आज भारत में ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में उत्तर प्रदेश की भूमिका को समझ रहा: मुख्यमंत्री आज उत्तर प्रदेश टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट के साथ ही ट्रांसफॉर्मेशन के रूप में भी पहचान बना रहा: सीएम योगी सिंगापुर में इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो में बोले मुख्यमंत्री, आज उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं की भूमि नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस की भूमि बन चुका है सिंगापुर/लखनऊ  सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन ‘इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के ‘ट्रिपल एस’ (सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड) मॉडल को निवेश की सबसे बड़ी गारंटी बताते हुए प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं की नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस की भूमि बन चुका है। हमने पिछले 9 वर्ष के अंदर उत्तर प्रदेश में केवल सुरक्षा का ही माहौल नहीं दिया, बल्कि स्केल को स्किल और स्पीड के साथ कैसे जोड़ा जाता है, इसको भी करके दिखाया है। आज उत्तर प्रदेश ने केवल टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट में ही नहीं, बल्कि भारत के अंदर ट्रांसफॉर्मेशन के भी एक नए युग में आगे बढ़ने वाले प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि अगले तीन से चार वर्षों में उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में निर्णायक छलांग लगाएगा। उन्होंने सिंगापुर के उद्योग जगत को आमंत्रित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और संभावनाओं से परिपूर्ण है। जेवर के पास ‘सिंगापुर सिटी’ का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक डेडिकेटेड “सिंगापुर सिटी” विकसित करने की योजना प्रस्तुत की है। यदि सिंगापुर के निवेशक एनसीआर क्षेत्र में आना चाहते हैं तो उनके लिए एक विशेष रूप से नियोजित सिंगापुर सिटी की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास भूमि की व्यवस्था की गई है, ताकि एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और वर्ल्ड-क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर का पूरा लाभ निवेशकों को मिल सके। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में उनका निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और यहां उन्हें अपनी व्यावसायिक संभावनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा।  हर इंडस्ट्री लीडर के लिए यूपी एक ड्रीम डेस्टिनेशन मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर व उत्तर प्रदेश कैसे एक साथ आगे बढ़ सकते हैं, सिंगापुर विजिट के दौरान इन संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। दो दिन में जीआईसी (GIC), टेमासेक (Temasek),  सैट्स, जीएसएस ग्रीन्स और ब्लैकस्टोन सहित प्रमुख संस्थाओं के चेयरमैन और सीईओ से चर्चा करने का अवसर मिला। सिंगापुर के उद्योग जगत के साथ बहुचरणीय बैठकों में सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि सिंगापुर का हर इंडस्ट्री लीडर आज भारत में एक ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में उत्तर प्रदेश की भूमिका को समझ रहा है। उत्तर प्रदेश केवल भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन ही नहीं है, बल्कि निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और संभावनाओं से भरा प्रदेश बनकर उभरा है। यूपी ने तय की पोटेंशियल से परफॉर्मेंस की यात्रा मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10–11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो प्रगति की है, उसी विजन को उत्तर प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। उत्तर प्रदेश ने ‘लैंड ऑफ पोटेंशियल’ से ‘लैंड ऑफ परफॉर्मेंस’ तक की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की है। 9 वर्षों में प्रदेश की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये होने जा रही है। पर कैपिटा इनकम लगभग तीन गुना बढ़ी है और भारत की अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान लगभग 9.5 प्रतिशत है। प्रदेश डी-रेगुलेशन रैंकिंग में प्रथम स्थान पर है, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर है और 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर डी-क्रिमिनलाइजेशन की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पिछले पांच वर्षों से उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस राज्य बना हुआ है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और लैंड बैंक की ताकत मुख्यमंत्री ने बताया कि 75,000 एकड़ का लैंड बैंक एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के आसपास उपलब्ध है। भारत के कुल एक्सप्रेसवे का 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। 16,000 किलोमीटर का विशाल रेलवे नेटवर्क और 7 शहरों में मेट्रो संचालन प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाता है। प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं, जबकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शीघ्र ही राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी से हल्दिया तक भारत का पहला राष्ट्रीय जलमार्ग संचालित है और मल्टी-मोडल टर्मिनल विकसित किए गए हैं। पिछले 9 वर्षों में राज्य में कारखानों की संख्या 14,000 से बढ़कर 31,000 से अधिक हो चुकी है। भारत की मात्र 11 प्रतिशत कृषि भूमि उत्तर प्रदेश में है,  लेकिन देश का 21 प्रतिशत से अधिक खाद्यान्न उत्पादन यहीं होता है। इसीलिए यूपी भारत का ‘फूड बास्केट’ है। यहां फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। यूपी में ट्रेंड मैनपॉवर उपलब्ध मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ा निवेश करना इसलिए भी आसान है, क्योंकि आज राज्य के पास प्रशिक्षित और स्किल्ड मैनपावर की भरपूर उपलब्धता है। 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में 56 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या वर्किंग फोर्स है, जो उद्योग, सेवा क्षेत्र और अन्य सभी सेक्टरों में कार्य करने के लिए तैयार है। राज्य ने स्किल को स्पीड और एम्प्लॉयमेंट से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास किए हैं, लेबर रिफॉर्म, स्किल डेवलपमेंट, शिक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया है। साथ ही 96 लाख एमएसएमई इकाइयां पहले से कार्यरत हैं, जो 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ रही हैं।  सिंगल विंडो और पारदर्शी व्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश करना अब बहुत आसान है। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र पोर्टल के माध्यम से सिंगल विंडो क्लियरेंस, टाइम-बाउंड अनुमोदन और ऑनलाइन डीबीटी के जरिए … Read more

मुख्यमंत्री ने कहा, 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य की ओर यूपी बढ़ा रहा निर्णायक कदम

सीएम के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन, सीएम की प्रेसवार्ता सिंगापुर में मिले ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, ₹60 हजार करोड़ के हुए एमओयू: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य की ओर यूपी बढ़ा रहा निर्णायक कदम सीएम योगी ने दूसरे दिन सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, गृहमंत्री समेत शीर्ष नेतृत्व से की मुलाकात एमआरओ, कार्गो, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, स्किलिंग और लॉजिस्टिक्स में व्यापक सहयोग पर बनी सहमति: मुख्यमंत्री दुनिया हुई पारदर्शी, निवेशकों को यूपी की हर गतिविधि की जानकारी: सीएम आज भारत और उत्तर प्रदेश की छवि विश्व स्तर पर अत्यंत सकारात्मक रूप में देखी जा रही है: योगी आदित्यनाथ सिंगापुर/लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ सिंगापुर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिंगापुर में टीम यूपी को लगभग ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से ₹60 हजार करोड़ के एमओयू ‘इन्वेस्ट यूपी’ द्वारा संपन्न किए जा चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह निवेश प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया आज पूरी तरह पारदर्शी हो चुकी है। निवेशकों को उत्तर प्रदेश में हो रही प्रत्येक गतिविधि की जानकारी है। यही कारण है कि कम समय में ही यूपी को इतना बड़ा निवेश प्राप्त हुआ है।  नौ वर्षों में यूपी ने तेजी से किया विकास मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर व जापान की यात्रा पर आया है। सिंगापुर पहुंचने के बाद सुबह 8:30 बजे से देर रात तक लगातार बैठकें चलीं और दूसरे दिन भी प्रातःकाल से ही कार्यक्रम जारी रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत ने समग्र विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उसी विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश ने बीते साढ़े आठ-नौ वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, सर्विस सेक्टर और जन-कल्याण के क्षेत्रों में तेज गति से विकास किया है। आज भारत और उत्तर प्रदेश की छवि विश्व स्तर पर अत्यंत सकारात्मक रूप में देखी जा रही है। 100 से अधिक शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो दिनों में उन्होंने 100 से अधिक प्रतिनिधियों से भेंट की है। सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, गृहमंत्री और ऊर्जा मंत्री के साथ भी उनकी सकारात्मक व सार्थक वार्ता हुई। इसके अतिरिक्त प्रमुख फिनटेक कंपनियों के अध्यक्ष व सीईओ के साथ भी बैठकें की गईं। कई कंपनियां पहले से भारत और उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। सीएम योगी ने उल्लेख किया कि देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित हो रहे गंगा एक्सप्रेसवे में भी कुछ कंपनियों ने पहले से निवेश किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रति निवेशकों की धारणा में 360 डिग्री का सकारात्मक परिवर्तन आया है। जेवर में एमआरओ और कार्गो हब की दिशा में पहल मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने उन अत्याधुनिक स्थलों का भी दौरा किया, जहां सामान्य लोगों का प्रवेश कठिन होता है। विशेष रूप से शीघ्र शुरू होने वाले जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ कार्गो सुविधा और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉलिंग) विकसित करने के लिए सिंगापुर की दक्षता का अध्ययन किया गया। सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान में भारत सहित विश्व के अनेक विमान अपने एमआरओ कार्यों के लिए सिंगापुर आते हैं। यह सुविधा भारत में, विशेषकर जेवर में विकसित की जा सकती है। निवेशकों ने इस विषय पर गंभीर तैयारी कर रखी है और वे उत्तर प्रदेश के साथ संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। स्किलिंग मॉडल से ‘एम्प्लॉयमेंट जोन’ तक मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर के विश्वस्तरीय स्किलिंग सेंटर (आईटीई) का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि हमने यूपी के अंदर हर जिले में स्केल को स्किलिंग में बदलने के लिए और स्किलिंग को रोजगार से जोड़ने के लिए लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन डेवलप करने की जो कार्रवाई शुरू की है, उसका यहां भी एक मॉडल देखने को हमें मिला है। सीएम ने उम्मीद जताई कि इस सेंटर के साथ भी हम इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे।  टीम यूपी की सराहना, उच्चायुक्त को धन्यवाद मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ सहित प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों और अधिकारियों की सराहना की, जो लगातार बैठकों में सक्रिय हैं। उन्होंने भारतीय उच्चायुक्त और उनकी टीम का भी विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने ट्रेड, टेक्नोलॉजी, टूरिज्म, लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, एमआरओ और स्किलिंग जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सिंगापुर में हुए निवेश समझौते और प्राप्त प्रस्ताव उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेज गति से अग्रसर करेंगे।

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि, उत्कृष्ट कर्मचारियों को 3600 से 4500 रुपये तक प्रोत्साहन राशि

योगी सरकार का इंतजाम, होली पर 28 फरवरी से नौ मार्च तक चलेंगी अतिरिक्त बसें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि, उत्कृष्ट कर्मचारियों को 3600 से 4500 रुपये तक प्रोत्साहन राशि दिल्ली एवं गाजियाबाद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बसों और कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या पहले से सुनिश्चित की जाएगी लखनऊ योगी सरकार ने होली पर्व पर यात्रियों की सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की है। इसके तहत 28 फरवरी से नौ मार्च तक अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा । इसके साथ ही, उत्कृष्ट कर्मचारियों को 3600 से 4500 रुपये तक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। अनुबंधित बसों के कर्मियों को नहीं मिलेगा अवकाश प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने कहा कि दिल्ली एवं गाजियाबाद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश से यात्रा का दबाव अधिक रहता है। इसलिए इन क्षेत्रों में बसों और कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या पहले से सुनिश्चित की जाएगी। यदि प्रारंभिक प्वाइंट से 60 प्रतिशत यात्री लोड मिलता है तो प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। उन्होंने निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत निगम बसों को ऑनरोड रखा जाए और अनुबंधित बसों के कर्मियों को पर्व अवधि में अवकाश न दिया जाए। वाहन स्वामी समय से मरम्मत कार्य पूर्ण कर बसें संचालन हेतु उपलब्ध कराएं। सुरक्षा और गुणवत्ता पर विशेष जोर योगी सरकार ने यात्रा के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। जाम या दुर्घटना की स्थिति को काबू कर संचालन सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवर्तन दल लगातार ड्यूटी पर रहेंगे तथा चालकों और परिचालकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया जाएगा। बसों की तकनीकी स्थिति दुरुस्त रहे, सीटें ठीक हों, खिड़कियों के शीशे सही हों और फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध हों, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बस स्टेशनों और बसों में स्वच्छता व्यवस्था भी सुदृढ़ रखने को कहा गया है। कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना पर्व अवधि में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चालक-परिचालकों (संविदा एवं आउटसोर्सिंग सहित) को विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रतिदिन औसतन 300 किमी संचालन करने पर 360 रुपये प्रतिदिन की दर से 3600 रुपये मिलेंगे । 10 दिन की पूर्ण ड्यूटी और निर्धारित मानक पूरा करने पर 450 रुपये प्रतिदिन की दर से 4500 रुपये और निर्धारित मानक से अधिक किलोमीटर पर प्रति किमी 55 पैसे अतिरिक्त मानदेय प्रदान किया जाएगा। डिपो एवं क्षेत्रीय कार्यशालाओं में कार्यरत कर्मचारियों को भी 10 दिन लगातार ड्यूटी पर 2100 रुपये तथा नौ दिन की ड्यूटी पर 1800 रुपये एकमुश्त दिए जाएंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन पर अतिरिक्त सम्मान प्रोत्साहन अवधि में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों को क्षेत्रीय समिति की संस्तुति पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सर्वाधिक आय प्रति बस प्राप्त करने वाले तीन क्षेत्रों के क्षेत्रीय प्रबंधकों एवं सेवा प्रबंधकों तथा 10 डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

ऑपरेशन सिंदूर में चली ब्रह्मोस’, योगी का संदेश- यूपी बनेगा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब

‘ऑपरेशन सिंदूर में जो ब्रह्मोस चली थी न…’, योगी का संदेश- डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग यूपी का नया ब्रांड सिंगापुर में इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो इवेंट में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान की यात्रा पर हैं। अपनी यात्रा के पहले दिन उन्होंने सिंगापुर में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया। CM योगी आदित्यनाथ ने मंच से एक ऐसी बात कही जिसने उत्तर प्रदेश की डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग के उद्देश्य को वैश्विक पटल पर स्पष्ट शब्दों में बयान किया।  CM योगी ने कहा- ‘ऑपरेशन सिंदूर के अंदर जो ब्रह्मोस मिसाइल दागी गई थी ना, वह लखनऊ की ही है।’ सिंगापुर की धरती पर योगी का यह एक वाक्य पूरी दुनिया के लिए संदेश है। यह भारत की रक्षा क्षमता, आत्मनिर्भरता और उत्तर प्रदेश के उभरते औद्योगिक सामर्थ्य का वैश्विक मंच पर प्रदर्शन भी था। उन्होंने जिस आत्मविश्वास के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र किया, उसने इस चर्चा को स्थानीय सीमाओं से निकालकर अंतरराष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बना दिया। ब्रांड यूपी की दबंग दस्तक आज के बदलते भू-राजनीतिक माहौल में रक्षा क्षेत्र केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह किसी भी राष्ट्र की तकनीकी क्षमता, आर्थिक ताकत और रणनीतिक प्रभाव का भी सूचक बन चुका है। ऐसे समय में, जब सिंगापुर में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ब्रह्मोस जैसी मिसाइल अब लखनऊ में बन रही है, तो यह केवल एक वक्तव्य नहीं था, बल्कि ‘ब्रांड यूपी’ की दबंग दस्तक की स्प्ष्ट उद्घोषणा थी। ब्रह्मोस इसलिए है 'ब्रह्मास्त्र' ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को यूं ही ‘भारत का देसी ब्रह्मास्त्र’ नहीं कहा जाता। लगभग 3 मैक की रफ्तार से उड़ने वाली यह मिसाइल करीब 800 किलोमीटर की दूरी तक सटीक वार करने में सक्षम है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी अचूक निशाना, हवा में मार्ग बदलने की क्षमता और दुश्मन के रडार को चकमा देने की तकनीक है। यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे खतरनाक और प्रभावी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिना जाता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में इसका जिक्र इस बात को रेखांकित करता है कि भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का आयातक देश नहीं रहा, बल्कि वह उन्नत हथियार प्रणालियों का निर्माता और निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। योगी आदित्यनाथ के बयान में जब यह कहा गया कि इस मिसाइल ने पाकिस्तान में आतंकियों और एयरबेस को नेस्तनाबूद कर दिया, तो यह संदेश भी स्पष्ट था कि भारत की सैन्य क्षमता अब निर्णायक और सटीक कार्रवाई करने में सक्षम है।  ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जिक्र के मायने  इस पूरी चर्चा का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू उत्तर प्रदेश का डिफेंस कॉरिडोर है। योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर में जिस तरह से यूपी के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर को प्रमोट किया, वह राज्य को रक्षा उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है। छह नोड्स में विकसित हो रहा यह कॉरिडोर लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, चित्रकूट और अलीगढ़ जैसे शहरों को रक्षा उत्पादन के नक्शे पर ला रहा है। लखनऊ में ब्रह्मोस का निर्माण केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि यह उस बदलाव का प्रतीक है जिसमें उत्तर प्रदेश ‘बीमारू राज्य’ की छवि से निकलकर ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल हब’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे न केवल निवेश आकर्षित होगा, बल्कि उच्च कौशल वाले रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।सिंगापुर में इस मुद्दे को उठाने के पीछे एक स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है।  सिंगापुर में ब्रह्मोस और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की चर्चा के जरिए योगी आदित्यनाथ ने जहां भारत की सैन्य ताकत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का प्रयास किया, वहीं एमओयू के माध्यम से उन्होंने यह भी दिखाया कि उत्तर प्रदेश निवेश, विकास और रोजगार के नए युग में प्रवेश कर चुका है। यह ‘दबंग दस्तक’ केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि समग्र विकास की कहानी कहती है- जिसके मूल में ब्रह्मोस की रफ्तार के साथ-साथ तीव्र गति से हो रहा विकास भी समाहित है। सिंगापुर में इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो इवेंट में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन मुझे प्रसन्नता है कि कल से अब तक हम लोगों ने यहां पर टेमासेक, GIC, USC, सेट्स, UBPN, GSS ग्रीन्स, शेपकोर, ब्लैकस्टोन इत्यादि संस्थाओं के चेयरमैन एंड CEOs के साथ हमारी बड़ी सार्थक चर्चा हुई है और अन्य बिजनेस लीडर के साथ भी अलग-अलग चरणों में हमारी यहां पर बातचीत हुई।  यह कल से लेकर के अब तक के इस बिजी शेड्यूल के बीच यह हमारे कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है जब पूरे सिंगापुर के आप सभी इंडस्ट्री लीडर्स के साथ में मुझे और मेरी टीम को संवाद करने का एक अवसर प्राप्त हो रहा है : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी ने सिंगापुर के शीर्ष नेताओं से मुलाकात, एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लिए निवेश का किया आह्वान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सिंगापुर यात्रा का दूसरा दिन सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री व गृह मंत्री से मिले सीएम योगी एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के लिए निवेश का दिया आमंत्रण सिंगापुर/लखनऊ अपने आधिकारिक दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री एवं व्यापार और उद्योग मंत्री गान किम योंग तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के समन्वय मंत्री और गृह मंत्री के. शनमुगम से मुलाकात की। उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी में हुई इन चर्चाओं का केंद्र उत्तर प्रदेश में शहरी नियोजन, आंतरिक सुरक्षा ढांचे और डिजिटल गवर्नेंस में सिंगापुर की विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रहा। औद्योगिक निवेश पर हुई चर्चा गान किम योंग के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के 'प्रो-बिजनेस' वातावरण पर जोर दिया। उन्होंने राज्य के विशाल लैंड बैंक और शीघ्र ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से मिलने वाली कनेक्टिविटी को रेखांकित किया। बैठक में दिल्ली एनसीआर में सिंगापुर की कंपनियों द्वारा औद्योगिक टाउनशिप स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई, जिसमें सेमीकंडक्टर निर्माण और ग्रीन हाइड्रोजन मॉड्यूल पर विशेष फोकस रहा। सुरक्षा एवं प्रबंधन पर जोर के. शनमुगम के साथ संवाद में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में बेहतर होती कानून-व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर चर्चा की, जिसमें सिंगापुर के तकनीक-एकीकृत पुलिसिंग मॉडल और आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल पर विशेष ध्यान दिया गया। इन बैठकों के दौरान उपस्थित सिंगापुर के कारोबारी समुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने स्वतंत्र वित्तीय कोषों और निजी निवेशकों को राज्य के लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि नियामक प्रक्रियाओं के सरलीकरण और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली से उत्तर प्रदेश में बड़े प्रोजेक्ट्स के पूरे होने की समय-सीमा में उल्लेखनीय कमी आई है।

सीएम योगी के नेतृत्व में सिंगापुर में मिली बड़ी सफलता, सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज (एससीई) के साथ हुआ करार

सिंगापुर के साथ यूपी की बड़ी रणनीतिक साझेदारी, इन्वेस्ट यूपी व एससीई के बीच एमओयू सीएम योगी के नेतृत्व में सिंगापुर में मिली बड़ी सफलता, सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज (एससीई) के साथ हुआ करार संस्थागत क्षमता, नीतिगत ढांचे और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर साथ मिलकर करेंगे काम सिंगापुर/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट यूपी और सिंगापुर सरकार के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज (एससीई) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता उत्तर प्रदेश में संस्थागत क्षमता व नीतिगत ढांचे को सुदृढ़ बनाने और इकोसिस्टम के विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है। सतत विकास और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा पर फोकस एमओयू के तहत दोनों पक्ष विषयगत ज्ञान के आदान-प्रदान, तकनीकी सहयोग और परामर्श सेवाओं के माध्यम से उत्तर प्रदेश में सतत आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आधुनिक अवसंरचना के विकास को गति देने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। इन क्षेत्रों में होगा सहयोग समझौते के अनुसार, दोनों पक्ष न सिर्फ स्टडी विजिट्स व लीडरशिप डेलिगेशन का आयोजन करेंगे, बल्कि ट्रेनिंग व कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रमों का खाका तैयार कर उसे लागू भी कराएंगे। इससे लोगों की कार्यक्षमता व कौशल, दोनों को बेहतर किया जा सकेगा। इसके अलावा सलाह व मार्गदर्शन उपलब्ध कराना, साथ मिलकर तकनीकी सहयोग की परियोजनाएं तैयार करना और उन्हें लागू करना, सरकारी व निजी क्षेत्र से जुड़े संबंधित लोगों व संस्थाओं का सहयोग हासिल करना भी एमओयू के प्रावधानों में शामिल है। आवश्यकता पड़ने पर विशिष्ट परियोजनाओं के लिए अलग से लिखित समझौते किए जाएंगे, जिनमें कार्यक्षेत्र, समयसीमा और वित्तीय प्रावधान स्पष्ट किए जाएंगे। दो माह के भीतर विस्तृत परियोजना समझौतों पर बातचीत शुरू की जाएगी और छह माह के भीतर उन्हें अंतिम रूप देने का प्रयास किया जाएगा।  वैश्विक अनुभव का मिलेगा लाभ इस साझेदारी से उत्तर प्रदेश को सिंगापुर के प्रशासनिक अनुभव, शहरी नियोजन, औद्योगिक क्लस्टर विकास, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुभव का लाभ मिलेगा। इस समझौते को उत्तर प्रदेश की वैश्विक सहभागिता और लॉन्ग टर्म विजन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

सीएम योगी के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन भी सफलताओं का सिलसिला जारी

सीएम के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन  जेवर एयरपोर्ट पर दो प्रोजेक्ट्स में 4458 करोड़ रुपये निवेश करेगी एआई सैट्स सीएम योगी के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन भी सफलताओं का सिलसिला जारी एविएशन सर्विस सेक्टर की दिग्गज कंपनी एआई सैट्स ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एमओयू पर किए हस्ताक्षर जेवर एयरपोर्ट पर आधुनिक कार्गो कैंपस बनेगा और एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना होगी, जिससे नॉर्थ इंडिया के सभी एयरपोर्ट्स पर की जाएगी फूड सप्लाई सिंगापुर/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का एक और तोहफा मिला है। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एविएशन सर्विस सेक्टर की अग्रणी कंपनी एआई सैट्स (AISATS) के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो प्रमुख परियोजनाएं स्थापित करेगी। एक अत्याधुनिक कार्गो कैंपस और दूसरा विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन। इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर एआई सैट्स 4458 करोड़ रुपये निवेश करेगी।  जेवर एयरपोर्ट बनेगा नॉर्थ इंडिया का कार्गो हब एमओयू के अनुसार, एआई सैट्स जेवर एयरपोर्ट परिसर में एक अत्याधुनिक कार्गो कैंपस का निर्माण करेगी। यह कार्गो कैंपस न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कैंपस अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में उभरेगा। स्थापित की जाएगी अत्याधुनिक एयर कैटरिंग किचेन एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना की जाएगी। यह किचेन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराएगा। विशेष बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर भी की जाएगी। इससे क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी तथा हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सिंगापुर दौरे का रणनीतिक महत्व मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कैंपस और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे और प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में स्थापित करेंगे।