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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियां उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को दे रही हैं नया आयाम

जीवन के हर चरण में महिलाओं की मददगार बनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियां उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को दे रही हैं नया आयाम विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को जन्म से वृद्धावस्था तक आर्थिक, सामाजिक तथा कानूनी सुरक्षा करायी जा रही उपलब्ध लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक आर्थिक, सामाजिक तथा कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में व्यापक नीति-सुधार लागू किया है। राज्य सरकार ने ऐसे कार्यक्रमों का एक समग्र ढांचा विकसित किया है, जो बच्ची के जन्म से लेकर पोषण, आर्थिक स्वावलंबन, संपत्ति के स्वामित्व तथा वृद्धावस्था तक सुरक्षा और सहारा प्रदान करता है। वर्ष 2025 के बजट में बालिका कल्याण योजनाओं, विवाह सहायता तथा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि आवंटन किया गया है, जिससे महिला कल्याण की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास और प्राथमिकता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होती है। शिक्षा, पालन-पोषण तथा वित्तीय सहायता ने दी राहत उत्तर प्रदेश में समाज के सभी वर्गों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी का समग्र विकास हो सके। इस दृष्टि से, विशेष तौर पर बालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेहद प्रभावी रही है, जिसने बालिकाओं की शिक्षा तथा पालन-पोषण में वित्तीय सहारा प्रदान कर लाखों परिवारों को राहत दी है। यह योजना जन्म से ही लड़कियों को अवसर प्रदान करने की नींव मजबूत करती है, जबकि सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान उपलब्ध कराती है। योगी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार को बेटी के जन्म या विवाह को लेकर आर्थिक बोझ महसूस न हो। ऐसे में, इस कड़ी में प्रदेश सरकार की लोककल्याणकारी योजनाएं बड़ा सहारा बनकर उभर रही हैं। संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं को छूट का प्रावधान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संपत्ति स्वामित्व को भी प्राथमिकता दी है। प्रदेश में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण पर एक प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट प्रदान की जा रही है, जिससे एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर लेन-देन लागत में उल्लेखनीय कमी आती है। यह प्रावधान न केवल महिलाओं को संपत्ति की मालिक बनने के लिए प्रोत्साहित करता है, बल्कि उन्हें वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सम्मान भी प्रदान कर रहा है। योगी सरकार का मानना है कि महिलाएं जब आर्थिक रूप से स्वावलंबी होती हैं, तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं। इसी उद्देश्य से आर्थिक नीतियों तथा भूमि-संपत्ति से जुड़े नियमों में महिलाओं के हित में सुधार किए गए हैं। पेंशन योजनाओं से वृद्धावस्था और दिव्यांग महिलाओं को सहारा जीवन चक्र के अंतिम चरण को सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं से लाखों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहारा मिलता है, जिससे जीवनयापन अधिक सम्मानजनक और सुरक्षित होता है। प्रदेश सरकार का दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करना है कि जीवन के किसी भी चरण में महिलाएं असुरक्षित या उपेक्षित न महसूस करें। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के ये प्रयास महिलाओं को जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक सुरक्षा, सुविधा और सम्मान प्रदान करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त नीतिगत ढांचा प्रस्तुत करते हैं। यह पूर्ण-चक्र समर्थन मॉडल उत्तर प्रदेश को महिला सशक्तिकरण के नए मानक स्थापित करने वाले राज्यों में अग्रणी बना रहा है।

मुख्यमंत्री का निर्देश, क्रय केंद्रों की संख्या 5000 तक बढ़ाई जाएगी, सुविधा गांव-कस्बों तक पहुंचेगी

क्रय केंद्र पर आने वाले हर अन्नदाता किसान का धान खरीदा जाए: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, क्रय केंद्रों की संख्या 5000 तक बढ़ाई जाएगी, सुविधा गांव-कस्बों तक पहुंचेगी अब तक ₹1,984 करोड़ सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर, बोले मुख्यमंत्री, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं धान खरीद में अब तक 1.51 लाख किसानों से 9.02 लाख एमटी की खरीद अब तक ₹1,984 करोड़ सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर, बोले मुख्यमंत्री, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं मिड-डे मील व आंगनबाड़ी में फोर्टिफाइड चावल की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश खरीद केंद्रों पर मैनपावर बढ़ेगा, धान उठान व मिल-मैपिंग की प्रक्रिया और सरल होगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि धान क्रय केंद्र पर आने वाले हर अन्नदाता किसान का धान खरीदा जाए और भुगतान समय पर सीधे उनके खाते में पहुंच जाए। सोमवार को धान खरीद की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि धान खरीद की गति तेज हो और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष कॉमन धान का एमएसपी ₹2369 और ग्रेड-A का ₹2389 प्रति क्विंटल तय हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹69 अधिक है। अब तक 4,227 खरीद केंद्र संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 5000 की जाए, ताकि किसानों को अपने गांव-कस्बे के निकट ही सुविधा उपलब्ध हो सके। अधिकारियों ने जानकारी दी कि 30 नवंबर तक 1,51,030 किसानों से 9.02 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है और ₹1,984 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भुगतान में देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि मिड-डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई निर्बाध रूप से सुनिश्चित की जाए। इसके लिए पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एफआरके सप्लाई सुचारु रखने हेतु वेंडरों की संख्या बढ़ाई जाए और तकनीकी अड़चनों का तत्काल समाधान किया जाए। बैठक में बताया गया कि अब तक लगभग 2,130 मीट्रिक टन एफआरके गुणवत्ता परीक्षण में उत्तीर्ण हुआ है। मुख्यमंत्री ने खरीद केंद्रों पर आवश्यकता के अनुसार मैनपावर बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र पर भीड़ न लगे और किसानों को वापस न जाना पड़े, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने धान उठान, मिल-मैपिंग और अन्य प्रक्रियाओं को और सरल बनाने पर भी जोर दिया, ताकि खरीद सुचारु और निरंतर गति में बनी रहे। बैठक में खाद और बीज की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी जिले में खाद या बीज की कमी नहीं होनी चाहिए और किसानों को दोनों वस्तु आसानी से उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग स्टॉक और आपूर्ति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें।

NIA ने डॉ. शाहीन व परवेज के घर मारी छापेमारी, भाई-पिता के अलावा घर से बरामद हुई ये चीजें

लखनऊ  दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में एनआईए की टीम ने लखनऊ में बड़ी कार्रवाई की है. आतंकवादी महिला डॉक्टर शाहीन और उसके भाई परवेज के घर टीम ने तलाशी अभियान चलाया. कार्रवाई के दौरान शाहीन के पिता और भाई सुएब से पूछताछ की गई. कैसरबाग के खंडारी बाजार और लालबाग, मारियांव इलाके में स्थित उनके घरों में सर्च ऑपरेशन किया गया और तमाम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और मोबाइल कब्जे में लिए गए. लखनऊ के मड़ियांव में छानबीन सूत्रों के अनुसार, एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम सुबह करीब सात बजे मड़ियांव के मुत्तकीपुर इलाके में डॉ. परवेज के घर पहुंची। सुरक्षा घेरा बनाकर घर के भीतर टीम ने कई घंटे तक तलाशी ली। इस दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। छापेमारी के दौरान डॉक्टर परवेज घर पर मौजूद नहीं थे। टीम ने घर के अन्य सदस्यों से पूछताछ की और कई अहम दस्तावेज़ व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य कब्जे में लिए। एटीएस को घर के बाहर खड़ी सफेद रंग की आल्टो कार और अंदर से स्प्लेंडर बाइक बरामद मिली। कार के शीशे पर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, गुड़म्बा का गेट पास चिपका मिला। घर से कुछ कंप्यूटर उपकरण, मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जब्त किए गए हैं। पड़ोसियों ने बताया, अकेला रहता था टीम ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। पड़ोसियों ने बताया कि डॉ. परवेज ज्यादा मेलजोल नहीं रखते थे और घर पर बहुत कम ही दिखते थे। एटीएस ने आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले, लेकिन किसी संदिग्ध की फुटेज नहीं मिली। स्थानीय लोगों के मुताबिक, 50 वर्षीय डॉ. परवेज खुद को इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से जुड़ा बताते थे। हालांकि, डॉ. परवेज वहां प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे या किसी अन्य भूमिका में, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। एजेंसियां अब यूनिवर्सिटी प्रशासन से भी संपर्क कर उनके रिकॉर्ड और संभावित गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं। मिला आतंकी मॉड्यूल का लिंक यह पूरा मामला फरीदाबाद में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा बताया जा रहा है। दरअसल, 30 अक्टूबर को अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद से एमबीबीएस छात्र डॉ. मुजम्मिल अहमद को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। उसके किराए के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक, एके-47 राइफल और कई मैगजीन बरामद हुई थीं। पूछताछ में मुजम्मिल ने अपनी गर्लफ्रेंड डॉ. शाहीन शाहिद का नाम बताया, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया। शाहीन की कार की डिक्की से हथियार मिले थे। जांच में सामने आया कि शाहीन का लखनऊ से पुराना संबंध है। उसके दादा-दादी लालबाग इलाके में रहते थे। इसी कड़ी में एजेंसियों को डॉक्टर परवेज का नाम मिला, जो कथित तौर पर इस नेटवर्क से संपर्क में थे। दिल्ली ब्लास्ट से हड़कंप सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी आई-20 कार में हुए विस्फोट से राजधानी दहल गई। धमाके में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 से अधिक लोग घायल हुए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी छह गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और करीब 20 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कार दरियागंज की ओर जा रही थी, जब ट्रैफिक सिग्नल पर यह धमाका हुआ। मौके से बरामद रासायनिक अवशेषों में वही विस्फोटक सामग्री पाई गई, जो फरीदाबाद से बरामद आरडीएक्स से मेल खा रही है। सहारनपुर से भी जुड़ा तार इस आतंकी नेटवर्क का सिरा सहारनपुर के डॉ. आदिल से भी जुड़ा बताया जा रहा है, जिसे कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। डॉ. आदिल की निशानदेही पर ही डॉ. मुजम्मिल को पकड़ा गया था। अब जांच एजेंसियां यह जानने में जुटी हैं कि क्या इन तीनों डॉक्टरों आदिल, मुजम्मिल और परवेज के बीच कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। डॉ. परवेज की तलाश जारी एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि छापेमारी में बरामद दस्तावेजों की जांच चल रही है। इनमें कुछ बैंक लेन-देन और ऑनलाइन संचार से जुड़े रिकॉर्ड भी मिले हैं। फिलहाल डॉ. परवेज फरार हैं और उनकी तलाश कई राज्यों में जारी है। डॉ. शाहीना को लेकर बड़े दावे डॉ. शाहीना को लेकर बड़े दावे किए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि डॉ. शाहीन आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग की हेड है। उसका लखनऊ के लालबाग इलाके में घर है। डॉ. शाहीन लोक सेवा आयोग से चयनित होकर कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर बनी थीं। इसके बाद वह वर्ष 2013 में ये बिना किसी को बताए कॉलेज से गायब हो गई। डॉ. शाहीन की शादी जफर हयात नाम के व्यक्ति से हुई थी। वर्ष 2015 में शाहीन ने तलाक ले लिया। वर्ष 2021 में संस्थान ने डॉ. शाहीना को बर्खास्त कर दिया। अभी वह फरीदाबाद के अलफलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी हुई थी।

प्रदेश भर से आए हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आमजन की समस्याओं के समाधान पर निगरानी रखें जनपदों में तैनात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   प्रदेश भर से आए हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  दो पीड़ितों ने अतिरिक्त आर्थिक सहायता की मांग की, मुख्यमंत्री ने जल्द सहायता उपलब्ध कराने का दिया निर्देश  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को किया दुलार, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने को कहा  लखनऊ ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर से आए हर पीड़ित से स्वयं मुलाकात की, उनका प्रार्थना पत्र लिया और समस्याओं के निदान का आश्वासन किया। मुख्यमंत्री ने जनपद में तैनात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ितों की समस्याओं के स्थानीय स्तर पर समाधान पर विशेष जोर रहे। पुलिस से जुड़े मामलों में निष्पक्षता व पारदर्शिता पूर्वक कार्रवाई पर अधिकारी विशेष ध्यान दें।  42 से अधिक फरियादियों ने सीएम के समक्ष रखी अपनी फरियाद  ‘जनता दर्शन’ में 42 से अधिक फरियादी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हर एक से मिलकर उनकी समस्याएं जानीं और उचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। ‘जनता दर्शन’ में जमीनी विवाद, राजस्व व पुलिस से संबंधित भी कई मामले आए। इस पर सीएम ने निर्देश दिया कि पुलिस कार्रवाई निष्पक्षता व पारदर्शिता से सुनिश्चित की जाए। पुलिस आयुक्त, एडीजी, एसएसपी व एसपी जनता की समस्याओं की निगरानी रखें और प्रमुखता से उसके निस्तारण पर ध्यान दें।   हर पीड़ित की मदद के लिए खड़ी है हमारी सरकार  दो पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। इस पर मुख्यमंत्री ने दोनों फरियादियों को मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित की मदद के लिए खड़ी है। चिकित्सा के लिए नियमित रूप से पीड़ितों को आर्थिक मदद की जा रही है। आप भी एस्टिमेट बनवाकर उपलब्ध कराएं, सरकार मदद करेगी।  बच्चों को किया अपनत्व भरा दुलार  ‘जनता दर्शन’ में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी आए। मुख्यमंत्री ने उन बच्चों को अपनत्व से दुलारा-पुचकारा, फिर उन्हें चॉकलेट दी। सीएम योगी आदित्यनाथ जी ने कुछ बच्चों का हालचाल भी जाना। सीएम ने उन्हें मन लगाकर पढ़ने और खूब नाम करने का आशीर्वाद दिया।

माघ मेला 2026 की तैयारियों में तेजी, विशाल सुरक्षा प्लान हुआ लागू

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगने वाले माघ मेला 2026 की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी विभागों ने अभी से तैयारियां तेज़ कर दी हैं। मेला क्षेत्र में प्रतिदिन डॉग स्क्वॉड और बम डिस्पोज़ल दस्ते संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चला रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां लगातार पीपा पुल, महत्वपूर्ण मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में गहन तलाशी अभियान चला रही हैं। जैसे-जैसे माघ मेले की तिथि नज़दीक आ रही है, प्रशासन सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रही हैं।  सीएम योगी ने दिए निर्देश    तीन जनवरी 2026 से शुरू होने वाले माघ मेले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दे चुके हैं। सीएम ने स्पष्ट किया है कि संतों, कल्पवासियों और करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा तैयारियों को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।सुरक्षा को अभेद बनाने के लिए इस बार हाई-टेक तकनीक का बड़ा इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरे मेला क्षेत्र में 400 एआई-आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो भीड़ की गतिविधियों, घनत्व और किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत अलटर् प्रदान करेंगे। साथ ही ड्रोन कैमरे भी ऊपर से लगातार निगरानी रखेंगे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को वास्तविक समय में पूरी स्थिति की जानकारी मिलती रहे।  5 हजार पुलिसकर्मियों की होगी तैनाती  इस बार मेला क्षेत्र में लगभग 5 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। सिविल पुलिस के साथ-साथ एटीएस, एसटीएफ, पीएसी, आरएफ और बाढ़ राहत कंपनियों की टीमें भी सुरक्षा में सक्रिय रहेंगी। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जा रही है। इसके अलावा 17 अस्थायी थाने और 42 पुलिस चौकियां स्थापित की जा रही हैं, ताकि हर सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। लगातार निगरानी, आधुनिक तकनीक और मजबूत पुलिस बल के साथ प्रशासन माघ मेला 2026 को पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए हर स्तर पर सक्रिय है।   

कोडीन सिरप घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: फरार होने की तैयारी में पकड़ा गया शुभम जायसवाल का पिता

वाराणसी उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में सक्रिय कफ सिरप तस्करी गिरोह के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला जयसवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी थाईलैंड भागने की तैयारी में था। कोलकाता एयरपोर्ट से आरोपी को सोनभद्र पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, शुभम जायसवाल और अमित सिंह टाटा का नेटवर्क झारखंड से बिहार, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक कफ सिरप की सप्लाई कर रहा था. इस मामले में वाराणसी कोतवाली में एक एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद समेत कुल 28 लोगों के नाम शामिल हैं। कफ सिरप की बोतलें बरामद  अक्टूबर में जब पुलिस ने सोनभद्र के चुर्क लाइन मोड़ के पास दो कंटेनरों की जांच की तो 1 लाख 20 हजार से अधिक कफ सिरप की बोतलें नमकीन के पैकेटों के बीच छिपी मिलीं। इस केस में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसी तरह गाजियाबाद में भी चूने के बोरों में छिपाकर एक बड़ी खेप पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश भेजने की तैयारी चल रही थी। 2 करोड़ की कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद जांच के दौरान अब वाराणसी में एक जिम के नीचे स्थित गोदाम से करीब 2 करोड़ रुपये की कोडीन आधारित कफ सिरप बरामद हुई है। पेंट की बाल्टियों के भीतर रखी इन बोतलों का सुराग भी सीधे शुभम जायसवाल से जुड़ रहा है। डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि बरामद सिरप और पैटर्न की बारीकी से जांच की जा रही है। बांग्लादेश में 8–10 गुना कीमत पर बिकती थी बोतलें सूत्रों के अनुसार, तस्करी का अंतिम ठिकाना बांग्लादेश था। पश्चिम बंगाल बॉर्डर तक खेप पहुंचाने के बाद, छोटे कैरियर साइकिल आदि माध्यमों से इसे सीमा पार कराते थे। बांग्लादेश में इसकी कीमत भारत की तुलना में 8 से 10 गुना अधिक मिलती थी। इसी गैरकानूनी कारोबार ने शुभम को महज तीन वर्षों में करोड़ों की अवैध संपत्ति का मालिक बना दिया।   शैली ट्रेडर्स के नाम पर चलता था कारोबार शुभम जायसवाल रांची में रजिस्टर्ड अपनी फर्म ‘शैली ट्रेडर्स’ के जरिए इस पूरे रैकेट को संचालित करता था। उसके तार विभिन्न राज्यों से जुड़े पाए गए हैं। अब 100 करोड़ रुपये से अधिक की कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले में शुभम सहित 28 लोगों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। SIT कर रही हर पहलू की जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT गठित की गई है, जो नेटवर्क, सप्लायर, ट्रांसपोर्ट चैनल और फंडिंग सहित हर पहलू की गहन जांच कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस रैकेट के और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ाने की दिशा में किए व्यापक प्रयास

निवेश मित्र के जरिए सेवाओं के डिजिटलीकरण से उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने में मिली मदद लखनऊ उत्तर प्रदेश को 'उद्यम प्रदेश' के रूप में परिवर्तित कर 'विकसित उत्तर प्रदेश' के विजन को साकार करने में जुटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। प्रशासनिक प्रणाली को अधिक दक्ष, तकनीक आधारित व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने व्यापक सुधारों को लागू किया है, जिनका सीधा लाभ निवेशकों व उद्यमियों को मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा लागू 4,675 प्रशासनिक सुधार, 2,500 व्यवसाय केंद्रित बदलाव तथा निवेश मित्र के माध्यम से सेवाओं का डिजिटलीकरण उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को अधिक सरल और बाधारहित बनाने में सहायक सिद्ध हुए हैं। इसके साथ ही इंटेंट फाइलिंग, लेटर ऑफ अप्रूवल और अन्य अधिकतर नियामक प्रक्रियाएं अब डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो गई हैं। इससे निवेशकों को किसी भी भौतिक परेशानी या दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह सुधारमूलक दृष्टि प्रदेश को देश के सबसे निवेशक अनुकूल राज्यों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। डिजिटल नवाचार, पारदर्शी निर्धारण प्रक्रिया तथा प्रदर्शन आधारित प्रशासनिक संस्कृति ने प्रदेश को उद्योगों के लिए नई ऊर्जा व मजबूत आधार प्रदान किया है। व्यापक प्रशासनिक सुधारों से प्रक्रियाएं हुईं सरल और पारदर्शी निवेशकों को अनावश्यक सरकारी बाधाओं का सामना न करना पड़े, इस उद्देश्य से योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में व्यापक स्तर पर सुधार किए। कुल 4,675 सुधारों के माध्यम से मंजूरी, पंजीकरण और अनुपालन से जुड़ी जटिलताओं में प्रभावी कमी आई है। 2,500 व्यवसाय केंद्रित सुधारों ने उद्योग स्थापना को सहज और समय तथा लागत की दृष्टि से अधिक व्यवहारिक बनाया है। राज्य सरकार ने उपयोगकर्ता केंद्रित और भाषा सुगमता आधारित प्रणालियों को भी बढ़ावा दिया है, जिससे प्रक्रियाओं को समझना और पूरा करना निवेशकों के लिए और अधिक सुलभ हुआ है। यूपीसीडा में केपीआई आधारित कार्य संस्कृति लागू, निवेशकों के भरोसे में वृद्धि योगी सरकार की कार्यप्रणाली में जवाबदेही व प्रदर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) में की पॉइंट इंडिकेटर्स (केपीआई) आधारित पदोन्नति और मूल्यांकन प्रणाली लागू की गई है। इससे अधिकारियों की जिम्मेदारी और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आवेदन प्रोसेसिंग की गति भी इसके परिणामस्वरूप बढ़ी है। आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 में जहां 625 आवेदन प्रोसेस हुए थे, वहीं 2025-26 में आवेदन प्रोसेसिंग की संख्या बढ़कर 3,059 हो गई है। यह 389 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि है। निवेशकों की संतुष्टि दर भी 96.32 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो यह दर्शाती है कि यूपीसीडा की सेवाएं समयबद्ध और निवेशक अनुकूल हैं। यह परिवर्तन बताता है कि योगी सरकार की निवेशक केंद्रित नीतियां प्रशासनिक ढांचे में प्रभावशाली बदलाव ला रही हैं। निवेश मित्र के जरिए सरल व पारदर्शी हुई प्रक्रिया निवेशकों की सुविधा के लिए विकसित निवेश मित्र ने प्रदेश में निवेश प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़कर सरल और पारदर्शी बनाने में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रदेश में निवेश मित्र 2.0 क्रियान्वित है और जल्द ही निवेश मित्र 3.0 को लागू किए जाने की दिशा में कार्य जारी है। उल्लेखनीय है कि निवेश मित्र पोर्टल कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डैशबोर्ड पर कार्य करता है, जो रीयल टाइम डाटा विश्लेषण, विभिन्न रुझानों और निर्णयात्मक जानकारी को उपलब्ध कराता है। इस पोर्टल में शिकायत निवारण की मजबूत प्रणाली है, जो व्हाट्सऐप, एसएमएस और ईमेल के माध्यम से निवेशकों को निरंतर अपडेट भेजती है। कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म उपयोगकर्ता केंद्रित, गतिशील और भाषा अनुकूल है, जबकि केवाईए यानी नो योर अप्रूवल्स सुविधा निवेशकों को आवश्यक अनुमोदनों की संपूर्ण जानकारी प्रदान करती है। निवेश मित्र 3.0 के माध्यम से निवेशकों को जीआईएस आधारित लैंड बैंक तथा औद्योगिक भूखंडों की लाइव मैपिंग की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाएगी, जिससे भौतिक जांच की आवश्यकता समाप्त होगी तथा नोडल एजेंसियों के साथ पारदर्शी समन्वय सुनिश्चित होगा। वर्तमान में, निवेश मित्र के जरिए 43 से अधिक विभागों की 525 से अधिक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं जिससे लाइसेंसिंग, अनुमोदन, प्रमाणन और अन्य सभी प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो रही हैं।

सीएम युवा, ओडीओपी और डीडीयू ग्रामीण कौशल विकास योजना ने युवाओं को दिया आत्मनिर्भर बनने का मंच

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की युवा-केंद्रित नीतियों ने उत्तर प्रदेश में स्व-रोजगार, उद्यमिता और कौशल विकास के क्षेत्र में तेज रफ्तार प्रदान की है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, ओडीओपी और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना जैसे कार्यक्रमों से उत्तर प्रदेश के फ्लैगशिप अभियानों के माध्यम से न केवल बेरोजगारी पर अंकुश लगा है, बल्कि युवाओं को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए जरूरी प्लेटफार्म भी प्राप्त हुआ है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, इन पहलों से प्रदेश में हजारों की संख्या में युवा उद्यमी, स्टार्ट अप और नवाचार के उद्यमों का विकास हुआ है। जो न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रगति की नई मिसाल पेश कर रहे हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।  मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना है, जो विशेष रूप से राज्य के युवाओं को अपने उद्यम, स्टार्ट अप विकसित करने की सुविधा प्रदान करता है। ये अभियान विशेष रूप से 21 से 40 वर्ष की आयु के उन युवाओं को लक्षित करता है। इस योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा, 10 प्रतिशत मार्जिन मनी बोनस और उनके इनोवेशन पर निःशुल्क मेंटरशिप प्रदान की जाती है। इस अभियान के तहत युवाओं को न केवल वित्तीय सहायता दी है, बल्कि उनके स्टार्टअप को सशक्त बनाने के लिए सभी जरूरी सहयोग भी प्रदान किया जाता है। वर्ष 2025-26 के लिए सीएम युवा अभियान के तहत 1.70 उद्यमियों को सहायता प्रदान करने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें से अधिकांश की प्राप्ति हो चुकी है।  वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक फ्लैगशिप योजना है, जिसका अनुकरण वर्तमान में अन्य राज्य भी कर रहे हैं।ओडीओपी के तहत प्रदेश के युवा उद्यमियों को उनके जिलों में ही स्थानीय और परंपरागत उत्पादों के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जाता है। जिससे एक ओर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर परंपरागत उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिल रही है, साथ ही प्रदेश के निर्यात में भी वृद्धि दर्ज की गई है। इस योजना के तहत निर्यात-लिंक्ड सब्सिडी, 5 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर और पहले 1000 दिनों तक लाइसेंस-मुक्त संचालन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ओडीओपी योजना के सफल क्रियान्वयन का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश के पंरपरागत उत्पादों में से 77 जीआई टैग प्राप्त कर देश में प्रथम स्थान पर हैं।    हाल ही में आयोजित सीएम युवा कंक्लेव एक्सपो- 2025 ने इस अभियान को नई गति प्रदान की। इस आयोजन से 5000 से अधिक लीड्स प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 200 से ज्यादा आवेदन सफलतापूर्वक उद्यमों में परिवर्तित हो चुके हैं। इसके साथ ही नोएडा इंटरनेशनल ट्रेड शो व अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों में उत्तर प्रदेश के उत्पादों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाता है। जिससे राज्य के युवाओं के उद्यमों व स्टार्ट-अप के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ा है। साथ ही ये आयोजन न केवल नेटवर्किंग का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि युवा उद्यमियों को वैश्विक निवेशकों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करता है। ग्रामीण स्तर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना के विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास के साथ स्वरोजगार के अवसर प्रदान करता है।  साथ ही प्रदेश के तकनीकी विश्वविद्यालयों के इंक्यूबेशन सेंटर भी युवाओं में उद्यमिता का विकास करने में सहयोग कर रहे हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, फंडिंग और बाजार पहुंच भी प्रदान की जाती है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का यह समग्र दृष्टिकोण न केवल प्रदेश में रोजगार सृजन कर रहा है, बल्कि राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर किया है। युवा उद्यमिता की यह लहर निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश को आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगी।

माघ मेले में पहली बार पर्यटन विभाग की तरफ से 04 अस्थाई पर्यटन सूचना केंद्रों की होगी स्थापना

सूचना केंद्रों में पर्यटकों के लिए उपलब्ध रहेगी पर्यटन स्थलों, पेईंग गेस्ट हाउस और प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड की जानकारी लखनऊ वर्ष 2025 में योगी सरकार के प्रयास से संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित दिव्य , भव्य और स्वच्छ कुंभ के सफल आयोजन को पूरी दुनिया ने सराहा।   यूनेस्को द्वारा इसे 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। आयोजन की भव्य सफलता के बाद अब संगम नगरी   महाकुंभ के बात माघ मेला 2026 का इंतजार कर रही है। 3 जनवरी 2026 में आयोजित होने जा रहे आस्था के इस महा समागम में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के अनुमान को देखते हुए पर्यटन विभाग भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।  पहली बार माघ मेले में 04 अस्थाई पर्यटन सूचना केंद्र की स्थापना महाकुंभ 2025 के दिव्य और भव्य आयोजन के बाद प्रयागराज को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है। पर्यटकों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी इसका संकेत दे रही है। प्रयागराज की क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी अपराजिता सिंह का कहना है कि वर्ष 2020 में प्रयागराज में पर्यटकों की संख्या 31933758 थी, जो  2021 में 11213496, वर्ष 2022 में 26047166, वर्ष 2023 में 50671622 , वर्ष 2024 में 5,12,6,2806 और 2025 जनवरी से सितंबर तक 68,21,50806 तक पहुंच गई। संगम नगरी में पर्यटकों की आई इस सूनामी से पर्यटन विभाग उत्साहित है। इस बार 3 जनवरी 2026 से शुरू होकर 44 दिन तक होने जा रहे माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम नगरी पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए माघ मेले में 04 अस्थाई सूचना पर्यटन केंद्र बनाए जा रहे हैं।  पर्यटन सूचना केंद्रों में मिलेंगी ये सुविधाएं उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की तरफ से स्थापित जा रहे इन पर्यटन सूचना केंद्रों में प्रयागराज के सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों की जानकारी की पुस्तिका हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी। डिजिटल फॉर्मेट में भी इसे उपलब्ध कराया जायेगा। सूचना केंद्र में एक गाइड बुक भी होगी । पर्यटकों को टूरिज्म की जानकारी देने के लिए यहां पर एक प्रशिक्षित गाइड की सूची भी उपलब्ध रहेगी। पर्यटकों के ठहरने की जानकारी देने के लिए यहां पर रजिस्टर्ड पेइंग गेस्ट हाउस की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी।

यूपी में स्किल इंडिया और डीडीयू ग्रामीण कौशल्य विकास अभियान के तहत 5.66 लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

डिजिटल, एआई और ग्रीन जॉब्स पर फोकस, उत्तर प्रदेश को स्किल हब बनाने का लक्ष्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार की युवा-केंद्रित नीतियों ने न केवल राज्य के युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए द्वार खोले हैं, बल्कि उनमें स्वरोजगार, उद्यमिता और इनोवेशन का भी विकास किया है। एक ओर राज्य सरकार स्किल इंडिया मिशन और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना के तहत युवाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक तकनीकि में प्रशिक्षित कर रही है, वहीं दूसरी ओर रोजगार मेलों और इंक्युबेशन सेंटरों के माध्यम से रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है। वर्ष 2017 के बाद से प्रदेश में आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों तक किया गया है, तो वहीं उच्च तकनिकी के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ की ये युवा केंद्रित पहलें विकसित यूपी, विकसित भारत- 2047 के विजन को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में वर्ष 2017 से अबतक स्किल इंडिया मिशन और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना के तहत 5 लाख 66 हजार से अधिक आईटीआई और पॉलिटेक्निक प्रशिक्षित युवाओं को मिशन रोजगार के माध्यम से नौकरियां प्राप्त हुई हैं। इसके साथ ही अप्रैल 2025 तक 2,800 से अधिक प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए युवाओं को उद्योग उन्मुख कौशल प्रदान किया गया है, जिससे बेरोजगारी की दर में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को स्व रोजगार और स्टार्ट अप भी विकसित करने के लिए हर संभव मदद की जाती है।  उत्तर प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास व गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए 1,747 सक्रिय ट्रेनिंग पार्टनर्स का चयन किया गया है। जिनके माधयम से युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान किया जाता है। साथ ही इनक्युबेशन सेंटरों के माधयम से उन्हें अत्याधुनिक तकनीकों जैसे डिजिटल मार्केटिंग, ईवी मैन्युफैक्चरिंग और एआई के साथ व्यवसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। यही नहीं समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा कौशल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, जिसमें युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलता है। कौशल प्रशिक्षण अभियानों और प्रतियोगिताओं में रिकॉर्ड संख्या में प्रदेश के युवाओं की भागीदारी ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया है, साथ ही उन्हें प्रगति की नई राह भी दिखाई है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के प्रयासों से प्रदेश में मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थानों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां वर्ष 2016-17 में यूपी में मात्र 42 मेडिकल कॉलेज थे, वर्तमान में ये संख्या बढ़कर, निजी व सरकारी को मिलाकर 80 हो चुकी है। इससे न केवल प्रदेश में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। इसी तरह उच्च तकनीकि प्रशिक्षण के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी सीटों की संख्या में बढ़ोत्तरी की गई है। साथ ही इन संस्थानों में बनाये गये स्टार्टअप इंक्यूबेटर्स के जरिए युवा उद्यमिता को बढ़ावा मिला। ये पहलें न केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंची हैं, बल्कि महिलाओं, ओबीसी और एससी/एसटी समुदायों के लिए आरक्षण सुनिश्चित कर समावेशी विकास को भी सुनिश्चित कर रहीं हैं। रोजगार सृजन की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ का सबसे प्रभावी कदम हैं नियमित रोजगार मेलों का आयोजन है। इसी क्रम में अगस्त 2025 में लखनऊ के तीन दिवसीय 'रोजगार महाकुंभ' में 100 कंपनियों ने 50,000 से अधिक नौकरियों के अवसर प्रदेश के युवाओं को प्रदान किये। इन रोजगार मेलों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों जैसे- एसबीआई, एचडीएफसी, स्विगी, जोमैटो, अमेजन और महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल होती है। आने वाले दिनों में लखनऊ, गोरखपुर, झांसी, वाराणसी और मुजफ्फरनगर में रोजगार मेलों का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें 100 से अधिक कंपनियों की भागीदारी व 15,000 रोजगार के अवसरों के सृजन की संभावना है।साथ ही प्रत्येक जिले में मासिक प्लेसमेंट ड्राइव अभियान भी चलाया जाता है, जो युवाओं को सीधे नियोक्ताओं से जोड़ता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के मुताबिक आने वाले वर्षों में डिजिटल, एआई और ग्रीन जॉब्स पर फोकस के साथ उत्तर प्रदेश को स्किल हब बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।