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ATS की बड़ी रेड: लखीमपुर में आरोपी सुहैल खान के घर से ISIS फ्लैग बरामद

लखीमपुर खीरी गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने गुजरात ISIS मॉड्यूल मामले में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में छापेमारी की है. यूपी पुलिस के साथ की गई इस कार्रवाई में लखीमपुर निवासी आतंकी मोहम्मद सुहैल खान के घर से ISIS का फ्लैग बरामद किया गया है. गुजरात ATS की तहकीकात में खुलासा हुआ है कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले दोनों गिरफ्तार आतंकी मोहम्मद सुहैल खान और आजाद सुलेमान शेख हाल ही में कश्मीर भी गए थे. दोनों आतंकी   हथियार और केमिकल की डिलीवरी का रूट देखने के लिए गए थे.  बता दें कि गुजरात ATS ने सेंट्रल एजेंसियों के साथ मिलकर 9 नवंबर को ISIS से जुड़े तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक MBBS डॉक्टर भी शामिल था. ये तीनों आतंकी खतरनाक जहर का इस्तेमाल करके आतंकी हमले की प्लानिंग में जुटे थे. इन्हीं आतंकियों ने लखनऊ स्थित RSS दफ्तर, दिल्ली की आजादपुर मंडी और अहमदाबाद में हमले के लिए रेकी भी की थी.  गिरफ्तार सुहेल के पिता ने कहा, 'किसी याराना-दोस्ताना या कैसे भी उसको फंसाया गया है.'' ये गिरफ्तारियां तब हुईं जब ये संदिग्ध हथियार लेने-देने के लिए इकट्ठा हुए थे. इनके पास से पाकिस्तान से भेजी गईं पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं.  ATS के मुताबिक, ये संदिग्ध दिल्ली, लखनऊ और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे और इसके लिए इन्होंने कुछ जगहों की रेकी भी की थी. गिरफ्तार किए गए युवकों में एक लखीमपुर, दूसरा शामली का रहने वाला है, जबकि तीसरा हैदराबाद का है. फिलहाल गुजरात एटीएस और यूपी एटीएस समेत कई एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की संभल जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा

चरणबद्ध तरीके से करें संभल का विकासः मुख्यमंत्री   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की संभल जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा  पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों का करें पुनरुद्धारः मुख्यमंत्री  दूसरे चरण में म्यूजियम, लाइट एंड साउंड आदि कार्यों पर रखें फोकस मुख्यमंत्री जी का महिष्मती नदी के पुनरुद्धार पर रहा जोर  संभल का विकास सरकार की प्राथमिकताः मुख्यमंत्री  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जनपद संभल की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने यहां चल रहे विकास कार्यों के बारे में जाना। मुख्यमंत्री जी ने कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की। फिर शासन व जनपद के अधिकारियों को निर्देशित किया कि चरणबद्ध तरीके से संभल का विकास करें। संभल का विकास सरकार की प्राथमिकता है।  पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों का पुनरुद्धार कराएं। दूसरे चरण में म्यूजियम व लाइट एंड साउंड आदि विकास कार्यों पर फोकस रखें। मुख्यमंत्री जी ने संभल में जनपद न्यायालय, कारागार व पीएसी के निर्माण की प्रक्रिया पर जल्द कार्रवाई के लिए भी कहा। मुख्यमंत्री जी ने राजस्व, गृह, न्याय, धर्मार्थ कार्य, लोक निर्माण, पर्यटन-संस्कृति, नगर विकास समेत कई विभागों के कार्यों की समीक्षा की।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संभल में 68 तीर्थ व 19 कूप हैं। प्रदेश सरकार इन तीर्थों के जीर्णोद्धार व पहचान के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री जी ने स्थानीय प्रशासन को इन कार्यों को तेज गति से कराने का निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इंटीग्रेटेड कॉम्पलेक्स भवन में सभी विभागों का कार्यालय हो। मुख्यमंत्री जी को बताया गया कि आवासीय व अनावासीय भवन के लिए 93 फीसदी भूमि क्रय कर ली गई है। मुख्यमंत्री जी ने डीपीआर बनाने के साथ कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री जी ने जनपद न्यायालय, कारागार व पीएसी की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि 24 कोसीय परिक्रमा के साथ ही महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के समीप भूमि अधिग्रहण, सड़क निर्माण व सार्वजनिक सुविधाएं बढ़ाई जाएं।  मुख्यमंत्री जी ने महिष्मती नदी के पुनरुद्धार कार्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नदियां जीवनदायिनी है। सरकार नदियों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। नमामि गंगे के अंतर्गत प्रोजेक्ट तैयार कराकर पुनरुद्धार कार्य में तेजी लाई जाए।  मुख्यमंत्री ने जी नगर विकास विभाग की वंदन योजना, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, अंत्येष्टि स्थल विकास योजना, नगरीय जल विकास योजना, झील/पोखर/तालाब योजना व पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत होने वाले कार्यों की प्रगति के बारे में जाना और निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्रता से पूरा करें।  मुख्यमंत्री जी ने सीबीजी प्लांट के निर्माण की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

हमें लोकसंस्कृति को लेकर गर्व की अनुभूति होनी चाहिए और उसे संरक्षित करते हुए एक प्लैटफॉर्म भी देना चाहिएः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

विदेशी इतिहासकारों की शरारत को पीछे छोड़कर, इतिहास के गौरव-गरिमा से जुड़े पन्ने सहेजने का काम करती है लोककला व लोकगीतः योगी आदित्यनाथ लखनऊ में आयोजित 10 दिवसीय ऐतिहासिक 'उत्तराखण्ड महोत्सव-2025' में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक संस्कृति के संरक्षण पर दिया जोर हमें लोकसंस्कृति को लेकर गर्व की अनुभूति होनी चाहिए और उसे संरक्षित करते हुए एक प्लैटफॉर्म भी देना चाहिएः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी ने कहाः उत्तराखंड महोत्सव का आयोजन एक ओर अवध के श्रीराम तो दूसरी ओर उत्तराखंड के बद्री विशाल व चारों धाम की संयुक्त शक्ति का प्रतीक डॉ. सुरेश चन्द्र फुलारा, राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत डॉ. मंजू बाला, डॉ. चन्द्र मोहन नौटियाल तथा प्रो. दीवान एस. रावत को सम्मानित करने पर मुख्यमंत्री योगी ने जताया हर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की केंद्रीय संस्कृति मंत्री की तारीफ, बोलेः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को अखिल भारतीय स्तर पर आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं शेखावत उत्तर प्रदेश व देश के लिए योगदान देने वाले महान विभूतियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया याद लखनऊ लखनऊ में चल रहे उत्तराखंड महोत्सव में मुख्यंमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रविवार की शाम शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यम्नत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर विशेष रूप से बल दिया कि संकट के दौरान यही लोकगीत कला व लोकगीत ही इतिहास का संरक्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के कई गौरवशाली क्षण हैं जिसे विदेशी इतिहासकारों ने शरारतन भारत के गौरवशाली इतिहास के साथ नहीं जोड़ा। ऐसे में, भारत के गौरव व गरिमा से जुड़े हुए पन्नों को सहेजने का काम लोकगायन व परंपरा के माध्यम से हमें सुनने देखने को प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में आयोजित 10 दिवसीय ऐतिहासिक 'उत्तराखण्ड महोत्सव-2025' में लोक संस्कृति के संरक्षण का आह्वान किया। उत्तराखंड के महत्व को किया रेखांकित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मां गंगा, यमुना, सरयू व शारदा जैसी नदियां देवभूमि के पावन क्षेत्र से होकर उत्तर प्रदेश की भूमि को उपजाऊ करते हुए यहां की धरती से सोना उगलने वाली धरती के रूप में परिवर्तित करने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपनी जवानी लगाने वाला उत्तराखंड का नौजवान और अमृत तुल्य जल देने वाली पवित्र नदियां उत्तराखंड से ही आती हैं। लोककला व संस्कृति के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तव में यह महोत्सव हमारी लोककला व संस्कृति को जीवंत बना रखने का एक माध्यम है। अगर हम इस प्रकार के महोत्सव न मनाएं तो बहुत से लोग आज की आपाधापी में अपनी संस्कृति से विमुख हो जाएंगे। उन्हें लोककला, लोकगायन, लोकसंस्कृति का पता ही नहीं होगा। लोक संस्कृति को लेकर हो गर्व की अनुभूति मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमें अपनी लोकसंस्कृति को लेकर गर्व की अनुभूति होनी चाहिए और उसे संरक्षित करते हुए एक प्लैटफॉर्म भी देना चाहिए और यही एक भारत श्रेष्ठ भारत का प्रधानमंत्री मोदी का भाव है। उन्होंने कि अखिल भारतीय स्तर पर इसे आगे बढ़ाने का कार्य केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री गजेंद्र शेखावत कर रहे हैं। उत्तराखंड के नागरिकों की अटूट देशभक्ति उन्हें स्थानीय संस्कृति के साथ करती है एक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की सुरक्षा और देश के प्रत्येक क्षेत्र में उत्तराखंड का नागरिक जब काम करता है तो अपनी अटूट देशभक्ति के कारण वह अपने आप को वहां की स्थानीय संस्कृति के साथ समरस करने में देर नहीं लगाता है। उन्होंने कहा कि आज का ये समारोह भी अवधी संस्कृति और उत्तराखंड की संस्कृति के बेहतर समन्वय का ही परिणाम है। उत्तराखंड महोत्सव में एक ओर अवध के श्रीराम तो दूसरी ओर उत्तराखंड के बद्री विशाल व चारों धाम जुड़कर महोत्सव को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने में अपना योगदान देते हैं। महान विभूतियों को किया याद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा -ये हम सबका सौभाग्य है कि आज का उत्तराखंड 9 नवंबर सन 2000 श्रद्धेय अटल जी के कारण बना। लेकिन, उत्तर प्रदेश के विकास के लिए भी उसी प्रतिबद्धता के साथ स्थापना काल से ही योगदान देने में जब नाम लिया जाता है तो उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत प्रमुख हैं। उन्होंने लंबे समय तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा स्वतंत्रता सेनानी के रूप में अपनी सेवाएं पहले देश की स्वाधीनता के लिए दी। वहीं, स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए जो कार्ययोजना सुनिश्चित की, उसी की नींव पर भावी उत्तर प्रदेश का निर्माण करने में सफलता प्राप्त की गई। उन्होंने कहा कि ये उत्तर प्रदेश और देश का गौरव है कि उसी उत्तराखंड ने हेमवती नंदन बहुगुणा व नारायण दत्त तिवारी को जन्म दिया जिन्होंने लंबे समय तक उत्तर प्रदेश व देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया। देश के स्वाधीनता आंदोलन में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का स्मरण हर देशभक्त करता है। उत्तराखंड बनने के बाद उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी को अन्य शहर में स्थापित करके वीर चंद्र सिंह गढ़ पहले सीडीएस जनरल विपिन रावत को भी किया याद मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, ये उत्तराखंड की ही देन है कि भारत की रक्षा सेनाओं की एकीकृत विंग के कमांडर इन चीफ के रूप में देश के पहले सीडीएस जनरल विपिन रावत भी उत्तराखंड की पावन भूमि की देन हैं। उन्होंने कहा कि द्वितीय सीडीएस भी उत्तराखंड की देन हैं। हमने भक्ति और शक्ति का समन्वय उसी प्रकार से किया है जिस प्रकार राजस्थान की घरती ने कर दिखाया है। विभूतियों के सम्मान पर मुख्यमंत्री योगी ने जताया हर्ष मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि महापरिषद प्रतिवर्ष उत्तराखंड गौरव सम्मान से कुछ विभूतियों को सम्मानित करती है। इसी क्रम में डॉ. सुरेश चन्द्र फुलारा (स्वदेशी उत्पाद एवं आजीविका के क्षेत्र में), राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत डॉ. मंजू बाला (शिक्षा के क्षेत्र में), डॉ. चन्द्र मोहन नौटियाल (विज्ञान के क्षेत्र में) तथा प्रो. दीवान एस. रावत (रसायन विज्ञान एवं अनुसन्धान के क्षेत्र में) को सम्मानित करने के निर्णय पर सीएम योगी ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब इस प्रकार की संस्थाएं देश, समाज व संस्कृति के लिए कार्य करती हैं तो … Read more

प्रदेश स्तर पर 37 इंडिकेटर पर आधारित रैंकिंग रिपोर्ट का होता है निर्माण 

आजीविका मिशन में वाराणसी फिर प्रदेश में अव्वल, 6 माह में 4 बार प्रथम और दो बार टॉप-10 में रही काशी  प्रदेश स्तर पर 37 इंडिकेटर पर आधारित रैंकिंग रिपोर्ट का होता है निर्माण  घरों की दहलीज से निकल कर काशी की महिलाएं परिवार की आय बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को दे रहीं रफ्तार एनआरएलएम से 11879 समूहों की एक लाख अड़तीस हजार से अधिक महिलाएं है जुड़ीं  महिलाओं को समूह से जोड़ने, रिवाल्विंग फण्ड देने,आजीविका से जोड़ने का डबल इंजन सरकार ने किया मार्ग प्रशस्त बैंक सखी व उद्यम सखी के चयन, बैंक से ऋण दिलाने व व्यक्तिगत, आंतरिक ऋण दिलाने की दिशा में भी किया जा रहा उत्कृष्ट कार्य  वाराणसी  काशी की महिलाएं घरों की दहलीज से निकल कर अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को रफ्तार देते हुए उत्तर प्रदेश में अव्व्वल हो गई हैं। दीनदयाल अन्त्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत वाराणसी एक बार फिर से प्रदेश में योजनाओं  को लागू करने एवं महिलाओं को आगे बढ़ाने में अव्वल है। प्रदेश की अक्टूबर 2025 की रैंकिंग में वाराणसी शीर्ष पर है, जबकि पिछले 6 महीनों में वाराणसी 4 बार शीर्ष पर रहा और दो बार टॉप टेन में स्थान बना चुका है।  37 इंडीकेटर्स के आधार रिपोर्ट होती है तैयार मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि दीनदयाल अन्त्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत वाराणसी एक बार फिर से प्रदेश में योजना को लागू करने में प्रदेश में अक्टूबर-2025 के रैंकिंग में प्रथम स्थान पर है। रैंकिंग के लिए प्रदेश स्तर पर 37 इंडिकेटर पर रिपोर्ट तैयार की जाती है। पिछले 6 महीने से वाराणसी शीर्ष-4 बार प्रथम रहा है। वाराणसी  में वार्षिक कार्ययोजना के सापेक्ष महिलाओं को समूह से जोड़ने, रिवाल्विंग फण्ड देने, आजीविका से जोड़ने, उत्पादक समूह गठन करने, बैंक सखी व उद्यम सखी के चयन, समूहों को बैंक से ऋण उपलब्ध कराने, ग्राम संगठन की प्रोफाइल व व्यक्तिगत आंतरिक ऋण दिलाने में उत्कृष्ट कार्य किया गया है।    आजीविकापरक गतिविधियों से जुड़कर आय बढ़ाने में मिली मदद  उपायुक्त (स्वत: रोजगार) वाराणसी पवन कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी में 11879 समूहों में एक लाख अड़तीस हजार से अधिक महिलाएं जुड़ीं हैं, जो विभिन्न प्रकार आजीविका परक गतिविधियों जैसे  कृषि, पशुपालन, सब्जी की खेती, फूलों की खेती, ग्रोसरी, बीसी सखी, विद्युत् सखी, टेक होम राशन प्लांट, दोना पत्तल, ब्यूटी पार्लर, सिलाई कढ़ाई, सिल्क साड़ी, चार मुरब्बा, काशी प्रेरणा कैफे, जूट बैग, ड्रोन सखी आदि से जुड़कर अपनी व अपने परिवार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  रोजगार से जोड़ने के हो रहे हैं नवीन प्रयास योगी सरकार द्वारा लगातार  महिलाओं द्वारा उत्पादित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने हेतु सरस मेला और अन्य विभागीय मेलों में प्रतिभाग करना ,आन लाइन बाजार से जोड़ना, काशी प्रेरणा मार्ट खोला जा रहा है। जनपद में आजीविका मिशन, जिला प्रसाशन के सहयोग से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के नवीन प्रयास हो रहे हैं। जनपद में महिलाओं को बीमा सखी बनाने, सीएसआर फण्ड से महिलाओं को आजीविका से जोड़ने, मधु मक्खी पालन, मखाना की खेती, बकरी पालन आदि से जोड़ने के लिए मुहिम चलायी जा रही है।  एकता संकुल समिति विकासखण्ड आराजीलाइन की वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षक अंजू देवी बताती हैं कि योगी सरकार ने आय और सम्मान दोनों दिलाया है। समूह से जुड़ कर महिलाएं दो से तीन रोजगार कर रही हैं तथा महिलाएं अपनी पहचान बना रही हैं। जो महिलाएं बैंक जाने से घबराती थीं, अब वे सुगमता से बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले रही हैं।  विकासखण्ड चिरईगांव की अचार और मुरब्बा बनाने वाली महिला शक्ति स्वयं सहायता समूह की अमृता देवी बताती हैं ,डबल इंजन सरकार और सीएम योगी ने महिलाओं का जीवन बदल दिया है। महिलाओं में हुनर था लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से काम नहीं कर पाती थी। सरकार की योजना ने महिलाओं की प्रतिभा को निखारा दिया है।

यूपी में प्रतिदिन बढ़ रहे किसानों के पंजीकरण, धान क्रय में भी आ रही तेजी

यूपी में धान खरीद को निरंतर मिल रहा किसानों का साथ  यूपी में प्रतिदिन बढ़ रहे किसानों के पंजीकरण, धान क्रय में भी आ रही तेजी  शनिवार तक 53330 किसानों से की जा चुकी 3.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद धान खरीद के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों की संख्या 3.93 लाख पार  सीएम योगी के निर्देश पर क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए की गई है मूलभूत सुविधाएं  लखनऊ धान की सरकारी खरीद को किसानों का निरंतर साथ मिल रहा है। धान खरीद की नियमित समीक्षा भी हो रही है। इसके मुताबिक धान खरीद में प्रतिदिन किसानों के पंजीकरण में वृद्धि हो रही है तो दूसरी तरफ धान क्रय में भी तेजी आ रही है। आंकड़े इसकी गवाही भी दे रहे हैं। शनिवार दोपहर तक धान खरीद सत्र में पंजीकृत होने वाले किसानों की संख्या 3.93 लाख पार कर गई। वहीं अब तक 3.12 लाख मीट्रिक टन की भी खरीद हो चुकी है। सरकार ने 4000 धान क्रय केंद्र का लक्ष्य रखा था, जिससे आगे बढ़ते हुए किसानों की सुविधा के लिए 4143 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं धान लेकर पहुंच रहे किसानों के लिए क्रय केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।   53330 किसानों से की जा चुकी 3.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद  खाद व रसद विभाग के मुताबिक शनिवार दोपहर तक 53,330 किसानों से 3.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं धान खरीद विपणन सत्र 2025-26 के लिए 3,93,389 किसानों ने शनिवार तक पंजीकरण भी करा लिया है। सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि 4143 धान क्रय केंद्र भी स्थापित हो चुके हैं।  एक नजर  – धान (कॉमन) 2369 रुपये प्रति कुंतल की दर से हो रही खरीद  – धान (ग्रेड-ए) 2389 रुपये प्रति कुंतल की दर से हो रही खरीद – टोल फ्री नंबर 18001800150 के साथ ही जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक से संपर्क कर सकते हैं किसान  – विभाग की अपील- 17 फीसदी नमी का धान खरीदा जा सकता है। धान को अच्छी तरह सुखाकर, साफ करके क्रय केंद्र पर ले आएं किसान  – खाद्य विभाग के पोर्टल www.fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA पर पंजीकरण अनिवार्य, पंजीकृत किसानों से ही होगी धान खरीद  – क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम पांच बजे तक खुले हैं। – पश्चिम उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी तक होगी धान खरीद  – पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक होगी खरीद

घर का चूल्हा-चौका कर जिंदगी काटने वाली प्रयागराज की मनीषा ने बदल दी दर्जनों ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी

ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सशक्त और आत्म निर्भर बना रही योगी सरकार, जिले में 324 बिजली सखियों की बदल गई जिंदगी घर का चूल्हा-चौका कर जिंदगी काटने वाली प्रयागराज की मनीषा ने बदल दी दर्जनों ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से बिजली सखी बन मनीषा बनी लखपति प्रयागराज में बिजली सखियों ने इस साल अक्टूबर तक बिजली विभाग को दिलाया 12 करोड़ का राजस्व प्रयागराज उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बना रही है । राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित किए गए स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बना रहे हैं । प्रयागराज में घरेलू काम काज देखने वाली सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी इस मिशन ने बदल दी है। मनीषा साहू बन गई ग्रामीण महिलाओं की आइकन कभी घर का चूल्हा कर अपना परिवार चलाने वाली मनीषा साहू आज गांव में आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं। प्रयागराज के इस्माइलपुर में रहने वाली मनीषा साहू के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह अपने बच्चों को स्कूल में दाखिला करा पाती। पति असाध्य रोग से पीड़ित थे ऐसे में तीन बच्चों को पढ़ाने के लिए उसने उन्हें अपने मायके भेज दिया जहां उनके पिता ने उन्हें स्कूल में दाखिला दिलाया। मनीषा ने 2020 में मां गंगा स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी नई राह बनाई। मनीषा ने बिजली सखी के रूप में कार्य करना शुरू किया । मनीषा बताती है कि सुबह सुबह एक टूटी फूटी साइकिल से गांव गांव लोगों के बिजली के बिल जमा करने और उनका बिल लेने निकल जाती । शुरुआती दिनों में इस कार्य की कमीशन से उसे जो आमदनी होती थी उससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल था। लेकिन अब वह बिजली सखी के रूप में हर महीने 20 हजार से अधिक कमा लेती । मनीषा ने इसी पैसे से एक स्कूटी खरीद ली है। गांव की दो दर्जन से अधिक महिलाओं को भी मनीषा ने इससे जोड़ लिया है और उन महिलाओं की जिंदगी भी अब बदल गई है।  आत्म निर्भरता की मिसाल बनी जिले की 234 बिजली सखी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की रही है। सरकार ने इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूह गठित किए जिसके माध्यम से महिलाओं को स्वयं सक्षम बनने में मदद मिल रही है। प्रयागराज के उपायुक्त एनएलआरएम अशोक कुमार गुप्ता बताते हैं कि ग्रामीण महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के अभियान में इन्हें नई जिम्मेदारी दी जा रही है। जनपद में महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 820 महिलाओं को विद्युत सखी के रूप में गांव में बिजली के बिल जमा करने और उपभोक्ताओं को बिजली विभाग की तरफ से चलाई गई योजनाओं की जानकारी देने  जिम्मेदारी दी गई है । इसमें 324 बिजली सखी इस समय सक्रिय हैं। इसमें भी मां गंगा महिला स्वयं सहायता समूह अग्रणी है। समूह की अध्यक्ष मनीषा साहू ने इस साल नवंबर के पहले हफ्ते तक इससे बिजली विभाग को 12 करोड़ से अधिक के बिजली बिल जमा कराए हैं। अनुमान है कि इस वित्तीय वर्ष उनका राजस्व 22 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगा।

वृद्धावस्था पेंशन के लिए वृद्ध जनों को योगी सरकार ने दी सहूलियत, पेंशन के लिए अलग से नहीं करना होगा आवेदन

वृद्धजनों का संबल और  बुढ़ापे की लाठी बन रही है योगी सरकार वृद्धावस्था पेंशन के लिए वृद्ध जनों को योगी सरकार ने दी सहूलियत, पेंशन के लिए अलग से नहीं करना होगा आवेदन इंद्राणी और लाल मणि के चेहरों पर आई मुस्कान, पेंशन के लिए नहीं लगाने होंगे दफ्तर के चक्कर प्रयागराज जिले में 1.63 लाख से अधिक बुजुर्गों को जारी हुई पेंशन, मंडल में 5 लाख से अधिक बुजुर्गों को मिलेगी राहत प्रयागराज उत्तर प्रदेश के बेसहारा, बुजुर्गों और दिव्यांगों के कल्याण के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ वक्त पर उन तक  पहुंचाना योगी सरकार की प्राथमिकता है । बुजुर्गों के लिए चलाई जा रही वृद्धावस्था पेंशन योजना के आवेदन से जुड़ी प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए सरकार ने एक और कदम उठाया है । अब पात्र लाभार्थी को बिना आवेदन किए पेंशन मिलेगी।  इंद्राणी और लाल मणि के चेहरे पर आई मुस्कान, पेंशन के लिए दफ्तर के नहीं काटने होंगे चक्कर योगी सरकार की कैबिनेट के एक फैसले से वृद्धावस्था पेंशन पा रहे बुजुर्गों के चेहरे खिल गए हैं। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य में वृद्धावस्था पेंशन को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। फतेहपुर के खानपुर में रहने वाली 71 साल की इंद्राणी को हर महीने पेंशन की औचारिकताएं पूरी करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। गठिया की बीमारी से पीड़ित इंद्राणी को इसके लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन सरकार के एक फैसले ने उनकी यह झंझट दूर कर दी है। इंद्राणी की तरह ही प्रयागराज के कोरांव की रहने वाले 76 साल के लाल मणि नि:संतान होने की वजह से अपनी वृद्धावस्था पेंशन लेने के लिए सरकारी दफ्तरों में नहीं पहुंच पाते थे। लाल मणि को योगी सरकार के इस नए आदेश ने बड़ी राहत दी है।   प्रयागराज में 1.63 लाख से अधिक बुजुर्गों तक पहुंचा योजना का लाभ  बेसहारा बुजुर्गों के लिए सरकार की वृद्घावस्था पेंशन योजना बुढ़ापे की लाठी साबित हो रही है। प्रयागराज में इसका सतत विस्तार हो रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी राम शंकर पटेल बताते हैं कि सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में मौजूदा वित्तीय वर्ष की दूसरी किश्त में 1,63,968 बुजुर्गों को इसका लाभ मिला है। उनका कहना है कि पिछली वित्तीय वर्ष के बाद नए लाभार्थियों को शामिल करने और मृतक लाभार्थियों की स्क्रीनिंग के बाद 4100 लाभार्थियों को सूची से हटाया गया है। योजना का दायरा बढ़ता जा रहा है और हर साल इसका लाभ पाने वाले पात्र सीनियर सिटीजन की संख्या भी बढ़ती जा रही है।  अप्रैल , मई और जून महीने की किश्त एक साथ बुजुर्गों को दी गई थी जिसमें लाभार्थियों की संख्या 1.63 लाख आई थी।  प्रयागराज मंडल में भी इस योजना का तेजी से विस्तार हुआ है । उत्तर प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष के प्रथम क्वार्टर में 67,50,000 लोगों को यह पेंशन जारी की गई । इधर प्रयागराज मंडल में इस वित्तीय वर्ष के प्रथम क्वार्टर में वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले बुजुर्गों की संख्या 5,06,375 पहुंच चुकी हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण

1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर का केंद्र बिंदु था उत्तर प्रदेशः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान दिवस पर आयोजित किया गया पासी स्वाभिमान दिवस हर हिंदुस्तानी के लिए प्रेरणा हैं वीरांगना ऊदा देवीः सीएम योगी वीरांगना ऊदा देवी, अवंती बाई व झलकारी बाई याद दिलाती हैं कि नारीशक्ति सामर्थ्यवान हैः सीएम योगी भारत की स्वाधीनता में वीरों व वीरांगनाओं का योगदान अविस्मरणीयः मुख्यमंत्री नारीशक्ति का सम्मान, वंचित वर्ग का उत्थान डबल इंजन सरकार का ध्येयः सीएम योगी सीएम योगी ने प्रदेश सरकार के कार्यों को भी गिनाया लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की स्वाधीनता में वीरों व वीरांगनाओं का योगदान अविस्मरणीय है। इस मामले में लखनऊ की भूमि अनोखी है। उन्होंने कहा कि 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर का केंद्रबिंदु उत्तर प्रदेश ही था। शहीद मंगल पांडेय ने बैरकपुर में इसकी हुंकार भरी थी। धन सिंह कोतवाल ने उसे मेरठ में आगे बढ़ाया था। झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई अमर योद्धा के रूप में उसे नेतृत्व दे रही थीं। बिठूर में तात्या टोपे उस लहर को मजबूती प्रदान कर रहे थे। सीएम ने बेगम हजरत महल का भी जिक्र किया और कहा कि वीरांगना ऊदा देवी पासी जैसे अमर सेनानियों के साथ मिलकर विदेशी फिरंगियों को भगाने के लिए प्रथम स्वातंत्र्य समर की अमर योद्धा के रूप में वे स्मरण की जाती हैं। वीरांगना ऊदा देवी न केवल नारी शक्ति, बल्कि हर हिंदुस्तानी के लिए प्रेरणा हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ शौर्य, त्याग व बलिदान की प्रतिमूर्ति वीरांगना ऊदा देवी पासी के बलिदान दिवस पर रविवार को उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने पासी स्वाभिमान दिवस को भी संबोधित किया। अन्याय बड़ा हो तो प्रतिरोध उससे भी बड़ा होना चाहिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वीरांगना ऊदा देवी ने विदेशी हुकूमतों के चूलों को हिलाने व अत्याचार का जवाब देने के लिए 16 नवंबर 1857 को लखनऊ के सिकंदरबाग में पीपल के पेड़ पर चढ़कर 36 अंग्रेज सैनिकों को ढेर किया था। उनका नाम इतिहास में अमर हो गया। वीरांगना ऊदा देवी का बलिदान प्रेरणा देता है कि अन्याय बड़ा हो तो प्रतिरोध उससे भी बड़ा होना चाहिए। उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए देश के क्रांतिकारियों व युवाओं को मार्गदर्शन दिया। डबल इंजन सरकार कर रही विरासत का सम्मान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार पीएम मोदी के मार्गदर्शन में विरासत का सम्मान कर रही है। काशी में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भगवान राम का मंदिर निर्माण किया गया। सीएम योगी ने कहा कि महाराजा बिजली पासी किले के कार्यक्रमों में मैं गया था। हमारी सरकार ने किले के सुंदरीकरण के साथ ही लाइट एंड साउंड का कार्य भी स्वीकृत किया है, जिससे वर्तमान पीढ़ी इस क्षेत्र के उन सभी योद्धाओं (महाराजा लाखन पासी, सातन पासी, चीता पासी, बिजली पासी, राजा गंगाबख्श रावत, वीरा पासी) के इतिहास को जान सके और उससे प्रेरणा प्राप्त कर सके। सरकार इनके पुराने किलों के पुनरोद्धार के साथ ही इसे नौजवानों व वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र बिंदु बना रही है। हर क्रांतिकारी, बलिदानी व भारत मां के सपूत के योगदान को प्रदेश सरकार ने बनाया पाठ्यक्रम का हिस्सा सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हर क्रांतिकारी, बलिदानी, भारत मां के सपूत के योगदान को पाठ्यक्रम का हिस्सा भी बनाया है। बेसिक शिक्षा परिषद में बच्चों को एक अतिरिक्त पुस्तक उपलब्ध कराई गई है। इसमें स्थानीय, क्षेत्रीय व प्रदेश स्तर पर उन पाठ्यक्रमों को बढ़ाया गया है, जिससे वर्तमान पीढ़ी अलग-अलग कक्षाओं में महापुरुषों के बारे में जान सके। सरकार ने तीन महिला पीएसी बटालियन का किया गठन सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने 8 वर्ष में 2 लाख 19 हजार पुलिस भर्ती की है। इसमें 20 फीसदी महिलाओं की भर्ती अनिवार्य की गयी। सरकार ने प्रदेश में तीन नई महिला पीएसी बटालियन भी गठित की। लखनऊ पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर रखा गया है। हमारी सरकार उनकी आदमकद प्रतिमा की स्थापना का कार्य कर रही है। गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी व बदायूं में गठित बटालियन का नाम वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर रखा है। इन वीरांगनाओं ने देश की आजादी की लड़ाई में नारी शक्ति के पराक्रम व शौर्य को दिखाते हुए फिरंगियों को धूल चटाया था। समाज की मुख्य धारा से कटी जाति पिछड़ जाती है सीएम योगी ने विदेशी हुकूमत पर प्रहार किया और कहा कि उन्होंने क्रांति की हुंकार भरने के कारण मुख्य धारा से काटने के लिए समाज को अलग-थलग करके रख दिया था। समाज की मुख्य धारा से कटी जाति पिछड़ जाती है, यही स्थिति अनुसूचित व पासी समाज के साथ हुई। डबल इंजन सरकार लखनऊ में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के स्मारक व सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चला रही है। यहां अनुसूचित जाति के छात्रों के शोध और उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति की भी व्यवस्था करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा कराए जा रहे कार्यों को भी गिनाया सीएम योगी ने कहा कि 62 जनपदों में 109 सर्वोदय विद्यालयों की स्थापना का कार्य पूर्ण/गतिमान है। आश्रम पद्धति विद्यालय के माध्यम से छात्र-छात्राओं के रहने समेत सारी व्यवस्था सरकार के स्तर पर प्रारंभ की गई है। यह वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है। उनकी स्मृति में 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण किया गया है। कोविड में जो बच्चे निराश्रित हो गए थे, उन्हें और श्रमिकों के बच्चों के लिए यहां रहने, खाने व आधुनिक शिक्षा की व्यवस्था की गई है। प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति में पूर्वदशम छात्र के 32,49,800 से अधिक व दशमोत्तर में लगभग 90 लाख विद्यार्थियों को 9600 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति के लिए उपलब्ध करा रही है। सरकार अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत हर जनपद में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है। नारीशक्ति का सम्मान, वंचित वर्ग का उत्थान डबल इंजन सरकार का ध्येय है सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार अनुसूचित … Read more

धीरेंद्र शास्त्री की अगुवाई में वृंदावन में गूंजी एकता की पुकार, पदयात्रा में घोषित हुए 7 अहम संकल्प

वृंदावन वृंदावन में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ रविवार को अपने 10वें दिन भव्य समापन पर पहुंची। 7 से 16 नवंबर तक चली यह यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं से होकर निकली, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे मार्ग में शास्त्री के स्वागत में जगह-जगह अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। अंतिम दिन दिया एकता और आध्यात्मिकता का संदेश समापन दिवस पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक भावनाओं का नहीं, बल्कि सनातन हिंदू एकता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरी है। उन्होंने बताया कि 10 दिनों में देशभर से आए करोड़ों लोगों ने एक स्वर में सनातन धर्म की रक्षा और उत्थान का संकल्प लिया है। समाज के हर तबके की भागीदारी शास्त्री ने कहा कि अमीर–गरीब, संत–साधु, किसान–मजदूर सभी वर्गों का एक साथ चलना ही सनातन की असली ताकत है। उनके अनुसार यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता और व्यापक जनसमर्थन का अनोखा उदाहरण बनी। शास्त्री ने दावा किया कि इस यात्रा ने वह प्रभाव छोड़ा है, जो अनेक बड़े आंदोलनों में भी नहीं दिखा। ब्रज में मांस–मदिरा बंद करने की चर्चा तेज वृंदावन की पवित्रता पर बोलते हुए शास्त्री ने कहा कि ब्रज भूमि भक्ति की धरा है और यहां मांस-मदिरा प्रतिबंध को लेकर चर्चा शुरू होना शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि सनातनी समाज किसी तरह के संघर्ष का पक्षधर नहीं, बल्कि शांति, सेवा और प्रेम के मार्ग का अनुसरण करता है। दिल्ली और हरियाणा में उमड़ा जनसैलाब पदयात्रा दिल्ली में 7 नवंबर को ‘जय श्रीराम’ और ‘सनातन धर्म की जय’ के नारों के साथ शुरू हुई, जहां पहले ही दिन भारी भीड़ उमड़ पड़ी। राजधानी में लगभग 15 किमी का सफर तय करने के बाद यात्रा हरियाणा पहुंची। होडल, पलवल, बंचारी से लेकर टप्पल बॉर्डर तक 82 किमी के मार्ग में हरियाणा ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। दर्जनों स्थानों पर पुष्पवर्षा और भंडारों का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य ठीक न होने के बावजूद शास्त्री लगातार पैदल चलते रहे, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ गया। बारिश और बुखार के बीच भी जारी रहा सफर कोसी कला में 8वें दिन ऐतिहासिक स्वागत के बाद 9वें दिन बारिश और बुखार के बावजूद शास्त्री ने यात्रा नहीं छोड़ी। डॉक्टरों और वॉलंटियर्स ने लगातार उनकी चिकित्सा देखरेख की। अंतिम दिन जब यात्रा वृंदावन पहुंची तो पूरा ब्रज क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा। चारधाम मंदिर परिसर में अंतिम आरती के साथ यात्रा का समापन हुआ। 10 दिन की इस यात्रा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सात अहम संकल्पों पर विशेष जोर दिया-     भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प     हिंदू समाज में संगठन और एकता     गौ-संरक्षण और धर्म रक्षा     सनातन परंपराओं का उत्थान     लव-जिहाद और धर्मांतरण के प्रति जागरूकता     नशा-मुक्त समाज का निर्माण     युवाओं को धर्म से जोड़ने का संकल्प  

UP में घुसपैठ की कोशिश नाकाम: नेपाल सीमा से चोरी-छुपे आए दो संदिग्ध दबोचे गए

बहराइच  भारत-नेपाल सीमावर्ती बहराइच जिले के रूपईडीहा सीमा पर शनिवार को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और पुलिस के जवानों ने नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर रहे ब्रिटिश पासपोर्ट धारक एक महिला और एक पुरुष डॉक्टर को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए ब्रिटिश नागरिक डॉक्टर हसन अमान सलीम पाकिस्तानी मूल का है, जबकि महिला डॉक्टर सुमित्रा शकील ओलिविया भारतीय मूल की है।  एसएसबी की 42वीं वाहिनी के सेनानायक गंगा सिंह उदावत ने मीडिया से बताया, ‘‘दिल्ली विस्फोट को लेकर सीमा पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में शनिवार सुबह करीब 10 बजे नेपाल से भारत में प्रवेश कर रही एक महिला और पुरुष को रोका गया। उनकी पहचान और अभिलेखों की जांच की गई, जिससे पता चला कि दोनों ब्रिटिश नागरिक हैं और भारत में प्रवेश के लिए उनके पास वैध वीजा नहीं है।'' उन्होंने कहा, ‘‘प्रारंभिक पूछताछ में दोनों भारत में आने का संतोषजनक जवाब देने में असफल रहे।'' सेनानायक ने बताया कि पकड़ा गया डॉक्टर हसन अमान सलीम (35) पाकिस्तानी मूल का है और उसका वर्तमान पता ब्रिटेन स्थित 1ए डलमॉर्टन रोड, मैनचेस्टर है।  उन्होंने बताया कि महिला डॉक्टर सुमित्रा शकील ओलिविया (61) मूल रूप से कर्नाटक के उडुपी की निवासी हैं और ब्रिटिश पासपोर्ट धारक हैं। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वे पेशे से डॉक्टर हैं और नेपालगंज (नेपाल) स्थित एक अस्पताल के बुलावे पर नेपालगंज आए थे। हालांकि, नेपाल से भारत आने के संबंध में वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्हें रूपईडीहा पुलिस के हवाले कर दिया गया है। बहराइच के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रामनयन सिंह के कार्यालय से जारी सूचना के अनुसार, दोनों ब्रिटिश डॉक्टरों के खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 14ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।