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पीटीसी इंडस्ट्रीज के सिंबोलिक ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी ऑफ सिस्टम इंटीग्रेशन फैसिलिटी कार्यक्रम में शामिल हुए रक्षा मंत्री व सीएम योगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने बीते 11 वर्षों में हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अद्भुत प्रगति की है- सीएम योगी यहां स्ट्रैटेजिक मैटेरियल के उत्पादन से लेकर रेडी-टू-फिट क्रिटिकल कंपोनेंट तक, संपूर्ण सप्लाई चेन की क्षमता विकसित हो चुकी है- मुख्यमंत्री हमारे पास पर्याप्त भूमि बैंक है, तकनीकी सहयोग के लिए आईआईटी और एकेटीयू जैसे संस्थान हमारे साथ हैं- सीएम योगी लखनऊ, रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में उत्तर प्रदेश ने एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस परिसर में पीटीसी इंडस्ट्रीज का सिंबोलिक ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी ऑफ सिस्टम इंटीग्रेशन फैसिलिटी कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अब केवल एक विचार नहीं, बल्कि साकार होती हकीकत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भारत अब अपने रक्षा उत्पादन में दुनिया के सामने आत्मविश्वास से खड़ा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने बीते 11 वर्षों में हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अद्भुत प्रगति की है। आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है। रक्षा क्षेत्र में भी जो सपना प्रधानमंत्री जी ने 11 वर्ष पहले देखा था, वह आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी के नेतृत्व में साकार होता दिख रहा है। यह आत्मनिर्भरता का प्रतीक ही नहीं, बल्कि रोजगार सृजन का भी बड़ा माध्यम है- सीएम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनात ने कहा कि भारत, जो कभी अपनी रक्षा जरूरतों के लिए अन्य देशों पर निर्भर था, अब न केवल अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है बल्कि मित्र देशों की भी रक्षा आपूर्ति में सहयोगी बन चुका है। यह आत्मनिर्भरता का प्रतीक ही नहीं, बल्कि रोजगार सृजन का भी बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि पीटीसी इंडस्ट्रीज ने जिस समर्पण और तकनीकी कौशल के साथ लखनऊ नोड पर स्ट्रैटेजिक मैटेरियल टेक्नोलॉजी कॉम्प्लेक्स स्थापित किया है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत अब रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में निजी क्षेत्र के सहयोग से भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां स्ट्रैटेजिक मैटेरियल के उत्पादन से लेकर रेडी-टू-फिट क्रिटिकल कंपोनेंट तक, संपूर्ण सप्लाई चेन की क्षमता विकसित हो चुकी है। हमारे पास पर्याप्त भूमि बैंक है- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में ब्रह्मोस के साथ-साथ पीटीसी इंडस्ट्रीज ने 50 एकड़ में 1000 करोड़ रुपये का निवेश कर अपने संकल्प को धरातल पर उतारा है। यह केवल रक्षा आपूर्ति का केंद्र नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और देश के ब्रेन ड्रेन को रोकने का माध्यम भी बना है। उन्होंने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के सभी छह नोड्स लखनऊ, कानपुर, आगरा, झांसी, अलीगढ़ और चित्रकूट पूरी क्षमता के साथ कार्यरत हैं। हमारे पास पर्याप्त भूमि बैंक है, तकनीकी सहयोग के लिए आईआईटी और एकेटीयू जैसे संस्थान हमारे साथ हैं। योगी ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस की प्रगति को भारत के शताब्दी संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि यह वही आत्मविश्वास है जो प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विकसित भारत’ के विजन के तहत दिखाया था। आज भारत अपने एयरो इंजनों और एडवांस प्रोपेल सिस्टम का निर्माण खुद करने की दिशा में अग्रसर है। यह सिर्फ एक उद्योग नहीं, राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा है। पीटीसी इंडस्ट्रीज जैसी इकाइयां युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रही हैं- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि पीटीसी इंडस्ट्रीज जैसी इकाइयां न केवल रक्षा आत्मनिर्भरता की मिसाल हैं बल्कि युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रही हैं। प्रदेश सरकार ऐसे हर प्रयास के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि जब भारत का युवा अपनी मातृभूमि की रक्षा के उपकरण स्वयं बनाएगा, तभी ‘मेक इन इंडिया’ का वास्तविक अर्थ साकार होगा। आज लखनऊ नोड में जो दिख रहा है, वह केवल उद्योग का नहीं, आत्मगौरव और आत्मनिर्भरता के नवयुग का आरंभ है।

सीएम योगी के निर्देशन में ब्रह्मोस फैसिलिटी भटगांव के 30 एकड़ में विकसित की गई ग्रीन बेल्ट

ब्रह्मोस के एरिया में लगाए जा चुके 20 हजार पौधे रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने रोपा रुद्राक्ष का एक-एक पौधा लखनऊ, सिर्फ अपनी ही नहीं, बल्कि मित्र देशों के साथ खड़ा होकर उनकी रक्षा में सहयोगी भारत पर्यावरण से भी 'शौर्य' की नई गाथा लिखेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वन विभाग ने ब्रह्मोस फैसिलिटी भटगांव के 30 एकड़ में ग्रीन बेल्ट विकसित किया है। शनिवार को यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पौधरोपण किया। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में वन-पर्यावरण की इस पहल की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सराहना की। मुख्यमंत्री व रक्षा मंत्री ने रोपा रुद्राक्ष  एक पेड़ मां के नाम- 2.0 के तहत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक-एक रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा। दोनों नेताओं ने 'शौर्य वन' का अवलोकन किया और यहां लगाए गए पौधरोपण की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने इसका स्वरूप और वृहद करने का निर्देश दिया। ब्रह्मोस फैसिलिटी भटगांव के 30 एकड़ में विकसित की गई ग्रीन बेल्ट लखनऊ के प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश के वन विभाग की तरफ से ब्रह्मोस फैसिलिटी भटगांव के 30 एकड़ में ग्रीन बेल्ट विकसित की गई है। ब्रह्मोस एरिया में शौर्य वन की स्थापना करते हुए 20 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। जमीन मिलने पर यहां और पौधरोपण भी किया जाएगा। 'शौर्य वन' भी लिखेगा सेना के साहस की कहानी श्री पांडेय ने बताया कि ब्रह्मोस फैसिलिटी भटगांव में शौर्य वन स्थापित किया गया है। इसे शौर्य नाम देने के पीछे का उद्देश्य ब्रह्मोस और ऑपरेशन सिंदूर के जरिये भारतीय सेना के शौर्य की कहानी को प्रदर्शित करना है। एक नजर *- ब्रह्मोस फैसिलिटी भटगांव: पौधरोपण -* कुल पौधरोपण: अब तक 20 हजार -* आम: लगभग 3-4 हजार पौधे -* नीम: लगभग 2 से 3 हजार पौधे -* आंवला: लगभग 2 से 3 हजार पौधे *मौलश्री, अमरूद, अर्जुन, शीशम – कुल लगभग 6-7 हजार पौधे इसके अलावा चारों तरफ से बांस के पौधे लगाकर इसे नया स्वरूप व सुरक्षित किया जा रहा है। यहां की लैंड स्केपिंग काफी आकर्षित है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप को दिखाई हरी झंडी

रक्षा मंत्री की घोषणा, आगामी वित्तीय वर्ष में 3,000 करोड़ टर्नओवर और 500 करोड़ जीएसटी राजस्व देगी यूनिट राजनाथ सिंह ने सीएम योगी को सराहा, बोले- गुंडाराज से डिफेंस हब तक योगी सरकार में निवेशकों का बढ़ा भरोसा रक्षा मंत्री बोले- भारत की वैश्विक पहचान में हुआ इजाफा, अब ‘टेकर’ नहीं, ‘गिवर’की भूमिका में लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस की स्थानीय इकाई से निर्मित सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों के प्रथम बैच को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि धनतेरस के शुभ अवसर पर चार मिसाइलों की डिलीवरी के साथ भारत की रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाला यह कदम न केवल सैन्य सफलता का, बल्कि आर्थिक समृद्धि और रोजगार सृजन का भी प्रतीक है। उन्होंने ब्रह्मोस को 'भारत की बढ़ती स्वदेशी ताकत का प्रतीक' बताते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अब उसकी एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है। लोकार्पण से डिलीवरी तक पांच महीनों की तेज रफ्तार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह मेरे लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि आज लखनऊ में ब्रह्मोस की स्टेट-ऑफ-द-आर्ट बूस्टर बिल्डिंग का लोकार्पण हो रहा है। अभी थोड़ी ही देर पहले इसी प्रांगण में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण करने का भी मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ। रुद्राक्ष को तो हम रूद्र, यानी भगवान महादेव का अंश मानते हैं। मेरी महादेव से यही प्रार्थना है कि उनका आशीर्वाद इस अत्याधुनिक सुविधा पर और हम सभी देशवासियों पर सदा बना रहे। उन्होंने लखनऊ की जनता को बधाई देते हुए कहा कि लखनऊ मेरे लिए केवल संसदीय क्षेत्र नहीं, बल्कि मेरी आत्मा में बसने वाला शहर है। राज्य और राजधानी के तीव्र विकास को देखकर जो संतोष और गर्व की अनुभूति होती है, वह आज इस रक्षा क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धि के कारण और भी गहरी हो गई है। पांच महीनों की तेज रफ्तार राजनाथ सिंह ने कहा कि 11 मई 2025 को इस आधुनिक सुविधा का उद्घाटन हुआ था और मात्र पांच महीनों में ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप तैयार होकर डिलीवर हो रही है। मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि जिस गति और दक्षता से यह कार्य पूरा हुआ है, वह केवल रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि लखनऊ और उत्तर प्रदेश की विश्वसनीयता का भी प्रमाण है। आज ब्रह्मोस की विश्वसनीयता के साथ-साथ लखनऊ की पहचान भी और अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने इस परियोजना के लिए हर संभव सहयोग और समर्थन दिया। पीक टाइम में सैकड़ों रोजगार देगी यूनिट उन्होंने कहा कि यह सुविधा करीब 200 एकड़ में फैली हुई है और लगभग 380 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई है। पीक टाइम पर सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अनुमान है कि यहां से प्रतिवर्ष लगभग 100 मिसाइल सिस्टम थलसेना, वायुसेना और नौसेना को उपलब्ध कराए जाएंगे। अगले वित्तीय वर्ष में इस इकाई का टर्नओवर 3,000 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा, जो 500 करोड़ रुपए का जीएसटी राजस्व उत्पन्न करेगा। ब्रह्मोस स्वदेशी शक्ति का प्रतीक रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस की क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रह्मोस सिर्फ एक मिसाइल नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती स्वदेशी ताकत का प्रतीक है। यह परंपरागत वॉरहेड, उन्नत गाइडेड सिस्टम और सुपरसोनिक गति के साथ लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने में सक्षम है। गति, सटीकता और शक्ति का यह अनूठा संयोजन ब्रह्मोस को विश्व की सर्वश्रेष्ठ मिसाइल प्रणालियों में शुमार करता है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि ब्रह्मोस आज भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना—तीनों की रीढ़ बन चुका है। ऑपरेशन सिंदूर ने ब्रह्मोस के प्रति पैदा किया विश्वास उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि आज का अवसर केवल एक लॉन्चिंग इवेंट नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देने वाला क्षण है कि भारत अपने सपनों को हकीकत में बदलने की ताकत रखता है। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने न केवल अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित की, बल्कि यह भी दिखाया कि यह भारत की सुरक्षा का सबसे बड़ा व्यावहारिक प्रमाण है। इस ऑपरेशन ने सिद्ध किया कि जीत अब हमारे लिए कोई घटना नहीं, बल्कि हमारी आदत बन चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस का जो प्रैक्टिकल प्रदर्शन हुआ है, उसने न केवल देशवासियों बल्कि पूरी दुनिया में ब्रह्मोस के प्रति एक गहरा विश्वास और आत्मविश्वास पैदा किया है। ट्रेलर था ऑपरेशन सिंदूर, पिक्चर अभी बाकी है संबोधन का सबसे कड़ा हिस्सा पाकिस्तान को संबोधित करते हुए आया, जहां रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है। ऑपरेशन सिंदूर इसका ट्रेलर था, जिसने पाकिस्तान को अहसास दिला दिया कि अगर भारत पाकिस्तान को जन्म दे सकता है तो समय आने पर वह…इसके आगे मुझे बोलने की जरूरत नहीं…आप सब समझदार हैं। उन्होंने कहा कि इस सफलता ने ब्रह्मोस को वैश्विक स्तर पर साबित कर दिया। देश को यह विश्वास हो गया है कि हमारे विरोधी अब ब्रह्मोस की मारक क्षमता से नहीं बच सकते। हमें संकल्प लेना होगा कि इस आदत को न केवल बनाए रखना है, बल्कि इसे और मजबूत करना है।" गुंडाराज से डिफेंस हब तक बदला उत्तर प्रदेश रक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप पर जोर देते हुए कहा कि मैं यहां सिर्फ रक्षा सेक्टर की ही बात नहीं कर रहा। मैं उस बड़े परिवर्तन की भी बात करना चाहता हूं जो उत्तर प्रदेश में हो रहा है। हम सब जानते हैं कि कभी उत्तर प्रदेश की पहचान गुंडाराज और बिगड़े हुए लॉ एंड ऑर्डर से की जाती थी। लोग डर के माहौल में रहते थे और निवेशक यहां आने से कतराते थे। पर आज, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह स्थिति बदल चुकी है। उनके दृढ़ नेतृत्व और नीतिगत निर्णयों ने प्रदेश में विश्वास लौटाया है। लखनऊ सिर्फ तहजीब नहीं, अब तकनीक का भी शहर उन्होंने लखनऊ को तहजीब का शहर बताते हुए कहा कि लखनऊ अब केवल तहजीब का शहर नहीं रहा, बल्कि टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रीज का केंद्र बन चुका … Read more

लखनऊ इकाई में उत्पादित सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों के प्रथम बैच का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं सीएम योगी ने किया फ्लैग ऑफ

– एयरफ्रेम और एवियोनिक्स, वारहेड भवन में पीडीआई तथा ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिसर में ही रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण भी किया – स्टोरेज ट्रॉली प्रदर्शन और मोबाइल ऑटोनमस लॉन्चर का भी हुआ प्रदर्शन – डीजी (ब्रह्मोस) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जीएसटी का 40 करोड़ रुपये का बिल का सौंपा लखनऊ, राजधानी लखनऊ में शनिवार को आत्मनिर्भर भारत का एक नया अध्याय लिखा गया, जब ब्रह्मोस एयरोस्पेस लिमिटेड की लखनऊ इकाई में उत्पादित सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों के पहले बैच का फ्लैग ऑफ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। भारत माता की जय’ के जयघोष के बीच जब मिसाइलों का पहला जत्था रवाना हुआ तो समारोह गर्व, गौरव और देशभक्ति से गूंज उठा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यना ने कहा कि ब्रह्मोस केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपने मित्र देशों की रक्षा करने का सबसे सक्षम हथियार है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास से ब्रह्मोस लखनऊ में विकसित हुआ है, जो देश की खुशहाली का माध्यम बना है। जब व्यक्ति सुरक्षित रहता है, तभी चैन की नींद सोता है। लखनऊ में बनी मिसाइल पूरे देशवासियों की सुरक्षा और समृद्धि की गारंटी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' संकल्प को साकार करने का यह क्षण प्रफुल्लित करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह मिसाइल न केवल भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि दुनिया में अपने मित्र देशों की रक्षा करने का सबसे सक्षम हथियार भी है। ब्रह्मोस के माध्यम से भारत अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ मित्र राष्ट्रों की सुरक्षा जरूरतों को भी पूरा करने में सक्षम हो गया है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। सीएम योगी ने 2018 के पहले इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र करते हुए कहा कि लखनऊ में ही प्रधानमंत्री ने दो डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर की घोषणा की थी, जिसमें से एक उत्तर प्रदेश को मिला। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट के 6 नोड्स में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। लखनऊ में ब्रह्मोस, झांसी में भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) और अमेठी में एके-203 जैसे प्रोजेक्ट चल रहे हैं। अब तक 2,500 एकड़ से अधिक लैंड इन 6 नोड्स में उपलब्ध कराई गई है, जिससे 15,000 से अधिक नौजवानों को नौकरियां मिली हैं। देश की सुरक्षा और रोजगार दोनों की पूर्ति कर रहा है उत्तर प्रदेश- सीएम उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस केंद्र में आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग डिग्रीधारक युवा काम कर रहे हैं, जो देश की सुरक्षा और रोजगार दोनों की पूर्ति कर रहे हैं। यह आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। सीएम योगी ने बताया कि राज्य सरकार आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू के साथ मिलकर दो ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित कर रही है, जिससे डिफेंस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह लखनऊ की भूमि अब राष्ट्र रक्षा, उद्योग, रोजगार और विकास के चारों आयामों को एक साथ साध रही है। यही उत्तर प्रदेश के बदलते चेहरे और आत्मनिर्भर भारत की पहचान है।” लखनऊ की लैंड अब सोना उगल रही है- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि आज डीजी ब्रह्मोस ने 40 करोड़ का जीएसटी चेक सौंपा है। हर वर्ष 100 ब्रह्मोस मिसाइल बनेंगी, जो बढ़कर 150 तक पहुंचेंगी, तो 150-200 करोड़ जीएसटी मिलेगा। यह 'आम के आम और गुठली के दाम' जैसा है। लखनऊ की लैंड अब सोना उगल रही है। यह देश की सुरक्षा की पूर्ति कर रही है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही है। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर डीआरडीओ को और लैंड उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। आईआईटी कानपुर और बीएचयू के साथ दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम प्रगति पर है- सीएम सीएम योगी ने झांसी में 56,000 एकड़ के नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का जिक्र किया और कहा कि चित्रकूट में एक्सप्रेस-वे पर नोड विकसित हो रहा है। आईआईटी कानपुर और बीएचयू के साथ दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम चल रहा है। उन्होंने मेक इन इंडिया को मेक फॉर द वर्ल्ड बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास से ब्रह्मोस लखनऊ में विकसित हुआ है, जो देश की खुशहाली को वितरित करने का माध्यम बना है। जब व्यक्ति सुरक्षित रहता है, तभी चैन की नींद सोता है। लखनऊ में बनी मिसाइल पूरे देशवासियों की सुरक्षा और समृद्धि की गारंटी है। फ्लैग ऑफ सेरेमनी के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का हुआ आयोजन कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने बूस्टर भवन का उद्घाटन भी किया, जो ब्रह्मोस प्रोजेक्ट की क्षमता विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही दोनों ने बूस्टर डॉकिंग प्रक्रिया का प्रदर्शन भी देखा। इसी क्रम में एयरफ्रेम और एवियोनिक्स, वारहेड भवन में पीडीआई (प्री डिस्पैच इंस्पेक्शन) तथा ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिसर में ही रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण भी किया। इस दौरान स्टोरेज ट्रॉली प्रदर्शन और मोबाइल ऑटोनमस लॉन्चर का प्रदर्शन भी हुआ। कार्यक्रम के दौरान डीजी (ब्रह्मोस) डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चेक और जीएसटी बिल सौंपा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद बृजलाल, डॉ. दिनेश शर्मा, संजय सेठ, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक राजेश्वर सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि व रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अधिकारीगण मौजूद रहे।

त्योहारों के अवसर पर मिलावटखोरों के खिलाफ योगी सरकार की सख्त कार्रवाई जारी

प्रदेशभर में 5 करोड़ की मिलावटी सामग्री जब्त, 3 करोड़ की सामग्री नष्ट त्योहारों के अवसर पर मिलावटखोरों के खिलाफ योगी सरकार की सख्त कार्रवाई जारी अब तक कुल 6075 निरीक्षण करते हुए 2740 छापे डाले गए, जिनमें 3767 नमूने संग्रहीत किए गए 3548 क्विंटल सामग्री जब्त की गई, जबकि 1871 क्विंटल सामग्री नष्ट कराई गई लखनऊ में 223 किलोग्राम घी तथा 5077 किलोग्राम खोया एवं मिठाई जब्त कर नष्ट की गई बिजनौर में 15,886 किलोग्राम मिठाई एवं 317 कार्टन उत्पादों का जब्तीकरण किया गया लखनऊ त्योहारों के अवसर पर आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में मिलावटी एवं दूषित खाद्य पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  आदेश पर जारी ‘दीपावली विशेष अभियान (8 से 17 अक्टूबर 2025)’ के तहत प्रदेशभर में प्रवर्तन दलों द्वारा निरंतर निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 6075 निरीक्षण करते हुए 2740 छापे डाले गए, जिनमें से 3767 नमूने संग्रहीत किए गए हैं। इस दौरान 3548 क्विंटल सामग्री जब्त की गई, जिसका अनुमानित मूल्य ₹4.97 करोड़ है, जबकि 1871 क्विंटल सामग्री नष्ट कराई गई, जिसकी कीमत ₹2.89 करोड़ आँकी गई है। लखनऊ और बिजनौर में बड़ी करवाई प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हुई प्रमुख कार्यवाहियों में लखनऊ, वाराणसी, आजमगढ़, सम्भल, गाजीपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, कन्नौज, बिजनौर, कानपुर नगर, आगरा, मेरठ, गोरखपुर, झांसी, गाजियाबाद और रामपुर शामिल हैं। लखनऊ में सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 223 किलोग्राम घी तथा 5077 किलोग्राम खोया एवं मिठाई (कुल ₹26 लाख से अधिक मूल्य) जब्त कर नष्ट की गई। वहीं बिजनौर में 15,886 किलोग्राम मिठाई एवं 317 कार्टन उत्पादों का जब्तीकरण किया गया, जिनका मूल्य लगभग ₹28 लाख है। हेल्पलाइन पर करें शिकायत विभाग ने जनमानस से अपील की है कि वे मिठाई या खाद्य पदार्थ खरीदते समय बिल अवश्य लें, खुली या संदिग्ध रंग-गंध वाली मिठाइयों का सेवन न करें। किसी भी प्रकार की मिलावट या संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग की हेल्पलाइन 1800-180-5533 या व्हाट्सएप नंबर 9793429747 पर दें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शीघ्र नष्ट होने वाले खाद्य पदार्थों को मौके पर ही जब्त कर विनष्ट किया जा रहा है ताकि वे दोबारा बाजार में न पहुंच सकें। यहां हुई बड़ी कार्रवाई 1. वाराणसी: 1891 किग्रा खाद्य तेल (₹2,93,796) और 422 किग्रा मिठाई (₹92,600) नष्ट। 2. आजमगढ़: 3000 किग्रा खोया-पनीर व मिठाई (₹5,91,000) नष्ट। 3. सम्भल: 475 लीटर तेल (₹80,000) व 2500 लीटर दूध (₹1,62,000) नष्ट। 4. गाजीपुर: 1138 किग्रा रिफाइंड तेल (₹1,45,664) जब्त। 5. लखनऊ: 223 किग्रा घी (₹1,22,650) और 5077 किग्रा खोया व मिठाई (₹26,01,275) नष्ट। 6. बाराबंकी: 400 किग्रा रसभरी रसगुल्ला (₹50,000) और 900 किग्रा दूध, खोया व पनीर (₹3,15,000) नष्ट। 7. मुरादाबाद: 3766 लीटर सरसों तेल (₹6,40,220) जब्त। 8. कन्नौज: 2000 किग्रा मिठाई (₹3,00,000) नष्ट और 170 किग्रा अपमिश्रक (₹6,800) जब्त। 9. बिजनौर: 15,886 किग्रा चीनी व मिठाई और 317 कार्टन विभिन्न मिठाईयों (₹28,00,000) जब्त। 10. कानपुर नगर: 1200 किग्रा मिलावटी खोया (₹24,32,000) नष्ट। 11. आगरा: 873 किग्रा खाद्य तेल (₹1,48,000) और 670 किग्रा खोया-दूध (₹1,88,000) नष्ट। 12. मेरठ: 178 किग्रा घी और 60 लीटर सरसों तेल (₹1,34,000) जब्त। 13. गोरखपुर: 1000 किग्रा नमकीन व मिठाई (₹1,25,000) नष्ट। 14. झांसी: 950 किग्रा सरसों (₹1,60,000) जब्त। 15. गाजियाबाद: 300 किग्रा छेना मिठाई (₹1,03,000) नष्ट। 16. रामपुर: 160 किग्रा पनीर (₹50,000) नष्ट।

मंदिर प्रबंधन की मनमानी: आदेश के बावजूद गर्भगृह के पास दीपदान, श्रद्धालुओं में सवाल

वृंदावन  यूपी के वृंदावन में ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर में शुक्रवार को गर्भ गृह के बाहर जगमोहन में निर्धारित से अधिक दीये जलाकर हाई पावर्ड टेम्पल मैनेजमेंट कमेटी के आदेश को दरकिनार किया गया। बताया जा रहा है कि कमेटी ने मंदिर के बाहर अर्धनिर्मित हॉल में केवल सात दीपक जलाने की अनुमति दी थी। मंदिर की व्यवस्थाओं के सुधार को गठित मैनेजमेंट कमेटी ने पट खुलने से पूर्व सेवायत गोस्वामी के साथ यजमान की मंदिर में प्रवेश रोकने, वीआईपी पर्ची से दर्शन बंद करने के साथ मंदिर परिसर में दीपदान रोक दिया। गोस्वामियों ने कमेटी से सात अक्तूबर से पांच नवंबर तक चलने वाले कार्तिक मास में मंदिर परिसर में किसी भी स्थान पर दीपदान करने की अनुमति मांगी। कमेटी द्वारा मंदिर के अर्धनिर्मित हॉल में केवल सात दीपक जलाने की अनुमति दी। साथ ही यह भी निर्देश जारी किये कि एक दीपक में 50 ग्राम तेल ही प्रयोग में लिया जायेगा। दीपदान की प्रक्रिया सूर्यास्त के समय ही प्रारम्भ होगी तथा ठाकुरजी की आरती से पूर्व समाप्त हो जायेगी। शुक्रवार को मंदिर में गर्भ गृह के सामने जगमोहन में दीयों का स्टैंड लगाकर दो दर्जन से अधिक दीपक रख जलाये गये। इसके आसपास पुजारी बैठते हैं। इस दौरान जगमोहन के दोनों और श्रद्धालुओं की भीड़ थी। दीपदान की अनुमति मांगने वाले गोस्वामी कमेटी पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उनका कहना है कि हमको दीपदान की अनुमति नहीं दी जबकि मंदिर के अंदर गर्भ गृह में ही दीपदान कराया जा रहा है। अशोक गोस्वामी ने बताया कि जगमोहन में दीपदान होता आया है, लेकिन कमेटी ने मंदिर के अंदर दीपदान पर रोक लगाकर अर्धनिर्मित हॉल में ही सिर्फ सात दीपक जलाने के आदेश दीये, जिसका उल्लंघन हो रहा है और हमारे द्वारा की गई मांग पर गौर नहीं किया गया। इस बारे में कमेटी को पत्र लिखकर जानकारी की जाएगी।  

योगी के दीपोत्सव ने नई ऊंचाई पर पहुंचाया भारत-रूस के संबंध

दीपोत्सव- 2025:अयोध्या में रूस के राम को समर्पित होगी मास्को की रामलीला योगी के दीपोत्सव ने नई ऊंचाई पर पहुंचाया भारत-रूस के संबंध रूस-भारतीय मैत्री संघ के द्वारा दीपोत्सव 2025 के दौरान किया जाएगा रामलीला का मंचन रूस के राम पद्मश्री गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की स्मृति को समर्पित होगी रामलीला 18-19 अक्टूबर को अयोध्या में रूस के साथ विभिन्न देशों के कलाकार प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवंत करेंगे अयोध्या  राम की नगरी अयोध्या एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनने जा रही है। अयोध्या शोध संस्थान के आमंत्रण पर रूस-भारतीय मैत्री संघ के द्वारा दीपोत्सव 2025 के दौरान “दिशा रामलीला मॉस्को” अपनी विशेष नाट्य प्रस्तुति का मंचन करेगी। यह प्रस्तुति पद्मश्री गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की स्मृति को समर्पित होगी, जिन्हें स्नेहपूर्वक “रूस का राम” कहा जाता था। आयोजन 18-19 अक्टूबर को अयोध्या में होगा, जहां रूस के साथ विभिन्न देशों के कलाकार प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवंत करेंगे।   1960 के दशक में रूस के प्रसिद्ध अभिनेता और रंगमंच निर्देशक गन्नादी पेचनिकोव ने भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित रामलीला का मंचन शुरू किया था। भारत के प्रति उनके प्रेम और समर्पण के लिए उन्हें भारत सरकार ने बाल मित्र पदक और पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया था। वे लगभग दो दशकों तक भारतीय संस्कृति के दूत के रूप में जाने गए। चार दशक बाद योगी सरकार में रूसी-भारतीय मैत्री संघ “दिशा” ने पेचनिकोव की स्मृति में “दिशा रामलीला” की परंपरा को पुनर्जीवित किया है। इसका पहला मंचन 4-6 नवंबर 2018 को अयोध्या में हुआ, दूसरा कुम्भ मेला 2019 प्रयागराज में और उसके बाद अयोध्या के दीपोत्सव में प्रस्तुत किया गया। इस वर्ष दीपोत्सव 2025 में यह मंचन फिर से रूस की ओर से सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व करेगा। दीपोत्सव में भारत-रूस की मित्रता एक नई ऊँचाई पर पहुंचाया रूस-भारतीय मैत्री संघ “दिशा” के अध्यक्ष डॉ. रमेश्वर सिंह ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भारत के रूस में राजदूत माननीय श्री विनय कुमार, रूस के भारत में राजदूत माननीय श्री डेनिस एवगेनियेविच अलीपोव, और जवाहरलाल नेहरू कल्चरल सेंटर (JNCC) मॉस्को की निदेशक श्रीमती मधुर कंकना रॉय के आभारी हैं। इन सभी के सहयोग से रामलीला की परंपरा फिर से जीवंत हुई है और भारत-रूस की मित्रता एक नई ऊँचाई पर पहुँची है।  उन्होंने कहा कि अयोध्या दीपोत्सव का यह आयोजन केवल एक नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारत और रूस के बीच आत्मिक जुड़ाव का जीवंत प्रतीक है। “दिशा रामलीला मॉस्को” के मंच पर जब रूसी कलाकार भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के रूप में संवाद करेंगे, तब वह अभिनय सीमाओं को पार कर दोनों देशों के साझा मूल्यों आस्था, आदर्श और मानवता को एक सूत्र में बाँध देगा। यह मंच केवल कला का नहीं, बल्कि संस्कृति, श्रद्धा और मित्रता का सेतु बनेगा जो भारत और रूस के संबंधों को नई आध्यात्मिक ऊँचाई देगा। गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव: रूस के राम 8 सितंबर 1926 को मॉस्को में जन्मे गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव वह कलाकार थे जिन्होंने भारतीय संस्कृति को रूस की आत्मा में बसाया। रामायण पढ़ने के बाद उनमें भगवान श्रीराम के आदर्शों को मंच पर जीवंत करने की प्रेरणा जगी और उन्होंने स्वयं रामलीला में श्रीराम की भूमिका निभानी शुरू की। यह भूमिका उनके जीवन का ध्येय बन गई और वे “रूस के राम” कहलाए। 1947 में मॉस्को आर्ट थियेटर से स्नातक होने के बाद उन्होंने अभिनय और निर्देशन को अपना जीवन बना लिया। यर्शोफ थियेटर के माध्यम से उन्होंने बच्चों और कलाकारों को भारतीय मूल्यों से जोड़ा। उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें “बाल सम्मान” और “पद्मश्री” से सम्मानित किया। 27 अप्रैल 2018 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनका राम-स्वरूप आज भी जीवित है। उन्होंने कहा था, “अभिनय ही जीवन है और राम भारतीयता का प्रतीक।” सचमुच, गेनादी पेचनीकोव इस युग में भारत और रूस के सांस्कृतिक सेतु बनकर अमर हो गए।

सीएम योगी की मंशा के अनुरूप चल रहे महाभियान ने बनाया व्यापक जनसंपर्क व संवाद का रिकॉर्ड

‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: अब तक प्राप्त हुए लगभग 45 लाख फीडबैक सीएम योगी की मंशा के अनुरूप चल रहे महाभियान ने बनाया व्यापक जनसंपर्क व संवाद का रिकॉर्ड पोर्टल पर अब तक लगभग 35 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 10 लाख सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए फीडबैक देने में शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल महाराजगंज के शैलेश कुमार मद्धेशिया ने धार्मिक स्थलों के विकास हेतु पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग की बागपत के मोहन कुमार ने हर ग्राम पंचायत में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने का सुझाव दिया अम्बेडकरनगर के संदीप कुमार ने स्मार्ट खेती, तकनीकी नवाचार की आवश्यकता बताई लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में जनता से सीधे संवाद और विकास के रोडमैप पर फीडबैक जुटाने का अभियान निरंतर जारी है। 17 अक्टूबर, 2025 तक जनता की राय एवं सुझाव एकत्र करने के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक लगभग 45 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 35 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 10 लाख सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। इनमें करीब 22 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, करीब 21 लाख सुझाव 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग से तथा 2 लाख से ज्यादा सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए हैं। कृषि क्षेत्र से सर्वाधिक फीडबैक विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक 11 लाख सुझाव मिले हैं, इसके अलावा पशुधन एवं डेयरी से 1.70 लाख, इंडस्ट्री से 1.53 लाख, आईटी व टेक से 1.27 लाख, पर्यटन से 1.02 लाख, ग्रामीण विकास से 9.13 लाख, इन्फ्रास्ट्रक्चर से 39 हजार, समाज कल्याण से 3.33 लाख, नगरीय एवं स्वास्थ्य से 3.15 लाख, शिक्षा क्षेत्र से 11 लाख तथा सुरक्षा से जुड़े विषयों पर 82 हजार से ज्यादा सुझाव प्राप्त हुए हैं।जनपदवार फीडबैक के अनुसार शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल हैं।  धार्मिक स्थलों के विकास से लेकर स्किल डेवलपमेंट तक मिले सुझाव जनभागीदारी से मिले इन सुझावों में नागरिकों ने अपने क्षेत्रों के विकास के लिए कई ठोस प्रस्ताव दिए हैं। महाराजगंज के शैलेश कुमार मद्धेशिया ने जिले के धार्मिक स्थलों (लेहड़ा मंदिर, इटहिया शिव मंदिर, चौक बाजार गोरखनाथ मंदिर, सोनौली बॉर्डर और सोहागीबरवा वन्य क्षेत्र) के विकास हेतु पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग की। बागपत के मोहन कुमार ने हर ग्राम पंचायत में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को प्रदेशव्यापी रूप देने, विधवा महिलाओं व बेरोज़गार युवाओं को होम-बेस्ड वर्क से जोड़ने और ग्राम पंचायतों में पारदर्शी ई-गवर्नेंस लागू करने के सुझाव दिए। वहीं अम्बेडकरनगर के संदीप कुमार ने कृषि सुधारों पर बल देते हुए स्मार्ट खेती, तकनीकी नवाचार, किसानों को वित्तीय सहायता और कृषि उत्पादों के विपणन को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। जनसहभागिता के लिए व्यापक आयोजन महाभियान के तहत जनजागरूकता व संवाद के लिए प्रदेशभर में व्यापक आयोजन भी किए गए हैं। अब तक 15 नगर निगमों, 212 नगर पालिकाओं, 528 नगर पंचायतों, 56 जिला पंचायतों, 713 क्षेत्र पंचायतों तथा 42,666 ग्राम पंचायतों में बैठकों, सम्मेलनों और गोष्ठियों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद व सहभागिता को और अधिक सशक्त किया गया है।

देशभर के हजारों समाजसेवी एकजुट होंगे AMP National NGO Conference 2025 में, आयोजन लखनऊ में

देशभर के 1000 से ज़्यादा समाजसेवी जुड़ेंगे AMP National NGO Conference 2025 में, लखनऊ में होगा आयोजन शिक्षा, रोज़गार और समाजिक विकास के लिए एक बड़ा राष्ट्रीय मंच लखनऊ आज इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की गई, जिसमें आने वाले AMP National NGO Conference 2025 की घोषणा की गई। यह कॉन्फ़्रेंस 15 और 16 नवंबर 2025 को इसी स्थान पर आयोजित होगी। यह कार्यक्रम Association of Muslim Professionals (AMP) और इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है।  राष्ट्रीय स्तर पर NGOs को जोड़ने का प्रयास मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, चेयरमैन, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया और कॉन्फ़्रेंस रिसेप्शन कमेटी के प्रमुख ने कहा: “यह एक ऐतिहासिक पहल है जो देशभर के NGOs और समाजसेवियों को एक मंच पर लाएगी। इस कॉन्फ़्रेंस में शिक्षा और समाजिक विकास को तेज़ करने के तरीकों पर चर्चा होगी। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम की मेज़बानी पर गर्व है।” शिक्षा, आर्थिक विकास और सशक्तिकरण पर ज़ोर जनाब आमिर इदरीसी, प्रेसिडेंट, AMP ने कहा: “इस कॉन्फ़्रेंस का उद्देश्य देश के 130 अल्पसंख्यक ज़िलों में मिलजुल कर विकास का एक रोडमैप बनाना है। AMP पिछले 17 सालों से शिक्षा, रोज़गार और सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रही है। अब हम चाहते हैं कि इन प्रयासों को देशभर के NGOs के साथ मिलकर और आगे बढ़ाया जाए।”  देशभर में तैयारी और जागरूकता अभियान डॉ. अब्दुल अहद, डायरेक्टर, पल्स हॉस्पिटल लखनऊ और कॉन्फ़्रेंस ऑर्गनाइजिंग कमेटी के प्रमुख ने बताया: “हमारी टीम देश के कई शहरों में जाकर NGOs, समाजसेवियों और युवाओं से मिल रही है ताकि उन्हें इस कॉन्फ़्रेंस के बारे में बताया जा सके। हमें बहुत अच्छा और उत्साहजनक सहयोग मिल रहा है। यह साझा प्रयास समाज के विकास के लिए मज़बूत बुनियाद रखेगा।” उन्होंने आगे सभी NGOs, स्कूल मालिकों, शिक्षकों, समाजसेवियों और युवा नेताओं से अपील की कि वे इस नेशनल NGO कॉन्फ़्रेंस में शामिल हों और शिक्षा व समाजिक सुधार के इस अभियान का हिस्सा बनें। “यह केवल एक कॉन्फ़्रेंस नहीं, बल्कि समाज की बेहतरी के लिए मिलकर कदम बढ़ाने का अवसर है,” उन्होंने कहा।  मुख्य विषय और उद्देश्य मुजतबा ख़ान, प्रेसिडेंट, परवाज़ फ़ाउंडेशन और ऑर्गनाइजिंग कमेटी के सदस्य ने बताया: “कॉन्फ़्रेंस में शिक्षा सुधार, महिला सशक्तिकरण, आर्थिक विकास, NGO की क्षमता निर्माण और AMP के 25 साल के रोडमैप पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य है – एक-दूसरे के अनुभवों को साझा करना और समाज की बेहतरी के लिए सामूहिक दिशा तय करना।” यह दो दिन की कॉन्फ़्रेंस विभिन्न सत्रों, विशेषज्ञ पैनलों और क्षेत्रीय बैठकों के रूप में होगी, जिसमें देशभर से शिक्षाविद, नीति-निर्माता और NGOs के प्रतिनिधि शामिल होंगे। जो लोग इस कॉन्फ़्रेंस में भाग लेना चाहते हैं या अधिक जानकारी चाहते हैं, वे ngoconnect@ampindia.org पर मेल भेज सकते हैं और विषय (subject) में “National NGO Conference” लिखें।  

लखनऊ में आयोजित दीपावली कार्यकर्ता परिवार मिलन समारोह को सीएम योगी किया संबोधित

अयोध्या दीपोत्सव से साकार हुआ राम मंदिर का संकल्प- योगी आदित्यनाथ  लखनऊ में आयोजित दीपावली कार्यकर्ता परिवार मिलन समारोह को सीएम योगी किया संबोधित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी रहे मौजूद हमारे पर्व और त्योहार विशिष्ट युगांतरकारी घटनाओं से जुड़े हैं- मुख्यमंत्री  2014 से पहले देश में और 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ ईद मिलन जैसे आयोजन ही होते थे- सीएम योगी आज राम मंदिर पूरी दुनिया में सनातनियों के गौरव का प्रतीक बन गया है- सीएम योगी सीएम योगी ने लोगों से स्वदेशी सामान खरीदने का किया आह्वान – कहा- प्रधानमंत्री मोदी का शताब्दी संकल्प हमें सुरक्षा, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में ले जा रहा है लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव कार्यक्रम से राम मंदिर निर्माण का संकल्प साकार हुआ है। लाखों दीपों के साथ अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया और आज भव्य राम मंदिर पूरी दुनिया में सनातनियों के गौरव का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि संतों का आशीर्वाद और जनता का संघर्ष मंदिर निर्माण में फलित हुआ, जिसे 25 नवंबर के बाद और भव्य रूप में देखा जा सकेगा। लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में आयोजित दीपावली कार्यकर्ता परिवार मिलन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि दीपावली कार्यकर्ता परिवार मिलन का यह आयोजन सनातन धर्म की हजारों वर्ष पुरानी परंपराओं का प्रतीक है। हमारे पर्व और त्योहार विशिष्ट युगांतरकारी घटनाओं से जुड़े हैं, जो समाज को नई दिशा देते रहे हैं। लेकिन पहले यह सामूहिकता सीमित थी। 2014 से पहले देश में और 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ ईद मिलन जैसे आयोजन ही होते थे और सनातन धर्म के पर्वों पर ऐसे समारोह दुर्लभ थे। अब होली और दीपावली मिलन समारोह सामाजिक एकता का आधार बन रहे हैं। राम मंदिर पूरी दुनिया में सनातनियों के गौरव का प्रतीक बन गया है- सीएम योगी सीएम ने अयोध्या दीपोत्सव की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 में जब मैंने दीपोत्सव की रूपरेखा तैयार की तो लोग पूछते थे कि दीप जलाने से क्या होगा? मैंने कहा कि दीप सनातन धर्म का संकल्प है। लाखों दीपों के साथ अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया और आज भव्य राम मंदिर पूरी दुनिया में सनातनियों के गौरव का प्रतीक बन गया है। सीएम योगी ने कहा कि हमने गुलामी का प्रतीक फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या किया। यह संकल्प की ताकत थी। उन्होंने बताया कि संतों का आशीर्वाद और जनता का संघर्ष मंदिर निर्माण में फलित हुआ, जिसे 25 नवंबर के बाद और भव्य रूप में देखा जा सकेगा। सीएम योगी ने लोगों से स्वदेशी सामान खरीदने का किया आह्वान सीएम योगी ने कहा कि 'विकसित भारत' के लिए सामाजिक एकता को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का शताब्दी संकल्प हमें सुरक्षा, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में ले जा रहा है। दीपावली मिलन जैसे आयोजन इस एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने उन्होंने सामूहिक आयोजनों की आदत डालने और स्वदेशी अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि धनतेरस पर स्वदेशी बर्तन, सोना-चांदी खरीदें। रक्षा मंत्री सेना को स्वदेशी हथियार दे रहे हैं, तो हम भी भारत निर्मित सामान अपनाएं। उन्होंने दीपावली पर प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक गरीब के घर में मिठाई और गोबर से बने दीये व लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति पहुंचाने की अपील की, ताकि गरीब परिवार भी उत्सव मना सकें।