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पश्चिमी यूपी में 1 अक्टूबर से शुरू होगी धान खरीद, 23,500 से ज्यादा किसानों ने किया रजिस्ट्रेशन

पश्चिमी यूपी में पहली अक्टूबर से होगी धान खरीद, साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में की जाएगी खरीद  लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी बुधवार से की जाएगी खरीद  धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक चलेगी खरीद 3300 क्रय केंद्रों के माध्यम से 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य   48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान कराएगी योगी सरकार लखनऊ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पहली अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में धान खरीद प्रारंभ होगी। पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश और लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में खरीद होगी। मंगलवार (30 सितंबर) सुबह 11 बजे तक साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक धान खरीद होगी। सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। योगी सरकार ने 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान का निर्देश दिया है। क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम पांच बजे तक खुले रहेंगे।  fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण अनिवार्य  धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण कराना होगा। खरीद पंजीकृत किसानों से ही होगी। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक किसान किसी भी सहायता या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 नंबर पर कॉल याा अपने जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं।  पश्चिम उत्तर प्रदेश व लखनऊ के इन जनपदों में पहली अक्टूबर से होगी खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। यह खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली,आगरा, अलीगढ़, झांसी संभाग में होगी। वहीं लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी धान खरीद इसी अवधि में होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी।   साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने करा लिया पंजीकरण  30 सितंबर (सुबह 11 बजे) तक साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने धान विक्रय के लिए पंजीकरण कर लिया है। विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। किसान मोबाइल पर एसएमएस से मिले ओटीपी को भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं किसानों को भुगतान सीधे आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा। बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर धान की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों के बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी। 

47 साल बाद सहारा का साम्राज्य संकट में, लखनऊ में प्रशासन की सख्ती से मचा हलचल

लखनऊ  लखनऊ में कभी शहर की पहचान रहा सहाराश्री सुब्रत रॉय का साम्राज्य अब ढहने की कगार पर है. सुब्रत रॉय के निधन के बाद सरकारी एजेंसियों ने समूह की संपत्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी है. इसी कड़ी में अब नगर निगम सहारा शहर की 130 एकड़ जमीन को सील करने की तैयारी में है.  आपको बता दें कि लखनऊ में सहारा इंडिया का साम्राज्य अब अंत की तरफ बढ़ रहा है. सुब्रत रॉय के निधन के बाद सरकारी एजेंसियां सहारा समूह की संपत्तियों पर तेजी से कार्रवाई कर रही हैं. इसी क्रम में लखनऊ नगर निगम जल्द ही गोमती नगर में स्थित सहारा शहर की 130 एकड़ जमीन को सील करेगा.  नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि सहारा ने लाइसेंस डीड की शर्तों का उल्लंघन किया है, जिस कारण यह कार्रवाई की जा रही है. नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट भी दायर करने की तैयारी की है.  क्या है मामला? नगर निगम ने 1994-95 में मुलायम सिंह यादव सरकार के समय सहारा को 170 एकड़ जमीन लीज पर दी थी, जिसमें से 130 एकड़ जमीन लाइसेंस डीड के तहत आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए थी. लेकिन सहारा समूह ने नियमों का उल्लंघन करते हुए यहां लग्जरी बंगले, ऑडिटोरियम, स्टेडियम और हेलीपैड जैसी सुविधाएं बना लीं. नगर निगम ने सहारा के नोटिस का जवाब खारिज कर दिया है और अब कार्रवाई शुरू हो गई है.  कार्रवाई के दौरान क्या होगा? सीलिंग की कार्रवाई के दौरान सहारा शहर के सभी गेट सील कर दिए जाएंगे. फिलहाल परिसर में रह रहे कर्मचारियों, सुरक्षा गार्डों और केयरटेकर को बाहर निकाला जाएगा. केवल एक गेट आवाजाही के लिए खुला रहेगा, जिसे बाद में बंद कर दिया जाएगा. इसके बाद नगर निगम पूरे परिसर को अपने कब्जे में लेकर अपनी सुरक्षा तैनात करेगा. 

नए सर्किल रेट से यूपी के इस जिले में जमीनें होंगी महंगी, जानें कितनी बढ़ सकती हैं कीमतें

बदायूं जमीन खरीदने और बेचने वाले सावधान हो जाएं। अगले सप्ताह से नए सर्किल रेट लागू हो रहे हैं। उसके अनुसार जिले की जमीन 15 प्रतिशत महंगी हो जाएगी। कुछ इलाकों में 18 प्रतिशत तक जमीनों के रेट बढ़ाए गए हैं। इससे उन जमीन मालिकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो नए सर्किल रेट के अनुसार अपनी जमीन बेचना चाह रहे हैं और जो लोग खरीदने के विचार में है, उन्हें 15 प्रतिशत ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। जिला प्रशासन की ओर से पिछले छह माह से जिले की जमीनों का सर्वे चल रहा था। उसके अनुसार जून में नए सर्किल रेट लागू होने थे लेकिन इससे पहले जिन किसानों या जमीन मालिकों की जमीन अधिग्रहण हो चुकी थी। उनका भुगतान भी पूरा नहीं हो पाया था। उनकी जमीनें पुराने सर्किल रेट के अनुसार अधिग्रहण की गईं थीं और उसी के हिसाब से उनका भुगतान हो रहा था। भुगतान न होने की वजह से जिले में नए सर्किल रेट लागू नहीं हो सके थे लेकिन अब उप निबंधक कार्यालय और जिला प्रशासन ने नए सर्किल रेट लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह से जिले में नए सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे। जिले भर की जमीनों के 15 से 18 प्रतिशत तक मूल्य बढ़ाए गए हैं। अधिकतर जमीनों के 15 प्रतिशत तक ही मूल्य बढ़े हैं जबकि जहां सबसे ज्यादा महंगी जमीन है, वहां पर 18 प्रतिशत तक मूल्य बढ़ा दिए गए हैं। इसका फायदा उन जमीन मालिकों को सबसे ज्यादा होगा, जो किसी कारण बस अपनी जमीन बेचना चाह रहे हैं। अब उन्हें नए सर्किल रेट के हिसाब से जमीन का पैसा मिलेगा लेकिन अब उन लोगों के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी जो लोग जमीन खरीदने का विचार बना रहे हैं। उन्हें अब नए सर्किल रेट के अनुसार जमीनों का भुगतान करना पड़ेगा। शहर के आसपास इलाके के लोगों को सबसे ज्यादा होगा लाभ इस समय शहर के आसपास इलाके में ही सबसे ज्यादा जमीन की खरीद फरोक्त हो रही है। शहर के तमाम व्यापारी बाईपास पर जाकर जमीनें तलाश रहे हैं, जिससे उनका कोई ठिकाना बन सके। इसके अलावा मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे, आंवला, बरेली, उझानी, उसहैत, अलापुर मार्गों पर जमीनें तलाशी जा रही हैं। नए सर्किल रेट के लागू होने से इन इलाकों में जमीनें महंगी हो जाएंगी। या फिर जिन इलाकों में सबसे ज्यादा प्लाटिंग चल रही है। वहां के लोगों को लाभ होगा। उन्हें नए सर्किट रेट के अनुसार ही भुगतान प्राप्त होगा।  

बरेली में पोस्टर विवाद बढ़ा तनाव, नगर निगम ने 38 दुकानों पर कसा शिकंजा

बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को कई दुकानों को चिन्हित करते हुए नगर निगम की टीम ने लाल रंग का क्रॉस निशान लगाया है। इसके साथ ही, दुकानदारों को तुरंत दुकानें खाली करने के लिए कहा गया है। नगर निगम कर्मचारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह अतिक्रमण है। इस जमीन पर बनाई गई दुकानों को चिन्हित किया है। उन्होंने बताया कि दुकान खाली होने के बाद इन्हें सील करने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के कर्मचारी ने बताया कि अतिक्रमण करके करीब 38 दुकानें बनाई गई थीं। नगर निगम की कार्रवाई पर दुकानदारों ने कहा कि हमें कुछ ही घंटे का समय दिया गया है, लेकिन हमारी मांग है कि हमें इतना समय मिलना चाहिए कि हम अपना सामान हटा सकें। एक दुकानदार ने यह स्वीकार भी किया कि इस बिल्डिंग पर पहले से ही स्टे लगी हुई है। हम सिर्फ यहां किराएदार हैं। दुकानदार ने नगर निगम की कार्रवाई का भी समर्थन किया और कहा कि हम इसके खिलाफ नहीं हैं। हमें बस अपना सामान हटाने के लिए वक्त दिया जाना चाहिए। बरेली में नगर निगम ने यह कार्रवाई उस समय की है, जब शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर के साथ हुए प्रदर्शन के कारण तनाव पैदा हो गया था। स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने बल का प्रयोग किया। इस मामले में बरेली के मौलाना तौकीर रजा भी गिरफ्तार हुए हैं।

स्मार्ट मीटर की वजह से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी, बिजली विभाग ने क्यों किया ये कदम?

सुलतानपुर उपभोक्ताओं की बिल संबंधी समस्या के निदान और अन्य सहूलियतों के लिए बिजली विभाग की ओर से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। ये मीटर सुविधा के बजाय संकट का कारण बन गए हैं। उपभोक्ताओं के पास अचानक बैलेंस समाप्त होने का संदेश आ रहा, जिससे उन्हें जोर का झटका लगता है। बिना आवेदन या सहमति के मीटर प्रीपेड कैसे हो जा रहे, इसको लेकर उपभोक्ता परेशान हैं। विभागीय अधिकारी गोलमोल जवाब दे रहे हैं। जिले में अब तक 27725 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, इनमें 10775 प्रीपेड हो चुके हैं। प्रीपेड हुए मीटरों वालों उपभोक्ताओं के यहां बकाया माइनेस में दिखाकर कनेक्शन काटने का संदेश आ रहा है। ग्राहकों का कहना है कि मीटर की रीडिंग तेज चल रही है, जिससे कई गुणा अधिक बिल आ रहा है। ऐसे पीड़ित उपभोक्ता बिजली उपकेंद्रों का चक्कर काट रहे हैं। प्रस्तुत है यह रिपोर्ट…   केस एक: निजामपट्टी निवासी पूनम पटवा ने एक किलोवाट का कनेक्शन लिया है। बीते मार्च में उनके यहां स्मार्ट मीटर लगाया गया। तीन माह तक बिल नहीं आया। जून में 47 हजार का बिल आया। लोड के हिसाब से कई गुणा अधिक बिल आने से वह परेशान हैं। बीते दिनों उनके कनेक्शन नंबर 9615823582 पर बैलेंस समाप्त और माइनस 770.3 होने पर विच्छेदन से बचें, तुरंत रिचार्ज कराने का संदेश आया, तो वे चौंक गईं। ऐसा तब है जबकि प्रीपेड के लिए कोई सहमति या आवेदन नहीं लिया गया। केस दो: जेल रोड निवासी हरिश्चंद्र श्रीवास्तव का एक किलोवाट का कनेक्शन है। बताया कि फरवरी में उनके यहां स्मार्ट मीटर लगाया गया था। पहले की अपेक्षा इस मीटर से बिल काफी अधिक आ रहा है। कुछ दिनों पहले उनके कनेक्शन संख्या 5120672000 पर बैलेंस समाप्त और रिचार्ज करने संबंधी संदेश आया। तब से परेशान हैं। केस तीन: चुनहा निवासी चंदा देवी ने भी एक किलोवाट का ही कनेक्शन लिया है। इनके भी मोबाइल पर बैलेंस समाप्त माइनस 1828.27 का संदेश आया है। उनके बेटे भोले ने बताया कि इससे अच्छा पहले वाला ही मीटर था। बिल सही कराने के लिए दौड़ रहा हूं। कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। मुख्यालय से प्रीपेड होते मीटर अधिशासी अभियंता विद्युत परीक्षण खंड आरएस वर्मा ने बताया कि घरों और प्रतिष्ठानों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर पावर कारपोरेशन से संचालित किए जा रहे हैं। वहीं से प्रीपेड किए जा रहे हैं। यहां से मीटरों की निगरानी की जाती है। उन्होंने बताया कि ज्यादा बिल आने की शिकायत आने पर चेक मीटर लगाकर जांच की जाती है।  

समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान में सुझाव देने की अवधि बढ़ी

विकसित यूपी @2047 30 अक्टूबर तक जनता दे सकेगी अपने सुझाव, अब तक मिले 14 लाख फीडबैक समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान में सुझाव देने की अवधि बढ़ी  ग्रामीण क्षेत्रों से 11 लाख और शहरी क्षेत्रों से मिले 3 लाख सुझाव – युवाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा, 6 लाख से अधिक राय दर्ज – शिक्षा क्षेत्र पर सर्वाधिक 4.5 लाख से ज्यादा सुझाव, कृषि पर 3 लाख से अधिक सुझाव आए – स्वास्थ्य, समाज कल्याण और विकास पर 1-1 लाख से ज्यादा राय – आईटी और इंडस्ट्री पर 40-40 हजार सुझाव, सुरक्षा से संबंधित 30 हजार से अधिक सुझाव – सीएम के निर्देश पर ग्राम प्रधानों से संवाद कर बढ़ाई जाएगी भागीदारी – जनता की राय से तैयार होगा 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विज़न दस्तावेज़ लखनऊ  योगी सरकार ने 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047' अभियान की अवधि बढ़ा दी है। अब यह अभियान 30 अक्टूबर 2025 तक अनवरत रूप से जारी रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़कर प्रदेश के विकास की दिशा में अपनी राय और सुझाव दे सकें। अबतक करीब 14 लाख सुझाव हुए प्राप्त अभियान के तहत अब तक करीब 14 लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से लगभग 11 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 3 लाख सुझाव शहरी क्षेत्रों से आए हैं। यह आंकड़ा प्रदेश के लोगों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। सुझाव देने वालों में युवा सबसे ज्यादा सुझाव देने वालों में सबसे ज्यादा हिस्सा युवाओं का रहा है। 6 लाख से अधिक सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, करीब 7 लाख सुझाव 31-60 वर्ष के आयु वर्ग से और लगभग 1 लाख सुझाव वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक आयु) से आए हैं। विभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो- * शिक्षा क्षेत्र में सर्वाधिक 4.5 लाख से अधिक सुझाव * कृषि क्षेत्र में 3 लाख से ज्यादा सुझाव * स्वास्थ्य, समाज कल्याण और ग्रामीण-नगरीय विकास में प्रत्येक 1 लाख से अधिक सुझाव * आईटी एवं टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री में लगभग 40-40 हजार सुझाव * सुरक्षा संबंधित विषयों पर 30 हजार से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। सीएम ने किया ग्राम प्रधानों से संवाद अभियान में आमजन की भागीदारी और बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर ग्राम प्रधानों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। ग्राम प्रधानों ने ग्रामीणों को इस अभियान से जुड़ने और अपने सुझाव पोर्टल पर दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। सरकार का कहना है कि यह निर्णय उसकी जनप्रतिबद्धता और सहभागी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लोगों की राय और सुझावों के आधार पर 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विज़न दस्तावेज़ तैयार किया जाएगा।    

विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में नगर निकायों की केंद्रीय भूमिका : मुख्यमंत्री योगी

आधुनिक और सशक्त नगर निकाय ही बनाएंगे विकसित उत्तर प्रदेश की राह: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयाग हो या गाजियाबाद, लखनऊ, झांसी, फिरोजाबाद और गोरखपुर, हर नगर नई ऊर्जा-नए स्वरूप में नए उत्तर प्रदेश की पहचान बने हैं: मुख्यमंत्री विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में नगर निकायों की केंद्रीय भूमिका : मुख्यमंत्री योगी महापौरों तथा नगर पालिका व नगर पंचायत अध्यक्षों से विकसित यूपी@2047 के लिए मुख्यमंत्री ने मांगा सुझाव जनप्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री का आह्वान, विकसित यूपी@2047 को बनाएं लोक चर्चा-संवाद का विषय ईज़ ऑफ लिविंग और आधुनिक नागरिक सेवाएँ हों नगर निकायों की कार्ययोजना का आधार: मुख्यमंत्री स्मार्ट सेवाएँ, हरित क्षेत्र और डिजिटल पहुँच बने हर नगर का आदर्श मॉडल: मुख्यमंत्री आय सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में नए माध्यम तलाशें नगर निकाय: मुख्यमंत्री ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला में मुख्यमंत्री ने महापौरों, पार्षदों, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्षों व सभासदों से किया संवाद नगर निकाय प्रतिनिधियों से बोले मुख्यमंत्री, शहरीकरण की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए नगर निकायों को अपनानी होगी नई कार्यशैली प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शहरी विकास की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ : 127 नए निकाय, 17 स्मार्ट सिटी, मेट्रो-आरआरटीएस जैसी परियोजनाएँ विकसित यूपी@2047 की सफलता में जनसहभागिता अहम, क्यूआर कोड और पोर्टल से अब तक 12 लाख से अधिक नागरिकों ने साझा किए सुझाव श्रेष्ठ सुझावों को मिलेगा सम्मान, नगर निकाय प्रतिनिधियों ने अभियान को घर-घर तक पहुँचाने का किया संकल्प लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रत्येक नगर निकाय अपनी कार्ययोजना में नवाचार को स्थान दे और ईज़ ऑफ लिविंग की अवधारणा के साथ नागरिक सेवाओं के आधुनिकीकरण को केंद्र में रखे। उन्होंने कहा है कि शहरी विकास केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित न रहे, बल्कि हर नगर स्मार्ट सेवाओं, हरीतिमा विस्तार, बेहतर यातायात व्यवस्था और डिजिटल पहुँच का आदर्श बने। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर नगरीय निकाय को आय सृजन के नए माध्यम बनाने होंगे। अपनी कार्ययोजना बनाते समय सभी निकायों को इसके लिए प्रयास करना चाहिए। यह तभी संभव है, जब जनप्रतिनिधि स्वयं पहल करें और नागरिकों को इस यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सोमवार को ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला के अंतर्गत प्रदेश के 17 नगर निगमों के महापौरों व पार्षदों तथा 200 नगर पालिका और 545 नगर पंचायतों के अध्यक्षों व सदस्यों से वर्चुअल माध्यम से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में नगर निकायों की भूमिका सबसे अहम है। हर नगर निकाय को यह संकल्प लेना होगा कि वह अपने नगर को स्वच्छ, आधुनिक, सुगठित और आत्मनिर्भर बनाने में कोई कमी न छोड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश इस राष्ट्रीय यात्रा का अग्रणी राज्य है। बीते साढ़े 08 वर्षों में नगरीय विकास के क्षेत्र में राज्य ने ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। 127 से अधिक नए नगर निकायों का सृजन और पुनर्गठन, 17 स्मार्ट सिटी का विकास, ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार, मेट्रो, आरआरटीएस और रोपवे जैसे आधुनिक परिवहन के प्रयास तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सीवरेज की नई योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं। लखनऊ और गाजियाबाद नगर निगम ने अपने म्युनिसिपल बांड जारी किए। हर नगरीय निकाय ने ढाई से तीन गुना तक आय बढ़ाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयाग हो या गाजियाबाद, लखनऊ, झांसी, फिरोजाबाद और गोरखपुर, हर नगर नई ऊर्जा-नए स्वरूप में नए उत्तर प्रदेश की पहचान बने हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की शहरी आबादी कई गुना बढ़ेगी, ऐसे में नगर निकायों को अपनी सोच और कार्यशैली दोनों को बदलना होगा। शहरी विकास की योजनाएँ भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखकर ही तैयार करनी होंगी। उन्होंने नगर निगमों में इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के बहुआयामी उपयोग के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृतकाल के पंच प्रण’ को दोहराते हुए ‘विकसित यूपी@2047’ का विज़न साझा किया। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को इनसे जुड़ना होगा। विकसित यूपी अभियान के बारे में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह रोडमैप अर्थशक्ति, सृजनशक्ति और जीवनशक्ति के तीन स्तंभों पर आधारित है। इसके तहत निर्धारित 12 सेक्टर के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाना है। कार्यक्रम के दौरान अभियान से जुड़ी एक वीडियो फ़िल्म प्रदर्शित की गई। क्यूआर कोड और पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित करने की प्रक्रिया का परिचय भी कराया गया। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे उनके द्वारा इस अभियान से संबंधित भेजे गए पत्र को विभिन्न बैठकों और सभाओं में अनिवार्य रूप से पढ़ें, ताकि सरकार का संदेश हर नागरिक तक पहुँचे। जनप्रतिनिधियों को इसे आम चर्चा का विषय बनाने के लिए प्रयास करना होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि सभी नगरीय निकायों में विकसित यूपी@2047 विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, नगर विकास और नियोजन विभाग इस संबंध में आवश्यक प्रबंध करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परिवार से कम से कम एक सुझाव जरूर प्राप्त हो, इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा। यह आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्मरणीय दस्तावेज होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच श्रेष्ठ सुझावों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पाँच वर्षों में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है और वर्ष 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य हर प्रदेशवासी के सहयोग से ही प्राप्त हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 12 लाख नागरिक अपने सुझाव साझा कर चुके हैं। इन सुझावों का सारांश भविष्य की नीतियों और योजनाओं का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया केवल अभिमत संग्रहण नहीं है, बल्कि जनता की आकांक्षाओं को राज्य की नीतियों में शामिल करने का ऐतिहासिक प्रयास है।

ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण का भव्य समापन

तीसरी बार इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन करने वाला देश का पहला राज्य बना यूपी  ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण का भव्य समापन  कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और नन्द गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने समापन समारोह को किया सम्बोधित – सीएम योगी-पीएम मोदी के मार्गदर्शन में कारीगरों को मिला वैश्विक मंच : राकेश सचान  – रूस पार्टनर कंट्री, 30 से ज्यादा रुसी प्रतिनिधियों ने दिखाई निवेश में रुचि – 2,200 से अधिक स्टॉल, 80 देशों के 500 खरीदारों ने की खरीदारी – 26 शैक्षणिक संस्थानों ने किया करार, छात्रों ने देखा नया कारोबार – ओडीओपी और एमएसएमई से कारीगरों को ऑर्डर और  मिली पहचान – खादी फॉर नेशन-खादी फॉर फैशन ने खादी को दी नई उड़ान – 24 हजार से अधिक मीटिंग्स और 2400 एमओयू से 11,200 करोड़ का कारोबार – दीपावली से पहले सभी जिलों में लगेगा यूपीआईटीएस का मेला – उद्यमियों को बड़ा बाजार देने के लिए घर-घर पहुंचेगा लोकल प्रोडक्ट – मंत्री नंदी बोले- यह आयोजन चौथे संस्करण की शुरुआत का संकेत ग्रेटर नोएडा इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के तृतीय संस्करण का सोमवार को भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने उद्बोधन दिया और इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। आयोजन ने प्रदेश के उद्यमियों और कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने लगातार तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो का आयोजन किया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन ने प्रदेश के उद्यमियों और कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा और उन्हें नया आत्मविश्वास दिया। निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए 30 से अधिक रुसी प्रतिनिधि  पिछले संस्करण में 70 हजार विजिटर्स, 1.25 हजार बी2बी और 4 लाख से अधिक बी2सी सहभागिता दर्ज हुई थी। इस बार रूस पार्टनर कंट्री रहा और निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए 30 से अधिक रुसी प्रतिनिधि पहुंचे। 2,200 से अधिक स्टॉल लगे और 80 से अधिक देशों के 500 से ज्यादा खरीदारों ने खरीदारी की। 26 शैक्षणिक संस्थानों ने किया करार राकेश सचान ने बताया कि सीएम युवा उद्यमी अभियान से 90 हजार से अधिक युवाओं को जोड़ा गया। 26 शैक्षणिक संस्थानों ने करार किए और छात्रों ने नए बिजनेस अवसरों के बारे में जानकारी ली। ओडीओपी और एमएसएमई योजनाओं से कारीगरों को मंच और ऑर्डर मिले, वहीं श्रम सम्मान योजना ने भी उन्हें मजबूती दी। प्रधानमंत्री मोदी ने इन योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लागू कर सम्मान दिया। वन ट्रिलियन डॉलर इकोनमी बनने की और अग्रसर यूपी खादी को प्रोत्साहित करने के लिए खादी फॉर नेशन-खादी फॉर फैशन का आयोजन हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी लोगों को आकर्षित किया। प्रदेश का निर्यात 80 हजार करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ तक पहुंचा है और यह यूपी को वन ट्रिलियन इकॉनमी लक्ष्य की ओर ले जा रहा है। 9 अक्तूबर से सभी 75 जिलों में लगेंगे यूपीआईटीएस मेले सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि दीपावली से पहले 9 अक्तूबर से सभी 75 जिलों में यूपीआईटीएस के तहत स्थानीय उत्पादों के मेले लगाए जाएंगे, ताकि हर उद्यमी को बड़ा बाजार मिल सके और लोग स्थानीय उत्पादों को खरीदने के लिए प्रेरित हों। चौथे संस्करण के आगाज का भी संकेत मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन तृतीय संस्करण का समापन ही नहीं, बल्कि चौथे संस्करण के आगाज का भी संकेत है। उन्होंने इसे कारीगरी, हुनर और शिल्प का आधुनिक मेला बताया, जिसमें एक छत के नीचे 2500 एग्जिबिटर्स ने स्टॉल लगाए। नंदी ने कहा कि पिछले चार दिनों में 24,400 से अधिक मीटिंग्स हुईं और 2400 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनसे 11,200 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक व्यापार हुआ है। पांचवें दिन यह आंकड़ा और ऊंचाई पर पहुंचेगा।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपीआईटीएस के समापन समारोह को किया संबोधित

सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी आज ऐसे रनवे पर है जो अनस्टॉपेबल हैः पीयूष गोयल केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपीआईटीएस के समापन समारोह को किया संबोधित  केंद्रीय मंत्री ने प्रदेशवासियों और समस्त उद्यमियों से किया स्वदेशी को अपनाने का आह्वान   कहा – विकसित भारत 2047 के लिए स्वदेशी और समावेशी विकास का लें संकल्प उद्योग और निवेश के लिए सुरक्षित वातावरण और मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने यूपी को निवेशकों की पहली पसंद बनाया जीएसटी दरों में बदलाव आजादी के बाद सबसे बड़ा रिफॉर्म, दशकों तक लोग इसे याद करेंगे  2017 के बाद उत्तर प्रदेश में हुआ नया सवेरा, समावेशी विकास की हुई शुरुआत  ओडीओपी आज देश के 750 से अधिक जिलों में पहुंची, 1200 से अधिक उत्पादों को मिली वैश्विक पहचान हर राज्य में बनाए जा रहे यूनिटी मॉल, प्रदेश के 75 जिलों के साथ-साथ पूरे देश के वन डिस्ट्रिक्ट वन उत्पाद होंगे प्रदर्शित ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) का तीसरा संस्करण सोमवार को भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आयोजन की सफलता पर उत्तर प्रदेश सरकार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश की आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक क्षमता का आईना है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सब मिलकर स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें, उद्यमिता को बढ़ावा दें और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सामूहिक संकल्प लें। केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश में बीते आठ वर्षों में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्णायक एवं संवेदनशील नेतृत्व ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। आज यूपी ऐसे रनवे पर है, जो अनस्टॉपेबल है। उद्योग और निवेश के लिए सुरक्षित वातावरण और मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने यूपी को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है।  इस अवसर पर पीयूष गोयल ने आयोजन को सफल बनाने के लिए टीम यूपीईपीसी, टीम ओडीओपी, टीम सीएम युवा मिशन, टीम आईईएमएल को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।  स्टेकहोल्डर्स का परफेक्ट समागम पीयूष गोयल ने कहा कि यूपीआईटीएस 2025 इस मायने में अनोखा है क्योंकि, इसमें सभी स्टेकहोल्डर्स एक साथ जुड़े हैं। मंच पर उद्योग, सरकार और उसके दोनों अंग मंत्री और अधिकारी मौजूद हैं तो मंच के नीचे उद्यमी, निर्यातक, एमएसएमई, महिला उद्यमी और स्टार्टअप प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित हैं। जब सब मिलते हैं तो यह परफेक्ट मिक्स बनता है और यही उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का असली राज है। जीएसटी बचत उत्सव – नवरात्रि का तोहफ़ा अपने संबोधन में गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हाल ही में घोषित “जीएसटी बचत उत्सव” का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स में कमी उपभोक्ताओं के लिए नवरात्रि का बड़ा तोहफा है। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा, क्योंकि यह स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा सुधार है, जिसका असर आने वाले दशकों तक महसूस किया जाएगा।   भारत की वैश्विक पहचान मजबूत पीयूष गोयल ने 2014 से पहले की स्थिति याद दिलाते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने देश को भ्रष्टाचार और आर्थिक कुप्रबंधन की भेंट चढ़ा दिया था। विकास दर मात्र 4 प्रतिशत थी, महंगाई 8 से 8.5 प्रतिशत पर पहुंच गई थी और विदेशी मुद्रा भंडार कमजोर था। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने लगातार 11 वर्षों की मेहनत से व्यवस्था बदली। अब खदानें, स्पेक्ट्रम और अन्य संसाधन केवल नीलामी से दिए जाते हैं। इससे सरकारी खजाने को राजस्व मिलता है और जनता का विश्वास बढ़ता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। विदेशी मुद्रा भंडार में व्यापक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि आज भारत का पासपोर्ट सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। दुनिया के विकसित देश भारत के साथ फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट करने के लिए उत्सुक हैं।  कानून-व्यवस्था से उद्योग को बल गोयल ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि तब दहशत और अपराध का माहौल था। व्यापारी असुरक्षित थे, नोएडा के आधे प्रोजेक्ट अधूरे थे, फैक्ट्रियां बंद थीं। लेकिन योगी सरकार के आने के बाद हालात बदल गए। कानून-व्यवस्था सख्त हुई और निवेशकों का विश्वास लौटा। उन्होंने कहा कि जब 2017 में प्रदेश की जनता ने दो तिहाई बहुमत देकर भाजपा की सरकार बनाई तब उत्तर प्रदेश में नया सवेरा शुरू हुआ और समावेशी विकास की शुरुआत हुई।  एक्सपोर्ट प्रमोशन में यूपी कर रहा नेतृत्व उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने निर्यात प्रोत्साहन के लिए अलग मंत्रालय बनाया। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना आज पूरे देश में 750 से अधिक डिस्ट्रिक्ट्स में पहुंची है और 1200 से अधिक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है। आज जहां भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मत्री या राजदूत कहीं जाते हैं, वे इन्हीं ओडीओपी को उपहार स्वरूप भेंट करते हैं। इससे उद्यमियों का मनोबल बढ़ा है।  यूनिटी मॉल से स्वदेशी को नई पहचान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिकल्पित यूनिटी मॉल का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि हर राज्य में यह मॉल बनाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में तीन जिलों (लखनऊ, आगरा और वाराणसी) में यूनिटी मॉल बनेंगे। इनमें प्रदेश के 75 जिलों के साथ-साथ पूरे देश के वन डिस्ट्रिक्ट वन उत्पाद प्रदर्शित होंगे। यह महिला उद्यमियों और युवाओं के लिए अवसर का मंच बनेगा।  स्वदेशी का आह्वान गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी की स्वदेशी की परिभाषा को दोहराते हुए कहा कि मोदी जी ने आह्वान किया है कि अब जो भी सामान हम खरीदते हैं उसमें यथासंभव स्वदेशी वस्तु खरीदने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का अर्थ है जो सामान भारत के लोगों के खून पसीने से बना हो, जो भारत मिट्टी में बना हो वो स्वदेशी भारत है। कंपनी विदेश की हो सकती है, निवेश विदेश से आ सकता है, टेक्नोलॉजी बाहर से आ सकती है, लेकिन उत्पादन भारत में होना चाहिए और रोजगार भारत के लोगों को मिलना चाहिए। मोदी जी के इस आह्वान को हम सबको अपनाना चाहिए।  तेजी से बढ़ता औद्योगिक ढांचा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले 400-500 … Read more

61 साल बाद यूपी को मिला गौरव, योगी के नेतृत्व में लखनऊ बनेगा युवाओं का वैश्विक केंद्र

19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के लिए लखनऊ में बनेगी विश्वस्तरीय टेंट सिटी, संपन्न हुआ भूमिपूजन 61 साल बाद यूपी को मिला गौरव, योगी के नेतृत्व में लखनऊ बनेगा युवाओं का वैश्विक केंद्र  योगी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, गुलाब देवी व संदीप सिंह भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिल – पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, राष्ट्रपति मुर्मू के भी शामिल होने की संभावना – लखनऊ में 35 हज़ार स्काउट्स-गाइड्स जुटेंगे, बनेगी विश्वस्तरीय टेंट सिटी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से प्रदेश युवाओं के लिए वैश्विक मंच बन रहा है। इसी क्रम में लखनऊ में पहली बार भारत स्काउट्स और गाइड्स की डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले एवं 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी का भव्य आयोजन आगामी 23 से 29 नवम्बर तक होने जा रहा है। वृंदावन योजना स्थित डिफेन्स एक्सपो ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस विश्वस्तरीय शिविर का भूमि पूजन सोमवार को मंत्रोच्चार और विधिविधान के साथ हुआ।  भूमिपूजन समारोह में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को उत्तर प्रदेश के लिए “गौरव का अवसर” बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। 23 से 29 नवंबर तक आयोजित होगा जम्बूरी डॉ. महेंद्र सिंह ने जम्बूरी की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि 23 से 29 नवंबर 2025 तक चलने वाला यह आयोजन भारत के 30,000 और विभिन्न देशों के 2,000 स्काउट्स-गाइड्स, साथ ही 3,000 अधिकारियों-स्टाफ को आकर्षित करेगा। यहां कुल 35,000 प्रतिभागी इकट्ठा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे, जबकि समापन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने की संभावना है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे युवाओं का वैश्विक उत्सव करार देते हुए कहा कि जम्बूरी केवल एक शिविर नहीं, बल्कि भाईचारे, संस्कृति और नेतृत्व का मंच है। यह आयोजन 1953 में हैदराबाद में पहली राष्ट्रीय जम्बूरी के बाद 18 सफल आयोजनों के बाद उत्तर प्रदेश को 61 वर्षों बाद मिला है, पिछली बार 1964 में प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) में हुआ था। आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी जम्बूरी, होंगे विभिन्न कार्यक्रम जम्बूरी के लिए डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में एक सप्ताह के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘टेंट सिटी’ तैयार की जाएगी, जिसमें 3,500 टेंट, 1,600 शौचालय-स्नानागार, 25,000 क्षमता का एरिना, 64 रसोईघर, 100 बिस्तरों का अस्पताल, 15 डिस्पेंसरी, 100 प्रदर्शनी स्टॉल, जम्बूरी मार्केट, ग्लोबल विलेज, एडवेंचर जोन, वाई-फाई जोन और दो दिवसीय ड्रोन शो शामिल होंगे। एयर फोर्स के एयर अग्निवीर प्रदर्शनी, HAM रेडियो स्टेशन और आईटी हब भी आकर्षण का केंद्र होंगे। योगी सरकार ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, परिवहन और पर्यावरणीय संतुलन के लिए विश्वस्तरीय प्रबंध सुनिश्चित किए हैं। ‘टेंट सिटी’ ग्रीन और सर्कुलर इकोनॉमी सिद्धांतों पर आधारित होगी। पीएम मोदी की प्राथमिकताओं पर आधारित थीम जम्बूरी की थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं—आत्मनिर्भर स्वदेशी भारत, स्वच्छ एवं विकसित भारत, ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत, और विकसित युवा-विकसित भारत पर केंद्रित है। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का विकास करेगा, साथ ही राष्ट्रीय एकता, वैश्विक भाईचारा, संस्कृति का आदान-प्रदान और सेवाभावी नागरिकों को प्रोत्साहित करेगा।