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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 अगस्त को मिशन रोजगार के तहत नव चयनित मुख्य सेविकाओं को सौंपे थे नियुक्ति पत्र

नव चयनित मुख्य सेविकाओं को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया के जरिये जिले किये गये आवंटित   2403 मुख्य सेविकाओं को उनकी प्राथमिकता के आधार पर जिलों का किया गया आवंटन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन रोजगार के तहत 28 अगस्त को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में नव चयनित 2425 मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया था। वहीं मजह 15 दिनों में सभी नव चयनित मुख्य सेविकाओं को ऑनलाइन प्रेफरेंस कम मेरिट के अाधार पर पारदर्शी प्रक्रिया को अपनाते हुए जिले आवंटित कर दिये गये हैं। इसी के साथ विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को नव चयनित मुख्य सेविकाओं को तैनाती देने के निर्देश दिये गये हैं।  69 जिलों में विकल्प चुनने के लिए मुख्य सेविकाओं के लिए खोला गया था पोर्टल बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप नव चयनित मुख्य सेविकाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत जिले में तैनाती के लिए ऑनलाइन पोर्टल (ऑनलाइन प्रेफरेंस कम मेरिट) विकसित किया गया था। ऐेसे में शासन से अनुमोदित नीति के अनुसार 69 जिलों में विकल्प के लिए मुख्य सेविकाओं के लिए पोर्टल को खोला गया था। इस पोर्टल पर ऐसे जनपद थे, जहां पर 60 प्रतिशत या इससे अधिक मुख्य सेविका के पद रिक्त थे। इसमें जो मुख्य सेविकाओं की बाल विकास परियोजना अधिकारी के पद पर पदोन्नति हो चुकी है, उन रिक्त पदों को भी सम्मिलित करते हुए विकल्प भर जाने की सुविधा दी गयी थी। इस पोर्टल पर मुख्य सेविकाओं द्वारा मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर अपना जनपद चुना गया।  सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को तैनाती देने के दिये गये निर्देश पोर्टल के माध्यम से 69 जिलों में से 2425 मुख्य सेविकाओं ने अपनी जिला आवंटन प्राथमिकता दर्ज करायी गयी थी। इसमें से 2403 मुख्य सेविकाओं को उनकी प्राथमिकता के आधार पर जिलों का आवंटन किया गया जबकि शेष 22 मुख्य सेविकाओं को रैंडम आवंटन के माध्यम से जिले आवंटित किये गये हैं। जिला आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया में 2120 मुख्य सेविकाओं को उनकी पहली पसंद वाला जिला आवंटित किया गया है, जिसका रेश्यो 88.22 प्रतिशत है। इसी तरह 202 मुख्य सेविकाओं को उनकी द्वितीय प्राथमिकता वाला जिला आवंटित किया गया, जिसका रेश्यो 8.41 प्रतिशत है जबकि 34 को तीसरा प्राथमिकता वाला जिला, 29 को चौथा प्राथमिकता वाला जिला और 11 को पांचवां प्राथमिकता वाला जिला आवंटित किया गया है। वहीं 22 मुख्य सेविकाओं को रैंडम आवंटन के माध्यम से जिले आवंटित किये गये हैं। सभी मुख्य सेविकाओं को जिला आवंटित होने के बाद सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को मुख्य सेविकाओं को तैनाती देने के निर्देश दिये गये हैं।     

शिक्षा और विकास पर मिला व्यापक जनसमर्थन, अभियान में अब तक सवा लाख से अधिक फीडबैक दर्ज

– 75 जिलों में अधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने जनता से किया सीधा संवाद – ग्रामीण क्षेत्रों से सबसे अधिक 88 हजार से अधिक फीडबैक प्राप्त शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए सबसे ज्यादा 41 हजार से अधिक सुझाव मिले – आगरा, बलिया, कानपुर नगर समेत कई जिलों से 16,350 से अधिक फीडबैक – जनता ने डिजिटल शिक्षा, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाने पर दिया जोर लखनऊ योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @2047”' अभियान को जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। शनिवार  तक प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्धजनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संगठनों, मीडिया और आम जनमानस से संवाद किया। इस दौरान प्रदेश की विगत आठ वर्षों की विकास यात्रा साझा की गई और भविष्य के रोडमैप पर चर्चा कर व्यापक फीडबैक प्राप्त किया गया। सवा लाख से अधिक फीडबैक दर्ज अभियान के तहत बनाए गए विशेष पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक सवा लाख फीडबैक दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 88 हजार से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों से और 24 हजार नगरीय क्षेत्रों से प्राप्त हुए। आयु वर्ग के आधार पर करीब 41 हजार सुझाव 31 वर्ष से कम, 65 हजार से अधिक सुझाव 31 से 60 वर्ष के बीच तथा सात हजार से अधिक सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से आए हैं। शिक्षा पर सबसे ज्यादा फीडबैक जनता ने सबसे अधिक महत्व शिक्षा क्षेत्र को दिया। 41 हजार से अधिक सुझाव शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मिले। इसके अलावा नगरीय और ग्रामीण विकास पर 19 हजार से अधिक, स्वास्थ्य पर 12 हजार से अधिक, समाज कल्याण पर 10 हजार से अधिक और कृषि क्षेत्र पर 17 हजार से अधिक सुझाव प्राप्त हुए। यह स्पष्ट करता है कि जनता शिक्षा और कृषि दोनों को भविष्य के विकास का आधार मानती है। जिलों से उत्साही भागीदारी आगरा, बलिया, बलरामपुर, जौनपुर, कानपुर देहात, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, मैनपुरी और प्रतापगढ़ जैसे जनपदों से सबसे अधिक भागीदारी रही। इन जिलों से 16 हजार से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जो अभियान की सफलता को दर्शाते हैं। शिक्षा क्षेत्र में सुधार पर जोर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सुझावों में छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं—स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, सुसज्जित पुस्तकालय और खेल के मैदान की अनिवार्य उपलब्धता पर बल दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को सशक्त बनाने हेतु हाई-स्पीड इंटरनेट और स्मार्ट क्लासरूम स्थापित करने की मांग उठी। परीक्षा प्रणाली और रोजगारोन्मुखी शिक्षा फीडबैक में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु तकनीकी सुधार लागू करने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही, शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने और ई-लर्निंग पोर्टल के माध्यम से मुफ्त कौशल विकास कोर्स उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। निजी शिक्षा की लागत पर चिंता शहरी क्षेत्रों में निजी शिक्षा की बढ़ती लागत से निपटने के लिए लोगों ने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और संसाधनों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना है कि मजबूत सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली ही समान अवसर प्रदान कर सकती है और भविष्य में सामाजिक असमानता को कम कर सकती है। अभियान से यह स्पष्ट हो रहा है कि प्रदेश की जनता न केवल विकास यात्रा की सहभागी है, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही है।

नशे की हालत में बस चलाने वाले चालक कि संविदा समाप्त

कार्य में लापरवाही बरतने वाले समयपाल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई – एम डी परिवहन निगम  लखनऊ उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दया शंकर सिंह के निर्देश पर चालक वीरेश की जमा की गई प्रतिभूति धनराशि जप्त करते हुए उनका अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। इसी प्रकार समयपाल श्री विनोद कुमार पांडेय (वरिष्ठ लिपिक) को भी ड्यूटी में लापरवाही बरतने के संबंध में निलंबित किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।  यह जानकारी देते हुए प्रबंध निदेशक श्री मासूम अली सरवर ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय परिवहन मंत्री जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि यात्रियों के जान-माल से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। सड़क सुरक्षा सरकार की  सर्वोच्च प्राथमिकता है।  श्री सरवर ने बताया कि हरदोई डिपो की वाहन संख्या यूपी 78 एल एन 7576 12 सितंबर 2025 की रात्रि 9:00 बजे हरदोई बस स्टेशन से कानपुर के लिए रवाना हुई, जिसमें चालक के रूप में मौजूद श्री वीरेश नशे की हालत में उक्त बस चल रहे थे। यात्रियों द्वारा विरोध करने पर चालक ने यात्रियों के साथ अभद्रता की उक्त घटना का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से चालक श्री वीरेश कि संविदा समाप्त कर दी गई है। इस प्रकार की घटना से परिवहन निगम की छवि धूमिल हुई है।उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की घटना किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं है। ऐसा कृत्य प्रकाश में आने पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पॉलीथीन पर नो-टॉलरेंस! यमुनानगर प्रशासन ने जब्त किया भारी मात्रा में पॉलीथीन, वसूला लाखों का जुर्माना

यमुनानगर सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल करने वालों की अब खैर नहीं है। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ऐसे दुकानदारों के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व नगर निगम ने संयुक्त अभियान छेड़ दिया है। दोनों विभागों के अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमों ने 14 दुकानदारों के चालक किए और एक क्विंटल 59 किलोग्राम पालीथिन को जब्त किया है। इतना ही नहीं दुकानदारों पर दो लाख दो हजार 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप सिंह ने बताया कि पिछले दिनों पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह की अध्यक्षता में सभी क्षेत्रीय अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए थे। जिसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, रादौर व साढौ़रा की नगर पालिका तथा बीडीपीओ के सहयोग से टीमों का गठन किया गया। बोर्ड की ओर एसडीओ दीक्षा पांडे, एसडीओ विक्रम सिंह व एसडीओ विभम नायक को टीम में शामिल किया गया। प्रदीप सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान 14 दुकानदारों के चालन कर उनसे एक क्विंटल 59 किलोग्राम पालीथिन जब्त की है। दुकानदारों पर दो लाख दो हजार 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उन्होंने बताया कि यमुनानगर क्षे़त्र में छह चालान किए गए और 47 किलो 88 ग्राम पालीथिन जब्त की गई। दुकानदारों पर एक लाख जुर्माना लगाया गया। जगाधरी में पांच दुकानदारों के चालान कर 107 किलोग्राम पालीथिन जब्त की गई। 86 हजार 500 रुपये जुर्माना लगाया गया। साढौ़रा में तीन चालान कर चार किलो 47 ग्राम पॉलीथीन जब्त की गई। 16 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।

शिवपाल यादव का हमला सरकार पर, कहा- जनता अब नहीं सह सकती महंगाई, सपा ग्राम सभा चुनाव से बाहर

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इटावा के बसरेहर ब्लॉक के गोरा दयालपुर में स्व. पूर्व प्रधान की प्रतिमा का अनावरण करते हुए मीडिया से बातचीत में कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पिछले 14 सालों में जनता को लूटकर महंगाई लगातार बढ़ाई गई है। जीएसटी के नाम पर लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है और आम आदमी परेशान है। जनता अब इन बेइमानों को बख्शने वाली नहीं है। PM मोदी के मणिपुर दौरे पर सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आते ही सौगातों की घोषणाएं शुरू हो जाती हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गुजरात की कंपनियां पहुंचकर सब कुछ लूट लेती हैं। उन्होंने जनता से सतर्क रहने की अपील की। राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए शिवपाल ने कहा कि आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं, आए दिन रेप और सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं। भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बदहाल हो चुकी हैं। उन्होंने जल जीवन मिशन को पूरी तरह असफल बताते हुए कहा कि आज भी टंकियों में पानी नहीं है और बनी-बनाई सड़कों को खोद दिया गया है, लेकिन उन्हें बनाने के लिए धन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। "2047 तक विकसित यूपी" सपना है झूठा योगी सरकार के 2047 तक विकसित प्रदेश के संकल्प को झूठा करार देते हुए शिवपाल बोले कि हकीकत में प्रदेश का विकास नहीं हो रहा, बल्कि सत्ताधारी लोग अपने घर, कॉलेज और यूनिवर्सिटी खड़ी करने में लगे हैं। चुनावी रणनीति को लेकर उन्होंने साफ किया कि समाजवादी पार्टी ग्राम सभा, प्रधान और बीडीसी चुनाव में भाग नहीं लेगी। जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख चुनावों में पार्टी प्रत्याशी जरूर उतारेगी। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

सीएम योगी के निर्देश पर पर्यटन विभाग ने दिव्य और भव्य दीपोत्सव-25 की तैयारियां शुरू कीं

ग्रीन फायर वर्क्स शो श्रद्धालुओं के अाकर्षण का बनेगा केंद्र, संगीत और कोरियोग्राफ का अनेखा अनुभव उत्सव को बनाएगा यादगार करीब 10 मिनट तक चलने वाला शो संगीत, लेज़र इफेक्ट्स और आधुनिक कोरियोग्राफी से होगा सजा  लखनऊ योगी सरकार दीपोत्सव-25 को भव्य और दिव्य बनाने की तैयारियों में जुट गयी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पर्यटन विभाग द्वारा 19 अक्टूबर को दीपोत्सव में ग्रीन फायर वर्क्स शो का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय ग्रीन फायर वर्क्स के मानक पर आधारित होगा। यह आतिशबाज़ी पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगी। इसके साथ ही दीपाेत्सव में पर्यटकों को संगीत और तकनीक के साथ कोरियोग्राफ का अनूठा अनुभव दिखने के साथ सुनने को मिलेगा।  हरित आतिशबाजी का आनंद उठाएंगे श्रद्धालु सीएम योगी के निर्देश पर पर्यटन विभाग द्वारा दीपोत्सव-25 पर सरयू नदी के घाटों और राम की पैड़ी पर 26 लाख से अधिक दीपक जलाए जाएंगे, जो भगवान राम के अयोध्या आगमन का प्रतीक बनकर ये दीप असंख्य श्रद्धालुओं की आस्था का प्रकाश फैलाएंगे। भक्ति-भाव से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के बीच इस बार ग्रीन फायरवर्क्स शो खास आकर्षण का केंद्र होगा,  जो आस्था और नवाचार को साथ लाकर एक प्रदूषण-मुक्त रंग-बिरंगी रौशनी से जगमगाएगा। करीब 10 मिनट तक चलने वाला यह शो संगीत, लेज़र इफेक्ट्स और आधुनिक कोरियोग्राफी से सजा होगा। कई मीटर से ऊंचाई तक उठने वाली आतिशबाज़ी सरयू के जल पर अद्भुत प्रतिबिंब बिखेरेंगी और वहां मौजूद हर दर्शक को रोमांचित कर देगी। दीपोत्सव-25 में दिखेगा परंपरा और नवाचार का उत्सव पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप दीपोत्सव-25 को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। इस पर बार 26 लाख से अधिक दीपक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदूषण-मुक्त आतिशबाज़ी के साथ हम अयोध्या की सांस्कृतिक भव्यता को प्रदर्शित करेंगे, जो हर श्रद्धालु को अविस्मरणीय अनुभव देगा। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि इस बार के दीपोत्सव-25 में परंपरा और नवाचार दोनों का उत्सव देखने को मिलेगा। इस बार पर्यावरण हितैषी और कोरियोग्राफ्ड आतिशबाज़ी हमारे स्थायित्व के संकल्प को हर श्रद्धालुओं तक पहुंचाएगी। साथ ही अयोध्या की धरोहर को विश्व मंच पर प्रस्तुत करेगी। यह सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का गौरव है।

केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री के साथ मुख्यमंत्री ने की प्रदेश के सहकारिता विभाग की समीक्षा

प्रदेश में स्थापित होगा राज्य सहकारी महाविद्यालय, सहकारिता में शोध व अध्ययन को मिलेगा बढ़ावा: मुख्यमंत्री केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री के साथ मुख्यमंत्री ने की प्रदेश के सहकारिता विभाग की समीक्षा सहकारिता के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियां अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय: केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल सहकारिता को युवाओं के लिए कृषि, डेयरी, मत्स्य व सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का द्वार बनाया जाए: मुख्यमंत्री 12 सितम्बर से 12 अक्टूबर तक एम-पैक्स सदस्यता महाभियान, हर किसान-परिवार को सहकारिता से जोड़ने का संकल्प सहकारिता क्षेत्र में नवाचारों के मिल रहे अच्छे परिणाम, 16 बंद जिला सहकारी बैंक पुनर्जीवित, ₹306.92 करोड़ की सहायता से सभी बैंक लाभ में, वर्ष 2017 के कुल एनपीए 800 करोड़ से घटकर ₹278 करोड़ एफसीआई द्वारा 35 जनपदों में 96 स्थलों की पहचान, अप्रैल 2026 तक देश की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना पूरी होगी एम-पैक्स को ₹10 लाख तक ब्याज-मुक्त ऋण सीमा से बड़ा लाभ, अब तक ₹5,400 करोड़ का टर्नओवर और ₹120 करोड़ मार्जिन मनी 6,101 सोसाइटी में डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू, 6443 एम-पैक्स पीएम किसान समृद्धि केंद्र के रूप में हुए हैं अपग्रेड लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में अध्ययन, अध्यापन और शोध को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सहकारी महाविद्यालय की स्थापना की तैयारी के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल की उपस्थिति में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई। केंद्रीय राज्य मंत्री ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में एम-पैक्स सदस्यता महाभियान पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' मंत्र को आत्मसात करते हुए 12 सितम्बर से 12 अक्टूबर तक आयोजित अभियान के माध्यम से हर किसान और हर ग्रामीण परिवार को सहकारिता से जोड़ना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में आयोजित प्रथम सदस्यता महाअभियान में 30 लाख से अधिक नए सदस्य जुड़े थे, जिनमें 17.33 लाख किसान, 3.92 लाख अकुशल श्रमिक, 1.56 लाख कुशल श्रमिक, 2.20 लाख पशुपालक और 6,411 मत्स्यपालक शामिल थे। इस अभियान से सहकारिता क्षेत्र में ₹70 करोड़ का अंशदान प्राप्त हुआ था। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि द्वितीय महाअभियान को और व्यापक बनाया जाए तथा गाँव-गाँव में कैंप, ऑनलाइन/ऑफलाइन पंजीकरण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियां अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय हैं और प्रधानमंत्री जी के विजन को साकार करने में प्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बैठक में सहकारी बैंकिंग सुधारों की समीक्षा करते हुए अवगत कराया गया कि 2017-18 से 2024-25 तक राज्य सरकार द्वारा 16 बंद जिला सहकारी बैंकों को ₹306.92 करोड़ की सहायता से पुनर्जीवित किया गया है। इन बैंकों का एनपीए 2017 में ₹800 करोड़ से घटकर मार्च 2025 में ₹278 करोड़ रह गया। मार्च 2025 तक ₹1000 करोड़ का ऋण व्यवसाय दर्ज हुआ और सभी बैंक लाभ में आ गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान और जमाकर्ताओं का विश्वास ही सहकारिता की असली पूँजी है, इसे हर हाल में सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि सहकारिता भारतीय ग्रामीण समाज की प्राचीन परंपरा है। समाज को एकजुट रखने में इसकी बड़ी भूमिका है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सहकारिता क्षेत्र में नए इतिहास रच रहा है। अन्न भंडारण योजना की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि एफसीआई ने प्रदेश के 35 जनपदों में 96 स्थलों की पहचान की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 15 नवम्बर 2025 तक वित्तीय समापन प्रक्रिया पूरी कर जनवरी 2026 से निर्माण कार्य प्रारंभ कर अप्रैल 2026 तक पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि गोदाम निर्माण किसानों की समृद्धि का आधार है, इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।  इस अवसर पर एम-पैक्स के गठन और कार्यप्रणाली पर भी विस्तार से समीक्षा की गई। बताया गया कि 2024-25 में 266 एम-पैक्स के सापेक्ष चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 457 नये एम-पैक्स गठित हो चुके हैं, जबकि सितम्बर माह में 1,088 ग्राम पंचायतों में संगठन प्रक्रिया चल रही है। एम-पैक्स को उर्वरक वितरण हेतु ₹10 लाख तक ब्याज-मुक्त ऋण सीमा दी गई है, जिससे अब तक ₹5,400 करोड़ का टर्नओवर और ₹120 करोड़ की मार्जिन मनी प्राप्त हुई है। इसी प्रकार, 757 नवगठित एम-पैक्स के उन्नयन के लिए राज्य सरकार ₹1 लाख मार्जिन मनी तथा ₹1 लाख आधारभूत अवसंरचना विकास के लिए उपलब्ध करा रही है। डिजिटल भुगतान व्यवस्था के तहत 6,101 सोसाइटी में क्यूआर/यूपीआई आधारित प्रणाली लागू हो चुकी है। साथ ही, व्यवसाय विविधीकरण को बढ़ावा देते हुए 5170 एम-पैक्स में सीएससी सेवाएं, 6443 एम-पैक्स को पीएम किसान समृद्धि केंद्र तथा 161 एम-पैक्स में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन औषधि केंद्र अस्पतालों के निकट स्थापित किए जाएं और सहकारिता को युवाओं के लिए कृषि, डेयरी, मत्स्य व सेवा क्षेत्रों में रोजगारमूलक अवसरों का द्वार बनाया जाए। बैठक में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रकाश शाही, धर्मपाल सिंह, संजय निषाद, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर, भारत सरकार के सचिव सहकारिता डॉ. आशीष कुमार भूटानी, नाबार्ड के डीजीएम एनएल साहू तथा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जनता में गजब का उत्साह, अबतक 1 लाख से अधिक लोगों ने दिया फीडबैक

विकसित यूपी@2047 – 65 जनपदों में नोडल अधिकारियों व प्रबुद्धजनों ने जनता से किया संवाद – ग्रामीण क्षेत्रों से सबसे अधिक 78,513 फीडबैक दर्ज – शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सबसे ज्यादा 35,047 सुझाव मिले – बलिया, जौनपुर, कानपुर नगर समेत कई जिलों से 3,500 से अधिक फीडबैक – किसानों ने तकनीकी खेती, कोल्ड स्टोरेज व समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग उठाई लखनऊ योगी सरकार द्वारा संचालित "समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047" अभियान के तहत प्रदेशभर में व्यापक संवाद एवं फीडबैक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के दौरान शुक्रवार (12 सितम्बर) तक कुल 65 जनपदों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम जनमानस के साथ संवाद किया। इस संवाद में विगत आठ वर्षों की विकास यात्रा पर जानकारी साझा की गई तथा प्रदेश के भविष्य के विकास के लिए रोडमैप पर चर्चा करते हुए जनता से सुझाव भी आमंत्रित किए गए। 1 लाख से अधिक सुझाव दर्ज अभियान को लेकर जनता में गहरी रुचि दिखाई दी। इसके लिए विशेष रूप से विकसित पोर्टल samarthuttarpradeh.up.gov.in पर अब तक 1 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें से 79 हजार से अधिक फीडबैक ग्रामीण क्षेत्रों से जबकि 2़1 हजार से अधिक फीडबैक नगरीय क्षेत्रों से प्राप्त हुए। आयु वर्ग के आधार पर देखा जाए तो 35 हजार से अधिक सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, 57 हजार से अधिक सुझाव 31-60 आयु वर्ग से और 6 हजार से अधिक सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से मिले हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि सबसे अहम मुद्दे प्रदेशवासियों ने विकास से जुड़े जिन प्रमुख क्षेत्रों पर राय दी, उनमें शिक्षा क्षेत्र सबसे ऊपर रहा। कुल 35,047 सुझाव शिक्षा से जुड़े मिले, जबकि नगरीय एवं ग्रामीण विकास से संबंधित 17,257 सुझाव आए। स्वास्थ्य क्षेत्र पर 10,894, समाज कल्याण पर 9,436 और कृषि क्षेत्र से जुड़े 12,718 सुझाव दर्ज किए गए। सबसे सक्रिय रहे पूर्वांचल और बुंदेलखंड के जिले बलिया, बलरामपुर, जौनपुर, कानपुर देहात, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, मैनपुरी और प्रतापगढ़ जैसे जनपदों से सबसे अधिक 3,500 से अधिक सुझाव प्राप्त हुए। यह आंकड़ा दर्शाता है कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जनता सक्रिय रूप से अभियान में जुड़ रही है। किसानों ने दिए कृषि क्षेत्र से जुड़े अहम सुझाव कृषि एवं संबद्ध सेक्टर से जुड़े सुझावों की संख्या उल्लेखनीय रही। किसानों ने आधुनिक तकनीकों को अपनाने, जल उपयोग की नई विधियों के प्रति जागरूकता, पीएमडीएमसी जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणाली लागू करने और हर किसान के घर पर बायो गैस संयंत्र स्थापित करने पर बल दिया। इसके अलावा ड्रिप सिंचाई, सौर ऊर्जा आधारित पंप, बेहतर बीजों का प्रयोग, ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म और डिजिटल किसान मंडियों के माध्यम से कृषि उत्पादों को बाजार से जोड़ने, भंडारण और कोल्ड स्टोरेज की सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंचाने तथा कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने के सुझाव सामने आए। किसानों ने रियायती दरों पर उन्नत किस्म के बीज, उर्वरक, कीटनाशक और उपकरण उपलब्ध कराने, सहकारिता विभाग से सस्ती साख सुविधा, फसलों के लिए उचित समर्थन मूल्य की गारंटी तथा व्यवसायिक फसलों को बढ़ावा देने जैसी मांगें भी रखीं। इस अभियान से स्पष्ट है कि प्रदेश की जनता न केवल विकास यात्रा की गवाह है बल्कि भविष्य की दिशा तय करने में सक्रिय भागीदारी भी निभा रही है। सरकार ने प्राप्त सुझावों का गहन विश्लेषण कर उन्हें नीति निर्माण में शामिल करने की बात कही है।

उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग को मिला FSAI का सर्वोच्च सम्मान

महाकुंभ-2025 में उत्कृष्ट कार्यों की गूंज देश से विदेश तक पहुंची FSAI ने एडीजी पद्मजा चौहान के नेतृत्व में कार्यरत टीम को ब्रेवरी एवं सुपर हीरो ऑफ फायर सर्विसेज अवार्ड से नवाजा नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान मिला सर्वोच्च पुरस्कार सीएम योगी के मार्गदर्शन में विभाग ने आयोजन के दौरान गंभीर से गंभीर अग्निकांड पर त्वरित नियंत्रण किया पूरे 45 दिन में शून्य जनहानि का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया गया लखनऊ नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि कन्वेंशन हॉल में FSAI (Fire and Security Association of India) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में महाकुंभ-2025 के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग को "ब्रेवरी एवं सुपर हीरो ऑफ फायर सर्विसेज अवार्ड" से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार विभाग की एडीजी पद्मजा चौहान (IPS) के नेतृत्व में टीम को प्रदान किया गया। महाकुंभ-2025 की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुरुआत से ही “सुरक्षित महाकुंभ” का संकल्प लिया था। उनकी दूरदृष्टि और निरंतर निगरानी के चलते न सिर्फ फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज को अत्याधुनिक तकनीक और उपकरण उपलब्ध कराए गए, बल्कि बड़े स्तर पर संसाधनों और जनशक्ति की भी तैनाती की गई। यही कारण रहा कि इतने विशाल आयोजन में आगजनी की किसी भी घटना से जनहानि नहीं हुई और महाकुंभ का समापन सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक हुआ। शून्य जनहानि का लक्ष्य हासिल एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में विभाग ने गंभीर से गंभीर अग्निकांड पर भी त्वरित काबू पाया और पूरे 45 दिन के आयोजन में शून्य जनहानि का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया। इस दौरान 185 अग्निकांड और 24 बड़ी आग की घटनाओं पर काबू पाते हुए लगभग 16.5 करोड़ रुपये की संपत्ति को सुरक्षित बचाया गया। टीम के अधिकारी भी हुए सम्मानित सम्मान पाने वालों में प्रमुख रूप से प्रमोद शर्मा (नोडल ऑफिसर महाकुंभ मेला), अंकुश मित्तल (सीएफओ), रमेश तिवारी (सीएफओ), संजीव कुमार (फायर ऑफिसर) और अमित कुमार (सेकंड फायर ऑफिसर) शामिल रहे। प्रमोद शर्मा ने बताया कि फायर डिपार्टमेंट ने आयोजन से पहले जो युद्धस्तर की तैयारियां की थीं, ये उसी का नतीजा है कि आयोजन के दौरान हमारी टीम ने दिन रात अग्निजनित घटनाओं का पूरी बहादुरी से सामना किया और शून्य जनहानि का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया अत्याधुनिक उपकरणों और तैनाती का असर उन्होंने बताया कि महाकुंभ-2025 में 25 सेक्टरों में 54 फायर स्टेशन और 27 चौकियां स्थापित की गईं। 1500 प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मियों की तैनाती की गई। 351 फायर टेंडर और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर, क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल, ATV, फायर मिस्ट बाइक, रोबोट और फायर फाइटिंग बोट जैसी तकनीक का उपयोग किया गया। इन व्यवस्थाओं की वजह से बिना जनहानि के सभी घटनाओं को नियंत्रित किया जा सका। गोवा सीएम ने भी किया था सम्मानित महाकुंभ से पूर्व, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने भी एडीजी पद्मजा चौहान और नोडल अधिकारी प्रमोद शर्मा को सम्मानित किया था तथा यूपी फायर सर्विसेज की तैयारियों की सराहना की थी। सुरक्षित महाकुंभ का संकल्प हुआ साकार महाकुंभ-2025 में 66.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद यूपी अग्निशमन विभाग ने योगी सरकार के सुरक्षित महाकुंभ के संकल्प को साकार किया। इस उपलब्धि की गूंज पूरे देश-विदेश तक पहुंच रही है।  

श्रीरामभद्राचार्य ने कहा, ‘UP लग रहा है मिनी पाकिस्तान’, भड़का सोशल मीडिया

मेरठ जगद्गुरु श्रीरामभद्राचार्य  का एक बयान सामने आया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को 'मिनी पाकिस्तान' कह दिया है, साथ ही हिंदू धर्म को संकट में बताया है। जगद्गुरु ने एक बयान में कहा कि ''आज हिंदुओं पर संकट है। अपने ही देश में हम हिंदू धर्म को न्याय नहीं दे पा रहे। उत्तर प्रदेश मिनी पाकिस्तान लगता है। अब हमें मुखर होने की जरूरत है। हिंदू धर्म की शिक्षा देनी पड़ेगी।'' 'हिंदुओं के तीन बालक अवश्य होने चाहिएं' जगद्गुरु श्रीरामभद्राचार्य ने कहा, ''हिंदू या सनातन धर्म यह एक ही है। हम वसुदेव कुटुंबकम में जीते हैं। हमारा किसी से बैर नहीं। अब हम किसी को भूल से भी नहीं छेड़ेंगे, अगर कोई छेड़ेगा तो छोड़ेंगे भी नहीं। ऑपरेशन सिंदूर सदा याद रखा जाएगा। बिना किसी अपराध के हिंदुओं को मारा जा रहा है। ऐसे लोगों को समाप्त कर देना चाहिए। हिंदुओं के तीन बालक अवश्य होने चाहिएं।''  'हर घर में हिंदू धर्म की पाठशाला बनानी चाहिए' जगद्गुरु ने कहा कि ''हमारे देश में आज हिंदू धर्म संकट में है। प्रत्येक माता-पिता को अपने बच्चों को हिंदू धर्म की शिक्षा देनी होगी। हर घर में  हिंदू धर्म की पाठशाला बनानी पड़ेगी।