samacharsecretary.com

मेधावी छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, शोध और नेतृत्व में उत्कृष्टता प्राप्त करने का अवसर देना योजना का उद्देश्यः मुख्यमंत्री

युवाओं को ग्लोबल लीडरशिप रोल के लिए तैयार करने का माध्यम बनेगी चिवनिंग-यूपी छात्रवृत्ति योजना: सीएम योगी  मेधावी छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, शोध और नेतृत्व में उत्कृष्टता प्राप्त करने का अवसर देना योजना का उद्देश्यः मुख्यमंत्री   योगी सरकार ने दिया वैश्विक शिक्षा का अवसर, अब यूपी के छात्र पढ़ेंगे यूके में अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर “चिवनिंग-यूपी छात्रवृत्ति योजना”की हुई शुरुआत मुख्यमंत्री की उपस्थिति में प्रदेश सरकार और एफसीडीओ-यूके के बीच ऐतिहासिक एमओयू  हर साल पांच मेधावी छात्रों को मिलेगी यूनाइटेड किंगडम में मास्टर डिग्री की स्कॉलरशिप 2025-26 से तीन वर्षों तक संचालित होगी योजना, 2028-29 से किया जाएगा नवीनीकृत  प्रति छात्र आएगा ₹45 से ₹48 लाख का खर्च, प्रदेश सरकार ₹23 लाख रुपए तक करेगी वहन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में उनके सरकारी आवास पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार और द फॉरेन कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (एफसीडीओ) यूके के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ। इसके तहत “चिवनिंग-भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेयी उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना” शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत हर साल प्रदेश के पांच प्रतिभाशाली छात्रों को यूनाइटेड किंगडम के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में मास्टर डिग्री के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी सरकार प्रतिभाशाली छात्रों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाने के लिए कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छात्रवृत्ति योजना प्रदेश की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा देने और युवाओं को “ग्लोबल लीडरशिप रोल” के लिए तैयार करने का सशक्त माध्यम बनेगी। छात्रों को मिलेगा वैश्विक एक्सपोजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, शोध और नेतृत्व में उत्कृष्टता प्राप्त करने का अवसर देना है। यह योजना शैक्षणिक सत्र 2025-26 से तीन वर्षों तक (2025-26, 2026-27 और 2027-28) संचालित होगी। इसके बाद 2028-29 से योजना को नवीनीकृत किया जाएगा। भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी जी की प्रेरणा से प्रारंभ की गई यह योजना प्रदेश के युवाओं को वैश्विक शिक्षा और नेतृत्व में नई ऊंचाइयां हासिल करने का अवसर देगी। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएं। पूरी पढ़ाई और खर्च का प्रावधान इस छात्रवृत्ति में पूर्ण शिक्षण शुल्क, परीक्षा व शोध शुल्क, रहने-खाने का भत्ता तथा यूके तक आने-जाने का हवाई किराया शामिल रहेगा। प्रति छात्र लगभग £38,048 से £42,076 (लगभग ₹45 से ₹48 लाख) का खर्च आएगा। इसमें से उत्तर प्रदेश सरकार लगभग £19,800 (₹23 लाख) वहन करेगी, शेष राशि का वहन एफसीडीओ यूके करेगा। ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने भी पहल को सराहा ब्रिटिश हाई कमिश्नर टू इंडिया, लिंडी कैमरन ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष हुए एमओयू पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि लखनऊ आकर इस समझौते पर हस्ताक्षर करना बेहद खुशी की बात है। इस नई चिवनिंग स्कॉलरशिप के तहत अगले तीन वर्षों तक हर साल पांच छात्रों को यूके में पूर्ण छात्रवृत्ति पर पढ़ाई का अवसर मिलेगा। यह यूनाइटेड किंगडम और भारत के बीच बढ़ते रिश्तों का प्रतीक है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी जी की यूके विजिट के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा ट्रेड एग्रीमेंट और विजन 35 साइन किया गया है, जिससे शिक्षा के साथ-साथ व्यापार के शानदार अवसर भी खुलेंगे। इस साझेदारी से भारत और विशेषकर उत्तर प्रदेश के छात्रों को वैश्विक मंच पर बड़ा फायदा होगा।    

योगी सरकार गोरखपुर में बनवा रही स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट

दो माह तैयार हो जाएगा यूपी का पहला एसआईएचएम योगी सरकार गोरखपुर में बनवा रही स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट 48.39 करोड़ रुपये की आ रही लागत, निर्माण कार्य 95 प्रतिशत पूर्ण टूरिज्म, होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए चलेंगे कोर्स योगी सरकार में तेजी से हुआ है हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का विकास दक्ष मानव संसाधन की मांग को पूरा करने में एसआईएचएम की होगी अहम भूमिका गोरखपुर  प्रदेश का पहला स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (एसआईएचएम) दो माह में तैयार हो जाएगा। योगी सरकार द्वारा गोरखपुर में 48.39 करोड़ रुपये की लागत से बनवाए जा रहे एसआईएचएम के पहले फेज का 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है। पर्यटन विभाग द्वारा अगले माह के अंत तक शत प्रतिशत कार्य पूर्ण कराया जाना लक्षित किया गया है।  बीते कुछ सालों में गोरखपुर का टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर तेजी से आगे बढ़ा है। यहां कई बड़े ब्रांड के होटल्स, रेस्टोरेंट खुल चुके हैं और कई खुलने की प्रक्रिया में हैं। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कुशल पेशेवरों की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में प्रदेश का पहला स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (एसआईएचएम) बनवा रहे हैं। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के कार्यालय के सामने बन रहे एसआईएचएम का निर्माण सितंबर माह तक पूरा हो जाएगा और अगले शैक्षिक सत्र से यहां होटल एंड टूरिज्म मैनजमेंट से जुड़े डिप्लोमा और डिग्री के पाठ्यक्रम संचालित होने लगेंगे।  स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, पर्यटन विभाग का प्रोजेक्ट है। इसका निर्माण कार्यदायी संस्था के रूप में सी एंड डीएस यूनिट-14 द्वारा कराया जा रहा है। इस परियोजना पर निर्माण कार्य 26 सितंबर 2023 को प्रारंभ हुआ था। वर्तमान समय में 38.42 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च कर 95 प्रतिशत कार्य पूरे कर लिए गए हैं और इसी साल 25 सिंतबर तक कार्य पूर्ण किया जाना है। निर्माण के पहले चरण में दो ब्लॉकों में प्रशासनिक कक्ष, क्लास रूम, कॉमन हाल, किचन के अलावा अंडरग्राउंड पार्किंग, इलेक्ट्रिफिकेशन, फायर सेफ्टी, पाइपलाइन आदि के कार्य पूर्ण कराए जा रहे हैं। उप निदेशक पर्यटन राजेंद्र प्रसाद यादव मिश्रा बताते हैं कि कि स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट का निर्माण कार्य अगले माह (सितंबर) तक पूरा हो जाएगा, इस समय फिनिशिंग का काम चल रहा है। अगले माह के बाद कभी भी इसका लोकार्पण हो सकता है।  उम्मीद जताई जा रही है कि अगले शैक्षिक सत्र से यहां ग्लोबल डिमांड के अनुरूप होटल, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी मैनजमेंट के कोर्स शुरू कर दिए जाएंगे। स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में कोर्स शुरू हो जाने के बाद युवाओं को रोजगारपरक पढ़ाई के लिए नए विकल्प मिल जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से गोरखपुर में जिस तरह से पर्यटन विकास हो रहा है उससे होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ रहे हैं।  दूसरे चरण में ब्वॉयज एंड गर्ल्स हॉस्टल का भी निर्माण शुरू स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के दूसरे चरण के निर्माण में ब्वॉयज एंड गर्ल्स हॉस्टल बनाया जा रहा है। दूसरे चरण की परियोजना के निर्माण पर 46.81 करोड़ रुपये की लागत आएगी। निर्माण कार्य 15 मई से शुरू है। फिलहाल निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति 14 प्रतिशत है। पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि मई 2027 तक कार्य पूरा करा लिया जाएगा। एसआईएचएम प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में 128 रूम का पांच मंजिला ब्वॉयज हॉस्टल और 84 रूम का पांच मंजिला गर्ल्स हॉस्टल बनाया जा रहा है।

सपा नेता को कार से खींचकर पीटा गया, प्लाजा कर्मियों पर बढ़ा गुस्सा

बाराबंकी यूपी में टोलकर्मियों की गुंडई लगातार सामने आ रही है। पहले मेरठ में सेना को पीटा गया अब बाराबंकी जिले में सपा नेता की पिटाई हुई है। जिसकी शिकायत पीड़ित ने पुलिस में दर्ज कराई है। आपको बता दें कि यह मामला लखनऊ बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग के शहाबपुर टोल प्लाजा का है। बूढ़ीपट्टी ग्राम प्रधान और सपा नेता देवेंद्र यादव घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान टोल गेट से VIP मूमेंट हो रहा था। जिससे शहाबपुर टोल प्लाजा पर वाहनों की लम्बी कतारें लगी हुई थी, वीआईपी वाहन पास होने के बाद भी टोल गेट को चालू न करने पर सपा नेता ने टोलकर्मी से वाहन पास करने के गेट खोलने को कहा तो टोल कर्मियों से बहस शुरू हो गई। कुछ समय में टोल कर्मी आग बबूला होकर सपा नेता पर टूट पड़े। आरोप है कि सपा नेता को कार से खींच कर जमकर लात-घुसों से पिटाई कर दी। पीड़ित प्रधान ने थाना मसौली मे टोलकर्मियों के विरुद्ध मारपीट की तहरीर दी है।

निर्माण समिति अध्यक्ष का दावा: दिसंबर तक राममंदिर का काम पूरा

अयोध्या श्रीराम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के बाद निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य दिसंबर अंत तक पूरा हो जायेगा। श्रीराम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के बाद निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि मंदिर के लोअर प्लिंथ में लगने वाले 90 म्यूरल्स में से 85 तैयार होकर आ चुके हैं, जबकि 3डी मूर्तियों में 15 से 30 दिन का विलंब हुआ है। बैठक में इसे लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।   'ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट्री होगी तैयार'  मिश्र ने बताया कि निर्माण स्थल पर लगाए गए पाँच टाइम-लैप्स कैमरों से रिकॉर्ड हो रही पूरी यात्रा को ‘‘इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स'' घोषित किया गया है। यह अधिकार सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, रुड़की को शर्तनामा के साथ सौंपे जाएंगे ताकि इस सामग्री का उपयोग शिक्षा-प्रशिक्षण के साथ-साथ पाँच वर्षों की निर्माण यात्रा पर एक ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट्री तैयार करने में किया जा सके। इसमें खुदाई, सॉइल टेस्ट से लेकर प्रस्तावों और चरणबद्ध निर्माण तक की पूरी कहानी दर्ज होगी।   'अक्टूबर के अंत तक अधिकांश कार्य पूरे हो जाएंगे' समीक्षा के दौरान अस्थायी मंदिर स्मारक और शहीदों की स्मृति में लगाए गए ग्रेनाइट पिलर्स के स्वरूप पर भी विस्तार से विचार हुआ। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मंदिर की पवित्रता और मूल स्वरूप पर किसी भी प्रकार का प्रभाव न पड़े। निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि निर्माण कार्य की रफ्तार को देखते हुए अनुमान है कि अक्टूबर के अंत तक अधिकांश कार्य पूरे हो जाएंगे। दिसंबर 2025 तक राम मंदिर के शेष निर्माण को लक्ष्य के अनुसार पूरा करने का विश्वास जताया गया। आज तीन कंपनियों द्वारा फसाद लाइटिंग का डेमोंस्ट्रेशन किया जाएगा। हाइब्रिड मॉडल, प्रोजेक्टर और लीनियर लाइटिंग के विकल्पों में से अंतिम चयन किया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था पर 8 से 10 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।

सतीश महाना के अनुसार यूपी विधानसभा में आयोजित होगा जनवरी में राष्ट्रीय अधिकारी सम्मेलन

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा में अगले साल जनवरी माह में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन 20 और 21 जनवरी को प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार को यह जानकारी दी है। यूपी विधानसभा मानसून सत्र के बाद सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पत्रकार वार्ता कर सदन की कार्यवाही के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया 11 से 14 अगस्त तक विधानसभा की कार्यवाही चली है। पूर्ण रूप से विधानसभा तभी होती है जब दोनों पक्ष बराबर भागदारी करें। दोनों पक्षों की बात आये। इस बार 24 घण्टे की विशेष चर्चा में सत्ता पक्ष विपक्ष ने भाग लिया। स्वस्थ चर्चा हुई। महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हुई। इस चर्चा के बाद विषय पब्लिक के बीच जाएगा। फिर सब जुटाकर एक बार फिर सदन में चर्चा कर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा। इससे पहले 36 घण्टे की चर्चा में विपक्ष शामिल नहीं हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष महाना ने बताया कि अब जितनी सूचनाएं आती हैं, उनका जवाब 30 दिन के भीतर दिया जाता है। अन्यथा संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की गई है। इन सूचनाओं में विधायकों के क्षेत्रों की समस्याएं होती हैं। पहले 90 दिन में जवाब देना था। इससे पहले वाले सत्र में ही विधानसभा नियमावली में बदलाव किया गया है। अब 30 दिन तय किया गया है। उन्होंने बताया कि 20-21 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन होगा। सभी विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद सभापति समेत अन्य महत्वपूर्ण लोग शामिल होंगे। मुख्यमंत्री से इस संबंध में चर्चा हुई है। उनकी सहमति भी मिल गयी है। इसको लेकर लोकसभा की एक टीम आएगी। उसके साथ बैठक कर पूरी कार्य योजना तैयार की जाएगी। कौन-कौन शामिल होगा। इस सब पर तय होगा।  मुख्यमंत्री चाहते हैं कि जो लोग भी सम्मेलनों में आएंगे, सबको यूपी भ्रमण कराया जाए। काशी, अयोध्या, मथुरा, आगरा, चित्रकूट व अन्य जगहों का भ्रमण करना चाहते हैं, कराया जायेग। उनके भ्रमण के खर्च सरकार उठाएगी। सम्मेलन के थीम के सवाल पर अध्यक्ष ने कहा कि यह लोकसभा विषय तय करती है। अभी कार्यक्रम की सहमति मिली है। आगे विषय भी मिल जायेग। यूपी विधानसभा आज देश की लीडिंग विधानसभा है। इसलिए सभी को भरोसा है कि यह सम्मेलन बेहतर होगा। उनके साथ इस मौके पर विधानसभा प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे भी मौजूद रहे।  

2027 चुनाव में संदेश: सपा ने पूजा पाल को बाहर कर दिखाया कड़ा रुख

लखनऊ  विधानसभा सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने विधायक पूजा पाल को बाहर का रास्ता दिखाकर पिछड़ों को एक संदेश देने का काम किया है। वे 2027 के चुनाव में किसी प्रकार का जोखिम नहीं चाहते हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार वे इस कारण ऐसे कदम उठा रहे हैं। जानकार बताते हैं कि सपा विधायक पूजा पाल ने राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग करके पार्टी के अनुशासन को तोड़ा था, लेकिन सपा मुखिया ने उसे नजरअंदाज कर उनको पार्टी में बरकरार रखा था। इसके बाद सत्र के दौरान पूजा पाल ने योगी सरकार के कसीदे पढ़कर दूसरी बड़ी गलती की, जिसे सपा प्रमुख ने बर्दाश्त नहीं किया और उन्हें पार्टी से निकाल दिया। हालांकि बताया जा रहा है कि पूजा पाल को अखिलेश ने राज्यसभा क्रॉस वोटिंग के बाद से ही निष्कासित सूची में डाल रखा था। बस उनको मौके का इंतजार था। विधानसभा सत्र में विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के दौरान पूजा ने कहा कि सभी को पता है उनके पति राजू पाल की हत्या कैसे और किसने की थी। ऐसे कठिन समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी बात सुनी और न्याय दिलाया। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में मुझ जैसी कई महिलाओं को न्याय दिलाया और अपराधियों को दंड दिया। आज पूरा प्रदेश मुख्यमंत्री की ओर विश्वास से देखता है। मेरे पति के हत्यारे अतीक अहमद को मुख्यमंत्री ने अपने वादे के अनुसार मिट्टी में मिलाने का काम किया। इस बयान के बाद ही सपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक राजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि पूजा पाल ने जिस प्रकार से सदन में भाजपा सरकार की तारीफ की है, वह लक्ष्मण रेखा पार करने जैसा था। ऐसे में सपा के पास कोई और विकल्प नहीं था। अब तक सपा ने जितने भी एक्शन किए हैं, चाहे विधायक राकेश प्रताप हों, मनोज पाण्डेय हों, या अभय सिंह हों, यह सभी अपर कास्ट के थे। पूजा पाल ने भी क्रॉस वोट किया, लेकिन उनके खिलाफ एक्शन नहीं हुआ। शायद पीडीए से थीं, यही कारण होगा। राजीव श्रीवास्तव आगे कहते हैं कि अब विधानसभा चुनाव आ रहा है, इसलिए अखिलेश अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। वो पार्टी में समर्पित लोग ही चाहते हैं जिन पर कोई संदेह न हो। अब देखना है कि अभी क्रॉस वोटिंग वाले जो बचे, उन पर क्या एक्शन होगा। क्योंकि अभी बुंदेलखंड के बागी विधायक विनोद चतुर्वेदी बचे हैं जिन पर कोई एक्शन नहीं हुआ है। हालांकि वह भी अभी शांत हैं। सपा 2027 की तैयारी में है। वो चाहती है कि पार्टी में अवसरवादियों की जगह वहीं लोग रहें जो पूर्णतया सपा के प्रति समर्पित हों। उन्होंने कहा कि अखिलेश को लगता है कि वह पीडीए के फॉर्मूले से भाजपा को पटखनी दे सकते हैं। लिहाजा वह हर कदम ठोक बजाकर उठा रहे हैं। सपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक यादव का कहना है कि पूजा पाल बार-बार कहती हैं कि मुझे न्याय मुख्यमंत्री ने दिया है। जबकि हमारी विधायक बिजमा यादव अभी भी न्याय के लिए भटक रही है। पूजा पाल को मिला न्याय नैसर्गिक नहीं है। योगी सरकार का हर कदम पीडीए के खिलाफ है। यह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रही। लगातार उसे आगे बढ़ाती रही है। ऐसे में उन पर उठाया गया कदम बिल्कुल ठीक है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आनंद दुबे का कहना है कि सपा अपने किसी भी कार्यकर्ता के ऊपर कार्यवाही करे। उससे हमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन यह भेदभावपूर्ण हैं। एक पिछड़ी महिला ने अपने पति के हत्यारे के न्याय दिलाने के लिए सरकार की तारीफ की। एक माफिया के सम्मान में अखिलेश मैदान में उतर जाते हैं। माफियाओं से उनकी इतनी हमदर्दी है कि पीडीए का नारा देने वालों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा देती है, जबकि पार्टी के खिलाफ काम करने वाले तमाम लोग अभी पार्टी में हैं। अखिलेश यादव सिर्फ पिछड़ों को धोखा दे रहे हैं। 

सीएम योगी ने मथुरा में बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए किया कार्यवाही आदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में आई बाढ़ को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों के अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ के समय राहत और बचाव के लिए बेहतर कोऑर्डिनेशन और क्विक एक्शन जरूरी है। कंट्रोल रूम 24×7 काम करें, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री योगी का स्पष्ट संदेश है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर नागरिक को संभव मदद मिले। बाढ़ के बीच बीमारी बढ़ती है। राहत शिविरों के लिए स्वास्थ्य टीम गठित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पशुओं का भी इस दौरान ध्यान रखा जाए।  

टोल कर्मियों ने ड्यूटी पर जा रहे सैनिक को पीटा और बांधा

मेरठ देश की सरहद पर रहकर अपनी जान की बाजी लगाते हुए देश की सुरक्षा करने वाले सेना के जवान को टोल कर्मियों ने खंबे से बांधकर जमकर पीटा । टोल कर्मियों के द्वारा सेना के जवान की खंभे से बांधकर पिटाई किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है । इस वीडियो में साफतौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह करीब दर्जन पर दबंग टोलकर्मी सेना के जवान को खंभे से बांधकर बेतहाशा पीटते हुए नजर आ रहे हैं । दरअसल,  यह पूरा मामला जिले के थाना सरूरपुर क्षेत्र के भूनी टोल प्लाजा का है । सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह टोल पर मौजूद दबंग टोल कर्मचारियों के द्वारा एक युवक को खंबे से बांधकर पीटा है। करीब दर्जन भर टोलकर्मी बेतहाशा जिस युवक को पीट रहे हैं उसका नाम है कपिल जोकि थाना क्षेत्र के ही गोटका गांव का रहने वाला है और वो सेवा की राजपूत बटालियन में श्रीनगर में तैनात है। सेना के जवान को श्रीनगर ड्यूटी पर जाना था बताया जा रहा है कि कांवड़ यात्रा की छुट्टी के बाद कपिल वापस श्रीनगर जा रहे थे और इसीलिए वो रात के वक़्त कार से अपने भाई के साथ घर से निकले । लेकिन जैसे ही कार मेरठ करनाल हाईवे पर स्थित भूनी टोल प्लाजा पर पहुंची तो वहां वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी जिसके चलते कपिल ने टोल कर्मियों को अपना सेना का पहचान पत्र दिखाते हुए कहा कि वो सेना के जवान है और उन्हें जल्दी जाना है जिससे कि वो श्रीनगर पहुंचने के लिए दिल्ली से अपनी फ्लाइट पकड़ सके । इसी बात को लेकर सेना के जवान कपिल और टोलकर्मियों के बीच बहस शुरू हुई जिसके चलते बहस हाथापाई में बदल गई और एकाएक टोल प्लाजा पर मौजूद करीब दर्जन भर दबंग टोलकर्मियों ने सेना के जवान कपिल और उनके भाई पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान पास में मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल में कैद कर लिया और इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है । मारपीट करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार वहीं इस मामले पर एसपी देहात राकेश मिश्रा का कहना है कि सेना के जवान से मारपीट करने वाले चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि सेना के जवान से मारपीट करने वाले बाकी लोगों की पहचान सीसीटीवी और वीडियो के आधार पर की जा रही है और जल्द से जल्द उन्हें भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा ।  

योगी सरकार के प्रयासों से देश-विदेश में खुल रहे रोजगार के अवसर

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक पहल कर रही है। श्रम एवं सेवायोजन विभाग की योजनाएं जिस दूरदर्शिता से रोजगार सृजन की बहुआयामी रणनीति अपनाई है। रोजगार को लेकर प्रदेश सरकार की नीति अब सिर्फ स्थानीय नौकरियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन की शुरुआत की है।  मिशन के मुख्य उदेश्यों में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न रोजगार के अवसरों को पता लगाना, स्किलगैप का अध्ययन कर उसको दूर कराना, रोजगार कार्यक्रम संचालित करना, कॅरियर काउन्सिलिंग कराना तथा राज्य के रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों एवं अल्परोजगार युवाओं को पोस्ट प्लेसमेन्ट स्पोर्ट प्रदान करना है जिसमें घरेलू एवं विदेशी प्लेसमेन्ट के जरिए राज्य सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि हो। विदेश में नौकरी के लिए युवाओं को तैयार करने के उद्देश्य से युवाओं को प्रोफेशनल रूप से तैयार किया जायेगा तथा बाजार मांग के अनुरूप ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किये जाएंगे। जापान, जर्मनी, क्रोएशिया और यूएई में श्रमिकों की भारी मांग इस अभियान को और विस्तार देते हुए प्रदेश सरकार ने जापान, जर्मनी, क्रोएशिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से भी नर्सों, केयर गिवर्स, ड्राइवरों और निर्माण श्रमिकों की मांग प्राप्त की है। इसमें लगभग 1.50 लाख रूपये तक का वेतन मिलेगा, साथ ही खाड़ी देशों से भी विभिन्न सेक्टर की रिक्तियों की प्राप्ति सम्भावित है। श्रम विभाग इस दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है ताकि उत्तर प्रदेश के कुशल श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सम्मानजनक और बेहतर वेतनमान वाली नौकरियां मिल सकें। यह पहल युवाओं को विदेश जाने का सुरक्षित और कानूनी विकल्प उपलब्ध कराकर अवैध माध्यमों पर भी रोक लगाने में सहायक है। 10,830 रोजगार मेलों के माध्यम से 13,64,501 अभ्यर्थियों को निजी क्षेत्र में नौकरियां मिली रोजगार सृजन को लेकर प्रदेश सरकार की दूसरी बड़ी उपलब्धि रोजगार मेलों के माध्यम से निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाना है। 1 अप्रैल 2017 से लेकर 30 अप्रैल 2025 तक सेवायोजन विभाग की ओर से आयोजित 10,830 रोजगार मेलों के माध्यम से 13,64,501 अभ्यर्थियों को निजी क्षेत्र में नौकरियां मिली हैं। ये मेले राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित किए गए, जिनमें सैकड़ों कंपनियों ने हिस्सा लिया और युवाओं को मौके पर ही चयनित कर नौकरी दी। इससे न केवल युवाओं को अवसर मिले बल्कि कंपनियों को भी प्रशिक्षित और कुशल जनशक्ति उपलब्ध हुई। इस मिशन के तहत अब तक 5,978 श्रमिकों को इज़राइल में रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। वहीं, 1,383 और निर्माण श्रमिकों को भेजने की प्रक्रिया तेज़ी से प्रगति पर है। इस प्रयास से राज्य में न केवल विदेशी मुद्रा का आगमन बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अनुमान है कि इजराइल भेजे गए श्रमिकों से प्रदेश को लगभग 1,000 करोड़ रुपये का रेमिटेन्स प्राप्त हो सकता है, जो ‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। योगी सरकार का मानना है कि केवल नौकरी उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं, बल्कि युवाओं को सही दिशा देना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के तहत सेवायोजन विभाग की ओर से अबतक 24,493 करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 26,51,727 युवाओं को करियर मार्गदर्शन मिला। इन कार्यक्रमों ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है, जहां जानकारी की कमी के कारण प्रतिभाएं पीछे छूट जाती थीं। सेवामित्र पोर्टल पर 52,349 श्रमिक पंजीकृत स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने ‘सेवामित्र योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत कुशल कामगारों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है, जिस पर अब तक 52,349 श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं। ये श्रमिक प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, एसी मैकेनिक, ब्यूटीशियन आदि सेवाओं के लिए लोगों को घर बैठे उपलब्ध हो रहे हैं। यह योजना एक ओर जहां श्रमिकों की आय सुनिश्चित कर रही है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल रही हैं। उत्तर प्रदेश अब केवल नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि श्रम और प्रतिभा का निर्यात करने वाला राज्य बन रहा है। आने वाले वर्षों में यह पहल राज्य को सामाजिक और आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।  

सलोनी हार्ट सेंटर हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद का संचार कर रहा है: मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ में एसबीआई फाउंडेशन आईसीयू प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। यह प्रोजेक्ट सलोनी हार्ट सेंटर में संचालित होगा, जो बच्चों की जन्मजात हृदय बीमारियों के उपचार के लिए समर्पित है। इस अवसर पर एसबीआई फाउंडेशन ने लगभग 10 करोड़ का सहयोग प्रदान किया। इस राशि से सेंटर को आधुनिक उपकरणों और आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बच्चों के हृदय रोगों के लिए उच्चस्तरीय उपचार सुविधा की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। ऐसे में सलोनी हार्ट सेंटर प्रदेश की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व शुभारंभ किए गए इस सेंटर में अब तक 300 से अधिक बच्चों की हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक हो चुकी है। हार्ट सेंटर का पहला चरण पूर्णतः क्रियाशील है, जबकि दूसरे चरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने सलोनी हार्ट फाउंडेशन की संचालक दंपति मिली सेठ एवं हिमांशु सेठ के प्रयासों की सराहना की, साथ ही एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सलोनी हार्ट सेंटर प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद का संचार कर रहा है। यह पहल 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का प्रत्यक्ष सुफल है और बच्चों के जीवन की रक्षा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश ने पूर्व में इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है और अब बच्चों के हृदय रोगों के उपचार में भी ठोस प्रगति हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एसबीआई फाउंडेशन का यह सहयोग सलोनी हार्ट सेंटर को और अधिक क्षमता सम्पन्न बनाएगा और आने वाले समय में बच्चों के जीवन की रक्षा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस अवसर पर एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. आर.के. धीमन ने मुख्यमंत्री को हार्ट सेंटर की स्थापना से लेकर अब तक की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के अतिरिक्त सलोनी फाउंडेशन, एसबीआई और एसजीपीजीआई तथा स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी गणों की सहभागिता रही।