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सीएम योगी का साफ संदेश: आगजनी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा

वाराणसी वाराणसी में बिरसा मुंडा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कावंड़ियों पर जुबानी प्रहार करने वालों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कावंड यात्रा चल रही है। समाज के श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक लोग इसमें जुड़ते हैं। कोई भेदभाव नहीं, न जाति का भेद है न वर्ग का और न ही क्षेत्र का। हर- हर बम- बम बोलते हुए भक्ति भाव से चलते हैं। लेकिन इनका मीडिया ट्रायल होता है। बदनाम किया जाता है। ये मानसिकता भारत की विरासत को अपमानित करती है। कांवड़ियों को उपद्रवी कहना और अपमानित करना गलत है। कांवड़ियों को आतंकवादी बोला जाता है। विरासत और आस्था को अपमानित किया जाता है।  व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला मुख्यमंत्री ने समाज में विभेद पैदा करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर जातियों और समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो- तीन साल पहले एक आगजनी की घटना हुई थी। तब मैंने कहा था कि यह आगजनी किसी विशेष समुदाय ने नहीं की होगी। जांच में पता चला कि आगजनी करने वाला व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला। ऐसे लोगों को चिह्नित कर समाज से बाहर करना होगा, तभी राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने का काम करते हैं, वे वही हैं जो फर्जी अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष को बढ़ावा देते हैं। यह वही वर्ग है, जिसने आदिवासियों को भड़काने और भारत के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सीएम ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने जनजाति समुदाय को भारत से अलग करने और भड़काने का प्रयास किया है। भारत के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हर स्तर पर षडयंत्र किए। ये वही समुदाय है जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करते हैं। सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। इन सबसे अगर सावधान रह करके अपने आपको और अपने समाज को सुरक्षित कर सकें तो राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करने की भूमिका में हमारी से संस्थाएं बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जो विरासत है वो हमें राष्ट्रीय एकता की उन्हीं चुनौतियों से जूझने के लिए राष्ट्रीय एकता प्रदान कर रहा है। उस प्रेरणा से हम कुछ सबक सीख सकें। उन्होंने ब्रिटिशर्स और जमींदारी के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया था। अगर हम इससे कुछ सीख सकेंगे तो आपकी चुनौती कम होगी।  सीएम ने कहा- ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते सीएम ने कहा कि जौनपुर में जबरदस्ती ताजिया निकलते वक्त लोग हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए। फिर सड़क जाम कर दिया गया, तो पुलिस द्वारा मुझसे पूछा गया कि क्या करना है तो मैंने कहा लाठी से मारकर बाहर निकालो। ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते। एक भी जगह सोशल मीडिया पर विरोध नहीं किया, सिर्फ उन्होंने ही किया। मुहर्रम पर अस्त्र शस्त्र इस्तेमाल पर रोक लगा दी।  दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से जातीय संघर्ष बढ़ाने वालों से सुरक्षित रहना होगा। किसी गांव के किसी दो लोगों का मामला है तो उसके लिए प्रशासन है। लेकिन तुम वहां पर जबरदस्ती दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे। जो बीच में आकर जबरन करने का प्रयास करते हैं उनको रोकना चाहिए।  

सीएम योगी का साफ संदेश: आगजनी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा

वाराणसी वाराणसी में बिरसा मुंडा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कावंड़ियों पर जुबानी प्रहार करने वालों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कावंड यात्रा चल रही है। समाज के श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक लोग इसमें जुड़ते हैं। कोई भेदभाव नहीं, न जाति का भेद है न वर्ग का और न ही क्षेत्र का। हर- हर बम- बम बोलते हुए भक्ति भाव से चलते हैं। लेकिन इनका मीडिया ट्रायल होता है। बदनाम किया जाता है। ये मानसिकता भारत की विरासत को अपमानित करती है। कांवड़ियों को उपद्रवी कहना और अपमानित करना गलत है। कांवड़ियों को आतंकवादी बोला जाता है। विरासत और आस्था को अपमानित किया जाता है।  व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला मुख्यमंत्री ने समाज में विभेद पैदा करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर जातियों और समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो- तीन साल पहले एक आगजनी की घटना हुई थी। तब मैंने कहा था कि यह आगजनी किसी विशेष समुदाय ने नहीं की होगी। जांच में पता चला कि आगजनी करने वाला व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला। ऐसे लोगों को चिह्नित कर समाज से बाहर करना होगा, तभी राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने का काम करते हैं, वे वही हैं जो फर्जी अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष को बढ़ावा देते हैं। यह वही वर्ग है, जिसने आदिवासियों को भड़काने और भारत के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सीएम ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने जनजाति समुदाय को भारत से अलग करने और भड़काने का प्रयास किया है। भारत के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हर स्तर पर षडयंत्र किए। ये वही समुदाय है जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करते हैं। सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। इन सबसे अगर सावधान रह करके अपने आपको और अपने समाज को सुरक्षित कर सकें तो राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करने की भूमिका में हमारी से संस्थाएं बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जो विरासत है वो हमें राष्ट्रीय एकता की उन्हीं चुनौतियों से जूझने के लिए राष्ट्रीय एकता प्रदान कर रहा है। उस प्रेरणा से हम कुछ सबक सीख सकें। उन्होंने ब्रिटिशर्स और जमींदारी के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया था। अगर हम इससे कुछ सीख सकेंगे तो आपकी चुनौती कम होगी।  सीएम ने कहा- ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते सीएम ने कहा कि जौनपुर में जबरदस्ती ताजिया निकलते वक्त लोग हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए। फिर सड़क जाम कर दिया गया, तो पुलिस द्वारा मुझसे पूछा गया कि क्या करना है तो मैंने कहा लाठी से मारकर बाहर निकालो। ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते। एक भी जगह सोशल मीडिया पर विरोध नहीं किया, सिर्फ उन्होंने ही किया। मुहर्रम पर अस्त्र शस्त्र इस्तेमाल पर रोक लगा दी।  दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से जातीय संघर्ष बढ़ाने वालों से सुरक्षित रहना होगा। किसी गांव के किसी दो लोगों का मामला है तो उसके लिए प्रशासन है। लेकिन तुम वहां पर जबरदस्ती दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे। जो बीच में आकर जबरन करने का प्रयास करते हैं उनको रोकना चाहिए।  

यूपी में तड़के मुठभेड़, रेप के बाद हत्या का आरोपी पुलिस की गोली से मारा गया

फर्रुखाबाद यूपी में शुक्रवार तड़के पुलिस ने फर्रुखाबाद में बड़ी कार्रवाई करते हुए बच्ची से रेप के बाद हत्या के आरोपी को एनकाउंटर में मार गिराया है। मनु नाम के इस आरोपी पर पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। गोली लगने के बाद पुलिस मनु को इलाज के लिए लोहिया अस्पताल ले गई थी। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची से रेप और हत्या की यह सनसनीखेज वारदात फर्रुखाबाद में पिछले महीने हुई थी। फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की बच्ची मोहम्मदाबाद क्षेत्र में अपनी बुआ के घर आई थी । 27 जून को वह गांव के बाहर आम खाने गई थी जहां से एक शातिर ने उसे अगवा कर लिया था और रेप के बाद मार दिया था । बच्ची का शव 28 जून को मैनपुरी जिले के भोगॉव कोतवाली के देवीपुर गांव के खेत में पड़ा पाया गया था। इसमें मेरापुर थाना क्षेत्र के पखना गांव निवासी मनु का नाम सामने आया था कैमरे जो खंगाले गए थे उसमें मनु के पीछे ही बच्ची जाती दिखाई दी थी। इसके बाद से पुलिस की टीम इस शातिर को तलाश रही थी शुक्रवार की भोर पुलिस से मुठभेड़ हो गई इसमें मनु मारा गया । पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि पुलिस मुठभेड़ में मनु की मौत हुई है उन्होंने बताया कि उस पर इनाम भी घोषित किया गया था। उन्होंने बताया कि एनकाउंटर के दौरान आरोपी जवाबी फायरिंग में घायल हुआ जिसे अस्पताल ले जाया गया था।  इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। आरोप के खिलाफ पहले भी हत्या और अपहरण जैसी संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। मारा गया 239वां बदमाश बता दें कि अभी गुरुवार को ही यूपी के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने जानकारी दी थी कि 2017 से अब तक 238 बदमाश एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। इस हिसाब से बच्ची से रेप के बाद हत्या का आरोपी मनु एनकाउंटर में मारा गया यूपी का 239 वां बदमाश है। इन आठ सालों में 14 हजार से अधिक एनकाउंटर हुए हैं। इन एनकाउंटरों में 9 हजार से अधिक बदमाशों के पैर में गोली लगी है। 30 हजार से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा: हिंदू परिवारों को निशाना, 4 बेटियां लापता

गोपालगंज बांग्लादेश के गोपालगंज जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मंगलवार रात कर्फ्यू लागू होने के बाद बांग्लादेश आर्मी ने जमात-ए-इस्लामी के आतंकियों के साथ मिलकर हिंदू घरों पर हमला कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 12 हिंदू समुदाय के लोगों की हत्या कर दी गई जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि हमला योजनाबद्ध तरीके से किया गया और हमलावरों ने कई हिंदू परिवारों के घरों को आग के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर  चार हिंदू लड़कियों को भी जबरन अपने साथ ले गए जिनका अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। हमले का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसे लेकर कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और बड़ी संख्या में हिंदू परिवार सुरक्षित जगहों की तलाश में पलायन कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक बांग्लादेश सरकार की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। गोपालगंज वही इलाका है जो प्रधानमंत्री शेख हसीना का गृह जिला माना जाता है। हालिया दिनों में वहां नेशनल सिटिजन पार्टी और अवामी लीग के बीच टकराव के बाद पहले ही हिंसा भड़क चुकी थी, जिसके चलते प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया था।इस ताजा हमले से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय मानवाधिकार संगठनों ने सरकार से जल्द से जल्द लापता लड़कियों को ढूंढने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  बता दें कि गोपालगंज जिले में बुधवार को शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग और नेशनल सिटिजन पार्टी  के कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार झड़पें हुईं, जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत  हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल हैं। सबसे अहम बात यह है कि यह इलाका शेख हसीना का गृह जनपद माना जाता है  यहीं उनके पिता शेख मुजीब-उर-रहमान का जन्म हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल सिटिजन पार्टी की रैली को रोकने के लिए अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने रास्तों में पेड़ काटकर डाल दिए और हथियारों के साथ घेराबंदी की। कई सरकारी वाहनों में आग भी लगा दी गई। आरोप है कि इसके बाद रैली स्थल पर भी हमला किया गया। झड़पों के दौरान सुरक्षाबलों की ओर से भी गोलीबारी हुई।    

बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा: हिंदू परिवारों को निशाना, 4 बेटियां लापता

गोपालगंज बांग्लादेश के गोपालगंज जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मंगलवार रात कर्फ्यू लागू होने के बाद बांग्लादेश आर्मी ने जमात-ए-इस्लामी के आतंकियों के साथ मिलकर हिंदू घरों पर हमला कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 12 हिंदू समुदाय के लोगों की हत्या कर दी गई जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि हमला योजनाबद्ध तरीके से किया गया और हमलावरों ने कई हिंदू परिवारों के घरों को आग के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर  चार हिंदू लड़कियों को भी जबरन अपने साथ ले गए जिनका अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। हमले का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसे लेकर कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और बड़ी संख्या में हिंदू परिवार सुरक्षित जगहों की तलाश में पलायन कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक बांग्लादेश सरकार की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। गोपालगंज वही इलाका है जो प्रधानमंत्री शेख हसीना का गृह जिला माना जाता है। हालिया दिनों में वहां नेशनल सिटिजन पार्टी और अवामी लीग के बीच टकराव के बाद पहले ही हिंसा भड़क चुकी थी, जिसके चलते प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया था।इस ताजा हमले से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय मानवाधिकार संगठनों ने सरकार से जल्द से जल्द लापता लड़कियों को ढूंढने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  बता दें कि गोपालगंज जिले में बुधवार को शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग और नेशनल सिटिजन पार्टी  के कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार झड़पें हुईं, जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत  हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल हैं। सबसे अहम बात यह है कि यह इलाका शेख हसीना का गृह जनपद माना जाता है  यहीं उनके पिता शेख मुजीब-उर-रहमान का जन्म हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल सिटिजन पार्टी की रैली को रोकने के लिए अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने रास्तों में पेड़ काटकर डाल दिए और हथियारों के साथ घेराबंदी की। कई सरकारी वाहनों में आग भी लगा दी गई। आरोप है कि इसके बाद रैली स्थल पर भी हमला किया गया। झड़पों के दौरान सुरक्षाबलों की ओर से भी गोलीबारी हुई।    

ताजमहल की सैर के लिए बुजुर्ग को किया कैद, कार में छोड़कर चला गया पूरा परिवार

आगरा  आगरा में संवंदेनहीनता और अमानवीयता की हदें पार करने वाला मामला सामने आया है। ताजमहल देखने आया एक परिवार बुजुर्ग को कार में ही हाथ-पैर बांधकर छोड़ गया था। जब कुछ लोगों की नजर कार मे बंधे बुजुर्ग पर पड़ी तो हैरान रह गए। गाइडों की मौके पर भीड़ जुट गई। पुलिस को भी मामले की सूचना दी गई। जब तक पुलिस पहुंचती गाइडों ने ही कार का लॉक तोड़कर बुजुर्ग को बाहर निकाल लिया। उनकी हालत भी काफी खराब थी। पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल के लिए रवाना किया गया। इसी बीच परिवार भी पहुंच गया। परिवार बुजुर्ग को अपने साथ लेकर चला गया। गुरुवार ताजमहल की पश्चिमी गेट पार्किंग में कुछ गाइडों ने कार के अंदर एक बुजुर्ग को बंद देखा। उनके हाथ पैर बंधे हुए थे। कार बंद होने के कारण उनकी हालत खराब हो रही थी। इस पर गाइडों ने वहां के पार्किंग कर्मचारियों को जानकारी दी। इसके साथ ही सभी ने मिलकर कार का लॉक तोड़ा और उन्हें बाहर निकाला। बुजुर्ग कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थे। सूचना पर्यटन पुलिस को दी गई। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से बुजुर्ग को इलाज के लिए भेजा। उनके परिवार की तलाश भी शुरू की गई। बताया जा रहा है कि अगर थोड़ी देर और बुजुर्ग कार में रहते तो शायद उनका दम घुट जाता और मौत हो जाती। उनके एंबुलेंस से रवाना होते ही परिवार भी पहुंच गया। बुजुर्ग के किले तक पहुंचने तक बुजुर्ग के परिवार वाले आ गए। उन्होंने बुजुर्ग को अपने साथ ले लिया। परिवार ने बताया कि वह पहले से पैरालाइज हैं। इसलिए बांध के गए हुए थे। बुजुर्ग को परिवार वाले अपने साथ लेकर चले गए। कार में इस तरह से किसी इंसान को बांधकर ताजमहल देखने की पहले घटना सामने आई है। इससे पहले कई बार पर्यटक अपने साथ लाये गए कुत्तों को कार में बंद कर जाते हैं। कुछ समय पहले इसी तरह बांधे गए एक कुत्ते की मौत हो गई थी।

अपराध पर योगी का प्रहार: 8 वर्षों में यूपी में 30,000 अपराधी गिरफ्तार

लखनऊ  योगी सरकार की मजबूत कानून व्यवस्था देश ही नहीं विदेशों में भी सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध और अपराधियों पर लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। यही वजह है कि यूपी पुलिस ने वर्ष 2017 से लेकर अब तक प्रदेश में कुल 30 हजार से ज्यादा अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जबकि मुठभेड़ के दौरान 9 हजार से ज्यादा अपराधियों को पैर में गोली लगी। यूपी पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए अब तक 14 हजार से अधिक कार्रवाई की, जिससे प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस द्वारा अपराधियों की धरपकड़ के लिए 14,973 कार्रवाई की गई। इस दौरान 30,694 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस पर हमला करने वाले 9,467 अपराधियों के पैर में गोली लगी, जबकि 238 अपराधी मारे गए। प्रदेश में सबसे अधिक पश्चिम के मेरठ जोन में कार्रवाई की गई। यहां पर पुलिस ने 7,969 अपराधी गिरफ्तार किए, जबकि 2,911 घायल हुए। इसी तरह आगरा जोन में 5,529 अपराधी गिरफ्तार किए गए, जबकि 741 घायल हुए। वहीं, बरेली जोन में 4,383 अपराधी पकड़े गए और 921 घायल हुए। इसके अलावा वाराणसी जोन में 2,029 अपराधी अरेस्ट किए गए और 620 घायल हुए। डीजीपी ने बताया कि कमिश्नरेट में सबसे अधिक गौतमबुद्धनगर में 1,983 गिरफ्तार किए गए और 1,180 घायल हुए। गाजियाबाद कमिश्नरेट में 1,133 गिरफ्तार किए गए और 686 घायल हुए। इसके अलावा आगरा कमिश्नरेट में 1,060 अपराधी गिरफ्तार किए गए और 271 घायल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालते ही सबसे पहला लक्ष्य प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना और अपराधियों को नेस्तनाबूद करना रखा। उनकी स्पष्ट चेतावनी थी कि अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है। वे अपराध छोड़ दें या प्रदेश छोड़ दें। इस दिशा में उठाए गए सख्त कदमों ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को एक नई दिशा दी है। इसके लिए सीएम योगी ने न केवल पुलिस बल को अत्याधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण से सुसज्जित किया, बल्कि उनके मनोबल को भी ऊंचा किया। पिछले आठ वर्षों की सख्त नीति और अभियान का ही नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में गिना जाने लगा है।

अनिरुद्धाचार्य ने अखिलेश पर साधा निशाना, बोले – द्वेष की भावना से नहीं होती राष्ट्र सेवा

लखनऊ समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव और अनिरुद्धाचार्य के बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें अखिलेश यादव ने अनिरुद्धाचार्य से कहा था कि उनके रास्ते अलग-अलग हैं। अब इसे लेकर अनिरुद्धाचार्य ने सपा प्रमुख पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि राजा अगर प्रजा के प्रति द्वेष रखेगा तो देश की सेवा कैसे कर पाएगा। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने अखिलेश यादव पर तंज कस हुए कहा,"एक नेता ने रास्ते में हमसे पूछा कि भगवान का नाम क्या है, मैंने कहा कि भगवान के बहुत सारे नाम हैं आप बताओं आपकों कौन सा सुनना है। दरअसल जब कोई व्यक्ति सवाल करता है तो पहले एक चीज याद कर लेता है। जब आप वहीं बताएंगे तो उसे लगता है कि आप ठीक बता रहे हैं लेकिन वह नहीं बताया तो उसे लगेगा कि गलत बता रहे हैं। अगर कोई मां अपने बेटे से सवाल करे कि ये बताओ लेकिन नहीं बता पाया तो मां ये नहीं कहेगी कि तेरा रास्ता, अलग मेरा रास्ता अलग।" अनिरुद्धाचार्य ने व्यंग कसते हुए आगे कहा, "सोचिए वह नेता पूर्व सीएम रह चुके हैं। वह मुझसे कहते हैं कि आपका रास्ता अलग, मेरा रास्ता अलग। क्योंकि मैंने उनके पूछे प्रश्न का उत्तर उनके मन मुताबिक नहीं दिया। मैंने वहीं उत्तर दिया जो सच है। अगर आप लिखा नहीं मान रहे हैं तो आपसे कोई नहीं जीत सकता। सोचिए वह राजा होकर कह रहे हैं कि आप अलग हम अलग। राजा को चाहिए कि प्रजा को पुत्र की तरह प्यार करें। सोचिए कि जब राजाओं के अंदर इस तरह का द्वेष है। तो इन राजाओं से इस देश की कैसी सेवा करेंगे। इनके भीतर तो प्रजा के प्रति नफरत है। बोल रहे हैं कि तुम्हारा रास्ता अलग-हमारा रास्ता अलग। प्रेम इसको नहीं कहते हैं।" कथावाचक ने कहा, "यदि नहीं आता हमको, नहीं बता पाए आपके प्रश्न का उत्तर तो आप ही बता देते। मैंने पूछा कि आप ही बता दीजिए तो उन्होंने नहीं बताया। कहा कि आपके रास्ते अलग हमारे रास्ते अलग। क्या राजा का व्यवहार एक सामान्य व्यक्ति के साथ ऐसा होना सही है। अब देखिए जब सीएम सबसे श्रेष्ठ पद पर हैं और प्रजा के प्रति इतना द्वेष है तो आप सबको एक साथ लेकर कैसे चल सकते हैं।"  

आतंकी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई: छांगुर बाबा का भतीजा सब्रोज गिरफ्तार

बलरामपुर  उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में विवादों में घिरे जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के नजदीकी लोगों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार शिकंजा कस रही हैं। गुरुवार देर रात 1 बजे स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उनके भतीजे मोहम्मद सब्रोज को गिरफ्तार कर लिया। सब्रोज उतरौला थाना क्षेत्र के रेहरा माफी गांव का निवासी है, जहां छांगुर बाबा ने अपनी पत्नी को 2 बार चुनाव लड़वाया था। मिली जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ की टीम गुरुवार रात लगभग 1 बजे उतरौला बस स्टॉप पर पहुंची, जहां सब्रोज मोटरसाइकिल पर खड़ा था। टीम ने उसे रोककर पूछताछ शुरू की और मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। मोहम्मद सब्रोज का नाम पहले से ही एटीएस की एफआईआर में दर्ज था। इस गिरफ्तारी के बाद छांगुर बाबा के नेटवर्क के अन्य सहयोगियों के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। एसटीएफ पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। एटीएस गवाह पर हमला इससे पहले अवैध धर्मांतरण के मामले में बयान ना बदलने पर छांगुर बाबा के गुर्गों ने एटीएस के गवाह हरजीत कश्यप पर हमला किया था। हरजीत को बुरी तरह से पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हरजीत कश्यप ग्राम रसूलाबाद के निवासी हैं और उन्होंने छांगुर पर जबरन धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया था। हरजीत के अनुसार, छांगुर के गुर्गों रियाज, कमालुद्दीन और नव्वाब ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि रसूलाबाद गांव पाकिस्तान जैसा है, और यहां रहकर मुसलमानों से बगावत करने पर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। साथ ही धमकी दी कि योगी सरकार के बाद उनकी कार्रवाई की जाएगी। बयान देने के बाद हुई मारपीट हरजीत ने बताया कि उन्होंने 3 जुलाई को लखनऊ में छांगुर बाबा के खिलाफ जबरन धर्म परिवर्तन कराने के मामले में बयान दिया था। इसके बाद 7 जुलाई को वे दवा लेने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जा रहे थे, तभी उतरौला चौराहा के पास तीनों आरोपियों ने उन्हें रोककर पीटना शुरू कर दिया और 24 घंटे के अंदर लखनऊ जाकर बयान बदलने की धमकी दी। प्रभारी निरीक्षक उतरौला कोतवाली अवधेश राज सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।   छांगुर के करीबी की तलाश एटीएस की टीम बीते मंगलवार रात गोंडा के धानेपुर क्षेत्र के रेतवागाड़ा गांव में छांगुर बाबा के एक करीबी की तलाश में पहुंची। जांच के दौरान रमजान नाम के शख्स का नाम सामने आया। वह कव्वाली कार्यक्रमों में ढोलक बजाता था और इसी सिलसिले में उसकी मुलाकात छांगुर से हुई थी। कहा जाता है कि छांगुर ने रमजान को धर्म परिवर्तन के लिए लोगों को तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी। ग्रामीणों के अनुसार रमजान की 2024 में मौत हो गई। एटीएस ने रमजान के नाम वाले एक अन्य व्यक्ति के बारे में भी जानकारी जुटाई है। प्रशासन इस पूरे मामले में सतर्क है और छांगुर बाबा के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रहा है।  

ग्राम प्रधान से लेकर मुख्यमंत्री तक बनेगा एकीकृत सिस्टम, यूपी में डिजिटल प्रशासन का नया मॉडल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार जल्द ऐसी तकनीकी व्यवस्था लागू करने जा रही है जिससे मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर ग्राम प्रधान तक और सभी विभाग एक ही नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। वन स्टेट वन नेटवर्क योजना आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक विभाग तैयार कर रहा है। जिससे प्रदेश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा। यह जानकारी बुधवार को आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने दी। अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सचिवालय से लेकर जिला मुख्यालय और ग्राम सभा स्तर तक सभी संस्थाएं मजबूत डिजिटल नेटवर्क से जोड़ी जाएंगी। विभागों में बेहतर तालमेल होगा और कामकाज में तेजी के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी। डेटा सुरक्षा और संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लागू की जा रही इस योजना के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न एजेंसियों के साथ मंथन किया जा रहा है। राजधानी में एआई सिटी की स्थापना की जा रही उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रयोग को देखते हुए राजधानी में एआई सिटी की स्थापना की जा रही है। जमीन आवंटन का कार्य किया जा रहा है और जल्द दूसरे शहरों में भी एआई सिटी स्थापित की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पालिसी भी लागू होने वाली है। मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत वे उपकरण और पुर्जे, जो अभी विदेशों से मंगाए जाते हैं, उन्हें अब उत्तर प्रदेश में ही तैयार किया जा सकेगा। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और नई कंपनियां आएंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंत्री ने बताया कि योजना को अमली जामा पहनाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न एजेंसियों से विचार-विमर्श किया जा रहा है। डाटा सुरक्षा और संचार व्यवस्था को मजबूत बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। मंत्री ने जानकारी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) के बढ़ते उपयोग को देखते हुए लखनऊ में एआइ सिटी की स्थापना की जा रही है। इसके लिए जल्द ही जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी एआइ सिटी विकसित की जाएगी। प्रदेश में जल्द ही इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पालिसी भी लागू होने वाली है। मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत वे उपकरण और पुर्जे, जो अभी विदेशों से मंगाए जाते हैं, उन्हें अब उत्तर प्रदेश में ही तैयार किया जा सकेगा। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और नई कंपनियां आएंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। वार्ता के दौरान सरकारी स्कूलों के विलय और धर्मांतरण से जुड़े सवालों पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष अच्छे कार्यों में भी बाधा डालता है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरण मामले में सिर्फ छांगुर नाम का एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा गिरोह सक्रिय है, जिसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सपा को परिवारवाद की पार्टी बताया और कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित लोकतांत्रिक पार्टी है, जो राष्ट्रहित में निर्णय लेती है। मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने सपा पर हमला बोला उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के कार्य में सिर्फ छांगुर ही नहीं बल्कि पूरा गिरोह सक्रिय है और किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा। स्कूल मर्जर और अन्य मुद्दों पर उन्होंने विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया और कहां की वह हर अच्छे कार्य में अवरोध पैदा करता है। सपा परिवारवादी पार्टी है और भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है ।