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गजब दुस्साहस! मंत्री के काफिले को रोकने निकले तीन युवक, पुलिस ने एक को दबोचा

सोनभद्र सोनभद्र में गुरुवार की रात गजब दुस्साहस देखने को मिला है। योगी सरकार में समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोड़ के काफिले को ओवरटेकर कर रोकने की कोशिश की गई। स्कॉर्ट में तैनात जवानों ने टोका तो उनसे विवाद किया गया। इसके बाद मंत्री से भी विवाद कर लिया गया। मामले की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। दो अन्य फरार हो गए हैं। हिरासत में लिए गए व्यक्ति के पूछताछ हो रही है। फिलहाल पुलिस या मंत्री यह नहीं बता पा रहे कि इस तरह से ओवरटेक कर गाड़ी क्यों रोकी गई और उन लोगों की मंशा क्या थी। मंत्री के साथ काफिले में मौजूद जिला पंचायत सदस्य जुगैल के पति संजीव तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर चोपन पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।   बताया जाता है कि राज्य मंत्री सजीव गोड़ गुरुवार की शाम राबर्ट्सगंज से डाला स्थित अपने आवास जा रहे थे। उनके साथ जिला पंचायत सदस्य पति जुगैल संजीव तिवारी भी गाड़ी में थे। लोढ़ी टोल प्लाजा के आगे बढ़े तो उनके काफिले के पीछे-पीछे एक वाहन भी चलता दिखाई दिया। सलखन के पास पहुंचने पर वाहन में सवार लोगों ने उनके काफिले को ओवरटेक करने की कोशिश की। स्कॉर्ट के लोगों ने इस पर टोका तो चलती गाड़ी से ही विवाद कर लिया। इसके बाद तेजी मंत्री के काफिले को ओवरटेक किया और सोन नदी पुल पर काफिले के आगे आकर खड़े हो गए। मंत्री की गाड़ी पहुंची तो वह लोग अपने वाहन से उतर कर काफिले के पास आ गए और कहासुनी करने लगे। इस पर पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही चोपन थाने के प्रभारी निरीक्षक कुमुद शेखर सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस के पहुंचने पर दो लोग पैदल ही फरार हो गए। एक व्यक्ति को हिरासत में लेते हुए उनकी गाड़ी भी कब्जे में ले ली गई। चोपन थाने के प्रभारी निरीक्षक कुमुद शेखर सिंह ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य पति जुगैल संजीव तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ जारी है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान अंकित मिश्रा निवासी दुद्धी के रूप में हुई है। फरार लोग शुभम सोनी और पंकज अग्रहरि हैं। वहीं राज्यमंत्री संजीव गोड़ का कहना है कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं हैं। वे सभी से मिलते है और उनकी समस्याओं को सुनते हैं। कार सवार लोगों की क्या मंशा थी यह तो पुलिस की जांच के बाद ही पता चल पाएगा।  

एआई, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कोडिंग एंड प्रोग्रामिंग जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों में प्रदान किए जाएंगे प्रमाण पत्र

गोरखपुर उद्योग और सेवा क्षेत्र की मांग के अनुसार अद्यतन व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए सैमसंग इंडिया के सहयोग से संचालित सैमसंग इनोवेशन कैंपस के तहत गोरखपुर विश्वविद्यालय के 1600 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों को शनिवार को प्रमाण पत्र का वितरण किया जाएगा। योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ विद्यार्थियों को अपने हाथों से प्रमाण पत्र सौंपेंगे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को सीएम योगी से मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा।  सैमसंग इनोवेशन कैंपस प्रमाण पत्र वितरण समारोह में  विशिष्ट अतिथि के रूप में सैमसंग इंडिया के प्रेसिडेंट एवं सीईओ जेबी पार्क तथा इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष विनोद शर्मा की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन करेंगी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 1600 से अधिक विद्यार्थी, जिन्होंने सैमसंग इनोवेशन कैंपस के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कोडिंग एंड प्रोग्रामिंग जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों में प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल आफ इंडिया के सहयोग से तथा स्वदेश (सोशल वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फॉर इम्पॉवर्ड सोसाइटी) संस्था द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन का कहना है कि सैमसंग इनोवेशन कैंपस जैसी पहलें विश्वविद्यालय के ‘स्किल टू एम्प्लॉयमेंट’ मिशन को नई गति देती हैं। इसका लाभ हमारे विद्यार्थियों के साथ-साथ क्षेत्र की युवा पीढ़ी को भी मिलेगा। यह गोरखपुर और पूर्वांचल के लिए डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

CM योगी का बड़ा हमला: बिहार में RJD के दौर में अपराधियों का था राज, जनता त्रस्त थी

सीवान  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने बिहार के मतदाताओं से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के मार्गदर्शन में निरंतर विकास सुनिश्चित करने के लिए राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार को फिर से चुनने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और उन्हें "अंग्रेजों का उत्तराधिकारी" बताया। विकसित बिहार के लिए, हमें एनडीए सरकार चाहिए- CM Yogi योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सीवान में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, "एनडीए ने यूपी में वादा किया था कि वह माफिया राज और दंगों को खत्म करेगा। पिछले 8.5 सालों में एक भी दंगा नहीं हुआ है, और जब किसी ने भड़काने की कोशिश की तो दंगा भड़काने के लिए उन्हें न केवल जेल में डाला गया, बल्कि उनकी संपत्ति जब्त कर ली गई और गरीबों के लिए घर बनाने में इस्तेमाल की गई। उन्होंने कहा कि  एक विकसित भारत के लिए, हमें एक विकसित बिहार चाहिए और एक विकसित बिहार के लिए, हमें एनडीए सरकार चाहिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में, हमें बिहार में एनडीए सरकार को फिर से स्थापित करना होगा।" राजद के शासन में बिहार में अराजकता और गुंडागर्दी व्याप्त थी- CM Yogi मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और उन्हें "अंग्रेजों का उत्तराधिकारी" बताया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की उत्तराधिकारी होने के नाते, कांग्रेस ने उसी ब्रिटिश परंपरा का पालन करते हुए, पहले पूरे बिहार के लिए संकट पैदा किया। इसने बिहार के विकास में बाधा डाली। जो कुछ बचा था, उसे राजद ने पूरी तरह से मिटा दिया। राजद के शासन में, बिहार में अपराध और अपहरण एक उद्योग बन गए थे। राजद के शासन में बिहार में अराजकता और गुंडागर्दी व्याप्त थी। वे बिहार के युवाओं के लिए पहचान का संकट पैदा कर रहे थे।   

गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार से शुरू होगा प्रथम गोरखपुर पुस्तक महोत्सव, 9 नवंबर तक चलेगा

गोरखपुर में ‘साहित्यिक महाकुंभ’ का मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार से शुरू होगा प्रथम गोरखपुर पुस्तक महोत्सव, 9 नवंबर तक चलेगा नेशनल बुक ट्रस्ट कर रहा आयोजन, पुस्तकों के स्टाल के साथ ही सजेंगे बाल मंडप और साहित्यिक मंच गोरखपुर  प्रयागराज में धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के अद्वितीय महाकुंभ का भव्य और दिव्य आयोजन सबकी स्मृतियों में रच-बस गया है। अब बारी ‘साहित्यिक महाकुंभ’ की है। साहित्यिक महाकुंभ का यह आयोजन गोरखपुर पुस्तक महोत्सव के रूप में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के परिसर में होने जा रहा है। 1 नवंबर से 9 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को करेंगे। गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में ‘प्रथम गोरखपुर पुस्तक महोत्सव’ का आयोजन नेशनल बुक ट्रस्ट (राष्ट्रीय पुस्तक न्यास) की तरफ से किया जा रहा है। यह आयोजन नगर की गहरी आध्यात्मिक, कलात्मक और साहित्यिक विरासत का एक भव्य उत्सव होगा। पुस्तक महोत्सव में आमजन प्रतिदिन पूर्वाह्न 11 बजे से रात 8 बजे तक शामिल हो सकेंगे। इसमें सभी के लिए प्रवेश निशुल्क होगा। पुस्तक महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे।  नेशनल बुक ट्रस्ट के निदेशक युवराज मलिक के अनुसार प्रथम पुस्तक महोत्सव में 100 से अधिक प्रकाशकों के 200 से भी अधिक पुस्तकों के स्टॉल लगेंगे, जहां हिंदी, अंग्रेजी और अनेक भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकें प्रदर्शित की जाएंगी। साथ ही, बाल मंडप और साहित्यिक मंच पर नामचीन लेखकों-वक्ताओं के साथ संवाद, कार्यशालाएं और चर्चाएं भी आयोजित होंगी। बच्चों के लिए होंगी आकर्षक गतिविधियां बाल मंडप में बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसमें कहानी सत्र, कठपुतली शो, आर्ट एंड क्राफ्ट वर्कशॉप, चित्रांकन और डूडलिंग प्रतियोगिताएं, ओरिगेमी और क्ले आर्ट, सुलेख और रंगमंच कार्यशालाएं तथा म्यूजिकल स्टोरीज सेशन शामिल होंगे। ताकि बच्चे पुस्तकों की दुनिया से आनंदपूर्वक तरीके से जुड़ सकें। जानी-मानी साहित्यिक हस्तियों को सुनने का मिलेगा अवसर साहित्यिक मंच पर गोरखपुर और प्रदेश के अन्य हिस्सों से जुड़ी अनेक जानी-मानी साहित्यिक हस्तियाें को सुनने का अवसर मिलेगा। जिनमें अवध संस्कार : लोकाचार और लोकगीत की लेखिका डाॅ. मनोरमा मिश्रा, विद्वान साहित्यकार डाॅ. रामदेव शुक्ल, प्रसिद्ध कवि-आलोचक व्यमोश शुक्ल (प्रधानमंत्री, नागरी प्रचारिणी सभा), वरिष्ठ लेखिका एवं अनुवादक आशा प्रभात, युवा लेखिका डाॅ. निधि अग्रवाल,  पत्रकार-उपन्यासकार उमा, वरिष्ठ कवि अष्टभुजा शुक्ल, पूर्व पुलिस अधिकारी एवं विविध पुस्तकों की लेखिका डाॅ. सत्या सिंह, अरविंद त्रिपाठी, अमित कुमार, कवयित्री सुनीता अबाबील तथा गोरखपुर के प्रतिष्ठित लेखक सुभाष यादव आदि शामिल हैं। सांस्कृतिक संध्या में होंगे समृद्ध विरासत को दर्शाने वाले कार्यक्रम सांस्कृतिक संध्याओं में भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत को दर्शाने वाले कार्यक्रम होंगे, जिनमें बिरजू महाराज कथक संस्थान (लखनऊ) के कलाकारों द्वारा शास्त्रीय नृत्य एवं गायन, कव्वाली प्रस्तुति, तथा ‘फोक क्वीन ऑफ इंडिया’ मालिनी अवस्थी की एक विशेष प्रस्तुति शामिल है। इनके अलावा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) का नाटक, सूफी एवं बॉलीवुड फ्यूजन म्यूजिक, कवि सम्मेलन, और ‘द युवाम प्रोजेक्ट’ के साथ एक विशेष म्यूजिकल ईवनिंग आयोजित की जाएगी। जिससे यह आयोजन साहित्य, कला और संस्कृति का एक भव्य महोत्सव बन जाएगा। ई-लाइब्रेरी का भी ले सकेंगे अनुभव दर्शक यहां ‘राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय (नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया)’ का अनुभव भी ले सकेंगे, जहां 3,000 से अधिक ई-पुस्तकों तक निशुल्क पहुंचा जा सकता है। यह पारंपरिक पढ़ने की आदत का डिजिटल ज्ञान की दुनिया के साथ सुंदर समन्वय होगा।

वैशाली के लालगंज विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार सिंह के समर्थन में सीएम योगी ने मांगा वोट

बिहार विधानसभा चुनाव चुनाव में राहुल गांधी की इंट्री, बीजेपी व एनडीए की जीत की गारंटी- योगी आदित्यनाथ  वैशाली के लालगंज विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार सिंह के समर्थन में सीएम योगी ने मांगा वोट भारी बारिश के बीच सीएम योगी की रैली में उमड़ा जनसैलाब, 'जय श्री राम' और 'हर हर महादेव' के नारों से गूंजायमान हो उठा वातावरण  – भारी बारिश के बीच भीड़ का उत्साह देख बोले सीएम योगी, यह कीचड़ में कमल खिलाने का संकेत है – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास और सुरक्षा दोनों के नए मानक स्थापित किए हैं- सीएम योगी  – बोले सीएम योगी, यूपी की तरह बिहार से भी माफियाओं का होगा सफाया – आज का नया भारत रुकता नहीं, झुकता नहीं और आतंकवाद-नक्सलवाद को उसकी मांद में घुसकर मारना जानता है- मुख्यमंत्री – लौह पुरुष पटेल ने देश को अखंड बनाया, आज प्रधानमंत्री मोदी उसी एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं- मुख्यमंत्री – वैशाली की यह भूमि लोकतंत्र की जननी है, जिसने नालंदा विश्वविद्यालय और भगवान महावीर जैसी विरासत दी- योगी – कांग्रेस और आरजेडी ने 15 साल लगातार राज किया, लेकिन गरीब को छत तक नहीं दे पाए- योगी – उत्तर प्रदेश अब विरासत और विकास दोनों का मॉडल है, यहां न माफिया बचता है, न भ्रष्टाचार पनपता है- मुख्यमंत्री वैशाली भारी बारिश के बावजूद ब्रह्मानंद पंजियार कॉमर्स कॉलेज मैदान में जनसैलाब उमड़ पड़ा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी सभा में 'जय श्री राम' और 'हर हर महादेव' के नारों से वातावरण गूंजायमान हो उठा। लालगंज विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार सिंह के समर्थन में बोलते हुए योगी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी प्रचार में आ गए, तो एनडीए की विजय सुनिश्चित है। बारिश में भीड़ का उत्साह देख सीएम योगी ने कहा कि यह कीचड़ में कमल खिलाने का संकेत है। सीएम योगी ने कहा कि वैशाली की यह भूमि लोकतंत्र की जननी है, जिसने नालंदा विश्वविद्यालय और भगवान महावीर जैसी विरासत दी। आज यह धरती एक बार फिर नए भारत के संकल्प की गवाह बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का नया भारत रुकता नहीं, झुकता नहीं और आतंकवाद-नक्सलवाद को उसकी मांद में घुसकर मारना जानता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास और सुरक्षा दोनों के नए मानक स्थापित किए हैं। यह नया भारत सबका साथ, सबका विकास करता है, लेकिन तुष्टिकरण किसी का नहीं करता। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का एकमात्र देश है जो 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन, 50 करोड़ को मुफ्त इलाज और हर गरीब को आवास, शौचालय और बिजली की सुविधा दे रहा है। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और आरजेडी ने 15 साल लगातार राज किया, लेकिन गरीब को छत तक नहीं दे पाए। मोदी जी ने 10 साल में वो कर दिखाया जो इनसे नहीं हुआ। एनडीए की जीत की गारंटी हैं राहुल गांधी- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राहुल गांधी जब भी प्रचार करने आते हैं, एनडीए की जीत तय हो जाती है। वे बीजेपी और एनडीए की जीत की सबसे बड़ी गारंटी हैं। सीएम योगी ने कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग सत्ता में आएंगे तो फिर माफिया राज, लूट, अपहरण और बेटियों की असुरक्षा का दौर लौट आएगा। गरीबों का राशन लूटेंगे, व्यापारियों को डराएंगे। लेकिन एनडीए यह नहीं होने देगा। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे यहां माफिया के लिए कोई जगह नहीं है। यूपी में जो माफिया पहले सत्ता का हिस्सा बनते थे, आज जेल में हैं या प्रदेश छोड़कर भाग गए हैं। हमारे बुलडोजर जब चलते हैं, तो माफिया की अवैध संपत्तियां ढहती हैं और उन्हीं जमीनों पर गरीबों के लिए मकान बनते हैं। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विरासत और विकास दोनों का मॉडल है। यहां न माफिया बचता है, न भ्रष्टाचार पनपता है। सरदार पटेल ने देश को अखंड बनाया- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का स्मरण करते हुए कहा कि भारत की एकता के शिल्पी लौह पुरुष पटेल ने ब्रिटिशों की विभाजन की साजिश को नाकाम कर देश को अखंड बनाया। आज प्रधानमंत्री मोदी उसी एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर बिहार को भी विकसित बनाना है, तो एनडीए की डबल इंजन सरकार को मजबूत करना होगा।  सीएम योगी ने बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार सिंह के समर्थन में मांगा वोट संजय कुमार सिंह जैसे जनसेवक को जिताना बिहार के भविष्य को सुरक्षित करना है। बारिश और कीचड़ में भी जो भीड़ जुटी है, वह बताती है कि लालगंज से इस बार कमल जरूर खिलेगा। आप बस घर-घर जाकर वोट मांगिए, बिहार भी यूपी की तरह अपराध और अराजकता से मुक्त होगा। विकसित बिहार, विकसित भारत का मार्ग यहीं से निकलेगा।

हवाई संचालन की दिशा में अहम कदम, एयर नेविगेशन सिस्टम की जांच शुरू

कैलिब्रेशन फ्लाइट ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर की सफल लैंडिंग हवाई संचालन की दिशा में अहम कदम, एयर नेविगेशन सिस्टम की जांच शुरू किसी भी नए एयरपोर्ट के संचालन से पहले अनिवार्य होती है कैलिब्रेशन फ्लाइट एयरपोर्ट के इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम, रडार और एयर नेविगेशन उपकरणों के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप क्षमता का होता है परीक्षण नोएडा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar) के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर तब दर्ज हुआ जब शुक्रवार को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की कैलिब्रेशन फ्लाइट ने सफलतापूर्वक एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। यह उड़ान हवाई अड्डे के नेविगेशन और कम्युनिकेशन सिस्टम की सटीकता जांचने के लिए की जाती है, जो किसी भी नए एयरपोर्ट के संचालन से पहले अनिवार्य होती है। क्या है कैलिब्रेशन फ्लाइट? कैलिब्रेशन फ्लाइट एक विशेष परीक्षण उड़ान होती है, जिसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि एयरपोर्ट के इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS), रडार, और एयर नेविगेशन उपकरण अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप काम कर रहे हैं। परीक्षण की प्रक्रिया फ्लाइट के दौरान विशेष रूप से सुसज्जित विमान अलग-अलग ऊँचाइयों और कोणों पर उड़ते हुए ग्राउंड सिस्टम से प्राप्त सिग्नल की ताकत, स्थिरता और सटीकता की जांच करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में फ्लाइट इंस्पेक्टर, टेक्निकल इंजीनियर, और एटीसी विशेषज्ञ शामिल रहते हैं। तकनीकी उपकरण और डेटा विश्लेषण AAI द्वारा उपयोग किए जाने वाले कैलिब्रेशन विमान में अत्याधुनिक माप उपकरण लगे होते हैं। उड़ान से प्राप्त डेटा का बाद में विश्लेषण किया जाता है ताकि किसी भी तकनीकी विचलन को तुरंत ठीक किया जा सके और उपकरणों की सटीकता सुनिश्चित हो। सुरक्षा और विश्वसनीयता की गारंटी कैलिब्रेशन फ्लाइट का पूरा होना यह दर्शाता है कि जेवर एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर की विमानन सुरक्षा मानकों के और करीब पहुंच गया है। इसके बाद एयरपोर्ट के लिए ऑपरेशनल क्लियरेंस की प्रक्रिया को गति मिलेगी।

लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली और लखनऊ में भी शनिवार से की जाएगी खरीद

पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहली नवंबर से होगी धान खरीद  लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली और लखनऊ में भी शनिवार से की जाएगी खरीद  धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक चलेगी खरीद   पश्चिम उत्तर प्रदेश में पहली अक्टूबर से चल रही धान खरीद 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान करा रही योगी सरकार दो महीने में 2.17 लाख से अधिक किसानों ने करा लिया पंजीकरण लखनऊ  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान खरीद शुरू होगी, 28 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस अवधि में लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली और लखनऊ में भी धान खरीद होगी। वहीं पहली अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में धान खरीद चल रही है। डबल इंजन सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। वहीं योगी सरकार की नीतियों पर समर्थन जताते हुए दो महीने में 2.17 लाख से अधिक किसानों ने बिक्री के लिए पंजीकरण भी करा लिया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी। दो महीने में 2.17 लाख से अधिक किसानों ने करा लिया पंजीकरण धान बिक्री के लिए पहली सितंबर से पंजीकरण प्रारंभ हो गया था। 31 अक्टूबर (सुबह 11 बजे) तक 2,17,625 किसानों ने पंजीकरण करा लिया। वहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश के 17 हजार से अधिक किसानों से एक महीने के भीतर 1.06 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद की जा चुकी है। योगी सरकार के निर्देश पर तेज गति से चल रहे कार्य की बदौलत 3920 क्रय केंद्र भी खुल गए हैं।  fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण अनिवार्य  धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISAN MITRA पर पंजीकरण कराना होगा। खरीद पंजीकृत किसानों से ही होगी। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक किसान किसी भी सहायता या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 नंबर पर कॉल या अपने जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं। योगी सरकार ने 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान का निर्देश दिया है।    

लखनऊ में ‘रन फॉर यूनिटी’ के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री, सरदार पटेल के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि

राष्ट्र की अखंडता के साथ कोई खिलवाड़ स्वीकार्य नहींः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में ‘रन फॉर यूनिटी’ के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री, सरदार पटेल के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रनिर्माताओं को सम्मान देने की परंपरा स्थापित हुईः मुख्यमंत्री सीएम बोले- सरदार पटेल ने 563 रियासतों को जोड़कर गढ़ा अखंड भारत का स्वरूप प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 हटाकर पटेल के संकल्प को साकार कियाः सीएम योगी जातिवाद, परिवारवाद और छुआछूत के विरुद्ध एकता की मशाल जलाएंः मुख्यमंत्री सीएम योगी का आह्वान, जातिवाद, परिवारवाद या छुआछूत के आधार पर समाज को बांटने वालों का करें विरोध सरदार पटेल से प्रेरणा लेकर हर उस शक्ति का विरोध करना चाहिए जो राष्ट्र की एकता को कमजोर करने का प्रयास करेः सीएम मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण भारत रत्न सरदार पटेल को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर प्रदेशवासियों को एकता दिवस की दी बधाई लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और कहा कि भारत की अखंडता और एकता के लिए जिन्होंने अपना जीवन समर्पित किया, उन लौह पुरुष सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन, समर्पण और त्याग आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। आइए, इस राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम संकल्प लें कि जाति, भाषा, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर भारत की एकता और अखंडता को सुदृढ़ बनाएंगे। सरदार पटेल के आदर्शों को आचरण में लाना ही सच्ची श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से ही देश में उन महान सपूतों को सम्मान देने की परंपरा शुरू हुई है, जिन्होंने भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि आज पूरे देश में 600 से अधिक स्थानों पर ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभक्ति और एकता की भावना को प्रबल करने का यह अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी भारतीय परंपरा में कहा गया है कि“शिवो भूत्वा शिवं यजेत”, अर्थात जिसे हम पूजते हैं, उसके अनुरूप हमें स्वयं को ढालना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल भाषणों में नहीं, बल्कि व्यवहार में भी एकता और अखंडता के मूल्यों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केवड़िया (गुजरात) में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के रूप में सरदार पटेल की स्मृति को जीवंत बनाया गया है, जो आज राष्ट्रीय प्रेरणास्थली बन चुकी है। 563 रियासतों को जोड़कर अखंड भारत की नींव रखी मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद ब्रिटिश साजिशों को नाकाम करते हुए 563 रियासतों को भारत गणराज्य में शामिल कर अखंड भारत का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि जब हैदराबाद और जूनागढ़ की रियासतों ने भारत में विलय से इनकार किया, तब लौह पुरुष ने पहले संवाद का रास्ता अपनाया, लेकिन जब राष्ट्र की अखंडता पर संकट आया, तब उन्होंने कठोर निर्णय लेकर भारत की एकता को सुरक्षित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि भारत की अखंडता के साथ कोई खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर अखंड भारत के उस संकल्प को साकार किया, जो सरदार पटेल ने देखा था। यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उत्तर प्रदेश से केवड़िया जाएगा सांस्कृतिक दल मुख्यमंत्री ने बताया कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश से एक सांस्कृतिक दल और हस्तशिल्पियों का प्रतिनिधिमंडल केवड़िया जाएगा। राज्यपाल महोदया के नेतृत्व में 12 नवंबर को केवड़िया में सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी अभियान’ को मज़बूती देने के साथ उत्तर प्रदेश के कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने का यह अवसर भी है। 75 जिलों में गूंजी राष्ट्रीय एकता की भावना मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आज ‘रन फॉर यूनिटी’ के कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें लाखों युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने भाग लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। जातिवाद, परिवारवाद और छुआछूत से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य करें मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हमें उन सभी कुत्सित प्रयासों का विरोध करना चाहिए जो जातिवाद, परिवारवाद या छुआछूत के आधार पर समाज को बांटने का काम करते हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस का यही संदेश है कि हम सब मिलकर भारत की अखंडता को सशक्त बनाएं और सामाजिक एकता को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें हर उस शक्ति का विरोध करना चाहिए जो राष्ट्र की एकता को कमजोर करने का प्रयास करती है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल एवं विधायक गण उपस्थित रहे। एक्स पर भी मुख्यमंत्री ने दी लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को श्रद्धांजलि इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर भी प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं और भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल को विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, "महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, लौह पुरुष, 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं प्रदेश वासियों को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' की हार्दिक बधाई। भारत की आंतरिक सुरक्षा और अखण्डता हेतु 'सरदार साहब' द्वारा किए गए अथक प्रयास हमें 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की संकल्पना की सिद्धि हेतु सदैव प्रेरित करते रहेंगे।"

विशेष आर्टिकल: बदलता उत्तर प्रदेश: ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ से सशक्त हो रही हैं नई पीढ़ी की बेटियाँ

विशेष आर्टिकल: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: उत्तर प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा की अनुपम क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP) अभियान ने बेटियों के जीवन को नई दिशा दी है। यह योजना न केवल कन्या भ्रूण हत्या और लिंग भेद को रोक रही है, बल्कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन का मजबूत आधार प्रदान कर रही है। मिशन शक्ति के सुरक्षा और सम्मान स्तंभ का यह अभियान अब तक 75 जिलों में 100% कवरेज हासिल कर चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 2025 तक उत्तर प्रदेश का लिंगानुपात 878 से बढ़कर 928 प्रति 1,000 हो गया है – जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। योजना का उद्देश्य और कार्यप्रणाली: एक संरचित दृष्टिकोण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का मुख्य उद्देश्य है: • कन्या भ्रूण हत्या रोकना • लिंगानुपात में सुधार • बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा • सामाजिक जागरूकता और कानूनी कार्रवाई उत्तर प्रदेश में BBBP के प्रमुख कदम: कार्यक्रम प्रभाव PC-PNDT एक्ट का सख्ती से पालन 2025 में 1,200+ अल्ट्रासाउंड सेंटर सील कन्या पूजन अभियान नवरात्रि में 5 लाख+ बालिकाओं का सम्मान स्कूल एनरोलमेंट ड्राइव 98% बेटियों का प्राथमिक स्कूल में दाखिला महिला सशक्तिकरण मेला 75 जिलों में 1,500+ आयोजन प्रेरणादायक कहानी: बहराइच की राधा – बेटी बचाओ की जीवंत मिसाल बहराइच जिले के एक छोटे से गांव की राधा यादव (16 वर्ष) की कहानी BBBP की सफलता का प्रतीक है। राधा के जन्म के समय (2009) उनके परिवार पर तीसरी बेटी होने के कारण सामाजिक दबाव था। लेकिन बेटी बचाओ अभियान के तहत गांव में आयोजित जागरूकता सभा ने उनके पिता को समझाया कि "बेटी बोझ नहीं, वरदान है"। राधा को मिले लाभ: 1. जन्म के समय सम्मान: गांव पंचायत ने कन्या जन्मोत्सव मनाया, परिवार को 5,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया। 2. शिक्षा में सहायता: BBBP के तहत मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल प्रदान की गई। 3. सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग: मिशन शक्ति 5.0 में शामिल होकर कराटे सीखा, अब ब्लैक बेल्ट धारक। 4. स्कॉलरशिप: कक्षा 10 में 92% अंक लाने पर 25,000 रुपये की छात्रवृत्ति। 5. करियर गाइडेंस: अब NEET की तैयारी कर रही हैं, मेडिकल कॉलेज में दाखिला पक्का। राधा कहती हैं: “पहले गांव में लोग कहते थे – ‘बेटी पढ़ाओगी तो क्या डॉक्टर बनेगी?’ आज मैं उसी गांव की पहली लड़की हूँ जो मेडिकल की तैयारी कर रही हूँ। बेटी बचाओ ने मुझे बचाया, बेटी पढ़ाओ ने मुझे उड़ान दी।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक योगदान: तारीफ के काबिल नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने BBBP को उत्तर प्रदेश में जन आंदोलन बना दिया। उनके नेतृत्व में: • हर पंचायत में ‘बेटी बचाओ समिति’ गठित। • महिला बीट ऑफिसर ने घर-घर जाकर जागरूकता फैलाई। • PC-PNDT एक्ट के तहत 1,200+ क्लीनिक बंद, 800+ डॉक्टरों पर मुकदमा। • नवरात्रि 2025 में 5 लाख कन्या पूजन, योगी जी ने स्वयं 100 बालिकाओं को सम्मानित किया। सीएम योगी का ताजा बयान (गोरखपुर, 27 अक्टूबर 2025): “2017 से पहले बेटियां घर में कैद थीं। आज मिशन शक्ति और BBBP ने उन्हें आसमान दिया है। हमारा संकल्प है – हर बेटी पढ़ेगी, हर बेटी आगे बढ़ेगी।” योगी जी का यह संवेदनशील और सशक्त नेतृत्व उत्तर प्रदेश को ‘बेटी-मैत्री राज्य’ बनाने में मील का पत्थर साबित हुआ है। भाजपा सरकार का सराहनीय कदम: राष्ट्रीय मॉडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2015 में शुरू बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने मिशन शक्ति के साथ जोड़कर क्रांतिकारी परिणाम दिए हैं। • डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से हर जिले का लाइव डेटा। • पिंक टॉयलेट, पिंक बसें, पिंक पेट्रोलिंग – बेटियों के लिए समर्पित। • 26 लाख+ बेटियों को कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा। यह कदम न केवल सामाजिक सुधार है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है – क्योंकि सशक्त बेटी ही सशक्त भारत बनाएगी। निष्कर्ष: योगी सरकार की दूरदर्शिता से बेटियाँ बन रही हैं राष्ट्र की शान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और मिशन शक्ति फेज-5.0 ने उत्तर प्रदेश को बेटियों का स्वर्ग बनाने की दिशा में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। राधा जैसी लाखों बेटियाँ आज डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस अधिकारी बनने की राह पर हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार की यह पहल ऐतिहासिक है क्योंकि: • 2017 से पहले अराजकता थी – आज हर गांव में बेटी का जन्म उत्सव। • लिंगानुपात में 50 अंकों का सुधार – भाजपा शासन की देन। • PC-PNDT एक्ट का सख्त पालन – भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी शासन। • शिक्षा दर में बेटियों का 98% एनरोलमेंट – विश्व स्तर पर मिसाल। • महिला सशक्तिकरण मेला, कन्या पूजन, सेल्फ-डिफेंस – सांस्कृतिक और आधुनिक का सुंदर संगम। योगी सरकार ने साबित कर दिया है – जब इच्छाशक्ति हो, तो असंभव भी संभव हो जाता है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कोई सरकारी योजना नहीं, उत्तर प्रदेश की बेटियों का भविष्य है। आइए, हम सब मिलकर इस क्रांति का हिस्सा बनें! 📞 हेल्पलाइन: 181 | 1090 🌐 वेबसाइट: upmissionshakti.in 🎯 #BetiBachaoBetiPadhao #MissionShakti5 #YogiHaiToBetiSafeHai

विशेष आर्टिकल: ODOP ने बदली तस्वीर: यूपी के कारीगरों ने स्थानीय हुनर को बनाया वैश्विक पहचान

विशेष आर्टिकल: एक जिला एक उत्पाद (ODOP): सफलता की अनगिनत कहानियां – उत्तर प्रदेश के कारीगरों की वैश्विक उड़ान लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना ने न केवल राज्य के पारंपरिक उद्योगों को नई जान फूंकी है, बल्कि हजारों कारीगरों, किसानों और छोटे उद्यमियों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया है। 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई यह योजना अब 75 जिलों में 74 उत्पादों को कवर कर रही है, और इसके तहत अब तक 40 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिल चुका है। निर्यात में 76% की वृद्धि हो चुकी है, जो ₹2 लाख करोड़ को पार कर गया है। लेकिन ODOP की असली ताकत तो उसके लाभार्थियों की प्रेरणादायक कहानियों में छिपी है। आइए, विस्तार से जानें कैसे यह योजना साधारण लोगों को उद्यमी बना रही है, और कैसे योगी सरकार का यह कदम लाखों परिवारों का सहारा बन गया है। ODOP की सफलता: आंकड़ों से परे, जिंदगियों का बदलाव ODOP ने उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया है। योजना के तहत 80,000 से अधिक कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया, ₹50,000 से ₹5 लाख तक के बिना गारंटी ऋण वितरित किए गए, और GI टैग प्राप्त 15 उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान मिली। लेकिन ये आंकड़े सिर्फ संख्याएं नहीं – ये उन कारीगरों की कहानियां हैं जो कभी बाजार की मार झेलते थे, आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमक रहे हैं। योजना ने महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को विशेष रूप से सशक्त किया, जिससे पलायन रुक गया और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। अब ODOP उत्पाद अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म पर बिक रहे हैं, और G20 जैसे वैश्विक आयोजनों में उपहार के रूप में भेजे जा रहे हैं। सफलता की प्रेरक कहानियां: कारीगरों की यात्रा से प्रेरणा ODOP की सफलता लाखों कहानियों में बिखरी हुई है। यहां कुछ चुनिंदा उदाहरण हैं, जो दर्शाते हैं कि कैसे योजना ने लोगों की किस्मत पलट दी: 1. झांसी की सॉफ्ट टॉयज क्रांति: रानी लक्ष्मीबाई की धरती पर खिलौनों का साम्राज्य झांसी जिले का ODOP उत्पाद सॉफ्ट टॉयज है, जो भारतीय खिलौना उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय कारीगर शिवानी शर्मा (28 वर्ष) की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। एक साधारण सिलाई मशीन पर घर से काम करने वाली शिवानी को ODOP के तहत ₹2 लाख का ऋण और 45-दिवसीय डिजाइन ट्रेनिंग मिली। पहले उनकी मासिक आय ₹5,000 थी, लेकिन आज वे 'झांसी क्राफ्ट टॉयज' ब्रांड के तहत 20 महिलाओं को रोजगार दे रही हैं। मासिक टर्नओवर ₹3 लाख हो गया है, और उनके उत्पाद दिल्ली के क्राफ्ट म्यूजियम में बिक रहे हैं। "ODOP ने मुझे सिर्फ पैसा नहीं, आत्मविश्वास दिया। अब मेरी बेटी भी इसी व्यवसाय में हाथ बंटाएगी," शिवानी बताती हैं। योजना ने झांसी में 500+ कारीगरों को जोड़ा, जिससे जिले का खिलौना निर्यात 40% बढ़ा। 2. देवरिया की बांस उत्पाद: पूजा शाही की 'ग्रीन क्राफ्ट' कंपनी – पर्यावरण और रोजगार का संगम देवरिया का ODOP उत्पाद बांस से बने हस्तशिल्प (जैसे थ्रेड्स, कैरी बैग्स और ऑर्गेनिक कंपोस्ट) है। पूजा शाही (32 वर्ष), एक ग्रामीण महिला उद्यमी, ने ODOP के तहत ₹3 लाख सब्सिडी प्राप्त की और देवरिया डिजाइनर प्राइवेट लिमिटेड शुरू की। पहले वे खेतों में मजदूरी करती थीं, आय ₹4,000 मासिक। अब उनकी कंपनी 30 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर मासिक ₹8 लाख का कारोबार कर रही है। उत्पाद फ्लिपकार्ट पर बिकते हैं, और पर्यावरण-अनुकूल होने से अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर आ रहे हैं। पूजा कहती हैं, "ODOP ने बांस को कचरा से खजाने में बदल दिया। अब मेरा गांव आत्मनिर्भर है।" यह कहानी योजना की सस्टेनेबल डेवलपमेंट को दर्शाती है, जहां 200+ परिवार लाभान्वित हुए। 3. हार्दोई का हथकरघा जादू: इकबाल हुसैन – बुनकर से निर्यातक तक हार्दोई का ODOP उत्पाद हथकरघा वस्त्र (कुर्ता-पजामा) है। इकबाल हुसैन (45 वर्ष) एक पारंपरिक बुनकर थे, जिनकी दुकान बाजार की कमी से बंद होने को थी। ODOP ने उन्हें ₹10 लाख ऋण और मार्केटिंग सपोर्ट दिया। आज वे 50 बुनकरों की टीम के साथ मासिक ₹15 लाख का टर्नओवर कर रहे हैं। उनके उत्पाद ODOP मार्ट पोर्टल पर उपलब्ध हैं, और यूरोप में निर्यात हो रहा है। "पहले चीनी कपड़ों से हम हार जाते थे, अब ODOP ने हमें ब्रांड बना दिया," इकबाल कहते हैं। हार्दोई में योजना से 1,000+ नौकरियां पैदा हुईं। 4. मुरादाबाद का पीतल शिल्प: कारीगरों का वैश्विक बाजार मुरादाबाद का ODOP उत्पाद पीतल के हस्तशिल्प है। मोहम्मद शाहिद (38 वर्ष) ने ODOP के कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) से मशीनरी सब्सिडी ली। पहले उनकी आय ₹6,000 मासिक थी, अब 25 कारीगरों को रोजगार देकर ₹20 लाख वार्षिक कमाते हैं। उनके उत्पाद G20 समिट में उपहार बने। योजना ने मुरादाबाद के पीतल निर्यात को दोगुना कर दिया। 5. सिद्धार्थनगर का कलानामक चावल: किसानों की सुनहरी फसल सिद्धार्थनगर का ODOP उत्पाद कलानामक चावल (GI टैग प्राप्त) है। रामप्रसाद यादव (50 वर्ष), एक किसान, ने ODOP ट्रेनिंग से जैविक खेती सीखी और ₹1.5 लाख ऋण से प्रोसेसिंग यूनिट लगाई। पहले फसल बर्बाद हो जाती थी, अब मासिक ₹2 लाख कमाते हैं। 100+ किसान जुड़े, और चावल राष्ट्रीय बाजार में बिक रहा है। 6. गोरखपुर की टेराकोटा: स्थानीय कला का पुनरुत्थान गोरखपुर का ODOP उत्पाद टेराकोटा है। सीता देवी (42 वर्ष) ने योजना से ₹75,000 टूलकिट प्राप्त की। अब वे 15 महिलाओं को प्रशिक्षित कर रही हैं, मासिक आय ₹1 लाख। उनके उत्पाद पर्यटन स्थलों पर बिकते हैं। 7. मुजफ्फरनगर का गुड़ पाउडर: माधुरमीठास ब्रांड की मिठास मुजफ्फरनगर का ODOP उत्पाद रासायनिक-मुक्त गुड़ पाउडर है। माधुरमीठास ब्रांड की संस्थापक अंजली वर्मा ने ODOP से मार्केटिंग सहायता ली। अब राष्ट्रीय स्तर पर बिक्री हो रही है, और 50 किसानों को लाभ। ये कहानियां साबित करती हैं कि ODOP ने न केवल आय बढ़ाई, बल्कि महिलाओं को सशक्त किया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्गार: ODOP को आत्मनिर्भरता का आधार मुख्यमंत्री योगी ने ODOP को बार-बार 'आत्मनिर्भर भारत' का आधार बताया है। 24 जनवरी 2024 को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर अवध शिल्पग्राम में बोलते हुए उन्होंने कहा, "पहले निर्यात ₹86,000 करोड़ था, ODOP ने इसे ₹2 लाख करोड़ कर दिया। चीनी नकली उत्पादों की जगह अब ODOP … Read more