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रामलला के मंदिर में पूर्णता की गूंज — कलश व ध्वज स्थापना से संपन्न हुआ निर्माण कार्य

अयोध्या करीब 500 सालों के इंतजार के बाद अयोध्या राम मंदिर अब पूरी तरह से बनकर तैयार है. 2020 में इस मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ, जो कि अब समाप्त हो चुका है. राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को किया गया. लेकिन निर्माण संबंधी कुछ कार्य अभी तक जारी थे. हालांकि, अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तरफ से बताया गया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े सभी कार्य पूरे हो चुके हैं यानीमुख्य मंदिर, परकोटा के 6 मंदिर – भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती, देवी अन्नपूर्णा तथा शेषावतार मंदिर भी पूर्ण हो चुके हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने की घोषणा राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही परकोटा के 6 मंदिरों पर ध्वजदण्ड और कलश स्थापित हो चुके हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सोशल मीडिया अकाउंट से यह पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि सभी श्रीराम भक्तों को यह जानकारी देते हुए हर्ष हो रहा है कि मंदिर निर्माण सबंधी सभी कार्य पूर्ण हो गए हैं. जटायु और गिलहरी की प्रतिमा स्थापित इसके अलावा, सप्त मण्डप अर्थात् महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, शबरी एवं ऋषि पत्नी अहल्या मंदिरों का भी निर्माण पूर्ण हो चुका है. सन्त तुलसीदास मंदिर भी पूर्ण हो चुका है. साथ ही, जटायु और गिलहरी की प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं. दर्शनार्थी कार्य हुए पूरे जिन कार्यों का सीधा संबंध दर्शनार्थियों की सुविधा से है या व्यवस्था से है, वे सभी कार्य पूर्णत्व प्राप्त कर चुके हैं. मानचित्र अनुसार सड़कें एवं फ्लोरिंग पर पत्थर लगाने कार्य L&T द्वारा तथा भूमि सौन्दर्य, हरियाली और लैंड स्केपिंग कार्य सहित 10 एकड़ में पंचवटी निर्माण GMR द्वारा तीव्र गति से किए जा रहे हैं. वही कार्य अभी चल रहे हैं जिनका संबंध जनता से नहीं है – जैसे ३.5 किलोमीटर लंबी चारदीवारी, ट्रस्ट कार्यालय, अतिथि गृह, सभागार इत्यादि.  

CM योगी का बड़ा फैसला: लखीमपुर के मुस्तफाबाद का नाम बदलेगा

मुस्तफाबाद  उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार जिले के मुस्तफाबाद गांव का नाम बदलकर 'कबीरधाम' करने का प्रस्ताव लाएगी. उन्होंने कहा कि इस बदलाव से संत कबीर से जुड़ी इलाके की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान फिर से बहाल होगी. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नाम बदलना उनकी सरकार के पिछले फैसलों के मुताबिक है, जिसमें पुराने शासकों द्वारा बदले गए जगहों के नाम "फिर से बहाल" किए गए थे.  "स्मृति महोत्सव मेला 2025" के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी सरकार अब "कब्रिस्तान की चारदीवारी बनाने" के बजाय धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाली जगहों को फिर से बनाने पर खर्च कर रही है.  मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि गांव का नाम मुस्तफाबाद रखा गया, जबकि वहां कोई मुस्लिम आबादी नहीं है. उन्होंने जनसभा में आए लोगों से कहा, "जब मैंने इस गांव के बारे में पूछा, तो मुझे बताया गया कि इसका नाम मुस्तफाबाद है. मैंने पूछा कि यहां कितने मुसलमान रहते हैं, और मुझे बताया गया कि कोई नहीं है. फिर मैंने कहा कि नाम बदल देना चाहिए. इसे कबीरधाम कहा जाना चाहिए." जल्द प्रपोजल लाए सरकार मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि उनकी सरकार नाम बदलने के लिए एक फॉर्मल प्रपोजल मांगेगी और ज़रूरी एडमिनिस्ट्रेटिव कदम उठाएगी. उन्होंने कहा, "हम प्रपोजल लाएंगे और इसे आगे बढ़ाएंगे. यह संत कबीर की विरासत से जुड़ी जगह का सम्मान वापस दिलाने के बारे में है." योगी आदित्यनाथ ने इसकी तुलना हाल के सालों में अपनी सरकार द्वारा किए गए नाम बदलने के कामों से की. उन्होंने कहा, "पहले राज करने वालों ने अयोध्या का नाम बदलकर फैजाबाद, प्रयागराज का नाम बदलकर इलाहाबाद और कबीरधाम का नाम बदलकर मुस्तफाबाद कर दिया था. हमारी सरकार इसे उलट रही है- अयोध्या को फिर से बसा रही है, प्रयागराज को फिर से बसा रही है, और अब कबीरधाम को उसके सही नाम पर फिर से बसा रही है." मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारतीय जनता पार्टी की "डबल-इंजन सरकार" राज्य भर में सभी धार्मिक जगहों को डेवलप करने और सुंदर बनाने के लिए कमिटेड है.  सीएम बोले- हर तीर्थस्थल को सुंदर बनाया जाना चाहिए उन्होंने कहा, "हमने कहा है कि हर तीर्थस्थल को सुंदर बनाया जाना चाहिए. भक्तों के लिए रेस्ट हाउस और शेल्टर जैसी सुविधाएं बनाई जानी चाहिए, और टूरिज्म और कल्चर डिपार्टमेंट के ज़रिए, हम आस्था की हर बड़ी जगह को फिर से ज़िंदा कर रहे हैं. चाहे वह काशी हो, अयोध्या हो, कुशीनगर हो, नैमिषारण्य हो, मथुरा-वृंदावन हो, बरसाना हो, गोकुल हो या गोवर्धन हो." मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले के मुकाबले अब सरकारी पैसे कल्चरल और धार्मिक सुधार प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, "पहले, यह पैसा 'कब्रिस्तान' की चारदीवारी बनाने में जाता था. अब इसका इस्तेमाल हमारी आस्था और विरासत के सेंटर्स को डेवलप करने में किया जा रहा है." योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसी कोशिशें कल्चरल गर्व और निरंतरता की भावना दिखाती हैं.  उन्होंने आगे कहा, "यह अपनेपन की भावना है, हमारी सभ्यता की पहचान को फिर से ज़िंदा करना है. सरकार उन जगहों की शान को वापस लाने के लिए काम करती रहेगी जो भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों को दिखाती हैं."

सुगम्य भारत अभियान के तहत राजधानी लखनऊ के 5 भवनों का होगा कायाकल्प

सरकारी भवनों को दिव्यांग हितैषी बना रही योगी सरकार  सुगम्य भारत अभियान के तहत राजधानी लखनऊ के 5 भवनों का होगा कायाकल्प  रैंप, लिफ्ट, ब्रेल साइनेज, व्हीलचेयर फ्रेंडली सैनिटरी यूनिट्स की सुविधाओं से सुसज्जित होंगे भवन विशेष पार्किंग जैसी सुविधाओं के साथ ही दृष्टिबाधितों के लिए ब्रेल लिपि की सुविधा होंगी विकसित  श्रवणबाधितों के लिए होगी साइन लैंग्वेज सपोर्ट और विशेष अलार्म सिस्टम की सुविधा लखनऊ  उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में योगी सरकार लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष 2025-26 में सुगम्य भारत अभियान के दूसरे चरण के तहत राजधानी लखनऊ के पांच प्रमुख सरकारी भवनों को दिव्यांगजन हितैषी बनाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके लिए बकायदा 12 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि पर स्वीकृत कर ली गई है। यह न केवल दिव्यांगों के लिए सरकारी भवनों में सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगी, बल्कि सरकारी कार्यालयों को सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। जनकल्याण की योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही योगी सरकार सुगम्य भारत अभियान के तहत सार्वजनिक स्थलों को दिव्यांगजनों के लिए पूर्णतः सुलभ बना रही है। योगी सरकार ने इसे प्रदेश स्तर पर जोर-शोर से लागू किया है। भवनों का चिन्हित किया जा रहा है। इसके दूसरे चरण में लखनऊ के पांच भवनों को चिन्हित किया गया है। इसमें योजना भवन (हैवलॉक रोड), सिंचाई भवन (कैनाल कालोनी, कैन्ट रोड), जिला सेवायोजन कार्यालय (लालबाग), विकास अनुवेषण, मूल्यांकन एवं प्रयोग तथा प्रशिक्षण प्रभाग (कालाकांकर हाउस, पुराना हैदराबाद) और सूडा नवचेतना केंद्र (10 अशोक मार्ग) शामिल हैं।  दिव्यांगजनों के लिए होंगी विशेष सुविधाएं इन भवनों में रैंप, लिफ्ट, ब्रेल साइनेज, व्हीलचेयर फ्रेंडली सैनिटरी यूनिट्स और विशेष पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कार्य एक्सेस ऑडिट रिपोर्ट के अनुरूप होंगे, जिसमें लिफ्ट कार का आकार व्हीलचेयर सहित दो व्यक्तियों के लिए पर्याप्त रखा जाएगा, ताकि दिव्यांगजन सहजता से आ-जा सकें। दृष्टिबाधितों के लिए ब्रेल लिपि का व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जबकि श्रवणबाधितों के लिए साइन लैंग्वेज सपोर्ट और विशेष अलार्म सिस्टम लगाए जाएंगे। दिव्यांगों के सम्मानजनक जीवन को बढ़ावा देने वाली नीतिगत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी स्थित कबीरधाम आश्रम में दिया राष्ट्रभक्ति और विरासत के सम्मान का संदेश

मुस्तफाबाद का नाम होगा ‘कबीरधाम’, सीएम योगी ने विपक्ष के 'सेक्युलरवाद' को बताया 'पाखंड' – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी स्थित कबीरधाम आश्रम में दिया राष्ट्रभक्ति और विरासत के सम्मान का संदेश – बोले योगी – सेक्युलरिज्म के नाम पर पहचान मिटाने का दौर अब खत्म हुआ – डबल इंजन की सरकार में हो रहा प्रमुख धर्मस्थलों का पुनरुद्धार, पहले यही पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री में जाता था : मुख्यमंत्री – संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज को मार्ग दिखा रही : योगी आदित्यनाथ – जो देश की एकता तोड़ता है, वह भारत की आत्मा पर प्रहार करता है : सीएम योगी – सभी समस्याओं का समाधान है राष्ट्रभक्ति : मुख्यमंत्री – मोदी जी के नेतृत्व में भारत जल्द बनने जा रहा तीसरी आर्थिक महाशक्ति : योगी आदित्यनाथ – लखीमपुर खीरी में बना मेडिकल कॉलेज, अब एयरपोर्ट का होगा विस्तार : मुख्यमंत्री – ईको-टूरिज्म से जिले को मिलेगी विकास की नई दिशा : सीएम योगी – मुख्यमंत्री ने किसानों से की रसायनिक खेती छोड़ नेचुरल फार्मिंग अपनाने की अपील – सीएम ने नशा को बताया नाश का कारण, कहा यह विदेशी साजिश, नई पीढ़ि को इससे बचाना होगा – हमारी गुलामी का कारण रही है छुआछूत और जातीयता : योगी आदित्यनाथ – भूमि हमारी माता है, उसकी सेवा ही सच्ची उपासना है : सीएम योगी लखीमपुर खीरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद स्थित विश्व कल्याण आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने ‘स्मृति प्राकट्योत्सव मेला-2025’ में भाग लिया और पूज्य संतों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश के धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है, जबकि पहले यही पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने में लगता था। उन्होंने मुस्तफाबाद का नाम बदलकर कबीरधाम रखने की घोषणा की और कहा कि पिछली सरकारों में अयोध्या को फैजाबाद, प्रयागराज को इलाहाबाद और कबीरधाम को मुस्तफाबाद बनाया गया था। हमने इन स्थलों की पहचान वापस लौटाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे सेक्युलरिज्म के नाम पर करता था, जबकि यह पाखंड है। संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही कबीरधाम आश्रम में आयोजित इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रभक्ति, सनातन परंपरा, विरासत के सम्मान, और विकास की दिशा में सरकार की उपलब्धियों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही है। उन्होंने निर्गुण भक्ति की वह धारा प्रवाहित की जो समाज की विसंगतियों को तोड़कर आत्मा और परमात्मा का संबंध सरल शब्दों में आमजन को समझाने में सफल रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'गुरु गोविंद दोनों खड़े काके लागूं पांव…' यह दोहा आज भी हमें गुरु के महत्व का स्मरण कराता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संतों की वाणी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी सैकड़ों वर्ष पूर्व थी। उन्होंने कहा कि 'कबीरदास जी ने उस दौर में समाज की जातीय विषमताओं पर प्रहार कर कहा था, ‘जाति पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई।’ यह वाणी हमारे समाज की एकता और अखंडता की आधारशिला है। देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। आज भी समाज विरोधी ताकतें आस्था पर प्रहार करने और जाति के नाम पर विभाजन करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम समय रहते अपनी कमजोरियों को नहीं पहचानेंगे तो ये बीमारियां कैंसर की तरह समाज को खोखला कर देंगी। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रभक्ति ही सभी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि “माता भूमि पुत्रोहम्…” यह भूमि केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं, हमारी मातृभूमि और पितृभूमि है। इस धरती की सेवा ही सच्ची उपासना है। कुछ ही माह में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनेगा भारत मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए परिवर्तन की चर्चा करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश पहचान के संकट से जूझ रहा था। भ्रष्टाचार, आतंकवाद और विभाजनकारी राजनीति चरम पर थी। मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और कुछ ही माह में यह तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने जा रहा है। धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार से आस्था और पर्यटन दोनों को बल मिला उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी जैसे सीमावर्ती जिलों में भी विकास की नई धारा बह रही है। गांव-गांव सड़कें बन रही हैं, मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो रही है, एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोला गोकर्णनाथ धाम और कबीरधाम जैसे धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार से आस्था और पर्यटन दोनों को बल मिल रहा है। गो-सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर भी दिया जोर मुख्यमंत्री ने संत असंगदेव जी महाराज के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे धर्म, नशा मुक्ति और राष्ट्र चेतना का अद्भुत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नशा मुक्ति पर बोलते हुए कहा कि नशा नाश का कारण है। विदेशी ताकतें हमारे युवाओं को बर्बाद करने की साजिश रच रही हैं। फोन का इस्तेमाल सीमित करें और आत्मविकास पर ध्यान दें। सीएम योगी ने गो सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर गाय के लिए सरकार 1500 रुपये प्रतिमाह दे रही है। गोमाता के संरक्षण के लिए जनप्रतिनिधियों को गोशालाओं की देखरेख करनी चाहिए। रासायनिक खेती से जमीन ऊसर हो रही है, इसलिए नेचुरल फार्मिंग अपनाएं। एक गाय 30 एकड़ भूमि के लिए पर्याप्त जैविक खाद देती है। यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का संरक्षण, खेती की रक्षा और नशा मुक्ति, यही राष्ट्र की सच्ची सेवा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देशवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। इससे पूर्व उन्होंने सद्गुरु कबीर पूज्य श्री असंगदेव जी धर्मशला का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर असंग देव जी महाराज, प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान, नितिन अग्रवाल, मन्नूलाल कोरी, विधायक अमन गिरी, रोमी साहनी, लोकेंद्र प्रताप सिंह, शशांक वर्मा, योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, मंजू त्यागी, सौरभ सिंह सोनू, महामंडलेश्वर प्रवक्तानंद सहित … Read more

मेरठ: सेंट्रल मार्केट में कॉम्प्लेक्स 22 सेकंड में जमींदोज़, दुकाने बनीं मलबे का ढेर

मेरठ मेरठ के सेंट्रल मार्केट में कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण के दौरान सुबह 11:51:58 बजते ही कुछ ही पलों में दुकानें धराशाई हो गई। इसके साथ ही प्रभावित दुकानदारों के सपने भी उजड़ गए। पहले दिन की कार्रवाई के बाद खंडहर दिख रहीं दुकानें पल भर में ही मलबे में तब्दील हो गईं। धूल का गुबार ऐसा उठा कि आसपास मौजूद व्यापारियों, पुलिस की टीमों सहित अन्य लोगों को वहां से 500 मीटर दूर तक जाना पड़ा। धूल पर नियंत्रण के लिए पानी छिड़का गया। जमींदोज करने से चंद सेकंड पहले ही हाइड्रा जेसीबी मशीन चालक ने आखिरी पिलर पर चोट की और अचानक वाहन तेजी के साथ पीछे कर दिया। यह देख आसपास के लोग घबरा गए और पूछा क्या हुआ तो चालक बोला… चिंता की बात नहीं, बस हो गया। उसके इतना कहते ही कॉम्प्लेक्स भरभराकर गिर गया। मेरठ के शास्त्रीनगर की सेंट्रल मार्केट में दूसरे दिन हाइड्रा एवं जेसीबी ड्रिल मशीन से 22 सेकंड में अवैध कॉम्प्लेक्स (661/6) को जमींदोज कर दिया गया। आक्रोशित व्यापारियों ने अनिश्चितकाल के लिए सेंट्रल मार्केट बंद करा दी। व्यापारियों ने कहा कि अन्य कोई निर्माण नहीं तोड़े जाने का आश्वासन मिलने के बाद ही धरना-प्रदर्शन खत्म किया जाएगा। मलबा हटाने के लिए तीन जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। रविवार को दूसरे दिन भी शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में अवैध कॉम्प्लेक्स को जमींदोज करने के लिए भारी पुलिस बल के बीच बैरिकेडिंग कर सुबह 10 बजे से काम शुरू किया गया। शाम चार बजे तक करीब 80 फीसदी हिस्सा जमींदोज कर दिया गया।   बराबर की अन्य दुकानों और घरों को नुकसान होने की आशंका के चलते अलंकार साड़ीज की तीन मंजिला दुकान को पूरी तरह नहीं गिराया गया।   अवैध कॉम्प्लेक्स जमींदोज होने पर सेंट्रल मार्केट के पांच व्यापारिक संगठनों ने एकजुटता का आह्वान कर अनिश्चितकाल के लिए बाजार बंद कर प्रदर्शन किया। टोलियों में व्यापारी बाजारों में घूमे और खुली दुकानों को बंद कराया।   बाद में धरना शुरू करते हुए सभी व्यापारियों ने मांग की कि जिला प्रशासन उन्हें लिखित में अन्य दुकानों को नहीं तोड़ने का आश्वासन दे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों को लेकर भी उनका गुस्सा फूटा और उनके खिलाफ नारेबाजी की। व्यापारियों ने शाम को काली पट्टी बांधकर जुलूस भी निकाला। मलबे के बीच खड़ी खंडहर दुकान पर अब चलेगा हथौड़ा मेरठ में सेंट्रल मार्केट में भूखंड संख्या 661 पर अवैध कॉम्प्लेक्स का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिरते ही जमीन और आसपास के भवन भी दहल गए। गिरे हुए मलबे के बीच अलंकार साडीज की खंडहर दुकान पर हाइड्रा जेसीबी चलाने से रोक दिया गया। आशंका थी कि इससे पड़ोस के आवासीय भवनों को नुकसान पहुंच सकता है।   आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने सबसे पहले जेसीबी और हाइड्रा जेसीबी से कॉम्प्लेक्स का पूर्वी और दक्षिणी हिस्से पर वार किया गया और दुकानों को ढहाया गया। रविवार को इमारत भरभराकर गिरकर मलबे में तब्दील हो गई। इसके बाद जैसे ही कर्मचारियों ने अलंकार साडीज की दुकान को ध्वस्त करने का प्रयास किया तो कुछ व्यापारियों और पुलिस ने रोक दिया। तर्क दिया गया कि बिल्डिंग पूरी तरह हिल चुकी है। बराबर में भूखंड संख्या 662 पर आवास है। अगर मलबा इस आवास पर गिर गया तो भारी नुकसान हो सकता है। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि इस तीन मंजिला दुकान के खंडहर को अब मजदूरों से हथौड़ा व अन्य औजारों से तुड़वाया जाएगा। पुलिस ने पड़ोसी मकान से भवन स्वामी सुभाष के परिवार को पहले ही निकाल दिया था। हालांकि दिन में एक-दो बार कुछ लोग मकान के गेट पर दिखाई भी दिए। मलबा उठाने में लगेगा समय आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार का कहना है कि कॉम्प्लेक्स का मलबा उठाने में अभी कुछ दिन का समय लगेगा। धूल और गुबार को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है।

कपलिंग टूटी रुकी मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट, कई ट्रेनें रहीं प्रभावित

चित्रकूट मुंबई हावड़ा रेल लाइन के ठिकरिया, मारकुंडी रेलवे स्टेशन के मध्य मुंबई एलटीटी सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन की कपलिंग टूट गई। इससे करीब पांच घंटे यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान करीब आधा दर्जन ट्रेनें ठिकरिया, मझगवा, जैतवारा, सतना आदि स्टेशनों में खड़ी रहीं। बता दें कि सोमवार तड़के करीब 2:45 बजे मुंबई एलटीटी से भागलपुर की ओर जाने वाली 2336 ट्रेन के लास्ट के एसी कोच की कपलिंग टूट जाने से एक्सप्रेस ट्रेन की 4 बोगी अलग हो गई। ट्रेन में सवार यात्रियों व गार्ड के द्वारा ट्रेन चालक व स्टेशन प्रबंधक को सूचना दी गई। करीब पांच घंटे तक मशक्कत करने के बाद सुबह करीब आठ बजे ट्रेन आगे को रवाना हुई। इस बीच ताप्ती गंगा, काशी, गोदान आदि आधा दर्जन ट्रेन डेढ़ से दो घंटे तक विभिन्न स्टेशनों में खड़ी रखी गईं। इस मामले में मानिकपुर स्टेशन प्रबंधक शिवेश मालवीय ने बताया कि यह भोर का मामला है। सूचना मिलने पर ट्रेन की टूटी कपलिंग सही करवाई गई है। वहीं अन्य ट्रेनों को रूट खाली न होने से डिले करना पड़ा।

प्रदेश के कई जनपदों से समस्या लेकर आए फरियादी, मुख्यमंत्री ने सभी से की मुलाकात

समस्या लेकर आये लोगों से मिले मुख्यमंत्री, बोले- आपकी सेवा ही सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के कई जनपदों से समस्या लेकर आए फरियादी, मुख्यमंत्री ने सभी से की मुलाकात  पुलिस, आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद, पारिवारिक मामलों से जुड़ी शिकायतें भी आईं मुख्यमंत्री ने निश्चित समयावधि में निस्तारण का दिया निर्देश  महिला कलाकार ने सांस्कृतिक मंच दिलाने की रखी मांग, मुख्यमंत्री बोले- पंजीकृत व स्थानीय कलाकारों को मिले अधिक से अधिक मौका  लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के उपरांत सोमवार को फिर 'जनता दर्शन' किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जनपदों से आये हर पीड़ित से मुलाकात की, उनके पास पहुंचकर समस्या सुनी, फिर अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में उचित निस्तारण कराएं। पीड़ितों से फीडबैक भी लें। इस दौरान लगभग 50 से अधिक पीड़ितों ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। फरियादियों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी सेवा ही सरकार की प्राथमिकता है। धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रहेगा अधूरा 'जनता दर्शन' के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने इसकी जांच कर तत्काल कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। वहीं एक पीड़ित ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल से एस्टिमेट बनवाने को कहा। उन्होंने कहा कि धन के अभाव में किसी पीड़ित का इलाज अधूरी नहीं रहेगा। सरकार हर जरूरतमंद के इलाज की व्यवस्था के लिए खड़ी है।   सर! मैं कलाकार हूँ, मुझे कार्यक्रम दिलवा दीजिये 'जनता दर्शन' में एक महिला कलाकार भी पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बताया कि वे लोकगीत कलाकार हैं। उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रम करना है। मंच दिला दीजिये। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल उन्हें कार्यक्रम दिलाने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री बोले कि सरकार हर जनपद में लोककलाओं को प्राथमिकता दे रही है। हर जगह अनेक आयोजन भी कराए जाते हैं। इसमें पंजीकृत व अधिक से अधिक स्थानीय कलाकारों को मौका मिले।    पुलिस, पारिवारिक मामले भी आए इस दौरान पुलिस से जुड़े मामले भी आये। कई लोगों ने पारिवारिक मामले को लेकर भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी शिकायत रखी। पुलिस से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने इसे दिखवाने और पीड़ितों की समस्या के समाधान कराने का निर्देश दिया।   

दीपु सैनी की चौंकाने वाली वापसी — 13 साल पहले मृत मानकर गंगा में छोड़ा गया युवक अब जिंदा है

बुलंदशहर   बुलंदशहर के सूरजपुर टीकरी गांव में 13 साल बाद दीपू नाम का युवक सकुशल अपने घर लौटा है. उसे सांप ने काटा था और मृत समझकर परिजनों ने गंगा में बहा दिया था. दीपू के 'जिंदा' वापस लौटने की खबर इस समय क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. आइए जानते हैं पूरा मामला… दरअसल, दीपू सैनी नाम का युवक घर वापस लौटा है. 13 वर्ष पहले सांप के काटने के बाद उसे मृत मान लिया गया था. यह घटना बुलंदशहर के औरंगाबाद क्षेत्र के सूरजपुर टीकरी गांव की है. दीपू को भूसे की कोठरी में सांप ने काट लिया था. गांव के रिवाज के अनुसार, मृत समझकर उसे गंगा नदी में बहा दिया गया था. कथित तौर पर सपेरों के प्रयासों से वह जीवित वापस लौट आया. दीपू के पिता सुखपाल सैनी ने बताया कि इलाज के बाद सभी ने उसे मृत घोषित कर दिया था. गांव की महिलाओं और दीपू की मां सुमन देवी की मान्यता थी कि सांप काटने वाले जीवित हो सकते हैं. उधर, सपेरों ने दीपू को गंगा किनारे खोज निकाला और हरियाणा के पलवल स्थित बंगाली बाबा के आश्रम ले गए. इलाज के लिए वे उसे बंगाल भी ले गए, जहां तंत्र-मंत्र की विधा से उसका उपचार हुआ. परिवार से मिलन दीपू 6-7 साल बंगाल में रहा, फिर पलवल आ गया. दीपू के परिजनों को जानकारी मिली कि सांप काटने से मृत हुए व्यक्तियों का इलाज पलवल में होता है. तलाश करते हुए वे एक वर्ष पहले पलवल पहुंचे. वहां दीपू उन्हें मिल गया. संतों ने दीपू के कान के पीछे के निशान से उसकी पहचान की पुष्टि की. दीपू ने भी माता-पिता को पहचान लिया. 25 अक्टूबर को पलवल के संत-साधु दीपू को लेकर बुलंदशहर के सूरजपुर टिकरी गांव पहुंचे और उसे परिजनों को सौंप दिया. क्या है सच्चाई? दीपू के जिंदा लौटने की खबर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. कुछ लोग इस पर विश्वास कर रहे हैं, तो कुछ इसे अंधविश्वास मान रहे हैं. वहीं, दीपू सैनी ने कहा- "14 वर्ष पहले मेरे को सांप ने काट लिया था. अब मैं अपने परिवार के बीच वापस आ गया हूं. पलवल में मेरा इलाज हुआ था. परिजनों के पास गांव आकर मेरे को बहुत अच्छा लग रहा है." वहीं, चिकित्सकों ने कहा है कि मृत व्यक्ति जिंदा नहीं हो सकता, यह मेडिकल साइंस में संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि ये हो सकता है कि दीपू मरा ही न हो. या फिर कोई और उसके जगह जीवित होने का दावा कर रहा हो. फिलहाल, जांच के बाद ही असल सच्चाई सामने आएगी. क्योंकि, पूर्व में ऐसे केस सामने आ चुके हैं जिनमें सालों बाद बेटा/पति बनकर लौटा व्यक्ति फ्रॉड निकला.

गढ़मुक्तेश्वर मेला बनेगा श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता का प्रतीक: मुख्यमंत्री

  सीएम ने पशुपालन विभाग को दिया निर्देशः गढ़ गंगा मेले में पशु मेला भी लगता है, पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा आदि रहे उपलब्ध सीएम योगी ने किया गंगा पूजन, सदर बाजार का किया अवलोकन 30 अक्टूबर से पांच नवंबर तक चलेगा मेला लखनऊ/गढ़मुक्तेश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर में लगने वाले वार्षिक कार्तिक पूर्णिमा मेले और अमरोहा के तिगरी मेले की तैयारियों का निरीक्षण किया और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मेला स्थल का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर हर वर्ष लगभग 40 से 45 लाख श्रद्धालु गंगा तट पर स्नान और दीपदान के लिए पहुँचते हैं, इसलिए सभी व्यवस्थाएँ समयबद्ध और समन्वित हों ताकि किसी को असुविधा न हो।  मुख्यमंत्री ने यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बता दें कि इस वर्ष 30 अक्टूबर से पांच नवंबर तक चलने वाले इस मेले को ‘मिनी कुंभ’ के रूप में आयोजित करने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। गंगा घाटों पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती, सीसीटीवी व ड्रोन निगरानी, रेस्क्यू बोट और हेल्पलाइन सेंटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मेले को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से जोड़ा जाए तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि घाटों पर पर्याप्त चेकर प्लेट लगाई जाएं, पैंटून ब्रिज की व्यवहार्यता का परीक्षण किया जाए और कटान क्षेत्रों में सिंचाई विभाग द्वारा ड्रेजिंग कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान गहराई वाले जल क्षेत्रों में एनडीआरएफ/एसडीआरएफ और फ्लड यूनिट लगातार सतर्क रहें और आवश्यक बैरिकेडिंग की जाए। श्रद्धालुओं को अनुशासित व्यवहार हेतु प्रेरित करने के लिए काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएं। पूरे मेले क्षेत्र में सीसीटीवी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर की सतत निगरानी सक्रिय रहे। पार्किंग स्थलों पर वाहनों की सुरक्षा, प्रसारण व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अस्थायी शौचालयों में ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज की प्रणाली लागू की जाए और किसी भी प्रकार की लीकेज को रोका जाए। घाटों पर भीड़ नियमन, चेंजिंग रूम, स्वच्छ शौचालय, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, और कचरा एवं बोतल संग्रहण प्रणाली को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और सभी स्थलों पर इलेक्ट्रिक सेफ्टी का ध्यान रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले में आकर्षक सजावट की जाए तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु होर्डिंग्स लगाई जाएं। साथ ही फायर सेफ्टी सिस्टम, अस्थायी अस्पताल, एंटी-स्नेक वैनम और एंटी-रेबीज़ वैक्सीन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जल में स्नान के दौरान पुलिस और एनडीआरएफ की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, और 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में यातायात डायवर्जन योजना प्रभावी रूप से लागू की जाए ताकि किसी प्रकार का जाम न लगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं से कोई अतिरिक्त शुल्क न वसूला जाए और पशुओं के चारे तथा भोजन-पेयजल की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी पर तैनात स्वयंसेवकों के खान-पान की उचित व्यवस्था की जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि गढ़मुक्तेश्वर का यह ऐतिहासिक मेला न केवल आस्था का केंद्र बने, बल्कि व्यवस्था, स्वच्छता और अनुशासन का आदर्श उदाहरण भी प्रस्तुत करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़मुक्तेश्वर का यह आयोजन उत्तर प्रदेश की आस्था, अध्यात्म और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। सरकार का लक्ष्य है कि यह मेला श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता के साथ सम्पन्न हो, ताकि हर आगंतुक इस पावन तीर्थ से शांति और आशीर्वाद लेकर लौटे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र में गंगा पूजन किया फिर गढ़ मेला क्षेत्र में स्थापित सदर बाजार का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने गढ़ मुक्तेश्वर में बनाए जा रहे मोढ़े के स्टोर का भी अवलोकन किया और मोढ़े की क्वालिटी की प्रशंसा की। मालूम हो कि गढ़मुक्तेश्वर का धार्मिक और पौराणिक महत्व अत्यंत प्राचीन है। मान्यता है कि महाभारत के युद्ध के बाद युधिष्ठिर, अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए यहीं गंगा में स्नान किया था। यही वह स्थान है जहाँ भगवान परशुराम ने मुक्तेश्वर महादेव की स्थापना की थी। स्कंद पुराण और महाभारत में गढ़मुक्तेश्वर का उल्लेख एक ऐसे तीर्थ के रूप में मिलता है, जहाँ गंगा स्नान और तर्पण से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहाँ का कार्तिक पूर्णिमा मेला केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक परंपरा और लोक जीवन का भी प्रतीक है। ब्रिजघाट और मुक्तेश्वर घाट पर हर वर्ष लाखों श्रद्धालु स्नान, दीपदान और पितृ-तर्पण के लिए पहुँचते हैं।

बिहार की राजनीति में बयानबाजी का नया ट्विस्ट: केशव मौर्य ने तेजस्वी यादव पर बोला हमला

लखनऊ यूपी में भी बिहार विधानसभा चुनाव का सियासी असर देखने को मिल रहा है। यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 'नौकरी के बदले जमीन योजना' का जो दावा यादव कर रहे हैं, वह वास्तव में बिहार की जनता को ठगने और राज्य की संपत्ति पर कब्जा करने की साज़िश है। इससे पूरे बिहार की जमीन पर लालू परिवार का कब्जा हो जाएगा। मौर्य ने बिहार विधानसभा चुनाव के बीच रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, यादव के मुताबिक़ उनकी सरकार बनने पर नौकरी के बदले जमीन योजना के तहत हर एक घर से अगर एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाएगी, तब तो पूरे बिहार की सारी ज़मीन पर बैनामा उनके परिवार का हो जाएगा। गौरतलब है कि जमीन के बदले नौकरी घोटाला 2004-2009 के बीच का है और उस समय लालू प्रसाद यादव संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में रेल मंत्री थे। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अनुसार, इस दौरान रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों के बदले में उम्मीदवारों से उनकी जमीन या संपत्ति को कम कीमत पर लालू परिवार के नाम करवाया गया था।