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योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने तैयार की व्यापक रणनीति

दिव्यांगजनों की योजनाओं को लेकर प्रदेश के सभी पात्रों तक पहुंचेगी योगी सरकार   योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने तैयार की व्यापक रणनीति  – सोशल मीडिया से लेकर प्रदेश भर के विद्यालयों, पंचायतों व नगरीय निकायों में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान   दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार मेलों के आयोजन पर जोर दे रही योगी सरकार लखनऊ  योगी सरकार ने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए विभागीय योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। इसके तहत आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया का सहारा लिया जाएगा ताकि योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। योगी सरकार ने दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे योजनाओं की पहुंच और प्रभावशीलता को बढ़ाया जा सके। योगी सरकार ने निर्देश दिया है कि योजनाओं की जानकारी को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में फैलाने के लिए मीडिया, सोशल मीडिया, विद्यालयों, पंचायतों, नगरीय निकायों और स्थानीय शिविरों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाए। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। पात्र विद्यार्थियों को समय से पहले मिलेगी छात्रवृत्ति  आगामी 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के अवसर पर विभाग द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें पात्र विद्यार्थियों को समय से पहले छात्रवृत्ति वितरित की जाएगी। यह पहली बार होगा जब छात्रवृत्ति का वितरण समय से पूर्व सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। योगी सरकार ने प्रत्येक पात्र लाभार्थी को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है।  दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार मेलों का आयोजन दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार ने रोजगार मेलों के आयोजन पर भी जोर दिया है। ये मेले विभागीय स्तर पर आयोजित किए जाएंगे, जिससे दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे योजनाओं के प्रचार-प्रसार को और प्रभावी बनाने के लिए रचनात्मक तरीके अपनाएं। सोशल मीडिया के माध्यम से योजनाओं की जानकारी को वायरल करने और स्थानीय स्तर पर शिविरों के आयोजन से जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि योगी सरकार की इस पहल से न केवल दिव्यांगजनों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया जाएगा, बल्कि उनकी प्रतिभा और क्षमता को समाज में एक नई पहचान भी मिलेगी। योगी सरकार का यह कदम उत्तर प्रदेश को दिव्यांग सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

सीएम योगी ने दी यूपी के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत की 138वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि

यूपी के विकास को सकारात्मक कदम उठाए पंडित पंत ने : मुख्यमंत्री सीएम योगी ने दी यूपी के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत की 138वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि सीएम ने सराहा पंडित पंत की पहल, कहा- राज्य के विकास को दिया नई दिशा गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और देश के गृहमंत्री रहे भारत रत्न, पंडित गोविंद वल्लभ पंत की 138वीं जयंती के अवसर पर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। गोरखनाथ मंदिर के कार्यालय परिसर में पंडित पंत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पंडित पंत जी ने उत्तर प्रदेश के विकास के विकास के लिए सकारात्मक कदम उठाए।  सीएम योगी ने प्रदेश सरकार और प्रदेश की 25 करोड़ जनता की तरफ से पंडित गोविंद वल्लभ पंत की जयंती पर उनकी पावन स्मृतियों को नमन किया और उन्हें भारत मां का सच्चा सपूत बताते हुए श्रद्धाजंलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंत जी का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुआ था। देश की आजादी के आंदोलन में उन्होंने बढ़चढ़कर भाग लिया। वह महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। भारत के स्वतंत्र होने के बाद तत्कालीन संयुक्त प्रांत और प्रथम आम चुनाव के बाद यूपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया।   प्रथम मुख्यमंत्री होने के नाते उत्तर प्रदेश के विकास की कार्ययोजना बनाने में पंत जी की अविस्मरणीय भूमिका रही। सैकड़ों वर्ष की गुलामी के चलते उस समय काफी चुनौतियां थीं। व्यवस्था अस्त व्यस्त थी लेकिन उसे ठीक करने और यूपी को विकास के अग्रणी पायदान पर पहुंचाने के लिए पंडित गोविंद वल्लभ पंत ने सकारात्मक कदम उठाए थे। यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा देने के बाद पंत जी को 1954 में देश के गृहमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। इस पद पर रहते हुए उन्होंने राजभाषा सूत्र देने के साथ ही सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा देश की एकता और अखंडता के लिए किए गए प्रयासों को आगे बढ़ाया।

सीएम योगी का खास नजरिया: गोसेवा करते हुए भवानी और भोलू को किया दुलारा, पुंज को खिलाया गुड़

सीएम योगी ने की गोसेवा,भवानी और भोलू को दुलारा, पुंज को भी खिलाया गुड़ सीएम योगी का खास नजरिया: गोसेवा करते हुए भवानी और भोलू को किया दुलारा, पुंज को खिलाया गुड़ सीएम योगी ने किया प्यार भरा काम, गायों भवानी, भोलू और पुंज के साथ बिताए खास पल गोरखपुर  गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पशु-पक्षी प्रेम जगजाहिर है। इसका एक नजारा बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में एक बार दिखा। प्रातःकाल मंदिर परिसर भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने गोशाला में गोसेवा की और मोर को भी गुड़ खिलाया।  गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान गोसेवा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा है। इसी क्रम में बुधवार सुबह भी उन्होंने मंदिर की गोशाला में समय बिताया और गोसेवा की। मुख्यमंत्री ने गोवंश को गुड़ खिलाया और गोशाला के कार्यकर्ताओं को देखभाल के लिए जरूरी निर्देश दिए। गोसेवा के दौरान उन्होंने पिछले साल आंध्र प्रदेश के येलेश्वरम स्थित गोशाला से गोरखनाथ मंदिर लाए गए नादिपथि मिनिएचर नस्ल (पुंगनूर नस्ल की नवोन्नत ब्रीड) के गोवंश भवानी और भोलू को खूब दुलारा। गोवंश के ये नाम सीएम योगी ने ही रखे हैं। उन्होंने भवानी और भोलू को गुड़ भी खिलाया। सीएम योगी के स्नेह से गोवंश भाव विह्वल दिख रहे थे। मंदिर की गोशाला में एक मोर भी विचरण करता है। उसका नाम पुंज रखा गया है। विगत कई माह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब गोशाला में होते हैं तो पुंज उनके पास आ जाता है। मुख्यमंत्री उसे भी खूब स्नेह और भोजन देते हैं। बुधवार को भी उन्होंने पुंज को दुलारा और अपने हाथों से उसे गुड़ खिलाया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसहवा का किया भूमि पूजन व शिलान्यास

शिक्षण संस्थान केवल अक्षर ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि बालक के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसहवा का किया भूमि पूजन व शिलान्यास मुख्यमंत्री ने पौधरोपण व पुस्तक का किया विमोचन   पड़ोस की आग नहीं बुझाई तो हमें भी उसकी चपेट में आना होगाः सीएम योगी  जब पैसा विदेशी कंपनी के पास जाता है तो इसका मुनाफा पहलगाम जैसी आतंकी वारदात में होता हैः योगी  समाज का नेतृत्व और मार्गदर्शन कर रहे शिशु मंदिर से निकले छात्रः सीएम  विदेशियों ने भारत को लूटकर अर्जित किया, जबकि भारत ने पुरुषार्थ से समृद्धि को बनायाः मुख्यमंत्री  बोले-दो दिन में छह हजार युवाओं को दिया नियुक्ति पत्र  सुहेलदेव को हम भूल गए और सालार मसूद को पूजने लगेः योगी बस्ती/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की शिक्षा कैसी होनी चाहिए। आजादी के पांच साल के बाद जब तत्कालीन सरकारें इस दिशा में प्रयास नहीं कर पाईं, तब नाना जी ने गोरखपुर से इस प्रयास को बढ़ाया था। उसके पीछे का ध्येय था कि भारत, भारतीयता, परंपरा,  संस्कृति और मातृभाव से ओतप्रोत ऐसे शिक्षण संस्थान की स्थापना आवश्यक है, जो देश को फिर से विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने में योगदान दे सके। इसकी शुरूआत शिक्षा के मंदिरों से ही होती है। शिक्षण संस्थान केवल अक्षर ज्ञान के माध्यम ही नहीं, बल्कि बालक के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैं। शिक्षा यदि संस्कार, मूल्यों-आदर्शों, मातृभूमि, महापुरुषों, राष्ट्रीयता के प्रति समर्पण का भाव पैदा नहीं कर पा रही है तो वह कुशिक्षा और भटकाव है। आजादी के तत्काल बाद उसका समाधान सरस्वती शिशु मंदिर से प्रारंभ हुआ।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसहवा का भूमि पूजन, शिलान्यास, पौधरोपण व पुस्तक का विमोचन भी किया। आरएसएस के तत्कालीन प्रचारक नाना जी देशमुख के नेतृत्व में सरस्वती शिशु मंदिर की पहली शाखा गोरखपुर में स्थापित की गई थी। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के मातृभूमि होने का सौभाग्य गोरक्ष प्रांत को प्राप्त है। विद्या भारती के अंतर्गत संचालित हजारों शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान राष्ट्र निर्माण के जिस अभियान के साथ जुड़े हैं, उसकी ताकत देश-दुनिया समझती है।  शिशु मंदिर से निकले छात्र समाज का नेतृत्व भी कर रहे और मार्गदर्शन भी सीएम योगी ने कहा कि पाठ्यक्रम सरकार तैयार करती है। सरकार सहयोग करे या न करे। बिना सरकार की सहायता के अपने दम और स्वयंसेवकों के सहयोग से भारतीयता के प्रति अनुराग रखने वाले नागरिकों के माध्यम से सरस्वती शिशु मंदिर ने इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। गोरखपुर के पक्कीबाग में जब पहला सरस्वती शिशु मंदिर स्थापित हुआ तो उस समय मात्र पांच छात्र थे, लेकिन आज शिशु मंदिर के 12 हजार विद्यालय हैं। यह संस्थान बच्चों के अंदर भारत व भारतीयता के प्रति नागरिक के रूप में कर्तव्यों का बोध कराने और सुयोग्य नागरिक बनाने के लिए राष्ट्रीय दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन कर रहा है। सरस्वती शिशु मंदिर से निकले छात्र समाज को नेतृत्व भी दे रहे और मार्गदर्शन भी कर रहे हैं।   शिक्षा से होती देश के समर्थ, आत्मनिर्भर व शक्तिशाली होने की शुरुआत   सीएम योगी ने कहा कि देश के समर्थ, आत्मनिर्भर व शक्तिशाली होने की शुरुआत शिक्षा से होती है। दुनिया में समृद्धि की चर्चा होती है तो पहला पैरामीटर शिक्षा, फिर स्वास्थ्य, उसके बाद कृषि-जल संसाधन, तब कौशल विकास व रोजगार होता है। फिर पर्यावरण को ध्यान में रखकर विकास की बात होती है। यह पैरामीटर तय करते हैं कि समग्र विकास के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। इस मंशा के साथ जब कोई अभियान बढ़ता है तो वह न केवल देशहित, बल्कि मानवता का मार्ग भी प्रशस्त करता है। आज का कार्यक्रम सुयोग्य नागरिकों को गढ़ने, तलाशने और तराशने का महत्वपूर्ण मंच शुरू करने जा रहा है। इसके माध्यम से भारत के सुयोग्य नागरिक विकसित करने का मंच विकसित हो रहा है।  बिना प्लानिंग कार्य करने से चूक जाते हैं सीएम ने कहा कि जब बिना किसी प्लानिंग कार्य करते हैं तो चूक जाते हैं। हर व्यवस्था, प्रबंधन, सरकार, कॉरपोरेट घराना वर्ष भर की योजना बनाता है, फिर लघु, मध्यम व दीर्घ अवधि के कार्यक्रम तय करता है। इसके माध्यम से आगे के लक्ष्यों को प्राप्त करके हम भी सशक्त होंगे और भावी पीढ़ी, संस्थान को भी समर्थ भी बना पाएंगे। सरकार हर साल बजट प्रस्तुत करती है। इसमें विजन होता है कि एक वर्ष, फिर पांच वर्ष, दस वर्ष, 25 वर्ष की योजना क्या होगी। भारत की आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष पर पीएम मोदी ने आगामी 25 वर्ष की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।  भारत को विकसित बनाने के लिए पंच प्रण को जीवन का हिस्सा बनाने को कहा।   विरासत का करना होगा सम्मान सीएम ने कहा कि विरासत का सम्मान करना होगा। हमारे पूर्वजों (1953 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी) ने संकल्प लिया था कि एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे। कश्मीर में शेष भारत का कानून लागू करने का शंखनाद किया था। उन्हें बलिदान भी देना पड़ा। 1952 में कांग्रेस ने बाबा साहेब के न चाहने के बावजूद जबरन लागू किया, लेकिन पीएम मोदी ने डॉ. मुखर्जी के संकल्प को साकार कर आतंकवाद व भारत विरोधी गतिविधियों-साजिशों को समाप्त करके कश्मीर को भारत के कानून के साथ जोड़ा। 500 वर्ष का इंतजार समाप्त हुआ और अयोध्या में रामललाा के मंदिर का निर्माण हुआ। विपक्षी दल चाहते थे कि यह नहीं होना चाहिए। सीएम ने कहा कि प्रभु श्रीराम आदर्श व भारतीयता के प्रतीक है। जब महर्षि वाल्मिकी ने नारद जी से पूछा कि मुझे कुछ लिखना है, ऐसा कौन सा आदर्श है। तब उन्होंने कहा कि इस धरती पर एक ही चरित्र है, आप श्रीराम पर लिखें। हमें महर्षि वाल्मीकि, प्रभु राम,  श्रीकृष्ण की परंपरा पर गौरव की अनुभूति है। भारत और भारतीयता के लिए जिन महापुरुषों व स्वतंत्र भारत में सीमाओं की रक्षा करते हुए जिन्होंने बलिदान दिया, वे सभी हमारे आदर्श हैं। उनका सम्मान और विरासत का संरक्षण करना हर भारतीय का दायित्व है।  विदेशियों ने भारत को लूटकर अर्जित किया, जबकि भारत ने पुरुषार्थ से समृद्धि को बनाया सीएम ने गुलामी के अंशों को सर्वथा समाप्त करने पर भी चर्चा की। बोले कि गुलामी की मानसिकता देश … Read more

जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों को सिखाएं कानूनी सबक : मुख्यमंत्री जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं सबकी खुशहाली सरकार का संकल्प,नहीं होने देंगे किसी के साथ अन्याय : मुख्यमंत्री  पैसे की कमी से नही रुकेगा किसी का भी इलाज : सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि गरीबों की जमीन पर यदि किसी ने कब्जा किया है तो तत्काल जमीन को कब्जामुक्त कराने के साथ दबंगों को कानूनी सबक सिखाया जाए। किसी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ विधि सम्मत कड़ा एक्शन लिया जाए। सरकार किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने देने और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने को संकल्पित है।  सीएम योगी बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार के बाहर कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक वह खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ सीएम ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। जनता दर्शन में एक महिला ने दबंगों द्वारा जमीन कब्जा किए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद प्रशासन व पुलिस के अफसरों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जा की शिकायत पर त्वरित एक्शन लिया जाए। जमीन कब्जामुक्त होनी चाहिए यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी दबंग किसी की जमीन पर कब्जा न करने पाए।  मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को उन्होंने पूरी पारदर्शिता वह निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी मदद की जाए।  बच्ची का एडमिशन कराओ, स्कूल में सबकुछ फ्री है जनता दर्शन में कुछ लोगों के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें दुलारकर आशीर्वाद दिया। उनका नाम और स्कूल जाने के बारे में पूछा और अपने हाथों से चॉकलेट देते हुए खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया। जनता दर्शन में अपनी बच्ची के साथ आई एक महिला को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समझाया कि बच्ची का स्कूल में एडमिशन कराओ। स्कूल में सबकुछ फ्री है।

अब विंध्याचल नहीं, ‘विंध्याचल धाम’ रेलवे स्टेशन… योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

लखनऊ  यूपी की योगी सरकार ने विंध्याचल रेलवे स्टेशन के नाम को बदल दिया है। अब ये रेलवे स्टेशन विंध्याचल धाम रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाएगा। सूबे की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने प्रदेश सरकार के अनुरोध पर नाम बदलने को मंजूरी दे दी। प्रमुख सचिव अजय चौहान ने बताया कि डीएम पवन कुमार गंगवार को इस आशय का पत्र भेजा है। विंध्याचल स्टेशन का नाम परिवर्तित कर दिए जाने से विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारियों के साथ ही जिले के अन्य लोगों ने भी प्रदेश सरकार व राज्यपाल के प्रति आभार जताया है। विंध्याचल स्टेशन का नाम बदल कर विंध्यधाम रेलवे स्टेशन किए जाने की लंबे अर्से से विंध्याचल और जिले के लोग कर रहे थे। विधायक रत्नाकर मिश्र ने स्थानीय लोगों की इन मांगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय निवासियों और जिले के लोगों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से बात की। जिसके बाद राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने बीते 29 अगस्त को विंध्याचल रेलवे स्टेशन का नाम विंध्यधाम रेलवे स्टेशन करने की अधिसूचना जारी कर दी। प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने सोमवार को इस आशय का पत्र डीएम पवन कुमार गंगवार को भेजा है। साथ ही रेलवे स्टेशन का नाम परिवर्तित किए जाने के संबंध में केंद्र सरकार व रेलवे बोर्ड को भी पत्र भेज दिया गया है। जलालाबाद का नाम बदलकर पशुरामपुरी हुआ इससे पहले योगी सरकार ने शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी कर दिया था। सालों से इस स्थान के बदलने की मांग हो रही थी। जानकारी के मुताबिक भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम की जन्म स्थली जलालाबाद है।

RTO ने कसा शिकंजा: कानपुर देहात में 1400 वाहन मालिकों पर नोटिस, बकाया रोड टैक्स ₹47 करोड़

कानपुर  कानपुर देहात आरटीओ विभाग ने रोड टैक्स बकाया वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है. जिले में करीब 46 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया होने की वजह से विभाग ने 1400 वाहन मालिको को नोटिस थमाया है. विभाग का कहना है कि यदि वाहन मालिक समय पर टैक्स नहीं जमा करेंगे तो उनकी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) निरस्त कर दी जाएगी. आरटीओ प्रशासन प्रशांत तिवारी ने बताया कि जिले में हजारों वाहन टैक्स बकाया सूची में हैं. इनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और नोटिस भेजने की प्रक्रिया को तेज किया गया है. उन्होंने कहा कि यदि बकाया जमा नहीं हुआ तो संबंधित वाहनों की आरसी को भू-राजस्व की भांति वसूली के लिए जिलाधिकारी को भेजा जाएगा. इस स्थिति में वाहन सीज करने या नीलामी की कार्रवाई भी की जा सकती है. टैक्स वसूली को लेकर आरटीओ विभाग हुआ सख्त विभाग ने वाहन मालिकों को सुविधा देने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं. परिवहन विभाग की वेबसाइट पर वाहन नंबर डालकर ओटीपी और एसबीआई पेमेंट गेटवे से भुगतान किया जा सकता है. वहीं, विभागीय कार्यालयों में ऑफलाइन भुगतान की व्यवस्था भी की गई है. जिले में 1400 वाहन मालिको को नोटिस थमाया आरटीओ विभाग ने साफ कर दिया है कि अब बकाया टैक्स वालों के खिलाफ कड़ाई से कदम उठाए जाएंगे. इसके साथ ही नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और वाहन मालिकों को समय-समय पर संदेश भेजकर जागरूक भी किया जा रहा है. विभाग का उद्देश्य न केवल राजस्व वसूली बढ़ाना है बल्कि सड़क पर चलने वाले वाहनों की वैधता सुनिश्चित करना भी है.

अयोध्या राम मंदिर: L&T और टाटा कंसल्टेंसी का कार्यकाल बढ़ा, 200 करोड़ से बनेंगी गैलरियां

अयोध्या यूपी के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि में बन रहे भव्य राम मंदिर निर्माण कार्य की धीमी गति को देखते हुए एल एंड टी और टाटा कंसल्टेंसी का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। अब ये दोनों कंपनियां मार्च 2026 तक काम करेंगी। जबकि, पहले इनका कार्यकाल सितंबर 2025 तक तय था। राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर के शिखर पर पताका फहराने की तिथि 25 नवंबर प्रस्तावित है। आज होने वाली भवन निर्माण समिति व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में इस पर औपचारिक मुहर लगाई जाएगी। अब तक मंदिर निर्माण पर करीब 1400 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। इनमें से 1100 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ ही मंदिर परिसर में बनने वाले म्यूजियम की 20 गैलरियों पर लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन गैलरियों में रामायण काल से लेकर राम मंदिर आंदोलन तक की झलकियां दिखाने की योजना है। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अत्याधुनिक उपकरण खरीदे जा चुके हैं। अब इन्हें स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। सुरक्षा इंतजाम इतने पुख्ता होंगे कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को पूरी तरह सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसहवा का किया भूमि पूजन व शिलान्यास

बस्ती/लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की शिक्षा कैसी होनी चाहिए। आजादी के पांच साल के बाद जब तत्कालीन सरकारें इस दिशा में प्रयास नहीं कर पाईं, तब नाना जी ने गोरखपुर से इस प्रयास को बढ़ाया था। उसके पीछे का ध्येय था कि भारत, भारतीयता, परंपरा,  संस्कृति और मातृभाव से ओतप्रोत ऐसे शिक्षण संस्थान की स्थापना आवश्यक है, जो देश को फिर से विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने में योगदान दे सके। इसकी शुरूआत शिक्षा के मंदिरों से ही होती है। शिक्षण संस्थान केवल अक्षर ज्ञान के माध्यम ही नहीं, बल्कि बालक के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैं। शिक्षा यदि संस्कार, मूल्यों-आदर्शों, मातृभूमि, महापुरुषों, राष्ट्रीयता के प्रति समर्पण का भाव पैदा नहीं कर पा रही है तो वह कुशिक्षा और भटकाव है। आजादी के तत्काल बाद उसका समाधान सरस्वती शिशु मंदिर से प्रारंभ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसहवा का भूमि पूजन, शिलान्यास, पौधरोपण व पुस्तक का विमोचन भी किया। आरएसएस के तत्कालीन प्रचारक नाना जी देशमुख के नेतृत्व में सरस्वती शिशु मंदिर की पहली शाखा गोरखपुर में स्थापित की गई थी। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के मातृभूमि होने का सौभाग्य गोरक्ष प्रांत को प्राप्त है। विद्या भारती के अंतर्गत संचालित हजारों शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान राष्ट्र निर्माण के जिस अभियान के साथ जुड़े हैं, उसकी ताकत देश-दुनिया समझती है। शिशु मंदिर से निकले छात्र समाज का नेतृत्व भी कर रहे और मार्गदर्शन भी सीएम योगी ने कहा कि पाठ्यक्रम सरकार तैयार करती है। सरकार सहयोग करे या न करे। बिना सरकार की सहायता के अपने दम और स्वयंसेवकों के सहयोग से भारतीयता के प्रति अनुराग रखने वाले नागरिकों के माध्यम से सरस्वती शिशु मंदिर ने इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। गोरखपुर के पक्कीबाग में जब पहला सरस्वती शिशु मंदिर स्थापित हुआ तो उस समय मात्र पांच छात्र थे, लेकिन आज शिशु मंदिर के 12 हजार विद्यालय हैं। यह संस्थान बच्चों के अंदर भारत व भारतीयता के प्रति नागरिक के रूप में कर्तव्यों का बोध कराने और सुयोग्य नागरिक बनाने के लिए राष्ट्रीय दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन कर रहा है। सरस्वती शिशु मंदिर से निकले छात्र समाज को नेतृत्व भी दे रहे और मार्गदर्शन भी कर रहे हैं।   शिक्षा से होती देश के समर्थ, आत्मनिर्भर व शक्तिशाली होने की शुरुआत   सीएम योगी ने कहा कि देश के समर्थ, आत्मनिर्भर व शक्तिशाली होने की शुरुआत शिक्षा से होती है। दुनिया में समृद्धि की चर्चा होती है तो पहला पैरामीटर शिक्षा, फिर स्वास्थ्य, उसके बाद कृषि-जल संसाधन, तब कौशल विकास व रोजगार होता है। फिर पर्यावरण को ध्यान में रखकर विकास की बात होती है। यह पैरामीटर तय करते हैं कि समग्र विकास के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। इस मंशा के साथ जब कोई अभियान बढ़ता है तो वह न केवल देशहित, बल्कि मानवता का मार्ग भी प्रशस्त करता है। आज का कार्यक्रम सुयोग्य नागरिकों को गढ़ने, तलाशने और तराशने का महत्वपूर्ण मंच शुरू करने जा रहा है। इसके माध्यम से भारत के सुयोग्य नागरिक विकसित करने का मंच विकसित हो रहा है। बिना प्लानिंग कार्य करने से चूक जाते हैं सीएम ने कहा कि जब बिना किसी प्लानिंग कार्य करते हैं तो चूक जाते हैं। हर व्यवस्था, प्रबंधन, सरकार, कॉरपोरेट घराना वर्ष भर की योजना बनाता है, फिर लघु, मध्यम व दीर्घ अवधि के कार्यक्रम तय करता है। इसके माध्यम से आगे के लक्ष्यों को प्राप्त करके हम भी सशक्त होंगे और भावी पीढ़ी, संस्थान को भी समर्थ भी बना पाएंगे। सरकार हर साल बजट प्रस्तुत करती है। इसमें विजन होता है कि एक वर्ष, फिर पांच वर्ष, दस वर्ष, 25 वर्ष की योजना क्या होगी। भारत की आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष पर पीएम मोदी ने आगामी 25 वर्ष की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।  भारत को विकसित बनाने के लिए पंच प्रण को जीवन का हिस्सा बनाने को कहा।   विरासत का करना होगा सम्मान सीएम ने कहा कि विरासत का सम्मान करना होगा। हमारे पूर्वजों (1953 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी) ने संकल्प लिया था कि एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे। कश्मीर में शेष भारत का कानून लागू करने का शंखनाद किया था। उन्हें बलिदान भी देना पड़ा। 1952 में कांग्रेस ने बाबा साहेब के न चाहने के बावजूद जबरन लागू किया, लेकिन पीएम मोदी ने डॉ. मुखर्जी के संकल्प को साकार कर आतंकवाद व भारत विरोधी गतिविधियों-साजिशों को समाप्त करके कश्मीर को भारत के कानून के साथ जोड़ा। 500 वर्ष का इंतजार समाप्त हुआ और अयोध्या में रामललाा के मंदिर का निर्माण हुआ। विपक्षी दल चाहते थे कि यह नहीं होना चाहिए। सीएम ने कहा कि प्रभु श्रीराम आदर्श व भारतीयता के प्रतीक है। जब महर्षि वाल्मिकी ने नारद जी से पूछा कि मुझे कुछ लिखना है, ऐसा कौन सा आदर्श है। तब उन्होंने कहा कि इस धरती पर एक ही चरित्र है, आप श्रीराम पर लिखें। हमें महर्षि वाल्मीकि, प्रभु राम,  श्रीकृष्ण की परंपरा पर गौरव की अनुभूति है। भारत और भारतीयता के लिए जिन महापुरुषों व स्वतंत्र भारत में सीमाओं की रक्षा करते हुए जिन्होंने बलिदान दिया, वे सभी हमारे आदर्श हैं। उनका सम्मान और विरासत का संरक्षण करना हर भारतीय का दायित्व है। विदेशियों ने भारत को लूटकर अर्जित किया, जबकि भारत ने पुरुषार्थ से समृद्धि को बनाया सीएम ने गुलामी के अंशों को सर्वथा समाप्त करने पर भी चर्चा की। बोले कि गुलामी की मानसिकता देश के अंदर छा गई थी। भारतीय को हेय और विदेशी को संपन्न की दृष्टि से देखे जाने लगा। इस दुष्प्रवृत्ति पर 11 वर्ष में आपने रोक लगाते हुए देखा होगा। जो भारतीय है, वह सर्वश्रेष्ठ है और वह ऐसा इसलिए है, क्योंकि जो विदेशियों ने भारत को लूटकर अर्जित किया है, जबकि भारत ने अपने पुरुषार्थ से समृद्धि को बनाया था। 400 वर्ष पहले भारत दुनिया की नंबर एक अर्थव्यवस्था थी। दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान 25 फीसदी था। जब देश आजाद हुआ तो भारत का योगदान केवल दो फीसदी रह गया। भारत को लूटा गया। भारत और भारतीयता के मन में यह भाव पैदा किया गया कि भारतीयों को आदर्श के रूप में प्रस्तुत करने वालों को लोग हतोत्साहित करते थे। … Read more

सीमा पर अलर्ट: नेपाल में प्रदर्शन, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी में एसएसबी ने बढ़ाई निगरानी

पीलीभीत /लखीमपुर खीरी नेपाल में प्रदर्शन के कारण बिगड़े हालात को देखते हुए पीलीभीत और लखीमपुर खीरी जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सीमा पर चौकसी बढ़ाने के साथ ही आने-जाने वाले लोगों की गहन जांच की जा रही है। पीलीभीत जिले में अफसरों के निर्देश पर माधोटांडा और हजार थाना पुलिस ने एसएसबी के साथ सीमा क्षेत्र में गश्त तेज कर दी है। सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मी हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। पुलिस के साथ खुफिया तंत्र भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई हो सके। सीमा पर प्रवेश करने वाले और बाहर जाने वाले हर व्यक्ति की जांच की जा रही है, साथ ही वाहनों की तलाशी भी ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है। फिलहाल सीमा क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह तैयार है। गौरीफंटा बॉर्डर पर भी सर्तकता बढ़ी लखीमपुर खीरी के पलियाकला में भारत-नेपाल के गौरीफंटा बॉर्डर पर भी सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। यहां पर पुलिस व एसएसबी के जवान चेकिंग कर रहे हैं। नेपाल के धनगढ़ी शहर में चल रहे प्रदर्शन के बीच मंगलवार को बॉर्डर पर भी काफी चौकसी दिखाई दी। सुरक्षा एजेंसियां दलबल के साथ चेकिंग में लगी रही। नेपाल जाने-आने वाले लोगों की चेकिंग की जा रही है।