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101 कन्याओं का पूजन कर दिया संरक्षण का संदेश, स्वास्थ्य और मानसिक सशक्तीकरण पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा गुरुवार को महासमुंद के अंबेडकर भवन, बागबाहरा रोड में “कन्या पूजन से कन्या संरक्षण तक” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 350 किशोरी बालिकाओं एवं माताओं ने सहभागिता की। आयोजन के माध्यम से बालिकाओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के साथ उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत 101 कन्याओं के पूजन एवं कन्या भोज के साथ हुई। इसके बाद जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बालिकाओं और माताओं को शारीरिक स्वास्थ्य, कैंसर से बचाव, किशोरावस्था में होने वाले बदलाव, मानसिक स्वास्थ्य तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। आयोग का उद्देश्य कन्या पूजन की परंपरा को बालिकाओं के संरक्षण और उनके अधिकारों के प्रति जिम्मेदारी के संकल्प से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि बेटियों का सम्मान केवल किसी पर्व या विशेष अवसर तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए वर्षभर प्रयास किए जाने चाहिए। बाल मनोचिकित्सक डॉ. गार्गी पांडेय ने बच्चों की सुरक्षा, उनसे संवाद करने के तरीके और व्यवहार के महत्व पर अपनी बात रखी। साथ ही मोबाइल के अत्यधिक उपयोग, स्क्रीन टाइम और डिजिटल लत के बच्चों पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति अभिभावकों को जागरूक किया गया। बालको मेडिकल सेंटर, नया रायपुर की विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. यामिनी शुक्ला भविष्कर ने सर्वाइकल कैंसर के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं हो सकते, इसलिए समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श महत्वपूर्ण है। उन्होंने एचपीवी जांच, पैप स्मीयर और एचपीवी टीकाकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। वहीं, बालको मेडिकल सेंटर की वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉ. अनीशा ने ब्रेस्ट कैंसर के संभावित लक्षणों और बचाव के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने स्तन में गांठ, आकार में बदलाव अथवा त्वचा में असामान्य परिवर्तन दिखाई देने पर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं किशोरियों के लिए स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग संबंधी पहल भी की गई। एम्स रायपुर की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा साहू ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलाव, माहवारी स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने किशोरियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में उचित चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित किया। आईटीएसए हॉस्पिटल, रायपुर की बाल मनोचिकित्सक डॉ. इशिका जायसवाल ने किशोरियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन, चिंता, आत्म-जागरूकता और आत्मविश्वास जैसे विषयों पर चर्चा की। उन्होंने बच्चों के भावनात्मक स्वास्थ्य को समझने तथा उन्हें सकारात्मक वातावरण देने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी दी गई। नाटक के माध्यम से बालिकाओं के सम्मान, संरक्षण और अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के सामने स्वास्थ्य, मानसिक तनाव और सुरक्षा से जुड़ी अनेक चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जागरूकता, समय पर जांच, उचित परामर्श और विभिन्न संस्थाओं के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि आयोग ने एम्स रायपुर, बालको मेडिकल सेंटर और आईटीएसए हॉस्पिटल जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर बालिकाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद की पहल की है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव, एचपीवी टीकाकरण और समय पर जांच के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और एचपीवी टीकाकरण के संबंध में चिकित्सकीय सलाह लेकर उपलब्ध पात्रता एवं सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार टीकाकरण सुनिश्चित करें। अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने कहा कि आयोग “फ्रॉम डिलिबरेशन टू डिलीवरी” अर्थात विचार-विमर्श से प्रभावी क्रियान्वयन के सिद्धांत के साथ प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त बचपन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कन्या पूजन की सार्थकता तभी है, जब प्रत्येक बेटी को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान के समान अवसर मिलें। बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम ठाकुर सहित अन्य पार्षद एवं जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। उपस्थित बालिकाओं और माताओं ने बेटियों के सम्मान, स्वास्थ्य एवं संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और समाज में इस संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात की तैयारी करने पर दिया जोर

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा से आज दंतेवाड़ा सर्किट हाउस में माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड की पदाधिकारियों एवं महिला सदस्यों ने मुलाकात की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कंपनी को वनोपज के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) के अंतर्गत जैविक प्रमाणीकरण प्राप्त होने पर महिलाओं को बधाई दी। मुलाकात के दौरान महिला सदस्यों ने उप मुख्यमंत्री  शर्मा को अपनी कंपनी के ‘दण्डक ब्रांड’ का चावल का पैकेट भेंट किया।  शर्मा ने महिलाओं से कंपनी की गतिविधियों, उत्पादों की बिक्री, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार की संभावनाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि एनपीओपी प्रमाणन मिलने के बाद अब दण्डक ब्रांड के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने दण्डक ब्रांड को छत्तीसगढ़ के ‘छत्तीसकला’ ब्रांड के साथ जोड़कर व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने महिलाओं से उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ ही विदेशों में निर्यात के लिए आवश्यक तैयारियां करने को कहा।  शर्मा ने कहा कि बस्तर के प्राकृतिक वनोपज की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का लाभ स्थानीय महिलाओं और वनोपज संग्राहकों तक पहुंचना चाहिए।  शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के विकास के लिए स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका को बढ़ावा दे रही है। माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी की उपलब्धि इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बस्तर के ऐसे गांवों, जहां परंपरागत रूप से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है, वहां के कृषि उत्पादों और वनोपज को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप जैविक प्रमाणीकरण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। प्रदेश की पहली एनपीओपी प्रमाणित महिला किसान उत्पादक कंपनी उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत वर्ष 2023 में दंतेवाड़ा जिले में माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड का गठन किया गया था। कंपनी को हाल ही में वनोपज के लिए एनपीओपी प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित पहली किसान उत्पादक कंपनी है, जिसे वनोपज उत्पादन के लिए यह प्रमाणन मिला है। इससे कंपनी के प्रमाणित जैविक वनोपज को देश के बड़े बाजारों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ी हैं। वर्तमान में कंपनी से 1080 महिला शेयरधारक प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। इसके अतिरिक्त जिले के 60 उत्पादक समूहों से संबद्ध 2100 वनोपज संग्राहक दीदियां भी कंपनी की गतिविधियों से लाभान्वित हो रही हैं। कंपनी के माध्यम से महिलाओं को वनोपज संग्रहण, खरीदी-बिक्री, मूल्य संवर्धन और विपणन से संबंधित आजीविका के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। कंपनी ने पिछले दो वर्षों में एक करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया है।  दण्डक ब्रांड से स्थानीय उत्पादों को मिल रही नई पहचान       माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी द्वारा स्थानीय उत्पादों को बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए ‘दण्डक ब्रांड’ की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत एचएमटी, लाल चूड़ी और बासमती चावल के साथ नीम फूल, अमचूर, इमली, महुआ, कोदो, कुटकी और रागी सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग कर विपणन किया जा रहा है। कंपनी द्वारा दंतेवाड़ा में विशेष बिक्री केंद्र भी प्रारंभ किया गया है, जहां स्थानीय उत्पादों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराया जा रहा है।       कंपनी की अध्यक्ष  विमला ठाकुर ने बताया कि पहले महिलाओं द्वारा संग्रहित वनोपज की बिक्री मुख्य रूप से स्थानीय बाजारों में होती थी। बिहान मिशन के सहयोग से दण्डक ब्रांड की शुरुआत और अब एनपीओपी प्रमाणन मिलने से महिलाओं में उत्साह है। उन्होंने कहा कि अब उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और बेहतर कीमत प्राप्त करने की उम्मीद बढ़ी है।       इस अवसर पर विधायक  चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष  नंदलाल मुड़ामी, कलेक्टर  देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  एम. भार्गव सहित माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी की अध्यक्ष  विमला ठाकुर, कोषाध्यक्ष  सरिता ठाकुर, सचिव  मीना ठाकुर तथा अन्य सदस्य  उपस्थित रहे।

शराब घोटाले की जांच में सामने आए नए तथ्य, हर माह 80 लाख के कमीशन का खुलासा

रायपुर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) मैनपावर भुगतान घोटाले में कमीशन वसूली के नेटवर्क को लेकर जांच में नए तथ्य सामने आए हैं। ईओडब्ल्यू के पूरक आरोपपत्र के अनुसार, शासकीय शराब दुकानों के कर्मचारियों के ओवरटाइम, बोनस और चार अतिरिक्त दिनों के भुगतान के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को अतिरिक्त राशि दी गई। इसके बाद एजेंसियों से नकद कमीशन वसूला जाता था। सभी एजेंसियों से हर महीने करीब 70 से 80 लाख रुपये कमीशन आता था। शराब सिंडिकेट प्रमुख अनवर ढेबर तक पहुंचाने के साक्ष्य मिले तत्कालीन सीएसएमसीएल प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी के कार्यकाल में एजेंसियों से 28 से 32 करोड़ रुपये नकद कमीशन लेकर शराब सिंडिकेट प्रमुख अनवर ढेबर तक पहुंचाने के साक्ष्य मिले हैं। कमीशन की रकम एकत्र कर त्रिपाठी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सिद्धार्थ सिंघानिया निभाता था। एक एजेंसी से 15.65 करोड़ रुपये देने का दावा आरोपपत्र में सिद्धार्थ सिंघानिया के कथन का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि अक्टूबर 2019 से मार्च 2023 के बीच अकेले सुमीत फैसिलिटीज लिमिटेड की ओर से लगभग 15.65 करोड़ रुपये दिए गए। जांच में यह भी सामने आया कि त्रिपाठी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नवीन प्रताप सिंह तोमर के माध्यम से कथित कमीशन वसूली जारी रही। इस दौरान सेवा शुल्क और ओवरटाइम की राशि पर कमीशन की दर बढ़ाकर एक-तिहाई किए जाने का विवरण भी मिला है। दो कंपनियों को 48 करोड़ से अधिक का भुगतान ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड और अलर्ट कमांडोज प्राइवेट लिमिटेड को मिलाकर 48.08 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त भुगतान हुआ। ईगल हंटर को 33.45 करोड़ और अलर्ट कमांडोज को 14.63 करोड़ रुपये मिले। इनमें से 38.31 करोड़ रुपये अरुणपति त्रिपाठी के कार्यकाल में भुगतान किए गए। जांच एजेंसी के अनुसार, ईगल हंटर के संस्थापक बीआर लोहिया दोनों कंपनियों के प्रमुख निर्णय लेते थे। उनके निर्देश पर कर्मचारियों के ओवरटाइम और अतिरिक्त दिनों के बिल तैयार कराए गए, जबकि संबंधित कर्मचारियों को रकम नहीं मिलने की बात सामने आई। बिल पास कराने के लिए 28.80 लाख रुपये 29 नवंबर 2023 को लंबित बिल पारित कराने के बदले तत्कालीन उप महाप्रबंधक नवीन प्रताप सिंह तोमर को कथित तौर पर 28.80 लाख रुपये दिए जाने थे। इसके लिए दिल्ली से 29.40 लाख रुपये का चेक भेजा गया। बैंक से रकम निकालने के बाद 60 हजार रुपये कार्यालयीन खर्च के लिए रखे गए और शेष राशि कमीशन के लिए अलग की गई। रकम पहुंचाने से पहले ईडी की कार्रवाई में यह राशि बरामद हुई। जांच एजेंसी ने इसे मैनपावर भुगतान से जुड़ी कथित कमीशन वसूली के नेटवर्क का हिस्सा बताया है।

छत्तीसगढ़ के राव हॉस्पिटल पर कार्रवाई, फायर सेफ्टी ऑडिट में गड़बड़ी के आरोप में संचालक पर केस दर्ज

CG राव हॉस्पिटल के संचालक के खिलाफ FIR, फायर सेफ्टी ऑडिट में खुला फर्जीवाड़े का खेल आरंग. आरंग स्थित राव हॉस्पिटल का हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है। अस्पताल प्रबंधन ने अग्निशमन विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए फायर सेफ्टी एनओसी (NOC) का नवीनीकरण कराने के बजाय कंप्यूटर ग्राफिक्स के जरिए खुद ही फर्जी एनओसी तैयार कर ली। जिले में अपनी तरह की इस पहली जालसाजी का भंडाफोड़ होने के बाद आरंग पुलिस ने अस्पताल संचालक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। डिजिटल पड़ताल में ऐसे खुली पोल अग्निशमन विभाग और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम जब नियमित सुरक्षा ऑडिट के तहत राव हॉस्पिटल पहुंची, तो अस्पताल प्रबंधन ने अधिकारियों को एनओसी की फोटोकॉपी थमा दी। लेकिन दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच के दौरान अधिकारियों को गड़बड़ी की आशंका हुई। कागजात पर एनओसी जारी होने की तारीख 16 अप्रैल 2026 दर्ज थी, लेकिन जब अधिकारियों ने उस पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन किया तो सिस्टम में असली तारीख 16 अप्रैल 2025 दिखाई दी। एनओसी में जांच अधिकारी के तौर पर ‘पुरुषोत्तम सिंह’ का नाम दर्ज था, जबकि अग्निशमन विभाग में इस नाम का कोई अधिकारी कार्यरत ही नहीं है। यही नहीं, जिस तिथि पर हस्ताक्षर अंकित थे, उस दौरान संबंधित पद पर कोई अधिकारी पदस्थ ही नहीं था। शासकीय पोर्टल पर मिलान करने के बाद पूरी तरह साफ हो गया कि अस्पताल संचालक ने अपने फायदे के लिए कंप्यूटर ग्राफिक्स के माध्यम से एक नकली (कूटरचित) प्रमाण पत्र तैयार किया था। धोखाधड़ी का मामला दर्ज, ग्राफिक्स डिजाइनर पर भी कसेगा शिकंजा न्यू रायपुर फायर ब्रिगेड के निरीक्षक पुष्पराज विनायक की शिकायत पर आरंग थाना पुलिस ने राव हॉस्पिटल के संचालक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस फर्जी दस्तावेज को बनाने में किस कंप्यूटर सेंटर या ग्राफिक्स डिजाइनर की मदद ली गई थी। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि जालसाजी करने वाले और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले, दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस मामले में पुष्पराज सिंह (जिला सेनानी एवं फायर ऑफिसर, रायपुर) ने बताया, “व्यावसायिक व चिकित्सकीय संस्थानों में सुरक्षा के लिहाज से हर साल फायर एनओसी लेना अनिवार्य है। इससे पहले बिलासपुर और अंबिकापुर में ऐसे मामले आए थे जहां गिरफ्तारियां हुई थी, लेकिन रायपुर जिले में फर्जी एनओसी का यह पहला मामला है। अधिकारियों के मुताबिक, राव हॉस्पिटल प्रबंधन का यह कृत्य अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों की जिंदगी को सीधे तौर पर जोखिम में डालने वाला है। अस्पताल में आगजनी से निपटने के वास्तविक पुख्ता इंतजाम किए बिना ही फर्जी कागजात के सहारे अस्पताल का संचालन किया जा रहा था।

गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी, छत्तीसगढ़ में 2025-26 सत्र से ₹425 प्रति क्विंटल भुगतान

विशेष लेख गन्ना मूल्य में छत्तीसगढ़ देश में नंबर वन किसानों को अब 425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगा भुगतान  नई दर 2025-26 सत्र से ही लागू              रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अन्नदाता की खुशहाली ही छत्तीसगढ़ का आधार है। किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिले, खेती लाभकारी बने और किसान परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हों, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।  मुख्यमंत्री साय ने किसानों के हितों को ध्यान में रखकर शक्कर कारखानों के लिए गन्ने की खरीदी 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया है। पेराई सत्र 2025- 26 में की गई खरीदी का भुगतान भी बढ़े हुए दर पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत को कम करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी किसानों के हितों को अपनी नीतियों और निर्णयों के केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है। किसानों की आवश्यकताओं और समस्याओं के प्रति सरकार संवेदनशील है। किसान हित से जुड़े विषयों पर प्राथमिकता से निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण समृद्धि में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेती-किसानी मजबूत होगी तो गांव मजबूत होंगे। गांवों की समृद्धि से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।                     छत्तीसगढ़ सरकार ने गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और गन्ने की खेती को लाभकारी बनाने के लिए गन्ने के खरीदी मूल्य में बड़ी बढ़ोतरी की है। छत्तीसगढ़ सरकार ने गन्ने का खरीदी मूल्य 355 रूपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 425 रूपए प्रति क्विंटल कर दिया है। इस बढ़े हुए मूल्य का लाभ पेराई सत्र 2025-26 के गन्ने पर भी मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य की चार सहकारी चीनी मिलों से जुड़े 31 हजार से अधिक किसानों को लगभग 51.09 करोड़ का बोनस वितरित किया जाएगा। राज्य सरकार ने गन्ना खरीदी दर बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दी                    देश के कुल गन्ना उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान भले ही कम है लेकिन गन्ना किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में राज्य अब नंबर वन हो गया है। राज्य सरकार ने गन्ना खरीदी दर बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले से छत्तीसगढ़ में गन्ने की खरीदी दर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों की तुलना में अधिक हो गई है। खास बात यह है कि बढ़ी हुई दर पेराई सत्र 2025-26 से ही लागू होगी। इस सत्र में पहले ही गन्ना बेच चुके किसानों को भी बढ़ी हुई दर के अनुसार भुगतान किया जाएगा।  किसानों को प्रति क्विंटल 70 रुपये अधिक मिलेंगे                 सरकार के इस फैसले का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ गन्ने की खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।राज्य में पहले गन्ने की खरीदी 355 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होती थी। नई दर से किसानों को प्रति क्विंटल 70 रुपये अधिक मिलेंगे। गन्ना मूल्य में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है, जब खेती की लागत और किसानों की आमदनी के बीच संतुलन बनाना कृषि नीति की प्रमुख चुनौती है।                   देश के प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में अगैती प्रजाति के गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) 400 रुपये प्रति क्विंटल, हरियाणा में 415 रुपये और पंजाब में 416 रुपये प्रति क्विंटल है। जबकि महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ने का भुगतान केंद्र सरकार के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी), चीनी की रिकवरी और संबंधित मिलों की व्यवस्था के आधार पर निर्धारित होता है। केंद्र सरकार ने 2026-27 के लिए 10.25 प्रतिशत चीनी रिकवरी पर एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।  किसानों की आय बढ़ाने पर जोर                  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित और बेहतर मूल्य दिलाना तथा खेती को सम्मानजनक और लाभकारी आजीविका बनाना है। गन्ना खरीदी दर में वृद्धि इसी दिशा में उठाया गया कदम है। प्रति क्विंटल 70 रुपये की बढ़ोतरी से किसानों को उनकी कुल बिक्री के अनुपात में अतिरिक्त आमदनी मिलेगी।                मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिले, खेती लाभकारी बने और हमारे अन्नदाता निरंतर समृद्ध हों-इसी संकल्प के साथ हमारी सरकार आगे बढ़ रही है। नई दर का लाभ कीमतों में बढ़ोतरी से पहले बेचे गए गन्ने पर भी लागू होगी। इससे चालू पेराई सत्र में अपनी उपज की आपूर्ति कर चुके किसानों को भी राहत मिलेगी। यह व्यवस्था मूल्य वृद्धि के लाभ को व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।गन्ने की खरीदी दर में वृद्धि का असर केवल किसानों की आमदनी तक सीमित नहीं है। बेहतर मूल्य मिलने से आने वाले समय में किसान गन्ने की खेती के रकबे, उत्पादन लागत और संभावित लाभ का नए सिरे से आकलन कर सकते हैं।  छत्तीसगढ़ में हर साल लगभग 18.6 लाख से 20.4 लाख टन गन्ने का उत्पादन           गन्ना उत्पादन में छत्तीसगढ़ का देश में 14 वां स्थान है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 4 प्रमुख सहकारी शक्कर कारखाने संचालित हैं, भोरमदेव सहकारी चीनी मिल (कवर्धा), महामाया सहकारी चीनी मिल (सूरजपुर), सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी चीनी मिल (पंडरिया, कबीरधाम) और मां दंतेश्वरी मैय्या सहकारी चीनी मिल (बालोद) है। छत्तीसगढ़ में हर साल लगभग 18.6 लाख से 20.4 लाख टन गन्ने का उत्पादन होता है। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम, सूरजपुर, जगदलपुर, सरगुजा, दुर्ग, बिलासपुर व रायपुर जिलो में गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है । सर्वाधिक उत्पादन देने वाले  जिलो  में कबीरधाम, जगदलपुर एवं सरगुजा जिले  आते है।        धनंजय राठौर           सयुक्त संचालक जनसंपर्क, रायपुर                     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​चिरायु से मिली नई उड़ान- नन्हें सूर्या के टेढ़े पैरों को मिली राह

​चिरायु से मिली नई उड़ान- नन्हें सूर्या के टेढ़े पैरों को मिली राह अब आत्मविश्वास से दौड़ रहा 4 साल का मासूम ​आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सजगता और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्वय ने बदला सूर्या का जीवन ​रायपुर,   जन्म के साथ ही जिसके नन्हें कदमों पर दुखों का साया मंडरा रहा था, जो मासूम चलने-फिरने और दौड़ने के लिए तरसता था, आज वही 4 वर्षीय सूर्या यादव अपने हमउम्र बच्चों के साथ खुशी से दौड़-भाग रहा है। सरकार की संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु योजना) और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सतर्कता ने इस मासूम को नया जीवन प्रदान किया है। ​चिंता के बादलों से घिरी थी मासूमियत        ​सारंगढ़ के एक सामान्य परिवार में जन्मे सूर्या के दोनों पैर जन्मजात विकृति श्क्लबफुटश् से प्रभावित थे। पैर टेढ़े होने के कारण मासूम सूर्या ठीक से खड़ा भी नहीं हो पाता था। जैसे-जैसे सूर्या बड़ा हो रहा था, उसके माता-पिता के दिलों में उसके भविष्य को लेकर चिंता गहरी होती जा रही थी। आर्थिक तंगी और सही मार्गदर्शन के अभाव में परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा था। ​आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनीं देवदूत, चिरायु टीम ने संभाली कमान        ​   मासूम सूर्या के जीवन में मोड़ तब आया जब स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र की सजग कार्यकर्ता श्रीमती रमाधि चौहान की नज़र बच्चे की स्थिति पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की चिरायु टीम (सारंगढ़) को इसकी सूचना दी।           ​सूचना मिलते ही चिरायु दल ने सूर्या का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया और उसे निरूशुल्क व उच्च स्तरीय उपचार के लिए जिला अस्पताल रायगढ़ भेजा। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में प्लास्टर चढ़ाने तथा आवश्यक फिजियोथेरेपी व चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के माध्यम से सूर्या का क्रमबद्ध एवं नियमित इलाज शुरू हुआ। ​रंग लाई मेहनत- सीधे हुए पैर, चेहरे पर लौटी मुस्कान       ​लगातार उपचार और उचित देखभाल का नतीजा यह हुआ कि सूर्या के पैरों का टेढ़ापन पूरी तरह ठीक हो गया। कभी जो बच्चा दो कदम चलने के लिए संघर्ष करता था, आज वह बिना किसी सहारे के आत्मनिर्भर होकर खेल रहा है, दौड़ रहा है और अपना बचपन जी रहा है। अपने कलेजे के टुकड़े को सामान्य बच्चों की तरह हंसते-खेलते देख माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक ध्येय यही है कि पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचे। चिरायु योजना के माध्यम से मासूम सूर्या के जीवन में आया यह बदलाव सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है। ‘सेवा की कहानी-कहानी बदलाव की        ​मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित चिरायु योजना राज्य के लाखों नौनिहालों के लिए वरदान साबित हो रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्कूलों में जाकर बच्चों में जन्मजात बीमारियों और कमियों की पहचान कर उनका समय पर निरूशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।       ​सूर्या के सफल उपचार पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और चिरायु दल के प्रयासों की सराहना हो रही है। मासूम सूर्या के खिलखिलाते चेहरे और दौड़ते कदम इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि सही समय पर सही पहल किसी का पूरा जीवन बदल सकती है।

नुआखाई हमारी कृषि संस्कृति, अन्नदाता के परिश्रम और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व : मुख्यमंत्री

रायपुर   मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और संस्कृति के केंद्र में हमारे अन्नदाता हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि सुशासन और जनसेवा के माध्यम से विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और छत्तीसगढ़ का प्रत्येक परिवार प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बने। मुख्यमंत्री  साय ने आज रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित कोलता समाज के नुआखाई भेंटघाट एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री  साय का समाजजनों ने पारंपरिक गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने माँ रणेश्वरी रामचण्डी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ग्राम कोतरलिया के चंडी डोंगरी में सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपए तथा नगर पंचायत पुसौर में कोलता समाज के मंगल भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने बाउंड्रीवॉल निर्माण की भी घोषणा की। नुआखाई अन्नदाता के परिश्रम और नई फसल की खुशियों का पर्व मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कोलता समाज सहित सभी प्रदेशवासियों को नुआखाई पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नुआखाई हमारी समृद्ध कृषि संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह नई फसल के स्वागत, अन्नदाता के परिश्रम के सम्मान और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का उत्सव है। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है और हमारी सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिले, खेती की लागत कम हो, सिंचाई की सुविधा बढ़े और कृषि के माध्यम से परिवारों में समृद्धि आए, इसी सोच के साथ सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायगढ़ अंचल के किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुँचाने के लिए केलो परियोजना का कार्य प्रारंभ किया गया है। यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगी। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास को नई गति देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की नई परियोजनाएँ शुरू की गई हैं। सरकार का प्रयास है कि अधोसंरचना के विकास का सीधा लाभ आम नागरिकों, किसानों, युवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिले। हर जरूरतमंद परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपने को तेजी से साकार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि अपना पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि गरीब परिवार के लिए सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार है। हमारी सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र जरूरतमंद परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा सरकार की कार्यसंस्कृति मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा को अपनी कार्यसंस्कृति का आधार बनाया है। आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े और शासन तक उसकी पहुँच आसान हो, इसके लिए तकनीक और आधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित तथा समयबद्ध निराकरण के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और अटल डिजिटल सेवा केंद्र जैसी व्यवस्थाएँ प्रारंभ की गई हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों के समयबद्ध समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य सरकार ने अपने ढाई वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश वादों को पूरा किया है। शासन की योजनाएँ तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुँचे। इसलिए सरकार की प्राथमिकता योजनाओं और सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। नक्सलवाद के विरुद्ध मिली ऐतिहासिक सफलता, अब विकास की नई यात्रा मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प के साथ हमारे वीर सुरक्षा बलों के साहस तथा स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर में शांति और विश्वास का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से जुड़े लोगों को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस आने का अवसर दिया जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। हमारा उद्देश्य शांति की स्थापना के साथ प्रभावित परिवारों का पुनर्वास करना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसर प्रदान करना है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नक्सलवाद की चुनौती से आगे बढ़ता छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि की नई पहचान बना रहा है। बस्तर सहित प्रदेश के हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री  साय ने समारोह में समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति, परिवार और समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। आज का युवा अपनी मेहनत, प्रतिभा और आधुनिक शिक्षा के बल पर किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए परिश्रम करने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी प्रतिभा से परिवार और समाज के साथ छत्तीसगढ़ का नाम भी देश-दुनिया में रोशन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान करने की परंपरा सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं को बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है तथा समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होता है। कोलता समाज की संस्कृति और संस्कार … Read more

छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसा, विधायक मोहले के भाई सहित तीन लोगों ने गंवाई जान

मुंगेली. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में दर्दनाक सड़क हादसे में विधायक पुन्नूलाल मोहले के भाई अधीन मोहले समेत तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा जरहागांव थाना क्षेत्र के दशरंगपुर गांव में हुआ। जानकारी के मुताबिक, तेज रफ्तार पिकअप वाहन तीनों को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया। इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान अधीन मोहले निवासी आवासपारा दशरंगपुर, बल्लू बघेल पिता तिजऊ राम और गंगा राम निवासी रेहुंटा के रूप में हुई है। घटना की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक का माहौल है। अपने भाई अधीन मोहले समेत तीन लोगों की मौत की खबर मिलते ही विधायक पुन्नूलाल मोहले जिला अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद उन्होंने तीनों मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान विधायक के समर्थकों के साथ भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी जिला अस्पताल पहुंचने लगे। आज गृह ग्राम में होगा अधीन मोहले का अंतिम संस्कार विधायक पुन्नूलाल मोहले के भाई अधीन मोहले का अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे उनके गृह ग्राम दशरंगपुर में किया जाएगा। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों और परिचितों में शोक व्याप्त है। तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से हुए इस हादसे ने क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के बाद वाहन चालक फरार है। पुलिस मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।

शंकर नगर निवास पर आत्मीय भेंट कर दी जन्मदिन की शुभकामनाएं, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की

रायपुर छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित निवास पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आत्मीय भेंट कर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मंत्री  अग्रवाल ने डॉ. रमन सिंह के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन की मंगलकामना की। पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने संस्कृत के मंगलवाक्य ‘जीवेत शरदः शतम्’ के साथ डॉ. रमन सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ईश्वर उन्हें स्वस्थ, सुदीर्घ एवं यशस्वी जीवन प्रदान करें। वे इसी प्रकार जनसेवा, समाज कल्याण और छत्तीसगढ़ की प्रगति के लिए निरंतर कार्य करते रहें तथा उनका स्नेह, आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन हम सभी को मिलता रहे। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि डॉ. रमन सिंह का लंबा राजनीतिक एवं प्रशासनिक अनुभव छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में जनसेवा, सुशासन और प्रदेश के सर्वांगीण विकास को सदैव प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री के रूप में उनके लंबे कार्यकाल में प्रदेश के विकास को नई दिशा मिली और विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए गए।  अग्रवाल ने कहा कि डॉ. रमन सिंह का सरल, सहज एवं आत्मीय व्यक्तित्व तथा जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सार्वजनिक जीवन में कार्य करने वाले सभी लोगों के लिए प्रेरणादायी है। उनका अनुभव, दूरदर्शिता और मार्गदर्शन प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष के रूप में वे लोकतांत्रिक परंपराओं, संसदीय मर्यादाओं एवं संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। पर्यटन मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों का अनुभव और मार्गदर्शन नई पीढ़ी के जनप्रतिनिधियों को जनसेवा के प्रति और अधिक समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। डॉ. रमन सिंह का स्नेह और मार्गदर्शन सदैव प्रेरणास्रोत रहा है।  अग्रवाल ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि डॉ. रमन सिंह के जीवन में सदैव सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। वे स्वस्थ एवं दीर्घायु रहकर छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा करते रहें और प्रदेश को उनके अनुभव एवं मार्गदर्शन का लाभ निरंतर मिलता रहे।

नक्सलवाद की हर निशानी मिटाकर बस्तर को फिर से हँसता-खेलता और खुशहाल बनाना है : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

रायपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने कहा है कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद अब उससे मिले घावों पर मरहम लगाना, पीड़ितों का पुनर्वास करना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। नक्सलवाद ने पाँच दशकों तक बस्तर के गरीब और आदिवासी परिवारों को गहरी पीड़ा दी है। अब हमें नक्सलवाद की हर निशानी मिटाकर बस्तर को फिर से हँसता-खेलता, खुशहाल और समृद्ध बनाना है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्रत्येक दिव्यांगजन और नक्सली हिंसा से प्रभावित व्यक्ति के पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस संकल्प को पूरा करने में भारत सरकार छत्तीसगढ़ सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह आज प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत दंतेवाड़ा में आयोजित निःशुल्क दिव्यांगजन कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिविर के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। दंतेवाड़ा में 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित तीन दिवसीय शिविर में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के कुल 768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं विभिन्न सहायक उपकरणों से लाभान्वित किया जाएगा। इनमें दंतेवाड़ा जिले के 509, बीजापुर के 197 और सुकमा के 62 दिव्यांगजन शामिल हैं। शिविर का आयोजन भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर तथा सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है। नक्सलवाद समाप्त हुआ, अब उसकी पीड़ा और निशानियों को भी मिटाना है :  अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा से प्रभावित दिव्यांग आदिवासी भाई-बहनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदान कर उनके जीवन को सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 5 से 7 अक्टूबर 2026 के दौरान जगदलपुर में आयोजित शिविर में 3,600 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए थे। इनमें अकेले बस्तर के 1,570 से अधिक लाभार्थी थे। यह संख्या बस्तर की उस पीड़ा का परिचय देती है, जिसे यहाँ के गरीब और आदिवासी परिवारों ने दशकों तक सहन किया है। केंद्रीय गृह मंत्री  शाह ने कहा कि नक्सलियों ने आईईडी विस्फोटों के माध्यम से निर्दोष नागरिकों को दिव्यांग बनाया। इससे बड़ा मानवाधिकारों का हनन कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद समाप्त करने का दृढ़ संकल्प लिया था और आज नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केवल नक्सलवाद समाप्त कर देने से पाँच दशकों की पीड़ा समाप्त नहीं होगी। हमें इन घावों पर मरहम लगाना होगा। नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करना होगा और उनके सम्मानपूर्वक जीवनयापन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांग भाई-बहनों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट वॉकिंग स्टिक और कृत्रिम अंग जैसे उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन में नई खुशियाँ लाई जा सकती हैं। इस सेवा कार्य में छत्तीसगढ़ सरकार, जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर और भारतीय जैन संघ सहित अनेक संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। केंद्रीय गृह मंत्री  शाह ने बस्तर के पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व के सहयोग की भी सराहना करते हुए कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष और बस्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने के प्रयासों में स्थानीय जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम और नियद नेल्लानार से बदल रही बस्तर की तस्वीर केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने बस्तर में शांति और विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम, नियद नेल्ला नार और मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना जैसी पहलों के माध्यम से बस्तर को फिर से हँसता-खेलता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जिस बस्तर में कभी गोलियों और बम धमाकों की आवाजें सुनाई देती थीं तथा भय का वातावरण रहता था, वहाँ आज हजारों युवा खेलों में भाग ले रहे हैं और अपनी परंपराओं को जीवित रख रहे हैं। बस्तर ओलंपिक ने युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया है। वहीं बस्तर पंडुम के माध्यम से जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को पुनर्जीवित करने का बड़ा प्रयास हुआ है।  शाह ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं। पाँच दशकों तक जिन क्षेत्रों तक आवश्यक सुविधाएँ नहीं पहुँच सकीं, वहाँ अब आधारभूत अधोसंरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हो रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले 8,526 नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 8,526 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के बैंक खाते नहीं थे, ऐसे 7,328 लोगों के बैंक खाते खोले गए हैं। 1,620 लोगों को इनामी राशि और 7,882 लोगों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार 455 लोगों को नौकरी दी गई है और 129 लोगों को भूमि का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 4,014 आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही 2,308 आदिवासियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे रोजगार और स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि 6,763 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं और 2,808 परिवारों को निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई गई है। क्षेत्र में आवागमन और संपर्क सुविधाओं के विस्तार के लिए 372 नई सड़क परियोजनाएँ प्रारंभ की गई हैं तथा 670 पुलियों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 48,526 लोगों के आधार कार्ड बनाए गए हैं और इलवाद पंचायत पुरस्कार के अंतर्गत 44 पंचायतों को पुरस्कृत किया गया है।  शाह ने कहा कि ये प्रयास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों … Read more