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कृषि मंत्री ने राज्य के 3556 बीज उत्पादक किसानों को 8.2 करोड़ रूपए प्रोत्साहन राशि का किया अंतरण

रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  राम विचार नेताम ने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 3556 बीज उत्पादक किसानों को वित्तीय वर्ष 2024-25 का 8 करोड़ 01 लाख 97 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में ऑनलाईन अंतरित किया। यह राशि मंडी निधि के तहत हितग्राहियों को प्रदाय किया गया। इस मौके पर प्रदेश के सैकड़ों किसान प्रक्रिया केंद्रों से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। मंत्री  नेताम ने बीज उत्पादक किसानों से चर्चा कर गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए उनका हौसला बढ़ाया साथ ही निगम के एक वर्ष के उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त मती शहला निगार विशेष रूप से उपस्थित थीं।   कृषि मंत्री  राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों ने अथक मेहनत एवं परिश्रम से बीज उत्पादन किया है। उनके इस मेहनत का फल उन्हें मिले इस उद्देश्य से प्रोत्साहन की राशि सीधे उनके खाते में अंतरित किया गया। उन्होंने किसानों को धान के अलावा दलहन-तिलहन एवं मिलेट्स और सब्जी-भाजी व अन्य आय मूलक फसलें लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गरमी के दिनों में धान की खेती से बचना चाहिए। क्योंकि इसमें पानी अधिक लगता है। हमें पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के प्रति भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धान की जगह किसानों को दलहन-तिलहन की खेती करनी चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। वहीं पानी की खपत भी कम होती है।   मंत्री  नेताम ने कहा कि बीज की गुणवत्ता पर सरकार की साख जुड़ी होती है। उन्होंने बीज उत्पादक किसानों को ईमानदारी के साथ गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन बीज उत्पादन करने की अपील की। उन्होंने किसानों से कहा कि प्रदेश किसानों के लगन और मेहनत से बीज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। सरकार की प्रतिबद्धता किसानों के लिए प्राथमिकता पर है। उन्होंने मिल-जुलकर छत्तीसगढ़ को कृषि उत्पादक राज्यों के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।   बीज निगम के अध्यक्ष  चन्द्रहास चंद्राकर ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और मंत्री  नेताम के मार्गदर्शन में निगम द्वारा समय पर बीज उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जा रहा है। आगे भी प्रयास रहेगा कि समय पर किसानों के मेहनत का सम्मान हो। उन्होंनें कहा कि हमारी सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल 3100 रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीद कर देश में किसानों का मान बढ़ाया है। उन्होंने इस मौके पर किसानों की ओर से कुछ मांगे भी रखी, जिसका मंत्री  नेताम ने गंभीरता के साथ विचार करने का आश्वासन दिया। राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक  अजय अग्रवाल ने कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी। मंत्री  नेताम ने इस अवसर पर कवर्धा, अंबिकापुर और रायपुर जिले के किसानों से चर्चा कर हालचाल जाना। किसानों ने वर्ष 2024-25 प्रोत्साहन राशि प्रदान करने पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, मंत्री  रामविचार नेताम और निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब राज्य स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित पहलों के बीच जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। ग्राम पंचायत कछिया ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के तहत पीएआई 2.0 सर्वे के 9 थीम में से थीम-3 (बाल हितैषी पंचायत) में 95.71 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गई है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा तथा जिले की प्रभारी मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्राम पंचायत कछिया के जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और ग्रामीणों को बधाई देते हुए इसे राज्य के अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता “सबका साथ, सबका विकास” की भावना और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है। ग्राम पंचायत कछिया ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक समग्र बाल हितैषी वातावरण विकसित किया है। पंचायत के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में कुल 155 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनमें बालिकाओं की संख्या उल्लेखनीय है। पंचायत द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने, स्वच्छता सुधार, पोषण और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, स्कूल प्रबंधन समिति के साथ समन्वय, स्वच्छता अभियान, सुरक्षित पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य जागरूकता, तथा ग्रामसभा में बच्चों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना इस सफलता के प्रमुख आधार रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय कर एनीमिया मुक्त पंचायत, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मातृ-पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रारंभिक चरण में पलायन, आर्थिक स्थिति और जागरूकता की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। पंचायत ने घर-घर संपर्क, अभिभावक संवाद, नियमित समीक्षा बैठकें और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से इन चुनौतियों को दूर किया। ग्राम पंचायत ने बाल हितैषी गतिविधियों को स्थायी रूप देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें शत-प्रतिशत नामांकन, शून्य ड्रॉपआउट, नियमित मॉनिटरिंग, स्वच्छता अभियान और बाल सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।

अंबिकापुर सेक्शन में ट्रेन सेवा प्रभावित, 3 और 10 मई को पांच ट्रेनें रहेंगी निरस्त

बिलासपुर  बोरीडांड-अंबिकापुरी रेलखंड में अधोसंरचना विकास के चलते यात्रियों को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा रोड ओवरब्रिज (आरओबी) के डी-लान्चिंग कार्य के लिए ट्रैफिक-कम-पावर ब्लाक लिया जा रहा है। इसके चलते तीन और 10 मई को इस रूट की पांच मेमू पैसेंजर ट्रेनों को रद करने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में बोरीडांड–अंबिकापुर सेक्शन पर चल रहे दोहरीकरण कार्य के तहत महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किया जा रहा है। कटोरा–बैकुंठपुर रोड के बीच स्थित रोड ओवरब्रिज-172 और शिवप्रसाद नगर–कटोरा के बीच स्थित आरओबी-195 पर डी-लान्चिंग कार्य के लिए ट्रैफिक-सह-पावर ब्लाक लिया जाएगा। यह कार्य बोरीडांड–सूरजपुर रोड डबल लाइन परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रेल यातायात को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाना है। हालांकि इस दौरान परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व सूचना जारी कर दी है। ब्लाक के चलते तीन और 10 मई को इस रूट पर संचालित पांच मेमू पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है। इनमें शहडोल–अंबिकापुर, अंबिकापुर–अनूपपुर, अनूपपुर–मनेन्द्रगढ़, मनेन्द्रगढ़–अंबिकापुर और अंबिकापुर–शहडोल के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें और वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर ही यात्रा करें। रद्द ट्रेनों की सूची (तीन व 10 मई को निरस्‍त) गाड़ी संख्या रूट 68749 शहडोल – अंबिकापुर 68758 अंबिकापुर – अनूपपुर 68759 अनूपपुर – मनेन्द्रगढ़ 68757 मनेन्द्रगढ़ – अंबिकापुर 68750 अंबिकापुर – शहडोल

रायपुर में छत्तीसगढ़ की दोहरी सफलता, फाइलेरिया और मलेरिया नियंत्रण में राज्य मॉडल की देशभर में हुई सराहना

रायपुर : राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की दोहरी उपलब्धि फाइलेरिया व मलेरिया नियंत्रण में राज्य मॉडल की देशभर में सराहना फाइलेरिया उन्मूलन में BIHAN मॉडल और ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ पहल को नवाचार व जनभागीदारी के लिए सराहना रायपुर जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। 30 अप्रैल और 01 मई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित “National Summit on Innovation and Inclusivity – Best Practices Shaping India’s Future” में राज्य को फाइलेरिया और मलेरिया उन्मूलन के लिए अपनाई गई नवाचारी पहलों पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल राज्य की स्वास्थ्य रणनीतियों की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी आधारित मॉडल की सफलता का भी प्रमाण है। BIHAN मॉडल ने बदली तस्वीर, महिला समूह बने बदलाव की धुरी फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में BIHAN (स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। Mission Steering Group–Human Resource (MSG–HR) के अंतर्गत इस मॉडल को देश की सर्वश्रेष्ठ नवाचारी और समावेशी पहल के रूप में मान्यता मिली, जिसमें PCI India का तकनीकी सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान के दौरान महिलाओं ने घर-घर पहुंचकर न केवल दवा सेवन सुनिश्चित कराया, बल्कि समुदाय में व्याप्त भ्रांतियों को भी दूर किया। सामुदायिक बैठकों और जागरूकता गतिविधियों के जरिए लोगों में भरोसा कायम किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि दवा सेवन से इनकार करने वाले लगभग 74% लोगों को सहमति के लिए तैयार किया गया-जो इस मॉडल की सबसे बड़ी सफलता के रूप में उभरकर सामने आया। ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ ने दुर्गम क्षेत्रों में दिखाई प्रभावशीलता सम्मेलन में ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान को भी एक प्रभावी और परिणामोन्मुख पहल के रूप में विशेष सराहना मिली। बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में संचालित इस अभियान के तहत घर-घर स्क्रीनिंग, रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) से समय पर जांच, त्वरित उपचार और Day-7 व Day-14 फॉलो-अप के माध्यम से पूर्ण इलाज सुनिश्चित किया गया। इस अभियान की खास उपलब्धि लक्षणहीन (Asymptomatic) मरीजों की पहचान रही, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में निर्णायक मदद मिली। इसके सकारात्मक परिणाम भी स्पष्ट रूप से सामने आए हैं- राज्य का API वर्ष 2019 में 1.97 से घटकर 2025 में 0.90 हो गया, जबकि बस्तर संभाग में यह 13.12 से घटकर 6.98 तक पहुंच गया। अन्य राज्यों के लिए प्रेरक मॉडल- राष्ट्रीय मंच पर उपस्थित विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने छत्तीसगढ़ के BIHAN आधारित सामुदायिक मॉडल और ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया। कम लागत में अधिक प्रभाव देने वाली ये पहलें यह साबित करती हैं कि जनभागीदारी और स्थानीय रणनीतियों के माध्यम से जटिल स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान संभव है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी समुदाय आधारित, नवाचारयुक्त और क्षेत्र विशेष रणनीतियों को प्राथमिकता देते हुए जनस्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा

छत्तीसगढ़ में RTO अधिकारियों के तबादलों से बढ़ी हलचल, सरकार ने दिया सख्त संदेश: लापरवाही नहीं चलेगी

रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग ने प्रशासनिक कसावट लाने और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्यभर में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए हैं। महानदी भवन से जारी आदेश के तहत क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) समेत कई अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना सौंपी गई है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने नए पद पर कार्यभार ग्रहण करें।  प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में कदम परिवहन विभाग का यह निर्णय राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लिया गया है। विभाग का मानना है कि समय-समय पर अधिकारियों के स्थानांतरण से कार्यक्षमता में सुधार होता है और स्थानीय स्तर पर लंबित मामलों के निराकरण में तेजी आती है। इन जिलों में हुआ बड़ा फेरबदल जारी आदेश के अनुसार, कोरबा, धमतरी, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कांकेर, राजनांदगांव, बेमेतरा, सूरजपुर, गरियाबंद और जशपुर सहित कई जिलों में पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस व्यापक फेरबदल से साफ है कि विभाग ने पूरे राज्य स्तर पर प्रशासनिक संतुलन साधने की कोशिश की है। 10 दिन में जॉइनिंग के सख्त निर्देश परिवहन विभाग ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को अधिकतम 10 दिनों के भीतर अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तय समय सीमा का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्यप्रणाली में तेजी लाने की कवायद सूत्रों के अनुसार, यह तबादला सूची केवल औपचारिक बदलाव नहीं, बल्कि विभागीय कार्यों में गति लाने की रणनीति का हिस्सा है। लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों के स्थानांतरण से पारदर्शिता बढ़ने और जवाबदेही तय होने की उम्मीद जताई जा रही है। जनसेवा पर पड़ेगा सीधा असर परिवहन विभाग से जुड़े कार्य- जैसे वाहन पंजीयन, ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और प्रवर्तन—सीधे आम जनता से जुड़े होते हैं। ऐसे में अधिकारियों के इस फेरबदल का असर सेवाओं की गुणवत्ता और गति पर भी देखने को मिल सकता है। नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाएं और लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करें। सख्ती के साथ सुधार का संकेत राज्य सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही या ढिलाई को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समयबद्ध जॉइनिंग और व्यापक स्तर पर किए गए तबादले यह दर्शाते हैं कि शासन व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए गंभीर है।

धमतरी की मंदरौद ग्राम पंचायत ने पंचायत विकास सूचकांक में प्रदेश में मारी बाजी

​धमतरी का डंका: पंचायत विकास सूचकांक में मंदरौद ग्राम पंचायत प्रदेश में अव्वल ​रायपुर       ​छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और सशक्तिकरण के क्षेत्र में धमतरी जिले ने एक नया इतिहास रचा है। राज्य सरकार द्वारा जारी पंचायत विकास सूचकांक (PDI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, धमतरी जिले की ग्राम पंचायतों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इसमें सबसे बड़ी उपलब्धि कुरूद विकासखंड की मंदरौद ग्राम पंचायत के नाम रही है, जिसने 'गरीबी मुक्त एवं आजीविका संवर्धन' (थीम-1) में 94.4 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ​सतत विकास के मॉडर्न मॉडल के रूप में उभरा धमतरी     ​PDI रैंकिंग में केवल मंदरौद ही नहीं, बल्कि जिले की अन्य पंचायतों ने भी अपनी छाप छोड़ी है। 'स्वस्थ पंचायत', 'जल संपन्न पंचायत' और 'स्वच्छ एवं हरित पंचायत' जैसी श्रेणियों में जिले की कई पंचायतों ने A+ और A ग्रेड प्राप्त कर यह साबित किया है कि यहाँ शासन की योजनाएं केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर मजबूती से उतर रही हैं। ​ "पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा"     ​इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राज्य के नेतृत्व और स्थानीय प्रशासन ने हर्ष व्यक्त किया है।उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री ​श्री विजय शर्मा  मंत्री ने मंदरौद पंचायत को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है। मंदरौद की सफलता प्रदेश की अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणास्रोत और नवाचार का मॉडल बनेगी।विधायक ​श्री अजय चंद्राकर ने इस जीत का श्रेय सामूहिक प्रयासों को देते हुए कहा कि बयह स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और जागरूक ग्रामीणों की मेहनत का फल है। धमतरी विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है। कलेक्टर ने इस उपलब्धि को पारदर्शी प्रशासन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, और यह रैंकिंग उसी दिशा में एक मील का पत्थर है। ​सफलता के पीछे के मुख्य कारक     ​मंदरौद और धमतरी की अन्य पंचायतों की इस सफलता के पीछे तीन मुख्य स्तंभ रहे हैं। सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाना। विकास कार्यों में ग्रामीणों की सक्रिय जनभागीदारी सुनिश्चित करना और ​आजीविका पर फोकस करते हुए गरीबी उन्मूलन के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के साधनों का संवर्धन करना रहा।​धमतरी जिले की यह गौरवपूर्ण उपलब्धि छत्तीसगढ़ में ग्रामीण सशक्तिकरण और समग्र विकास की एक नई इबारत लिख रही है।

न्याय को सरल बनाने सर्वाेच्च न्यायालय की पहल पर चलाया जा रहा समाधान समारोह 2026

न्याय को सरल बनाने सर्वाेच्च न्यायालय की पहल पर चलाया जा रहा समाधान समारोह 2026 सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित मामलों का होगा सरल समाधान रायपुर  न्याय को आमजन के लिए सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में भारत का सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 की अभिनव पहल शुरू की गई है। यह राष्ट्रीय स्तर का अभियान 21 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुका है, जिसका समापन 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत के आयोजन के साथ होगा।        इस विशेष लोक अदालत का आयोजन सर्वाेच्च न्यायालय परिसर में किया जाएगा, जिसमें सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से निराकरण किया जाएगा। यह पहल न्यायिक प्रक्रिया को अधिक मानवीय, समयबद्ध और कम खर्चीला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।        छत्तीसगढ़ में इस अभियान के अंतर्गत निर्देशानुसार सुलह बैठकों का आयोजन राज्य, जिला एवं जनपद स्तर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित मध्यस्थता केंद्रों में किया जा रहा है। इन केंद्रों में प्रशिक्षित मध्यस्थ एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी पक्षकारों को आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।          समाधान समारोह के तहत सुलह-वार्ताएं 21 अप्रैल 2026 से ही प्रारंभ हो चुकी हैं, जिनमें पक्षकार व्यक्तिगत रूप से या वर्चुअल माध्यम से भी भाग ले सकते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या को कम करना तथा विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए वैकल्पिक और सरल मंच उपलब्ध कराना है। सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं संबंधित सभी पक्षों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया है। छत्तीसगढ़ के नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने मामलों का समाधान आपसी सहमति से कराने का प्रयास करें।         समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) में अपने सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित मामलों को शामिल करने के लिए सर्वाेच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट  https://www.sci.gov.in⁠ पर उपलब्ध गूगल फॉर्म को 31 मई 2026 तक भरना होगा। यह प्रक्रिया सरल एवं सहज है, जिससे कोई भी इच्छुक पक्षकार अपने मामले को इस विशेष पहल में शामिल कर सकता है। इस संबंध में किसी सहायता एवं जानकारी हेतु वन स्‍टाप सेंटर (वार रूम) इन-चार्ज समाधान समारोह (स्‍पेशल लोक अदालत) के दूरभाष नं. 011-23115662, 011-23116464 अथवा सीआरपी निदेशक के दूरभाष नं. 011- 23115652, 011- 23116465 पर अथवा वन स्टॉप सेंटर कक्ष क्रमांक 806 एवं 808, बी ब्लॉक, अतिरिक्त भवन परिसर, सर्वोच्च न्यायालय दूरभाष नं. 011- 23116464 पर सम्पर्क किया जा सकता है। मेल आईडी – speciallokadalat2026@sci.nic.in पर मेल भी कर सकते हैं।

सुशासन तिहार: गांवों में शिकायतों का खात्मा, अब हर समस्या का होगा समाधान

सुशासन तिहार: गांवों में खत्म हो रहा शिकायतों का दौर  बलौदाबाजार जिले में जनसमस्या निवारण का महाभियान शुरू 10 जून तक चलेंगे शिविर,ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में कुल 49 स्थानों पर पहुंचेंगी 'समाधान की चौपाल पहले शिविर में उमड़ा जनसैलाब, राजस्व मंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश- 'समय सीमा में हो हर आवेदन का निराकरण' ​रायपुर        छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के साथ ही 'सुशासन' को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 'सुशासन तिहार' के जरिए प्रशासन सीधे ग्रामीणों के दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। शुक्रवार को ग्राम रिसदा से शुरू हुए इस अभियान ने पहले ही दिन सफलता के नए मानक स्थापित किए हैं। ​मौके पर न्याय: 47% आवेदकों को तत्काल राहत     इस अवसर पर राजस्व मंत्री ने  कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुस्कुराते हुए देखना है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर के बाद भी आवेदकों से फीडबैक लिया जाए कि वे समाधान से संतुष्ट हैं या नहीं।     ​रिसदा के हाई स्कूल प्रांगण में लगे शिविर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी संवेदनशीलता रही। शिविर में आए 573 आवेदनों में से लगभग आधे  का निराकरण राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा की मौजूदगी में अधिकारियों ने तुरंत किया। यह इस बात का प्रमाण है कि सरकारी मशीनरी अब फाइलों को अटकाने के बजाय सुलझाने पर ध्यान दे रही है। जिन आवेदनों में तकनीकी पेच हैं, उनके लिए कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने समय-सीमा (Timeline) निर्धारित कर दी है। ​विकास का 'वन-स्टॉप' डेस्टिनेशन बने विभागीय स्टॉल     ​शिविर में केवल शिकायतें ही नहीं सुनी गईं, बल्कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का 'डिलीवरी सेंटर' भी बनाया गया। पुलिस विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा हेतु हेलमेट वितरण और भारत माता वाहिनी को संसाधन भेंट किए गए। इसी तरह युवाओं को कौशल विकास का सम्मान पत्र और टीबी मुक्त गांव के सरपंचों को महात्मा गांधी की प्रतिमा भेंट कर सामाजिक सहभागिता को सराहा गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर डिजिटल एक्स-रे और तत्काल आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा ने बुजुर्गों और मरीजों को बड़ी राहत दी। 10 जून तक हर घर तक पहुंच         ​कलेक्टर  ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दिवसीय आयोजन नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित अभियान है। जिले के 30 ग्रामीण केंद्रों और 19 नगरीय निकायों में सुशासन तिहार के जरिए प्रत्येक नागरिक की पहुंच प्रशासन तक सुनिश्चित की जाएगी। ​       बलौदाबाजार से शुरू हुआ यह 'सुशासन का रथ' अब जिले के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ रहा है। रिसदा शिविर की सफलता ने यह साफ कर दिया है कि यदि प्रशासन जन-प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बिठाकर गांव की चौपाल तक पहुंचे, तो बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान चुटकियों में संभव है।

33% महिला आरक्षण पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में शासकीय संकल्प, एक दिवसीय सत्र में विपक्ष का जोरदार विरोध

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा में एक शासकीय संकल्प पेश किया। इस शासकीय संकल्प में परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोकसभा और सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण को तत्काल लागू करने का आग्रह किया गया है। इस संकल्प पर चर्चा के लिए विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। संकल्प पेश करते हुए साय ने कहा कि इस सदन का मत है कि नारी शक्ति के सम्मान तथा महिलाओं के समग्र विकास और सशक्तीकरण के उद्देश्य से देश की संसद तथा सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण, परिसीमन की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने संकल्प पर चर्चा के लिए चार घंटे का समय तय किया है। विपक्ष का आरोप- हमारे संकल्प पर विचार नहीं इस बीच, विपक्ष के नेता चरण दास महंत ने कहा कि उन्होंने भी इसी तरह का एक संकल्प पेश किया था, जिसमें केंद्र से आग्रह किया गया था कि लोकसभा और विधानसभा में मौजूदा सीटों की संख्या के भीतर ही महिलाओं को जल्द से जल्द 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए, लेकिन उनके संकल्प पर विचार नहीं किया गया। क्या कहा विधानसभा अध्यक्ष ने इसके जवाब में विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा- नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का संकल्प एक अशासकीय संकल्प था जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता था, क्योंकि विशेष सत्र का एजेंडा पहले से ही तय था। उन्होंने कहा कि यह सत्र सरकारी कामकाज के लिए बुलाया गया था और उन्होंने विपक्ष के संकल्प को अस्वीकार कर दिया।     छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र     सीएम ने पेश किया शासकीय संकल्प     नारी शक्ति वंदन से जुड़ा है अधिनियम     विपक्ष के संकल्प को विधानसभा अध्यक्ष ने किया अस्वीकार नेता प्रतिपक्ष ने कहा- जल्दबाजी में पेश किया गया संकल्प हालांकि, चरणदास महंत ने तर्क दिया कि मुख्यमंत्री ने जो पढ़ा, वह शासकीय संकल्प की श्रेणी में नहीं आता है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने पहले ही कहा था कि उनकी सरकार कांग्रेस के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव लाएगी। महंत ने आरोप लगाया कि मौजूदा संकल्प जल्दबाजी में पेश किया गया है और इसका शुरू में बताए गए विषय से कोई लेना-देना नहीं है। कुछ देर तक सदन में हुई नोंकझोंक भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि चर्चा के विषयों का निर्णय करना सदन के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने यह भी कहा कि सदन के बाहर दिए गए बयानों पर सदन के भीतर चर्चा नहीं की जा सकती। इस नोंकझोंक के कारण सदन में कुछ देर तक हंगामा भी हुआ। इस पर अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सभी सदस्यों को अपने विचार व्यक्त करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। पवन तिवारी

‘गूगल बॉय’ रुद्र को, लोक भवन में मिला सम्मान

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोक भवन में जिला दुर्ग के 6 वर्षीय 'गूगल बॉय ' रुद्र शर्मा ने अपने पालकों के साथ मुलाकात की।अपनी अद्भुत स्मरण शक्ति से उसने हैरान कर दिया। राज्यपाल श्री डेका से मुलाकात के दौरान रुद्र ने सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवालों के सटीक उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।          कक्षा पहली के छात्र रुद्र को यूपीएससी और पीएससी स्तर के प्रश्नों के उत्तर भी याद हैं। मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने उससे छत्तीसगढ़ के गठन, राज्य की विशेषताओं और भारतीय संविधान से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका रुद्र ने बिना झिझक तुरंत सही जवाब दिया।          रुद्र की तेज स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर राज्यपाल ने उसकी सराहना की। उन्होंने लोक भवन की ओर से रुद्र को प्रमाण पत्र प्रदान किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।            इस अवसर पर रुद्र के माता श्रीमती पायल शर्मा के साथ उसके नाना श्री विनोद शर्मा भी उपस्थित थे, जिन्होंने उसकी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की।