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तेन्दूपत्ता से बदली जिंदगी, बढ़ी आय और सम्मान बढ़ी आय और सम्मान

रायपुर तेन्दूपत्ता से बदली जिंदगी, बढ़ी आय और सम्मान तेन्दूपत्ता संग्रहण आदिवासी और वनवासी परिवारों के लिए आजीविका का एक अत्यंत सशक्त और महत्वपूर्ण आधार है। इसे जंगलों का हरा सोना भी कहा जाता है। यह कार्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है और विशेष रूप से भीषण गर्मी के महीनों में जब अन्य रोजगार के साधन कम होते हैं, तब यह आय का एक बड़ा जरिया बनता है। छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्रहण आदिवासी और वनवासी परिवारों के लिए आजीविका का एक मजबूत आधार है। यहां उत्पादित तेन्दूपत्ता अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है।  कटघोरा वनमण्डल में यह कार्य संगठित रूप से संचालित हो रहा है, जहां 7 परिक्षेत्रों में 44 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियां सक्रिय हैं। हर वर्ष मई के पहले सप्ताह से तेन्दूपत्ता संग्रहण शुरू होता है। इससे पहले फड़ों (संग्रहण केंद्रों) का चयन और शाखा कर्तन का कार्य किया जाता है, जिससे अच्छी गुणवत्ता के पत्ते प्राप्त हों। वर्ष 2026 में केवल शाखा कर्तन कार्य के लिए ही 47 लाख 54 हजार रूपए से अधिक का भुगतान किया गया, जिससे स्थानीय लोगों को अतिरिक्त रोजगार मिला।     वर्ष 2025 में कटघोरा वनमण्डल के 486 फड़ों में 78, हजार 300 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य रखा गया था। इसमें से 71,737 मानक बोरा (94.02 प्रतिशत) तेन्दूपत्ता संग्रहण किया गया। इस कार्य में 66 हजार 331 संग्राहकों ने भाग लिया, जिन्हें 5 हजार 500 रूपए प्रति मानक बोरा की दर से कुल 39 करोड़ 45 लाख रूपए से अधिक पारिश्रमिक सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन (डीबीटी) के माध्यम से भुगतान किया गया। इससे भुगतान में पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं। सरकार की पहल से तेन्दूपत्ता का संग्रहण दर भी बढ़ा है। वर्ष 2023 में 4 हजार  रूपए प्रति मानक बोरा मिलने वाली दर को वर्ष 2024 से बढ़ाकर 5 हजार 500 रूपए कर दिया गया, जो वर्ष 2026 में भी लागू है। इसके साथ ही तेन्दूपत्ता व्यापार से होने वाली आय का 80 प्रतिशत हिस्सा संग्राहकों को बोनस के रूप में दिया जाता है। वर्ष 2019 से 2022 के बीच करोड़ों रूपए का बोनस सीधे हजारों संग्राहकों के खातों में पहुंचाया गया, जिससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। तेन्दूपत्ता संग्राहकों के कल्याण के लिए कई जनहितकारी योजनाएं  चरणपादुका योजना के तहत वर्ष 2025 में 63 हजार 636 महिला संग्राहकों को निःशुल्क जूते प्रदान किए गए। राजमोहिनी देवी सामाजिक सुरक्षा योजना में 84 संग्राहकों को 1.07 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता दी गई। समूह बीमा योजना के तहत 90 हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई और शिक्षा प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से सैकड़ों बच्चों को लाखों रूपए की छात्रवृत्ति दी गई, जिससे उनके भविष्य को नई दिशा मिली।  इन योजनाओं का प्रभाव यह है कि अब तेन्दूपत्ता संग्रहण केवल एक मौसमी काम नहीं रहा, बल्कि यह स्थायी आय और सामाजिक सुरक्षा का माध्यम बन गया है। संग्राहकों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है और जीवन स्तर में स्पष्ट सुधार दिखाई दे रहा है। यह सफलता दिखाती है कि जब शासकीय योजनाएं सही तरीके से लागू होती हैं, तो जंगल से जुड़ी आजीविका भी सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि का मार्ग बन सकती है।

आज से शुरू होगा सुशासन तिहार 2026: 01 मई से 10 जून तक प्रदेश भर में चलेगा अभियान

रायपुर  छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए “सुशासन तिहार 2026” की शुरुआत आज से होने जा रही है। यह अभियान 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा, जिसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे।                 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण ही सुशासन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आमजन को पारदर्शी, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पहले चरण में लंबित मामलों के निराकरण पर जोर                अभियान के पूर्व चरण में ही कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि 30 अप्रैल तक सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित करें। इसमें—  * नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरण * मनरेगा के लंबित मजदूरी भुगतान * हितग्राहीमूलक योजनाओं के लंबित भुगतान * आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र * बिजली, ट्रांसफार्मर और पेयजल (हैंडपंप) समस्याएं के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान रखा जाएगा, साथ ही पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रदेशभर में लगेंगे समाधान शिविर सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून तक लगेंगे शिविर  * ग्रामीण क्षेत्रों में 15–20 ग्राम पंचायतों के समूह में शिविर * शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर आधारित आयोजन * मौके पर ही आवेदन स्वीकार और लाभ वितरण * अधिकतम एक माह में आवेदनों का निराकरण                  शिविरों में शासन की योजनाओं के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी और प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और सीधा संवाद                 अभियान के दौरान मंत्रीगण, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। CM करेंगे औचक निरीक्षण और समीक्षा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर— * विकास कार्यों का औचक निरीक्षण * हितग्राहियों से सीधा फीडबैक * जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें करेंगे                निरीक्षण के बाद वे प्रेसवार्ता के माध्यम से जानकारी साझा करेंगे और नागरिकों व सामाजिक संगठनों से सुझाव भी लेंगे। व्यापक प्रचार से बनेगा जन आंदोलन   जनसम्पर्क विभाग और जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। डिजिटल, प्रिंट और स्थानीय माध्यमों के जरिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा

कातिलाना इश्क: राजनांदगांव में प्रेमिका ने पूर्व प्रेमी संग मिलकर युवक की हत्या, दोनों को उम्रकैद

राजनांदगांव फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चर्चित हत्या मामले में प्रेमिका और उसके पूर्व प्रेमी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर अर्थदंड भी लगाया है। मामला 13 जुलाई 2022 का है, जब लिटिया गांव निवासी हिरावन मंडले की हत्या कर दी गई थी। लंबी सुनवाई के बाद 30 अप्रैल को फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार साहू ने फैसला सुनाया। मृतक हिरावन मंडले (31) और गांव की ही महिला मोम‍िन वर्मा उर्फ मोना (28) के बीच प्रेम-प्रसंग था, लेकिन महिला का उसके मायके कोलिहापुरी के पूर्व प्रेमी डिकेश्‍वर वर्मा (37) भी संपर्क में था। 

श्रमिक समाज की आधारशिला हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी: श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन

रायपुर अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर प्रदेश के श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने राज्य के श्रमिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी मेहनतकश श्रमिकों के सुखमय और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि 1 मई का दिन श्रमिकों के परिश्रम, समर्पण और योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर है।                     मंत्री  देवांगन ने कहा कि श्रमिक समाज की आधारशिला हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक खुशहाली के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंद वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ तेजी से उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित तीनों मंडलों- भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, संगठित कर्मकार मंडल और राज्य सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।                 मंत्री  देवांगन ने कहा कि बीते सवा दो वर्षों में विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 800 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे न केवल श्रमिकों बल्कि उनके परिवारों के सामाजिक और आर्थिक स्तर में भी सुधार आया है।

डबल इंजन की रफ्तार, योजनाओं की बौछार- किसान, आदिवासी, महिला और युवा बने केंद्र में

रायपुर छत्तीसगढ़ में बीते लगभग ढाई वर्षों में शासन की कार्यशैली को लेकर एक नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश दिखाई देती है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 'सुशासन' को केवल एक नारा नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन का आधार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सीमित समयावधि करीब 2 वर्ष 4 माह 17 दिन में ही सरकार ने विकास का जो खाका तैयार किया है, उसे भविष्य की बड़ी तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश की पहचान ‘धान का कटोरा’ के रूप में रही है, लेकिन इस पहचान को सम्मान देने का काम हालिया नीतिगत निर्णयों में स्पष्ट दिखता है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय करना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि अन्नदाताओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने की पहल भी है। इसके साथ ही, तेंदूपत्ता संग्राहकों जिन्हें ‘हरा सोना’ से जुड़ा श्रमिक वर्ग कहा जाता है, के लिए पारिश्रमिक दर को 5500 रुपये करना और चरण पादुका वितरण जैसे निर्णयों ने आदिवासी क्षेत्रों में राहत पहुंचाई है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही लगभग 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। बेघर और जरूरतमंद परिवारों को छत उपलब्ध कराना सुशासन की पहली सीढ़ी के रूप में देखा गया।राज्य सरकार ने 70 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि देने की पहल की। यह राशि भले सीमित लगे, लेकिन ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह आर्थिक संबल का काम कर रही है। यह कदम महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों ने असर दिखाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह की रणनीति और संकल्प के साथ 31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्ति का लक्ष्य एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। इससे विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है।   विष्णु देव साय सरकार ने युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग' से जुड़े मामलों में जांच कराना सरकार के जवाबदेही वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है। साथ ही, खेल गतिविधियों विशेषकर बस्तर व सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया है। विगत वर्ष आयोजित ‘सुशासन तिहार’ को इस वर्ष भी 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखना, नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ना है। श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य के समन्वय को 'डबल इंजन सरकार' के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि इस समन्वय से विकास योजनाओं को गति मिली है और इसका लाभ प्रदेश के लगभग तीन करोड़ नागरिकों तक पहुंच रहा है। ‘बगिया के विष्णु’ के रूप में पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों ईब से इंद्रावती तक विकास का जो रोडमैप तैयार किया है, वह समावेशी विकास की अवधारणा को दर्शाता है। लक्ष्य स्पष्ट है, अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना। छत्तीसगढ़ में सुशासन की यह यात्रा अभी 'प्रारंभिक चरण' में है, लेकिन दिशा स्पष्ट दिखाई देती है। सरकार की प्राथमिकताओं में किसान, महिला, आदिवासी, युवा और ग्रामीण समाज केंद्र में हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये नीतियां किस तरह स्थायी बदलाव का रूप लेती हैं, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि विकास की यह कहानी गति पकड़ चुकी है।

कटघोरा एवं पाली क्षेत्र के उपभोक्ताओं को होगी निर्बाध बिजली की आपूर्ति

रायपुर 132 केव्ही उपकेन्द्र छुरीखुर्द में 40 एमव्हीए का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर उर्जीकृत छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधाओं में उत्तरोत्तर वृद्धि करते हुये ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विद्यमान उपकेन्द्रों में स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। इसी क्रम में 132 केव्ही उपकेन्द्र कोरबा जिले के छूरीखुर्द में 4 करोड़ 31 लाख रूपये की लागत से 40 एम.व्ही.ए. क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। विद्युत कंपनी के विशेष प्रयासों से विद्युत विकास के लिए स्वीकृत इस कार्य से उपकेन्द्र के परिधि में आने वाले उपभोक्ताओं को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा अब उन्हे उच्च गुणवत्तापूर्ण तथा निर्बाध विद्युत की आपूर्ति होगी।  ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक  आर.के.शुक्ला ने स्वीच का बटन ऑन कर नये ट्रांसफार्मर के माध्यम से विद्युत सप्लाई प्रारंभ की तथा उन्होने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्युत विभाग उपभोक्ताओं की सुविधाओं में निरंतर वृद्धि करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कडी में आज इस उपकेन्द्र में अतिरिक्त 40 एमव्हीए क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर को उर्जीकृत किया गया है, जिसका लाभ इस क्षेत्र के 50 गांवों के उपभोक्ताओं को मिलेगा। 

छत्तीसगढ़ में तबादलों की लिस्ट जारी: परिवहन विभाग के 20 RTO अधिकारी इधर से उधर

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार के परिवहन विभाग ने राज्य में सुचारू परिवहन व्यवस्था और प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से 20 अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। महानदी भवन से जारी इस आदेश में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों से लेकर तकनीकी अधिकारियों के नाम शामिल हैं। आदेश के अनुसार, कई जिलों के जिला परिवहन अधिकारियों को बदला गया है। कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं…     विवेक सिन्हा: जिला परिवहन अधिकारी (कोरबा/पेंड्रा) से अब जांजगीर-चांपा भेजे गए हैं।     अतुल असैया: जिला परिवहन अधिकारी (कोण्डागांव) से अब कोरबा की जिम्मेदारी संभालेंगे।     गौरव साहू: जांजगीर-चांपा से स्थानांतरित कर रायगढ़ का जिला परिवहन अधिकारी बनाया गया है।     अब्दुल मुजाहिद: जिला परिवहन अधिकारी (धमतरी) से परिवहन मुख्यालय, नवा रायपुर स्थानांतरित किए गए हैं।     अनिल भगत: कोरिया से राजनांदगांव (अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी) भेजे गए हैं। तकनीकी और मुख्यालय स्तर पर बदलाव सूची में एआरटीओ योगेश भण्डारी (बालोद), किशनलाल माहौर (बेमेतरा) और शिवभगत रावटे (धमतरी) जैसे नाम भी शामिल हैं जिन्हें नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसके अलावा, तकनीकी विभाग से चुन्नीलाल देवांगन को भी मुख्यालय, नवा रायपुर में पदस्थ किया गया है।  

कांकेर एकलव्य की छात्रा कृतिका टेकाम ने देशभर के एकलव्य विद्यालयों में की टॉप

रायपुर छत्तीसगढ़ के कांकेर निवासी कृतिका टेकाम ने सीबीएसई 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। होनहार छात्रा कृतिका ने संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। इस बड़ी उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कृतिका को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कांकेर की होनहार छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल कृतिका के परिश्रम और प्रतिभा का परिणाम है, बल्कि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों की सफलता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी। आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कांकेर की छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और अनुकूल वातावरण मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मंत्री  नेताम ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।   गौरतलब है कि सीबीएसई द्वारा हाल ही में शैक्षणिक सत्र 2025-26 हेतु 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की छात्रा कु. कृतिका टेकाम देशभर के एकलव्य विज्ञालयों में प्रथम स्थान हासिल की है।  आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि कृतिका टेकाम कांकेर जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही थी। संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश के साथ-साथ आदिम जाति विभाग को भी गौरवान्वित किया है। इसके साथ ही अन्य विद्यार्थियों द्वारा भी अच्छा परीक्षा परिणाम प्राप्त किया गया है। प्रदेश में संचालित 75 एकलव्य विद्यालयों में से हाई स्कूल स्तर पर 71 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं। इनमें 11 एकलव्य विद्यालयों द्वारा शत्-प्रतिशत परीक्षा परिणाम अर्जित किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संचालित कुल 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी का परिणाम है कि शिक्षण सत्र 2025-26 में चौथी एकलव्य विद्यालयों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के दल द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया।  आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने बताया कि इसी प्रकार भारत सरकार, पंचायती राज, मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा जिला-गरियाबंद को देश में संचालित 800 विद्यालयों में से राष्ट्रीय विजेता चुना गया। गरियाबंद के चयनित इन विद्यार्थियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया, साथ ही इस विद्यालय को एक करोड़ रूपए की उपहार राशि प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से 13 हजार 868 हितग्राहियों को 11.75 करोड़ की मिली छूट

रायपुर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना कबीरधाम जिले के आम नागरिकों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इस योजना के तहत कबीरधाम जिले के कुल 13 हजार 868 उपभोक्ताओं को लाभ मिला है, जिन्हें अब तक 11 करोड़ 75 लाख 38 हजार 570 रुपये की छूट प्रदान की जा चुकी है। यह योजना बीपीएल, निम्नदाब घरेलू एवं कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई है, ताकि वे अपने पुराने बकाया बिजली बिलों के बोझ से मुक्त हो सकें। योजना के अंतर्गत सक्रिय और निष्क्रिय दोनों प्रकार के उपभोक्ताओं को शामिल किया गया है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि जिले में योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विशेष ’समाधान शिविरों’ का भी लगाई गई। विभाग की टीमें न केवल इन शिविरों में उपस्थित रहकर सहायता प्रदान कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर भी लोगों को योजना की जानकारी दे रही हैं। उपभोक्ताओं को पात्रता, छूट की प्रक्रिया और आवेदन संबंधी जानकारी सरल भाषा में समझाई जा रही है। उन्होंने बताया कि 31 मई तक इस योजना का लाभ उठा सकते है। उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल 31 मार्च 2023 से पूर्व के बकाया हैं, वे इस योजना का लाभ लेकर अपने बकाया का निपटारा कर सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। बकाया बिजली बिलों का समय पर निपटारा कर उपभोक्ता न केवल आर्थिक बोझ से राहत पा सकते हैं, बल्कि भविष्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित कर सकते हैं। साथ ही, यह कदम बिजली कंपनी के सुदृढ़ीकरण में भी सहायक होगा। उन्होंने बताया कि कवर्धा सर्कल के 5 हजार 63 उपभोक्ताओं के 3 करोड़ 75 लाख 97 हजार 706 रुपये की छूट प्रदान की गई है। इसके तहत कृषि के 566 उपभोक्ताओं के 22 लाख 67 हजार 926, एपीएल के 538 उपभोक्ताओं के 48 लाख 62 हजार 408 रूपए और बीपीएल के 3 हजार 959 उपभोक्ताओं के 3 करोड़ 4 लाख 67 हजार 371 रुपये की छूट प्रदान की गई है। इसी तरह पंडरिया सर्कल के 8 हजार 805 उपभोक्ताओं के 7 करोड़ 99 लाख 40 हजार 864 रुपये की छूट प्रदान की गई है। इसके तहत कृषि के 340 उपभोक्ताओं के 27 लाख 35 हजार 629, एपीएल के 1881 उपभोक्ताओं के 1 करोड़ 9 लाख 97 हजार 435 रूपए और बीपीएल के 7 हजार 284 उपभोक्ताओं के 6 करोड़ 62 लाख 7 हजार 801 रुपये की छूट प्रदान की गई है।

ऑनलाइन सट्टे की लत ने बनाया चोर: बिलासपुर में एसी मिस्त्री ने गहने गिरवी रख उड़ाए पैसे, पुलिस ने पकड़ा

 बिलासपुर सूने मकानों में सिलसिलेवार चोरी करने वाले शातिर एसी मिस्त्री को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसीसीयू और सिविल लाइन पुलिस तीन सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उस तक पहुंची है। आरोपित सट्टे की लत के कारण अपराध की राह पर चला था। एसएसपी रजनेश सिंह ने सिलसिलेवार चोरी का पर्दाफाश करते हुए बताया कि आरोपित सूरज काछी मंगला क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर एसी रिपेयरिंग के बहाने घरों की रेकी करता था। वह सुने मकानों को चिन्हित कर टोपी और मास्क पहनकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। आरोपित ने शहर में कुल आठ चोरियां करना स्वीकार किया है। चोरी को अंजाम देने बाद आरोपित गहनों को गोल्ड लोन कम्पनी में गिरवी रख रुपये ले लिया करता था। खाते में रकम आने पर वह परी मैच ऐप पर करीब 30 लाख रुपये की बड़ी रकम हार चुका था। पुलिस ने आरोपित से 252 ग्राम सोना, चांदी और चोरी की रकम से खरीदे गए घरेलू सामान सहित 45.84 लाख का माल बरामद किया है। एसी रिपेयरिंग के दौरान करता था सूने मकान की रेकी आरोपित पेशे से एसी मिस्त्री था, जिसका फायदा उठाकर वह पाश कॉलोनियों में सर्विसिंग के बहाने घुसता था। इस दौरान वह उन मकानों की सूची तैयार करता था जहां ताला लगा होता था। वह वारदात से पहले भागने के रास्तों और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति का पूरा अवलोकन कर लेता था, ताकि पकड़ा न जा सके। इन आठ बड़ी चोरियों का हुआ पर्दाफाश (सामान राशि के साथ)     कुदुदंड 15 अक्टूबर 2025- सूने मकान से सोने-चांदी के जेवरात लगभग तीन लाख पार किए।     यमुना नगर 3 नवम्बर 2025- ताला तोड़कर चांदी के जेवरात और नकदी 50 हजार की चोरी की।     नंद विहार 23 नवम्बर 2025- सोने की चेन, बाली व 65 हजार नगद सहित करीब 4.65 लाख का सामान     गीतांजलि पार्क 5 दिसम्बर 2025- मंगलसूत्र, लाकेट व नगद सहित करीब 1.85 लाख की चोरी।     इन्द्रसेन कॉलोनी 9 दिसम्बर 2025- आलमारी तोड़कर चांदी के जेवर व पांच हजार नकद सहित कुल 25 हजार का सामान।     गुलमोहर पार्क 11 दिसम्बर 2026- सोने का हार, टाप्स व चांदी के जेवर सहित करीब 1.90 लाख की चोरी।     27 खोली में फरवरी 2026- कंगन, तीन चेन व छह अंगूठी सहित कुल 15.50 लाख के जेवर पार।     नेहरू नगर 20 अप्रैल 2026- अस्पताल के पास से सोने का नेकलेस, चेन व नकदी सहित करीब 3.10 लाख की चोरी। ऑनलाइन सट्टा ऐप में बेटिंग करने के लालच में बना चोर सूरज काछी को परी मैच एप में ऑनलाइन सट्टा ऐप की लत लग गई थी। ऐप पर बेटिंग के दौरान वह करीब 30 लाख रुपये हार गया, जिसकी भरपाई के लिए उसने चोरी का रास्ता चुना। वह चोरी के सामान से मिलने वाली रकम को वापस सट्टे में लगाकर हार को जीत में बदलने का प्रयास करता था। पुरानी क्राइम ब्रांच निष्क्रिय, नई टीम को सफलता एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि पुरानी क्राइम ब्रांच निष्क्रिय हो चुकी थी। नई एसीसीयू का गठन किया गया है। इस नई टीम की तकनीकी दक्षता और सक्रियता के कारण ही शहर में हो रही सिलसिलेवार चोरियों पर अंकुश लगा है और आरोपित पकड़ा गया है। पुलिस को चकमा देने कपड़ो का उपयोग आरोपित सूरज कांछी काफी शातिर चोर है। वह पुलिस व लोगों को धोखा देने के लिए बैग में दो से तीन कपड़े साथ लेकर चलता था। चोरी की वारदात को अंजाम देने बाद वह अपने कपड़े वही बदल लिया करता था, ताकि पुलिस को सीसीटीवी कैमरे की जांच के दौरान एक कपड़े में दिखाई न देने पर शंका न हो। वहीं फोन पर बात करने का दिखावा करता था लेकिन काल नहीं करता, जिससे डम्प लोकेशन से उसे ट्रैस न किया जा सके।     आरोपित सट्टे की लत को पूरा करने के लिए चोरी करता था। एसी रिपेयरिंग के लिए जाने के दौरान वह सूने मकानों की रेकी किया करता और फिर रात में जाकर उन मकानों का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया करता था।     रजनेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर