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प्रशासनिक एक्शन: राजस्व विभाग में 106 पटवारियों का ट्रांसफर, लंबे समय से एक ही जगह थे तैनात

सूरजपुर. जिले के राजस्व विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए 106 पटवारियों का एक साथ तबादला किया गया है। जानकारी के अनुसार, कई वर्षों से एक ही ब्लॉक और तहसीलों में पदस्थ पटवारियों को अब अन्य ब्लॉकों में भेजा गया है। लंबे समय से जमे कर्मचारियों को हटाकर प्रशासन ने पारदर्शिता और कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में यह कदम उठाया है। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की बढ़ती कार्रवाई को देखते हुए यह सख्त फैसला लिया गया है। कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश पर जारी इस तबादला सूची को राजस्व विभाग में ऐतिहासिक माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। ACB की कार्रवाई से मचा था हड़कंप प्रतापपुर तहसील में तैनात पटवारी सौरभ गोस्वामी को ACB ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. शिकायत सामने आने के बाद ACB ने पहले सत्यापन किया और फिर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया. आरोप है कि पटवारी ने नामांतरण और नौकरी से जुड़े प्रतिवेदन के बदले घूस की मांग की थी. इस कार्रवाई ने एक बार फिर जिले के राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में ला खड़ा किया. अगले ही दिन बड़े पैमाने पर तबादले ACB की कार्रवाई के महज एक दिन बाद कलेक्टर एस. जयवर्धन ने राजस्व विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए 106 पटवारियों और 9 राजस्व निरीक्षकों (RI) के तबादले का आदेश जारी कर दिया. एक साथ इतनी बड़ी संख्या में तबादला सूची जारी होना अपने आप में असामान्य माना जा रहा है. आदेश जारी होते ही यह सवाल उठने लगे कि क्या यह महज संयोग है या फिर भ्रष्टाचार के बाद उठाया गया त्वरित प्रशासनिक कदम.

बाल विवाह पर सख्ती: Manendragarh में प्रशासन ने तीन शादियां रुकवाईं, परिवारों को चेतावनी

मनेन्द्रगढ़. जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त सूचना के आधार पर ग्राम कोडांगी (थाना खड़गवां), ग्राम पंचायत केलुआ एवं ग्राम पंचायत दुगला थाना केल्हारी में होने वाले बाल विवाह को समय रहते रोका गया। सूचना मिलते ही कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने तत्काल संयुक्त टीम का गठन किया। ब्लॉक परियोजना अधिकारी के नेतृत्व में गठित इस टीम में सेक्टर सुपरवाइजर, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, थाना केल्हारी एवं थाना खड़गवां का पुलिस बल, विधिक सेवा प्राधिकरण बैकुंठपुर के सदस्य, सरपंच और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहे। बाल विवाह पर जानिए क्या है सजा का प्रावधान टीम ने तीनों स्थानों पर पहुंचकर बाल विवाह की प्रक्रिया को रुकवाया और संबंधित परिवारों को समझाइश दी। अधिकारियों ने मौके पर ही बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसके कानूनी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक और कानूनी अपराध है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत जानकारी देते हुए बताया गया कि इस प्रकार के विवाह में शामिल किसी भी व्यक्ति जैसे पंडित, पुरोहित, टेंट संचालक, रिश्तेदार या अन्य सहयोगी को 2 वर्ष तक की सजा और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही यह भी बताया गया कि विवाह की वैधानिक आयु बालक के लिए 21 वर्ष और बालिका के लिए 18 वर्ष निर्धारित की गई है। बाल विवाह हाेने पर टोल फ्री नंबर 1098 पर दें सूचना कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रकरणों में पंचनामा एवं प्रतिवेदन भी तैयार किया गया। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं और ऐसी किसी भी सूचना को तत्काल टोल फ्री नंबर 1098 पर साझा करें। इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने न केवल तीन बाल विवाहों को रोककर नाबालिगों के भविष्य को सुरक्षित किया है, बल्कि समाज में एक सशक्त संदेश भी दिया है कि कानून के विरुद्ध किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

छात्रों के लिए राहत: Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University का डिजिवर्सिटी पोर्टल खुला, 5 मई तक लेट फीस से फॉर्म भरें

भिलाई नगर. छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने डिजिवर्सिटी पोर्टल ओपन कर दिया है। वहीं डिप्लोमा इंजीनियरिंग तथा डिप्लोमा इंजीनियरिंग (पीटीडीसी) के छात्र-छात्राएं ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं। इस तरह से डिप्लोमा इंजीनियरिंग के पहले, तीसरे, पांचवें और तासवें सेमेस्टर के रेगुलर व बैकलॉग तथा डिप्लोमा इंजीनियरिंग (पीटीडीसी) के दूसरे, चौथे, छठवें तथा आठवें सेमेस्टर के बैकलॉग छात्र छात्राएं परीक्षा फॉर्म 5 मई तक भर सकेंगे। बिना लेट फीस के फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल निर्धारित की गई है, जबकि इसके बाद क्रमशः 30, 120 और 200 रुपये प्रतिदिन लेट फीस के साथ 5 मई तक आवेदन किया जा सकेगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा फॉर्म केवल डिजिवर्सिटी पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे पोर्टल पर छात्रों के नामों की जांच सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनावश्यक शुल्क से बचा जा सके। प्रैक्टिकल परीक्षाएं मुख्य परीक्षा के बाद प्रैक्टिकल समाप्त होने परीक्षाएं मुख्य परीक्षा के 4 दिनों के भीतर आयोजित की जाएगी। वहीं प्रैक्टिकल मार्क्स 10 दिनों के भीतर और सेशनल मार्क्स 20 दिनों के अंदर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। एबीसी आईडी अनिवार्य, नहीं तो एडमिट कार्ड अटकेगा तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने उल्लेख किया है कि सभी छात्रों के लिए एबीसी आईडी बनाना अनिवार्य है। जिन छात्रों की आईडी नहीं होगी, उनके एडमिट कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे, जिससे उनकी परीक्षा में शामिल होने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और पोर्टल खुलते ही फॉर्म भरें, ताकि लेट फीस से बचा जा सके। साथ ही परीक्षा फॉर्म की स्वीकृति की अंतिम तिथि 6 मई निर्धारित की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद आयुष्मान कार्ड से लाखों का मुफ्त इलाज, पुनर्वासित युवाओं में दिखा उत्साह रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में माओवाद छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित युवाओं को अब शासन की विभिन्न योजनाओं का व्यापक लाभ मिल रहा है। प्रशासन द्वारा इन युवाओं को नई शुरुआत देने के लिए जरूरी दस्तावेजों और सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। दस्तावेजों से लेकर स्वास्थ्य तक पूरा सहयोग पुनर्वासित युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उन्हें राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज सुगमता से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक चिंता के बिना इलाज करा सकें। आयुष्मान योजनाओं से व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा जिला चिकित्सालय बीजापुर में आयोजित कार्यक्रम में पुनर्वासित युवाओं को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। इस कार्ड के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत उन्हें बड़ा लाभ मिलेगा— प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपये तक का इलाज लाभ मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारियों के लिए 25 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सहायता साथ ही लाभार्थियों को योजनाओं के उपयोग और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी गई। युवाओं में दिखा नया आत्मविश्वास आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने के बाद पुनर्वासित युवाओं में उत्साह और आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने शासन और प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई। समावेशी विकास की ओर मजबूत कदम यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि ऐसे सभी युवाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।

गांव में पत्नी का सिर काटकर घूमता रहा पति, चरित्र पर शक के चलते किया खौफनाक कृत्य

कोरबा  छत्तीसगढ़ में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। चरित्र पर शंका करने पर एक आदमी ने अपनी पत्नी का सिर धड़ से अलग कर दिया। उसके बाद एक हाथ में कटा सिर और दूसरे हाथ में हथियार लेकर गांव में घूमता रहा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त कर लिया गया है। आरोपी पोल्ट्री फार्म में चौकीदार है पुलिस ने गुरुवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के एक गांव में 58 साल के एक आदमी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी का सिर काट दिया और फिर कटा हुआ सिर लेकर घूमता रहा। यह घटना बुधवार शाम को राजगमार पुलिस चौकी क्षेत्र के तहत आने वाले बुंदेली गांव में हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी सालिक राम यादव एक स्थानीय पोल्ट्री फार्म में चौकीदार है। मांस काटने वाले धारदार हथियार से वार उसने कथित तौर पर शराब के नशे में झगड़े के बाद मांस काटने वाले एक धारदार हथियार से अपनी 50 साल की पत्नी पर हमला कर दिया। उसने अपनी पत्नी का सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया। हत्या के बाद उस आदमी को गांव में घूमते हुए देखा गया। उसके एक हाथ में कटा हुआ सिर था और दूसरे हाथ में हथियार। अधिकारी ने बताया कि इसके बाद उसने कथित तौर पर कटे हुए सिर और हथियार को एक प्लास्टिक के बोरे में रख दिया और धड़ को वहीं मौके पर छोड़ दिया। उसके बाद वह राजगामर पुलिस चौकी पहुंच गया। पत्नी को उसके चरित्र पर शक था उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसने यह अपराध अपनी पत्नी के साथ बार-बार होने वाले झगड़ों के बाद किया। पत्नी को कथित तौर पर उसके चरित्र पर शक था। यह जोड़ा मूलरूप से कोरबा ब्लॉक के अजगरबहार हल्दीमाड़ा गांव का रहने वाला था। दोनों पिछले तीन सालों से एक पोल्ट्री फार्म में काम कर रहे थे। इस दंपचि के चार बच्चे हैं। आरोपी को गिरफ्तार किया गया अधिकारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त कर लिया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

Agniveer Exam Prep Free: लिखित परीक्षा हेतु निःशुल्क प्रशिक्षण, ऐसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

दुर्ग. भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया 2027 के अंतर्गत पंजीकृत युवाओं के लिए ऑनलाइन लिखित परीक्षा (सी.ई.ई.) का आयोजन 1 जून से 15 जून के मध्य होना संभावित है। परीक्षार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन द्वारा निःशुल्क परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित केंद्र दुर्ग किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण आगामी 4 मई से 3 जून तक प्रदान किया जाना प्रस्तावित है। अग्निवीर भर्ती 2026-27 के लिए आवेदन कर चुके इच्छुक अभ्यर्थी इस प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए रोजगार विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र से ई-मेल के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी से 10 अप्रैल तक संचालित की गई थी। जिसमें आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायपुर द्वारा लिखित परीक्षा की तैयारी के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम 4 मई से 4 जून 2026 तक आयोजित की जा रही है। प्रशिक्षण के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को रोजगार विभाग के वेब पोर्टल ई रोजगार डॉट सीजी डॉट जीओवी डॉट इन या मोबाइल पर उपलब्ध छत्तीसगढ़ रोजगार एप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला एवं विकासखंड स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से प्रदान किया जाएगा। ये निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आयोजित किया जा रहा है, जिसका लाभ जिला और विकासखंड स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार अभ्यर्थियों को मिलेगा। किसी भी दिक्कत या परेशानी के लिए आवेदक अभ्यर्थी रोजगार कार्यालय रायपुर से कॉन्टेक्ट कर सकते हैं।

बच्चों के लिए स्कूल बंद: निजी स्कूलों ने एंट्री रोकी, 15 जून तक छुट्टी घोषित

दुर्ग. दुर्ग. ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा के बावजूद चुनिंदा निजी स्कूलों द्वारा पिछले दरवाजे से बच्चों की पढ़ाई कराए जाने की शिकायत सामने आई थी। इस पर तत्परता दिखाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी किया था। नोटिस जारी होते ही प्रबंधकों द्वारा स्पष्टीकरण भेजकर विद्यार्थियों की स्कूल में किसी प्रकार की गतिविधि नहीं होना बताया गया है। ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर स्कूल प्रबंधकों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा को स्पष्ट किया गया है कि उनकी मंशा शासन के आदेश की अवहेलना की कतई नहीं है। कुछ स्कूल प्रबंधकों ने कहा है कि शाला के विद्यार्थियों को जो कक्षा दसवीं एवं बारहवी में है। उनका ब्रिज कोर्स द्वारा सहयोग करने का प्रयास किया जा रहा था। साथ ही सीबीएसई के दसवीं के विद्यार्थी कंपार्टमेंट/ इंप्रूवमेंट परीक्षा में नाम आया है उनको रजिस्ट्रेशन के लिए बुलाया गया था। उसी प्रकार समर कैंप विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास के लिए सुबह 6 से 8 बजे तक समय निर्धारित कर संचालन करने की रूपरेखा बनाई जा रही थी । जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशानुसार इस तरह की सभी गतिविधियों का संचालन निरस्त कर दिया गया है। प्रदेश में बच्चों की गर्मी छुट्टी शुरू हो गई है। स्कूूल शिक्षा विभाग के इस फैसले से स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिली है। बता दें कि प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। पारा 40 के पार जा रहा है। ( CG Holiday) मौसम विभाग ने आज से लू की चेतावनी जारी की है। ऐसे में बच्चों के सेहत को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने 10 दिन पहले ही स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है। साय सरकार ने भीषण गर्मी के चलते समय से पहले स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की है। यह आदेश किसी एक क्षेत्र के लिए नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए है। सभी सरकारी स्कूल (Government Schools) बंद रहेंगे। प्राइवेट यानी अशासकीय स्कूलों को भी छुट्टी रखनी होगी। अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर भी यह आदेश सख्ती से लागू होगा। वहीं नए आदेश के अनुसार अब 20 अप्रैल से 15 जून तक प्रदेशभर के स्कूल बंद रहेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। दोपहर की भीषण गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। आपको बता दें कि इस बार छत्तीसगढ़ में गर्मी ने अप्रैल के महीने में ही रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे अभिभावक भी काफी चिंतित थे।

राशन कार्डधारकों के लिए अलर्ट: e-KYC पूरा किए बिना नहीं मिलेगा तीन महीने का अनाज

राजनांदगांव. अप्रैल से जून माह तक तीन माह का चावल एक साथ जारी किया जाएगा। लेकिन इसके लिए हितग्राहियों को ई केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए जिले के 498 राशन दुकानो में ई केवासी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। राज्य शासन द्वारा निर्देश जारी ई केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए है। जानकारी अनुसार राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत आम नागरिकों और राशनकार्ड धारियों की सुविधा हेतु एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के तहत जिले के समस्त पात्र हितग्राहियों को अप्रैल, मई एवं जून 2026 का तीन माह का चावल एकमुश्त प्रदाय किया जाएगा। कलेक्टर के निर्देशानुसार, जिले में संचालित सभी 498 उचित मूल्य दुकानों में तीन माह के कोटे का खाद्यान्न आबंटित कर दिया गया है। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जिले की लगभग सभी दुकानों में चावल का भंडारण पूर्ण कराया जा रहा है. ताकि हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। खाद्य विभाग ने जिले के समस्त राशनकार्डधारियों से अपील की है कि, वे अपनी संबंधित उचित मूल्य दुकानों पर जाकर तीन माह का चावल एकमुश्त प्राप्त कर सकते हैं। वितरण के दौरान यदि किसी भी हितग्राही को कोई समस्या आती है या दुकान संचालक द्वारा अनियमितता बरती जाती है. तो वे तत्काल अपने क्षेत्र के संबंधित खाद्य निरीक्षक अथवा जिला खाद्य कार्यालय, राजनांदगांव में संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। एक राष्ट्र एक राशनकार्ड” योजना के तहत हितग्राहियों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत आवश्यक है। खाद्य अधिकारी रविन्द्र सोनी ने बताया कि, जिले के शासकीय उचित मूल्य दुकानों को प्रदान किये गये ई-पॉस उपकरण में एकाईसी की सुविधा उपलब्ध है, जो कि पूर्णतः निःशुल्क है। राशनकार्डधारी मुखिया एवं राशनकार्ड में दर्ज सभी सदस्य अपनें अपने आधार नंबर के साथ शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुँचेंगे, जिसके बाद ही विक्रेता द्वारा ई-पॉस उपकरण में प्रत्येक सदस्य के आधार नंबर की पृथक-पृथक प्रविष्टि कर उनका फिंगर प्रिंट स्कैन करवाकर ईकेवाईसी पूर्ण किया जा सकेगा। इसके आलावा फेस ईकेवाईसी एप्प जो कि गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है के माध्यम से शेष सदस्यों ई केवाईसी कराया जा सकता है।

जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खेलों के माध्यम से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार ग्राम में सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की सशक्त पहचान है। यह उस नए बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल बस्तर के युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर द्वारा बच्चों के बीच जाकर समय बिताना, उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार  होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनका आगमन यहां के बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन एवं  माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में बच्चों को खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। दंतेवाड़ा के ग्राम छिंदनार में सचिन तेंदुलकर ने रखी खेल क्रांति की नींव सचिन एवं मानदेशी फाउंडेशन के जरिए संवरेगा वनांचल का युवाओं के भविष्य’ स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए  बुनियादी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए फाउंडेशन प्रतिबद्ध छात्र जीवन में प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन एवं कड़ी मेहनत सर्वाधिक जरूरी- तेंदुलकर   छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार गाँव बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर एवं मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी सचिन के साथ मौजूद रहीं, जो इस क्षेत्र में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति रही।   कार्यक्रम की शुरुआत में सचिन, सारा और सोनिया ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी उनके साथ शामिल होकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ हिस्सा लिया। इन गतिविधियों से बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास हुआ। साथ ही, सचिन, सारा और सोनिया के सहयोग से बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए। उल्लेखनीय है कि छिंदनार के गांव के ही छात्र छात्राएं भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म, अमित कुमार द्वारा सचिन तेंदुलकर को खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।    मैदान के उद्घाटन के पश्चात सचिन तेंदुलकर ने देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए केवल व्यक्तिगत जुनून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान सचिन ने खुद को केवल क्रिकेट पिच तक सीमित न रखते हुए वॉलीबॉल और अन्य मैदानी खेलों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है।  फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गाँवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसी विधाओं को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने  छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने एक अपनी जीवन की शुरुआत मैदान से ही प्रारंभ किया था और आज इन सभी बच्चों को देख कर पुरानी यादें ताजा हो रही है। उन्होंने छात्रों को इंगित करने हुए कहा कि यहां सब ऐसे हीरे उपस्थित है जिन्हें तराशा जाना है क्योंकि हीरे की कीमत उसके पॉलिश करने के उपरांत ही होती है और उन्हें खुशी है कि माणदेशी फाउंडेशन के कोच बच्चों की प्रतिभा को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं उन्हेंने आगे कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का संगम ही व्यक्ति को ऊंचाइयों पर ले जाता है अतः सफलता के लिए जरूरी है कि हम शॉर्टकट न अपनाए और उपरोक्त सिद्धांतों पर अमल करें।  इस मौके पर तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में  उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है। और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन, तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस  को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक … Read more

‘मैदान कप’ से चमकेगा Bastar, Sachin Tendulkar के साथ खेलेंगे हजारों बच्चे

जगदलपुर. बदलते बस्तर में आज भारत रत्न और क्रिकेट जगत के महानायक सचिन तेंदुलकर का आगमन हुआ है। पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का बस्तर पहुंचना सिर्फ एक दौरा नहीं, बल्कि उस परिवर्तन की तस्वीर है, जहां डर की जगह अब सपनों ने ले ली है। सचिन यहां बच्चों के खेल भविष्य को संवारने के मिशन के साथ पहुंचे हैं। सचिन के साथ उनकी बहु सानिया चंदोक, बेटी सारा तेंदुलकर एवं सचिन फाउंडेशन के 5 सदस्य भी पहुंचे हैं। कभी नक्सलवाद की दहशत से पहचान बनाने वाला बस्तर अब बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। जिस धरती पर कभी गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, वहां अब खेल और विकास की आवाज बुलंद हो रही है। मीडिया से बातचीत करते हुए सचिन तेंदुलकर ने बताया कि बस्तर में 50 स्कूल मैदानों को विकसित किया जाएगा, जहां बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी। सचिन ने बताया, ‘मैदान कप’ प्रतियोगिता के जरिए हजारों बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा। इस पहल को मानदेशी और सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन का सहयोग मिल रहा है। करीब 5 हजार से ज्यादा बच्चों को इस अभियान से सीधा लाभ मिलेगा। कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे खेलों के जरिए बस्तर के युवाओं को नई पहचान की तैयारी है। बच्चों के बल्ले पर दिया ऑटोग्राफ इस दौरान स्थानीय क्रिकेट प्रेमी बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने सचिन का स्वागत किया। सचिन तेंदुलकर ने बच्चों के बल्ले पर ऑटोग्राफ भी दिया, जिसे पाकर मासूम चेहरों पर खुशी झलक उठी। यह पल बच्चों के लिए किसी सपने के सच होने जैसा बन गया। जो बस्तर कभी हिंसा की खबरों में रहता था, आज वही बस्तर खेल प्रतिभाओं की नई राजधानी बनने की ओर बढ़ रहा है। सचिन तेंदुलकर का यह दौरा साफ संदेश है कि अब बस्तर बंदूक नहीं, बल्ले और मेडल से पहचाना जाएगा। युवा क्रिकेटर द्रोण ने कहा – सचिन से मिलकर बहुत खुश हैं युवा क्रिकेटर द्रोण वर्मा ने बताया कि सचिन तेंदुलकर से मिलना उनके लिए बेहद खास पल रहा। सचिन ने उनके बैट पर ऑटोग्राफ देते हुए “Best Wishes” लिखा और आगे भी अच्छा खेलने के लिए प्रेरित किया। द्रोण ने कहा कि वह काफी देर से उनका इंतजार कर रहे थे और मुलाकात के बाद बहुत खुश हैं। बच्चों ने भी सचिन तेंदुलकर को बस्तर मॉडर्न आर्ट भेंट कर सम्मान किया। फाउंडेशन के कार्यों का जायजा लेने आए हैं सचिन : एसपी बस्तर एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि सचिन तेंदुलकर अपने फाउंडेशन के कार्यों का जायजा लेने बस्तर पहुंचे हैं। दौरे के दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की थी। उन्होंने कहा कि सचिन अपने निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होंगे और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वापस लौटने की योजना है।