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अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष पर प्राण घातक हमला

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष पर प्राण घातक हमला  इंदौर अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष हीरा सिंह ठाकुर द्वारा लगातार अवैध शराब एवं माफियाओं के खिलाफ अपने सोशल मीडिया एवं समाचार के माध्यम से आवाज उठा रहे थे जब भी अचानक अजय, विजय नामक व्यक्तियों ने उनके समाचार से असंतुष्ट होकर उनके ऊपर प्राण घातक हमला कर दिया! यह हमला देर रात को उनके घर लौटते समय हुआ जिसमें उनके मोबाइल लूट ले जाने एवं उनके हाथ पर दो अंगूठी सोने की थी वह लूट ले गए और नगद धनराशि भी लूट कर उन्हें घायल कर दिया और उनके सिर पर प्राण घातक हमला किया गया उन्हें चिकित्सालय में इलाज के दौरान उन्होंने बताया कि आज टैंक सर पर लगे और गंभीर चोटे आई है स्थानी पुलिस पर भी मामला दर्ज कराया गया है मगर आप दिनांक तक कोई भी कार्यवाही संतुष्ट जनक नहीं की गई  क्या कर रही पुलिस  देखना यह है कि एक पत्रकार जो जुझारू एवं अपने कर्तव्यों के परिपालन में समाज में चल रहे आवाज परिवहन को अपने समाचार के माध्यम से उजागर कर रहे थे मगर यह गवारा नहीं हुआ तो आवाज बंद कर देने की साजिश रसी गई जिसमें उन्हें पूर्ण रूप से घायल कर दिया गया मगर पुलिस अभी तक इस मामले से अनजान है या फिर उसे पर कार्यवाही होगी यह आने वाला समय ही बता सकेगा? क्या कहते हैं यह  हीरा सिंह ने स्थानी पुलिस से मांग की है कि शीघ्र ही उनके ऊपर प्राण घातक हमला करने वाले अजय विजय को पुलिस शीघ्र गिरफ्तार करें  कार्यवाही नहीं तो?  पत्रकारों ने इस घटना की घोर निंदा की है और कहा है किसी ग्रह अगर पुलिस कार्यवाही नहीं करती तो पत्रकार जो है आंदोलन करने के लिए बात होगा जिसकी संपूर्ण जवाबदारी प्रशासन की होगी

वजीरपुर में महिला और 4 बच्चों की मौत, पति पर हत्या का शक

गुरुग्राम हरियाणा के गुरुग्राम से एक हिला देनेवाली खबर सामने आई है। यहां के वजीरपुर इलाके में एक घर के अंदर से पांच शव मिले, जिनमें एक महिला और चार बच्चों के शव शामिल हैं। महिला के पति नाजिम की हालत गंभीर है। फिलहाल माना जा रहा है कि शख्स ने अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या करके आत्महत्या करने की कोशिश की। शुरुआती जांच से पता चलता है कि उस व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी जान लेने की कोशिश करने से पहले अपनी पत्नी और बच्चों को ज़हर दिया था। उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसका इलाज चल रहा है। शनिवार रात करीब 8 बजे घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फोरेंसिक विशेषज्ञों और स्थानीय पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और घर से मोबाइल फोन तथा अन्य सबूत ज़ब्त किए। अधिकारी फिलहाल पति के इस कदम के पीछे के संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं। देर रात पुलिस को मिली सूचना पुलिस के मुताबिक, उन्हें शनिवार रात 9.30 बजे से 10 बजे के बीच परिवार के पड़ोसियों ने हेल्पलाइन पर इस घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को घर के अंदर पांच लोग पड़े मिले। इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और शवों को जांच के लिए गुरुग्राम के सेक्टर 10 स्थित सिविल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने महिला के परिवार को सूचना दे दी है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है। आगे की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गुरुग्राम पुलिस को शख्स पर पत्नी और बच्चों की हत्या का शक पुलिस के मुताबिक, पिता पर अपनी पत्नी, तीन बेटियों और एक बेटे की हत्या करने का शक है। इसके बाद उसने अपनी कलाई काट ली और पुलिस को वह भी मौके पर खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। उसकी सांसें चल रही थीं। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मुरादाबाद का रहने वाला था परिवार पुलिस ने बताया कि मरने वाला परिवार उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का रहने वाला था। नाजिम गुरुग्राम में सलून चलाता था। वह अपनी 30 वर्षीय पत्नी और चार बच्चों के साथ यहां वजीरपुर इलाके में रहता था।  

12 मामलों में घिरे बाबा अशोक खरात, SIT की जांच तेज, फार्महाउस से मिले संदिग्ध वीडियो

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में नासिक की एक स्थानीय अदालत ने स्वयंभू 'बाबा' अशोक खरात को यौन शोषण के छठे मामले में रविवार को नौ मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उसपर कई महिलाओं का यौन शोषण और 'दैवीय शक्तियों' तथा काला जादू का ज्ञान होने का दावा कर बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। जीवन बर्बाद करने की दी थी धमकी छठे मामले में खरात पर एक युवती का यौन शोषण करने का आरोप है। यह युवती अपनी व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान पाने के लिए खरात के पास गई थी। लिस के अनुसार, खरात ने कथित रूप से युवती को धमकी दी कि वह अपनी 'दैवीय शक्तियों' से उसके परिवार को बर्बाद कर देगा। उसने पीड़िता के परिवार के सदस्यों के आधार, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज भी अपने पास रख लिए थे। नासिक और अहिल्यानगर जिलों में दर्ज यौन शोषण और धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गुरुवार को अदालत में आवेदन देकर छठे मामले में खरात की हिरासत की मांग की थी। अदालत की अनुमति मिलने के बाद एसआईटी ने उसे अपनी हिरासत में लिया और शुक्रवार को अदालत में पेश किया था। अदालत ने तब उसे रविवार तक पुलिस हिरासत में भेजा था। पुलिस हिरासत समाप्त होने पर रविवार को उसे अदालत में पेश किया गया। सुरक्षा कारणों से कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई और उसे व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने न्यायिक हिरासत की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने खरात को नौ मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फार्महाउस से मिले संदिग्ध वीडियो एसआईटी खरात को सोमवार को फिर अदालत में पेश करेगी और एक महिला के यौन उत्पीड़न से जुड़े सातवें मामले में पुलिस हिरासत की मांग करेगी। इस बीच, पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सिन्नर तालुका स्थित खरात के फार्महाउस से कुछ और आपत्तिजनक एवं संदिग्ध वीडियो बरामद हुए हैं। पुलिस ने शुक्रवार को खरात के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया, जिसमें उस पर 2018-23 के दौरान अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से 8.76 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। पीड़ित कभी उसका करीबी था और सिन्नर तालुका के एक मंदिर के प्रबंधन से जुड़े उसके 'शिवानिका ट्रस्ट' में ट्रस्टी के रूप में कार्यरत था। अब तक खरात के खिलाफ कुल 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें आठ महिलाओं के यौन शोषण और चार धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में उसके खिलाफ सात और मामले दर्ज किए गए हैं।

गांव में पत्नी का सिर काटकर घूमता रहा पति, चरित्र पर शक के चलते किया खौफनाक कृत्य

कोरबा  छत्तीसगढ़ में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। चरित्र पर शंका करने पर एक आदमी ने अपनी पत्नी का सिर धड़ से अलग कर दिया। उसके बाद एक हाथ में कटा सिर और दूसरे हाथ में हथियार लेकर गांव में घूमता रहा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त कर लिया गया है। आरोपी पोल्ट्री फार्म में चौकीदार है पुलिस ने गुरुवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के एक गांव में 58 साल के एक आदमी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी का सिर काट दिया और फिर कटा हुआ सिर लेकर घूमता रहा। यह घटना बुधवार शाम को राजगमार पुलिस चौकी क्षेत्र के तहत आने वाले बुंदेली गांव में हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी सालिक राम यादव एक स्थानीय पोल्ट्री फार्म में चौकीदार है। मांस काटने वाले धारदार हथियार से वार उसने कथित तौर पर शराब के नशे में झगड़े के बाद मांस काटने वाले एक धारदार हथियार से अपनी 50 साल की पत्नी पर हमला कर दिया। उसने अपनी पत्नी का सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया। हत्या के बाद उस आदमी को गांव में घूमते हुए देखा गया। उसके एक हाथ में कटा हुआ सिर था और दूसरे हाथ में हथियार। अधिकारी ने बताया कि इसके बाद उसने कथित तौर पर कटे हुए सिर और हथियार को एक प्लास्टिक के बोरे में रख दिया और धड़ को वहीं मौके पर छोड़ दिया। उसके बाद वह राजगामर पुलिस चौकी पहुंच गया। पत्नी को उसके चरित्र पर शक था उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसने यह अपराध अपनी पत्नी के साथ बार-बार होने वाले झगड़ों के बाद किया। पत्नी को कथित तौर पर उसके चरित्र पर शक था। यह जोड़ा मूलरूप से कोरबा ब्लॉक के अजगरबहार हल्दीमाड़ा गांव का रहने वाला था। दोनों पिछले तीन सालों से एक पोल्ट्री फार्म में काम कर रहे थे। इस दंपचि के चार बच्चे हैं। आरोपी को गिरफ्तार किया गया अधिकारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त कर लिया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

बीवी को धमकी देने के बाद कोख में बच्चा, 3 बेटियां और पत्नी की बेरहमी से हत्या

नई दिल्ली दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में गर्भवती पत्नी और तीन बेटियों का गला काट देने वाले मुनचुन केवट ने गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि किस तरह वह क्रिकेट और अन्य खेलों पर सट्टेबाजी की वजह से भारी कर्ज में आ गया था। इसे चुकाने के लिए उधार लिया और उसमें से भी एक लाख सट्टेबाजी में गंवा बैठा। फिर जब वसूली के लिए एक कॉल आया तो कथित तौर पर उसे कुछ ऐसी बातें कहीं गईं जिसके बाद उसने सबको खत्म कर देने का फैसला कर लिया। इस फोन कॉल के कुछ देर बाद ही वह 90 रुपये में कटलहल काटने वाला चाकू भी खरीदकर ले आया, जिससे पूरे परिवार की गर्दन, सांस नली तक काट डाली। वह सिरसपुर के चंदन पार्क में किराये के एक कमरे में 3 बेटियों और पत्नी सं ग रहने वाला मुनचुन मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। वह आजादपुर मंडी में सब्जी बेचने का काम करता था। वह जुए और सट्टेबाजी की लत में आ चुका था। वह क्रिकेट मैचों और अन्य खेलों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी करता था। सट्टेबाजी में उसे काफी घाटा हो चुका था जिसकी वजह से भारी भरकम कर्ज में था। कर्ज चुकाने के लिए उधार, उसमें भी आधा जुए में हार गया जांचकर्ताओं के अनुसार, मुनचुन ने पूछताछ के दौरान बताया कि पिछले महीने उसने ससुरालवालों से 2 लाख रुपये उधार लिए। उसने 60 हजार रुपये मिथिलेश नाम के एक कर्जदाता को कुछ हिस्सा चुकाया और 40 हजार एक लहसन आपूर्तिकर्ता को दिए। लेकिन बाकी बचे एक लाख रुपये उसने फिर जुए में लगा दिए और हार बैठा। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवार बहुत ज्यादा कर्ज और आर्थिक संकट में था जिसकी वजह से घरेलू तनाव था।

नौकरी के लालच में खून का रिश्ता शर्मसार: पिता की हत्या में शामिल निकला अपना ही बेटा, जानिए पूरी कहानी

भोजपुर भोजपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। चांदी थाना क्षेत्र के भगवतपुर गांव में झारखंड पुलिस में चालक हवलदार के पद पर तैनात पशुपतिनाथ तिवारी की हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनके ही बेटे ने की थी। संपत्ति और नौकरी के लालच में बेटे ने अपने ही पिता की जान ले ली। भोजपुर पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक के पुत्र ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची थी। बताया गया कि पशुपतिनाथ तिवारी 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने वाले थे। बेटे को यह उम्मीद थी कि पिता की मौत के बाद उसे अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिल जाएगी। इसी लालच में उसने अपने पिता को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि करीब दो साल पहले भी आरोपी पुत्र ने पिता को दुर्घटना में मारने की साजिश रची थी, लेकिन उस समय उसकी योजना नाकाम हो गई थी। पिछले दिसंबर महीने में जब पशुपतिनाथ तिवारी छुट्टी पर अपने गांव आए थे, उसी दौरान घर में सोए अवस्था में गला रेतकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में मामला संदिग्ध लग रहा था, लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में सदर अनुमंडल पदाधिकारी-2 रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि हत्या में शामिल मृतक के पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मृतक द्वारा कुछ जमीन का एग्रीमेंट कराए जाने को लेकर भी पुत्र उनसे नाराज था। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।  

फौजी के घर से अंडरवर्ल्ड तक: 28 महीने की तलाश के बाद ढेर हुआ सिराज, भाई भी फंसा

 सुल्तानपुर यूपी के सहारनपुर में मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर सिराज अहमद की सात थानों की पुलिस को 28 महीने से तलाश थी। आइए जानते हैं कैसे जुर्म की दुनिया में फंसता गया आर्मी मैन का बेटा और भाई को भी ले डूबा। इसकी शुरुआती साल 2006 में मारपीट और लूट की घटना में नाम आने के बाद हुई। सुल्तानपुर में छह अगस्त 2023 को भुलकी चौराहे के पास गैंगस्टर सिराज अहमद ने साथियों के साथ मिलकर अधिवक्ता आजाद अहमद को ताबड़तोड़ गोलियों से हत्याकर दी थी। इस हत्याकांड में नाम आने के बाद क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमें बनाई गईं। उसे खोजने के लिए पुलिस खाक छान रही थी। सिराज चोरी-छिपे घर आता और चला जाता। पुलिस की किरकिरी हुई तो 50 हजार और फिर एक लाख तक का इनाम रखा गया, लेकिन फिर भी पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाए। लखनऊ की हसनगंज, गोसाईंगंज और जिले की पांच थानों की पुलिस फेल साबित हुई तो आखिरकार एसटीएफ को जिम्मेदारी दी गई। 28 महीने बाद सहारनपुर में सिराज को ढेर करने में सफलता मिली। लोलेपुर निवासी मंसूर अहमद रिटायर्ड आर्मी मैन हैं। अनुशासन, देशभक्ति की सीख देने वाले मंसूर अहमद ने बड़े बेटे मेराज को एनसीसी कराया। सिराज को भी मेहनत से पढ़ाई-लिखाई करने की सीख देते रहे। वर्ष 2006 में दोस्तों के दो गुटों में हुई एक छोटी सी मारपीट के बाद साधारण सा दिखने वाला सिराज जरायम की दुनिया में बढ़ता चला गया।   अपराध से अकूत संपत्ति बनाई, जिससे भाई मेराज भी जेल पहुंच गया, वह अमहट जेल में बंद है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गांव में एक बड़ा पक्का मकान, सुल्तानपुर व लखनऊ में कीमती प्लॉट, मुल्की क्षेत्र में सीमेंटेड पाइप बनाने की फैक्टरी और करीब आठ बीघा जमीन थी। पुलिस का कहना है कि यह संपत्ति हत्या, लूट और रंगदारी जैसे अपराधों से अर्जित धन से बनाई गई थी। छह अगस्त की शाम भुलकी चौराहे पर की थी हत्या भुलकी चौराहे पर छह अगस्त 2023 की शाम भुलकी गांव में ताबड़तोड़ फायरिंग कर अधिवक्ता आजाद अहमद की हत्या व उसके भाई को घायल कर दिया गया था। इस मामले में सलीम अहमद ने बेटे की हत्या के लिए नामजद एफआईआर लिखाई थी। विवेचना में आठ से अधिक लोग हत्या व साजिश में शामिल मिले, अधिकांश आरोपियों को पुलिस ने जेल भेजा था। दो साल चार महीने से दहशत में था अधिवक्ता का परिवार अधिवक्ता आजाद अहमद की छह अगस्त 2023 की शाम हत्या की गई। तब से लगातार उनका परिवार दहशत में रह रहा था। सिराज फरार चल रहा था, लेकिन उसके करीबी लगातार अधिवक्ता के पिता को धमकी दे रहे थे। पिता मो. सलीम पर पिछली पांच जुलाई को लोहरामऊ ओवरब्रिज के पास हमला किया गया था। किसी तरह से उनकी जान बची थी।  

डराने वाले आंकड़े! संयुक्त राष्ट्र ने कहा—हर 10 मिनट में एक महिला की होती है हत्या

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स और अपराध निरोधक कार्यालय (UNODC) और महिला सशक्तिकरण के लिए संस्था (UN Women) ने एक साझा रिपार्ट प्रकाशित की है, जो बताती है कि वर्ष 2024 में, 50 हज़ार लड़कियों और महिलाओं को, उन्हीं के अंतरंग साथी या परिवार के सदस्यों के हाथों मार डाला गया. रिपोर्ट के अनुसार, हर 10 मिनट में 1 लड़की या महिला की हत्या होना यह दर्शाता है कि वैश्विक प्रतिबद्धताओं के बावजूद, आज भी कुछ विशेष परिवर्तन नहीं आया है.हर दिन औसतन 137 लड़कियों और महिलाओं की हत्या कर दी जाती है.  83 हज़ार इरादतन हत्या के मामले महिलाओं की हत्या – 2025 नामक यह रिपोर्ट, महिलाओं के प्रति हिंसा उन्मूलन के अन्तरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर प्रकाशित की गई है.2024 में, 83 हज़ार लड़कियों और महिलाओं की इरादतन हत्या कर दी गई, जिनमें से 50 हज़ार यानि 60 प्रतिशत हत्याएँ अंतरंग साथी या परिवार के किसी सदस्य के हाथों की गई.  रिपोर्ट के अनुमानों के अनुसार, इस तरह की हत्याएँ सबसे अधिक अफ़्रीका में – हर 1 लाख में से 3 लड़की या महिला, और योरोप में सबसे कम दर्ज की गई हैं.जबकि, इसके उलट अपने किसी अंतरंग साथी या पारिवारिक सदस्य के हाथों हत्या के शिकार होने वाले पुरुषों का आँकड़ा 11 प्रतिशत है. संयुक्त राष्ट्र के 'इंटरनेशनल डे फॉर द एलिमिनेशन ऑफ वॉयलेंस अगेंस्ट विमेन' के मौके पर जारी 2025 फेमिसाइड रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनियाभर में महिलाओं और लड़कियों की हत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इनमें कोई वास्तविक सुधार नहीं दिख रहा. रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष 83,000 महिलाओं और लड़कियों की हत्या की गई, जिनमें से 60% यानी 50,000 महिलाएं और लड़कियां अपने करीबी साथी या परिवार के सदस्यों के हाथों मारी गईं. इसका मतलब है कि हर दस मिनट में एक महिला या लड़की घर के अंदर या परिवार के हाथों जान गंवा रही है. इसके उलट पुरुषों की हत्याओं में केवल 11% मामलों में साथी या परिवार जिम्मेदार थे. यह अंतर हिंसा की प्रकृति और खतरे की गंभीरता को उजागर करता है. यूएन विमेन की नीति विभाग की निदेशक सारा हेंड्रिक्स ने कहा कि फेमिसाइड अकेले नहीं होता. यह अक्सर नियंत्रण, डराने-धमकाने, ऑनलाइन उत्पीड़न या डिजिटल हिंसा की शुरुआत से लेकर बढ़ते-बढ़ते जानलेवा रूप ले लेता है. उन्होंने चेतावनी दी कि डिजिटल हिंसा अक्सर ऑफलाइन भी फैलती है और कई बार महिलाओं की हत्या तक पहुंच जाती है. यूएनओडीसी के कार्यकारी निदेशक जॉन ब्रांडोलिनो ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में ‘घर’ महिलाओं और लड़कियों के लिए सबसे खतरनाक जगह बन चुका है. उन्होंने महिलाओं की हत्या को रोकने के लिए बेहतर रणनीतियों, मजबूत कानूनों और प्रभावी आपराधिक न्याय व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया.2025 की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह हिंसा दुनिया के लगभग हर क्षेत्र में मौजूद है. सबसे ज्यादा फेमिसाइड दर अफ्रीका (3 प्रति 1 लाख महिलाएं) में दर्ज की गई, जिसके बाद अमेरिका (1.5), ओशिआनिया (1.4), एशिया (0.7) और यूरोप (0.5) का स्थान आता है. रिपोर्ट बताती है कि घर के बाहर यानी सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली फेमिसाइड का डेटा अभी भी सीमित है, जिसकी वजह से वास्तविक स्थिति का पूरा आकलन करना मुश्किल है. डेटा की कमी दूर करने के लिए यूएन विमेन और यूएनओडीसी 2022 के सांख्यिकीय फ्रेमवर्क के आधार पर देशों के साथ काम कर रहे हैं ताकि ऐसी हत्याओं की बेहतर पहचान, रिकॉर्डिंग और वर्गीकरण किया जा सके. रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 2024 में परिवार/साथी के हाथों मारी गई महिलाओं की संख्या (50,000) पिछली रिपोर्ट (51,100) से थोड़ी कम जरूर है, लेकिन यह गिरावट वास्तविक कमी का संकेत नहीं है, बल्कि कई देशों में डेटा उपलब्धता में बदलाव की वजह से ऐसा दिख रहा है. 16 Days Campaign क्या है?  हर साल 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलने वाला 16 Days of Activism अभियान महिलाओं के खिलाफ हिंसा को खत्म करने के लिए UN Women की पहल है. 2025 में यह अभियान डिजिटल हिंसा को खत्म करने पर केंद्रित है, जिसमें ऑनलाइन उत्पीड़न, स्टॉकिंग, जेंडर्ड डिसइन्फॉर्मेशन, डीपफेक्स और बिना अनुमति निजी तस्वीरें शेयर करने जैसी समस्याएं शामिल हैं. यह सभी तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ तेजी से बढ़ रही हैं. UN Women ने सरकारों, टेक कंपनियों और समुदायों से अपील की है कि कानूनों को मजबूत बनाया जाए, डिजिटल हिंसा पर सख्त कार्रवाई हो, और पीड़ितों के लिए सुरक्षित व सहायक वातावरण तैयार किया जाए. सुरक्षित रहने का अधिकार यूएन वीमैन की नीति विभाग की निदेशक सारा हैंड्रिक्स का कहना है कि महिलाओं की हत्या, किसी एकाकी घटना का परिणाम नहीं होती. यह अक्सर हिंसा की निरन्तर श्रृंखला का हिस्सा होती है, जो नियंत्रण करने वाले व्यवहार, धमकियों और उत्पीड़न से भी शुरू हो सकती है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र का 16 दिनों तक चला अभियान, यह उजागर करता है कि डिजिटल हिंसा, सिर्फ़ ऑनलाइन ही सीमित नहीं है. यह ऑनलाइन मंचों से हटकर वास्तविकता में भी गम्भीर रूप ले सकती है, और ये हिंसा, अत्यंत भयावह मामलों में हत्या का रूप भी ले सकती है.निदेशक सारा हैंड्रिक्स ने कहा कि हर लड़की और महिला को अपने जीवन के हर पहलू में, सुरक्षित रहने का अधिकार है.  इन हत्याओं से बचने के लिए ज़रूरत है ऐसे क़ानूनों को कड़ाई से लागू किए जाने की, जो महिलाओं और लड़कियों के जीवन में हिंसा के ऑनलाइन और ऑफ़लाइन रूपों को समझें और अपराधियों की कठोर जवाबदेही तय करें.UNODC के कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक जॉन ब्रांडोलिनो ने कहा कि दुनिया भर में बहुत-सी महिलाओं और लड़कियों के लिए घर, आज भी एक ख़तरनाक और कई बार जानलेवा जगह बने हुए हैं.  महिलाओं की हत्याएँ घर के बाहर भी होती हैं, पर इनके आँकड़े बेहद सीमित हैं.  इन कमियों को दूर करने के लिए यूएन वीमैन और UNODC, वर्ष 2022 के सांख्यिकीय ढाँचे के ज़रिए, बेहतर पहचान और आलेखन पर काम कर रहे हैं. सटीक डेटा बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि समस्या की वास्तविक गम्भीरता समझी जा सके, प्रभावी क़दम उठाए जा सकें और पीड़ितों को न्याय मिल सके.

कोलार में पानी में मिली लाश के अंग, हत्या कर बोरे में फेंकने का मामला सामने आया

भोपाल राजधानी भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर बाद एक खाली पड़े प्लाट में मानव अंग मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जिस खाली प्लाट में भरे पानी के अंदर मानव अंग मिले हैं, उससे 100 मीटर की दूरी पर ही पूरी कॉलोनी बसी हुई है। लाश किसकी है, किसने और कब हत्या की, इसका खुलासा नहीं हो सका है। कोलार पुलिस के अनुसार डी मार्ट के पास पुलिस हाउसिंग की कॉलोनी के पास एक खाली प्लाट में पानी के अंदर एक पैर दिखा। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पैर निकाला तो किसी मनुष्य का निकला। इसके बाद तलाशी शुरू हुई तो एक बोरी के अंदर कुछ और मानव अंग मिले हैं। लेकिन सिर और धड़ देर रात तक नहीं मिला था। प्लॉट का पानी खाली करा रही पुलिस कोलार पुलिस के अनुसार प्लॉट में पानी अधिक होने के कारण तलाशी अभियान नहीं चलाया जा सका था। इसलिए मोटर लगाकर पानी बाहर फेंका जा रहा है। पानी निकालने के बाद बुधवार सुबह से प्लॉट के अंदर मानव अंगों की तलाश शुरू की जाएगी। फिलहाल पुलिस इतना ही बता पा रही है कि किसी व्यक्ति की हत्या करने के बाद उसकी लाश को बोर में भरकर पानी के अंदर करीब 25 से दिन पहले फेंका गया होगा। क्योंकि शव पूरी तरह से डिकंपोज हो चुका है। सिर्फ हड्डियां बची हैं, जो नहीं गल सकी थीं। पुलिस का मानना है कि हत्या को किसी दूसरे स्थान पर अंजाम देने के बाद शव को यहां छिपाया गया होगा। क्योंकि जिस क्षेत्र में घटना हुई है वहां से कोई गुमशुदगी दर्ज नहीं है। हालांकि घटना स्थल के आसपास करीब दो किलोमीटर के अंदर बड़ी संख्या में बाहरी मजदूर भी रहते हैं। पुलिस उन मजदूरों से भी पूछताछ कर जानकारी जुटाने में लगी है कि कोई व्यक्ति उनका परिचित लापता तो नहीं है।

86 किलो चांदी का पर्दाफाश : सारफा कारोबारी ने खुद बुना जाल

 रायपुर राजधानी रायपुर के सदर बाजार इलाके में शुक्रवार रात सराफा कारोबारी राहुल गोयल द्वारा बताई गई 86 किलो चांदी की लूट की कहानी झूठी निकली। पुलिस की सख्त पूछताछ में कारोबारी ने खुद स्वीकार किया कि उसने यह पूरा नाटक अपने आनलाइन सट्टे में 46 लाख रुपये गंवाने के बाद रचा था। ऑनलाइन सट्टे में गंवाए लाखों, बनाई लूट की कहानी पुलिस जांच में राजफाश हुआ कि कारोबारी राहुल गोयल (निवासी अलीगढ़, यूपी) अप्रैल से आनलाइन क्रिकेट सट्टे में लगातार रकम हार रहा था। अब तक उसने करीब 46 लाख रुपये सट्टे में गंवा दिए थे। पैसे की भरपाई के लिए उसने अपनी कंपनी को धोखा देने की योजना बनाई। राहुल रायपुर में शिवा ट्रेडर्स के नाम से फर्म चलाता है, जो आगरा की एक बड़ी कंपनी के लिए सीएफए (क्लियरिंग एंड फारवर्डिंग एजेंट) का काम करता है। 86 किलो चांदी की ‘लूट’ की झूठी कहानी राहुल ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि शुक्रवार रात तीन बजे दो नकाबपोश बदमाशों ने उसके घर में धावा बोलकर 86 किलो चांदी के जेवर लूट लिए। उसने बताया कि बदमाशों ने कट्टा तानकर और चाकू दिखाकर उसे बंधक बना लिया, मुंह दबाकर बेहोश कर दिया और डीवीआर भी साथ ले गए। लेकिन पुलिस जांच में न कोई फिंगरप्रिंट मिले, न रस्सी के निशान और न ही जबरन प्रवेश के सबूत। पूछताछ में खुली पोल पुलिस की क्राइम ब्रांच, एफएसएल टीम और वरिष्ठ अधिकारियों ने जब कारोबारी से देर रात तक पूछताछ की, तो वह बार-बार बयान बदलता रहा। जब सख्ती बढ़ी, तो आखिरकार राहुल टूट गया। उसने स्वीकार किया कि उसने लूट की झूठी कहानी खुद गढ़ी थी, ताकि कंपनी को माल की रकम लौटाने से बच सके। पुलिस ने पाया कि अपार्टमेंट का सीसीटीवी कैमरा कई दिनों से खराब था। यह बात लुटेरों को कैसे पता चली? इस पर भी सवाल खड़े हुए। चांदी बेची, नुकसान छिपाने की कोशिश जांच में सामने आया कि राहुल ने दीवाली के लिए आगरा से 200 किलो चांदी रायपुर मंगाई थी। इसमें से 100 किलो चांदी वापस भेज दी, 14 किलो बेच चुका था, और 40 लाख रुपये की चांदी निजी तौर पर बेचकर उसका पैसा सट्टे में हार गया। बचे हुए 86 किलो की लूट की झूठी कहानी बनाकर वह कंपनी को धोखा देना चाहता था। सट्टा खिलाने वालों पर कब होगी कार्रवाई? इस पूरे मामले ने आनलाइन सट्टे के बढ़ते नेटवर्क पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पुलिस, ईडी और सीबीआइ जैसी एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं, तब भी ऐसे सट्टा रैकेट कैसे फल-फूल रहे हैं?। फिलहाल पुलिस ने आगरा के संबंधित कारोबारियों को रायपुर बुलाया है और पूछताछ जारी है।