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सिलगेर के माड़वी कोसा की मेहनत रंग लाई: अपने हाथों से बनाया घर, CM ने सौंपी खुशियों की चाबी

रायपुर.  ग्राम पंचायत सिलगेर विकासखंड कोन्टा के हितग्राही माड़वी कोसा के लिए वर्षों पुराना सपना अब साकार हो गया है। जो परिवार कभी कठिन परिस्थितियों में जर्जर झोपड़ी में जीवन गुजार रहा था, आज उसी परिवार के पास एक सुरक्षित, सम्मानजनक और मजबूत पक्का आवास है। नियद नेल्लानार योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के संयुक्त प्रयासों ने उनके जीवन में वह बदलाव ला दिया, जिसने संघर्ष को उम्मीद में बदल दिया। इस बदलाव की असली नींव बनी रूरल मेसन ट्रेनिंग, जिसे मेरापथ एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त कर कोसा ने न केवल निर्माण कार्य की तकनीक सीखी, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने ही हाथों से अपने घर का निर्माण कर दिखाया। यह कहानी केवल एक मकान बनने की नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के आत्मनिर्भर बनने और अपने भविष्य को स्वयं गढ़ने की प्रेरक मिसाल बन गई है। वित्तीय वर्ष 2024–25 में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण अंतर्गत कोसा को 1.20 लाख रुपए की आवास स्वीकृति मिली। इसके साथ ही मनरेगा अभिसरण से 95 मानव दिवस एवं 23,085 रुपए की मजदूरी सहायता प्रदान की गई, जिससे निर्माण कार्य को गति मिली। वहीं स्वच्छ भारत मिशन से 12,000 रुपए की राशि से शौचालय निर्माण, सोलर पैनल से रोशनी की सुविधा और नल–जल व्यवस्था से घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से उनके परिवार का जीवन अब सुविधाजनक और सुरक्षित बन गया है। इस प्रेरणादायक परिवर्तन पर कलेक्टर अमित कुमार ने इसे जिले के लिए मॉडल बताते हुए कहा कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन और कौशल विकास मिलकर परिवारों को आत्मनिर्भर बना सकते हैं। वहीं जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने इसे सफल उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण से गुणवत्ता बढ़ती है और हितग्राही स्वयं सशक्त बनता है। मुख्यमंत्री प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोसा से संवाद कर उन्हें साल-श्रीफल एवं सांकेतिक चाबी भेंट कर सम्मानित किया। आज माड़वी कोसा का यह पक्का घर केवल ईंट-पत्थर का निर्माण नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक की वह कहानी है जो पूरे क्षेत्र को प्रेरणा दे रही है।

मनरेगा से पनारी नाले का जीर्णोद्धार: 1200 ग्रामीणों को पेयजल व सिंचाई का लाभ

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि एवं ग्रामीण समृद्धि के संकल्प को साकार करते हुए जिला सूरजपुर  के जनपद पंचायत भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत पहाड़ अमोरनी (सारासोर) में पनारी नाले का मनरेगा के तहत सफलतापूर्वक जीर्णोद्धार किया गया है। कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र पाटले के मार्गदर्शन में किए गए इस कार्य से 1200 से अधिक ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है। गाद सफाई एवं स्टॉप डेम मरम्मत से नाले को मिला नया जीवन इस कार्य के अंतर्गत 156 मानव दिवस का रोजगार सृजित किया गया। नाले की गाद सफाई कर उसे पुनर्जीवित किया गया तथा पूर्व निर्मित स्टॉप डेम की मरम्मत कर जल संरक्षण सुनिश्चित किया गया। इसके परिणामस्वरूप वर्तमान में नाले में लगभग 2 मीटर तक जलस्तर दर्ज किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में जल उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पेयजल संकट से राहत, पशुओं को भी मिल रहा लाभ नाले में जलस्तर बढ़ने से ग्राम पंचायत पहाड़ अमोरनी के ग्रामीणों को हैंडपंप एवं अन्य जल स्रोतों से सहजता से पेयजल उपलब्ध हो रहा है। साथ ही लगभग 200 पशुओं की पानी की आवश्यकता भी इस जलस्रोत से पूरी हो रही है, जिससे पशुपालकों को भी बड़ी राहत मिली है। कृषि को मिला संबल, किसानों की आय में वृद्धि नाले के पुनर्जीवन से क्षेत्र के किसानों को सीधा लाभ मिला है। लगभग 20 हेक्टेयर भूमि पर 26 किसान रबी-खरीफ फसलों के साथ-साथ मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। ग्राम के कृषक अम्बेलाल, नंदलाल एवं रामधन द्वारा उत्पादित सब्जियों को चंद्रमेणा बाजार में विक्रय कर अच्छी आमदनी अर्जित की जा रही है। ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का स्पष्ट विजन है कि ग्रामीण, आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों के किसान आत्मनिर्भर बनें तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे उनके खेत-खलिहान तक पहुंचे। पनारी नाले का यह जीर्णोद्धार कार्य मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन, जल संरक्षण एवं कृषि विकास—इन तीनों उद्देश्यों की एक साथ सफल पूर्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।

Cultural Pride in Rajya Sabha: लक्ष्मी वर्मा ने पारंपरिक साड़ी में ली शपथ, गूंजा ‘जय जोहार’

रायपुर/​नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ से नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने आज देश के गौरवशाली उच्च सदन (राज्यसभा) में सदस्यता की आधिकारिक शपथ ग्रहण की। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने न केवल प्रदेश की तीन करोड़ जनता के अधिकारों की आवाज को सदन में बुलंद करने का संकल्प लिया, बल्कि अपने परिधान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अस्मिता को भी राष्ट्रीय पटल पर गरिमामय ढंग से प्रस्तुत किया। ​शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सांसद लक्ष्मी वर्मा ने एक विशेष रूप से डिज़ाइन की गई साड़ी धारण की थी, जिसने संसद भवन में सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह परिधान पूर्णतः छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और धरोहर का प्रतिनिधित्व कर रहा था। साड़ी के मुख्य भाग पर प्रदेश के ऐतिहासिक और पुरातात्विक गौरव ‘भोरमदेव मंदिर’ की सुंदर आकृति और प्रदेशवासियों की अगाध आस्था की प्रतीक ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का भव्य चित्र उकेरा गया था। इसके अतिरिक्त साड़ी की किनारी (बॉर्डर/लेयर) पर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी अभिवादन ‘जय जोहार’ स्पष्ट अक्षरों में लिखा हुआ था, जो प्रदेश की सादगी, आत्मीयता और भाईचारे का सशक्त संदेश दे रहा था। ​अपने इस विशेष परिधान से मातृभूमि को नमन करते हुए लक्ष्मी वर्मा ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि वे उच्च सदन में केवल एक जनप्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी और संस्कृति की सच्ची संवाहक के रूप में उपस्थित हुई हैं। ​इस गौरवपूर्ण अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा, “आज राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेना मेरे सार्वजनिक जीवन का अत्यंत भावुक और सर्वोच्च क्षण है। आज मैंने जो परिधान धारण किया है, वह मेरे लिए मात्र एक वस्त्र नहीं है, बल्कि यह मेरे प्रदेश की पहचान, हमारी गौरवशाली परंपरा और ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का साक्षात आशीर्वाद है। मैं शीर्ष नेतृत्व, प्रदेश नेतृत्व और छत्तीसगढ़ की देवतुल्य जनता का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। उन्होंने कहा, उच्च सदन में मेरा हर कदम और मेरी हर आवाज प्रदेश के सर्वांगीण विकास और हमारी सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण के लिए पूर्णतः समर्पित होगी। लक्ष्मी वर्मा द्वारा उच्च सदन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति के इस अनूठे और गौरवशाली प्रदर्शन की प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना हो रही है। इस पहल ने छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को गौरवान्वित किया है।

भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन, अब 20 अप्रैल से 15 जून तक स्कूलों में रहेगा अवकाश

भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन, अब 20 अप्रैल से 15 जून तक रहेगा स्कूलों में अवकाश बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर  प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में आंशिक संशोधन किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हम सब की जिम्मेदारी है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए  पूर्व निर्धारित ग्रीष्मकालीन अवकाश को पहले लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि इस भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत सुरक्षित रह सके। स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में दिनांक 01 मई 2026 से 15 जून 2026 तक घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन करते हुए अब दिनांक 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश प्रदेश के समस्त शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय शालाओं पर लागू होगा।

Encounter Update: मारी गई नक्सली लीडर रूपी का अंतिम संस्कार, ‘हिडमा सांग’ के साथ दी गई विदाई

जगदलपुर. कांकेर के जंगलों में हुई सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारी गई नक्सली कमांडर रूपी का अंतिम संस्कार विवादों में घिर गया है. रूपी का तेलंगाना के मेडक जिले में अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान कुछ लोग लाल झंडे लेकर नाचते एक शहीद के तौर पर ‘रूपी’ को अंतिम विदाई देते हुए विवादित ‘हिडमा गाना’ गाते नजर आ रहे हैं, इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं. बता दें कि सुरक्षा बलों ने 13 अप्रैल को कांकेर जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के माचपल्ली, आरामझोरा और हिडूर के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. जैसे ही जवान जंगल के अंदर पहुंचे, नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. इसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला और दोनों तरफ से तेज गोलीबारी हुई. मुठभेड़ के बाद हालात शांत होने पर इलाके की तलाशी ली गई, जिसमें एक महिला नक्सली का शव बरामद हुआ. मुठभेड़ में मारी गई महिला नक्सली की पहचान रूपी के रूप में हुई है, जो एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) रैंक की कमांडर थी. लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की वांटेड सूची में शामिल रूपी बस्तर क्षेत्र में सक्रिय आखिरी तेलुगू महिला नक्सली कैडर मानी जा रही थी. वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला नक्सली के अंतिम संस्कार के लिए तेलंगाना के मेडक जिले ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार के दौरान का वीडियो अब सामने आया है, जिसमें कुछ लोग लाल झंडे लेकर नाचते और विवादित गीत बजाते दिखाई दे रहे हैं. यह उसी तरह का मंजर था, जब हिडमा को अंतिम विदाई दी गई थी.

मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर राज्य स्तरीय अभियान का किया शुभारंभ

देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है जनगणना : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर राज्य स्तरीय अभियान का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने जनगणना के महाभियान में नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील जनगणना के सटीक आंकड़े आगामी वर्षों की योजनाएं तैयार करने में होती है मददगार रायपुर    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर जनगणना अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर नागरिकों को इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।             मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान संचालित हो रहा है और छत्तीसगढ़ में भी आज से ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना को आधुनिक और डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ हो सके।            मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार आने वाले वर्षों की योजनाएं तैयार करती है, ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 मई 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर आवासीय और गैर-आवासीय भवनों, उनकी स्थिति, उपयोग तथा बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और संचार व्यवस्था से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि जब भी प्रगणक घर आएं, तो उन्हें सही, स्पष्ट और पूर्ण जानकारी दें, क्योंकि प्रत्येक जानकारी राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।             मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के संकल्प को साकार करने में जनगणना की महत्वपूर्ण भूमिका है। सही आंकड़े ही बेहतर योजना और प्रभावी विकास की नींव रखते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस महाअभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाने और सक्रिय सहयोग देने की अपील की।          इस दौरान अपर मुख्य सचिव तथा जनगणना के नोडल मनोज कुमार पिंगुआ,  कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक जनगणना कार्तिकेय गोयल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

Women Empowerment: ‘नारी शक्ति सम्मान’ सीजन-4 शुरू, समाज में योगदान देने वाली महिलाओं को मिला सम्मान

रायपुर. राजधानी रायपुर में आयोजित ‘आज की नारी: नारी शक्ति सम्मान अवॉर्ड शो सीजन-04’ सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त पहल के रूप में उभरकर सामने आया। इस भव्य कार्यक्रम ने समाज में महिलाओं की भूमिका और उनकी उपलब्धियों को नई पहचान देने का कार्य किया। फाउंडेशन की संस्थापक एवं निदेशक उषा शर्मा ने संबोधन में उषा शर्मा ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल सम्मान देना नहीं, बल्कि हर महिला को यह एहसास दिलाना है कि वह सक्षम है, आत्मनिर्भर है और अपने सपनों को साकार कर सकती है।” उन्होंने आगे बताया कि न्यू उड़ान जनसेवा फाउंडेशन निरंतर ऐसे मंच तैयार कर रहा है, जहां महिलाओं को पहचान, अवसर और प्रोत्साहन मिल सके। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दीपिका चिखलिया और विशेष अतिथि के रूप में कांची सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। दोनों अतिथियों ने भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर गृहिणियों से लेकर प्रोफेशनल महिलाओं तक, समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं को सम्मानित किया गया। यह मंच उन अनसुनी कहानियों को सामने लाने का माध्यम बना, जो अक्सर समाज की नजरों से दूर रह जाती हैं। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह ने माहौल को उत्साह और प्रेरणा से भर दिया। हर पल नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक बनकर सामने आया। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि न्यू उड़ान जनसेवा फाउंडेशन आगे भी इसी तरह महिलाओं के सशक्तिकरण और उत्थान के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।

बिहार के नए CM सम्राट चौधरी को साय का संदेश: जनकल्याण और सुशासन की जताई उम्मीद

रायपुर. रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को फोन कर नई जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं के बीच दूरभाष पर हुई इस बातचीत में मुख्यमंत्री साय ने चौधरी के उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि चौधरी के अनुभव, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण से राज्य में तेजी से प्रगति सुनिश्चित होगी। सीएम साय ने अपने संदेश में विश्वास जताया कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित करेगा। सीएम साय ने कहा कि, सम्राट चौधरी का राजनीतिक अनुभव और जनसेवा के प्रति समर्पण राज्य के विकास को नई दिशा और गति देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि, बिहार सरकार जनता के कल्याण और विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तेजी से आगे बढ़ेगी। अपने संदेश में मुख्यमंत्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि, यह नेतृत्व ‘विकसित भारत @ 2047’ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि, केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से विकास की गति और तेज होगी। गौरतलब है कि सम्राट चौधरी ने बीते बुधवार ही बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है। उनके नेतृत्व में राज्य की राजनीति में नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है।

Good Governance Campaign: 1 मई से ‘सुशासन तिहार’ की शुरुआत, अधिकारियों को तय समय में तैयारियों के आदेश

राजनांदगांव. शासन द्वारा जन शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में 1 मई से सुशासन तिहार 2026 शुरू किया जाएगा। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा में सभी अधिकारियों को इसकी आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने इसके साथ ही सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई में पावर प्लांट में हुए हादसे के मद्देनजर सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदारों को सुरक्षा संबंधी मापदण्डों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ऐसे हादसों से बचाव के लिए सावधानी एवं सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है। जिससे हरित ऊर्जा की ओर लोगों का रूझान बढ़ेगा। इस योजना के अंतर्गत कालोनी में भी सोलर पैनल लगवाने के लिए जनमानस को प्रोत्साहित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करें। कलेक्टर ने कहा कि मिशन जल रक्षा के तहत कृषकों को धान के बदले अन्य फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित करें और रबी सीजन में किसानों को धान के बदले अन्य फसल लेने से जल संरक्षण को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए पेयजल की समस्या का प्राथमिकता से निराकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था की समीक्षा की।

आरटीई कोटे के तहत स्कूल चयन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में निकली लॉटरी, बच्चों को मिला मौका

दुर्ग. बच्चों की किस्मत की लॉटरी आखिरकार खुल गई। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों के क्लास वन में प्रवेश देने के लिए लाटरी के माध्यम से स्कूलों का चयन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में निकाली गई। प्रथम चरण की लॉटरी में 1059 बच्चों को स्कूल आवंटित किया गया है। दुर्ग जिले के 528 निजी विद्यालयों में आरटीई की इस बार कुल 1427 सीटें है। जबकि स्वीकृत आवेदनों की संख्या 1899 है। प्रथम चरण की लॉटरी के लिए इस बार सहायक संचालक, 5 पालक, निजी विद्यालय संगठन से जुड़े 2 पदाधिकारी, 2 पालक संघ के प्रतिनिधि तथा 2 मीडिया प्रभारी को विशेष रूप से रायपुर बुलाया गया था। इनकी मौजूदगी में लॉटरी निकाली गई। विभाग की ओर सहायक संचालक समृद्धि जोशी तथा आरटीई कक्ष प्रभारी राजदीप मौजूद थे। दुर्ग जिले के 528 निजी विद्यालयों के प्रारंभिक कक्षाओं में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत भर्ती के लिए 3485 ऑनलाइन आवेदन मिले थे। इनमें से 900 यानी करीब 26% आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए। केवल 1899 आवेदन ही स्वीकृत किए गए हैं। इन्हीं आवेदनों पर लॉटरी 15 अप्रैल को निकाली गई। अब 1 मई से 30 मई तक स्कूल दाखिला की प्रक्रिया की जाएगी। वैसे इस बार आरटीई के तहत प्रवेश के लिए निर्धारित सीटों की संख्या में भारी कटौती की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब एक तिहाई सीटों की कटौती हुई है। इस वर्ष केजी-1, केजी – 2 तथा नर्सरी का कांसेप्ट खत्म कर दिया गया है। इस वजह से निजी स्कूलों में आरटीई के तहत केवल पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है, जिसके लिए प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित थी। पिछले वर्ष आरटीई की 4267 सीट थी। यानी इस बार 2840 सीटों की कटौती की गई है।