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रायपुर में IPL का रोमांच, आज से मिलेंगी मैच की टिकटें

रायपुर क्रिकेटर लवर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. रायपुर के शहीद वीर नारायण अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इस साल दो आईपीएल मैच होने वाले हैं. पहला मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और मुंबई इंडियंस के बीच होने वाला है. इस मैच के टिकटों की ऑनलाइन बिक्री आज से https://shop.royalchallengers.com/ticket पर शुरू होने वाली है. आरबीसी ऑफिशियल्स की ओर से बताया गया कि टिकट केवल आधिकारिक आरसीबी वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध हैं. अनौपचारिक प्लेटफॉर्म या वेबसाइटों को टिकट बेचने का दावा करने वाले लोगों से बचने, आधिकारिक वेबसाइट और ऐप पर निर्भर रहने की सलाह दी गई है. एम-टिकट विवरण एम-टिकट में महत्वपूर्ण विवरण जैसे प्रवेश द्वार, आंतरिक द्वार, स्टैंड, पंक्ति और सीट नंबर शामिल होंगे. स्टेडियम के प्रवेश द्वार को खोजने के लिए, स्टेडियम मैप और स्टैंड इंडेक को देख सकते हैं. वहीं बाहर आने के लिए उन्हें इंतजार नहीं करना चाहिए. मैप में स्टैंड नाम, पार्किंग जोन, रैंप, द्वार, मेडिकल कमांड सेंटर और एम्बुलेंस स्थान शामिल हैं, जो आपको आसानी से नेविगेट करने में मदद करेंगे. स्टेडियम पहुंचने से पहले अपने स्टैंड और संबंधित प्रवेश द्वार के डिटेल्स की जांच कर लें.   बता दें कि 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) vs मुंबई इंडियंस और 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा. दोनों मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे. अब तक अपडेट के मुताबिक आरसीबी की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और यहां 6 दिन तक रहेगी. टीम मैदान पर प्रैक्टिस भी करेगी. मुंबई इंडियंस की टीम भी 8 मई के बाद राजधानी पहुंचने की संभावना है. 2 हजार का हो सकता सबसे सस्ता टिकट टिकट आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऑनलाइन बुक किए जाएंगे। सबसे सस्ती टिकट ₹2000 की होगी। इसके अलावा ₹2500, ₹3500, ₹5000 और ₹8000 तक की कैटेगरी में होगी। इसके अलावा प्लैटिनम सीटों के सामने लगे कांच के पैनल हटा दिए गए हैं। अब दर्शक खिलाड़ियों को बिना किसी रुकावट के और करीब से देख सकेंगे।

शानदार उपलब्धि: वंदना शिशु शिक्षा निकेतन के विद्यार्थियों ने रचा सफलता का नया इतिहास

शानदार उपलब्धि: वंदना शिशु शिक्षा निकेतन के विद्यार्थियों ने रचा सफलता का नया इतिहास मनेन्द्रगढ़/एमसीबी वनांचल क्षेत्र जनकपुर स्थित वंदना शिशु शिक्षा निकेतन इंग्लिश हायर सेकेंडरी स्कूल का इस वर्ष बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहद उत्कृष्ट और प्रशंसनीय रहा। विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। कक्षा 12वीं में नव्या गुप्ता ने 87% अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया, वहीं अविनाश सोनी और गौरव कुशवाहा ने 73-73%, सिम्मी पांडे ने 72% और स्वाति गुप्ता ने 71% अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसी तरह कक्षा 10वीं में राजेश यादव ने 80% अंक लाकर विद्यालय का नाम रोशन किया, जबकि शैलेन्द्र अहिरवार (70%) और मीनाक्षी सिंह (65%) ने भी सराहनीय सफलता हासिल की। विशेष उल्लेखनीय बात यह रही कि इस वर्ष प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों की संख्या काफी अधिक रही, जो विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण और शिक्षकों के समर्पण को दर्शाता है। विद्यालय प्रबंधन ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर प्राचार्य श्रीमती नीरजा सिंह ने विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को इस सफलता का प्रमुख आधार बताया। अभिभावकों ने भी विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए इस शानदार परिणाम पर हर्ष व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व आयोजित आंतरिक परीक्षाओं में भी शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया था, जिसमें सभी सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा शिक्षकों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया। कुल मिलाकर, यह परिणाम न केवल विद्यालय के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गया है।

उसलापुर में ऐतिहासिक ‘श्रमोत्सव’: 13 साल बाद गुड्स शेड पुनरुद्धार की घोषणा, हजारों श्रमिकों की मौजूदगी

उसलापुर में ऐतिहासिक ‘श्रमोत्सव’: 13 साल बाद गुड्स शेड पुनरुद्धार की घोषणा, हजारों श्रमिकों की मौजूदगी विधायक धरमजीत सिंह बोले— “श्रमिक का पसीना राष्ट्र निर्माण की नींव”; साइडिंग को पूर्ण क्षमता से शुरू करने का ऐलान बिलासपुर  अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर उसलापुर गुड्स शेड वेलफेयर ट्रक ओनर एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित भव्य ‘श्रमोत्सव’ ने बिलासपुर के औद्योगिक परिदृश्य में नई ऊर्जा का संचार किया। इस अवसर पर हजारों श्रमिकों, ड्राइवरों और ट्रक मालिकों की उपस्थिति के बीच तखतपुर विधायक ठाकुर धरमजीत सिंह ने वर्ष 2013 से बंद पड़े उसलापुर गुड्स शेड को पुनः पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने की घोषणा की। विधायक ठाकुर धरमजीत सिंह ने कहा कि उसलापुर रेलवे साइडिंग केवल एक लोडिंग पॉइंट नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक धुरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय कर शेड निर्माण, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली और श्रमिकों के लिए बेहतर सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित किया जाएगा। संरक्षक नरेश अग्रवाल ने श्रमिक एकता की ताकत पर बल देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है—अधिकार संघर्ष से ही प्राप्त होते हैं। अध्यक्ष ईश्वर सिंह चंदेल ने श्रमिकों को “रेलवे सैनिक” बताते हुए अनिवार्य दुर्घटना बीमा और ईएसआई जैसी सुविधाओं की मांग रखी। नेता जीत सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि लंबे संघर्ष का परिणाम है और अंतिम श्रमिक तक लाभ पहुंचाना ही उनका लक्ष्य है। एकता और भाईचारे का संदेश हाजी सैयद राशिद अली ने कहा कि श्रमिक का पसीना धर्म से परे होता है और यही एकता क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है। इम्तियाज अली (राजू नाज) ने श्रमिक एकजुटता को शोषण के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार बताते हुए हर संघर्ष में साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया। सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और विकास की रूपरेखा सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) सदस्य डॉ. दीपक जायसवाल ने EPF और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी। वहीं पार्षद प्रतिनिधि संजय सिंह ने क्षेत्र में सड़क, बिजली और स्वच्छता जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बात कही। कार्यक्रम में अशोक श्रीवास्तव, इस्माइल भाई, राजू खान, डब्लू राना, राजू बाली, मिर्जा आरिफ बेग, शशिम खान, मंजीत सिंह, रामकिशोर यादव ‘उक्कू’, हाजी मो. अकबर बक्शी, सरदार परमजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, राजेश टंडन, बिहारी लाल, राजेंद्र कौशिक, सलाम अली, धीरज यादव, सलीम भाई, महावीर सिंह, गुड्डू झा, अजयपाल सिंह, पंकज सिंह, रामसिंह यादव, संतोष कौशिक, महेन्द्र सिंह छाबड़ा, विशाल मरावी, अजय अग्रवाल और बंटी छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में श्रमिक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कलम की आज़ादी ही लोकतंत्र की मजबूती : विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर अधिवक्ता संजय गुप्ता का संदेश

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अधिवक्ता संजय गुप्ता ने क्षेत्र के सभी पत्रकार बंधुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक सशक्त और आधारभूत स्तंभ है, जो समाज को सही दिशा देने के साथ-साथ सत्य को उजागर करने और आमजन तक सटीक जानकारी पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य करती है।उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और सशक्त लोकतंत्र के निर्माण में स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत अहम होती है। पत्रकार न केवल समाज की समस्याओं को उजागर करते हैं, बल्कि उनके समाधान की दिशा में भी जनजागरूकता लाने का कार्य करते हैं। यही कारण है कि पत्रकारिता को राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। अधिवक्ता संजय गुप्ता ने आगे कहा कि आज के दौर में पत्रकारों के समक्ष कई चुनौतियाँ हैं, बावजूद इसके वे निर्भीकता और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, जो सराहनीय है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि निष्पक्ष, निर्भीक और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।अंत में उन्होंने कहा कि "कलम की आज़ादी ही लोकतंत्र की मजबूती है", और इसी भावना के साथ हमें पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखते हुए समाज और देश के हित में कार्य करना चाहिए।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर: 10 तारीख को प्रयास स्कूल प्रवेश परीक्षा, जगदलपुर तैयार

जगदलपुर. जगदलपुर में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए बड़ा अवसर सामने आया है. प्रयास आवासीय विद्यालय में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है. कक्षा 9वीं में दाखिले के लिए 10 मई को परीक्षा आयोजित होगी. यह योजना मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत संचालित है. विद्यालय में 9वीं से 12वीं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है. साथ ही मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है. छात्रों को आवासीय सुविधा और विशेष प्रशिक्षण का लाभ मिलता है. ग्रामीण और प्रतिभाशाली छात्रों के लिए यह सुनहरा अवसर माना जा रहा है. प्रवेश के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में यह पहल अहम है. विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाता है. अभिभावकों और छात्रों में इस योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है.

देश के 4 सपूत शहीद: अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, हर आंख हुई नम

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर शनिवार को IED ब्लास्ट में DRG के 4 जवान शहीद हो गए। DRG की टीम जब छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी, तभी यह हादसा हुआ। आज उन चार शहीद जवानों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नारायणपुर पुलिस लाइन में किया गया। वीर सपूतों को जब अंतिम विदाई दी गई, तो माहौल गमगीन हो उठा। कैसे हुआ था हादसा ? बता दें कि शनिवार 2 मई को DRG की टीम छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी। इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेट IED मिला था, जिसे बाहर निकालकर निष्क्रीय किया जा रहा था. तभी IED विस्फोट हो गया। IED की चपेट में आकर 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए। वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम को एयरलिफ्ट कर रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित अस्पताल में लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब आज रविवार को शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को नारायणपुर पुलिस लाइन में लाया गया, जहां तिरंगे में लिपटे शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी शहीदों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। वहीं पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद शहीद जवानों को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से बस्तर में नक्सल चुनौती को उजागर किया है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, लेकिन वीर सपूतों इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले और परमानंद कोर्रम की शहादत ने हर दिल में देशभक्ति और सम्मान की भावना को और मजबूत कर दिया है। 

22 हजार के बदले कमाए 3 लाख रुपए

रायपुर   छत्तीसगढ़ में किसान अब पारंपरिक धान की खेती छोड़कर फूलों की खेती अपनाकर अपनी तकदीर बदल रहे हैं। उद्यानिकी विभाग और सरकारी योजनाओं की मदद से गेंदा, गुलाब जैसे फूलों की वैज्ञानिक खेती कर किसान कम लागत में लाखों रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और उद्यानिकी विभाग से मार्गदर्शन मिलने के कारण किसान वैज्ञानिक पद्धति से अधिक उत्पादन ले रहे हैं। एक किसान आनंदराम सिदार की सफलता देखकर अब अन्य ग्रामीण भी परंपरागत खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।                परंपरागत खेती के दौर में जहाँ किसान अक्सर कम मुनाफे से परेशान रहते हैं, वहीं रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखण्ड के एक छोटे से गाँव कोड़केल के किसान  आनंदराम सिदार ने नवाचार से समृद्धि की नई इबारत लिखी है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन की श्गेंदा क्षेत्र विस्तार योजनाश् का लाभ उठाकर आनंदराम ने अपनी आय में कई गुना वृद्धि की है। धान बनाम गेंदा- मुनाफे का बड़ा अंतर            आनंदराम सिदार पहले पारंपरिक धान की खेती पर निर्भर थे। वे 10 क्विंटल धान का उत्पादन कर मुश्किल से 31 हजार रुपए की कुल आय प्राप्त कर पाते थे, जिसमें से लागत काटकर उनके हाथ मात्र 22 हजार रुपए का लाभ आता था। लेकिन उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में गेंदा फूल की खेती शुरू की, जिससे उनकी आय का ग्राफ अचानक बदल गया। तकनीकी सहयोग और बंपर उत्पादन           वर्ष 2025-26 के दौरान उद्यानिकी विभाग ने उन्हें उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। आनंदराम की मेहनत और विभागीय सहयोग का नतीजा यह रहा कि उन्होंने कुल उत्पादन लगभग 44 क्विंटल गेंदा फूल बेचकर   3 लाख रुपए से अधिक की कुल आमदनी हासिल की। धान की तुलना में बेहतर रिटर्न और कम समय में अधिक आय प्राप्त किया। क्षेत्र के किसानों के लिए बने रोल मॉडल           सिदार की इस सफलता ने पूरे रायगढ़ जिले में गेंदा जैसी नगदी फसलों के प्रति अन्य किसानों का रुझान बढ़ा दिया है। अब क्षेत्र के कई किसान धान के स्थान पर फूलों की खेती को एक लाभकारी विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। आनंदराम सिदार का कहना है कि शुरुआत में जोखिम लग रहा था, लेकिन उद्यानिकी विभाग के तकनीकी सहयोग और सही समय पर की गई देखरेख ने मेरी तकदीर बदल दी। आज मैं आत्मनिर्भर हूँ और अपने परिवार को बेहतर जीवन दे पा रहा हूँ। विभाग की सक्रिय पहल        रायगढ़ जिले में राष्ट्रीय बागवानी मिशन की गेंदा क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़ने के बाद आनंदराम सिदार का जीवन की दिशा ही बदल गई। उद्यानिकी विभाग की सक्रियता से फूलों की खेती अब एक टिकाऊ और मुनाफे वाले व्यवसाय के रूप में उभर रही है। विभाग द्वारा लगातार किसानों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।

51 हजार से अधिक कर्मचारी घर-घर पहुँचकर जुटा रहे जानकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में भारत की जनगणना 2027श् के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया है। 01 मई से शुरू हुआ यह महाभियान 30 मई 2026 तक चलेगा। इस कार्य के लिए राज्य भर में 51 हजार 300 प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो घर-घर जाकर डेटा एकत्रित कर रहे हैं। पहली बार डिजिटल मोड में जनगणना            इस बार की जनगणना ऐतिहासिक है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रश्नों की जानकारी दर्ज करेंगे। प्रशासन सख्त- अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई          प्रशासन ने जनगणना कार्य को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रायपुर नगर निगम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 44 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ सिविल आचरण नियमों के तहत नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या इससे इनकार करना एक दंडनीय अपराध है। उपलब्धियां और उत्साह का वातावरण          दुर्गम क्षेत्रों में मिसाल- बस्तर जिले के तोकापाल तहसील अंतर्गत ग्राम गाटम के प्रगणक ने विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन कार्य पूर्ण कर राज्य स्तर पर उत्साह का संचार किया। अभियान के पहले दिन ही जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों ने फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण किया और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। स्व-गणना राज्य में डिजिटल साक्षरता का प्रभाव दिखा, जहाँ 16 से 30 अप्रैल के बीच 1 लाख 49 हजार 862 परिवारों ने वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी गणना की। डेटा सुरक्षा और गोपनीयता की गारंटी          जनगणना निदेशालय ने आम नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह जानकारी किसी भी टैक्स, पुलिस जांच या कोर्ट केस में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकती। यहाँ तक कि सूचना का अधिकार के माध्यम से भी व्यक्तिगत डेटा प्राप्त नहीं किया जा सकता। इन आंकड़ों का उपयोग केवल राष्ट्र निर्माण और जन कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण हेतु किया जाएगा। नागरिकों से अपील प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि जब भी प्रगणक उनके घर आएं, उन्हें सही और सटीक जानकारी प्रदान करें। आपका यह सहयोग केवल जानकारी मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में आपका अमूल्य योगदान है।

मनरेगा के तहत छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात : भारत सरकार से 1333 करोड़ रुपए स्वीकृत, 212 करोड़ की मजदूरी राशि का भुगतान

रायपुर  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की मांग एवं लंबित देनदारियों को ध्यान में रखते हुए कुल 1333 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इससे राज्य के लाखों ग्रामीण श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। स्वीकृत राशि में से 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मजदूरी भुगतान हेतु जारी की गई है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पारदर्शिता के साथ श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। वर्तमान में राज्य के श्रमिकों के खातों में 212 करोड़ रुपए की मजदूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष राशि भी शीघ्र ही चरणबद्ध तरीके से श्रमिकों के खातों में अंतरित की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ श्रमिकों की आजीविका को स्थायित्व प्राप्त होगा। राज्य में संचालित “मोर गांव मोर पानी महा अभियान” के अंतर्गत जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। मनरेगा के माध्यम से आजीविका डबरी, नवा तरिया तथा अन्य जल संरक्षण कार्यों को व्यापक स्तर पर स्वीकृत किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़े, भू-जल स्तर में सुधार हो तथा किसानों की आय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सके। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन, ग्रामीण अधोसंरचना विकास तथा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।           भारत सरकार से प्राप्त यह वित्तीय स्वीकृति छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को नई गति देने के साथ-साथ श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सीसी रोड के अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य है। मुख्यमंत्री  साय ने बेमेतरा की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की विस्तृत एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित सीसी रोड का तकनीकी परीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था की समग्र जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि यदि जांच में गुणवत्ता में कमी, मानकों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क का त्वरित रूप से पुनर्निर्माण कर आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री  साय ने यह भी निर्देश दिए कि जिले में संचालित अन्य निर्माण कार्यों की भी विशेष समीक्षा की जाए, ताकि कहीं और इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई अनिवार्य होगी। उन्होंने  निर्देश दिए कि सतत मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र के माध्यम से विकास कार्यों की विश्वसनीयता एवं टिकाऊपन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है – जनहित के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद अधोसंरचना का लाभ मिल सके।