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जीएसटी विभाग का बड़ा एक्शन: माइंस ठेकेदार के ठिकानों पर छापा, महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में

भानुप्रतापपुर. छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर में मांइस ठेकेदार अरविंद साहू के घर और दफ्तर पर जीएसटी टीम ने शुक्रवार देर रात दबीश दी. दिल्ली और रायपुर से अधिकारियों की संयुक्त टीम दो गाड़ियों में पहुंची. ठेकेदार के ठिकानों पर एक साथ की गई छापेमारी में वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों और इलेक्ट्रोनिक डिवाइसेस की जांच की गई. यह कार्रवाई लगभग रात 11 बजे से 1 बजे तक यानी 2 घंटे चली. जानकारी के मुताबिक, माइंस ठेकेदार अरविंद साहू के बाजारपार स्थित निवास और दल्लीरोड स्थित कार्यालय में एक साथ GST की संयुक्त टीम ने छापेमारी की. बताया जा रहा है कि ठेकेदार अरविन्द साहू नीको जायसवाल ग्रुप की खदानों में ठेका लेता है. जांच के बाद कार्यालय से प्रिंटर सहित कुछ महत्वपूर्ण सामान अपने साथ ले जाने की खबर है. पूरी कार्रवाई इतनी गोपनिय थी कि स्थानीय पुलिस को भी इसकी जानकारी नहीं थी.  रायपुर कार्यालय में पहले भी पड़ा था छापा हालांकि टीम द्वारा कौन-कौन से दस्तावेज या उपकरण जब्त किए गए, इसकी आधिकारिक जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है. गौरतलब है कि कुछ महीने पहले भी अरविंद साहू के रायपुर स्थित कार्यालय में जीएसटी विभाग द्वारा दबिश दी गई थी. कार्रवाई के संबंध में जब ठेकेदार अरविंद साहू को संपर्क किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.

निर्माण गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दाढ़ी (बेमेतरा) सीसी रोड प्रकरण पर सख्त रुख: कलेक्टर को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सीसी रोड के अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य है। मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की विस्तृत एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित सीसी रोड का तकनीकी परीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था की समग्र जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि यदि जांच में गुणवत्ता में कमी, मानकों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क का त्वरित रूप से पुनर्निर्माण कर आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री साय ने यह भी निर्देश दिए कि जिले में संचालित अन्य निर्माण कार्यों की भी विशेष समीक्षा की जाए, ताकि कहीं और इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई अनिवार्य होगी। उन्होंने  निर्देश दिए कि सतत मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र के माध्यम से विकास कार्यों की विश्वसनीयता एवं टिकाऊपन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है – जनहित के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद अधोसंरचना का लाभ मिल सके।

कांकेर में नक्सली हमला: IED विस्फोट में DRG इंस्पेक्टर सहित 3 जवान शहीद, बस्तर IG ने दी जानकारी

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर सीमा के आईईडी ब्लास्ट में तीन जवान शहीद हो गए हैं. डीआरजी इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी समेत तीन जवान वीरगति को प्राप्त हो गए, जबकि एक घायल जवान का इलाज जारी है. बस्तर आईजी पी. सुन्दराज ने की इसकी पुष्टि की है. छोटेबेठिया थाना इलाके में कांकेर डीआरजी की टीम शनिवार को सर्चिंग के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेड आईईडी बरामद हुआ, जिसे बाहर निकालने के बाद निष्क्रिय किया जा रहा था. इस दौरान दुखद घटना हुई, आकस्मिक रूप से विस्फोट होने के कारण डीआरजी के 4 जवान घायल हो गए. इसमें 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए. वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को बेहतर उपचार के लिए व्यवस्था की जा रही है. बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम के अनुसार पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों द्वारा दी गई जानकारी और अन्य इनपुट के आधार पर, माओवादियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए सैकड़ों आईईडी बस्तर रेंज में पुलिस एवं सुरक्षा बलों ने बरामद कर निष्क्रिय किए थे. लेकिन आज की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, जब कांकेर जिला पुलिस दल आईईडी को निष्क्रिय कर रहा था, तभी वह आकस्मिक रूप से विस्फोटित हो गया, जिसके कारण तीन पुलिस बल के सदस्यों की मृत्यु हो गई, जबकि एक पुलिस बल का सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया.

रायपुर में समर कैंप शुरू: कला केंद्र में बच्चों को मिलेगा संगीत और कला सीखने का मौका

रायपुर. रायपुर के कला केंद्र में 15 दिवसीय समर कैंप के पहले बैच का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कैंप में पहले ही दिन 135 से अधिक बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। कैंप के पहले दिन बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेते हुए नई-नई कला विधाओं को सीखना शुरू किया। समर कैंप में गायन, वादन, गिटार, कीबोर्ड, डांस, क्ले आर्ट, पेंटिंग, माटी कला और ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह समर कैंप तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 1 मई से 15 मई, 16 मई से 30 मई और 1 जून से 15 जून तक। कैंप का समय सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक रखा गया है, जिसमें शुरुआती 30 मिनट योग और जुंबा के लिए निर्धारित है, जबकि शेष समय में बच्चों को उनकी रुचि अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

डिप्टी सीएम अरुण साव का अलग अंदाज, स्कूटी पर सवार होकर किया विकास कार्यों का निरीक्षण

लोरमी. अक्सर राजनीति में ऊंचे पदों पर बैठे चेहरों के इर्द-गिर्द सुरक्षा का अभेद्य घेरा और सायरन बजाती गाड़ियाँ दिखाई देती हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस ‘वीआईपी दीवार’ को ढहाकर एक नई मिसाल पेश की है। आज उप मुख्यमंत्री का एक ऐसा अंदाज दिखा, जिसने यह साबित कर दिया कि वे पद से नहीं, बल्कि दिल से जमीन से जुड़े नेता हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव आज औचक निरीक्षण पर निकले थे, लेकिन उनका तरीका किसी को भी चौंकाने वाला था। अपनी चमचमाती सरकारी गाड़ी और प्रोटोकॉल को छोड़, डिप्टी सीएम ने एक आम नागरिक की तरह स्कूटी उठाई और खुद हैंडल संभालकर गलियों में निकल पड़े। रास्ते में जो भी मिला अरुण साव ने उनसे सीधा संवाद किया। स्कूटी रोककर बुजुर्गों का हाल जाना और युवाओं से विकास कार्यों पर फीडबैक लिया। जनता के बीच यह चर्चा का विषय है कि एक उपमुख्यमंत्री का इतना सहज और सरल होना लोकतंत्र की खूबसूरती को दर्शाता है। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों को समय से गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

Sushasan Tihar के दूसरे दिन तेज कार्रवाई, सैकड़ों शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान

रायपुर. सुशासन तिहार 2026 का आगाज हो चुका है और आज इसका दूसरा दिन है। शिविरों में आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। कूंरा नगर पंचायत में कुल 196 आवेदनों में से 136 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं, अभनपुर के कठिया में प्राप्त 779 आवेदनों में से 588 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। शिविरों में क्षेत्र के विधायक भी मौजूद रहे। इस दौरान लोगों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ भी दिया गया, जिसमें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बीज वितरण और जॉब कार्ड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि शेष बचे आवेदनों का भी जल्द ही निराकरण कर लिया जाएगा। सुशासन तिहार के तहत जिले में आगे भी ऐसे शिविर आयोजित कर आम जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

रेल यात्रियों को झटका: बिलासपुर जोन में 18 ट्रेनें कैंसिल, 20 शॉर्ट टर्मिनेट, 2 का रूट डायवर्ट

बिलासपुर. बिलासपुर (SECR) जोन की 18 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इनमें रायपुर मंडल की 8 पैसेंजर ट्रेनें और नागपुर मंडल की 10 ट्रेनें शामिल है। ये ट्रेनें 3 मई से 22 मई के बीच अलग-अलग तारीखों में नहीं चलेंगी। वहीं, 2 गाड़ियों के रूट बदले गए हैं, जबकि 20 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इनमें बिलासपुर और रायपुर से गुजरने वाली कई ट्रेनें हैं। इस वजह से टाटानगर, इतवारी, बालाघाट के अलावा रायगढ़, कोरबा, गेवरा रोड से बिलासपुर और रायपुर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। गोंदिया के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर होगा काम रेलवे ने बताया कि, नागपुर मंडल के गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर मेंटनेंस का काम किया जाना है। इस काम के चलते गोंदिया के प्लेटफॉर्म नंबर-4 (डाउन मेन लाइन) करीब 20 दिनों तक बंद रहेगी। इसी वजह से 10 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं रायपुर मंडल के निपनिया-भाटापारा सेक्शन में भी रोड अंडरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए वहां ब्लॉक लिया जा रहा है। इससे 8 पैसेंजर ट्रेनें कैंसिल की गई है। बदले हुए रूट से चलने वाली ट्रेनें 11754 रीवा-इतवारी एक्सप्रेस 2, 4, 6, 9, 11, 13, 16 और 18 मई 2026 को अपने पुराने रास्ते (जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट-गोंदिया-इतवारी) से नहीं चलेगी। यह ट्रेन अब नए रास्ते (जबलपुर-नैनपुर-छिंदवाड़ा-इतवारी) से चलेगी। 11753 इतवारी-रीवा एक्सप्रेस 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17 और 19 मई 2026 को भी अपने पुराने मार्ग से नहीं चलेगी। यह ट्रेन अब नए रास्ते (इतवारी-छिंदवाड़ा-नैनपुर-जबलपुर) से चलाई जाएगी। बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस 2 मई से 22 मई 2026 तक दुर्ग तक ही चलेगी। बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस 2 मई से 22 मई 2026 तक दुर्ग तक ही चलेगी। बीच में समाप्त होने वाली ट्रेनें     15231 बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस 2 मई से 22 मई 2026 तक दुर्ग तक ही चलेगी। दुर्ग से आगे गोंदिया तक नहीं जाएगी।     15232 गोंदिया–बरौनी एक्सप्रेस 3 मई से 23 मई 2026 तक गोंदिया से नहीं चलेगी, यह दुर्ग से शुरू होगी और गोंदिया–दुर्ग के बीच नहीं चलेगी।     12105 छ. शिवाजी महाराज टर्मिनल–गोंदिया विदर्भ एक्सप्रेस 2 मई से 22 मई तक अजनी तक ही चलेगी। अजनी से गोंदिया के बीच सेवा बंद रहेगी।     12106 गोंदिया–छ. शिवाजी महाराज टर्मिनल विदर्भ एक्सप्रेस 3 मई से 23 मई तक गोंदिया से नहीं चलेगी, यह अजनी से शुरू होगी और गोंदिया तक नहीं जाएगी।     51707 जबलपुर–गोंदिया पैसेंजर 3 मई से 22 मई तक ब्रह्मपुरी तक ही चलेगी। ब्रह्मपुरी से गोंदिया तक सेवा बंद रहेगी।     51708 गोंदिया–जबलपुर पैसेंजर भी ब्रह्मपुरी से शुरू होगी, गोंदिया से ब्रह्मपुरी के बीच नहीं चलेगी।     68813, 68809 और 78803 गोंदिया–तिरोड़ी/कटंगी पैसेंजर ट्रेनें ब्रह्मपुरी तक ही चलेंगी। आगे गोंदिया से ब्रह्मपुरी के बीच सेवा बंद रहेगी।     68814, 68810, 78804 और 78806 तिरोड़ी/कटंगी–गोंदिया पैसेंजर ट्रेनें ब्रह्मपुरी से शुरू होंगी और गोंदिया तक नहीं जाएंगी।     68811 और 78805 गोंदिया–कटंगी पैसेंजर ट्रेनें भी ब्रह्मपुरी तक सीमित रहेंगी, आगे सेवा बंद रहेगी।     68812 कटंगी–गोंदिया पैसेंजर ब्रह्मपुरी से शुरू होगी और गोंदिया तक नहीं चलेगी। बीच में समाप्त होने वाली ट्रेनें     3 और 6 मई 2026 को झारसुगुड़ा से चलने वाली 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर ट्रेन गोंदिया तक नहीं जाएगी। यह ट्रेन बिलासपुर में ही समाप्त हो जाएगी और बिलासपुर से आगे गोंदिया तक नहीं चलेगी।     इसी तरह 3 और 6 मई 2026 को गोंदिया से चलने वाली 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर ट्रेन गोंदिया से नहीं चलेगी। यह ट्रेन बिलासपुर से शुरू होगी और गोंदिया तक नहीं जाएगी।

वाटर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा ऑडिट एवं सतत मॉनिटरिंग के दिए निर्देश वाटर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई क्रूज हादसे की दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संचालित सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ता से पालन  करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जन सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धमतरी और कोरबा सहित अन्य सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का तत्काल परीक्षण (सुरक्षा ऑडिट) सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः पालन कराया जाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित वाटर स्पोर्ट्स स्थलों पर उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों का नियमित तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन की तैनाती की जाए, तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु समुचित आपातकालीन प्रबंधन तंत्र सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता एवं कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें तथा किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/संचालकों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन नागरिकों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करता है। इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं मानक अनुरूप संचालित हों, जिससे संभावित जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि इन सभी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सतर्कता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए ही हम जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

CGPSC मेंस एग्जाम अपडेट: अब 6 जून से होंगी परीक्षाएं, बदला पूरा कार्यक्रम

रायपुर. सगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा-2025 की नई समय-सारिणी जारी कर दी गई है। अभ्यर्थियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा तिथि में बदलाव किया गया है, जिससे उम्मीदवारों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार मुख्य परीक्षा का आयोजन अब 06 जून से 09 जून 2026 तक किया जाएगा। परीक्षा राज्य के निर्धारित केंद्रों में आयोजित होगी और सभी व्यवस्थाएं आयोग की ओर से सुनिश्चित की जाएंगी। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी। जारी कार्यक्रम के अनुसार- 06 जून 2026: भाषा एवं निबंध 07 जून 2026: सामान्य अध्ययन-I एवं II 08 जून 2026: सामान्य अध्ययन-III एवं IV 09 जून 2026: सामान्य अध्ययन-V एडमिट कार्ड 10 दिन पहले होंगे जारी आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र परीक्षा तिथि से लगभग 10 दिन पूर्व आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए जाएंगे। उम्मीदवारों को समय पर एडमिट कार्ड डाउनलोड करने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्णय से मिली राहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अभ्यर्थियों की मांगों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इस फैसले से हजारों उम्मीदवारों को राहत मिली है, जो कम समय में तैयारी को लेकर चिंतित थे। जनप्रतिनिधियों ने उठाई थी मांग मुख्य परीक्षा की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक और विधायक दल के स्थायी सचिव आशुतोष सुरेंद्र दुबे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अभ्यर्थियों की समस्याओं से अवगत कराया था। तैयारी के लिए मिलेगा पर्याप्त समय हर वर्ष प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के बीच लगभग 105 से 110 दिनों का अंतराल दिया जाता है, लेकिन इस बार यह समय कम था। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया, जिससे अभ्यर्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके। CM साय ने कही ये बात मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उन्हें निष्पक्ष व अनुकूल वातावरण में परीक्षा देने का अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। इस निर्णय का अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों द्वारा व्यापक स्वागत किया जा रहा है। अब उम्मीदवार बेहतर रणनीति के साथ परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।

मनेन्द्रगढ़ वनमण्डल में तबादला आदेश पर उठे सवाल

मनेन्द्रगढ़ वनमण्डल में तबादला आदेश पर उठे सवाल वर्षों से जमे बाबुओं का नाम सूची से गायब मनेन्द्रगढ़  वनमण्डल कार्यालय में हाल ही में जारी किये गये कर्मचारियों के नवीन कार्य आबंटन (तबादला) आदेश के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। आदेश जारी होते ही जहां कई कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र बदले गये वहीं वर्षों से एक ही कुर्सी पर जमे कुछ बाबुओं का नाम सूची से गायब होने पर सवाल खड़े होने लगे हैं।            विश्वस्त सूत्रों के अनुसार जिन बाबुओं का नाम सूची में शामिल नहीं किया गया है वे लंबे समय से विभाग की कथित “मलाईदार” कुर्सियों पर काबिज हैं। बताया जा रहा है कि इनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ है और वे अधिकारियों के भी खास माने जाते हैं जिसके चलते इन पर कार्यवाही नहीं हो पाती। सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि यदि इन कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाये तो विभाग में करोड़ों रुपयों के संभावित भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो सकते हैं। यही कारण है कि इनके नाम को सूची से बाहर रखा गया है।           गौरतलब है कि कुछ समय पहले मनेन्द्रगढ़ वनमण्डल में कथित घोटालों को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने ही जोरदार तरीके से मुद्दा उठाया था। हालांकि अब मामला ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है।             ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वनमण्डल के डीएफओ इन आरोपों पर संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष कार्यवाही करेंगे या फिर पूर्व की तरह प्रभावशाली बाबुओं को संरक्षण मिलता रहेगा। विभागीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर अब आम लोगों की निगाहें प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई हैं।