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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा की गई व्यवस्थाएं राष्ट्रीय स्तर पर बटोर रही है सराहना

रायपुर ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा की गई व्यवस्थाएं राष्ट्रीय स्तर पर सराहना बटोर रही हैं। विभिन्न राज्यों से आए खेल अधिकारियों एवं कोचों ने सरगुजा जिले के मैनपाट में स्थित प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और आत्मीय आतिथ्य का अनुभव किया। अतिथियों ने मैनपाट के प्रसिद्ध तिब्बती मोनेस्ट्री, रहस्यमयी उल्टा पानी तथा अद्वितीय प्राकृतिक स्थल जलजली का भ्रमण किया। इन स्थलों की विशिष्टता और प्राकृतिक आकर्षण ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अधिकारियों और कोचों ने कहा कि मैनपाट न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक अनूठा पर्यटन गंतव्य है, जहां प्रकृति और शांति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। भ्रमण के दौरान सभी मेहमानों ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के सैला रिसॉर्ट में दोपहर भोजन का आनंद लिया। यहां पर परोसे गए पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों जैसे चीला, फरा, ठेठरी-खुरमी और देशी स्वाद से भरपूर भोजन की मेहमानों ने खुले दिल से सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि “छत्तीसगढ़ का भोजन जितना सरल है, उतना ही स्वादिष्ट और पौष्टिक भी है।” अतिथियों ने विशेष रूप से मैनपाट के स्थानीय निवासियों के सहज, सरल और आत्मीय व्यवहार की भी प्रशंसा की। उनका कहना था कि यहां का आतिथ्य उन्हें अपने घर जैसा अपनापन महसूस कराता है, जो छत्तीसगढ़ की पहचान को और मजबूत बनाता है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सौजन्य से ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में शामिल खिलाड़ियों, अधिकारियों और कोचों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से उन्हें छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और खानपान से परिचित कराया जा रहा है, जिससे राज्य की सकारात्मक छवि राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो रही है। खेल और पर्यटन के इस समन्वित मॉडल से छत्तीसगढ़ ने एक नई दिशा दिखाई है, जहां खेल आयोजन केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम भी बन रहे हैं। इससे न केवल राज्य के पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि देशभर में छत्तीसगढ़ की एक सकारात्मक और समृद्ध पहचान भी बन रही है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास राज्य को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत स्थान दिलाने में सफल हो रहा है।

पखवाडेभर में 31 हजार से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण

रायपुर मोर गाँव,मोर पानी अभियान ने हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि मोर गांव,मोर पानी महाभियान  अंतर्गत बलौदा बाजार भाटापारा जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देते हुए अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित आवासों में केवल 15 दिन में 31,066 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। यह उपलब्धि  व्यापक जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता एवं श्रमदान का मिसाल बन गया है। जनभागीदारी बना जन आंदोलन – कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत सु दिव्या अग्रवाल के नेतृत्व में मोर गांव, मोर पानी महाभियान 2.0 की शुरुआत जिले में 13 मार्च 2026 से की गई है। इस अभियान के सफल संचालन हेतु तिथिवार कार्यक्रम तय किये गए है। इस उपलब्धि से जल संरक्षण के प्रति जिले की सामूहिक प्रतिबद्धता, जनसहभागिता और सशक्त नेतृत्व परिलक्षित होता है।ग्रामीणों ने स्वयं आगे बढ़कर श्रमदान किया जिससे अभियान ने एक जन-आंदोलन का रूप ले लिया। प्रत्येक पीएम आवास की औसत साइज लगभग 300 वर्ग फीट है। इनमे  निर्मित रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं वर्षा जल को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। अनुमानतः प्रत्येक वर्षा ऋतु में इन संरचनाओं के माध्यम से हजारों लीटर पानी का संग्रहण संभव होगा, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि, जल संकट में कमी तथा स्थायी जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान के साथ भविष्य भी सुरक्षित – इस पहल से न केवल वर्तमान जल आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, बल्कि भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी यह एक ठोस कदम है। मोर गांव,मोर पानी अभियान ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब प्रशासन और आमजन एक साथ मिलकर संकल्प लेते हैं तो असंभव भी संभव हो जाता है। प्रशासन की अपील –  जिला प्रशासन द्वारा सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस जन-आंदोलन से जुड़कर अपने घरों एवं गांवों में अधिक से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं बनाएं तथा 'हर घर जल संचय' के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी पर जोर, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताई सरकार की प्राथमिकता

रायपुर 9 नवीन ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी छत्तीसगढ़ सरकार की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 9 अत्याधुनिक ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।  जिला चिकित्सालय सूरजपुर से शुरू की गई यह सेवा अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी। इस अवसर पर मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सूरजपुर की बेटी होने के नाते यह मेरे लिए गौरव का क्षण है कि मैं अपने ज़िलेवासियों को यह जीवनरक्षक सुविधा समर्पित कर रही हूँ। 9 नवीन ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी उन्होंने कहा कि ये एम्बुलेंस केवल वाहन नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली माताएँ, बहनें और बच्चों को आपातकालीन स्थिति में समय पर उपचार मिल सके और ‘गोल्डन ऑवर’ में चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो। मंत्री  राजवाड़े ने यह भी कहा कि एम्बुलेंस संचालन एजेंसी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सेवाओं की गुणवत्ता एवं प्रतिक्रिया समय (Response Time) में निरंतर सुधार किया जाएगा। उन्होंने स्वयं इन सेवाओं की नियमित निगरानी करने की बात कही, ताकि पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे। ज़िले में आवंटित 9 एम्बुलेंसों में से 2 को जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्थायी रूप से तैनात किया गया है, जबकि शेष एम्बुलेंसों को विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री का निर्देश, वन ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य हेतु जिला ओटीडी सेल की क्षमता सुदृढ़ की जाए

लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ के लक्ष्य को गति देने के लिए प्रत्येक जनपद में ‘मुख्यमंत्री फेलो’ की तैनाती के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खंडों और आकांक्षी नगर निकाय कार्यक्रम की तर्ज पर जिला स्तर पर आर्थिक विकास को साक्ष्य-आधारित एवं परिणामोन्मुख बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिला ओटीडी (वन ट्रिलियन डॉलर) सेल की आर्थिक एवं डेटा विश्लेषण क्षमता को सुदृढ़ किया जाए। इसके लिए प्रत्येक जनपद में दो विशेषज्ञ; एक आर्थिक विकास विशेषज्ञ तथा एक डेटा विश्लेषक को ‘ओटीडी मुख्यमंत्री फेलो’ के रूप में तैनात किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन विशेषज्ञों के माध्यम से स्थानीय संसाधनों, निवेश के अवसरों एवं आर्थिक संभावनाओं का साक्ष्य-आधारित विश्लेषण कराया जाए तथा जनपद-केन्द्रित विकास रणनीतियों के निर्माण में जिला ओटीडी सेल को सशक्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि ओटीडी मुख्यमंत्री फेलो द्वारा जनपद स्तर पर संचालित आर्थिक गतिविधियों की मासिक प्रगति रिपोर्ट ऑनलाइन डैशबोर्ड पर अपलोड की जानी चाहिए। साथ ही प्रमुख सचिव/सचिव स्तर पर त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट एवं प्रस्तुतिकरण सुनिश्चित किया जाए। जनपद की आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के लिए सुझावात्मक रिपोर्ट तैयार कर जिला ओटीडी सेल के संज्ञान में लाई जाए तथा स्थानीय आंकड़ों का विश्लेषण कर विकास की प्रवृत्तियों को नियमित रूप से बैठकों में प्रस्तुत किया जाए। ओटीडी मुख्यमंत्री फेलो के चयन मानदंडों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पदों के लिए उच्च शैक्षणिक योग्यता एवं तकनीकी दक्षता सुनिश्चित की जाए। नियोजन विभाग की ओर से बताया गया कि आर्थिक विकास विशेषज्ञ के लिए अर्थशास्त्र, एप्लाइड इकोनॉमिक्स, इकोनोमेट्रिक्स या फाइनेंस/डेटा साइंस में परास्नातक अथवा एमबीए तथा डेटा विश्लेषक के लिए सांख्यिकी, एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स, इकोनोमेट्रिक्स या बिजनेस एनालिटिक्स/डेटा साइंस में परास्नातक अथवा एमबीए की योग्यता निर्धारित की जा सकती है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल के माध्यम से जिला स्तर पर डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को सुदृढ़ किया जाना चाहिए, जिससे निवेश संवर्धन, रोजगार सृजन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था के समग्र विकास को नई गति मिल सके।

दूध बेचने से लेकर पहला करियर गोल्ड जीतने तकः जम्मू-कश्मीर के हमाम हुसैन की प्रेरणादायक कहानी

रायपुर     जब जम्मू-कश्मीर के हमाम हुसैन कुश्ती का अभ्यास नहीं कर रहे होते, तो वे अपने बड़े भाई के साथ घर-घर जाकर दूध पहुंचाने का काम करते हैं। जम्मू के जोरावर गांव के रहने वाले 28 वर्षीय हमाम के लिए जिंदगी और खेल हमेशा साथ-साथ चले हैं। पांच साल पहले पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके और उनके बड़े भाई के कंधों पर आ गई। दोनों ने मिलकर दूध बेचकर घर चलाया और इसी के साथ हमाम ने अपने कुश्ती के सपने को जिंदा रखा।         यह संघर्ष आखिरकार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स- 2026 में रंग लाया, जहां हमाम ने पुरुषों के 79 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में हिमाचल प्रदेश के मोहित कुमार को हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह उनके 14 साल के कुश्ती करियर का पहला राष्ट्रीय स्तर का स्वर्ण पदक है।           हमाम ने साई मीडिया से कहा, “मेरे बड़े भाई भी पहलवान थे और राज्य स्तर पर खेल चुके हैं। पिता के निधन के बाद सारी जिम्मेदारी हम पर आ गई। मेरे भाई को कुश्ती छोड़नी पड़ी और उन्होंने दूध बेचना शुरू कर दिया। मैं भी उनके साथ दूध देने जाता था क्योंकि परिवार चलाना जरूरी था।लेकिन मेरे भाई ने मुझे हमेशा कुश्ती जारी रखने के लिए प्रेरित किया और मुझे दंगलों में लेकर जाते थे।”                     हमाम ने बताया कि उनके पिता की छोड़ी हुई भैंसें ही परिवार की आजीविका का साधन बनीं। एक बच्चे के पिता हमाम ने कहा, “मेरे भाई ने दूध बेचकर घर चलाया और मैं उनकी मदद करता था। लेकिन जब मैंने मिट्टी के अखाड़े में कदम रखा, तो इस खेल से मुझे लगाव हो गया।”            सीमित संसाधनों के बावजूद हमाम ने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। वे अपने गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर मिट्टी के अखाड़े में अभ्यास करते हैं और मैट पर ट्रेनिंग के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर जम्मू तक का सफर तय करते हैं। वह भी अपने काम की जिम्मेदारियों के साथ। उन्होंने कहा, “साई सेंटर जम्मू में है और हम निचले इलाके में रहते हैं, इसलिए वहां नियमित रूप से जाना मुश्किल होता है। हम आमतौर पर प्रतियोगिताओं के दौरान ही वहां जाते हैं, वरना गांव के अखाड़ों में ही अभ्यास करते हैं।”       हमाम आगे कहते हैं, “मेरे पास कोई व्यक्तिगत कोच नहीं है। अखाड़े में सीनियर पहलवान हमें मार्गदर्शन देते हैं। जब हम मैट पर अभ्यास करते हैं, तब वहां कोच होते हैं। गांवों में हमें शहरों जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं। अगर बेहतर सुविधाएं मिलें, तो हमारे क्षेत्र के पहलवान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पदक जीत सकते हैंl हमाम के लिए यह स्वर्ण पदक सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने अंत में कहा, “यहां आकर बहुत अच्छा लगा। यहां की सुविधाएं बहुत अच्छी थीं। हम एक पिछड़े इलाके से आते हैं, जहां कुश्ती के लिए ज्यादा समर्थन नहीं है, इसलिए हमें दूर-दूर तक जाना पड़ता है। यह पहली बार है जब हमारे लिए इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित की गई है। अगर ऐसे और आयोजन होते रहें, तो हम और पदक जीत सकते हैं।”

मुख्यमंत्री से केंद्रीय राज्य मंत्री सु रक्षा खडसे की सौजन्य मुलाकात, खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने पर जोर

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री सु रक्षा निखिल खडसे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर विधायक  पुरन्दर मिश्रा, भारतीय खेल प्राधिकरण के उप महानिदेशक  मयंक वास्तव एवं खेल विभाग के सचिव  यशवंत कुमार उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सु खडसे का शॉल, बस्तर आर्ट से निर्मित आकर्षक प्रतिकृति तथा बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।      मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, संसाधन और सशक्त मंच उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार खेल एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। इन आयोजनों के जरिए अनेक छिपी हुई प्रतिभाएं सामने आई हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। सरकार द्वारा उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके कौशल को और निखारने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी करना प्रदेश के लिए गर्व की बात है और हमारे आदिवासी अंचल के युवाओं में यह नई ऊर्जा का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर आज जब मुख्यधारा से जुड़ रहा है और वहां शांति स्थापित हुई है तो निश्चित ही आने वाले समय में खेलों में युवाओं की भागीदारी और बढ़ेगी।          मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर पंडुम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन में पारंपरिक खेल, गायन, वादन, वेशभूषा एवं व्यंजन सहित 12 विधाओं में लगभग 54 हजार प्रतिभागियों की भागीदारी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और खेल विरासत का सशक्त उदाहरण है।    उल्लेखनीय है कि केंद्रीय राज्य मंत्री सु खडसे ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। जगदलपुर में आयोजित इस आयोजन को उन्होंने आदिवासी सशक्तिकरण, जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज और खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। क्रमांक-08

नक्सलवाद पर छत्तीसगढ़ में हुआ ऐतिहासिक प्रहार, शांति और विकास की रफ्तार तेज – CM साय

रायपुर   छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिली बड़ी सफलता के बीच मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai से आज उनके नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि के नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्षों तक नक्सलवाद प्रदेश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बना रहा, खासकर बस्तर अंचल लंबे समय तक इसके प्रभाव में रहा। उन्होंने कहा कि अब हालात तेजी से बदल रहे हैं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की मुख्यधारा मजबूत हो रही है। बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति और सुरक्षा का वातावरण बन रहा है, जिससे आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah के दृढ़ संकल्प, स्पष्ट नीति और प्रभावी रणनीति को दिया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में भयमुक्त और सुरक्षित छत्तीसगढ़ का सपना साकार हो रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस और बलिदान को इस सफलता की नींव बताया। उन्होंने सुरक्षाबलों के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके अथक प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नक्सलमुक्त वातावरण में अब छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा। 

टैक्स वसूली में बड़ा कमाल: रायपुर निगम ने एक दिन में जुटाए 8.17 करोड़

रायपुर. 31 मार्च 2026 को रायपुर नगर पालिक निगम के सभी जोनों के राजस्व विभागों में सम्पतिकर अदा करने नगरवासी सम्पतिकरदाता नागरिक उमड़ पड़े. सभी 10 जोनों के राजस्व विभाग कार्यालयों में आज महावीर जयन्ती के शासकीय अवकाश दिवस पर सम्पतिकरदाता नागरिक स्वयं आकर 31 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक अपना देय सम्पतिकर सहजता और सरलता के साथ अदा करते रहे. 31 मार्च को रात्रि 10 बजे तक नगर निगम राजस्व विभाग को 7912 सम्पतिकरदाता नागरिकों ने 8 करोड़ 17 लाख 36218 रूपये सम्पतिकर अदा कर दिया. नगर निगम जोन 2 राजस्व विभाग की टीम कुल वसूली से 3 करोड़ रूपये आगे रही. इसी प्रकार नगर निगम जोन 5 राजस्व विभाग की टीम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन 5 जोन कमिश्नर खीरसागर नायक के नेतृत्व और जोन सहायक राजस्व अधिकारी प्रमोद जाधव के मार्गदर्शन में कुल वसूली से पौने तीन करोड़ रूपये आगे रही. इस पर नगर निगम जोन 5 राजस्व विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी अत्यंत प्रसन्न हुए. इसी तरह जोन 4 राजस्व विभाग टीम कुल वसूली से 2 करोड़ 6 लाख रूपये आगे रही. जोन 2,4,10 राजस्व विभाग की टीमों ने जोन कमिश्नरों की अगुवाई में एक -एक करोड़ रूपये से अधिक की राजस्व वसूली रायपुर नगर निगम के लिए की. यहां यह उल्लेखनीय है कि आज 31 मार्च 2026 को नगर निगम के सभी जोनों के राजस्व विभाग की टीमों द्वारा वार्डो में नगर निगम राजस्व विभाग को बकाया राशि अदा नहीं करने वाले दुकानदारों के सम्बंधित व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को तत्काल सीलबंद करने की नियमानुसार कड़ी कार्रवाई और घरों में बकाया राजस्व अदा नहीं करने पर सम्बंधित रहवासी नागरिकों के नल विच्छेद की कड़ी कार्रवाई सभी जोनों में राजस्व विभाग द्वारा आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों की अगुवाई और अभियंताओं, जोन सहायक राजस्व अधिकारियों सहित राजस्व कर्मचारियों द्वारा सुबह से रात्रि तक लगातार जारी रही. वहीं आज होलीक्रॉस स्कूल बैरनबाजार और होलीक्रॉस स्कूल शैलेन्द्र नगर द्वारा नगर निगम जोन 4 राजस्व विभाग को आरटीजीएस के माध्यम से वर्ष 2008 से लेकर वर्ष 2026 तक का सम्पूर्ण बकाया भुगतान कर दिया. इसके पश्चात नगर निगम जोन 4 राजस्व विभाग द्वारा निर्देशानुसार होलीक्रॉस स्कूल बैरनबाजार और होलीक्रॉस स्कूल शैलेन्द्र नगर में लगायी गयी सील खोलने की नियमानुसार कार्रवाई की.

नई रेट लिस्ट जारी: महंगी शराब हुई सस्ती, बियर के बढ़े दाम से झटका

रायपुर. छत्तीसगढ़ में शराब के शौकीनों के लिए बड़ी खबर है। राज्य के आबकारी विभाग ने नई रेट लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें हाई रेंज विदेशी शराब की कीमतों में राहत दी गई है, वहीं बियर और कुछ अन्य ब्रांड्स के दाम बढ़ाए गए हैं। नई दरों के अनुसार, महंगी विदेशी शराब (इम्पोर्टेड/प्रीमियम ब्रांड्स) की कीमतों में 1000 रुपए तक की कमी की गई है। इससे प्रीमियम सेगमेंट के ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार के इस फैसले को शराब बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और उपभोक्ताओं को राहत देने के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर, बियर और कुछ मिड-रेंज ब्रांड्स की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे आम उपभोक्ताओं पर थोड़ा अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। सबसे अहम बात यह है कि देशी शराब (देशी मदिरा) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले साल की तरह ही इस साल भी देशी शराब पुराने रेट पर ही उपलब्ध रहेगी। आबकारी विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद नई दरें पूरे राज्य में लागू हो गई हैं। माना जा रहा है कि इस बदलाव का असर शराब की बिक्री और राजस्व दोनों पर देखने को मिलेगा।                   शराब के नए और पुराने रेट ब्रांड    पुराना रेट (₹)    नया रेट (₹) आइकॉन प्रीमियम व्हिस्की (750ML)    440    480 गोवा स्पेशल (180ML)    110    120 ऑफिसर्स चॉइस प्रेस्टिज (750ML)    580    640 मैकडॉवेल्स नं. 1 (750ML)    700    760 रॉयल स्टैग (750ML)    780    840 ब्लेंडर्स प्राइड (750ML)    1150    1240 जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल (750ML)    3800    4110                  बीयर ब्रांड    पुराना रेट (₹)    नया रेट (₹) किंगफिशर स्ट्रॉन्ग (650ML)    180    200 बडवाइजर मैग्नम (650ML)    220    240 हेवर्ड्स 5000 (650ML)    190    210 कोरोना (330ML)    160    180                 वाइन और रेडी टू ड्रिंक ब्रांड    पुराना रेट (₹)    नया रेट (₹) सुला ब्रूट (750ML)    1200    1320 बकार्डी ब्रीजर (275ML)    100    120

समर वेकेशन में नई जिम्मेदारी: शिक्षकों को सौंपी गई जनगणना ड्यूटी

बिलासपुर. शिक्षा के मंदिर से निकलकर अब शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण के सबसे बड़े अभियान यानी ‘जनगणना’ के मैदान में उतरने जा रहे हैं. भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच, जब स्कूल बंद रहेंगे, तब प्रदेश के हजारों सहायक शिक्षक और शिक्षक घर-घर जाकर डेटा जुटाने का काम करेंगे. शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों की सूची तहसीलदारों को सौंप दी है, जिसके बाद अब ड्यूटी और ट्रेनिंग का चार्ट तैयार हो गया है. शिक्षक 1 मई से जनगणना के कार्य में लग जाएंगे. आगामी जनगणना को लेकर शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है. इस बार सहायक शिक्षकों और शिक्षकों को प्रगणक के रूप में तैनात करने की तैयारी पूरी हो चुकी है. शिक्षा विभाग ने अपने अंतर्गत आने वाले सभी सहायक शिक्षकों और शिक्षकों का डेटा संकलित कर तहसील कार्यालयों को भेज दिया है. अब तहसीलदार और स्थानीय प्रशासन इन सूचियों के आधार पर शिक्षकों की ड्यूटी अलग- अलग वार्डों और ग्राम पंचायतों में तय करेंगे. जनगणना का कार्य तकनीकी और संवेदनशील होता है, इसलिए इसे चरणों में पूरा किया जा रहा है. मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग शुरू हो गई है. जो अप्रैल माह में जनगणना का कार्य करने वाले शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे. इसमें उन्हें मोबाइल ऐप और रजिस्टर में डेटा एंट्री के तरीके सिखाए जाएंगे. शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में एक मई से लगेगी. उसी दिन अवकाश से स्कूलों में ग्रीष्मकालीन शुरू होती है. उस दौरान शिक्षकों को भीषण गर्मी में आबंटित इलाके में घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों की जानकारी इक्कठा करनी होगी. जहां एक ओर छात्र गर्मियों की छुट्टियों का आनंद लेंगे, वहीं शिक्षक 1 मई से हाथ में मोबाइल और रजिस्टर लेकर प्रगणना के काम में जुट जाएंगे. इस बार की जनगणना कागज पेन तक सीमित नहीं है. शिक्षकों को विशेष मोबाइल ऐप की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे डेटा सीधा सर्वर पर अपलोड होगा.