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छत्तीसगढ़ में आज CM साय का व्यस्त कार्यक्रम, सूरजपुर और बिलासपुर में शामिल होंगे समारोह में

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर, सूरजपुर और बिलासपुर के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से “मन की बात” सुनेंगे। इसके बाद वे पुलिस ग्राउंड हेलीपैड से सूरजपुर के लिए रवाना होंगे। सूरजपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री भारत माता कर्मा चौक में भक्त माता कर्मा की पूजा-अर्चना और माल्यार्पण करेंगे। वे “भक्त माता कर्मा जयंती महोत्सव 2026” कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 5:30 बजे बिलासपुर के लिए रवाना होंगे। बिलासपुर के इंदिरा सेतु कूदूदण्ड में वे अटल परिसर एवं विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन करेंगे। शाम 7:40 बजे मुख्यमंत्री बिलासपुर के राजा रघुराज सिंह स्टेडियम में आयोजित स्व. लखीराम अग्रवाल टी-20 ड्यूज बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद वे बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पहुंचकर “नाइट लैंडिंग एवं डिपार्चर शुभारंभ” कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद रात 9:45 बजे मुख्यमंत्री बिलासपुर से रायपुर के लिए रवाना होंगे और रायपुर पहुंचेंगे।

लैब अटेंडेंट भर्ती में बड़ा अपडेट, काउंसलिंग डेट घोषित; 430 उम्मीदवार होंगे शामिल

रायपुर. छत्तीसगढ़ के Directorate of Higher Education Chhattisgarh द्वारा प्रयोगशाला परिचारक (Lab Attendant) भर्ती प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थियों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। विभाग ने काउंसलिंग प्रक्रिया का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है, जिसके अनुसार चयनित उम्मीदवारों की काउंसलिंग 01 और 02 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। जारी सूचना के मुताबिक, इस भर्ती प्रक्रिया में मेरिट सूची में स्थान पाने वाले कुल 430 अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। काउंसलिंग प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगी, जिसमें उम्मीदवारों को उनके रैंक के अनुसार निर्धारित समय पर उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है। यह काउंसलिंग नवा रायपुर स्थित Indravati Bhavan के ब्लॉक-3 में आयोजित की जाएगी। पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए इसे दो दिनों में विभाजित किया गया है, जिसमें कुल चार पालियां (Shift) निर्धारित की गई हैं। इससे अभ्यर्थियों की भीड़ को नियंत्रित करने और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया मेरिट सूची और रोस्टर प्रणाली के आधार पर आयोजित की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को उनके निर्धारित रैंक के अनुसार बुलाया जाएगा और उसी क्रम में उन्हें अपने पदस्थापना स्थल का चयन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अंतिम रूप से पदस्थापना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि तय समय पर उपस्थित न होने वाले अभ्यर्थियों के लिए अलग से मौका नहीं दिया जाएगा, इसलिए सभी उम्मीदवारों को समय और निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। यह भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से प्रतीक्षित थी और अब काउंसलिंग शेड्यूल जारी होने के बाद उम्मीदवारों का इंतजार समाप्त हो गया है। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद राज्य के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्ति से शैक्षणिक व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी।

‘भांचा आया है’: छत्तीसगढ़ में बागेश्वर सरकार का विवादित बयान, धर्मांतरण पर सख्त रुख

कोरबा. ऊर्जाधानी कोरबा आज पूरी तरह से राममय हो गई है. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी पाँच दिवसीय हनुमंत कथा के लिए कोरबा पहुँच चुके हैं. कथा के पहले ही दिन कथा स्थल ढपढप में श्रद्धा का ऐसा सैलाब उमड़ा कि प्रशासन के लिए व्यवस्था संभालना चुनौती बन गया. मंच संभालते ही बाबा ने जहाँ कोरबा की ऊर्जा शक्ति को नमन किया, वहीं धर्मांतरण करने वालों को सीधे शब्दों में चेतावनी दे डाली. ​धर्मांतरण के मुद्दे पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अब तक का सबसे तीखा प्रहार किया है. आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मिशनरियों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने दो टूक कहा— “यहाँ आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठाठरी मारी जाएगी. अब यह खेल नहीं चलेगा.” उन्होंने संकल्प दोहराते हुए कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी ‘घर वापसी’ कराई जाएगी. ​कोरबा के कोयले का लोहा माना ​शहर की महत्ता पर चर्चा करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कोरबा पूरे देश को रोशन करता है. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा— “अगर कोरबा का कोयला बंद हो जाए, तो हमारे मध्य प्रदेश में भी अंधेरा छा जाएगा, वहाँ लाइट नहीं जलेगी.” उन्होंने कोरबा वासियों के प्रेम को अद्भुत बताया. ​”मैं छत्तीसगढ़ का भांचा हूँ” ​भावुक संबोधन में शास्त्री जी ने खुद को छत्तीसगढ़ का ‘भांचा’ (भांजा) बताया. उन्होंने कहा— “यह माता कौशल्या की पावन धरती है और मैं यहाँ का भांचा हूँ. यहाँ मेरा पूरा अधिकार है.” उन्होंने जनता को ‘पागल’ कहते हुए उनके अटूट विश्वास की सराहना की. ​1 अप्रैल तक चलेगा भक्ति का महाकुंभ ​बता दें कि यह हनुमंत कथा 1 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें विशेष ‘दिव्य दरबार’ भी सजेगा. बाबा ने साफ कर दिया है कि वे यहाँ केवल कथा सुनाने नहीं, बल्कि सनातन की अलख जगाने और धर्मांतरण रोकने के संकल्प के साथ आए हैं.

नक्सल नेटवर्क कमजोर: मिशिर बेसरा संपर्क में, जल्द हो सकता है बड़ा सरेंडर

बस्तर. बस्तर में दशकों पुराना नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है और 31 मार्च 2026 इसकी समाप्ति की दिशा में निर्णायक तारीख बनती दिख रही है। शीर्ष कमांडर पापाराव के आत्मसमर्पण के बाद संगठन की कमर टूट चुकी है। सूत्रों के अनुसार मिशिर बेसरा भी सरेंडर के लिए संपर्क में हैं। पिछले दो वर्षों में 5000 नक्सली नेटवर्क खत्म हुआ, जिसमें 3000 ने आत्मसमर्पण किया, 2000 गिरफ्तार और 500 मारे गए। पुनर्वास नीति और विकास कार्यों ने बड़ा असर डाला है। इस संघर्ष में 1416 जवान शहीद हुए। आईईडी के 1277 मामलों में नुकसान हुआ, लेकिन 4580 आईईडी बरामद कर साजिशें नाकाम की गईं। अब बचे नक्सलियों के पास आत्मसमर्पण या समाप्त होने का ही विकल्प बचा है। बस्तर में अब विकास और शांति की नई तस्वीर उभर रही है। नक्सलियों के खिलाफ हो रही सैन्य कार्रवाई से माओवादी संगठन बैकफुट पर हैं। कभी माओवादी संगठनों के शांति अपील के लेटर सामने आ रहे हैं तो कभी सरकार से युद्ध विराम घोषित करने की मांग। इस बीच एक और लेटर सामने आया है। इस बार माओवादी संगठनों ने अपने साथ काम करने वालों को लेटर लिखा है। जिसमें साफ-साफ कहा गया है कि अगर आपको किसी तरह से डर लगता है को हथियार छोड़ सकते हैं। किसके नाम से जारी किया गया है लेटर नक्सली संगठन के द्वारा जो लेटर जारी किया है उसमें प्रवक्ता अभय और विकल्प का नाम दिया गया है। सरेंडर कर रहे नक्सलियों को यह लेटर लिखा गया है। जिसमें कहा गया है कि जिन लोगों को डर लगता है वह अपने हथियार छोड़ दें लेकिन हम अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ेंगे। क्या है मामला दरअसल, कुख्यात नक्सली कमांडर वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू ने अपने संगठन को एक लेटर लिखा था। इस लेटर में उसने सरेंडर की बात लिखी थी। उसने अपने लेटर में लिखा था कि अब केवल सरेंडर ही एक बेहतर विकल्प है और अब समय आ गया है कि जनता के वास्तविक मुद्दों के लिए आवाज उठाई जाए। उसके इस लेटर के बाद संगठन में फूट पड़ गई थी। कुछ माओवादियों ने इस लेटर का विरोध किया तो कुछ ने कहा कि हम अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ सकते हैं। बता दें कि सोनू कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी के मेंबर है।  नक्सलियों के पास केवल सरेंडर ही विकल्प छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबल के जवान मिशन 2026 के तहत कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। सुरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों के कई टॉप लीडरों को मार गिराया है। वहीं, बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि नक्सलियों के पास अब केवल एक ही रास्ता बचा है। उन्हें सरेंडर कर मुख्यधारा में लौटना चाहिए।

पेट्रोल-डीजल व गैस का पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

पेट्रोल-डीजल व गैस का पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मनेन्द्रगढ़/एमसीबी प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता होने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य में ईंधन व गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए किसी भी तरह की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ कहा कि जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्यभर में 335 जगह छापेमारी की गई, जिसमें 3 हजार 841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए और 97 एफआईआर दर्ज की गईं। साथ ही पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों की नियमित जांच के भी आदेश दिए गए हैं। सप्लाई पूरी तरह सामान्य अधिकारियों और तेल कंपनियों ने साफ किया है कि गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। गैस सिलेंडर की बुकिंग भी पहले की तरह ही चल रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें और सही जानकारी के लिए ऑफिशियल सोर्स का ही सहारा लें। जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित निगरानी की जा रही है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने बताया कि अवैध भंडारण पर कार्रवाई जारी है और शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से निर्धारित अंतराल पर ही गैस बुकिंग करने तथा आवश्यकतानुसार ही उपयोग करने की अपील की है, ताकि सभी को समय पर सुविधा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने जशपुर में मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम का किया शुभारंभ : खिलाड़ी बास्केटबॉल शतरंज कैरम और टेबल टेनिस खेल का करेंगे अभ्यास

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जशपुर में 3 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत से निर्मित मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेल अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर प्रदान करता है और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री  साय ने स्टेडियम का अवलोकन किया और वहां उपस्थित खिलाड़ियों के साथ खेल का आनंद भी लिया।उन्होंने खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि सरकार प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी उचित मंच मिल सके। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त साधन है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर दिया जाए। मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में खिलाड़ियों को बास्केटबॉल के साथ-साथ शतरंज, कैरम और टेबल टेनिस जैसे खेलों का अभ्यास करने की आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। यह स्टेडियम न केवल खेल गतिविधियों को बढ़ावा देगा, बल्कि जशपुर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बनेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष  रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष  अरविन्द भगत,  कृष्णा राय, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष  गंगाराम भगत,  विजय आदित्य सिंह जुदेव, सरगुजा कमिश्नर  नरेन्द्र दुग्गा, आईजी  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  लाल उमेद सिंह, डीएफओ  शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार, खिलाड़ी और कोच उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में क्रिकेट एकेडमी का किया शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जशपुर में क्रिकेट एकेडमी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं का विस्तार कर युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें। जशपुर में क्रिकेट खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर पालिका और ग्रीन क्रिकेट जशपुर के बीच एमओयू भी किया गया है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को संगठित प्रशिक्षण और बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान सरगुजा ओलंपिक की विजेता बास्केटबॉल टीम से मुलाकात की और खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन और उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं में खेल के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाती हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष  राम प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष  अरविन्द भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष  गंगाराम भगत, कृष्णा राय,  विजय आदित्य सिंह जुदेव, सरगुजा कमिश्नर  नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  लाल उमेद सिंह, डीएफओ  शशि कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

मेहनतकश श्रमिकों का सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 79,340 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपए की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर है, लेकिन केंद्र सरकार की प्रभावी विदेश नीति और विभिन्न देशों के साथ मजबूत संबंधों के कारण आपूर्ति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम का वातावरण बन रहा है।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल, डीज़ल या गैस का अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे पहले ईंधन की उपलब्धता बनी रही है, वैसे ही आगे भी निर्बाध रूप से मिलती रहेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित 12 विभिन्न योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को बच्चे के जन्म पर 20,000 रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा मकान निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा खरीदने में भी सहायता दी जा रही है, जिसे पहले 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। यदि किसी श्रमिक का बच्चा 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करता है, तो उसे 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके साथ ही मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पहले 100 बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 200 सीट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए “दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना” संचालित की जा रही है, जिसके तहत ऐसे मजदूरों को सालाना 10,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में लाखों भूमिहीन मजदूरों के खातों में लगभग 495 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। मुख्यमंत्री  साय ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि जनधन खातों के माध्यम से अब योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भेजी गई राशि का बड़ा हिस्सा बीच में ही खत्म हो जाता था, लेकिन अब पूरी राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रोविडेंट फंड (PF) प्रणाली को यूनिवर्सल बनाया गया है, जिससे श्रमिक देश के किसी भी हिस्से में काम करने पर अपना पीएफ लाभ जारी रख सकते हैं। इसके अलावा न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर 1000 रुपए किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को बेहतर और निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन के अंत में श्रमिकों को प्रदेश के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके परिश्रम और योगदान से ही राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी श्रमिकों का सम्मान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रदेशभर में आयोजित हो रहे श्रमिक सम्मेलन—श्रम मंत्री श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि श्रमिकों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 20,000 रुपए, मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही 10वीं और 12वीं में टॉप-10 में आने वाले श्रमिकों के बच्चों को 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले सवा दो वर्षों में 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे ट्रांसफर की गई है। इसके अलावा “अटल शिक्षा योजना” के तहत श्रमिकों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि श्रमिकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने भी राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए श्रमिकों से इनका अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष  शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका जशपुर के अध्यक्ष  अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यशप्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर  गंगाराम भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, श्रमिक बंधु एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का अवलोकन

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर में  निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की गति और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहे निर्माण पर संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनरेखा साबित होगा और मरीजों को यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।   इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर फंड से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री  साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में इस अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। प्रस्तावित 6 मंजिला भवन में ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों का ढलाई कार्य पूर्ण हो चुका है।  अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू, पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर संचालित होगा। यह चिकित्सालय अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, इमरजेंसी वार्ड, एमआरआई, ईसीजी सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष  रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव,  भरत सिंह, कृष्ण कुमार राय,  विजय आदित्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत का शानदार प्रदर्शन, राज्य को दिलाया लगातार चौथा रजत

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के अंतर्गत तैराकी प्रतियोगिताओं का आज समापन हो गया। प्रतियोगिता में देशभर के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें पुरुष वर्ग में कर्नाटक ने 123 अंकों के साथ ओवरऑल टीम चौंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। वहीं असम 69 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और ओडिशा 31 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा। महिला वर्ग में ओडिशा ने 102 अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए चौंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि कर्नाटक 50 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और मेजबान छत्तीसगढ़ 38 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा। प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की तैराक अनुष्का भगत ने लगातार चौथा रजत पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया। उन्होंने महिला 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनके इस प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ की पदक स्थिति मजबूत हुई है और राज्य के खिलाड़ियों में उत्साह का संचार हुआ है। आज आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धोनिश ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम के फर्मिनो एमोन लालुंग ने रजत और कर्नाटक के कीर्थन शरथ ने कांस्य पदक प्राप्त किया। महिला 100 मीटर फ्रीस्टाइल में ओडिशा की रितिका मिन्ज ने स्वर्ण पदक जीता, वहीं उनकी ही राज्य की कृष्णा प्रिया नायक ने रजत और असम की वायोलिना क्रो ने कांस्य पदक हासिल किया। पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक में असम के निबिर निलिम क्रो ने स्वर्ण, कर्नाटक के धोनिश ने रजत और ओडिशा के राजेश सोरेन ने कांस्य पदक जीता। महिला 50 मीटर बैकस्ट्रोक में ओडिशा की अंजलि मुंडा ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने रजत और कर्नाटक की मेघांजली ने कांस्य पदक अपने नाम किया। रिले स्पर्धाओं में पुरुष 4Û100 मीटर मेडले में कर्नाटक ने स्वर्ण, असम ने रजत और त्रिपुरा ने कांस्य पदक जीता, वहीं महिला 4Û100 मीटर मेडले में ओडिशा ने स्वर्ण, त्रिपुरा ने रजत और गुजरात ने कांस्य पदक हासिल किया। खेलो इंडिया खेलो ट्राइबल प्रतियोगिता 2026 में अब तक छत्तीसगढ़ ने कुल 8 पदक 1 स्वर्ण, 4 रजत और 3 कांस्य अपने नाम किए हैं और इसी के साथ राज्य पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है। प्रतियोगिता में कर्नाटक और ओडिशा का दबदबा देखने को मिला, जबकि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।