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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरिया मॉडल को जल संरक्षण के लिए राष्ट्रीय उदाहरण बताया

जल संरक्षण का कोरिया मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण- प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने की सराहना कोरिया मॉडल की देशभर में गुंज- प्रधानमंत्री ने बताया जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण कोरिया का प्रयास बना राष्ट्रीय उदाहरण: जल संरक्षण को जनभागीदारी से सशक्त करना हमारा संकल्प- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय रायपुर कोरिया जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए “कैच द रेन” तथा राज्य शासन के मोर गाव मोर पानी महा अभियान अभियान के अंतर्गत में “आवा पानी झोंकी” अभियान संचालित किया गया। इस पहल ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर व्यापक जनभागीदारी पर आधारित आंदोलन बना दिया है। इस अभिनव प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान तब मिली, जब माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में कोरिया मॉडल की सराहना की और इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय स्तर पर भी इस मॉडल को सराहना प्राप्त हुई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल द्वारा भी कोरिया मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य पहल के रूप में उल्लेखित किया गया, जिससे इसकी उपयोगिता और विस्तार की संभावनाएँ स्पष्ट होती हैं। पृष्ठभूमि कोरिया जिले में लगभग 1370 मिमी वार्षिक वर्षा होने के बावजूद भू-आकृतिक परिस्थितियों के कारण जल का तीव्र बहाव होता था, जिससे भूजल पुनर्भरण सीमित था।  कोरिया मॉडल: जन आंदोलन की अवधारणा “जल संचय जन भागीदारी अभियान” के अंतर्गत लागू 5% मॉडल के तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग छोटी सीढ़ीदार जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया साथ ही सोखता गड्ढे और मनरेगा के अंतर्गत  संरचनाएं बनाईं गईं। सामुदायिक एवं वैज्ञानिक समन्वय महिलाओं ने नीर नायिका, युवाओं ने जल दूत के रूप में भूमिका निभाई और ग्राम सभाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत योजना को सशक्त बनाया। इससे समुदाय स्वयं कार्यान्वयनकर्ता बना।  2025 की उपलब्धियाँ (जल पुनर्भरण) जिले में कुल लगभग 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) जल का भूजल में पुनर्भरण हुआ।यह जल मात्रा लगभग 230–235  (12000 m³/ तालाब ) बड़े तालाबों के बराबर और  1800 से अधिक  ( 1500 m³/ डबरी ) डबरियों के बराबर है। ( गणनाएं मानक वैज्ञानिक मानकों एवं सावधानीपूर्वक किए गए आकलन पर आधारित हैं।) भूजल स्तर में सुधार CGWB की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कोरिया जिले के  भूजल स्तर में 5.41 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाती है।  2026 में प्रगति 20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण/प्रगति पर हैं जिनके अंतर्गत 17,229 सामुदायिक कार्य तथा 3,383 मनरेगा आधारित संरचनाएँ शामिल हैं। कलेक्टर का वक्तव्य जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा— “कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी और व्यापक होते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बूंद को संजोकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।” कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब जनभागीदारी,  वैज्ञानिक योजना, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ कार्य करते हैं, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में परिवर्तित किया जा सकता है— और यही मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाए जाने की दिशा में अग्रसर है।

सहमति पर आधारित संबंध पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की टिप्पणी, कहा—यह रेप की श्रेणी में नहीं

बिलासपुर. हाईकोर्ट में रेप के आरोपी को दोषमुक्ति किये जाने के खिलाफ अपील पेश करने अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर पेश याचिका लगाई गई थी. कोर्ट ने आदेश में कहा कि एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्ज़ी और सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं बनता है. इसके साथ कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को सही ठहराया है. दरअसल, बेमेतरा जिला निवासी रेप पीड़िता ने ट्रायल कोर्ट से आरोपी के बरी होने के खिलाफ अपील प्रस्तुत करने अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी. जिसमें कहा गया कि वह एक एग्रीकल्चरल कॉलेज में मजदूरी करने जाती थी. वहां गांव के दूसरे लोग भी काम करने जाते हैं. गांव का एक आदमी, यानी आरोपी भी वहां काम के लिए जाता था. 19.06.2022 को आरोपी ने उससे बात करना शुरू किया और कहा कि वह उससे शादी करेगा, उसे रानी की तरह रखेगा, और शादी का वादा करके उसे बहलाया. याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपी ने उसे बार-बार शादी का वादा करके फुसलाया और उससे फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए कहा. 25.07.2022 को सुबह करीब 4:00 बजे, जब शिकायतकर्ता शौच के लिए जा रही थी, तो आरोपी उससे मिला और फिर कहा कि वह उससे शादी करेगा और फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए कहा. शिकायतकर्ता ने उसकी बातों को नजरअंदाज किया और आगे बढ़ी, लेकिन उसी समय लाइट चली गई, और आरोपी उसे अपने घर ले गया एवं संबंध बनाया. जब आरोपी संबंध बनाया तो वह तीन माह के गर्भ से थी. लोक लॉज के भय से उसने घटना के संबंध में किसी को नहीं बताया. बाद में पति के पूछने पर घटना की जानकारी दी, इसके बाद मामले की रिपोर्ट लिखाई गई. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया. ट्रायल कोर्ट ने गवाहों एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषमुक्त किया. इसके खिलाफ पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. हाईकोर्ट ने सुनवाई उपरांत अपने आदेश में कहा गवाहों के बयानों को देखने से यह साफ़ है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साफ तौर पर साबित हो सके कि आरोपी ने पीड़ित को जान से मारने या चोट लगने का डर दिखाकर उसकी सहमति ली थी. इस केस में ऐसा कोई सबूत भी नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि विक्टिम ने अपनी सहमति इसलिए दी क्योंकि उसे लगता था कि कानूनी तौर पर शादीशुदा है. इसके उलट, विक्टिम पहले से ही किसी दूसरे व्यक्ति से शादीशुदा थी और प्रेग्नेंट भी थी. इस केस में यह भी साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि विक्टिम की उम्र 18 साल से कम थी. इसके अलावा, यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि विक्टिम अपनी सहमति नहीं बता पाई थी. विक्टिम के कोर्ट में दिए गए बयानों को देखने से यह साफ है कि आरोपी ने सहमति से विक्टिम के साथ फिजिकल रिलेशन बनाए थे. एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्ज़ी और सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं बनता है. इसके साथ कोर्ट ने याचिका को खारिज किया है.

वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग ने जीते ओवरऑल चैम्पियन का खिताब

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026   वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग में ओवरऑल चैम्पियन छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी लहराया परचम, रिशिका कश्यप ने रजत और लकी बाबू मरकाम ने जीता कांस्य रायपुर  इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता समापन के साथ ही चैम्पियनशिप टीम के परिणाम भी घोषित किए गए, जिसमें पुरुष वर्ग में अरुणाचल प्रदेश ने ओवरऑल चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं मिजोरम फर्स्ट रनरअप और असम सेकंड रनरअप रहा। महिला वर्ग में असम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैम्पियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि ओडिशा फर्स्ट रनरअप और छत्तीसगढ़ सेकंड रनरअप रहा। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं का आज शानदार समापन हो गया। पूरे आयोजन के दौरान देशभर से आए खिलाड़ियों ने ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। समापन समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की। प्रतियोगिता के प्रमुख मुकाबलों की बात करें तो पुरुष 110 किलोग्राम भार वर्ग में अरुणाचल प्रदेश के साम्बो लापुंग ने 299 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मिजोरम के डेविड लालजाव्मडिका ने 270 किलोग्राम के साथ रजत और छत्तीसगढ़ के लकी बाबू मरकाम ने 261 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। लकी बाबू का यह प्रदर्शन घरेलू दर्शकों के लिए गर्व का क्षण रहा। वहीं पुरुष 110+ किलोग्राम वर्ग में मिजोरम के डेविड जोह्मिंगमाविया ने 290 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता। आंध्र प्रदेश के गुगुलोथु राजा शेखर (255 किग्रा) को रजत और असम के मनाश प्रतिम सोनवाल (223 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। महिला वर्ग में भी मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। 86 किलोग्राम वर्ग में महाराष्ट्र की साक्षी बंडु बुरकुले ने 150 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 121 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता और अपने मेडल का श्रेय अपने कोच को दिया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। एक अन्य महिला वर्ग के 86 किग्रा से अधिक के वर्ग में मिजोरम की जोसांगजुआली ने 140 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम की पिंकी बोरो और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी इस प्रतियोगिता में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। लकी बाबू मरकाम ने अपने प्रदर्शन के बाद कहा कि ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। इससे उन्हें बड़े मंच को देखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। पूरे आयोजन के दौरान तकनीकी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं और प्रतियोगिताएं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुईं। दर्शकों का उत्साह भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन में ऊर्जा भरता रहा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं ने यह साबित कर दिया कि देश के जनजातीय अंचलों में अपार खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और अवसर मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने में सक्षम हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की मन की बात की 132वीं कड़ी पर चर्चा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी मन की बात की 132वीं कड़ी जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ बना देश के लिए मिसाल: कोरिया जिले के जल संरक्षण मॉडल की प्रधानमंत्री ने की सराहना मन की बात में छत्तीसगढ़ के जल संवर्धन प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान, अब इसे जन आंदोलन बनाना हमारा संकल्प – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 132वीं कड़ी सुनी और इसे राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक नवाचारों और जनभागीदारी को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर समाज में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरिया जिले के किसानों के जल संरक्षण प्रयासों की सराहना छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह दर्शाता है कि प्रदेश में जमीनी स्तर पर हो रहे कार्य अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘आवा पानी झोंकी’ जैसे अभिनव मॉडल के माध्यम से किसानों ने अपने खेतों में रिचार्ज तालाब और सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर वर्षा जल को सहेजने का सराहनीय कार्य किया है। यह जनभागीदारी आधारित पहल आज भूजल स्तर में सुधार की एक सशक्त मिसाल बन चुकी है और अन्य क्षेत्रों के लिए भी मार्गदर्शक बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है और छत्तीसगढ़ में भी इसे जनभागीदारी से जोड़ते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता, फिटनेस को बढ़ावा, शुगर इंटेक में कमी और खेलों के लिए अनुकूल वातावरण निर्माण जैसे विषयों पर दिए गए संदेश अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने पश्चिमी एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि देश हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और केंद्र तथा राज्य सरकारें समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु और सामान्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनभागीदारी की शक्ति के साथ जल संरक्षण को और मजबूत कर छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, समृद्ध और जल-संपन्न भविष्य की ओर ले जाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदेश निरंतर नवाचार, सहभागिता और सुशासन के माध्यम से विकास की नई दिशा तय कर रहा है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार कृष्णा दास सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पर्यटन के साथ रोजगार भी: बस्तर में होमस्टे नीति से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

बस्तर. बस्तर में होमस्टे नीति 2025-30 के जरिए पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इस योजना से पर्यटक आदिवासी संस्कृति और जीवनशैली को करीब से अनुभव कर सकेंगे। गोंड और मुरिया समुदायों के साथ रहकर उनकी परंपराओं को समझने का अवसर मिलेगा। प्राकृतिक वातावरण में बने होमस्टे जंगल और झरनों के बीच अनूठा अनुभव देंगे। पारंपरिक भोजन और ग्रामीण जीवन इस अनुभव को खास बनाएंगे। प्रशासन ने नोडल अधिकारी नियुक्त कर क्रियान्वयन तेज किया है। सब्सिडी और निर्माण कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और बस्तर को नई पहचान मिलेगी। छत्तीसगढ़ विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। सुरक्षा, आधारभूत ढांचे और सांस्कृतिक अस्मिता के संतुलन के बीच राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने की पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई ‘छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30’ को ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह नीति केवल पर्यटन प्रोत्साहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे सामाजिक और आर्थिक पुनर्जागरण के व्यापक अभियान के रूप में देखा जा रहा है। पर्यटन के माध्यम से समावेशी विकास की पहल छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, घने वनों, जलप्रपातों और जैव विविधता से भरपूर राज्य है। विशेषकर बस्तर और सरगुजा संभाग अपनी जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध हैं। वर्षों तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहे ये क्षेत्र अब पर्यटन की नई संभावनाओं के केंद्र बन रहे हैं। सरकार का मानना है कि यदि स्थानीय समुदायों को पर्यटन गतिविधियों से सीधे जोड़ा जाए, तो आय के स्थायी स्रोत तैयार किए जा सकते हैं। होमस्टे नीति के तहत ग्रामीण परिवार अपने घरों को पर्यटकों के लिए होमस्टे के रूप में विकसित कर सकेंगे। इससे पर्यटकों को स्थानीय जीवनशैली का वास्तविक अनुभव मिलेगा और ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी। स्थानीय संस्कृति से सीधा जुड़ाव बस्तर और सरगुजा में गोंड, मारिया, मुरिया, हल्बा, धुरवा, उरांव और कोरवा जैसे अनेक जनजातीय समुदाय आज भी अपनी परंपराओं को जीवंत रखे हुए हैं। होमस्टे के माध्यम से पर्यटक इन समुदायों के पारंपरिक व्यंजन, लोकनृत्य, हस्तशिल्प और प्राकृतिक जीवनशैली से सीधे जुड़ सकेंगे। यह नीति ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा को भी मजबूत करती है। स्थानीय कारीगरों द्वारा निर्मित बांस शिल्प, ढोकरा कला, हस्तनिर्मित वस्त्र और अन्य पारंपरिक उत्पादों को सीधे बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम होमस्टे नीति से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन आधारित सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय युवाओं को गाइड, ट्रांसपोर्ट, फूड सर्विस और सांस्कृतिक प्रस्तुति जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नीति का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया, तो आने वाले वर्षों में बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्र छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास के प्रमुख स्तंभ बन सकते हैं। पर्यटन मानचित्र पर उभरता छत्तीसगढ़ ‘छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30’ राज्य को देश के प्रमुख इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह नीति विकास को केवल शहरों तक सीमित न रखकर ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने का प्रयास है। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है- पर्यटन को माध्यम बनाकर आर्थिक सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और समावेशी विकास को एक साथ आगे बढ़ाना।

डेडलाइन से पहले सुकमा में भिड़ंत, सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता; एक नक्सली मारा गया

सुकमा. केंद्र सरकार द्वारा देश से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए तय की गई 31 मार्च 2026 की समयसीमा अब नजदीक आ गई है। इस डेडलाइन को पूरा होने में अब केवल दो दिन बचे हैं। इसी बीच सुकमा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहां गट्टापाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुआ है। इस मुठभेड़ में एक नक्सली के मारे जाने की खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को गट्टापाड़ इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी दौरान आज सुबह नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी मोर्चा संभाला। जंगलों के बीच दोनों ओर से गोलीबारी चलती रही। वहीं इस मुठभेड़ में एक नक्सली के मारे जाने की सूचना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल, इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। इस पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग सुकमा एसपी किरण चव्हाण कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, घटना स्थल से सुरक्षाबलों ने .303 राइफल भी बरामद की है. इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है. जवान जंगल में नक्सलियों की घेराबंदी में जुटे हैं.  इस पूरे ऑपरेशन को सुकमा एसपी किरण चव्हाण लीड कर रहे हैं. फिलहाल, सुरक्षा कारणों से ऑपरेशन से जुड़ी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है. यह बताया गया कि मुठभेड़ में 5 लाख रुपये के इनामी नक्सली को मार दिया गया है. मुठभेड़ अभी जारी है, सर्च के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा. पूर्व नक्सलियों की साथियों से अपील इससे पहले शनिवार को कांकेर में परतापुर थाना में आत्मसमर्पण करने वाले तीन नक्सलियों ने अपने साथियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की है. उन्होंने गोंडी भाषा में पत्र लिखकर लीडर चंदर और रूपी को संबोधित करते हुए कहा कि हथियार छोड़कर परिवार के साथ सामान्य जीवन जीना ही बेहतर है. नक्सलियों ने जंगल की कठिन जिंदगी और लगातार खतरे का जिक्र करते हुए बाकी साथियों से भी जल्द सरेंडर करने की अपील की है.

स्थापना दिवस पर भाजपा का बड़ा प्लान, 6 से 14 अप्रैल तक प्रदेशभर में होंगे आयोजन

रायपुर. भाजपा 6 अप्रैल को अपना 47वां स्थापना दिवस मनाएगी। देशभर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में भी इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों के संचालन के लिए प्रदेश स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यशवंत जैन को इस समिति का संयोजक बनाया गया है। वहीं, समिति में रंजना साहू, जी वेंकटराव और शिवनाथ यादव शामिल किए गए हैं। इसके अलावा ऋतु चौरसिया और कमल गर्ग भी समिति के सदस्य होंगे। 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक कार्यक्रमों का पखवाड़ा चलेगा। इस दौरान बूथ, मंडल और जिला स्तर पर विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। समिति द्वारा पूरे कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी और गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी इसी समिति पर होगी। 6 अप्रैल 1980 को बीजेपी का गठन 6 अप्रैल 1980 को बीजेपी का गठन हुआ था. हर साल 6 अप्रैल को बीजेपी स्थापना दिवस मनाती है. इस बार छत्तीसगढ़ में भाजपा 6 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विभिन्न कार्यों के जरिए बीजेपी स्थापना दिवस मनाएगी. इस बार के आयोजन में बीजेपी बाबासाहेब के विचारों और उनकी जीवनी को गांव गांव तक पहुंचाएगी. इस आयोजन से पहले बीजेपी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है. संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर अटैक किया है और कांग्रेस पर बाबासाहेब के अपमान का आरोप लगाया है. अविभाजित मध्य प्रदेश का हिस्सा छत्तीसगढ़ हमेशा से सुर्खियों में रहा है। साल 1998-99 में लोकसभा चुनाव के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने रायपुर के सभा में वादा किया था कि अगर केंद्र में उनकी सरकार बनी तो वह छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा दे देंगे। इसी चुनाव में बीजेपी की जीत हुई और छत्तीसगढ़ एक अलग राज्य बन गया। 1 नवंबर, 2000 में छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा मिल गया। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद राज्य की बागडोर कांग्रेस नेता और पूर्व कलेक्टर अजीत जोगी को सौंपी गई। 2003 में पहली बार हुए थे चुनाव अलग छत्तीसगढ़ में पहली बार विधानसभा के चुनाव 2003 में हुए और बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की। अविभाजित मध्य प्रदेश में कांग्रेस का किला रहा छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनने के बाद बीजेपी का गढ़ बन गया। साल 2000 से 2003 तक भाजपा विपक्ष की भूमिका में रही, 2003 में बीजेपी जीती और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व में डॉ रमन सिंह पर भरोसा जताया। यह वही समय था जब पार्टी की स्थिति हासिए पर मानी जाती थी। इसी दौरान भाजपा के 13 विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के संपर्क में आकर कांग्रेस में शामिल हो गए। बीजेपी इस समय बड़े घमासान से जूझ रही थी। ऐसे में डॉक्टर रमन सिंह ने चुनौती को सुनहरे अवसर में बदल दिया। 15 साल तक छत्तीसगढ़ राज्य में राज कर चुके रमन सिंह की भूमिका भी बीजेपी की प्रदेश में मौजूदा स्थिति में काफी योगदान रहा है।

कैंसर इलाज में बड़ा कदम: बालको मेडिकल सेंटर में रोबोटिक सिस्टम से उन्नत सर्जरी संभव

रायपुर. वेदांता के बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मध्य भारत का पहला निजी अस्पताल बनते हुए बीएमसी ने दा विंची Xi रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की स्थापना कर दी है। इस उन्नत रोबोटिक तकनीक के साथ अब छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के कैंसर मरीजों को जटिल सर्जरी के लिए दिल्ली, मुंबई या हैदराबाद जैसे बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। दा विंची Xi सिस्टम छोटे-छोटे इंसीजन (चीरे), न्यूनतम रक्तस्राव, कम दर्द, कम अस्पताल में रहने की अवधि और तेज रिकवरी सुनिश्चित करता है। इस तकनीक में सर्जन एक कंसोल पर बैठकर उच्च-परिभाषा 3D विजन और रोबोटिक आर्म्स की मदद से सर्जरी करते हैं। रोबोटिक उपकरण मानव कलाई से भी ज्यादा लचीलापन देते हैं, कंपन को फिल्टर करते हैं और बेहद सटीक मूवमेंट्स की अनुमति देते हैं। इससे जटिल कैंसर सर्जरी जैसे प्रोस्टेट, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, हेड एंड नेक, ब्रेस्ट और स्त्री रोग संबंधी कैंसर और भी सुरक्षित तथा प्रभावी हो जाती हैं। छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए अब उन्नत कैंसर सर्जरी अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होगी। यह तकनीक छोटी चीरे (इंसीज़न), कम रक्तस्राव, कम अस्पताल में रहने की अवधि और तेज रिकवरी सुनिश्चित करती है, जिससे उपचार के परिणाम और मरीज का अनुभव दोनों बेहतर होते हैं। दा विंची xi एक रोबोटिक सहायता प्राप्त सर्जिकल सिस्टम है, जो सर्जनों को अधिक सटीकता और नियंत्रण के साथ जटिल कैंसर सर्जरी करने में सक्षम बनाता है। सर्जन एक कंसोल से छोटे-छोटे उपकरणों को नियंत्रित करते हैं। जो उनके हाथों की गतिविधियों को वास्तविक समय में दोहराते हैं। इसमें हाई-डेफिनिशन 3D विज़न मिलता है, और इसके उपकरण मानव कलाई की प्राकृतिक सीमा से अधिक लचीलापन प्रदान करते हैं। साथ ही इसमें कंपन (ट्रेमर) को नियंत्रित करने की सुविधा होती है, जिससे सर्जरी अधिक स्थिर और सटीक होती है। यह सिस्टम शरीर के विभिन्न हिस्सों तक बिना मरीज की स्थिति बदले पहुंचने में सक्षम है, जिससे जटिल सर्जरी और भी प्रभावी हो जाती है। लॉन्च के अवसर पर डॉ. दिवाकर पांडेय, हेड सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, बीएमसी ने कहाः “बीएमसी की सर्जिकल टीम देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षित है और लगातार उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान कर रही है। हर साल बीएमसी में 3,000 से अधिक सर्जरी की जाती हैं, जिनमें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, प्रोस्टेट ग्रंथि का कैंसर, हेड एंड नेक, ब्रेस्ट, स्त्री रोग और पेरिटोनियल कैंसर जैसी जटिल सर्जरी शामिल हैं। इस तकनीक के आने से हम जटिल शरीर संरचनाओं में बेहतर तरीके से सर्जरी कर पाएंगे, साथ ही अंगों को सुरक्षित रखने और उनकी कार्यक्षमता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दे सकेंगे।” डॉ. भावना सिरोही, मेडिकल डायरेक्टर, वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन ने कहा: “यह कदम बीएमसी को कैंसर उपचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। हम वैश्विक स्तर के संस्थानों से प्रेरित हैं और इस क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रोबोटिक सर्जरी और एक नए ऑपरेशन थिएटर के जुड़ने से अब बीएमसी के पास जटिल कैंसर मामलों के लिए आधुनिक सर्जिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, हम क्षेत्र के अन्य संस्थानों और डॉक्टरों के साथ मिलकर ज्ञान साझा करने और उन्नत सर्जिकल तकनीकों में क्षमता निर्माण की दिशा में भी काम करेंगे। आने वाली पीढ़ी के ऑन्कोलॉजिस्ट्स को प्रशिक्षित करना कैंसर उपचार को बेहतर बनाने के लिए बेहद जरूरी है।” बालको के सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि “बालको में हमारा हमेशा से प्रयास रहा है कि हम जिन समुदायों के साथ काम करते हैं, उनके लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करें। अब तक उन्नत कैंसर उपचार के लिए मरीजों को बड़े शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे परिवारों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ता था। इस पहल के साथ अब मरीज अपने ही क्षेत्र में बेहतर इलाज प्राप्त कर सकेंगे, जिससे यात्रा की आवश्यकता और कुल उपचार लागत दोनों कम होंगी। वेदांता के बालको छत्तीसगढ़ के सतत विकास और प्रगति के लिए दृढ़तापूर्वक प्रतिबद्ध है।” बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) के बारे में बालको मेडिकल सेंटर, नया रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्थित 170-बेड का तृतीयक कैंसर अस्पताल है और वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन (VMRF) की प्रमुख पहल है। वेदांता रिसोर्सेज और भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में स्थापित, बीएमसी मेडिकल, सर्जिकल, रेडिएशन, हीमैटोलॉजी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और पेलिएटिव केयर सहित व्यापक कैंसर उपचार सेवाएं प्रदान करता है। अब तक बीएमसी 66,000 से अधिक मरीजों का इलाज कर चुका है और 4.20 लाख से अधिक ओपीडी विज़िट दर्ज कर चुका है, जो छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों की सेवा कर रहा है।

छत्तीसगढ़ में आज CM साय का व्यस्त कार्यक्रम, सूरजपुर और बिलासपुर में शामिल होंगे समारोह में

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर, सूरजपुर और बिलासपुर के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से “मन की बात” सुनेंगे। इसके बाद वे पुलिस ग्राउंड हेलीपैड से सूरजपुर के लिए रवाना होंगे। सूरजपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री भारत माता कर्मा चौक में भक्त माता कर्मा की पूजा-अर्चना और माल्यार्पण करेंगे। वे “भक्त माता कर्मा जयंती महोत्सव 2026” कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 5:30 बजे बिलासपुर के लिए रवाना होंगे। बिलासपुर के इंदिरा सेतु कूदूदण्ड में वे अटल परिसर एवं विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन करेंगे। शाम 7:40 बजे मुख्यमंत्री बिलासपुर के राजा रघुराज सिंह स्टेडियम में आयोजित स्व. लखीराम अग्रवाल टी-20 ड्यूज बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद वे बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पहुंचकर “नाइट लैंडिंग एवं डिपार्चर शुभारंभ” कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद रात 9:45 बजे मुख्यमंत्री बिलासपुर से रायपुर के लिए रवाना होंगे और रायपुर पहुंचेंगे।

लैब अटेंडेंट भर्ती में बड़ा अपडेट, काउंसलिंग डेट घोषित; 430 उम्मीदवार होंगे शामिल

रायपुर. छत्तीसगढ़ के Directorate of Higher Education Chhattisgarh द्वारा प्रयोगशाला परिचारक (Lab Attendant) भर्ती प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थियों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। विभाग ने काउंसलिंग प्रक्रिया का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है, जिसके अनुसार चयनित उम्मीदवारों की काउंसलिंग 01 और 02 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। जारी सूचना के मुताबिक, इस भर्ती प्रक्रिया में मेरिट सूची में स्थान पाने वाले कुल 430 अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। काउंसलिंग प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगी, जिसमें उम्मीदवारों को उनके रैंक के अनुसार निर्धारित समय पर उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है। यह काउंसलिंग नवा रायपुर स्थित Indravati Bhavan के ब्लॉक-3 में आयोजित की जाएगी। पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए इसे दो दिनों में विभाजित किया गया है, जिसमें कुल चार पालियां (Shift) निर्धारित की गई हैं। इससे अभ्यर्थियों की भीड़ को नियंत्रित करने और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया मेरिट सूची और रोस्टर प्रणाली के आधार पर आयोजित की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को उनके निर्धारित रैंक के अनुसार बुलाया जाएगा और उसी क्रम में उन्हें अपने पदस्थापना स्थल का चयन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अंतिम रूप से पदस्थापना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि तय समय पर उपस्थित न होने वाले अभ्यर्थियों के लिए अलग से मौका नहीं दिया जाएगा, इसलिए सभी उम्मीदवारों को समय और निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। यह भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से प्रतीक्षित थी और अब काउंसलिंग शेड्यूल जारी होने के बाद उम्मीदवारों का इंतजार समाप्त हो गया है। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद राज्य के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्ति से शैक्षणिक व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी।