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वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिलासपुर के रिसॉर्ट में हिरण शिकार का खुलासा, 4 आरोपी धराए

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के पर्यटन मंडल के रिसार्ट में हिरण का शिकार किया गया। वन विभाग की टीम ने रिसार्ट में छापेमारी कर हिरण के पके मीट बरामद किए है। मैनेजर समेत 4 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला कोटा क्षेत्र के बेलगहना स्थित कुरदर के एथनिक रिसार्ट का है। दरअसल, वन विभाग को शुक्रवार को सूचना मिली थी कि, बेलगहना वन परिक्षेत्र के कुरदर स्थित प्राइवेट रिसार्ट में हिरण का शिकार कर उसके मांस को पकाया जा रहा है। अफसरों ने रिसार्ट में दबिश देकर तलाशी ली, तो किचन में कड़ाही पर मांस पकाया जा रहा था। पर्यटन मंडल का है रिसार्ट जांच में पता चला कि, एथनिक रिसार्ट पर्यटन मंडल संचालित करता है। जहां 8 से 10 कर्मचारी कार्यरत हैं। मैनेजर और कर्मचारियों के लिए हिरण का मीट बनाया जा रहा था। टीम ने कुक रामकुमार टोप्पो समेत रिसॉर्ट के मैनेजर रजनीश सिंह सहित रमेश यादव, संजय वर्मा को पकड़ा है। उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन का केस दर्ज किया है। मैनेजर समेत कर्मचारियों ने कुक को बताया दोषी वन विभाग के अफसरों ने मैनेजर रजनीश सिंह के साथ कर्मचारियों से पूछताछ की, तब उन्होंने खुद का बचाव करते हुए कहा कि, उन्हें नहीं पता मांस किसका है। उन्होंने पूरा दोष कुक रामकुमार टोप्पो पर मढ़ दिया। जबकि, कुक रामकुमार ने कहा कि उसे इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है। उसे गांव के जनक बैगा ने पत्ते में मांस लाकर दिया था। कुक रामकुमार टोप्पो, जिसे पूछताछ कर गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा मीट वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार आरोपियों का बयान दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अफसरों ने बताया कि, जब्त मांस को जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा, ताकि पुष्टि हो सके कि यह हिरण का ही मांस है या नहीं। हालांकि, वन विभाग की जांच में हिरण के बाकी अवशेषों का कुछ पता नहीं चल सका है। जंगल में बेधड़क हो रहा वन्य जीवों का शिकार कोटा-बेलगहना क्षेत्र में इससे पहले भी वन्य जीवों के शिकार हो चुके हैं। जंगल में करंट लगाकर बाघ-तेंदुआ के साथ ही जंगली सुअरों का भी शिकार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में कई प्राइवेट रिसार्ट भी हैं, जहां इसी तरह हिरण का शिकार कर मीट बनाया जाता है। लेकिन, वन विभाग के अफसरों ने अब तक प्राइवेट रिसार्ट में छापेमारी नहीं की है।

Exam Scam: ब्लूटूथ से चीटिंग का खुलासा, 10 परीक्षार्थी पकड़े गए, मुंगेली सेंटर रद्द

लोरमी. मुंगेली जिले के लोरमी में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (Atal Bihari Vajpayee University) से संबद्ध ममता मयी मिनीमाता महाविद्यालय में संचालित हो रहे कॉलेज की परीक्षाओं में हाईटेक नकल (High-Tech Cheating) पकड़ा गया है। विश्वविद्यालय के उड़नदस्ता टीम ने परीक्षा में मोबाइल और ब्लूटूथ से नकल करते हुए दस परीक्षार्थियों को रंगे हाथों पकड़ा है। जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने परीक्षा केंद्र निरस्त कर दिया गया है। अब अगली परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय ने दूसरा परीक्षा केंद्र तय किया है। 213 परीक्षार्थी नए केंद्र में परीक्षा दिलाएंगे। मुंगेली जिले के लोरमी में ममता मयी मिनीमाता महाविद्यालय संचालित है। 2007 से संचालित इस महाविद्यालय में 2019 में पहली बार परीक्षा केंद्र बनाया गया था। पहले ही साल परीक्षा केंद्र बनने के साथ ही यहां सामूहिक नकल का मामला सामने आ गया था। उस समय भी अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्र निरस्त करके दूसरे जगह बना दिया था। अब दूसरी बार इस महाविद्यालय से ऐसा मामला सामने आया है। एक ही दिन दोनों पालियों में पकड़ाया नकल इस समय महाविद्यालयों की परीक्षाएं चल रही है। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय से संबद्ध ममतामयी लोरमी मिनीमाता महाविद्यालय में भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। विश्वविद्यालय को शिकायत मिली थी कि यहां परीक्षा में गड़बड़ी की जा रही है। जिसके आधार पर विश्वविद्यालय के उड़नदस्ता दल ने छापामार कार्यवाही की। छापामार दल ने देखा कि परीक्षार्थी बेखौफ होकर मोबाइल से नकल कर रहे है। टीम ने 9 छात्रों को मोबाइल के साथ रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद इसी दिन दूसरी पाली में कुल सचिव डॉक्टर तारणिश गौतम और परीक्षा नियंत्रक रामेश्वर राठौर ने छापा मारा। इस दौरान एक परीक्षार्थी ब्लूटूथ से नकल करते मिला। छापामार के दौरान परीक्षा कक्षा में ड्यूटी कर रहा पर्यवेक्षक कॉलेज का स्टाफ न होकर बाहरी व्यक्ति पाया गया। केंद्राध्यक्ष विवेक साहू मौके से नदारद पाए गए। उड़नदस्ता दल के द्वारा नकल से संबंधित रिपोर्ट विश्वविद्यालय को पेश की गई जिसके आधार पर विश्वविद्यालय में बनाए गए परीक्षा केंद्र को निरस्त कर दिया गया है। जिसके साथ ही ममता मयी मिनीमाता महाविद्यालय के परीक्षा केंद्र को निरस्त कर दिया गया है। अब 28 मार्च को होने वाली परीक्षा शासकीय राजीव गांधी महाविद्यालय लोरमी में होगी। कॉलेज के 213 परीक्षार्थी अब यही परीक्षा दिलाएंगे। विश्वविद्यालय ने सात बिंदुओं में महाविद्यालय से जवाब भी मांगा है।

CM ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर उच्चस्तरीय बैठक की, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कमिश्नर, आईजी और कलेक्टरों को निर्देश

पश्चिम एशिया की परिस्थितियों पर मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय समीक्षा: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर, आईजी और कलेक्टरों को दिए निर्देश पेट्रोलियम, गैस और उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता—अफवाहों से दूर रहने की अपील आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी करवाई के निर्देश आमजनों की सुविधा के लिए बनाया गया है राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम:1800-233-3663 पर कॉल कर ले सकते है सही जानकारी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरकों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और संवेदनशील नेतृत्व के कारण कोविड जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी देश एकजुट रहा और सफलतापूर्वक उसका सामना किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कोविड जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्क रहना आवश्यक है। प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों, गैस सिलेंडरों और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, अतः नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट पर सभी राज्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है और यह आश्वस्त किया गया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है तथा उच्च स्तरीय समिति द्वारा स्थिति की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में भी कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए तथा प्रभारी सचिव और कलेक्टर नियमित समीक्षा करें। अफवाहों और भ्रामक खबरों से बचने के लिए आमजन तक समय पर तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के भंडारण एवं आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए हर परिस्थिति में आमजन तक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बैठक में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य रूप से संचालित है। उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए 45 दिन तथा सामान्य गैस कनेक्शन के लिए 25 दिन की समय सीमा निर्धारित है और वर्तमान में उसी अंतराल के अनुसार बुकिंग की जा रही है। पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन में भी किसी प्रकार की बाधा नहीं है और पूरे प्रदेश में स्थिति सामान्य है। मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों की सतत निगरानी के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। उपभोक्ता घरेलू गैस आपूर्ति से संबंधित समस्याओं, शिकायतों अथवा कालाबाजारी की सूचना  1800-233-3663 पर दे सकते हैं।उन्होंने निर्देश दिए कि उक्त नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आमजन को सही जानकारी समय पर उपलब्ध हो सके और शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में निर्देश दिए गए कि गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति से संबंधित समाचारों पर सतत निगरानी रखी जाए। भ्रामक खबरों से भय की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, अतः ऐसी खबरों का तत्काल संज्ञान लेकर वास्तविक जानकारी जनता तक पहुंचाई जाए। सोशल मीडिया की भी विशेष निगरानी रखने और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए। उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों को समय पर मिलेगा खाद वीडियो कांफ्रेंस के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की होल्डिंग पर रोक लगाई जाए और दैनिक स्टॉक की नियमित समीक्षा की जाए। सभी किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।साथ ही खाद वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग की जानकारी भी साझा की गई। महत्वपूर्ण संस्थानों में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री साय ने अस्पतालों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे, भारत सरकार की संस्थाओं, सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संस्थानों और एयरपोर्ट कैंटीनों में गैस आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए। राज्यभर में सतत कार्रवाई—3841 सिलेंडर जब्त, 97 एफआईआर दर्ज बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेशभर में 335 स्थलों पर छापेमारी की गई, जिसमें कालाबाजारी की कोई पुष्टि नहीं हुई। हालांकि जमाखोरी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 3841 गैस सिलेंडरों को जब्त किया गया तथा 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं। मुख्यमंत्री साय ने सीमावर्ती चेक पोस्टों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। गैस सिलेंडरों एवं पेट्रोल-डीजल वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखने के साथ ही निर्देश दिए गए कि पेट्रोल-डीजल को कंटेनरों में आम जनता को उपलब्ध न कराया जाए। केवल अधिकृत मोबाइल टावर एवं जेनसेट संचालित आवश्यक प्रतिष्ठानों को ही कंटेनर में ईंधन उपलब्ध कराया जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागायुक्त, आईजी एवं जिला कलेक्टर भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार सहित आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के पेट्रोल, डीजल एवं गैस डिवीजन के अधिकारी उपस्थित थे।

Khelo India Tribal Games Update: छत्तीसगढ़ ने जीते 3 मेडल, कर्नाटक बना गोल्ड का किंग

रायपुर. खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तीसरे दिन कर्नाटक ने अंतर्राष्ट्रीय स्विमिंग पूल में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। कर्नाटक 10 से अधिक स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला राज्य बन गया है। तीसरे दिन के अंत तक कर्नाटक को कुल 13 स्वर्ण, 5 रजत और 1 कांस्य पदक हो गए हैं, जिनमें सभी स्वर्ण पदक तैराकी स्पर्धाओं से हैं। कर्नाटक के मजबूत तैराक मणिकांता एल ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीसरे दिन दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किए। अब तक वे कुल आठ स्वर्ण पदक जीतकर प्रतियोगिता के सबसे सफल खिलाड़ी बन चुके हैं और कर्नाटक की बढ़त को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पदक तालिका में प्रतिस्पर्धा तेज पदक तालिका में ओडिशा 6 स्वर्ण, 2 रजत और 9 कांस्य के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है, जबकि असम 2 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है। मेजबान छत्तीसगढ़ 3 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 6 पदकों के साथ त्रिपुरा के साथ संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर बना हुआ है। मेजबान छत्तीसगढ़ का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मेजबान छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने तीसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य के लिए एक रजत और दो कांस्य पदक जीते। अनुष्का भगत ने महिलाओं की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में रजत पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना तीसरा रजत हासिल किया, जबकि निखिल जाल्को ने पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में कांस्य पदक जीता। वहीं न्यासा पैकरा ने 100 मीटर बटरफ्लाई में कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश ने खोला स्वर्ण खाता तीसरे दिन महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना स्वर्ण खाता खोला। महाराष्ट्र की तन्वी धुर्वे ने महिलाओं की 100 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की, जबकि अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांगसू ने 58 किग्रा वर्ग में तथा रिचिन चोंगरुजू ने 79 किग्रा वर्ग में वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। तैराकी स्पर्धाओं में रोमांचक मुकाबले तैराकी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। महिलाओं की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में कर्नाटक की मेघांजलि ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुश्का भगत को रजत प्राप्त हुआ। पुरुष वर्ग में मणिकांता एल ने 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 100 मीटर बटरफ्लाई में स्वर्ण जीतकर शानदार प्रदर्शन किया, वहीं 50 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धूनीश एन ने स्वर्ण पदक हासिल किया। वेटलिफ्टिंग में दमदार प्रदर्शन वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांगसू ने 169 किलोग्राम वजन उठाकर 58 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि ओडिशा की बिदु स्मिता भोई ने 63 किग्रा वर्ग में 195 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। पुरुष वर्ग में मिजोरम के एमएच सिलवान बेहरोथतलो ने 71 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता, जबकि अरुणाचल प्रदेश के रिचिन चोंगरुजू ने 79 किग्रा वर्ग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। देशभर से खिलाड़ियों की भागीदारी खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के प्रथम संस्करण में 30 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3800 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती सहित कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर हैं, जबकि मल्लखंभ एवं कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल हैं। आगे और रोमांचक मुकाबलों की उम्मीद तीन दिनों के बाद 14 राज्यों ने कम से कम एक पदक जीत लिया है, जबकि 6 राज्यों ने स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। प्रतियोगिता के आगामी दिनों में और अधिक रोमांचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों की उम्मीद जताई जा रही है।

मानवता की मिसाल! ITBP के जवानों ने 5 किमी तक गर्भवती महिला को ढोकर पहुंचाया अस्पताल

नारायणपुर. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के घने जंगलों से मानवता की मिसाल पेश करने वाली खबर सामने आई है, जहां ITBP के जवानों और नारायणपुर पुलिस ने मिलकर एक गर्भवती महिला की जान बचाने के लिए कठिन परिस्थितियों में साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह मामला इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान के अबूझमाड़ क्षेत्र के सुदूर गांव बोटेर का है, जहां एक गर्भवती महिला की हालत अचानक गंभीर हो गई। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सड़क सुविधा के अभाव के कारण महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ITBP की 29वीं बटालियन और नारायणपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जवानों ने मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए महिला को स्ट्रेचर पर कंधों के सहारे लेकर करीब 5 किलोमीटर तक घने जंगल, पहाड़ी और कच्चे रास्तों को पार किया और सुरक्षित रोड तक निकाला। कड़ी मशक्कत के बाद महिला को समय रहते ओरछा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में सुरक्षित प्रसव कराया गया। राहत की बात यह रही कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।

Khelo India Tribal Games: कुश्ती स्पर्धा की शुरुआत आज, देशभर के 144 रेसलर मैदान में

रायपुर. खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के चौथे दिन आज कुश्ती स्पर्धा का आगाज होगा। अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में देशभर से आए पहलवान अपने दमखम का प्रदर्शन करेंगे। इस प्रतियोगिता में 30 राज्यों के कुल 144 पुरुष और महिला रेसलर्स हिस्सा ले रहे हैं। मुकाबले आज से 31 मार्च तक आयोजित किए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, कुश्ती के मैच रोजाना तीन चरणों में खेले जाएंगे। प्रतियोगिता की शुरुआत हर दिन सुबह 8 बजे से होगी, जिसमें अलग-अलग भार वर्गों में खिलाड़ी आमने-सामने होंगे। अंबिकापुर में शुरू हो रही कुश्ती स्पर्धा खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी, जहां देशभर के युवा पहलवान पदक के लिए कड़ी टक्कर देते नजर आएंगे। 30 राज्य और कुल नौ खेल खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा लेंगे। कुल नौ खेलों का आयोजन होगा। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे, जबकि मल्लखंब और कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल होंगे। यहां पर होंगे आयोजन करीब 3,800 प्रतिभागी इन खेलों में हिस्सा लेंगे, जो 3 अप्रैल तक चलेंगे। प्रतियोगिताएं रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित की जाएंगी। कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। एथलेटिक्स में सर्वाधिक 34 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। तैराकी (24), कुश्ती (18), वेटलिफ्टिंग (16) और तीरंदाजी (10) में भी दो अंकों में स्वर्ण पदक होंगे। हॉकी और फुटबॉल टीम खेल हैं, जिनका आयोजन रायपुर में होगा। एथलेटिक्स जगदलपुर में और कुश्ती सरगुजा में आयोजित की जाएगी। भारत के शीर्ष खिलाड़ी, हॉकी ओलंपियन दिलीप तिर्की, सलीमा टेटे और शीर्ष धावक अनिमेष कुजूर ने कहा कि “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खेलों में करियर बनाने और आदिवासी समुदाय से निकले दिग्गज खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने का एक शानदार मंच है।” हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने साई मीडिया से कहा, “मेरे लिए और हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि देश में पहली बार इस तरह की चौंपियनशिप शुरू हो रही है। यह युवाओं और आदिवासी खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलों में आगे बढ़ने, तथा देश के लिए खेलने का एक बेहतरीन अवसर है। हमारे  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विज़न है कि भारत एक खेल राष्ट्र बने। वे चाहते हैं कि हर युवा किसी न किसी खेल से जुड़ा रहे।” चार राज्यों के 100 से अधिक खिलाड़ी ले रहे हिस्सा मेजबान राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और असम से 100 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अनुपात लगभग 50-50 रहेगा, जो ओलंपिक चार्टर में लैंगिक समानता के सिद्धांत के अनुरूप है। दिलीप तिर्की ने बताया कि, “केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी चाहते हैं कि खेलों के माध्यम से हमारे खिलाड़ी, खासकर आदिवासी खिलाड़ी, बेहतर करियर बना सकें, अपने जीवन को सुधार सकें और देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। मैं स्वयं एक आदिवासी परिवार से आता हूं और खेलों, विशेषकर हॉकी के माध्यम से आज यहां तक पहुंचा हूं। मुझे विश्वास है कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी आदिवासी बच्चों का भविष्य उज्ज्वल है। पहले भी कई आदिवासी खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है और वे हमारे समाज के प्रेरणास्रोत बने हैं।” आदिवासी युवाओं को एक मंच पर लाने का काम  राष्ट्रीय 100 मीटर और 200 मीटर रिकॉर्ड धावक और भारत के उभरते एथलेटिक्स स्टार अनिमेष कुजूर ने कहा कि “भारत में अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां खेल पूरी तरह नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन और भी खास बन जाता है। मैं सरकार के इस प्रयास की सराहना करता हूं, जिसने देशभर के आदिवासी युवाओं को एक मंच पर लाने का काम किया है।” ट्रायल्स से हुआ चयन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस उद्घाटन संस्करण में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय खेल महासंघों की ओर से आयोजित ट्रायल्स के माध्यम से किया गया है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भारतीय खेल प्राधिकरण (सांई)की तरफ से नियुक्त कोच नजर रखेंगे। तिर्की ने कहा कि हमारे सभी आदिवासी खिलाड़ी और बच्चे खेलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाएं, देश के लिए खेलें और अपना करियर बनाएं। प्रधानमंत्री का 2036 ओलंपिक और विकसित भारत का विज़न है कि हमारा देश एक युवा और खेल राष्ट्र बने। मुझे पूरा विश्वास है कि एक दिन हमारा देश एक सशक्त खेल राष्ट्र के रूप में उभरेगा।

भारत्तोलन पुरुष 88 किग्रा वर्ग में अरुणाचल के रुबा ताडु बने चैंपियन

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 भारत्तोलन पुरुष 88 किग्रा वर्ग में अरुणाचल के रुबा ताडु बने चैंपियन देवराकोंडा प्रेम सागर और  सोरम हिटलर टाग्रू ने दिखाया दमखम, रायपुर में शानदार प्रतिस्पर्धा का रहा रोमांच रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल मैदान रायपुर में आयोजित पुरुष 88 किलोग्राम भारोत्तोलन प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया और कड़े मुकाबले देखने को मिले। इस प्रतिस्पर्धा में अरुणाचल प्रदेश के रुबा ताडु ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 274 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 117 किग्रा तथा क्लीन एंड जर्क में 157 किग्रा वजन उठाकर शीर्ष स्थान सुनिश्चित किया।           दूसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश के देवरकोंडा प्रेम सागर रहे, जिन्होंने कुल 270 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता। वहीं अरुणाचल प्रदेश के ही सोरम हिटलर टाग्रू ने 262 किलोग्राम के साथ तीसरा स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक हासिल किया। प्रतियोगिता में ओडिशा के सनातन मलिक (249 किग्रा) चौथे स्थान पर रहे, जबकि असम के प्रीतम सोनोवाल (248 किग्रा) ने पांचवां स्थान प्राप्त किया। मध्यप्रदेश के पृथ्वीराज चौहान (226 किग्रा) छठे स्थान पर रहे।             इसके अलावा त्रिपुरा के डेनियल जमातिया (192 किग्रा), गोवा के एलेस्टर गोम्स (152 किग्रा), तेलंगाना के सिद्दाबोइना नवीन (146 किग्रा) और छत्तीसगढ़ के छत्रपाल ठाकुर (130 किग्रा) ने भी प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने-अपने प्रदर्शन से अनुभव हासिल किया।            इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां हर खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया। आयोजन ने न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के बीच खेल भावना और एकता को भी मजबूत किया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के इस आयोजन से यह स्पष्ट होता है कि आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ये खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

Durg Update: चिटफंड पीड़ितों की लिस्ट तैयार, रिफंड प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

दुर्ग. जिला प्रशासन चिटफंड कंपनी यश ड्रीम के शिकार ढाई हजार निवेशकों को पैसा लौटाने की कवायद में जुट गया है। सूची तैयार कर सभी के प्रमाणित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। हालांकि अभी प्रशासन ने राशि तय नहीं की है। पहली किस्त में 45 सौ निवेशकों को करीब 7 करोड़ रुपए की राशि बांटी गई थी। उन्हें पैसा करीब ढाई साल बाद लौटाया गया था। चिटफंड कंपनी यश ड्रीम के करीब 14 हजार निवेशक हैं, जिन्हें पैसा मिलने की उम्मीद है। कंपनी की संपत्ति नीलाम करने के बाद करीब 20 करोड़ रुपए शासन के खाते में जमा है। एसडीएम उत्तम ध्रुव ने बताया कि निवेशकों की सूची तैयार हो गई है। दस्तावेज सत्यापन के बाद पैसा लौटाने की प्रक्रिया की जाएगी। इधर, यश ड्रीम कंपनी की जो जमीन मोक्षित कापर्पोरेशन कंपनी के संचालक ने ली थी, उसे नए सिरे से नीलाम करने की प्रक्रिया की जा रही है। नीलामी के लिए कई बार इश्तहार जारी किया गया, लेकिन कोई निवेशक जमीन खरीदने सामने नहीं आया। उक्त जमीन बेचने के बाद जो राशि आएगी, उसे भी निवेशकों को लौटाया जाएगा। 60 लाख के फ्लैट व 62 लाख के प्लॉट की जानकारी मिली प्रशासन के मुताबिक कंपनी के एरिया मैनेजर के नाम से जुनवानी इलाके में दो फ्लैट मिले है। इसकी कीमत मार्केट रेट के मुताबिक 60.85 लाख रुपए है। इसी तरह दोनों के नाम से मिले खाली प्लाट की कीमत 62.72 लाख रुपए है। अधिकारियों के मुताबिक कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए महासमुंद से भी पत्र मिला था। जिसके बाद कंपनी से संपर्क किया गया था। उसके बाद चिटफंड कंपनी के एरिया मैनेजर्स को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया गया था। संतोषपूर्ण जबाव नहीं मिलने के बाद कुर्की की प्रक्रिया शुरू की गई। कंपनी की प्रॉपर्टी चिन्हित करने के बाद नीलामी की जा रही है। इसे लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शुष्क इंडिया के 25 निवेशकों को 14 लाख लौटाने की तैयारी इधर, प्रशासन ने शुष्क इंडिया चिटफंड कंपनी के ठगी के शिकार 21 सौ पीड़ितों में 1150 को चिन्हित कर लिया है। बाकी निवेशकों की जानकारी नहीं मिल पाई है। ये निवेशक या तो राज्य छोड़कर चले गए हैं, यहां फिर इनमें से कुछ की मौत हो चुकी है। इनके परिजन और निवेश बॉड का भी पता नहीं चल पाया है। कंपनी के 25 निवेशकों को 14 लाख 75 हजार रुपए देने की तैयारी है। इनमें 1 लाख से 12 हजार तक के बड़े निवेशक शामिल हैं। निवेशक मीना यादव, परमेश्वर यादव, गौरी चंद्राकर, पार्वती देवी, राजेंद्र मंडल, झीमन चंद्राकर, सीमा सिंह, गौतम बाई, उमेश मंडल, सुरेंद्र वर्मा, अशोक यादव, आर संतोष, नेहा भगत, बिसाहीन बाई, बालमुकुंद शामिल हैं। 25 के बाद 1150 निवेशकों को 45 लाख रुपए भी लौटाएंगे प्रशासन ने शुष्क इंडिया चिटफंड कंपनी के 1150 निवेशकों को 45 लाख रुपए लौटाएगी। अधिकारियों के मुताबिक कंपनी में निवेशक करने वालों में करीब 200 निवेशक ऐसे हैं, जिन्होंने 50 हजार से 1 लाख रुपए के बीच पैसा निवेश किया था। कंपनी की संपत्ति कुर्क करने के बाद 45 लाख रुपए जुटाएंगे। कंपनी के निवेशकों की सूची में 21 निवेशक शामिल थे। लेकिन इनमें सिर्फ 1150 को ही चिन्हित किया जा सका। इन सारे निवेशकों की जानकारी प्रशासन ने जुटा ली है। वैधानिक प्रक्रिया के तहत आवेदन भी मंगाए गए हैं। जल्द ही इन सभी निवेशकों को राशि लौटाए जाने की प्रक्रिया शुरू की जानी है। ताकि उन्हें परेशानी से राहत मिल सके। संचय इंफ्रा के डायरेक्टर 16 निवेशकों को लौटाएगा 25 लाख, प्रक्रिया हुई शुरू ओडिसा से दो दिन पहले गिरफ्तार संचय इंफ्रा चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर अरविंद मिश्रा ने अपने वकील और परिजन के माध्यम से निवेशकों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक डायरेक्टर ने निवेशकों को 25 लाख रुपए लौटाने के लिए कोर्ट में एफिडेविट देने को तैयार है। कंपनी के डायरेक्टर के परिजन निवेशक राजेश श्रीवास्तव, वीरेंद्र सिंह, दिलीप कुमार, तरुण कुमार, इमरान आलम, उज्जवल चुरामनी, विरेंद्र राजपूत, करुणा बेनर्जी, इमरान आलम, दलजीत उप्पल, प्रगट सिंह, नरेंद्र सिंह, योगेश तिवारी, मोहिनी कुमारी, नीरज जैन और लक्ष्मी चंद्र को पैसा लौटाने के लिए तैयार हो गया है। इसे लेकर भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

Fuel Tax Row: भूपेश का बयान- कटौती बेअसर, वित्त मंत्री ने कांग्रेस के पुराने फैसलों पर उठाए सवाल

रायपुर. पेट्रोल और डीजल में एक्साइज ड्यूटी करने पर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि जिन जिन लोगों को इस कटौती से राहत मिले वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सार्वजनिक अभिनंदन करें और अगर न मिले तो उनको लानत भेजें सांय सांय। बघेल ने कहा, तेल कंपनियों के लिए राहत दी गई और चाटुकारिता करने के लिए जनता को लाभ मिलने की अफवाह फैला रहे हैं। जनता को एक कौड़ी राहत नहीं मिलने वाली। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री के पोस्ट पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पलटवार किया है और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। मंत्री ओपी चौधरी ने कहा है कि आपकी इन्हीं हरकतों के कारण जनता ने लानत भेजकर आपको बाहर का रास्ता तो पहले ही दिखा दिया। फिर भी जनता जनार्दन को गुमराह करने से पहले अपना इतिहास तो याद कर लिया करें। कोविड जैसी आपदा के समय जब पूरी दुनिया संकट से जूझ रही थी और लोग आर्थिक मुश्किलों में थे, तब आपने पेट्रोल पर वैट बढ़ाकर आपदा को अवसर बनाकर वसूली की थी। मंत्री चौधरी ने कहा, आज जब दुनिया युद्ध और वैश्विक हालात के कारण महंगे तेल से जूझ रही है, तब केवल भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों पर बोझ न बढ़े, इसलिए एक्साइज ड्यूटी कम करने का फैसला लिया है, लेकिन आपको तकलीफ इस बात से है कि जनता को राहत मिल रही है। साफ है कि आपके समय में आपदा वसूली का अवसर थी, मोदी जी के नेतृत्व में संकट में भी जनता को राहत देने का संकल्प है।

आर्थिक तंगी के बावजूद झारखंड के वेटलिफ्टर बाबूलाल हेम्ब्रम एक-एक मेडल से बना रहे हैं अपनी पहचान

आर्थिक तंगी से जूझते हुए झारखंड के वेटलिफ्टर बाबूलाल हेम्ब्रम एक-एक मेडल के साथ बना रहे हैं अपनी पहचान  खेलो इंडिया एथलीट बाबूलाल हेम्ब्रम झारखंड के केरिबांदा गांव से आते हैं 2024 में 49 किग्रा वर्ग में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का स्वर्ण पदक जीत चुके हैं, साथ ही एशियाई और विश्व युवा चैंपियनशिप में भी पदक हासिल किए अब सीनियर सर्किट में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर नजर रायपुर जब पूर्व आर्मी कोच गुरविंदर सिंह ने बाबूलाल हेम्ब्रम को उनकी शारीरिक बनावट के आधार पर अन्य खेल छोड़कर वेटलिफ्टिंग अपनाने की सलाह दी, तब झारखंड के रामगढ़ जिले के केरिबांदा गांव के इस किशोर के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—इस खेल को जारी रखने के लिए पैसे जुटाना।  लेकिन हार मानने के बजाय बाबूलाल ने निर्माण स्थलों पर बांस की लकड़ियों और लोहे की रॉड से अभ्यास शुरू किया। बाद में उन्होंने झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (JSPS) के कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया, जिसके लिए उन्हें रोज़ 60 किलोमीटर का सफर तय कर कोच गुरविंदर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेना पड़ता था।      बाबूलाल, जिन्होंने यहां आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता ने कहा, “2018 में जब मैंने इस खेल को अपनाया, वह समय मेरे लिए बहुत कठिन था। हमारे पास ट्रेनिंग के लिए उपकरण और किट खरीदने के पैसे नहीं थे, इसलिए मैं बांस और लोहे की रॉड से ही अभ्यास करता था। फिर जीएसपीएस और अपने कोच का साथ मिला और आज मैं यहां हूं।”     19 वर्षीय बाबूलाल, जो पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं, ने बताया, “मेरी मां एक स्थानीय स्कूल में रसोइया हैं और पिता छोटे-मोटे काम करते हैं। आर्थिक स्थिति हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है। लेकिन मुझे भरोसा है कि खेलो इंडिया जैसे आयोजनों में मिल रही सफलता से हमारी स्थिति बदलेगी।”       बाबूलाल हेम्ब्रोम ने उम्र-आधारित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले ही अपनी छाप छोड़ी है। 2024 में उन्होंने चेन्नई में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स में 49 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने आईडब्ल्यूएफ़ वर्ल्ड यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप और एशियन जूनियर एवं यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी पदक हासिल किए। अब बाबूलाल सीनियर सर्किट में कदम रख रहे हैं और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारतीय टीम में जगह बनाने का लक्ष्य रख रहे हैं। फिलहाल वह पटियाला में राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा हैं।                बाबूलाल ने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में यह रजत पदक मेरे लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है कि मैं सही दिशा में जा रहा हूं। राष्ट्रीय शिविर में लौटकर मैं अपने कोच से भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा करूंगा और उसी के अनुसार तैयारी करूंगा। मेरा सपना है कि मैं कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करूं।”