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रायगढ़ में अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई, दो किसान गिरफ्तार, इस महीने का पांचवां मामला

रायगढ़  छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में फिर से अफीम की खेती का मामला सामने आया है। जिले में दूसरी बार अवैध रुप से अफीम की खेती की जानकारी सामने आई है। अफीम की खेती की जानकारी मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और खेत को सील कर दिया। करीब 50 डिसमिल में अफीम की खेती की जा रही है थी। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने अफीम की खेती का वीडियो सोशल मीडिया में शेयर किया है। जानकारी के अनुसार, लैलूंगा थाना क्षेत्र में 50 डिसमिल में अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि तीसरा मौके से फरार हो गया। पुलिस के खेत में पहुंचते ही मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर जगतराम नाग और मनोज नाग को गिरफ्तार किया है। जबकि साधराम नाग मौके से फरार हो गया। लोकल व्यापारी से लिए थे बीज सोमवार पुलिस को सूचना मिली थी कि लैलूंगा थाना क्षेत्र के पास अफीम की खेती हो रही है। जिसके बाद पुलिस की टीम यहां पहुंची थी। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अफीम की खेती करने के लिए बीज पत्थलगांव के एक लोकल कारोबारी से लिए थे। पुलिस अधिकारियों ने उस कारोबारी के तलाश की बात कही है। 23 मार्च को तमनार में पकड़ी गई थी खेती दो दिन पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था। जानकारी के अनुसार, झारखंड का रहने वाला मार्शल सांगा यहां 10-12 साल से खेती कर रहा था। उसने आमाघाट के किसान से तरबूज, ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया था। तमनार में भी पकड़ी गई थी अफीम की खेती इससे पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था। जानकारी के मुताबिक, झारखंड का रहने वाला एक व्यक्ति, मार्शल सांगा, पिछले 10–12 वर्षों से यहां अफीम की खेती कर रहा था। उसने एक किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया था, लेकिन उसकी देखरेख में अफीम की खेती शुरू हुई। मार्शल सांगा, जो पहले झारखंड में भी अफीम की खेती करता था, ने उसी मॉडल को रायगढ़ में अपनाया। गांववालों में आक्रोश घटना के बाद घटगांव क्षेत्र के लोग हैरान और परेशान हैं, क्योंकि अफीम की खेती जिस इलाके में की जा रही थी, वहां से एक सशक्त सब्जी की बाड़ी का प्रचार हुआ था। लोग इस अवैध गतिविधि के खिलाफ अपनी आवाज उठाते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। भूपेश बघेल ने बोला हमला इस मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा- "रायगढ़ ज़िले के लैलूंगा ब्लॉक के नवीन घट गांव में एक या दो नहीं बल्कि तीन अलग-अलग खेतों में अफीम पाई गई है। अब तो ऐसा लग रहा है कि भाजपा को अपना चुनाव निशान बदलकर “कमल के फूल” की जगह पर “अफ़ीम का फूल” कर लेना चाहिए।' मार्च के महीने में 5वां मामला छत्तीसगढ़ में मार्च के महीने में अफीम की खेती का यह 5वां मामला है। सबसे पहले दुर्ग जिले के सिमोदा गांव में अफीम की खेती का मामला सामने आया था। यह खेती बीजेपी नेता ताम्रकार कर रहा था। उसके बाद बलरामपुर जिले के दो थाना क्षेत्रों में अफीम की फसल मिली थी। अब रायगढ़ के आमाघाट क्षेत्र के बाद लैलूंगा थाना क्षेत्र में अफीम की खेती का मामला सामने आया है।

अम्बिकापुर : बजटीय देयक जमा करने की अंतिम तिथि 25 मार्च निर्धारित तथा SNA SPARSH से संबंधित भुगतान के लिए 30 मार्च तक का समय

अम्बिकापुर   छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु कोषालय/उप कोषालय में देयक प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 तथा SNA SPARSH से संबंधित समस्त भुगतान के लिए कोषालय में देयक प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 30 मर्च 2026 निर्धारित की गई है। उक्त प्रतिबंध भारत से प्राप्त राशि, राजभवन राज्यपाल, विधानसभा सचिवालय/निवास कार्यालय से संबंधित देयकों/उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों एवं विधायकों के स्वत्वों से संबंधित देयकों पर लागू नहीं होगा। जिले के वरिष्ठ कोषालय अधिकारी ने इस निर्देश के परिपालन में सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को सूचित है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 अंतर्गत केवल बजटीय देयक 25 मार्च 2026 तक एवं SNA SPARSHसे संबंधित देयक 30 मार्च 2026 कोषालय/उप कोषालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेंगे। ताकि शासन के निर्देशानुसार कार्य किया जा सके। निर्देशों का यथासमय पालन हो इस हेतु कोषालय/उप कोषालय में केवल बजटीय देयक ही निर्धारित तिथि स्वीकार किये जायेंगे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत, खिलाड़ी छत्तीसगढ़ पहुंचने लगे

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू  अरुणाचल के वेटलिफ्टरों का विमानतल पर रंगारंग स्वागत  रायपुर  खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भागीदारी के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू हो गया है। आज सवेरे अरुणाचल प्रदेश के वेटलिफ्टरों का 14 सदस्यीय दल रायपुर पहुंचा। इनमें 13 खिलाड़ी और एक सपोर्टिंग स्टॉफ शामिल है। खिलाड़ियों के छत्तीसगढ़ आगमन पर रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर राऊत नाचा दल की रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा साई (SAI) के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर सभी खिलाड़ियों का हार्दिक स्वागत किया। 23 मार्च को कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खिलाड़ी बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचेंगे। देश में पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ के तीन शहरों – रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में किया गया है। इसमें देशभर के करीब तीन हजार जनजातीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़वासियों को सात खेलों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस दौरान पुरूष और महिला वर्गों में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं होंगी।

रायपुर-कोरबा सहित कई मेमू ट्रेनें 30 मार्च से 11 अप्रैल तक कैंसिल, जानें पूरी लिस्ट

 रायपुर  रेल मंडल रायपुर से बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ की ओर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए आने वाले दिन कष्टकारी हो सकते हैं। हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर स्थित अकलतरा स्टेशन में चौथी लाइन कनेक्टिविटी और यार्ड रिमाडलिंग का काम शुरू होने जा रहा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा लिए गए इस ट्रैफिक ब्लॉक के कारण 30 मार्च से 11 अप्रैल तक रायपुर से छूटने वाली और रायपुर आने वाली कई महत्वपूर्ण मेमू व पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहेंगी। रेलवे प्रशासन के इस निर्णय का सबसे बड़ा असर उन नौकरीपेशा और व्यापारियों पर पड़ेगा जो रायपुर से कोरबा और गेवरा रोड के बीच प्रतिदिन सफर करते हैं। मेमू ट्रेनों के पहिये भी 11 दिनों तक थमे रहेंगे रायपुर-कोरबा और रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर 30 मार्च से 11 अप्रैल तक पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा बिलासपुर-रायगढ़ और बिलासपुर-कोरबा के बीच चलने वाली मेमू ट्रेनों के पहिये भी 11 दिनों तक थमे रहेंगे। पैसेंजर ट्रेन की तरह चलेगी हसदेव एक्सप्रेस बड़ी संख्या में रद हो रही ट्रेनों को देखते हुए रेलवे ने रायपुर और कोरबा के बीच चलने वाली हसदेव एक्सप्रेस को लेकर विशेष व्यवस्था की है। गाड़ी संख्या 18250/18249 और 18252/18251 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस को 31 मार्च से 11 अप्रैल तक कोरबा और बिलासपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन की तरह चलाया जाएगा। इससे रास्ते के छोटे स्टेशनों के यात्रियों को आवागमन में कुछ सहूलियत मिल सकेगी। रायपुर मंडल से जुड़ी प्रमुख रद गाड़ियां     रायपुर-कोरबा पैसेंजर (58204): 30 मार्च से 10 अप्रैल तक रद्द।     कोरबा-रायपुर पैसेंजर (58203): 31 मार्च से 11 अप्रैल तक रद्द।     रायपुर-गेवरा रोड मेमू (68746): 30 मार्च से 10 अप्रैल तक रद्द।     गेवरा रोड-रायपुर मेमू (68745): 31 मार्च से 11 अप्रैल तक रद्द।     गोंदिया-झारसुगुड़ा पैसेंजर (68861): 31 मार्च से 11 अप्रैल तक बिलासपुर में समाप्त होगी (बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच रद्द)।  

बिलासपुर एयरपोर्ट: 28 मार्च से उड़ानें बंद हो सकती हैं, विंटर शेड्यूल खत्म होने के बाद समर शेड्यूल का इंतजार

बिलासपुर   छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं को लेकर इन दिनों असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एलायंस एयर की उड़ानों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि मौजूदा विंटर शेड्यूल 28 मार्च को समाप्त हो रहा है और इसके बाद के लिए अब तक कोई समर शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि 28 मार्च के बाद यहां से उड़ानों का संचालन प्रभावित हो सकता है या अस्थायी रूप से बंद भी हो सकता है। 28 मार्च के बाद क्या होगा विंटर शेड्यूल खत्म होने में अब महज कुछ दिन ही बचे हैं, लेकिन इसके बावजूद समर शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। एयरलाइंस के स्थानीय प्रबंधन का कहना है कि नया शेड्यूल हेड ऑफिस से जारी किया जाएगा और फिलहाल उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में यात्रियों के साथ-साथ एयरपोर्ट प्रशासन भी असमंजस में है। हर 6 महीने में जारी होता है शेड्यूल आमतौर पर एयरलाइंस कंपनियां हर छह महीने में विंटर और समर शेड्यूल जारी करती हैं। वर्तमान में लागू विंटर शेड्यूल 28 मार्च को समाप्त हो रहा है, लेकिन इस बार तय समय के करीब आने के बावजूद नया शेड्यूल जारी नहीं किया गया, जो असामान्य स्थिति मानी जा रही है। MP की ओर बढ़ा झुकाव जानकारों के अनुसार एलायंस एयर का झुकाव अब मध्यप्रदेश की ओर बढ़ रहा है। रीवा रूट पर अधिक वायबिलिटी गैप फंडिंग मिलने के कारण वहां उड़ानों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा बिलासपुर-कोलकाता उड़ान को जबलपुर-कोलकाता रूट से संचालित करने की चर्चा भी सामने आ रही है। पहले ही घट चुकी हैं उड़ानें पहले सप्ताह में छह दिन संचालित होने वाली उड़ानों को घटाकर अब चार दिन कर दिया गया है। इससे यात्रियों को पहले से ही असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और वैकल्पिक साधनों पर निर्भरता बढ़ गई है। 6 महीने में शेड्यूल जारी करती है एयरलाइंस दरअसल एयरलाइंस कंपनियां आमतौर पर हर 6 महीने में विंटर और समर शेड्यूल जारी करती है। वर्तमान में विंटर शेड्यूल 28 मार्च को समाप्त हो रहा है। इसके बाद भी अब तक समर शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। ऐसे में 28 मार्च के बाद उड़ानों के संचालन को लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है। लिहाजा उड़ानों को लेकर संशय की स्थिति है। जानकारों का कहना है कि हर बार तय समय पर नया शेड्यूल जारी हो जाता था। लेकिन इस बार 5 दिन बचे रहने के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं है। एलायंस एयर के मैनेजर प्रसन्न सोनी का कहना है कि समर शेड्यूल हेड ऑफिस से जारी होगा। शेड्यूल कब जारी होगा और कौन सी उड़ानें संचालित होंगी, यह जानकारी हमें नहीं है। एलायंस कंपनी का MP की तरफ बढ़ा झुकाव बताया जा रहा है कि रीवा (मध्यप्रदेश) रूट पर वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) अधिक मिलने से एलायंस एयर का झुकाव वहां बढ़ा है। वहीं बिलासपुर-कोलकाता उड़ान को जबलपुर-कोलकाता रूट से संचालित करने की चर्चा है। इससे बिलासपुर की उड़ानों में कटौती और रूट परिवर्तन होने आशंका है। बता दें कि पहले सप्ताह में 6 दिन चलने वाली उड़ानों को घटाकर 4 दिन कर दिया गया है। संघर्ष समिति हुई सक्रिय हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति इस मुद्दे को लेकर सक्रिय हो गई है और लगातार जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रही है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक अमर अग्रवाल से इस विषय पर चर्चा की जा चुकी है, वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू को भी पूरी जानकारी भेजी गई है। समिति का महाधरना भी जारी है। 4 साल में 1.5 लाख यात्री समिति के अनुसार पिछले चार वर्षों में करीब 1.50 लाख यात्री बिलासपुर एयरपोर्ट से यात्रा कर चुके हैं। शहर में हाईकोर्ट, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और SECL मुख्यालय जैसे बड़े संस्थान होने के कारण यहां यात्रियों की संख्या लगातार बनी रहती है। नई उड़ानों की मांग समिति ने मांग की है कि बिलासपुर से दिल्ली और प्रयागराज के लिए नियमित उड़ानें चलाई जाएं और हैदराबाद के लिए नई फ्लाइट शुरू की जाए। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। समय बदलने का सुझाव विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ानों का समय सुबह और शाम के बीच रखा जाना चाहिए। इससे गर्मी के मौसम में यात्रियों की संख्या घटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और लोड पेनल्टी से भी बचा जा सकेगा। संघर्ष समिति ने जनप्रतिनिधियों को दी जानकारी फ्लाइट सुविधा बेहतर तरीके से चले इसके लिए हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने अपने प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके तहत बिलासपुर के जनप्रतिनिधियों से संपर्क साधा जा रहा है। अभी तक समिति ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक अमर अग्रवाल से चर्चा की है। साथ ही केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के पास पूरी परिस्थितियों की जानकारी भेजी है। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महा धरना रविवार को भी जारी रहा। धरने में बद्री यादव, रामशरण यादव, परसराम कैवर्त, ऋषि राज गौत, शिरीष कश्यप, संतोष पीपलवा, देवेंद्र सिंह ठाकुर, संदीप बाजपेई, महेश दुबे टाटा, अनिल गुलहरे, प्रतीक तिवारी, मनोज तिवारी, प्रकाश बहरानी, रमाशंकर बघेल, विजय वर्मा और सुदीप श्रीवास्तव मौजूद रहे। समिति का दावा- 4 साल में मिले 1.50 लाख यात्री हवाई सुविधा जल संघर्ष समिति ने कहा कि पिछले 4 साल से लगातार एलाइंस एयर की सीमित हवाई सुविधा होने के बावजूद बिलासपुर से करीब 150000 यात्री यात्रा कर चुके हैं। यहां हाईकोर्ट के साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और SECL मुख्यालय है। इतने महत्वपूर्ण जगह जहां पर्याप्त संख्या में यात्री मिल रहे हैं। उस जगह के उड़ानों के बारे में ऐसी अनिश्चित स्थिति लाना एलाइंस एयर के लिए सही नहीं है। दिल्ली, प्रयागराज के साथ ही हैदराबाद के लिए मिले फ्लाईट हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा कि न केवल दिल्ली और प्रयागराज के लिए बिलासपुर से रेगुलर उड़ान दी जाए, बल्कि हैदराबाद के लिए नई उड़ान शुरू करना जरूरी है। समिति ने एलाइंस एयर को यह भी सुझाव दिया है कि वह अपनी उड़ानों को सुबह और देर शाम शेड्यूल करें, जिससे कि गर्मी के समय में तापमान बढ़ने के बावजूद 72 सीटर विमान में काम सवारी ले जाने की मजबूरी ना आए। अन्यथा 40 डिग्री टेंपरेचर … Read more

संत महात्माओं की पुण्य धरा और प्रभु श्रीराम के ननिहाल को समृद्ध बनाने का संकल्प, बोले CM साय

संत महात्माओं की पुण्य धरा और प्रभु श्रीराम के ननिहाल को विकसित और समृद्ध बनाने संकल्पित है हमारी सरकार : CM साय महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 वें बलिदान दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल आजादी की लड़ाई से लेकर स्वतंत्र भारत में भी मां भारती की सेवा में जुटा है लोधी समाज : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का किया अनावरण, पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया मुख्यमंत्री ने सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख, यज्ञशाला के लिए 20 लाख तथा मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की रायपुर  छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की पुण्य भूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, जिसे विकसित और समृद्ध बनाना राज्य सरकार का संकल्प है। शांति, सुरक्षा, खुशहाली और सुशासन के मूल मंत्र के साथ 3 करोड़ प्रदेशवासियों की खुशहाली हमारा ध्येय है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 में बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सामुदायिक भवन, मिनी स्टेडियम और यज्ञशाला निर्माण की घोषणा भी की।             मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमिट मिसाल है। उन्होंने सीमित संसाधनों और छोटी सेना के बावजूद अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसी महान विभूति से हमें प्रेरणा लेकर अपने जीवन में राष्ट्रसेवा और समाजहित के मूल्यों को अपनाना चाहिए। उन्होंने लोधी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज ऐतिहासिक रूप से वीरता, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम में इस समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है और आज भी यह समाज देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि वे उसी परंपरा को आगे बढ़ा सकें।           मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। होली से पूर्व अंतर की राशि का भुगतान कर किसानों को राहत पहुंचाई गई, जिससे उनके त्योहार में खुशहाली आई। महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 25 किश्तों के माध्यम से 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे मातृशक्ति आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही है।                 साय ने आगे कहा कि प्रदेश में आस्था और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘रामलला दर्शन योजना’ संचालित है, जिसके तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए बस्तर और सरगुजा में ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है।             इस दौरान मुख्यमंत्री ने कवर्धा के वार्ड क्रमांक 26 में समाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए, खेल के क्षेत्र में प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने मिनी स्टेडियम के निर्माण तथा सहसपुर-लोहारा में यज्ञशाला के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की।                  कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी अपने संबोधन में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के साहस और बलिदान को स्मरण करते हुए समाज से एकजुट होकर अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।           इस अवसर पर विधायक श्रीमती भावना बोहरा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, संतोष कौशिक, राजेन्द्र चन्द्रवंशी, कोमल जंघेल तथा लोधी समाज के प्रतिनिधि और आमजन मौजूद रहे।

गंगरेल नौकायान उत्सव: धमतरी में आयोजित महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप ने रचा इतिहास

गंगरेल नौकायान उत्सव: महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का भव्य आयोजन, धमतरी में रचा गया इतिहास गंगरेल नौकायान उत्सव’ से धमतरी को मिली नई पहचान, 52 टीमों ने दिखाया दम महानदी की लहरों पर दौड़ी रफ्तार, गंगरेल बोट चैंपियनशिप सफलतापूर्वक संपन्न जल, खेल और संस्कृति का संगम: गंगरेल में भव्य नौकायान प्रतियोगिता आयोजित धमतरी आज का दिन धमतरी जिले के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार गंगरेल बांध की शांत एवं मनमोहक जलधारा पर ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ के अंतर्गत भव्य महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। मचान हाट प्वाइंट से गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स प्वाइंट तक 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी में आयोजित इस रोमांचक प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अद्भुत गति, संतुलन और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। आयोजन स्थल पर उत्साह, रोमांच और जनसहभागिता का अद्वितीय संगम देखने को मिला। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में धमतरी सहित समीपवर्ती जिलों कांकेर एवं बालोद की कुल 52 टीमों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़े खेल महोत्सव के रूप में उभरकर सामने आया। प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक श्री ओमकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा एवं पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेन्द्र ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। महिला सहभागिता ने बढ़ाया गौरव इस आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता ग्रामीण अंचलों की महिला प्रतिभागियों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। ग्राम तिर्रा की श्रीमती चयन बाई, श्रीमती सुमन एवं श्रीमती दिनेश्वरी निधार ने पारंपरिक लकड़ी की नाव के साथ प्रतियोगिता में भाग लेकर न केवल प्रतिस्पर्धा को रोमांचक बनाया, बल्कि महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक संदेश भी दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका आत्मविश्वास और साहस सभी के लिए अनुकरणीय रहा। प्रतियोगिता के परिणाम प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए—     •    प्रथम स्थान: बोट क्रमांक 04 (रोमार निषाद तिरी एवं जीतु निषाद)     •    द्वितीय स्थान: बोट क्रमांक 1 सत्वंत मंडावी एवं  मिथलेश मंडावी,कोलियारी)     •    तृतीय स्थान: बोट क्रमांक 10 (कोमल निषाद एवं महेश्वर कुरेटरी, तिर्रा) इसके अतिरिक्त—     •    वेशभूषा पुरस्कार: बोट क्रमांक 06 (पवनबाई निषाद एवं देवनबती निषाद,तिर्रा)     •    सजावट पुरस्कार: बोट क्रमांक 08 (रामनारायण नेताम एवं रिशीराम निषाद, सटी यारा) विजेताओं को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए गए—     •    प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,000     •    द्वितीय पुरस्कार: ₹50,000     •    तृतीय पुरस्कार: ₹25,000 साथ ही बोट सजावट एवं वेशभूषा के लिए ₹11,000 के विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए। जिला प्रशासन द्वारा महिला प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए ₹15,000, ₹10,000 एवं ₹5,000 के सांत्वना पुरस्कार की भी घोषणा की गई। विधायक श्री ओमकार साहू ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा एवं जल पर्यटन को नई पहचान प्रदान करेगा। महापौर श्री रामू रोहरा ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ युवाओं में खेल एवं साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित होगी। अन्य प्रमुख गतिविधियाँ कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। मत्स्य विभाग द्वारा 8 मछुआ समितियों को आइस बॉक्स वितरित किए गए, जिससे मत्स्य व्यवसाय को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। साथ ही जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वॉटर एंबुलेंस का शुभारंभ भी किया गया। पर्यटन और विकास की नई दिशा ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ धमतरी जिले में पर्यटन, संस्कृति एवं खेल गतिविधियों के समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि गंगरेल क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026: 9,800+ धावकों के साथ बस्तर ने वैश्विक स्तर पर हासिल किया नया मुकाम

बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026: 9,800 से अधिक धावकों के साथ रचा इतिहास, वैश्विक मंच पर चमका बस्तर समृद्ध और विकसित बस्तर बनाने का प्रयास : वन मंत्री केदार कश्यप रायपुर बस्तर की ऐतिहासिक और नैसर्गिक धरा उस समय गौरवशाली क्षण की साक्षी बनी, जब ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ में उत्साह का अभूतपूर्व जन सैलाब उमड़ा और 9,800 से अधिक पंजीकृत धावकों ने भाग लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बस्तर के बदलते स्वरूप, बढ़ती शांति और शासन की ‘पूना मारगेम’ जैसी पुनर्वास नीतियों की सफलता का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा।        बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ बस्तर के जगदलपुर स्थित लालबाग से प्रारम्भ होकर चित्रकोट जल प्रपात के समीप समापन पश्चात आयोजित समारोह के अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने मैराथन के विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि समृद्ध और विकसित बस्तर बनाने का प्रयास के साथ बस्तर क्षेत्र में बस्तर हैरीटेज मैराथन 2026 का आयोजन एक मील का पत्थर साबित होगा। बस्तर बदल रहा है, बस्तर जो चार दशक से अशांत क्षेत्र रहा अब शांति का गढ़ बन रहा है। यहाँ के युवा खेल गतिविधियों के साथ ही देश के प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफल हो रहे हैं। शांति के इस माहौल में बस्तर मैराथन में देश-विदेश के कई राज्यों और प्रदेश के अन्य जिलों तथा बस्तर संभाग के खिलाड़ी शामिल हुए।उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई देते भविष्य में पुनः भव्य आयोजन की आशा व्यक्त की।              समारोह में विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में अबूझमाड़ हाफ मैराथन आयोजन के बाद बस्तर हैरिटेज मैराथन का आयोजन शांति, विकास और समृद्धि का नया अध्याय है । अब बस्तर में विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति दी जाएगी इसी का एक प्रयास मैराथन का आयोजन  है । इस अवसर पर सांसद बस्तर महेश कश्यप और विधायक विनायक गोयल ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मैराथन के विजेताओं को बधाई दी।            'बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ का मुख्य आकर्षण 42 किलोमीटर की फुल मैराथन रही, जिसकी शुरुआत जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से हुई और समापन ‘भारत का नियाग्रा’ कहे जाने वाले विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के तट पर हुआ। आयोजन को समावेशी बनाने के उद्देश्य से इसे 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी की श्रेणियों में विभाजित किया गया था। 21 किमी दौड़ पोटानार तक, 10 किमी दौड़ कुम्हरावंड तक, जबकि 5 किमी की दौड़ लालबाग से दलपत सागर रानीघाट तक आयोजित की गई, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।            खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन द्वारा 25 लाख रुपये की आकर्षक इनामी राशि घोषित की गई थी। साथ ही स्थानीय धावकों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा का अवसर देने हेतु ‘बस्तर कैटेगरी’ का विशेष प्रावधान रखा गया और बस्तर जिले के निवासियों के लिए पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क रखा गया।               विशेष बात यह रही कि इस मैराथन में मांझी- चालकी समुदाय के लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे आयोजन की सामाजिक समावेशिता और अधिक सुदृढ़ हुई। इस भव्य आयोजन ने न केवल खेल भावना को प्रोत्साहित किया, बल्कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति, शांति और विकास की नई तस्वीर को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।              इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडेय, ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी, सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, मांझी- चालकी, कमिश्नर डोमन सिंह, आई जी सुंदरराज पी., कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।

विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ‘यह प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित होगा

धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का पारित होना प्रदेशवासियों के लिए साबित होगा वरदान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के पारित होने से धर्मांतरण पर लगेगी रोक,अवैध धर्मांतरण के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विधायक पुरंदर मिश्र के नेतृत्व में विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की और बजट सत्र में धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 के पारित होने पर उनका सम्मान कर आभार जताया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026,छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल  विधेयक 2026 एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का विधानसभा में पारित होना पूरे प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित होगा। इनमें धर्म स्वातंत्र्य विधेयक हमारी महान परंपराओं और मूल्यों को सुरक्षित रखने का एक स्पष्ट संकल्प है। इसी तरह अन्य दो विधेयक भी पारदर्शिता के साथ भर्ती के लिए अहम साबित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सनातन धर्मावलंबी लंबे समय से धर्मांतरण के खिलाफ  सख्त कानून बनाने की मांग कर रहे थे। इस मांग के अनुरूप हमने छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किया है। उन्होंने कहा कि पहले भी इस संबंध में कानून बना था पर यह कानून उतना प्रभावी नहीं था, जिस कारण अवैध धर्मांतरण कराने वाले लोग बच जाते थे। प्रदेश में धर्मांतरण के कारण कुछ क्षेत्रों में सामाजिक तानाबाना भी बिगड़ रहा था, जिससे प्रदेश की छवि धूमिल हो रही थी। इस बिल के माध्यम से अवैध धर्मांतरण पर अंकुश लगाया जाएगा।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को पारित कर पूर्व राज्यसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय जूदेव जी को श्रद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने धर्मांतरण के खिलाफ प्रखर मुहिम छेड़ कर "घर वापसी" अभियान चलाया था। इसी तरह हमारी सरकार की पहल पर  प्रदेश के लाखों युवाओं की आवाज को सुनते हुए सरल एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया हेतु छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक पारित किया गया है। इसी तरह परीक्षाओं में गड़बड़ियों को रोकने एवं नकल जैसे प्रकरणों पर अंकुश लगाने  छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 पारित किया गया है। यह दोनों  सर्वसम्मति से पारित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर सभी प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र पर्व की शुभकामनाएं एवं बधाई दी। इस अवसर पर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्र ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, अखिलेश सोनी,  रमेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे।

आदिवासियों के उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

आदिवासियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कसडोल में कंवर समाज सामुदयिक भवन तथा पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए की घोषणा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गोंडवाना आदर्श सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हुए शामिल  रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में बावनगढ़ आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज तुरतुरिया माता महासभा लवन के तत्वावधान में आयोजित गोंड़वाना आदर्श सामूहिक विवाह समारोह मे शामिल हुए। इस मौके पर साय ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पारम्परिक गोंडी रीति-रिवाज से दाम्पत्य सूत्र में बंधे 28 नवविवाहित जोड़ों क़ो आशीर्वाद व सुखमय दाम्पत्य जीवन की बधाई एवं शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समाज के पदाधिकारियों की मांग पर कसडोल नगर में कंवर समाज सामुदयिक भवन व नगर पंचायत पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए और ग्राम ओड़ान में बड़ादेव ठाना में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही ग्राम ओड़ान के शनिमंदिर से बड़ादेव ठाना तक सीसी रोड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री साय ने कहा हमारी सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। गोंडवाना संस्कृति के मानने वाले हमारे सभी आदिवासी भाई प्रकृति के पुजारी हैं। आप लोगों ने जल,जंगल और जमीन की सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातियों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए इस साल हम लोगों ने 200 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में प्रधानमंत्री जनमन योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। हम लोगों ने आदिवासी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि प्रारम्भ किया है, जिसके माध्यम से बैगा, गुनिया और सिरहा को हर साल पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे आदिवासी भाइयों का आय का एक बड़ा स्रोत वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण है। हम लोगों ने तेंदूपत्ता संग्रहण का दाम 4 हजार रूपये से बढ़ाकर 5500 रूपये प्रति मानक बोरा किया है। जंगल जाने, वनोपज का संग्रहण करने वाले आदिवासी भाई- बहनों के पैरों में कांटे न चुभे, इसका भी इंतजाम हमारी सरकार ने फिर से किया है। इस साल चरण पादुका वितरण भी किया जाएगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका प्रदान करने के लिए बजट में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सामूहिक विवाह बहुत ही अच्छी पहल हैं। इस तरह के आयोजन से न केवल समाज संगठित होता है, बल्कि फिजूलखर्ची पर भी रोक लगती है। उन्होंने कहा कि अभी 10 मार्च को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से 6 हजार से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह पूरे प्रदेश में संपन्न हुआ जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक संदीप साहु सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।