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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पलटा फैसला, संचार टावर कंपनी की ब्लैकलिस्टिंग का आदेश निरस्त

बिलासपुर. संचार टावर लगाने वाली दिल्ली की कंपनी को बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए ब्लैकलिस्ट करने के आदेश को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा कि किसी कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का उचित अवसर देना जरूरी है. कोर्ट ने कंपनी को 30 दिन के भीतर जवाब देने का निर्देश देते हुए कहा कि इसके बाद विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है. कंपनी के प्रोपराइटर शिव कुमार शर्मा ने याचिका में बताया कि पुलिस विभाग के लिए 33 टावर लगाने का ठेका मिला था. कंपनी ने निर्धारित समय में काम पूरा कर लिया, लेकिन उसे केवल 13 टावरों का भुगतान किया गया. शेष 20 टावरों में निविदा की शर्तों के अनुरूप काम नहीं होने की बात कहकर भुगतान रोक दिया गया. बकाया राशि को लेकर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कार्यवाही भी लंबित है. कंपनी को नहीं मिला पक्ष रखने का मौका  कंपनी के अनुसार, 26 फरवरी 2026 को जारी पत्र में 15 मार्च तक कथित कमियां दूर करने को कहा गया था. ऐसा नहीं करने पर सुरक्षा राशि जब्त करने और ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई. इसके बाद 16 जून 2026 को कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया. कंपनी ने दलील दी कि ब्लैकलिस्ट करने से पहले उसे नोटिस या अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया.  शर्तों के मुताबिक नहीं हुआ था टावरों का निर्माण राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि कंपनी को 20 टावरों में कमियां दूर करने का अवसर दिया गया था. उसे चेतावनी भी दी गई थी कि तय समय में सुधार नहीं करने पर सुरक्षा राशि जब्त करने के साथ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने यह भी बताया कि कंपनी ने 12 अगस्त 2025 के पत्र में टावरों का निर्माण निर्धारित तकनीकी शर्तों के अनुरूप नहीं होने की बात स्वीकार की थी और कमियां दूर करने समय मांगा था. कोर्ट ने तर्क से सहमत न होते हुए सुनवाई का अवसर देना जरूरी माना.

शासकीय दृष्टि-श्रवण बाधित स्कूल के बच्चों का प्रदर्शन, शिक्षक नियुक्ति की उठाई मांग

जगदलपुर. बस्तर जिले के जगदलपुर में शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित स्कूल के बच्चों का शिक्षक की कमी को लेकर गुस्सा फूट पड़ा है। मंगलवार को बच्चे स्कूल छोड़कर सड़क पर आ गए, जिससे स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। कई महीनों से कर रहे शिक्षक की मांग दरअसल, यह पूरा मामला आड़ावाल में स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित स्कूल का है। बताया जा रहा है कि बच्चे कई महीनों से शिक्षक की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर वह कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। बच्चों को मनाने में जुटे शिक्षक कलेक्टर को शिकायत के बाद भी स्कूल में शिक्षक की कमी से नाराज बच्चे आज स्कूल छोड़कर सड़क पर आ गए और स्कूल में शिक्षक की मांग करने लगे। वहीं अन्य शिक्षक उन्हें मनाने में लगे हैं।

छत्तीसगढ़ में पारिवारिक हकत्याग रजिस्ट्री पर राहत, सिर्फ ₹500 शुल्क से अभिलाष को हुआ बड़ा फायदा

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में अभिलाष को मिली 46,846 रुपये की राहत, बचत की पूरी राशि बहनों को दी उपहार में पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये होने से कम हुआ आर्थिक बोझ, परिवार की खुशियों का माध्यम बनी शासन की पहल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में पंजीयन सेवाओं में सुधार से आम नागरिकों को मिल रही सहूलियत रायपुर,   छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और किफायती बनाने के लिए किए गए सुधार आम नागरिकों को आर्थिक राहत देने के साथ परिवारों की खुशियों का भी माध्यम बन रहे हैं। बलौदाबाजार जिले के अभिलाष की कहानी इसकी एक मिसाल है। पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित होने से उन्हें 46 हजार 846 रुपये की बचत हुई। इस आर्थिक राहत से मिली खुशी को उन्होंने अनूठे अंदाज में अपनी बहनों के साथ साझा किया और बचत की पूरी राशि उन्हें उपहार स्वरूप दे दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा नागरिक सुविधाओं के विस्तार और प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पारिवारिक हकत्याग के दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित करना इन्हीं जनहितैषी सुधारों में शामिल है। इन सुधारों का लाभ हितग्राहियों तक किस प्रकार पहुंच रहा है, यह जानने के लिए विभाग द्वारा 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत नागरिकों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। रजिस्ट्री में हुई बचत से बहनों के चेहरे पर बिखरी मुस्कान सेवा संकल्प अभियान के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान अभिलाष ने बताया कि पारिवारिक हकत्याग से संबंधित दस्तावेज का पंजीयन कराने पर उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती शुल्क का लाभ मिला। पहले जहां इस प्रक्रिया में अधिक राशि खर्च होती, वहीं अब मात्र 500 रुपये पंजीयन शुल्क लगने से उनके 46,846 रुपये बच गए। उन्होंने इस बचत को केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरी राशि अपनी बहनों को उपहार स्वरूप देकर परिवार की खुशियों को और बढ़ा दिया। अभिलाष के लिए शासन की यह पहल दोहरी खुशी लेकर आई। एक ओर संपत्ति संबंधी आवश्यक दस्तावेज का पंजीयन कम खर्च में पूरा हुआ, वहीं दूसरी ओर बचत की राशि परिवार के सदस्यों के काम आई। उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया में मिली आर्थिक राहत और सुविधा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। पारिवारिक संपत्ति के दस्तावेजों का पंजीयन हुआ किफायती राज्य सरकार द्वारा पारिवारिक हकत्याग से संबंधित पात्र दस्तावेजों के लिए पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित किए जाने से नागरिकों को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति संबंधी अधिकारों के व्यवस्थापन में होने वाला खर्च कम हुआ है। विशेष रूप से उन परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है, जिन्हें पहले पंजीयन शुल्क के रूप में अधिक राशि खर्च करनी पड़ती थी। बलौदाबाजार के अभिलाष का अनुभव दर्शाता है कि शासन के नीतिगत सुधार किस प्रकार आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। रजिस्ट्री में बचाए गए 46,846 रुपये जब बहनों को उपहार के रूप में मिले, तो पंजीयन शुल्क में मिली राहत पारिवारिक स्नेह और खुशियों की एक यादगार कहानी बन गई।

छत्तीसगढ़ की नोनी सशक्तिकरण योजना बनी मददगार, निकिता के लिए आसान हुई पढ़ाई की राह

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी श्रमिक परिवार की बेटी निकिता के सपनों को मिला संबल, नोनी सशक्तिकरण योजना से पढ़ाई की राह हुई आसान 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता से पूरी हो रहीं शैक्षणिक जरूरतें, उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहे कदम मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार, बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही योजना रायपुर,  आर्थिक संसाधनों की कमी किसी बेटी की शिक्षा और आगे बढ़ने के सपनों में बाधा न बने, इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि बेटियों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने और उन्हें आत्मनिर्भर भविष्य की ओर आगे बढ़ने में मददगार साबित हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम धुरकोट निवासी निकिता कहरा भी इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। उन्हें श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है, जिससे उनकी आगे की पढ़ाई को सहारा मिला है। शिक्षा के सपनों को मिला आर्थिक सहयोग निकिता कहरा के लिए योजना के तहत मिली 20 हजार रुपये की सहायता राशि पढ़ाई जारी रखने और शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच शिक्षा से जुड़े खर्चों की व्यवस्था करना श्रमिक परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में शासन से प्राप्त यह सहायता निकिता को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने में सहयोग प्रदान कर रही है। इस आर्थिक सहायता से निकिता को पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। साथ ही उन्हें अपनी शिक्षा जारी रखने और भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन भी मिला है। श्रमिक परिवारों की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों की पात्र बेटियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य बेटियों को आर्थिक संबल देकर उनकी शिक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना है। निकिता कहरा ने योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह सहायता राशि शिक्षा से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम बनी है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत निकिता कहरा की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाला आर्थिक सहयोग श्रमिक परिवारों की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना जैसी पहलें बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें शिक्षित, सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

सेवा संकल्प अभियान : जया बाई को मिला पक्का मकान, बदली जिंदगी और बढ़ा परिवार का भरोसा

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी पक्के घर का सपना हुआ साकार, प्रधानमंत्री आवास योजना से जया बाई के जीवन में आई नई खुशियां अपने आशियाने में परिवार को मिली सुरक्षा और सुकून, बेहतर रहन-सहन की राह हुई आसान प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार रायपुर,   हर परिवार का सपना होता है कि उसके सिर पर अपनी पक्की छत हो, जहां वह सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। आर्थिक परिस्थितियों के कारण कई परिवारों के लिए यह सपना पूरा करना आसान नहीं होता, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ऐसे जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कटघरी निवासी श्रीमती जया बाई के जीवन में भी इस योजना से खुशियों का नया अध्याय जुड़ा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें अपना पक्का मकान मिला है, जिससे परिवार को सुरक्षित आश्रय और बेहतर रहन-सहन की सुविधा प्राप्त हुई है। पक्की छत मिलने से दूर हुई मौसम की चिंता, परिवार को मिला सुरक्षित आश्रय श्रीमती जया बाई के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित पक्का मकान केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और सुकून का आधार बन गया है। अब उनका परिवार अपने पक्के घर में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में जीवन बिता रहा है। पक्का आवास मिलने से बारिश और मौसम की अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षा मिली है। साथ ही परिवार के रहन-सहन में भी सकारात्मक बदलाव आया है। अपने घर का सपना पूरा होने से जया बाई और उनके परिवार को भविष्य के प्रति नया भरोसा मिला है। पक्की छत के नीचे परिवार के साथ सुरक्षित जीवन बिताने की खुशी उनके लिए विशेष महत्व रखती है। यह आवास उनके वर्तमान जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ बेहतर भविष्य की उम्मीदों को भी मजबूत कर रहा है। पक्का आवास बना सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य का आधार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित छत मिलने के साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्रीमती जया बाई ने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए शासन से मिला यह आवास वर्षों से संजोए अपने घर के सपने के साकार होने जैसा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के पात्र ग्रामीण परिवारों तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत श्रीमती जया बाई की यह कहानी दर्शाती है कि पक्का आवास मिलने से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और सम्मान का नया आधार तैयार हो रहा है। अपना घर होने का सुख परिवारों को बेहतर जीवन और सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।

छत्तीसगढ़ की मिनीमाता महतारी जतन योजना से प्रिया को राहत, मातृत्व के सफर में मिली आर्थिक मदद

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी मातृत्व के अनमोल पलों में प्रिया को मिला आर्थिक संबल, मिनीमाता महतारी जतन योजना बनी सहारा 20 हजार रुपये की सहायता से मां और नवजात शिशु के पोषण एवं देखभाल की राह हुई आसान श्रमिक परिवारों की माताओं को मिल रही आर्थिक राहत, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार रायपुर,  मां बनना किसी भी महिला के जीवन का अनमोल अनुभव होता है। इस दौरान मां और नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल के लिए परिवार को अतिरिक्त आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में छत्तीसगढ़ शासन की मिनीमाता महतारी जतन योजना श्रमिक परिवारों की महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेमरा निवासी श्रीमती प्रिया कश्यप को भी इस योजना के तहत 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। इस राशि से उन्हें प्रसव के बाद अपने स्वास्थ्य, पोषण और नवजात शिशु की देखभाल संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली है। मां और नवजात शिशु की देखभाल में मिली आर्थिक राहत श्रीमती प्रिया कश्यप के लिए मातृत्व के महत्वपूर्ण समय में मिनीमाता महतारी जतन योजना आर्थिक संबल बनकर आई है। प्रसव के बाद मां के स्वास्थ्य की देखभाल के साथ नवजात शिशु के पोषण और आवश्यक जरूरतों पर विशेष ध्यान देना होता है। इस दौरान पौष्टिक आहार, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने से परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में योजना के तहत प्राप्त 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रिया और उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हुई। इस राशि से उन्हें प्रसव के बाद की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिला, जिससे वे अपने स्वास्थ्य और नवजात शिशु की बेहतर देखभाल पर ध्यान दे सकीं। आर्थिक सहायता मिलने से मातृत्व के इस महत्वपूर्ण समय में परिवार को राहत मिली। मिनीमाता महतारी जतन योजना से श्रमिक परिवारों को मिल रहा संबल छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना का उद्देश्य पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है, ताकि प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु के पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिल सके। श्रीमती प्रिया कश्यप ने योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह सहायता राशि मातृत्व के दौरान आवश्यक जरूरतों को पूरा करने और नवजात शिशु की देखभाल में महत्वपूर्ण सहयोग बनी है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत श्रीमती प्रिया कश्यप की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली समयबद्ध आर्थिक सहायता जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। मिनीमाता महतारी जतन योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों की महिलाओं को मातृत्व के महत्वपूर्ण समय में आर्थिक संबल मिल रहा है, जिससे मां और नवजात शिशु के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल की दिशा में सहयोग प्राप्त हो रहा है।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से कोलकाता के लिए फिर मिलेगी हवाई सेवा, उड़ान शुरू होने की तैयारी

बिलासपुर. चकरभाठा स्थित बिलासा एयरपोर्ट से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एलायंस एअर ने विंटर शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इस शेड्यूल में दो अहम बदलाव किए गए हैं। कोलकाता के लिए करीब डेढ महीने से बंद विमान सेवा फिर से बहाल कर दी गई है। वहीं, रविवार को दिल्ली के लिए शाम को संचालित होने वाली उड़ान अब दोपहर में मिलेगी। नया शेड्यूल 25 अक्टूबर से लागू होकर 27 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत बिलासपुर से दिल्ली, अंबिकापुर, प्रयागराज और कोलकाता के लिए सप्ताह के अलग-अलग दिनों में विमान सेवाएं निर्धारित की गई हैं। कोलकाता की उड़ान दोबारा शुरू होने से यात्रियों को इस शहर के लिए हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी, जबकि रविवार को दिल्ली जाने वाली उड़ान के समय में बदलाव से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना नए समय के अनुसार बनानी होगी। जारी शेड्यूल के अनुसार दिल्ली-बिलासपुर-अंबिकापुर-दिल्ली उड़ान सोमवार और बुधवार को संचालित होगी। सोमवार को दिल्ली से विमान सुबह 8:20 बजे रवाना होकर 10:55 बजे बिलासपुर पहुंचेगा। इसके बाद 11:20 बजे बिलासपुर से अंबिकापुर के लिए उड़ान भरेगा और दोपहर 12:05 बजे पहुंचेगा। अंबिकापुर से दिल्ली के लिए विमान दोपहर 12:30 बजे रवाना होकर 3 बजे पहुंचेगा। इसी तरह बुधवार को दिल्ली से विमान सुबह 8 बजे रवाना होकर 10:35 बजे बिलासपुर पहुंचेगा। बिलासपुर से अंबिकापुर के लिए उड़ान सुबह 11 बजे निर्धारित है। इसके बाद 12:10 बजे अंबिकापुर से दिल्ली से उड़ान भरेगा और वहां 14:40 बजे पहुंचेगा। प्रयागराज के लिए भी उड़ान सुविधा शेड्यूल में शुक्रवार और रविवार को बिलासपुर-प्रयागराज-दिल्ली तथा दिल्ली-प्रयागराज-बिलासपुर रूट पर उड़ानों का संचालन निर्धारित किया गया है। शुक्रवार को दिल्ली से विमान सुबह 8 बजे उड़ान भरकर 10:35 बजे बिलासपुर पहुंचेगा। इसके बाद बिलासपुर से प्रयागराज के लिए सुबह 11 बजे उड़ान निर्धारित है, जो दोपहर 12:15 बजे पहुंचेगी। प्रयागराज से दिल्ली के लिए विमान दोपहर 12:40 बजे रवाना होकर 2:30 बजे पहुंचेगा। इसी तरह रविवार को दिल्ली से प्रयागराज के लिए सुबह 8 बजे उड़ान होगी। प्रयागराज से विमान सुबह 10:15 बजे बिलासपुर के लिए रवाना होकर 11:35 बजे पहुंचेगा। इसके बाद बिलासपुर से दिल्ली के लिए दोपहर 12 बजे विमान रवाना होगा, जो 2:40 बजे पहुंचेगा। इसी समय में बदलाव हुआ है। यह विमान बिलासपुर से शाम उड़ता था। कोलकाता की उड़ान शुक्रवार और रविवार को विंटर शेड्यूल में बिलासपुर-कोलकाता के बीच शुक्रवार और रविवार को विमान सेवा निर्धारित की गई है। शुक्रवार को कोलकाता से विमान सुबह 11:40 बजे रवाना होकर दोपहर 1:30 बजे बिलासपुर पहुंचेगा। इसके बाद बिलासपुर से दोपहर 1:55 बजे उड़ान भरकर शाम 4:10 बजे कोलकाता पहुंचेगा। रविवार को कोलकाता से विमान सुबह 9:30 बजे रवाना होकर 11:15 बजे बिलासपुर पहुंचेगा। वापसी में बिलासपुर से सुबह 11:40 बजे उड़ान भरकर विमान दोपहर 1:30 बजे कोलकाता पहुंचेगा। बिलासपुर को नहीं मिली नई उड़ान, समिति नाराज हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति और बिलासपुर की जनता के लगातार विरोध के बाद बिलासपुर से कोलकाता की उड़ान को बहाल तो कर दिया गया है। लेकिन बिलासपुर को कोई नई उड़ान नहीं सुविधा नहीं दी गई है। जिसकी आलोचना करते हुए समिति ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार ने पहले से ही सर्व सुविधायुक्त रायपुर एयरपोर्ट को हैदराबाद और नई दिल्ली की दो नई सब्सिडी वाली उड़ानें दी है। रायपुर से दिल्ली के लिए दिन में पहले से ही छह उड़ान चल रही है और रायपुर से हैदराबाद के लिए भी तीन उड़ने उपलब्ध है। इसके बावजूद सरकार की अनुशंसा पर और सब्सिडी दिए जाने पर रायपुर से रीवा होकर दिल्ली सप्ताह में तीन दिन और रायपुर से जगदलपुर होकर हैदराबाद सप्ताह में तीन दिन उड़ान एलायंस एअर चलाएगा। रायपुर को पहले से ही इंडिगो एयर इंडिया, स्टार एयरवेज समेत कई कंपनियों की सेवा मिल रही है जबकि बिलासपुर को केवल एलायंस एअर अपनी सेवा दे रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के इस फैसले से अब एलायंस एअर की सेवाओं में भी बंटवारा कर दिया गया है। यह देखते हुए कि एलायंस एअर के पास विमानो की कमी है राज्य सरकार के द्वारा इसके उड़ानों को रायपुर के लिए डाइवर्ट करना व्यापक जनहित में नहीं है। समिति ने की मांग हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति की मांग है कि अंबिकापुर-रायपुर-जगदलपुर-हैदराबाद उड़ान को अंबिकापुर-बिलासपुर-जगदलपुर होकर हैदराबाद चलाया जाए। वहीं रायपुर-रीवा-दिल्ली उड़ान की कोई आवश्यकता नहीं बताते हुए उसे बिलासपुर-रीवा-दिल्ली के लिए चलाने का मुद्दा उठाया है। 

CM हेल्पलाइन की शिकायतों पर सख्त मुख्य सचिव विकासशील, भौतिक सत्यापन के बाद कार्रवाई के निर्देश

सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करें- मुख्य सचिव विकासशील  समस्याओं का भौतिक सत्यापन कर जवाबदेही के साथ करें कार्रवाई धान खरीदी नीति, जल जीवन मिशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे और विभागीय योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण को प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।  सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को गंभीरता से लें, समस्याओं का कराएं भौतिक सत्यापन       मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में अब तक राज्य में लगभग दो लाख शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा करने तथा समस्याओं का वास्तविक स्वरूप जानने के लिए आवश्यकतानुसार भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संबंधित नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने और निराकरण की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। धान खरीदी नीति और जल जीवन मिशन की तैयारियों की समीक्षा       बैठक में आगामी धान खरीदी के लिए नीति तैयार करने तथा जल जीवन मिशन से संबंधित नीति के शेष बिंदुओं को समय पर पूरा करने के संबंध में चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को सभी आवश्यक बिंदुओं की समीक्षा कर कमियों को दूर करने तथा कार्ययोजना को व्यवस्थित रूप से अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने जल उपयोगिता से जुड़े विषयों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। डिजिटल क्रॉप सर्वे और अन्य विभागीय विषयों पर चर्चा       बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा करने तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। प्लानिंग एरिया में अनुमति, टीएसपी एक्ट तथा प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।  पारस पोर्टल के एजेंडा बिंदुओं और आधारभूत परियोजनाओं की समीक्षा       बैठक में पारस पोर्टल के अंतर्गत शामिल एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा की गई। आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं को बिना अनावश्यक विलंब के आगे बढ़ाने तथा जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए। पेंशन और प्रशिक्षण से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई। कर्मचारी चयन मंडल को समय पर भेंजे प्रस्ताव       मुख्य सचिव ने कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया के लिए संबंधित विभागों को अपनी आवश्यकताएं एवं प्रस्ताव समय पर भेजने के निर्देश दिए। सभी विभाग अपने-अपने विषयों और प्रस्तावों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करें। बैठक में सेवा सेतु, नियामकीय प्रावधानों तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे से बाहर रह गई प्रेडिसेसर सर्विसेज को इसके अंतर्गत लाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के विकास पर जोर        बैठक में नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के विकास एवं बेहतर प्रबंधन के संबंध में चर्चा की गई। बॉटनिकल गार्डन में आधुनिक तकनीकों, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र के प्रबंधन और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं का अध्ययन कर उपयोगी पहलुओं को अपनाने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को बॉटनिकल गार्डन के सुनियोजित विकास, आकर्षक स्वरूप और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जंगल सफारी के प्रबंधन, संचालन और सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।        बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव सुरीना बाबा साहेब कंगाले, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ.रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

छात्रवृत्ति के लिए जरूरी दस्तावेज मिलने से पिता को मिली राहत, रीमा और चमेली देवी की शिक्षा को मिलेगा संबल

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी बेटियों की पढ़ाई की राह हुई आसान, सेवा सेतु केन्द्र से रामप्रसाद को समय पर मिला आय प्रमाण पत्र छात्रवृत्ति के लिए जरूरी दस्तावेज मिलने से पिता को मिली राहत, रीमा और चमेली देवी की शिक्षा को मिलेगा संबल सरल और समयबद्ध शासकीय सेवाओं से नागरिकों को मिल रही सुविधा, कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत रायपुर बेटियों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयासरत एक पिता को जब जरूरी शासकीय दस्तावेज समय पर मिल जाए, तो उसकी बड़ी चिंता दूर हो जाती है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम फरहदा निवासी रामप्रसाद मरार के लिए सेवा सेतु केन्द्र ऐसी ही राहत लेकर आया है। अपनी दोनों पुत्रियों रीमा और चमेली देवी की छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक आय प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे रामप्रसाद को सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से शीघ्र ही प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इससे उनकी बेटियों को शासन की छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया आसान हो गई है। बेटियों की छात्रवृत्ति के लिए जरूरी था आय प्रमाण पत्र ग्राम फरहदा निवासी रामप्रसाद मरार, पिता स्वर्गीय पृथ्वीराम मरार अपनी दोनों पुत्रियों रीमा और चमेली देवी की शिक्षा को लेकर सजग हैं। बेटियों की पढ़ाई के लिए शासन द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। इसके लिए उन्होंने तहसील कार्यालय अकलतरा स्थित सेवा सेतु केन्द्र में आवेदन किया। सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से उनके आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र ही आय प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया गया। समय पर आवश्यक दस्तावेज मिलने से रामप्रसाद को बड़ी राहत मिली। अब वे अपनी दोनों पुत्रियों की छात्रवृत्ति संबंधी आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगे। इससे बेटियों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त करने का मार्ग सुगम होगा। सेवा सेतु से आसान हुई शासकीय प्रक्रिया, समय पर मिला प्रमाण पत्र रामप्रसाद मरार के लिए सेवा सेतु केन्द्र की सुविधा उपयोगी साबित हुई। आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल होने और समय पर दस्तावेज उपलब्ध होने से उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। आय प्रमाण पत्र मिलने से बेटियों की छात्रवृत्ति के लिए जरूरी दस्तावेज की आवश्यकता पूरी हो गई है। रामप्रसाद ने इस सुविधा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह प्रमाण पत्र केवल एक शासकीय दस्तावेज नहीं, बल्कि बेटियों की पढ़ाई जारी रखने और उनके बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण सहयोग है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासकीय सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में सेवा सेतु केन्द्र नागरिकों के लिए सुविधाजनक माध्यम बन रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों तक शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। रामप्रसाद मरार की यह कहानी दर्शाती है कि समय पर मिलने वाली शासकीय सेवाएं आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने के साथ उनके बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य की राह भी आसान बना सकती हैं।

छत्तीसगढ़ की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का अकाउंट हैक, QR कोड स्कैन कर ठगी की कोशिश

सूरजपुर. साइबर अपराधों की लगातार संख्या बढ़ रही है. आए दिन व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने की खबर सामने आती है. अब छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने का मामला सामने आया है. अकाउंट के हैक होने के बाद साइबर ठग उनके संपर्क में मौजूद लोगों को फर्जी संदेश भेजकर पैसे की मांग कर रहे हैं. हैक किए गए मंत्री राजवाड़े के व्हाट्सएप अकाउंट से भेजे जा रहे संदेश में लिखा जा रहा है कि, एक छोटी सी हेल्प चाहिए, मेरा यूपीआई ब्लॉक हो गया है, अर्जेन्ट है, 32000 रुपए चाहिए. साथ ही एक QR कोड (स्कैनर) भी भेज रहे हैं, ताकि लोग ऑनलाइन भुगतान कर दें. मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नाम और नंबर का दुरुपयोग कर की जा रही इस साइबर ठगी से न केवल मंत्री बल्कि उनके परिचितों और आम लोगों में भी चिंता का माहौल है. बताया गया है कि वह आज सुबह सूरजपुर में आयोजित रोड सेफ्टी कार्यक्रम के तहत बाइक रैली आयोजन में व्यस्त थीं.  मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने और उनके संपर्कों को फर्जी संदेश भेजकर पैसे मांगने के मामले में जांच कर रही है. लोगों से सावधान रहने की अपील मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर स्टोरी शेयर करते हुए अपना व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने की जानकारी दी है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए बताया कि अगर उनके व्हाट्सएप से पैसे की मांग की जाती है तो सावधान रहें, साथ ही किसी भी लिंक पर क्लिक न करें. इस सन्देश को गंभीरता से लेने की अपील की गई है.