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गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने पर किसानों में खुशी, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा को गन्ना भेंटकर किया अभिनंदन

रायपुर गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने पर कबीरधाम जिले के गन्ना उत्पादक किसानों में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर आज बोड़ला सर्किट हाउस में भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों एवं क्षेत्र के किसानों ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। किसानों ने उन्हें गन्ना भेंटकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और गन्ना उत्पादकों के हित में लिए गए निर्णय के लिए बधाई देते हुए  किसानों ने कहा कि गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने से जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। इससे खेती की लागत निकालने में मदद मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गन्ने का बेहतर मूल्य मिलने से किसानों का उत्साह बढ़ेगा तथा गन्ने की खेती को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस अवसर पर किसानों ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की मेहनत और उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह निर्णय गन्ना उत्पादक किसानों के लिए राहत और उत्साह का विषय है। किसानों ने गन्ना भेंटकर किया आत्मीय अभिनंदन बोड़ला सर्किट हाउस में आयोजित स्वागत के दौरान भारतीय किसान संघ कवर्धा के जिला उपाध्यक्ष श्री दिनेश चंद्रवंशी, बोड़ला ब्लॉक अध्यक्ष श्री पंकज वर्मा सहित किसान श्री विनोद वर्मा, श्री महेश वर्मा, श्री टीकाराम साहू, श्री तुलश धुर्वे, श्री प्रदुम्न वर्मा एवं श्री रामफल वर्मा ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का गन्ना भेंटकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। सभी ने गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और किसानों के हितों के प्रति संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री साय ने की मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा

रायपुर मजबूत अधोसंरचना किसी भी राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार होती है। छत्तीसगढ़ में सड़क, भवन और अन्य सार्वजनिक अधोसंरचनाओं का निर्माण केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाले दशकों की जरूरतों, बढ़ती आबादी, औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों और बदलती तकनीक को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। राज्य में होने वाले प्रत्येक पूंजीगत निवेश का अधिकतम लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों तक पहुंचे, यह हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। बैठक में अधोसंरचना विकास के लिए पूंजीगत व्यय की प्राथमिकताएं, परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन, सड़क नेटवर्क का दीर्घकालिक विकास, सार्वजनिक परिसंपत्तियों का रखरखाव, आधुनिक निर्माण तकनीक, विभागीय समन्वय और आगामी कार्ययोजना सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘अंजोर विजन 2047’ के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के दीर्घकालिक लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में आधुनिक, सुदृढ़ और टिकाऊ अधोसंरचना की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए पूंजीगत व्यय करने वाले सभी विभागों को अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए समन्वित और दीर्घकालिक कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ना होगा। पूंजीगत निवेश का आर्थिक और सामाजिक प्रभाव हो परियोजनाओं की प्राथमिकता का आधार मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अधोसंरचना पर किया जाने वाला व्यय केवल निर्माण पर होने वाला खर्च नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है। इसलिए परियोजनाओं का चयन करते समय यह आकलन किया जाना चाहिए कि संबंधित परियोजना से आवागमन, उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन, रोजगार और नागरिक सुविधाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के वित्तीय संसाधनों का उपयोग ऐसी परियोजनाओं में प्राथमिकता से किया जाए, जिनसे अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ मिले, आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो और संबंधित क्षेत्र के विकास की नई संभावनाएं खुलें। परियोजनाओं की प्राथमिकता केवल तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर तय न होकर उनके दीर्घकालिक आर्थिक और सामाजिक प्रभाव के आधार पर भी निर्धारित की जाए। बजट से निर्माण तक हर चरण की तय हो समय-सीमा मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसी परियोजना के लिए बजट प्रावधान हो जाने मात्र से उद्देश्य पूरा नहीं होता। बजट में स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना को धरातल पर समय से पूरा करना सबसे महत्वपूर्ण है। परियोजनाओं में देरी से उनकी लागत बढ़ती है और नागरिकों को मिलने वाला लाभ भी विलंबित होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना की अवधारणा और योजना तैयार करने से लेकर बजट प्रावधान, प्रशासकीय स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया, कार्यादेश और निर्माण पूर्ण होने तक प्रत्येक चरण के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। प्रत्येक स्तर पर प्रगति की नियमित समीक्षा हो और अनावश्यक विलंब के कारणों को समय रहते दूर किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समयबद्धता के साथ गुणवत्ता भी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। निर्माण कार्यों में निर्धारित तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता न हो। प्रदेश के सड़क नेटवर्क का तैयार हो दीर्घकालिक मास्टर प्लान मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश में सड़क नेटवर्क के सुनियोजित विस्तार की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को राज्यभर में यातायात की मौजूदा स्थिति, बढ़ती आबादी, औद्योगिक विकास, नए आर्थिक केंद्रों और भविष्य में संभावित यातायात दबाव का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किन मार्गों को दो लेन और किन मार्गों को चार लेन करने की आवश्यकता है, इसका विस्तृत सर्वे कराया जाए। इसके आधार पर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सड़क नेटवर्क का दीर्घकालिक मास्टर प्लान तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क केवल यात्रा को सुगम नहीं बनाता, बल्कि बाजारों तक पहुंच आसान करता है, व्यापार और उद्योग को गति देता है, कृषि उत्पादों के परिवहन को बेहतर बनाता है और नए क्षेत्रों में निवेश एवं रोजगार की संभावनाएं भी पैदा करता है। इसलिए सड़क निर्माण को संबंधित क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों, शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच निर्बाध और बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। निर्माण जितना महत्वपूर्ण, नियमित रखरखाव भी उतना ही आवश्यक मुख्यमंत्री  साय ने सड़कों, भवनों और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के नियमित रखरखाव के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक अधोसंरचना के निर्माण पर बड़ी राशि खर्च की जाती है। यदि उसका समय पर रखरखाव नहीं किया जाए तो छोटी खराबियां आगे चलकर गंभीर रूप ले लेती हैं और उनकी मरम्मत पर अधिक खर्च करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि निर्माण परियोजनाओं की योजना बनाते समय ही उनके दीर्घकालिक रखरखाव की व्यवस्था भी तय की जाए। नियमित निरीक्षण और समयबद्ध मरम्मत के लिए स्पष्ट कार्यप्रणाली विकसित हो। इससे परिसंपत्तियों की कार्यशील आयु बढ़ेगी, सरकारी संसाधनों की बचत होगी और नागरिकों को लगातार बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति का नागरिकों के दैनिक जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। अच्छी अधोसंरचना नागरिकों के जीवन को सुगम बनाती है, जबकि रखरखाव के अभाव में वही परिसंपत्ति असुविधा का कारण बन जाती है। इसलिए निर्माण के साथ रखरखाव को भी समान प्राथमिकता दी जाए। स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक भवनों में भविष्य की जरूरतों का हो प्रावधान मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य सार्वजनिक भवनों की योजना तैयार करते समय केवल वर्तमान जरूरतों का आकलन पर्याप्त नहीं है। आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों अथवा उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ने और नई सुविधाओं की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए भवनों की डिजाइन तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण की प्रारंभिक योजना में ही भविष्य में संभावित विस्तार, सुरक्षा, सुगम पहुंच, उपयोगिता और रखरखाव जैसे पहलुओं को शामिल किया जाए। इससे भविष्य में अतिरिक्त निर्माण पर होने वाले अनावश्यक व्यय को कम किया जा सकेगा और उपलब्ध परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग होगा। आधुनिक तकनीक और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाए छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री  साय ने निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अधिकाधिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को … Read more

दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन पर रवि किशन का निशाना, राहुल गांधी को लेकर दिया बयान

रायपुर. भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन मंगलवार सुबह रायपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कांग्रेस के दिल्ली प्रदर्शन को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। मोदी को हरा नहीं पा रहे हैं इसलिए लोगों को हाईजैक करने पर आ गए हैं। मारपीट पर उतारू हो गए हैं। भारत को फिर से पीछे लेकर जाना चाहती है कांग्रेस रवि किशन ने निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने 65 साल तक देश का शोषण किया और अब वह भारत को फिर से पीछे लेकर जाना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान वैश्विक स्तर पर बढ़ा है और देश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। संसद नहीं चलने देने का लगाया आरोप भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के कारण लोगों को नौकरी और जरूरी कामों के लिए आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। EVM और वोट चोरी के आरोपों पर उठाए सवाल रवि किशन ने चुनाव में EVM और वोट चोरी को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है, तब EVM और वोट चोरी का आरोप क्यों नहीं लगाती है ? उन्होंने कांग्रेस से विकास के मुद्दों पर राजनीति करने और देश के लिए अपना रोडमैप स्पष्ट करने की बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसे भारत की बात करती है, जहां दंगे न हों, विकास हो और जनता की आवाज सुनी जाए। रवि किशन ने कहा कि सड़क जाम करना आंदोलन का उचित तरीका नहीं है। गरबा महोत्सव में शामिल होंगे रवि किशन बता दें कि रवि किशन आज बिलासपुर में आयोजित गरबा महोत्सव में विशेष अतिथि के तौर पर शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे। रायपुर एयरपोर्ट से वह सीधे बिलासपुर जाएंगे। 

बोड़ला में ₹60 लाख के विकास कार्यों का भूमिपूजन, प्रशासनिक सुविधाओं और उच्च शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

उप मुख्यमंत्री ने बोड़ला में 60 लाख रूपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन प्रशासनिक सुविधाओं और उच्च शिक्षा के विस्तार को मिलेगी मजबूती उप मुख्यमंत्री ने 40 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की, कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट और एआई सुविधाओं के विस्तार की पहल रायपुर   कबीरधाम जिले के बोड़ला में प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार और उच्च शिक्षा के लिए अधोसंरचना विकास को गति देते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज 60 लाख रुपए के दो विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके तहत एसडीएम कार्यालय बोड़ला में 30 लाख रुपए की लागत से सभा कक्ष सह सामुदायिक शौचालय तथा शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय में 30 लाख रुपए की लागत से अतिरिक्त कक्ष का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने 40 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। इसमें कॉलेज में बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए 15 लाख रुपये, बालिका शौचालय निर्माण के लिए 4.60 लाख रुपए, ग्राम भीरा में मंगल भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए तथा सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख 40 हजार रुपए शामिल हैं। इसके साथ ही कॉलेज में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट सुविधा और एआई आधारित तकनीक उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी।       उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल तकनीक और नवाचार के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग ज्ञान बढ़ाने, क्षमताओं के विकास और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी तकनीक के स्वामी बनें, तकनीक उनका स्वामी न बने। चैटजीपीटी, जेमिनाई, ग्रोक और परप्लेक्सिटी जैसे एआई टूल्स का उपयोग पढ़ाई और रचनात्मक कार्यों को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। साथ ही विद्यार्थियों को अपने संस्कारों और मूल्यों को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विधानसभा क्षेत्र के 85 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इनमें 50 स्थानों पर स्मार्ट बोर्ड लगाए जा चुके हैं तथा शेष 35 स्थानों पर भी लगाए जाएंगे। छात्रावासों और महाविद्यालयों में भी डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से विज्ञान, गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान जैसे विषयों की जटिल अवधारणाओं को वीडियो और डिजिटल सामग्री से सरलता से समझाया जा सकेगा।       उप मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की काउंसलिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत एनडीए, सीजीपीएससी, यूपीएससी, कर्मचारी चयन आयोग और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को उनके लक्ष्य के अनुरूप मार्गदर्शन मिल सके। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीक सीखने और उसका विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, नवाचार और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास एवं अभ्यास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष बालका रामकिंकर वर्मा, नगर पंचायत बोड़ला अध्यक्ष विजय पाटिल, बरसाती लाल वर्मा, छोटूराम चंद्रवंशी, मोहन धुर्वे, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष नंद श्रीवास, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ललिता रूपसिंग धुर्वे, कांशीराम उईके, सरपंच श्रीमती रेशमा बाई सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री ने कवर्धा में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का किया भव्य शुभारंभ

रायपुर खेल भावना, अनुशासन और उत्साह के बीच कबीरधाम जिले में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता-2026 का आज भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के स्वामी करपात्री जी स्टेडियम कवर्धा में आयोजित समारोह में  प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस दौरान ध्वज फहराया गया और विभिन्न जोनों से आए खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट कर खेल भावना, एकता और अनुशासन का परिचय दिया। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनका उत्साहवर्धन करते हुए बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।   उप मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल खेलिए और पूरे उत्साह के साथ खेलिए। हार और जीत हमेशा हमारे हाथ में नहीं होती, इसलिए परिणाम की चिंता करने के बजाय अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए। खिलाड़ियों का प्रदर्शन इतना उम्दा होना चाहिए कि दर्शक खेल देखकर शानदार खेल की प्रशंसा करें। यही खेल का असली आनंद और सच्ची खेल भावना है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनत सफलता दिलाती है और सफलता से सम्मान मिलता है। जब आप सफल होते हैं, तो दुनिया आपकी प्रतिभा को पहचानती है। सफलता का कोई अलग मंत्र नहीं है, इसके लिए जरूरी है कि खिलाड़ी अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए पूरी लगन, मेहनत और समर्पण के साथ जुटे रहें।  उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि खिलाड़ियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जीत-हार के पीछे परेशान होने के बजाय अपनी खेल प्रतिभा को तराशने के लिए मेहनत करनी चाहिए और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहिए। उन्होंने प्रदेश के पांचों जोन से आए सभी युवा खिलाड़ियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बस्तर के दूरस्थ अंचलों, अबूझमाड़, सुकमा और बीजापुर से आए खिलाड़ियों से मिलकर  विशेष खुशी हुई। बस्तर के युवा अब नक्सलवाद के दंश को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने और पूरे देश में अपनी प्रतिभा से पहचान बनाने के लिए तैयार हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष  चन्द्रप्रकाश चन्द्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चन्द्रवंशी, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष  कैलाश चन्द्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य  भगत पटेल तथा जनपद पंचायत कवर्धा की अध्यक्ष मती सुषमा गणपत बघेल,  विजय पटेल,  संतोष पटेल,  मनीराम,  लोकचंद साहू,  उमंग पांडेय, जिला शिक्षा अधिकारी  एफ आर वर्मा सहित खिलाड़ी उपस्थित रहे।  प्रदेश के पांचों जोन के 440 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा जिला प्रशासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग, जिला कबीरधाम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह चार दिवसीय प्रतियोगिता 13 से 16 अक्टूबर तक चलेगी। इसमें प्रदेश के बिलासपुर, सरगुजा, बस्तर, रायपुर और दुर्ग जोन के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में बालक वर्ग से 220 और बालिका वर्ग से 220 खिलाड़ी शामिल हैं। इस प्रकार कुल 440 प्रतिभागी एवं अधिकारी प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। वॉलीबाल, सॉफ्टबाल और हैंडबाल में दिखाएंगे प्रतिभा प्रतियोगिता में 14 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं की वॉलीबाल तथा 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं की सॉफ्टबाल और हैंडबाल स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। चार दिनों तक चलने वाली इन स्पर्धाओं में खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा, कौशल और टीम भावना का प्रदर्शन करेंगे।

CG में बड़ी कार्रवाई, हेमचंद यादव विवि के रजिस्ट्रार भूपेंद्र कुलदीप निलंबित

दुर्ग. हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप पर राज्य शासन ने बड़ी कार्रवाई की है. विवादों में चल रहे कुलसचिव को उच्च शिक्षा विभाग ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए निलंबित कर दिया है. कुलसचिव पर शासन ने यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत की है. दरअसल भूपेंद्र कुलदीप पर अपने अधिकारों के गलत इस्तेमाल पद का दुरुपयोग करते हुए विश्विद्यालय खाते से राशि खर्च करने के आरोप लगे थे. इसके अलावा चतुर्थ वर्ग संविदा कर्मचारी महिला के वेतन से एक लाख 49 हजार रुपये अपने बेटे के खाते में ट्रान्सफर करने के मामले में अपराध दर्ज किया गया था. इन सभी मामलों कें लिए उच्च शिक्षा विभाग ने जांच समिति बनाई थी जिसमें भूपेंद्र कुमार कुलदीप दोषी पाए गए थे. जिसके बाद उन्हें सो कॉस जारी किया गया था. लेकिन जवाब संतोष जनक नही होने पर आगे की कार्रवाई की गई. वहीं, 29 सितंबर को उच्च शिक्षा विभाग ने उन्हें कुलसचिव के पद से हटाकर रायपुर स्थित उच्च शिक्षा संचालनालय में अटैच कर दिया था. उनकी जगह दुर्ग के शासकीय वीवाईटी पीजी कॉलेज के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार पांडेय को प्रभारी कुलसचिव बनाया गया था. इस आदेश को भूपेंद्र कुलदीप ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. 9 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने शासन के अटैचमेंट आदेश को रद्द कर दिया. इसके बाद कुलदीप विश्वविद्यालय में दोबारा जॉइनिंग देने पहुंचे, लेकिन कुलपति संजय तिवारी ने उनके कक्ष में ताला लगवा दिया था. अब 12 अक्टूबर को राज्य शासन ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है. इस आदेश में महिला कर्मचारी के वेतन से कथित तौर पर 1.49 लाख रुपए से ज्यादा की रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर कराने के मामले का उल्लेख है. इसके अलावा विश्वविद्यालय में अधिकारों के गलत इस्तेमाल और दूसरी गड़बड़ियों का भी उल्लेख किया गया है. निलंबन के दौरान भूपेंद्र कुमार कुलदीप का मुख्यालय उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर रहेगा. दूसरे मामले में कुलदीप के खिलाफ दुर्ग के मोहन नगर थाने में 3 अगस्त 2026 को एफआईआर दर्ज की गई थी. भूपेंद्र कुलदीप के घर पर साफ सफाई का काम करने वाली विश्वविद्यालय की दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे के मासिक वेतन 11,515 रुपए निर्धारित था, लेकिन उन्हें 2,200 रुपए दिए जाते थे और शेष रकम फोनपे या पेटीएम के माध्यम से कुलदीप के बेटे के खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी.पुलिस के मुताबिक, 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच कथित तौर पर 1,49,384 रुपए का लेनदेन हुआ. इस मामले में कुलदीप को 3 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसी दिन थाने से मुचलके पर रिहा कर दिया गया. शासन के ताजा आदेश में भी इस एफआईआर और उनके जमानत पर होने का उल्लेख किया गया है. हालांकि, आपराधिक मामले में आरोप साबित होने का अंतिम फैसला न्यायालय को करना है.

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव बोले- शिक्षकों का समर्पण बना रहा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त

शिक्षकों का समर्पण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बना रहा सशक्त- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव दुर्ग एवं बेमेतरा जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों का किया गया सम्मान रायपुर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि शिक्षकों के समर्पण और राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था लगातार सशक्त हो रही है। शिक्षकों के समर्पण और राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था लगातार सशक्त हो रही है। दुर्ग जिले के खालसा पब्लिक स्कूल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के अंतर्गत दुर्ग और बेमेतरा जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों, प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को सम्मानित किया।         शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि शिक्षकों का समर्पण, मेहनत और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान और संस्कार का संचार कर रही है, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त हो रही है। उन्होंने शिक्षा श्री, शिक्षा दूत, ज्ञानदीप, उत्कृष्ट प्राचार्य तथा उत्कृष्ट प्रधान पाठक का सम्मान प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।  उत्कृष्ट और समर्पित शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया जाता है, जिससे शिक्षा जगत को प्रोत्साहन मिलता है।         यादव ने बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षित और संस्कारवान बनाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सम्मानित शिक्षकों द्वारा किया गया कार्य अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। इस गरिमामयी समारोह के दौरान संभाग आयुक्त एन. के. राठौड़ सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ के बाल सुधार गृह से 6 बालक फरार, गार्ड को बनाया बंधक और रसोइया पर फेंका खाना

अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक मामला सामने आया है, जहां 6 अपचारी बालक गार्ड को कमरे में बंधक बनाकर और रसोइया पर गर्म खाना फेंककर प्लेस ऑफ सेफ्टी से फरार हो गए। ऐसे में अब वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पूरा मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कन्यापरिसर स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी का है। बताया जा रहा है कि बिती रात 6 अपचारी बालकों ने रसोइया पर गर्म खाना फेंक दिया और गार्ड को कमरा में बंद कर दिया, जिसके बाद सभी फरार हो गए। 2 पकड़ाए, 4 की तलाश जारी घटना के बाद हड़कंप मच गया। आनन-फानन में 2 अपचारी बालकों को पकड़ लिया गया, लेकिन 4 की तलाश अब भी जारी है। इस घटना के बाद प्लेस ऑफ सेफ्टी की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। बालकों की फिलहाल तलाश जारी है। पहले भी भाग चुके हैं कई आपचारी प्लेस ऑफ सेफ्टी से अपचारी बालकों के फरार होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार अपचारी बालकों के भागने की घटना हो चुकी है। ऐसे में प्लेस ऑफ सेफ्टी प्रबंधन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल 4 अपचारी बालकों की तलाश जारी है।

सूरजपुर में सड़क सुरक्षा का संदेश लेकर दौड़े 800 प्रतिभागी, मंत्रियों ने भी निकाली बाइक रैली

सड़क सुरक्षा का संदेश लेकर सूरजपुर में दौड़े 800 प्रतिभागी महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बाइक रैली में हुए शामिल ‘अपना हेल्प क्यूआर’ लोगो का शुभारंभ, दुर्घटना की स्थिति में एक स्कैन से मिलेगी त्वरित सहायता रायपुर, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित यातायात का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सूरजपुर में आयोजित मैराथन में करीब 800 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राजमोहनी माता चौक से मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दोनों मंत्री स्वयं बाइक रैली में शामिल हुए और नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने तथा सुरक्षित वाहन चलाने की अपील की। जिला प्रशासन सूरजपुर और अपना हेल्प क्यूआर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मैराथन का समापन साधुराम सेवा कुंज में हुआ। बच्चों, युवाओं और नागरिकों ने दौड़ में भाग लेकर सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ‘रोड सेफ्टी अपना हेल्प क्यूआर’ के लोगो का भी शुभारंभ हुआ। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़क सुरक्षा की शपथ स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प है। सड़क दुर्घटनाओं का असर केवल घायल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक हैं और उनकी भागीदारी से सुरक्षित यातायात का संदेश अधिक लोगों तक पहुंचेगा। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यातायात नियमों का पालन औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। सुरक्षित यातायात की शुरुआत हर व्यक्ति को स्वयं से करनी होगी। हेलमेट पहनना, सुरक्षित गति से वाहन चलाना और नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट का उपयोग करते रहे हैं। मंत्री श्री जायसवाल ने सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद के लिए नागरिकों से आगे आने की अपील की। उन्होंने बताया कि पीएम राहवीर योजना के तहत दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर सहायता करने वाले पात्र व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। घायलों के लिए निर्धारित प्रावधानों के तहत कैशलेस उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने अटल आरोग्य मंदिरों के माध्यम से दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी साझा की। एक क्यूआर कोड से कई सुविधाएं सूरजपुर जिले में ‘अपना हेल्प क्यूआर’ को पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया गया है। एक क्यूआर कोड स्कैन करने पर नागरिक एम्बुलेंस और पुलिस को कॉल कर सकते हैं, परिजनों को सूचना भेज सकते हैं और गलत पार्किंग की स्थिति में वाहन मालिक को अलर्ट कर सकते हैं। पहल में उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी और पहचान की गोपनीयता का ध्यान रखा गया है। जिले के ब्लाइंड स्पॉट पर भी क्यूआर कोड लगाए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर नागरिक आसानी से सहायता प्राप्त कर सकें। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने कहा कि दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने ‘अपना हेल्प क्यूआर’ को दुर्घटना की स्थिति में जरूरतमंदों तक त्वरित और निःशुल्क सहायता पहुंचाने की दिशा में उपयोगी पहल बताया। उन्होंने नागरिकों से सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहने और दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए आगे आने का आग्रह किया। कार्यक्रम में प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, जनपद अध्यक्ष सूरजपुर श्रीमती स्वाति सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, वनमंडलाधिकारी श्री विपुल अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेंद्र सिंह पाटले, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मैराथन के दौरान  जनसमूह ने सड़क सुरक्षा की शपथ ली। प्रतिभागियों ने यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने, तेज गति से बचने और दुर्घटना की स्थिति में घायलों की सहायता करने का संकल्प लिया। “न कोई दुर्घटना अनदेखी रहेगी, न कोई जरूरतमंद अकेला रहेगा” के संदेश के साथ सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण का आह्वान किया गया।

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा बोले- पर्यावरण संरक्षण पर शोधग्रंथ नई सोच और ज्ञान को देगा बढ़ावा

शोधग्रंथ पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट संगम – उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ​पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम राजीव लोचन कॉलेज के प्राध्यापकों द्वारा संपादित पुस्तक का विमोचन ​​रायपुर उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम (जिला-गरियाबंद) के प्राध्यापकों द्वारा संपादित ज्ञानवर्धक एवं शोधपरक पुस्तक एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट का आज राजस्व और उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने विमोचन किया। श्रीवर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट संगम आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसका सीधा मतलब एक ऐसी शिक्षा प्रणाली से है जो न केवल छात्रों को मानसिक और बौद्धिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक भी बनाती है।        ​इस महत्वपूर्ण ग्रंथ का कुशल संपादन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. समीक्षा चंद्राकर, रसायन शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. देवेन्द्र कुमार तथा वनस्पति शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. सर्वेश कौशिक पटेल के संयुक्त मार्गदर्शन व अथक प्रयासों से किया गया है। इस अवसर पर ​उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने ​पुस्तक के सफल संपादन एवं विमोचन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संपादक मंडल को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। ​      मंत्री वर्मा ने कहा कि ​छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में शोध, मौलिक लेखन और पर्यावरण जैसे वैश्विक विषय पर चिंतन-मनन अत्यंत सराहनीय है। एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट पुस्तक न केवल विद्यार्थियों और शोधार्थियों का मार्गदर्शन करेगी, बल्कि सतत विकास के प्रति जन- जागरूकता फैलाने में भी मील का पत्थर साबित होगी। महाविद्यालयीन प्राध्यापकों द्वारा अकादमिक क्षेत्र में किया गया यह नवोन्मेषी प्रयास पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मैं संपूर्ण संपादक मंडल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। ​पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल        ​वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और पर्यावरण असंतुलन की चुनौतियों के बीच यह पुस्तक सतत विकास और पर्यावरण प्रबंधन के विभिन्न वैज्ञानिक व सामाजिक आयामों को रेखांकित करती है। पुस्तक में प्रस्तुत शोध-पत्र और नीतियां शोधार्थियों, उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों एवं विषय विशेषज्ञों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होंगी।