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टेंडर से अवॉर्ड तक पूरी प्रक्रिया की समय-सीमा तय करने के निर्देश

रायपुर सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ताहीन कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी निर्माण कार्य में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने यह निर्देश आज मंत्रालय महानदी भवन में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यों और गतिविधियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव  उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण के बाद निरीक्षण करने के बजाय निर्माण के दौरान ही नियमित रूप से फील्ड में जाकर गुणवत्ता की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों का निर्माण केवल तकनीकी कार्य नहीं बल्कि आमजन की सुविधा से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक कार्य है और इससे सरकार की छवि भी बनती है। यदि सड़क बनने के कुछ वर्षों के भीतर ही खराब हो जाए तो इससे सरकार की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। बैठक में बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह सड़क कुछ वर्ष पहले ही बनी थी, लेकिन उसकी स्थिति तेजी से खराब हो गई है। यदि सड़क चार वर्ष भी नहीं चले तो इसका कोई औचित्य नहीं रह जाता। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस सड़क के निर्माण में हुई कमियों की गंभीरता से जांच की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो इसके लिए निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता की सख्त निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण कार्य हो रहे हैं, लेकिन आमजन को इन कार्यों की जानकारी नहीं मिल पाती जिससे सकारात्मक नैरेटिव नहीं बनता। उन्होंने निर्देश दिए कि बड़ी सड़क परियोजनाओं के शिलान्यास और भूमिपूजन मुख्यमंत्री और मंत्रियों के हाथों से कराए जाएं तथा उन्हें व्यापक रूप से आमजन के सामने प्रस्तुत किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण के टेंडर जारी होने से लेकर कार्य आवंटन (अवॉर्ड) तक की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि कई ठेकेदार बहुत कम दर यानी बिलो रेट पर टेंडर प्राप्त कर लेते हैं, जिसके कारण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। यदि ठेकेदार बिलो रेट पर टेंडर लेता है तो यह उसकी जिम्मेदारी होगी कि वह कार्य को निर्धारित गुणवत्ता और समय-सीमा में पूरा करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियमावली तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों में लागू बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में भी उपयुक्त प्रावधान लागू किए जाएं। साथ ही टेंडर और डीपीआर जैसे तकनीकी कार्यों के लिए एक अलग इकाई बनाने पर भी गंभीरता से विचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 300 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां बरसात के दौरान संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ऐसे गांवों तक पहुंचने के लिए लोगों को कई बार बीमार मरीजों को खाट में उठाकर ले जाना पड़ता है, जो अत्यंत चिंता का विषय है। खाद्य विभाग से प्राप्त सूची के आधार पर चिन्हित इन गांवों को सड़कों और पुल-पुलियों के माध्यम से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जाए। मुख्यमंत्री  साय ने लैलूंगा–कुंजारा–तोलगेपहाड़–मिलूपारा–तमनार मार्ग के निर्माण की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़ी आबादी निवास करती है और यहां सड़क का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इस मार्ग के कुछ हिस्से में वन स्वीकृति की आवश्यकता होगी, लेकिन शेष हिस्सों में निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए। बैठक में मनेंद्रगढ़–सूरजपुर–अंबिकापुर–पत्थलगांव–कुनकुरी–जशपुर–झारखंड सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 की प्रगति की भी समीक्षा की गई। लगभग 353 किलोमीटर लंबाई वाली इस सड़क परियोजना की स्थिति पर चर्चा की गई।पत्थलगांव-कुनकुरी खंड में भू-अर्जन का मुआवजा दिए जाने की जानकारी भी बैठक में साझा की गई। इसके अलावा अंबिकापुर–सेमरसोत–रामानुजगंज–गढ़वा मार्ग, गीदम–दंतेवाड़ा मार्ग, चांपा–सक्ती–रायगढ़–ओडिशा सीमा मार्ग, रायपुर–दुर्ग मार्ग तथा चिल्फी क्षेत्र की सड़कों सहित कई अन्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।  बैठक में बस्तर में पुल-पुलिया निर्माण सहित 17 सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही राज्य द्रुतगामी सड़क संपर्क मार्ग की आगामी कार्ययोजना की विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में शासकीय भवनों के डिजाइन बहुत पुराने और एक जैसे दिखाई देते हैं। अब समय आ गया है कि शासकीय भवनों का निर्माण आधुनिक डिजाइन और तकनीक के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि भवनों का डिजाइन उनकी उपयोगिता के अनुरूप होना चाहिए और भूमि के बेहतर उपयोग के लिए हॉरिजॉन्टल की जगह वर्टिकल संरचना को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने राजभवन में बन रहे गेस्ट हाउस को भी आधुनिक और गरिमामय स्वरूप में तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आमजन के जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं और लोग सड़क की गुणवत्ता को बहुत महत्व देते हैं। अन्य कई विकास कार्य भले दिखाई न दें, लेकिन सड़कें सीधे लोगों को दिखाई देती हैं और सरकार की छवि भी उसी के आधार पर बनती है। इसलिए लोक निर्माण विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है और इसमें होने वाले कार्यों को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसा तंत्र विकसित किया जाए जिससे सड़कों में बनने वाले गड्ढों की जानकारी समय पर मिल सके और उन्हें तुरंत ठीक किया जा सके। बैठक में मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।।  

ड्रोन तकनीक से किसानों की मदद कर आत्मनिर्भर बनीं सीमा

रायपुर ड्रोन तकनीक से किसानों की मदद कर आत्मनिर्भर बनीं सीमा कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक परेशानियों के बीच जीवन बिताने वाली बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत पौंड़ी, जनपद पंचायत मस्तूरी की सीमा वर्मा आज अपने साहस, मेहनत और नई तकनीक को अपनाने की लगन से सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने जीवन की दिशा बदली, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। गांव में आज ड्रोन दीदी कहलाती हैं। वर्ष 2014 में सीमा वर्मा ने जय मां गायत्री स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी नई यात्रा की शुरुआत की। शुरुआत में उन्होंने समूह के साथ बचत और छोटे-छोटे कार्यों के माध्यम से आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया। ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार के अवसर मिले और उन्होंने पैरा मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू किया। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने इस कार्य को आगे बढ़ाया, जिससे उन्हें नियमित आय मिलने लगी।    कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा ने सीमा को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बाद शासन की सहायता से उन्हें ड्रोन सेट, जनरेटर और ई-वाहन उपलब्ध कराया गया। इसके बाद उन्होंने किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक का छिड़काव करना शुरू किया। आज सीमा वर्मा ड्रोन तकनीक के माध्यम से किसानों की खेती को आसान बना रही हैं और सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। गांव में लोग उन्हें अब स्नेहपूर्वक ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से पुकारते हैं। सीमा वर्मा की यह प्रेरक यात्रा साबित करती है कि सही अवसर, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी अपने हौसले के दम पर नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। ‘बिहान’ योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी और उनके सपनों को नई उड़ान प्रदान की।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में बड़ा हादसा, ट्रक की टक्कर से 5 की जान गई; 17 गंभीर

सिमगा बलौदाबाजार जिले के भाटापारा-सिमगा क्षेत्र में रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर ग्राम दरचुरा के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। बस और ट्रक की जोरदार भिड़ंत में पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 29 अन्य यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार आरबीएस कंपनी की बस (क्रमांक सीजी 07 सीआर 7112) रायपुर से बिलासपुर जा रही थी। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बस दरचुरा चौक के पास यात्रियों को बैठाने के लिए रुकी थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक (क्रमांक एमएच 37 टी 1821) के चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस के पिछले हिस्से में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और सिमगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। कुल 29 घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमगा लाया गया, जहां से 17 गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान हादसे में जान गंवाने वालों में त्रिवेणी साहू (62), दशरथ साहू (80) और खुशी साहू (2 वर्ष) निवासी ग्राम बाबा मोहतरा, राधिका निर्मलकर (24) निवासी बेमेतरा तथा एक अन्य युवती शामिल हैं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मर्ग कायम कर लिया है। प्रार्थी की शिकायत पर ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश की जा रही है।  

शासकीय स्कूलों के बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही विष्णु देव सरकार

रायपुर उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन शासकीय स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे  कोरबा नगर विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन ने  आज शुक्रवार को 32 विद्यालयों में बालक बालिका शौचालय निर्माण और 21 विद्यालयों में किचन शेड निर्माण कार्य समेत 3.08 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कोरबा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दर्री जोन के शासकीय स्कूल अगारखार के पास आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री  लखन लाल देवांगन और महापौर ंमती संजू देवी राजपूत समेत अन्य अतिथि गणों ने विधिवत भूमिपुजन एवं शिलान्यास किया।      भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि, कैबिनेट मंत्री  देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी के सुशासन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और सुसज्जित करने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की शैक्षणिक संस्थाओं में अधोसंरचना को उन्नत करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। जिला खनिज न्यास मद से शासकीय स्कूलों के नवीन भवन निर्माण, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, किचन शेड, सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवॉल का निर्माण तेजी से कराए जा रहे हैं। इसी तरह इसी तरह  कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री  देवांगन ने कहा  कि सुशासन की सरकार में आज कोरबा नगर समेत जिले का सर्वांगीण विकास हो रहा है। जनता की अपेक्षा में खरा उतारते हुए उनकी हर मांग और जरूर को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं। सरस्वती शिशु मंदिर, बच्चों के अंदर भारत और भारतीयता के प्रति, एक नागरिक के रूप में उन कर्तव्यों का बोध कराने, सुयोग्य नागरिक बनाने हेतु अपने राष्ट्रीय दायित्व का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन कर रहा है। शिक्षा के साथ संस्कार भी आज बच्चों को दिए जा रहे हैं। यहां से निकले हुए छात्र आज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में समाज को नेतृत्व देकर 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ जुड़कर पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपना योगदान दे रहे हैं। मेरा सौभाग्य है कि मुझे विकास कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है।    इस अवसर पर मध्य क्षेत्र विद्या भारती के उपाध्यक्ष  जुडावान सिंह ठाकुर,   अशोक तिवारी,  कैलाश नाहक, नगर   मृगेश यादव,  अमृतलाल,  नागेंद्र सिंह,  धीरेंद्र सिंह, स्कूल के व्यवस्थापक  जोगेश लांबा, पार्षद  अशोक चावलानी,  पंकज देवांगन,  नरेंद्र देवांगन,  हीतानंद अग्रवाल,  राकेश वर्मा,  चंद्रलोक सिंह, मती ममता यादव,  राम कुमार साहू, स्कूल के प्राचार्य  राजकुमार देवांगन, अध्यक्ष  नानजी भाई पटेल,  सभापति  नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद  विन्रम तिवारी,  मुकुंद सिंह कंवर,  सरोज शांडिल्य ,  फिरत साहू,  रतन कंवर,  अजय चंद्रा, सहित गणमान्य नागरिक मौजूद थे. विकास के हर पैमाने पर 100 फीसदी खरा उतर रही सरकार: महापौर मती संजू देवी राजपूत इस अवसर पर महापौर ंमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि विष्णुदेव सरकार आज विकास के हर पैमाने पर 100 फीसदी खरा उतरते हुए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय जी के कुशल नेतृत्व और उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन  के मार्गदर्शन में मूलभूत सुविधाओं सीसी रोड, नाली, पेयजल, सफाई, स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन के निर्माण तेजी से हो रहे हैं। शहर के 10 नालों को जोड़कर एसटीपी प्लांट से पानी को ट्रीटमेंट करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।  क्षेत्र वासियों ने की विष्णु सरकार के प्रयासों की  सराहना भूमि पूजन कार्यक्रम में स्थाईजनों ने भी विष्णुदेव सरकार एवं मंत्री  देवांगन के इस पहल को लेकर आभार व्यक्त किया और सरकार के प्रयासों की सराहना की। नागरिकों ने कहा कि शौचालय नहीं होने से स्कूली बच्चों को बहुत परेशानी हो रही थी।  लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की योजनाओं को लेकर सरकार के प्रयासों की सराहना की। क्षेत्र के बच्चों को सर्व सुविधा स्कूलों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे उनका भविष्य उज्जवल होगा। इन कार्यों का भूमि पूजन नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रांतर्गत दर्री जोन के 32 शासकीय विद्यालयों में बालक-बालिका शौचालय निर्माण (लागत 1 करोड़ 60 लाख रुपए) तथा दर्री जोन अंतर्गत 21 शासकीय स्कूलों में किचन शेड निर्माण कार्य (लागत 73 लाख रुपए), कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य वार्ड क्रमांक 19 में सीएसईबी के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में अथिति स्वरूप भवन निर्माण कार्य (लगभग 25 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 22 में रोड निर्माण एवं शेड निर्माण कार्य ( 10 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 24 नेहरू नगर के मुख्य मार्ग में ग्रीनवेल्ट निर्माण कार्य ( 30 लाख रुपए) तथा वार्ड क्रमांक 21 (पूर्व वार्ड क्रमांक 19) गायत्री यज्ञपीठ सीएसईबी कॉलोनी कोरबा में अतिरिक्त भवन निर्माण एवं जीर्णोंद्धार कार्य (लगभग 10 लाख रुपए) शामिल है। शासकीय स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे  कोरबा नगर विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन ने  आज शुक्रवार को 32 विद्यालयों में बालक बालिका शौचालय निर्माण और 21 विद्यालयों में किचन शेड निर्माण कार्य समेत 3.08 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कोरबा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दर्री जोन के शासकीय स्कूल अगारखार के पास आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री  लखन लाल देवांगन और महापौर ंमती संजू देवी राजपूत समेत अन्य अतिथि गणों ने विधिवत भूमिपुजन एवं शिलान्यास किया।      भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि, कैबिनेट मंत्री  देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी के सुशासन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और सुसज्जित करने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की शैक्षणिक संस्थाओं में अधोसंरचना को उन्नत करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। जिला खनिज न्यास मद से शासकीय स्कूलों के नवीन भवन निर्माण, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, किचन शेड, सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवॉल का निर्माण तेजी से कराए जा रहे हैं। इसी तरह इसी तरह  कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री  देवांगन ने कहा  कि सुशासन की सरकार में आज कोरबा नगर समेत जिले का सर्वांगीण विकास हो रहा है। जनता की अपेक्षा में खरा उतारते हुए उनकी हर मांग और जरूर को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं। सरस्वती शिशु मंदिर, बच्चों के अंदर भारत … Read more

जशपुर में भीषण दुर्घटना, घर में जा घुसी बस; 5 की मौत, 20 घायल

जशपुरनगर जशपुर जिले के तपकरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे निर्माणाधीन मकान में घुसते हुए गड्ढे में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 यात्री घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार झारखंड के सिमडेगा जिले के कुरडेग से जशपुर के कुनकुरी के बीच चलने वाली यात्री बस अनमोल शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे कुरडेग से कुनकुरी के लिए रवाना हुई थी। बस जब कुनकुरी से लगभग 14 किलोमीटर दूर हल्दीमुंड पंचायत के आश्रित ग्राम गोड़अम्बा के पास पहुंची, तभी एक पुल के पास अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे निर्माणाधीन मकान में घुसते हुए गड्ढे में पलट गई। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। बस के नीचे दबे कुछ यात्रियों को निकालने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी। दुर्घटना का प्रारंभिक कारण बस का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह मौके पर पहुंचे और घायलों के उपचार की व्यवस्था कराई। घायलों को तपकरा और कुनकुरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री ने जताई संवेदना तपकरा थाना क्षेत्र के गोड़अम्बा में हुई बस दुर्घटना में पांच यात्रियों की मौत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। दुर्घटना के बाद सीएम कैंप कार्यालय बगिया ने भी सक्रियता दिखाते हुए घायलों की सहायता के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कराई और उपचार की व्यवस्था की निगरानी की।  

ड्यूटी के साथ UPSC की तैयारी, धमतरी के डायमंड सिंह ध्रुव बने SP

धमतरी जिले के मगरलोड ब्लाक के ग्राम परसवानी निवासी डायमंड सिंह ध्रुव का संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में चयन हुआ है। उन्होंने परीक्षा में 623वीं रैंक हासिल की है। वर्तमान में वह डीएसपी के पद पर पदस्थ हैं और अब यूपीएससी में चयन के बाद एसपी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बीएचयू और जेएनयू से पढ़ाई मगरलोड ब्लाक के ग्राम परसवानी निवासी अंबिका सूर्यवंशी के पुत्र डायमंड सिंह ध्रुव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर मगरलोड में पहली से पांचवीं तक प्राप्त की। इसके बाद कक्षा छठवीं से 12वीं तक की पढ़ाई रेडिएंट पब्लिक स्कूल निमोरा रायपुर से पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बीए ऑनर्स किया, जबकि पीजी की पढ़ाई जेएनयू दिल्ली से पूरी की। डायमंड सिंह ध्रुव वर्ष 2023 से यूपीएससी की तैयारी में जुटे हुए थे। दिल्ली में रहकर उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और अब तक तीन बार यूपीएससी मेंस की परीक्षा दे चुके हैं। कठिन मेहनत और लगातार प्रयास के बाद उन्हें यह सफलता मिली है। पहले ही प्रयास में सीजीपीएससी परीक्षा पास परिवारजनों ने बताया कि डायमंड ने पहले ही प्रयास में सीजीपीएससी परीक्षा पास कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया था। अब यूपीएससी में चयन होने से परिवार सहित जिले में खुशी का माहौल है। डायमंड सिंह ध्रुव ने बताया कि उनके पिता जनपद पंचायत मगरलोड में कर्मचारी थे, जिससे बचपन से ही शासकीय सेवा के प्रति उनका झुकाव रहा। उन्होंने पीजी की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली में रहकर दोस्तों के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू की। तैयारी के दौरान वह रोजाना छह से सात घंटे तक पढ़ाई करते थे और सेल्फ स्टडी के साथ इंटरनेट का भी उपयोग करते थे।  

गार्ड से मोबाइल पर गाना बजाकर ठुमके लगवाए, फिर डंडों और बेल्ट से पिटाई, बेइज्जती का वीडियो वायरल

 सूरजपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के देवनगर इलाके से एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक फॉरेस्ट नर्सरी में तैनात फॉरेस्ट गार्ड के साथ कुछ स्थानीय युवकों ने न केवल मारपीट की, बल्कि उसे सबके सामने नाचने के लिए भी मजबूर किया. इस पूरी घटना का वीडियो हमलावरों ने खुद रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।  दरअसल, फॉरेस्ट गार्ड अपनी एक महिला साथी के साथ नर्सरी में मौजूद था. इसी दौरान वहां स्थानीय लड़कों का एक गुट पहुंचा और विवाद करने लगा. बात इतनी बढ़ गई कि उन लड़कों ने गार्ड को घेर लिया और डंडों व बेल्ट से उसकी जमकर पिटाई की।  डांस करने पर किया मजबूर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि हमलावर डरे-सहमे गार्ड को मोबाइल पर म्यूजिक बजाकर नाचने के लिए मजबूर कर रहे हैं. गार्ड वर्दी में था और हाथ जोड़कर उनसे विनती कर रहा था, लेकिन युवकों ने उसकी एक न सुनी और उसकी बेइज्जती का वीडियो रिकॉर्ड करते रहे।  विभाग ने जारी किया 'कारण बताओ' नोटिस वीडियो वायरल होने के बाद सूरजपुर फॉरेस्ट डिवीजन के अधिकारियों ने संज्ञान लिया है. हालांकि, गार्ड के साथ हुई मारपीट की निंदा हो रही है, लेकिन वन विभाग ने खुद गार्ड को ही 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर दिया है. विभाग ने पूछा है कि वह ड्यूटी के दौरान किन परिस्थितियों में एक महिला के साथ नर्सरी में मौजूद था।  पुलिस की कार्रवाई का इंतजार पुलिस का कहना है कि अब तक फॉरेस्ट गार्ड की ओर से इस हमले को लेकर कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही लिखित शिकायत मिलेगी, वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

किसानों की खुशहाली को मिला बल, अंतर राशि से शिक्षा और आवास कार्य को सहारा

रायपुर  कृषक उन्नति योजना से सशक्त हो रहे अन्नदाता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसी प्रभावी नीतियों को अमल में लाया है, जिनसे अन्नदाताओं के जीवन में स्थायी और व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। इन पहलों ने न केवल किसानों की आय और आत्मविश्वास को सुदृढ़ किया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति और मजबूती प्रदान की है। सुशासन की प्रतिबद्धता को साकार करते हुए कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान विक्रय करने वाले किसानों को अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान किया गया है।      मुख्यमंत्री साय की मंशा के अनुरूप यह सुनिश्चित किया गया कि होली पर्व से पूर्व किसानों के खातों में राशि अंतरित की जाए, ताकि वे अपने परिवार के साथ त्यौहार हर्षोल्लास और सम्मान के साथ मना सकें। शासन के इस संवेदनशील निर्णय से कोरबा जिले के किसानों में विशेष उत्साह का माहौल है।      कोरबा जिले के ग्राम दादरखुर्द निवासी कृषक शैलेन्द्र कुमार थवाईत ने इस वर्ष लगभग 32 क्विंटल धान का विक्रय किया, जिसके एवज में उन्हें 23 हजार 392 रुपये की अंतर राशि प्राप्त हुई। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय किसानों के हित में है और सही समय पर मिली राशि से उन्हें बड़ी राहत मिली है। वे इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा तथा उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने में करेंगे, जिससे उत्पादन क्षमता और आय दोनों में वृद्धि होगी।      इसी प्रकार ग्राम कल्दामार के कृषक जिमी राठिया ने कहा कि होली से पूर्व राशि प्राप्त होना उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि प्राप्त धनराशि का उपयोग घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति तथा प्रधानमंत्री आवास के निर्माण कार्य में किया जाएगा। शासन द्वारा समयबद्ध भुगतान किए जाने को उन्होंने किसानों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक बताया।      कृषकों ने उन्होंने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के इस संवेदनशील और समयबद्ध निर्णय से किसानों के जीवन में स्थिरता और सुरक्षा की भावना बढ़ी है।  सरकार का यह प्रयास किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की समग्र प्रगति का आधार है।

बिहान योजना से मिली नई उड़ान, जानकी बनीं सफल महिला उद्यमी

रायपुर : महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल जानकी बिहान योजना से मिली नई उड़ान, जानकी बनीं सफल महिला उद्यमी बिहान योजना :सरकारी योजनाओं के सहारे जानकी ने बदली अपनी और गांव की तस्वीर रायपुर जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो वे अद्भुत काम कर सकती हैं। वे शिक्षा प्राप्त कर सकती हैं, किसी भी क्षेत्र में काम कर सकती हैं और अपने लिए निर्णय ले सकती हैं। इससे न केवल उन्हें लाभ होता है, बल्कि परिवार और समुदाय भी मजबूत होते हैं। महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसालें यह दर्शाती हैं कि शिक्षा, दृढ़ संकल्प और आर्थिक स्वतंत्रता से महिलाएं न केवल अपना भाग्य बदल सकती हैं, बल्कि समाज में भी क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती हैं।               धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम खर्रा की निवासी जानकी की सफलता की कहानी आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बन चुकी है। कभी एक साधारण गृहिणी के रूप में खेती-बाड़ी में परिवार का सहयोग करने वाली जानकी आज एक सफल व्यवसायी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। उनकी इस उपलब्धि के पीछे ग्रामीण आजीविका मिशन की ‘बिहान’ योजना से मिला मार्गदर्शन और उनकी निरंतर मेहनत है।       जानकी ने जय मां गायत्री महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। समूह के माध्यम से उन्हें बचत, बैंकिंग और स्व-रोजगार के अवसरों के बारे में जागरूकता मिली। इसके बाद उन्होंने सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) से प्राप्त ऋण की सहायता से कपड़ा व्यवसाय की शुरुआत की। मेहनत और ग्राहकों के विश्वास से उनका व्यवसाय धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया।       समूह के बैंक लिंकेज के माध्यम से अतिरिक्त ऋण प्राप्त कर उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार करते हुए फैंसी स्टोर की शुरुआत की। इसके बाद मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर उन्होंने जूते-चप्पल की दुकान भी खोल ली। वर्तमान में उनके व्यवसाय में कपड़े, फैंसी सामग्री और जूते-चप्पल की बिक्री होती है, जिससे उन्हें हर माह अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।       जानकी केवल स्वयं ही आत्मनिर्भर नहीं बनीं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। वे खेती-बाड़ी समूह की अध्यक्ष, ग्राम संगठन (वीओ) की अध्यक्ष तथा बीआरसी सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभाते हुए महिलाओं को बचत, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से गांव की कई महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं।      जानकी की सफलता यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत मिसाल भी बन सकती हैं।

नेचर कैंप मड हाउस से बढ़ेगा ईको-टूरिज्म, स्थानीय लोगों के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर

रायपुर नेचर कैंप मड हाउस से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में बारनवापारा अभ्यारण्य के पास स्थित देवपुर रेंज में ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए नेचर कैंप मड हाउस (मिट्टी के घर) शुरू किए गए हैं। ये घर पारंपरिक तरीके से मिट्टी और प्राकृतिक सामग्रियों से बने हैं, जो सैलानियों को प्रकृति के करीब रहने का अनूठा और शांत अनुभव प्रदान करते हैं।  नेचर कैंप मड हाउस से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार           बलौदाबाजार वनमंडल के देवपुर वन परिक्षेत्र में ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘नेचर कैंप मड हाउस’ का शुभारंभ किया गया। यह पहल वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डे के विशेष प्रयासों से शुरू की गई है। इससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। गौरतलब है कि नेचर कैंप मड हाउस को प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक शैली से तैयार किया गया है। यहां आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के करीब रहने का अनूठा अनुभव मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों की आय के स्थायी साधन विकसित करना है। इस परियोजना के संचालन में स्थानीय वन प्रबंधन समिति और स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।               इसी क्रम में बारनवापारा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के पर्यटन ग्राम में एक आधुनिक रिसेप्शन भवन का भी शुभारंभ किया गया। पर्यटन विभाग की ओर से यहां पर मड हाउस मॉडल बनाए गए हैं। इन मड हाउस में ठहरने वालों को प्रकृति और ग्रामीण परिवेश का पूरा आनंद मिलेए इसकी व्यवस्था की गई है। बारनवापारा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक रिसेप्शन भवन भी बनाए गए हैं। इन तमाम सुविधाओं और व्यवस्थाओं से स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी, उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा, बेरोजगारी भी कम होगी।               इस नए कैंप को स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक निर्माण शैली के साथ तैयार किया गया है। मिट्टी, लकड़ी और प्राकृतिक सामग्री से बने मड हाउस पर्यावरण के अनुकूल हैं। आसपास के जंगल के साथ पूरी तरह घुलते.मिलते नजर आने वाले ये मड हाउस पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। वन विभाग का उद्देश्य है, कि पर्यटन हो लेकिन प्रकृति पर दबाव कम से कम पड़े। इस केंद्र के माध्यम से आने वाले पर्यटकों को अभ्यारण्य की जैव विविधता, वन्यजीवों और प्राकृतिक विरासत की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वन मंत्री केदार कश्यप की मंशा के अनुरूप वन विभाग ऐसे विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है, जिनमें वन संरक्षण और स्थानीय विकास का संतुलन बना रहे।               इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर सहित विभागीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। यह पहल देवपुर क्षेत्र को ईको-पर्यटन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।