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16 राजस्व निरीक्षकों का कलेक्टर ने किया तबादला

अंबिकापुर. जिले के प्रशासनिक ढांचे में फेरबदल किया गया है. कलेक्टर अजित बसंत ने विभिन्न तहसीलों में पदस्थ राजस्व निरीक्षकां का तबादला किया है. इस संबंध में आदेश भी जारी किया गया है. सूची में 16 राजस्व निरीक्षकों का नाम शामिल है. जारी आदेश में विश्वनाथ तिवारी का रा.नि.मं. अम्बिकापुर-3 से रा.नि.मं. लखनपुर, रामकुमार राम का रा.नि.मं. अम्बिकापुर-4 से रा.नि.मं. रघुनाथपुर (धौरपुर) ट्रांसफर कर दिया गया है. जारी आदेश में संजय सिंह का रा.नि.मं. अम्बिकापुर-5 से रा.नि.मं. उदयपुर, धर्मेन्द्र कुमार सिंह का रा.नि.मं. अम्बिकापुर-6 से रा.नि.मं. बतौली, सबल साय एक्का का रा.नि.मं. धौरपुर से रा.नि.मं. अम्बिकापुर-3, विकास कुमार सोनपाकर का रा.नि.मं. उदयपुर से रा.नि.मं. अम्बिकापुर-4, राज बहादुर सिंह का रा.नि.मं. खम्हरिया (उदयपुर) से राजस्व निरीक्षक नजूल, संजय कुमार सिंह का रा.नि.मं. लखनपुर से रा.नि.मं. अम्बिकापुर-5 ट्रांसफर कर दिया गया है. इस तरह धर्मेन्द्र कुमार सिंह का रा.नि.मं. सलका (लखनपुर) से रा.नि.मं. अम्बिकापुर-6, छय कुमार पैंकरा का रा.नि.मं. पेटला सीतापुर से राजस्व निरीक्षक नजूल, शिवपूजन तिवारी का रा.नि.मं. बतौली से राजस्व निरीक्षक नजूल, रामदेव यादव का राजस्व निरीक्षक नजूल से रा.नि.मं. लुण्ड्रा, सरयू राम पैंकरा का राजस्व निरीक्षक नजूल से रा.नि.मंखम्हरिया (उदयपुर), आशीष गुहा का राजस्व निरीक्षक नजूल से रा.नि.मं. धौरपुर, विजय कुमार श्रीवास्तव राजस्व निरीक्षक नजूल से रा.नि.मं. सलका (लखनपुर), सत्येन्द्र कुमार मिश्रा से राजस्व निरीक्षक डायवर्सन का रा.नि.मं. पेटला सीतापुर तबादला किया गया है. 

DGP अरुण देव ने नक्सली खात्मे के लिए बस्तर में की हाई-लेवल बैठक

जगदलपुर. देश में नक्सलवाद के खात्मे की तय समयसीमा 31 मार्च नजदीक आते ही छत्तीसगढ़ पुलिस ने रणनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में दंतेवाड़ा के कारली पुलिस लाइन में बस्तर संभाग स्तर की हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई, जहां जमीनी हालात के आधार पर ऑपरेशनों की री-डिज़ाइन पर फोकस रहा। बैठक की अध्यक्षता डीजीपी अरुण देव गौतम ने की। चार घंटे चली समीक्षा में नक्सल विरोधी अभियानों की वर्तमान स्थिति, इंटेलिजेंस इनपुट, संवेदनशील इलाकों की पहचान और टार्गेटेड एक्शन प्लान पर निर्णय लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, अब प्राथमिकता फील्ड-आधारित कार्रवाई, त्वरित समन्वय और शेष प्रभाव वाले क्षेत्रों में कंसन्ट्रेटेड ऑपरेशन पर है। केंद्रीय बलों और जिला पुलिस के बीच रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि समीक्षा बैठक को बस्तर में रखने का उद्देश्य ग्राउंड रियलिटी को समझना और उसी अनुसार रणनीति तय करना है। साथ ही, नक्सलियों के लिए आत्मसमर्पण का विकल्प खुला बताते हुए कहा गया कि समय सीमित है सरेंडर करने वालों को पुनर्वास नीति के तहत सुरक्षित भविष्य मिलेगा। संकेत साफ हैं आने वाले दिनों में बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान अधिक केंद्रित, तेज और निर्णायक रूप से आगे बढ़ेगा।

युवा कलाकारों से संस्कृति विभाग ने मंगाए छात्रवृत्ति के आवेदन

रायपुर. संस्कृति विभाग ने गरीब होनहार युवा कलाकारों व विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं। प्रविष्टियां निर्धारित प्रारूप में पूर्ण दस्तावेजों सहित पंजीकृत डाक के माध्यम से 20 मार्च तक आमंत्रित की गई हैं। विभाग द्वारा छात्रवृत्ति प्रोत्साहन के लिए विभिन्न विद्याएं व उपविद्याएं निर्धारित की गई हैं। चयनित विद्यार्थियों को नियमानुसार मासिक छात्रवृत्ति प्रोत्साहन राशि 5,000 रुपए से 10,000 रुपए तक प्रदान की जाएगी। यह राशि डीबीटी-ई-पेमेंट के माध्यम से सीधे खाते में अंतरित होगी। विशेष फोटो प्रदर्शनी का आज आखिरी दिन छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर क्लाउड एवं संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित दो दिवसीय विशेष फोटो प्रदर्शनी ‘छत्तीसगढ़ की विभूतियां: पद्म पुरस्कार प्राप्त महान व्यक्तित्वों की प्रेरक यात्रा’ का आज 3 मार्च को अंतिम दिन है। यह प्रदर्शनी महंत घासीदास संग्रहालय परिसर स्थित कला वीथिका में लगाई गई है, जिसे दोपहर 12 बजे से रात 7 बजे तक देखा जा सकता है। बता दें कि इस दो दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ 2 मार्च को किया गया था।

माँ बम्लेश्वरी धाम में चैत्र नवरात्रि मेले के दौरान बढ़ाएं सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था: कलेक्टर

डोंगरगढ़. माँ बम्लेश्वरी मंदिर में 19 मार्च 2026 से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्रि मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में श्रद्धालुओं और पदयात्रियों की सुविधा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तृत रणनीति तय की गई। बैठक में विधायक हर्षिता बघेल और पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुंचते हैं, ऐसे में उनकी सुविधा के लिए पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई और यातायात की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेले के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और व्यवस्थित पार्किंग पर विशेष जोर दिया गया। अंजोरा से अछोली तक सेवा पंडाल लगाने, जहां श्रद्धालुओं को विश्राम, चाय-नाश्ता और भोजन की सुविधा उपलब्ध हो, इसके निर्देश भी दिए गए। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर चिकित्सा विभाग को ओआरएस घोल, आवश्यक दवाइयों और मरहम-पट्टी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। मंदिर के ऊपर और नीचे डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती रहेगी। पदयात्रियों के पैरों में छाले जैसी समस्याओं को देखते हुए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था विशेष रूप से रखने के निर्देश दिए गए हैं। कानून-व्यवस्था के मद्देनजर मेला स्थल और मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की जाएगी, साथ ही क्विक रिस्पांस टीम भी सक्रिय रहेगी। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में संकेतक, रेडियम पट्टी और अस्थायी गति अवरोधक लगाए जाएंगे। असामाजिक तत्वों पर सख्त नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। रोपवे के फिटनेस सर्टिफिकेट और मेंटेनेंस की समीक्षा की गई तथा ट्रस्ट से आवश्यक जानकारी ली गई। खाद्य सुरक्षा विभाग को मिष्ठान्न और अन्य खाद्य पदार्थों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। डोंगरगढ़ को प्लास्टिक मुक्त रखने और मंदिर परिसर व सीढ़ियों पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। मेले की संपूर्ण व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय कर व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आस्था के इस महापर्व में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

CM साय ने रायपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों के साथ खेली होली

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” और “महामूर्ख सम्मेलन 2026” में शामिल हुए. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को सुदृढ़ करने का पावन अवसर भी है. यह पर्व हमें छोटी-छोटी अनबन और गिले-शिकवे भुलाकर नए सिरे से संबंधों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है. बिलासपुर सहित जिलेभर में सोमवार देर रात शुभ मुहूर्त पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ होलिका दहन किया गया. मोहल्लों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की. पंडितों के अनुसार भद्राकाल की वजह से देर रात का मुहूर्त अत्यंत शुभ माना गया, इसलिए बड़ी संख्या में लोगों ने इसी समय होलिका दहन किया. होलिका दहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया. प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि त्योहार शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके. बुधवार को मनाई जाएगी होली चंद्र ग्रहण के कारण इस वर्ष रंगों की होली बुधवार को मनाई जाएगी. ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक ग्रहण काल में रंग खेलने की परंपरा नहीं है, इसलिए धर्मशास्त्रों के अनुसार ग्रहण समाप्ति और शुद्धि के बाद ही होली खेलना शुभ माना जाता है. ग्रहण के चलते मंगलवार को मंदिरों के कपाट भी निर्धारित समय तक बंद रहेंगे. ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान-दान और पूजन का विशेष महत्व बताया गया है. होली पर्व को लेकर लोगों में उत्साह बुधवार को रंगों का पर्व धूमधाम से मनाए जाने की तैयारी है. बाजारों में रंग-गुलाल, पिचकारी और मिठाइयों की खरीदारी तेज रही. लोगों में होली को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि होली आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें.

राज्यसभा चुनाव के लिए प्रदेश में हलचल, होली बधाई के दौरान नेता कर रहे दावेदारी, बायोडाटा सौंप रहे

रायपुर   छतीसगढ़ में राज्यसभा कि 2 सीटों पर होने वाले चुनावों के लिए हलचल तेज है। भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव के लिए कमर कस ली है। राज्यसभा की दोनो सीट पर 16 मार्च को चुनाव होगा,जिसके लिए हलचल तेज हो गई है। वहीं  अब होली के बहाने राज्यसभा दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ानी शुरु कर दी है। होली  बधाई देने के बहाने पार्टी वरिष्ठ नेताओं से कर रहे  मुलाकात छत्तीसगढ़ के कोटे की दो राज्यसभा सीट पर 16 मार्च को चुनाव होगा। वर्तमान में दोनों सीट कांग्रेस के खाते में हैं, लेकिन इस बार के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट जाएगी। इसे देखते हुए कांग्रेस-भाजपा के दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। दरसअल राज्यसभा जाने के लिए लालयित  कुछ दावेदारों ने होली के बहाने अपनी दावेदारी पेश करने के लिए कोशिश शुरु कर दी है। दावेदार होली की बधाई देने के बहाने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करके अपनी मौजूदगी औऱ सक्रियता दिखा रहे है। यही नहीं  इस दौरान वे अपना बायोडाटा भी सौंप रहे हैं और माहौल को अपने पक्ष में करने की जुगत कर रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए महत्वपूर्ण है ये चुनाव वही राज्यसभा का ये चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए यह काफी अहम माना जा रहा है। इस फैक्ट के ध्यान में रखते हुए पार्टी दावेदारों के साथ-साथ उनका क्षेत्रीय के साथ जातिगत  समीकरणों को भी गौर से देखा जा रहा है। जहां भाजपा बस्तर या फिर दुर्ग संभाग से अपने किसी नेता को राज्यसभा का भेज सकती है,वहीं, कांग्रेस में सरगुजा संभाग से कई दावेदारों सामने आ रहे हैं। हालांकि बीजेपी कुछ नाम आलाकमान को भेज चुकी है तो वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज स्थानीय प्रत्याशी को मौका देने की बात बोल चुके है। लेकिन अभी देखने में आ रहा है  कि नेता लोग होली की शुभकामनाओं के बहाने भी अपनी दावेदारी पेश करके ताल ठोंक रहे है।

निर्माणाधीन घर में कोबरा मिलने से दहशत, रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया

कोरबा सोमवार की सुबह शहर के व्यस्त क्षेत्र निहारिका घंटाघर में उस समय हड़कंप मच गया, एक मकान का निमार्ण कार्य के लिए पहुंचे मजदूरों ने कोबरा सांप देखा। जिसके बाद मजदूरों और स्थानीय नागरिकों में हड़कंप मच गया। तुरंत ही क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और लोगों को पास जाने से रोका गया और रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यू सोसाइटी की टीम को सूचना दी गई। जिसके बाद आरसीआरएस अध्यक्ष अविनाश यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। और पूरी सावधानी तथा पेशेवर तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कुछ ही देर बाद कोबरा को सुरक्षित रूप से काबू में कर लिया गया। रेस्क्यू के बाद सांप को जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। इस दौरान न तो किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा और न ही सांप को कोई चोट आई। अविनाश यादव ने बताया कि कोबरा सांप 3 फिट का था और फुर्तीला था। इसमें जहर बहुत तेज होता है और हमला बहुत जल्दी करता है, इसलिए छेड़छाड़ सांप से नहीं करना चाहिए। स्थानीय नागरिकों की समझदारी, समय पर दी गई सूचना से सांप पकड़ा गया। जिसके बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली और रेस्क्यू टीम के कार्य की सराहना की।

NH-30 चौड़ीकरण की दिशा में बड़ा कदम: 122 किमी सेक्शन को 4-लेन बनाने का प्रस्ताव

रायपुर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नागपुर प्रवास के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के धवईपानी (चिल्फी) से कवर्धा होते हुए सिमगा तक करीब 122 किलोमीटर लंबे सेक्शन को 4-लेन में उन्नत करने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि एनएच-30 के जबलपुर से मंडला और चिल्फी तक लगभग 160 किलोमीटर हिस्से को पहले ही 4-लेन में विकसित करने की स्वीकृति मिल चुकी है। वर्तमान में चिल्फी (धवईपानी) से कवर्धा और कवर्धा गुरूनाला से सिमगा तक का मार्ग 10 मीटर चौड़ाई की 2-लेन सड़क है। उन्होंने कहा कि जब जबलपुर-मंडला-चिल्फी सेक्शन 4-लेन में परिवर्तित होगा, तब आगे के 2-लेन हिस्से पर यातायात का दबाव और बढ़ जाएगा। भारी और व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही को देखते हुए धवईपानी से सिमगा तक पूरे मार्ग को 4-लेन में अपग्रेड करना आवश्यक है, ताकि सड़क सुरक्षा और यातायात सुगमता सुनिश्चित की जा सके। उपमुख्यमंत्री ने जिला कबीरधाम मुख्यालय कवर्धा में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए 4-लेन मय पेव्ड शोल्डर कवर्धा बायपास के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा। उनका कहना है कि बायपास बनने से शहर के भीतर दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी और यातायात सुचारू रहेगा। नागपुर से लौटने के बाद रायपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए विजय शर्मा ने बताया कि सिमगा से रायपुर और धवईपानी से जबलपुर तक 4-लेन निर्माण के आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं, लेकिन बीच का महत्वपूर्ण सेक्शन शेष था। इस कड़ी को भी 4-लेन में बदलने का आग्रह किया गया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने पर जबलपुर से रायपुर तक आमजन को निर्बाध 4-लेन मार्ग की सुविधा मिल सकेगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापार, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

ना अग्नि, ना होलिका दहन: छत्तीसगढ़ के गांवों में सदी पुरानी होली की अनसुनी कहानी

कोरबा कोरबा जिले के धमनागुड़ी और खरहरी गांवों में एक अनूठी परंपरा है। यहां कई वर्षों से होलिका दहन नहीं किया जाता है। ग्रामीण रंग गुलाल भी नहीं खेलते हैं। यह परंपरा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रहती है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्वजों की विशेष मान्यता और आस्था के कारण ऐसा होता है। गांव में लोग शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना कर पर्व मनाते हैं। हालांकि, अग्नि प्रज्वलन की परंपरा का पालन नहीं किया जाता। धमनागुड़ी निवासी गनपत सिंह कंवर ने बताया कि लगभग सौ वर्षों से होली नहीं मनाई जाती है। खरहरी के आसपास के आश्रित गांवों में बुजुर्ग और बैगा देव स्थल में पूजा करते हैं। वे रंग गुलाल चढ़ाते हैं और टीका लगाते हैं। इन गांवों में आज भी होलिका दहन और रंग गुलाल नहीं खेला जाता। आज तक होली के कारण कोई विवाद या मारपीट की स्थिति नहीं बनी है। अनहोनी की आशंका खरहरी गांव निवासी तामेश्वर सिंह पैकरा ने बताया कि पिछले कई वर्षों से होली नहीं मनाई जाती। नौ साल पहले एक परिवार ने होली मनाने की कोशिश की थी। रंग गुलाल लगाने के कुछ समय बाद उनके घर में आग लग गई। इस घटना के बाद से गांव में होली नहीं खेली जाती है। गांव वालों का मानना है कि होली खेलने से अनहोनी की आशंका बनी रहती है। यदि कोई व्यक्ति गांव से बाहर दूसरी जगह होली खेलकर आता है। उसे गांव में प्रवेश करने से पहले रंग गुलाल धोना पड़ता है। इसके बाद ही वह गांव में प्रवेश कर सकता है। यह नियम आज भी सख्ती से लागू है। गांव में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए यह परंपरा कायम है।

माओवादी हिंसकों से मुक्ति की उलटी गिनती शुरू

जगदलपुर. देश को माओवादी हिंसकों से मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया में उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। उम्मीद है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत 31 मार्च को इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गए संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का समर्पित प्रयास इसमें महत्वपूर्ण रहा है। प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा दायित्व निर्वहन के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहे। राजनीतिक इच्छाशक्ति को सुरक्षा बलों ने जिस दृढ़ता और जिजीविषा के साथ संपूर्णता की दिशा में साकार किया है, उसकी सराहना शब्दों में सीमित नहीं की जा सकती। ‘नईदुनिया’ पूरी ईमानदारी के साथ देश और प्रदेश के हित में हिंसकों के विरुद्ध वैचारिक रूप से खड़ा रहा है। यह कड़वी सच्चाई है कि 1980 के दशक के अंत में आंध्र प्रदेश के रास्ते दक्षिण बस्तर में घुसे वामपंथी हिंसकों के संगठनों ने 2004 से कम्युनिष्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) नाम से प्रदेश के आदिवासियों को लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ सशस्त्र युद्ध में झोंक दिया। माओवादियों के विरुद्ध 2005 में सलवा जुडूम आंदोलन ने जोर पकड़ा, परंतु राजनीतिक कारणों से हिंसकों का प्रभाव बढ़ता ही गया। 2007 में बीजापुर में 50 सीआरपीएफ जवान तो 2010 में दंतेवाड़ा के तालमेटला में 76 बलिदान हुए। 25 मई 2013 में झीरम कांड में कांग्रेस ने शीर्ष प्रादेशिक नेतृत्व खो दिया। वैचारिक संघर्ष जारी भविष्य में इस बात की अवश्य समीक्षा होगी कि केंद्र और प्रदेश की सरकार में तालमेल से 2024 के बाद किस तरह 500 से अधिक माओवादी हिंसक मारे गए। अब अगले 31 दिनों की उलटी गिनती में हिंसकों के संपूर्ण अंत में ‘नईदुनिया’ देशवासियों का सहगामी होगा। ध्यान रहे, वैचारिक संघर्ष अभी बाकी है। माओवादी विचारकों और समर्थकों (अर्बन नक्सलियों) में लोकतांत्रिक विचारधारा के प्रस्फुटन ही जनहित में होगा। देवजी के समर्पण से बिखरे माओवादी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक माओवादी हिंसा के समूल सफाए के लक्ष्य की दिशा में भाकपा (माओवादी) हिंसक दल प्रमुख थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी का समर्पण एक महत्वपूर्ण मोड़ है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह बीते दस महीनों में माओवादी संगठन को लगा तीसरा सबसे बड़ा झटका है। मई 2025 में माओवादी महासचिव बसव राजू की हत्या और अक्टूबर 2025 में केंद्रीय क्षेत्रीय ब्यूरो (सीआरबी) प्रमुख भूपति के समर्पण के बाद देवजी का आत्मसमर्पण संगठन की हिंसक-रणनीतिक रीढ़ को तोड़ने वाला सिद्ध हुआ है। देवजी के साथ अन्य प्रमुख हिंसकों के समर्पण से छत्तीसगढ़-तेलंगाना-ओडिशा में माओवादी संगठन का नेतृत्व और निर्णयकारी संरचना लगभग ध्वस्त हो चुकी है। बस्तर में भी इसका असर दिखा, जहां कांकेर में दो माओवादियों ने एके-47 के साथ समर्पण किया। खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है। लोकतंत्र की मुख्यधारा में स्वेच्छा से जुड़ते हैं – पुनर्वास के बाद यदि पूर्व माओवादी लोकतंत्र की मुख्यधारा में स्वेच्छा से जुड़ते हैं, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने और जनता के लिए काम करने का अधिकार है-बशर्ते वे हिंसा और बंदूक का रास्ता न अपनाएं। – विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री