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छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, धैर्य, रणनीति और आदर्श नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है, इसलिए हम सभी को अपने जीवन में शिवाजी जैसा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी अद्भुत साहस और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया। अफजल खाँ के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी ने संकट को भांपकर धैर्य और रणनीति से निर्णय लिया और विजय प्राप्त की। इसी प्रकार शाइस्ता खान के विरुद्ध उनकी युक्तिपूर्ण रणनीति यह सिखाती है कि बड़े से बड़े शत्रु को भी सूझबूझ और साहस से पराजित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने साइंस कॉलेज मैदान पहुंचकर ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के मंचन के दौरान संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च आदर्शों वाले शासक भी थे। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों की आस्था का सम्मान किया और महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता जीजाबाई के संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का चरित्र हमें मर्यादा, नैतिकता और सम्मानजनक आचरण का संदेश देता है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए महाकवि भूषण की पंक्तियों का उल्लेख किया, जिनमें शिवाजी महाराज के पराक्रम और वीरता का अद्भुत वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है। राजधानी रायपुर में प्रारंभ हुआ ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का यह विशेष मंचन 22 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को साइंस कॉलेज मैदान में प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग तीन घंटे की यह भव्य प्रस्तुति छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की गाथा पर आधारित है, जिसमें सजीव दृश्य, विशाल मंच सज्जा और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से दर्शकों को ऐतिहासिक काल का जीवंत अनुभव कराया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के तत्वाधान में आयोजित इस महानाट्य के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में ऑडिशन आयोजित किए गए थे, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 40 स्थानीय कलाकारों का चयन किया गया। चयनित कलाकारों ने निर्देशक  योगेश शिरोले के मार्गदर्शन में गहन अभ्यास किया। स्थानीय कलाकारों में प्रांजल बक्षी, वर्तिका क्षीरसागर, कृति लाड, आकांक्षा  और आस्था काले सहित अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। मंचन के दौरान घोड़ों के साथ सैनिकों की टुकड़ी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही, वहीं ऊंटों को भी प्रस्तुति में शामिल किया गया। पुणे से आए तकनीकी विशेषज्ञ  कौशिक नाईक एवं  वैभव जोशी मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पारंपरिक प्रस्तुतियों में कोली गीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक आयामों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, महानाट्य ‘जाणता राजा’ के  अजीत राव आप्टे सहित महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

रेस्क्यू ऑपरेशन सफल: रिहायशी इलाके से पकड़ा गया मगरमच्छ, अब जंगल सफारी में सुरक्षित

रायपुर मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू, जंगल सफारी में मिला नया आश्रय छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव द्वंद्व को कम करने की दिशा में वन विभाग ने एक और सराहनीय कार्य किया है। बलौदाबाजार जिले के ग्राम हरदी में तालाब में फंसे एक विशाल मगरमच्छ का सफल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित रूप से जंगल सफारी, नवा रायपुर में नया आश्रय दिया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में संपन्न हुआ। ग्राम हरदी के ग्रामीण तालाब में सामूहिक रूप से मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान उनके जाल में एक मगरमच्छ फंस गया। ऐसी स्थिति में घबराहट या किसी दुर्घटना की आशंका हो सकती थी, लेकिन ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। परिक्षेत्र सहायक गितेश बंजारे और टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को जाल से बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद पशु चिकित्सकों द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विशेषज्ञों की सलाह पर उसे जंगल सफारी, नवा रायपुर में सुरक्षित छोड़ा गया, जहां उसके लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। ग्रामीणों की सजगता बनी मिसाल       ग्राम हरदी के लोगों ने पहले भी अक्टूबर 2025 में हाथी के रेस्क्यू के दौरान जिम्मेदारी निभाई थी। इस बार भी उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाते हुए वन विभाग का पूरा सहयोग किया।   वन विभाग के कर्मचारियों नेहरू निषाद, भागी यादव, पीलू निषाद, राकेश ध्रुव तथा हरदी वन प्रबंधन समिति के सदस्यों ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया। शासन की योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव राज्य शासन की वन्यजीव संरक्षण संबंधी योजनाओं और जागरूकता अभियानों का ही परिणाम है कि अब ग्रामीण तत्काल सूचना देकर वन्यजीवों की सुरक्षा में भागीदार बन रहे हैं। इससे न केवल वन्यजीवों की जान बच रही है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आ रही है। वन विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है और शासन के निर्देशानुसार ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।         यह सफलता की कहानी बताती है कि जब शासन, प्रशासन और ग्रामीण मिलकर कार्य करते हैं, तो वन्यजीव संरक्षण का उद्देश्य प्रभावी रूप से पूरा होता है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की पहल से 69.09 करोड़ की लागत से लरंग साय चौक-रामानुजगंज मार्ग का होगा फोरलेन चौड़ीकरण

रायपुर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल की पहल पर लरंग साय चौक से रामानुजगंज मार्ग तक 6.38 किलोमीटर सड़क के फोरलेन चौड़ीकरण निर्माण कार्य के लिए     69.09 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने जा रही है। इस स्वीकृति के लिए पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने क्षेत्र की जनता की ओर से मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री  अरुण साव तथा वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी जी के प्रति आभार व्यक्त किया है। मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस मार्ग के फोरलेन होने से क्षेत्र के नागरिकों को आवागमन में उल्लेखनीय सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने आगे कहा कि यह सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास की धुरी बनेगी। इससे व्यापार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और अधिक सुगम होगी तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा।  अग्रवाल ने आगे कहा कि राज्य सरकार आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है और सरगुजा क्षेत्र के समग्र विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। इस सड़क के उन्नयन से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंत्री  अग्रवाल ने संबंधित विभाग को शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास कार्यों का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचे। इस सड़क के फोरलेन में परिवर्तित हो जाने से सरगुजा जिले में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र की आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा प्राप्त होगी। क्षेत्र की जनता ने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।

छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष बने अंजय शुक्ला

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने आदेश जारी कर  अंजय शुक्ला को छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवंऔषधि पादप बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय से 20 फरवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार, उक्त नियुक्ति के लिए माननीय मुख्यमंत्री की स्वीकृति प्राप्त है। आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है।

17 कबीर कुटियों को मिली 25-25 हजार रुपए की सहायता राशि

रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने आज कवर्धा स्थित विधायक कार्यालय में 17 कबीर कुटियों को भजन, सत्संग, कीर्तन एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए प्रत्येक कबीर कुटी को 25-25 हजार रुपए की मान से कुल 4 लाख 25 हजार रुपए की राशि का चेक वितरित किया। कबीरपंथ से जुड़ी धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जनसंपर्क मद से वाद्ययंत्रों के खरीदी के लिए यह स्वीकृत किया गया। उप मुख्यमंत्री  शर्मा द्वारा स्वीकृत यह राशि संबंधित कबीर कुटियों को आज प्रदान की गई, जिससे वहां नियमित रूप से आयोजित होने वाले भजन, सत्संग, कीर्तन एवं अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों के लिए आवश्यक वाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी।   उल्लेखनीय है कि क्षेत्र की कबीर कुटियों द्वारा वाद्ययंत्रों की आवश्यकता को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया गया था। समाज की इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने तत्परता दिखाते हुए 17 कबीर कुटियों के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की। आज उपमुख्यमंत्री  शर्मा द्वारा विधिवत चेक वितरण कर कबीरपंथी समाज को यह सौगात प्रदान की।    इस अवसर पर राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य  भगतराम पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  संतोष पटेल,  नरेन्द्र मानिकपुरी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष  मनहरण कौशिक,  भुखन साहू,  रामबिलास चंद्रवंशी,  विजय पाटिल  रवि राजपुत, मती सतविंदर पाहुजा, मती विजय लक्ष्मी तिवारी,  लाला राम साहू सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

हैमर थ्रो में ब्रॉन्ज जीतकर लौटी सुधा सिंह, पर्यटन मंत्री के हाथों हुआ भव्य सम्मान

रायपुर पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने हैमर थ्रो में राज्य स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा सुधा सिंह को किया सम्मानित शासकीय नवीन महाविद्यालय लखनपुर, केवरा की बीएससी की प्रतिभावान छात्रा सुधा सिंह ने एथलेटिक्स की हैमर थ्रो विधा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से महाविद्यालय परिवार सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। इस उल्लेखनीय सफलता पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने छात्रा सुधा सिंह को सम्मानित करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण अंचलों की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच, संसाधन और प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर अवसरों का विस्तार कर रही है, ताकि प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। सुधा सिंह की उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि लगन, परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर सीमित संसाधनों के बावजूद भी बड़ी सफलताएं प्राप्त की जा सकती हैं। मंत्री  अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि हमारा संकल्प है कि बेटियों की प्रतिभा को उचित मंच और अवसर मिले, उनके सपने साकार हों। सुधा सिंह जैसी प्रतिभाएं न केवल अपने परिवार और महाविद्यालय का, बल्कि पूरे क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करती हैं। महाविद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने भी छात्रा की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने भी सुधा सिंह को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सुधा सिंह की इस सफलता ने यह संदेश दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो कोई भी मुकाम दूर नहीं। खेल के क्षेत्र में उनकी यह उपलब्धि आने वाले समय में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होने का संकेत है।

छत्रपति शिवाजी का व्यक्तित्व एवं जीवन देता है राष्ट्र प्रेम की सीख- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर. उप मुख्यमंत्री ने छत्रपति शिवाजी के प्रतिमा का किया लोकार्पण छत्रपति शिवाजी की 396 वें जन्म जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का लोकार्पण उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने किया। यह प्रतिमा कवर्धा शहर में छत्रपति शिवाजी चौक पर स्थापित की गई है। प्रतिमा के पार्श्व में किले की दीवार और आजू बाजू में तोपों की प्रतिकृति बनाई गई है। जो पूरे प्रतिमा को भव्यता प्रदान कर रही है।  उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा यह कवर्धा के लिए ऐतिहासिक दिन है जब अदम्य वीरता और साहस के प्रतीक छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा उनके जन्म जयंती के अवसर पर यहां स्थापित की जा रही है। छत्रपति शिवाजी का व्यक्तित्व हमारे समाज और युवाओं के लिए पथ प्रदर्शक और प्रेरणादायी रहा है कि कैसे उन्होंने मुगल आतंक को चुनौती दी और अपनी वीरता से एक विशाल साम्राज्य की नींव रखी, जो आगे चलकर विदेशी ताकतों के खिलाफ भारतीय प्रतिरोध का प्रतीक बना। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ी को प्रेरणास्त्रोत के रूप में राष्ट्र प्रेम की सीख देगा।  प्रदेश में लाल आतंक के खात्मे पर उन्होंने कहा कि हम सशस्त्र नक्सलिज्म को खत्म करने का कार्य कर रहे हैं। आज हम बस्तर से लाल आतंक के समूल नाश करने में निर्णायक स्थिति में पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में यह संकल्प लिया गया था जिसे पूर्ण करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। कवर्धा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 146 करोड़ की लागत से भव्य भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें मड़वा महल, छेरकी महल और रामचुंवा को भी शामिल किया गया है, यहां के सरोवर और मेला स्थल को भी संवारा जाएगा। इसी प्रकार बूढ़ा महादेव मंदिर के उन्नयन एवं नदी तट को संवारने का काम किया जाएगा। यहां कांवड़िया सदन का निर्माण भी होने जा रहा है।          विधायक दुर्ग ग्रामीण  ललित चंद्राकर  ने कहा कि छत्रपति शिवाजी ने देश को एकजुट कर भारत को भारत बनाने में अपने प्राण न्यौछावर किया। उनका व्यक्तित्व आज इतने वर्षों बाद भी उतना ही प्रेरणादायी व अनुकरणीय है। उन्होंने पूरे समाज और पूरे देश को एक किया है। छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा की स्थापना शहर को न केवल भव्यता दे रहा है बल्कि युवाओं को हमारे अमर बलिदानी के योगदान की हमेशा याद दिलाएगा।             नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्रपति शिवाजी का समूचा व्यक्तित्व और पूरा जीवन वीरता, शौर्य और साहस का प्रतीक है, उनकी स्मृति में छत्रपति शिवाजी के नाम से बने इस चौक में यह प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा का भी प्रतिमा निर्माण करवाने हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर  राजेन्द्र चंद्रवंशी,  नितेश अग्रवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य  भगतराम पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे,  भुनेश्वर चंद्राकर,  उमंग पाण्डेय, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मती देवकुमारी चंद्रवंशी,  मनहरण कौशिक, मती सतविंदर पाहुजा, अध्यक्ष  सतीष चंद्रवंशी, मती विजय लक्षमी तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, समस्त पार्षदगण, शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

खनिज विभाग की सख्ती से मचा हड़कंप, अवैध खनन व परिवहन में 16 वाहन सीज

  जगदलपुर बस्तर जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग के द्वारा अभियान चलाया गया. खनिज विभाग के जांच दल ने पिछले 9 दिनों के भीतर छापेमारी कर अवैध गतिविधियों में संलिप्त 16 वाहनों को जब्त किया है. खनिज विभाग की कार्रवाई के दौरान रेत, चूना पत्थर और लाल ईंट का अवैध रूप से परिवहन कर रहे ट्रैक्टर, हाइवा और टिप्परों को जब्त किया गया. वाहन ग्राम कंगोली, परपा, बालेंगा, लालबाग और पल्लीनाका जैसे क्षेत्रों से गुजर रहे थे. इसके अलावा मूतनपाल क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन करते हुए एक चेन माउंटेड पोकलेन मशीन को भी जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में सौंपा गया है. अवैध उत्खनन और परिवहन के सभी 16 प्रकरणों में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 और खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की गई है.

ताम्रध्वज साहू के बयान पर भड़के विजय शर्मा, कहा– नक्सलियों के खिलाफ कदमों में भी राजनीति शर्मनाक

कवर्धा उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के निर्धारित समय सीमा के भीतर नक्सलियों को खत्म नहीं कर पाने वाले बयान पर तगड़ा प्रहार किया है. उन्होंने कहा कि पांच साल तक सरकार में रहने के दौरान अपने ही शहीदों के लिए कभी कुछ न कर पाए. और आज जब विष्णु देव साय की सरकार उस पर काम कर रही है, तो कांग्रेसियों को उसमें राजनीति दिखती है. धिक्कार है ऐसे लोगों को. छत्रपति शिवाजी की जयंती पर कवर्धा के शिवाजी चौक पर छत्रपति शिवाजी की भव्य प्रतिमा का उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने अनावरण किया. इस दौरान उन्होंने पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के बयान पर कहा कि जब भी मैं झीरम घाटी को क्रास किया हूं, शहीदों को याद किया हूं. कांग्रेस वाले भले ही कहते हैं कि हमारे लोग हैं. लेकिन हम कहते हैं कि छत्तीसगढ़ का नेतृत्व था. उन्होंने अपना कहा, लेकिन अपनी 5 साल की सरकार में उनके लिए कभी कुछ नहीं किया. षड्यंत्र करते रहे. विजय शर्मा ने कहा कि आज भाजपा की सरकार देश के गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का सफाया को रहा है, और उन शहीदों को हमारे सशत्र बल के जवान सच्ची श्रद्धांजलि दे रहे हैं. झीरम में मैं रुककर उस स्थान को प्रणाम किया था, वहां एक मेमोरियल जैसा भी बना हुआ है. मैंने उसी दिन मन ही मन संकल्प लिया था कि जिस दिन नक्सलियों से प्रदेशवासियों को मुक्ति मिलेगी, उस दिन इन सारे वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा. परंतु कांग्रेस को इसमें में राजनीति दिखती है, तो धिक्कार है ऐसे पार्टी को.

जल संरक्षण को दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान

मुख्यमंत्री  साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की हुई गहन समीक्षा केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की 31 मई तक 10 लाख जल संरचनाओं का लक्ष्य, जल सुरक्षा को मिलेगा नया आधार डबरी निर्माण से बढ़ेगा भू-जल स्तर, किसानों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया। इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को प्रसाद के समान मानते हुए जल के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया। साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जल सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक समूहों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इन डबरियों से भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ किसानों को सिंचाई एवं मछली पालन जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायतों के वॉटर बजट तथा जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही गांवों के युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि अभियान को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों पर विशेष फोकस रखते हुए सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत तथा क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा करने और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का आह्वान भी किया। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जल संरक्षण के प्रयासों में छत्तीसगढ़ देशभर में दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2024 को सूरत से ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत की थी और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संचयन में सहयोग’ का आह्वान किया था। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है। केंद्रीय मंत्री पाटिल ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों से मनरेगा के तहत जल संचय कार्यों के लिए प्राप्त राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक महिला सरपंच द्वारा स्वयं के प्रयासों से जल संचयन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा की। इसके साथ ही उन्होंने जल संचय में व्यापक जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव कांताराव और छत्तीसगढ़ के समस्त कलेक्टर वर्चुअली उपस्थित थे।