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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्यपाल रमेन डेका को जन्मदिन की दी शुभकामनाएँ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज लोकभवन पहुँचकर राज्यपाल श्री रमेन डेका को उनके जन्मदिन के अवसर पर आत्मीय शुभकामनाएँ एवं बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका को पुष्पगुच्छ, छत्तीसगढ़ की पारंपरिक ढोकरा शिल्प की आकर्षक कलाकृति तथा शॉल भेंट किया। उन्होंने राज्यपाल रमेन डेका के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय जीवन तथा दीर्घायु की कामना की।

रायपुर में ‘मुंज्या’ थीम की होलिका बनी आकर्षण

रायपुर. राजधानी रायपुर में रंगों के त्योहार होली की धूम देखने को मिल रही है। बाजारों में रंग-गुलाल और पिचकारियों की खरीदारी के साथ ही होलिका दहन की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही है। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर इस बार अलग-अलग थीम पर होलिका की आकर्षक मूर्तियां बनाई गई हैं। इसी कड़ी में शहर के प्रसिद्ध कालीबाड़ी चौक पर साल 2024 में रिलीज हुई हॉरर फिल्म ‘मुंज्या’ की थीम पर आधारित होलिका की मूर्ति लोगों का ध्यान खींच रही है। “मुंज्या” थीम के साथ बनाई गई इस मूर्ति के पास फिल्म के प्रसिद्ध किरदारों की झलक भी देखने को मिल रही है, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस अनोखी प्रतिमा को कालीबाड़ी चौक के पुजारी मूर्तिकार बंधुओं ने तैयार किया है। मूर्तिकार राकेश पुजारी ने लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत करते हुए बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से अलग-अलग थीम की मूर्तियां बना रहे हैं। इस बार मुंज्या फिल्म का ट्रेंड काफी चल रहा है। इस थीम पर होलिका माता के हाथ में प्रह्लाद भी नजर आएंगे। उन्होंने बताया कि अब तक राजधानी रायपुर में 20 से अधिक प्रतिमाएं बेची जा चुकी हैं। इसके अलावा शहर में इस बार अलग-अलग थीम पर आधारित कई आकर्षक होलिका प्रतिमाएं देखने को मिलेंगी, जो काफी आकर्षक रहेंगी।

नरसिंहपुर में पिकअप गाड़ी की टक्कर से स्कूटर सवार दो सगी बहनों की मौत

नरसिंहपुर. नरसिंहपुर जिले के मुंगवानी थाना क्षेत्र में शनिवार शाम हुआ सड़क हादसा एक परिवार के लिए असहनीय पीड़ा बन गया। एक ही परिवार में ब्याही दो सगी बहनों की दर्दनाक मौत से ग्राम सलैया में मातम पसरा हुआ है। शादी के वर्षों बाद भी साथ निभाने वाली दोनों बहनें अंतिम यात्रा पर भी साथ ही चली गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका बसंती पति जीवनलाल यादव उम्र 62 वर्ष एवं मृतका गजरो बाई पति हरीश यादव उम्र 65 वर्ष निवासी ग्राम सलैया सगी बहनें थीं। दोनों की शादी एक ही परिवार में हुई थी। शनिवार को जीवनलाल पिता बक्तूलाल यादव उम्र 65 वर्ष अपनी पत्नी बसंती और साली गजरो बाई के साथ स्कूटर से सलैया से गोरखपुर मेहगांव जा रहे थे। शनिवार शाम करीब 4.30 बजे मुंगवानी के पास वन विभाग डिपो के समीप जीवनलाल लघुशंका के लिए वाहन रोककर नीचे उतरे। दोनों महिलाएं सड़क किनारे खड़ी मोपेड के पास ही खड़ी रहीं। जैसे ही जीवनलाल वापस लौटकर वाहन उठाने लगे, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पिकअप वाहन की तलाश कर रही पुलिस घायलों को हाईवे एंबुलेंस 1033 की मदद से शासकीय जिला अस्पताल नरसिंहपुर लाया गया, जहां उपचार के दौरान बसंती और गजरो बाई ने दम तोड़ दिया। जीवनलाल यादव को दोनों पैरों व सिर में चोट आई है। जिनका अस्पताल उपचार जारी है। रविवार की सुबह अस्पताल चौकी पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूर्ण कर दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस द्वारा पिकअप वाहन और ड्राइवर की तलाश की जा रही है।

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच दुबई में फंसे इंदौर के पूर्व विधायक समेत कई व्यापारी

इंदौर. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात बिगड़ने के चलते दुबई आने-जाने वाली कई उड़ानें रद कर दी गई हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश के इंदौर के पूर्व विधायक संजय शुक्ला समेत शहर के कई उद्योगपति और व्यापारी दुबई में फंस गए हैं। जानकारी के अनुसार, शारजाह से इंदौर आने वाली Air India Express की फ्लाइट संख्या IX-256 अचानक रद कर दी गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्षेत्रीय तनाव के बीच दुबई में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है। बताया जा रहा है कि एहतियातन दुबई के एयरपोर्ट संचालन पर अस्थायी रोक लगाई गई, जिसके चलते कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अनिश्चित समय के लिए स्थगित कर दी गई हैं। इसका असर भारत लौटने वाले यात्रियों, खासकर मध्य प्रदेश के लोगों पर पड़ा है। शादी समारोह में गए थे दुबई मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक संजय शुक्ला एक निजी शादी समारोह में शामिल होने दुबई गए थे। उनके साथ पूर्व विधायक विशाल पटेल, प्रवीण कक्कड़, पिंटू छाबड़ा, मनीष शाहरा, गोलू पाटनी और संजय अग्रवाल सहित इंदौर के कई प्रमुख कारोबारी भी मौजूद हैं। फ्लाइट रद होने के बाद सभी वहीं रुके हुए हैं। सोशल मीडिया पर दी जानकारी स्थिति को लेकर इंदौर में उनके परिजनों और समर्थकों में चिंता का माहौल बन गया। इस बीच संजय शुक्ला ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सभी को आश्वस्त किया। उन्होंने लिखा कि वे, उनके पुत्र आकाश और उनके साथ मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण दुबई एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद है, जिससे उनकी भारत वापसी फिलहाल संभव नहीं हो पाई है। दुबई सरकार और भारत सरकार की ओर से पूरा सहयोग मिलने की बात भी उन्होंने कही। पोस्ट में उन्होंने इंदौरवासियों से अपील की कि वे किसी प्रकार की चिंता न करें और परिस्थितियां सामान्य होते ही वे जल्द इंदौर लौटेंगे। 

‘बिगेस्ट भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में सीएम साय बोले– ‘युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने का अभिनव प्रयास’

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित माधवास रॉक बैंड के ‘बिगेस्ट भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भजन क्लबिंग युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने का एक अभिनव और सकारात्मक प्रयास है। युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है और युवाओं के कंधों पर ही देश एवं प्रदेश का भविष्य टिका हुआ है। ऐसे आयोजन युवाओं को भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक चेतना मंच ने किया था। प्रसिद्ध भजन बैंड माधवास रॉक बैंड की संगीतमयी प्रस्तुति से पूरा वातावरण भक्ति भाव से सराबोर हो गया। राधा-कृष्णमय माहौल में मुख्यमंत्री साय ने भी भक्तों के साथ फूलों की होली खेली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमें अपनी जड़ों और प्राचीन परंपराओं को कभी नहीं भूलना चाहिए। भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि जब युवा अध्यात्म से जुड़ते हैं तो उनमें सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना और अधिक सशक्त होती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों के हित में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और राज्य की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जो किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक अन्नदाता किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई है। प्रदेश के 146 विकासखंडों में राशि अंतरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं बिल्हा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली से पहले किसानों के खातों में राशि पहुंचने से उनके परिवारजन हर्षोल्लास के साथ त्योहार मना सकेंगे। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, अजय जामवाल, आलोक डंगस, सामाजिक चेतना मंच के अध्यक्ष उज्ज्वल दीपक सहित अन्य पदाधिकारी, इस्कॉन रायपुर से स्वामी सुलोचन प्रभुजी, स्वामी तमाल कृष्ण प्रभुजी, स्वामी निखिलापति प्रभुजी, स्वामी रघुपति दास एवं बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित थे।

होली पर हुड़दंगियों का वीडियो भेजने पर विधायक देंगे 21 हजार का इनाम

दुर्ग. होली का त्यौहार नजदीक है। ऐसे में हुडदंगियों पर लगाम लगाने पुलिस प्रशासन लगातार नशे के कारोबारियों और शांति व्यवस्था भंग करने वाले बदमाशों पर कार्रवाई कर रही है। वहीं शांति पूर्ण और सौहार्द्र पूर्ण ढंग से होली का त्योहार सम्पन्न हो सके, इसके लिए दुर्ग जिले के वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने एक नई पहल की है। विधायक रिकेश सेन ने होली के दिन हुड़दंग करने वालों का वीडियो भेजने पर 21 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। ऐसा करने वाले वे छत्तीसगढ़ के पहले विधायक हैं। बता दें कि रिकेश सेन इसी तरह अपने अलग-अलग तरह के योजनाओं के लिए चर्चा में बने रहते हैं। वहीं शांति से होली का पर्व मनाने नई पहल की है। उन्होंने हुड़दंग करने वालों का वीडियो भेजने की अपील लोगों से की है। वीडियो भेजने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। उन्हें विधायक 21 हजार देकर सम्मानित करेंगे। विधायक सेन ने साफ कहा है कि हुड़दंग मचाने वालों की खैर नहीं होगी। महिलाओं, बहनों को छेड़ने पर भी तुरंत पुलिस या विधायक कार्यालय में सूचना दें। आरोपियों को पुलिस सबक सिखाएगी। हुड़दंग मचाने वालों को साल दो साल जमानत मिलना मुश्किल होगा।

छत्तीसगढ़ में आज से 7 मार्च तक मनेगा जन औषधि सप्ताह

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज से 7 मार्च तक जन औषधि सप्ताह मनाया जाएगा। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “जन औषधि : सस्ती भी, भरोसेमंद भी” रखी गई है। सप्ताहभर प्रदेशभर में विभिन्न स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं की जानकारी देने के साथ-साथ स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जहां मुफ्त जांच की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। लोगों को जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं और उनके लाभ के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 6 मार्च को राजधानी रायपुर में जन औषधि पदयात्रा निकाली जाएगी। वहीं 7 मार्च को रायपुर में राज्य स्तरीय जन औषधि दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राजनांदगांव दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री साय रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजनांदगांव जिले के दौरे पर रहेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 11 बजे सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास से रवाना होंगे। दोपहर 1 बजे वे डोंगरगढ़ के नादिया स्थित कबीर मठ आश्रम में आयोजित फाल्गुन महोत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 4 बजे रायपुर स्थित अपने निवास लौटेंगे।

विष्णु सरकार में खेती बन रही लाभ का व्यवसाय- कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर वर्चुअल माध्यम से 237 करोड़ से अधिक की राशि का किया अंतरण मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज प्रदेश के अन्नदाताओं को होली पर्व से पूर्व बड़ी सौगात दी है। जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर सरगुजा जिले के 52 हजार 553 किसानों के बैंक खातों में धान की अंतर राशि के रूप में 237,899.97 लाख रुपये का अंतरण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस अवसर पर प्रतीक स्वरूप पाँच किसानों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। किसानों के हित में समर्पित है विष्णु सरकार:  राजेश अग्रवाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में धान की बंपर रिकॉर्ड खरीदी हुई है। उन्होंने कहा कि आज जिले के 52,553 किसानों को उनके परिश्रम का उचित मूल्य मिला है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए विष्णु सरकार ने 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी की है। होली के पावन पर्व से पहले यह अंतर राशि किसानों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा है। कृषक उन्नति योजना के साथ-साथ भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। ऑनलाइन व्यवस्थाओं और गांव-गांव में सीएससी केंद्रों के माध्यम से किसानों की चिंता दूर की जा रही है। मेहनत का मिल रहा सही दामः  दिव्या सिंह जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थाई समिति की अध्यक्ष  दिव्या सिंह सिसौदिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ ’धान का कटोरा’ है और किसान इसकी रीढ़ हैं। विष्णु सरकार में अब न केवल धान, बल्कि दलहन, तिलहन, रागी, कोदो और कुटकी उगाने वाले किसानों को भी आदान सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे खेती लाभ का व्यवसाय बन रही है। कलेक्टर ने दी धान उपार्जन की जानकारी कलेक्टर  अजीत वसंत ने बताया कि जिले में 39 प्राथमिक समितियों और 54 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से सुचारू रूप से धान खरीदी संपन्न हुई है। शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई, जिससे कोई भी किसान वंचित नहीं रहा। उन्होंने जानकारी दी कि धान उठाव का कार्य भी तेज गति से जारी है और आज मिली अंतर राशि से किसानों को आगामी खेती के कार्यों में बड़ी सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य  पायल सिंह तोमर,  अनिमा केरकेट्टा, अम्बिकापुर जनपद पंचायत अध्यक्ष  विक्रम सोनपाकर, उपाध्यक्ष  सतीश यादव, नगर सभापति  हरिमन्दर सिंह टिन्नी, पार्षद  आलोक दुबे,  भारत सिंह सिसौदिया,  अरूणा सिंह,  जन्मेजय मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच-पंच और बड़ी संख्या में किसान, जिला पंचायत सीईओ  विनय कुमार अग्रवाल, एवं कृषि विभाग उप  संचालक  पितांबर दिवान सहित विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज प्रदेश के अन्नदाताओं को होली पर्व से पूर्व बड़ी सौगात दी है। जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर सरगुजा जिले के 52 हजार 553 किसानों के बैंक खातों में धान की अंतर राशि के रूप में 237,899.97 लाख रुपये का अंतरण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस अवसर पर प्रतीक स्वरूप पाँच किसानों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। किसानों के हित में समर्पित है विष्णु सरकार:  राजेश अग्रवाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में धान की बंपर रिकॉर्ड खरीदी हुई है। उन्होंने कहा कि आज जिले के 52,553 किसानों को उनके परिश्रम का उचित मूल्य मिला है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए विष्णु सरकार ने 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी की है। होली के पावन पर्व से पहले यह अंतर राशि किसानों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा है। कृषक उन्नति योजना के साथ-साथ भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। ऑनलाइन व्यवस्थाओं और गांव-गांव में सीएससी केंद्रों के माध्यम से किसानों की चिंता दूर की जा रही है। मेहनत का मिल रहा सही दामः  दिव्या सिंह जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थाई समिति की अध्यक्ष  दिव्या सिंह सिसौदिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ ’धान का कटोरा’ है और किसान इसकी रीढ़ हैं। विष्णु सरकार में अब न केवल धान, बल्कि दलहन, तिलहन, रागी, कोदो और कुटकी उगाने वाले किसानों को भी आदान सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे खेती लाभ का व्यवसाय बन रही है। कलेक्टर ने दी धान उपार्जन की जानकारी कलेक्टर  अजीत वसंत ने बताया कि जिले में 39 प्राथमिक समितियों और 54 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से सुचारू रूप से धान खरीदी संपन्न हुई है। शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई, जिससे कोई भी किसान वंचित नहीं रहा। उन्होंने जानकारी दी कि धान उठाव का कार्य भी तेज गति से जारी है और आज मिली अंतर राशि से किसानों को आगामी खेती के कार्यों में बड़ी सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य  पायल सिंह तोमर,  अनिमा केरकेट्टा, अम्बिकापुर जनपद पंचायत अध्यक्ष  विक्रम सोनपाकर, उपाध्यक्ष  सतीश यादव, नगर सभापति  हरिमन्दर सिंह टिन्नी, पार्षद  आलोक दुबे,  भारत सिंह सिसौदिया,  अरूणा सिंह,  जन्मेजय मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच-पंच और बड़ी संख्या में किसान, जिला पंचायत सीईओ  विनय कुमार अग्रवाल, एवं कृषि विभाग उप  संचालक  पितांबर दिवान सहित विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे।  

बस्तर की सांस्कृतिक विरासत से अभिभूत हुई संयुक्त राष्ट्र की मेंटर, छह दिवसीय प्रवास के बाद भावुक होकर विदा हुई सु किर्सी ह्यवैरिनेन

रायपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। संयुक्त राष्ट्र की मेंटर एवं हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक सु किर्सी ह्यवैरिनेन ने अपने छह दिवसीय प्रवास के दौरान बस्तर की जीवंत परंपराओं, लोक कला और जनजातीय संस्कृति को करीब से अनुभव किया। प्रवास की समाप्ति पर शनिवार को उन्होंने बस्तर कलेक्टर  आकाश छिकारा से औपचारिक मुलाकात कर अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  प्रतीक जैन भी उपस्थित रहे। बैठक में बस्तर में सतत पर्यटन, सामुदायिक सहभागिता और वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई। सु किर्सी ने विशेष रूप से धुड़मारास के भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की प्राकृतिक छटा, जनजातीय जीवन शैली और पारंपरिक लोकाचार ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने स्थानीय समुदायों के आत्मीय आतिथ्य, लोकनृत्यों, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर की  सांस्कृतिक जड़ें अत्यंत मजबूत और जीवंत हैं। यहां की परंपराएं केवल विरासत नहीं, बल्कि आज भी लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, जो इसे विश्व के पर्यटकों के लिए एक विशिष्ट और अविस्मरणीय गंतव्य बनाती हैं। छह दिनों तक बस्तर के विभिन्न अंचलों का भ्रमण करने के दौरान उन्होंने ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय उत्पादों, महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों और प्रकृति आधारित पर्यटन स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर में सामुदायिक सहभागिता के साथ पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं और यदि इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संरचित किया जाए, तो यह वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक सशक्त पहचान बना सकता है। कलेक्टर  आकाश छिकारा ने सु किर्सी के अनुभवों को बस्तर के पर्यटन संवर्धन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से न केवल स्थानीय पर्यटन को नई दिशा मिलेगी, बल्कि बस्तर की लोक कला, परंपराएं और प्राकृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर और सशक्त पहचान मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय संवाद से बस्तर में सतत और समावेशी विकास की अवधारणा को और बल मिलेगा। प्रवास के समापन पर सु किर्सी ह्यवैरिनेन भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि बस्तर केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि अनुभवों की ऐसी भूमि है जहां प्रकृति, संस्कृति और मानवीय संवेदनाएं एक साथ जीवंत हो उठती हैं। उनकी यह यात्रा बस्तर के लिए केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान और संभावनाओं के नए द्वार खोलने वाला प्रेरक अध्याय बनकर उभरी है।

आर्थिक अभाव अब प्रतिभा की राह में नहीं बनेगा बाधा, कला-संस्कृति को मिलेगा नया आयाम

रायपुर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ ने अर्थाभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों एवं विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2026-27 की छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को कला के क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। प्रविष्टियां निर्धारित प्रारूप में पूर्ण दस्तावेजों सहित पंजीकृत डाक के माध्यम से 20 मार्च 2026 तक आमंत्रित की गई हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली युवा की प्रगति में बाधा न बने। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक एवं जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने की दिशा में यह छात्रवृत्ति योजना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल युवा कलाकारों को आर्थिक संबल प्रदान करेगी, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी सहायक सिद्ध होगी। विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार छात्रवृत्ति प्रोत्साहन हेतु विभिन्न विद्याएं एवं उपविद्याएं निर्धारित की गई हैं। लोक एवं पारंपरिक जनजातीय कलाओं के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की समस्त पारंपरिक जनजातीय एवं लोक नृत्य, नृत्य-गीत, लोकसंगीत, पारंपरिक खेल, वाद्य, पंडवानी, ददरिया, करमा, सुवा, राउत नाचा, गोंडी सहित अन्य जनजातीय गायन-वादन एवं लोक परंपराएं सम्मिलित हैं। शास्त्रीय संगीत में हिंदुस्तानी एवं कर्नाटक (गायन/वादन) मान्य हैं। शास्त्रीय नृत्य में भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम, ओडिसी, मणिपुरी, कथकली आदि विधाएं शामिल हैं। रंगमंच के अंतर्गत हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी नाटक तथा अन्य लोक-जनजातीय नाट्य विधाएं सम्मिलित की गई हैं। दृश्य कला में ग्राफिक्स, मूर्तिकला, पेंटिंग, फोटोग्राफी, मृद्भांड (सेरामिक्स) एवं लोक-जनजातीय चित्रांकन परंपराएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सुगम शास्त्रीय संगीत की विधाएं जैसे ठुमरी, दादरा, टप्पा, भजन, ग़ज़ल एवं कव्वाली भी मान्य हैं। योजना के लिए पात्रता एवं सामान्य शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। आवेदक छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए तथा चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य है। आवेदक की आयु 15 वर्ष से कम और 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक अथवा उसके माता-पिता/अभिभावक की वार्षिक आय 72,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन केवल निर्धारित प्रारूप में ही स्वीकार किए जाएंगे। चयनित विद्यार्थियों को नियमानुसार मासिक छात्रवृत्ति प्रोत्साहन राशि 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक प्रदान की जाएगी, जो डीबीटी/ई-पेमेंट के माध्यम से सीधे खाते में अंतरित होगी। आवेदन स्वीकार करने की अंतिम तिथि 20 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। लिफाफे पर स्पष्ट रूप से “अर्थाभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों/छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना 2026-27” अंकित करना अनिवार्य होगा। विलंब से प्राप्त अथवा अपूर्ण आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइटwww.cgculture.inपर उपलब्ध है। राज्य सरकार का मानना है कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की आत्मा है। लोक और जनजातीय परंपराओं से समृद्ध छत्तीसगढ़ में युवाओं को प्रोत्साहन देना सांस्कृतिक संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की आत्मा है। छत्तीसगढ़ की लोक परंपराएं, जनजातीय संस्कृति, लोकनृत्य, पंथी, राउत नाचा, भरथरी, करमा जैसे लोक रूप प्रदेश की पहचान हैं। ऐसे में युवा कलाकारों को प्रोत्साहन देना सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से न केवल कलाकारों को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि प्रदेश में सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नया आयाम प्राप्त होगा। राज्य सरकार की यह पहल ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को साकार करते हुए यह संदेश देती है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती अपितु उसे केवल अवसर और प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लगातार कला, संस्कृति और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की कड़ी में यह छात्रवृत्ति योजना एक और महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रदेश को सांस्कृतिक रूप से और अधिक समृद्ध एवं सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगी। यह छात्रवृत्ति योजना आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाओं को संबल प्रदान करते हुए प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।