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जंगल में जुए के अड्डे पर पुलिस का ताबड़तोड़ छापा, 5 आरोपी गिरफ्तार, फिल्मी अंदाज में बड़ी सफलता

जंगल में जुए के अड्डे पर पुलिस का ताबड़तोड़ छापा, 5 आरोपी गिरफ्तार, फिल्मी अंदाज में बड़ी सफलता मो. कासिम जिला प्रतिनिधि एमसीबी मनेन्द्रगढ़  जिले में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने फिल्मी अंदाज में एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार गुटरा के जंगल में लंबे समय से 52 पत्तों का जुआ संचालित हो रहा था, जिसकी सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रणनीतिक घेराबंदी कर दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से जुआरियों में अफरा-तफरी मच गई और कई भागने की कोशिश में जुट गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से 5 जुआरियों को गिरफ्तार किया। साथ ही जुआ खेलने में इस्तेमाल सामग्री और नगदी भी जब्त की गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्ती के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अचल संपत्ति रजिस्ट्री में कमी, 0.60% उपकर खत्म – आम जनता को मिली राहत

अचल संपत्ति की रजिस्ट्री हुई सस्ती, 0.60% उपकर समाप्त – आम जनता को बड़ी राहत रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) अधिनियम, 2026 की अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में लिया गया यह निर्णय प्रदेश में सुशासन और जनहितकारी नीतियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पहल के तहत अब अचल संपत्ति के अंतरण विलेखों के पंजीयन पर बाजार मूल्य के आधार पर लगाया जाने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन को सरल और किफायती बनाना है। ऐसे में यह निर्णय पूरी तरह जनहित में लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के आम नागरिकों, किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों तथा संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब संपत्ति पंजीयन की लागत कम होगी और रजिस्ट्री की प्रक्रिया अधिक सुलभ, सरल और किफायती बनेगी। पंजीयन मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से उपकर समाप्त करने की पहल की गई थी, जिसके अनुसरण में छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया।उन्होंने कहा कि अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिससे अब अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त उपकर पूरी तरह समाप्त हो गया है। चौधरी ने कहा कि यह निर्णय मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए विशेष रूप से राहतकारी है। इससे न केवल रजिस्ट्री सस्ती होगी, बल्कि संपत्ति बाजार में पारदर्शिता और गति भी आएगी। उदाहरण के तौर पर 1 करोड़ रुपये के बाजार मूल्य की संपत्ति पर नागरिकों को लगभग 60 हजार रुपये की सीधी बचत होगी, जो आम परिवारों के लिए बड़ी राहत है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1982 के अंतर्गत स्थावर संपत्ति के अंतरण पर उपकर का प्रावधान किया गया था। वर्ष 2023 में तत्कालीन सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन एवं राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण हेतु स्टांप शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत की दर से उपकर अधिरोपित किया गया था, जिससे नागरिकों को बाजार मूल्य का लगभग 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त भार वहन करना पड़ रहा था। वर्तमान में राजीव गांधी मितान क्लब योजना संचालित नहीं है तथा रोजगार संबंधी योजनाओं का वित्तपोषण अब राज्य के सामान्य बजट से किया जा रहा है। ऐसे में इस उपकर की प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी थी, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसे समाप्त करने का निर्णय लिया। वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार को इस उपकर से लगभग 148 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 150 करोड़ रुपये का उपकर प्राप्त हो चुका है। इसके बावजूद सरकार ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस राजस्व का त्याग किया है। इस संशोधन अधिनियम के माध्यम से छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1982 की धारा 8, धारा 9 तथा अनुसूची में वर्णित लिखतों पर उपकर संबंधी प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया है। इस निर्णय और पंजीयन विभाग में किए गए सुधारों से प्रदेश में संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा मिलेगा, आम नागरिकों को आर्थिक राहत मिलेगी, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा तथा राज्य में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

रायगढ़ में रीता यादव ने युवा उद्यमियों की इकाइयों का निरीक्षण किया, PMEGP और CMEGP योजनाओं की प्रगति पर नज़र

रायगढ़ छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की प्रबंध संचालक (MD) श्रीमती रीता यादव ने आज रायगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर PMEGP एवं CMEGP योजनाओं के अंतर्गत स्थापित युवा उद्यमियों की इकाइयों का निरीक्षण किया। ​निरीक्षण के दौरान उन्होंने युवाओं के उत्साह और उनके द्वारा संचालित सफल व्यवसायों की सराहना की: * ​निखिल साहू (पुसौर): आधुनिक रेस्टोरेंट का सफल संचालन। * ​अभिषेक केरकेट्टा (रायगढ़): होटल एवं रेस्टोरेंट के माध्यम से स्वरोजगार। * ​श्रेयांश साहू: मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (CMEGP) के तहत कूलर निर्माण यूनिट। * ​नेहरूलाल पटेल (ग्राम कोसमंदा): दोना-पत्तल निर्माण इकाई के जरिए ग्रामीण उद्यमिता। ​बोर्ड की इन योजनाओं के माध्यम से आज रायगढ़ के युवा न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं।  

​आत्मविश्वास से बदल रही जिंदगी: पुनर्वास केंद्र में हुनर सीख रहे मुख्यधारा में लौटे 40 पूर्व नक्सली

​रायपुर नारायणपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों की नई पारी छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में हिंसा और आतंक का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सली अब 'नवनिर्माण' की राह पर निकल पड़े हैं। जिले के लाइवलीहुड कॉलेज स्थित पुनर्वास केंद्र में इन लोगों को केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन जीने का आधार भी मिल रहा है। कभी बंदूक थामने वाले इन हाथों ने अब खेतों की खुशहाली के लिए ट्रैक्टर का स्टीयरिंग थामना शुरू कर दिया है। ​लोकतंत्र की मुख्यधारा से जुड़ाव प्रशासनिक पहल के तहत पुनर्वासितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में हाल ही में 8 पुनर्वासितों को वोटर आईडी कार्ड वितरित किए गए, जिससे वे अब लोकतंत्र का हिस्सा बन गए हैं। इसके अतिरिक्त, 40 लोगों के फॉर्म-6 भरवाकर उन्हें मतदाता सूची से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यह कदम उन्हें केवल पहचान ही नहीं, बल्कि समाज में बराबरी का हक भी दिला रहा है। ​कलेक्टर की पहल पर शुरू हुआ प्रशिक्षण पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के समक्ष 40 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने ट्रैक्टर चलाने और उसकी मरम्मत सीखने की इच्छा जताई। कलेक्टर ने इस सकारात्मक पहल को तुरंत मंजूरी दी और सोमवार से ही प्रशिक्षण कार्यक्रम का गणेश कर दिया।​विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की देखरेख में ये सभी लोग अब ट्रैक्टर की तकनीकी बारीकियों और रख-रखाव का प्रशिक्षण ले रहे हैं। गौरतलब है कि इनमें से कई ऐसे हैं जिन्होंने पूर्व में साइकिल तक नहीं चलाई थी, लेकिन आज वे पूरी गंभीरता के साथ आधुनिक कृषि यंत्रों का कौशल सीख रहे हैं। ​आत्मनिर्भरता से उज्ज्वल भविष्य की ओर यह प्रशिक्षण केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन को नई दिशा देने वाला माध्यम है। खेती-किसानी और परिवहन के क्षेत्र में इस कौशल से उन्हें न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी हो सकेंगे। ​अतीत की अस्थिरता और डर के साये से निकलकर अब इन लोगों के चेहरों पर आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति स्पष्ट उम्मीदें देखी जा सकती हैं। नारायणपुर का यह केंद्र आज केवल एक पुनर्वास स्थल नहीं, बल्कि विश्वास और बदलाव का एक आदर्श उदाहरण बनकर उभरा है। यह साबित करता है कि सही अवसर और सहयोग मिले, तो भटका हुआ हर व्यक्ति समाज की प्रगति में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकता है।

कुंआकोंडा के दुर्गम अंचल में पहली बार समग्र जांच का अनुभव, 62 ग्रामीणों की स्क्रीनिंग; गर्भवती सहित 4 मरीज तत्काल रेफर

रायपुर 11 किमी की दूरी नहीं बनी बाधा, स्वास्थ्य टीम पहुंची लोहागांव के हर दरवाजे तक घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और कठिन रास्तों के बीच बसे लोहागांव में सोमवार को स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भरोसे की दस्तक बनकर पहुंचीं। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बैलाडीला की पहाड़ियों से घिरे विकासखंड कुआकोंडा के इस सुदूर गांव तक पहुंचने के लिए करीब 11 किलोमीटर का पैदल सफर तय किया। ऐसा सफर, जो सामान्य दिनों में भी आसान नहीं माना जाता। 11 किमी की दूरी नहीं बनी बाधा, स्वास्थ्य टीम पहुंची लोहागांव के हर दरवाजे तक गांव पहुंचने के बाद टीम ने 62 ग्रामीणों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल रहे, जिनमें कई ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने पहली बार इस तरह की समग्र जांच कराई। मलेरिया और सिकल सेल (हीमोग्लोबिन) की जांच के साथ-साथ मोतियाबिंद और कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों की पहचान की गई। गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच की गई, वहीं बच्चों का टीकाकरण भी सुनिश्चित किया गया। जांच के दौरान 4 मरीजों की स्थिति गंभीर पाई गई, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें एक गर्भवती महिला, एक मोतियाबिंद मरीज और दो मलेरिया पॉजिटिव मरीज शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, समय रहते इन मरीजों की पहचान होना आगे चलकर गंभीर जटिलताओं को रोकने में मददगार साबित होगा। दरअसल, 13 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान के तहत पूरे जिले में 76 स्वास्थ्य स्थलों के माध्यम से टीमें गांव-गांव पहुंच रही हैं। इसका उद्देश्य केवल उपचार देना नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों में छिपी बीमारियों की समय रहते पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ना है। लोहागांव जैसे दुर्गम क्षेत्रों में टीम की यह पहुंच इस बात का संकेत है कि अब स्वास्थ्य सेवाएं “इंतजार” नहीं, बल्कि “पहलकदमी” के रूप में सामने आ रही हैं। जहां पहले दूरी और संसाधनों की कमी बड़ी बाधा थी, वहीं अब यही अभियान उन बाधाओं को पार करने की कोशिश करता दिख रहा है।

मैं’ से ’हम’ की यात्रा ही कामयाबी की कुंजी- राज्यपाल डेका

रायपुर मैं’ से ’हम’ की यात्रा ही कामयाबी की कुंजी- राज्यपाल  डेका प्रदेश़ के राज्यपाल  रमेन डेका आज दुर्ग और भिलाई के एक दिवसीय प्रवास पर रहे। इस दौरान राज्यपाल ने रूंगटा इंटरनेशनल स्किल यूनिवर्सिटी, भिलाई में आयोजित भव्य कार्यक्रम ’सच हुए सपने’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। यह कार्यक्रम युवाओं के लिए आयोजित किए गए विशाल रोजगार मेले ’प्लेसमेंटनामा’ के गौरवशाली समापन का प्रतीक था। इस दौरान राज्यपाल  डेका ने प्लेसमेंट के द्वारा चयनित युवाओं को जॉब लेटर प्रदान किया। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सपने वे नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि सपने वे हैं जो हमें सोने नहीं देते। उन्होंने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि ’सच हुए सपने’ के माध्यम से 1,702 मेधावी युवाओं को सम्मानजनक रोजगार प्राप्त हुआ है, जो राज्य के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्यपाल ने अपने संबोधन में ’प्लेसमेंटनामा’ की सफलता के आंकड़ों की सराहना करते हुए बताया कि इस पांच दिवसीय आयोजन में 10,842 युवाओं ने पंजीयन कराया और लगभग 7,000 साक्षात्कार हुए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का युग केवल डिग्री का नहीं, बल्कि दक्षता, आत्मविश्वास और व्यावहारिक सोच का है। युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए राज्यपाल ने तीन महत्वपूर्ण बातें साझा कीं- निरंतर सीखने की जिज्ञासा बनाए रखना, ईमानदारी व स्पष्टता को अपनाना और ’मैं’ से ’हम’ की टीम भावना को विकसित करना। उन्होंने कहा कि जब संस्थान, उद्योग और सरकार मिलकर काम करते हैं, तो ऐसे ही असाधारण परिणाम प्राप्त होते हैं। राज्यपाल  रमेन डेका ने कहा कि इस आयोजन में तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों क्षेत्रों की कंपनियों का उत्साहजनक सहयोग रहा। आईटी सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और कोर इंडस्ट्री की समान भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ का युवा हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए तैयार है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में एचआर प्रतिनिधियों की उम्मीदें बदल चुकी हैं। अब केवल हाँ में हा मिलाने से नौकरी नहीं मिलती, बल्कि विषय का गहन ज्ञान और व्यक्तित्व में झलकने वाला आत्मविश्वास ही आपकी असली पहचान है। युवाओं को भविष्य के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि रिक्रूटर्स बेहद स्मार्ट होते हैं जो चंद मिनटों में आपकी क्षमता को परख लेते हैं। इसलिए आपकी आंखों का आत्मविश्वास और भाषा की स्पष्टता ही आपका भविष्य तय करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिग्री केवल एक शुरुआत है, असली शिक्षा जीवन के अनुभवों से आती है। जो व्यक्ति सीखना बंद कर देता है, उसके विकास के द्वार बंद हो जाते हैं। राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि ईमानदारी और स्पष्टता सबसे बड़ी ताकत है; जो नहीं आता उसे स्वीकार करना कमजोरी नहीं, बल्कि एक मजबूत व्यक्तित्व की निशानी है। उन्होंने इस बात की सराहना की कि "प्लेसमेंटनामा" का यह मॉडल पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकता है, जहाँ शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर सीधे रोजगार और राष्ट्र निर्माण से जुड़ती है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आपकी सफलता ही ’नए छत्तीसगढ़’ और ’नए भारत’ की नींव है। स्वयं पर अटूट भरोसा रखें, क्योंकि आज का आपका सपना ही कल के भारत का गौरव बनेगा। इस अवसर पर विधायक रिसाली  रिकेश सेन, विधायक भिलाई नगर  देवेन्द्र यादव, कलेक्टर  अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक  विजय अग्रवाल, चांसलर  संतोष रूंगटा एवं  संजय रूंगटा, वाइस चांसलर  जवाहर सुनील सेट्ठी, रूंगटा यूनिवर्सिटी के फेकल्टी सहित बड़ी संख्या में अभिभावक व युवा उपस्थित थे।

निस्तारी संकट से मिली राहत

​रायपुर नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिला प्रशासन ने ग्रीष्म ऋतु में होने वाली जल किल्लत और दैनिक उपयोग की समस्याओं को दूर करने के लिए महानदी जलाशय परियोजना के जल का उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित तालाबों को भरने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया है। ग्रामीणों को मिल रहा योजना का दोहरा लाभ ​लक्ष्य के करीब प्रशासन,​निस्तारी की समस्या का समाधान और भू-जल स्तर में होगा सुधार जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के 384 गांवों में स्थित कुल 683 तालाबों को भरने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक प्रशासन ने 450 तालाबों को पूरी तरह से भर दिया है, जबकि 128 तालाबों में पानी भरने का काम तेजी से चल रहा है। शेष तालाबों को भी बहुत जल्द पानी से भर दिया जाएगा। तालाबों में पर्याप्त पानी होने से ग्रामीण निस्तारी कार्यों को आसानी से कर पा रहे हैं।तालाबों के लबालब होने से आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर (वाटर रिचार्ज) के बढने में भी सुविधा होगा। प्रशासन द्वारा सख्त निगरानी कर पानी की बर्बादी पर लगाम लगाया जा रहा है। ​इस जल संरक्षण अभियान की मॉनिटरिंग खुद कलेक्टर कुलदीप शर्मा कर रहे हैं। पिछले सप्ताह बलौदाबाजार विकासखंड के दौरे के दौरान उन्होंने कई तालाबों और नहरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नहरों का पानी व्यर्थ न बहे और इस पूरी प्रक्रिया की कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि पानी का हर बूंद का शत प्रतिशत सही जगह उपयोग हो सके। ​जिला प्रशासन की इस तत्परता से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, वहीं गर्मी के सीजन में जल संरक्षण की दिशा में यह एक प्रभावी कदम साबित हो रहा है।

स्थानीय मंच से राष्ट्रीय पहचान: छात्र का चयन आईटी कंपनी में

रायपुर धमतरी   में 24-25 अप्रैल को आयोजित युवा फेस्ट 2026 के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। यह आयोजन युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित हो रहा है। इसी क्रम में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्कशॉप से एक प्रेरणादायक सफलता कहानी सामने आई है। अभनपुर निवासी कक्षा 12वीं के छात्र प्रतीक ताम्रकार का चयन बेंगलुरु स्थित TEKNIKOZ Software Private Limited में समर इंटर्नशिप हेतु किया गया है। यह अवसर उन्हें युवा फेस्ट के दौरान आयोजित AI वर्कशॉप में सक्रिय सहभागिता, तकनीकी समझ और उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्राप्त हुआ है। वे आगामी दो माह (अप्रैल से जून 2026) तक कंपनी के साथ कार्य करते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम के दौरान बेंगलुरु से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल स्किल्स, स्टार्टअप इकोसिस्टम एवं आधुनिक तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी दी गई। वर्कशॉप में प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट आधारित सीखने और करियर मार्गदर्शन का भी अवसर मिला। प्रतीक ने अपनी जिज्ञासा, नवाचार की सोच और सीखने की प्रतिबद्धता से प्रशिक्षकों को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने प्रतीक ताम्रकार को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि युवा फेस्ट का उद्देश्य केवल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें सही दिशा और मंच उपलब्ध कराना है। प्रतीक की सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण एवं छोटे शहरों के युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। कलेक्टर ने जिले के अन्य युवाओं से भी इस प्रकार के नवाचार एवं कौशल आधारित कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की, ताकि वे आधुनिक तकनीकों से जुड़कर अपने करियर को नई दिशा दे सकें।   समग्र रूप से “युवा फेस्ट-2026” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ। इसने शिक्षा, संस्कृति, खेल और तकनीक के समन्वय के माध्यम से युवाओं को आत्मविश्वास, नवाचार और नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सीमित समय और चुनौतियों के बावजूद उत्कृष्ट टीम वर्क, समर्पण और योजनाबद्ध प्रयासों के चलते यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा। यह फेस्ट इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि युवाओं को उचित मंच, मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे अपनी प्रतिभा से समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। “युवा फेस्ट-2026” ने न केवल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि सीख, प्रेरणा और आत्मविकास का ऐसा वातावरण भी निर्मित किया, जिसकी स्मृतियाँ लंबे समय तक युवाओं के मन में जीवित रहेंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेंगी। प्रतीक ताम्रकार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने चाचाजी पवन कुमार ताम्रकार, प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय कुरूद को दिया, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से उन्होंने युवा फेस्ट में भाग लिया और इस अवसर तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि युवा फेस्ट जैसे मंच युवाओं के लिए सीखने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम हैं।   उल्लेखनीय है कि युवा फेस्ट 2026 के अंतर्गत जिले में विभिन्न क्षेत्रों—तकनीक, खेल, कला, नवाचार एवं उद्यमिता—से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य युवाओं की प्रतिभा को निखारना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है। जिले में इस प्रकार के आयोजन न केवल कौशल विकास को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक अवसरों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना: ईश्वरी प्रसाद ने टमाटर उत्पादन से कमाए 02 लाख 90 हजार रूपए

रायपुर आधुनिक कृषि पद्धति अपनाकर एक किसान अपनी आमदनी में बढ़ोत्तरी कर रहा है।मुंगेली जिले के ग्राम कलारजेवरा (विकासखंड पथरिया) के कृषक ईश्वरी प्रसाद ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर सफलता की नई मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और प्लास्टिक मल्चिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग कर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। ईश्वरी प्रसाद के पास कुल 1.20 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें से 01 एकड़ क्षेत्र में उन्होंने उन्नत किस्म के टमाटर (साहो) की खेती की। यह कार्य उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना वर्ष 2025-26 के तहत प्राप्त मार्गदर्शन और सहयोग से शुरू किया। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 150 क्विंटल टमाटर का उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में 25 से 30 रुपये प्रति किलो के थोक भाव से बिक्री कर उन्होंने कुल 03 लाख 75 हजार रुपये की आय अर्जित की। वहीं, खेती में कुल लागत 85 हजार रुपये आई, जिससे उन्हें लगभग 02 लाख 90 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। उद्यानिकी विभाग से 30 हजार रुपये का अनुदान मिलने से लागत कम करने में भी सहायता मिली। इस पहल ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ाया। ईश्वरी प्रसाद ने बताया कि आधुनिक तकनीकों और शासन की योजनाओं का सही उपयोग कर किसान कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं। उनकी यह सफलता आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

​राजस्व कार्यों में ढिलाई पर सख्त:लंबित प्रकरणों के निपटारे और राजस्व वसूली में तेजी लाने मंत्री ने दिए निर्देश

​रायपुर  राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश दिए। बैठक में मुख्य रूप से सुशासन, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से जनहितैषी कार्यों को पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।  बैठक में उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण, आपदा प्रबंधन की तैयारियों और विभागीय आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा की। ​राजस्व प्रकरणों के त्वरित निपटारे पर जोर डिजिटल सुधार और एग्रीस्टेक में तेजी लाने के निर्देश       ​ बैठक में नामांतरण, बंटवारा, त्रुटि सुधार और सीमांकन जैसे राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की जिलेवार समीक्षा की गई। मंत्री  वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्रुटि सुधार संबंधी प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए। यदि समय-सीमा में कार्य नहीं होता है, तो लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधितों पर कार्यवाही की जाएगी।          इसी तरह ​मंत्री  वर्मा ने कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए एग्रीस्टेक के तहत जियोरिफ्रेसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए । साथ ही, नक्शा प्रोजेक्ट और जियोरिफ्रेसिंग के कार्यों में हो रहे विलंब को अगले 03 महीनों के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।   ​     मंत्री  वर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में आबादी पट्टा वितरण हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में राजस्व अधिकारी 31 जुलाई तक सभी लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी उपलब्ध कराएं। इसी तरह आगामी समय को देखते हुए ​आपदा प्रबंधन की तैयारी में किसी प्रकार की कोई कमी नही होना चाहिए।आकाशीय बिजली से बचाव और स्कूल तथा अस्पताल भवनों की सुरक्षा के लिए निर्देश दिए। इसके साथ ही, अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए प्राप्त राशि का समुचित व्यय सुनिश्चित करने हेतु चिन्हित जिलों में अतिशीघ्र कार्यवाही के भी निर्देश दिए।          बैठक में मंत्री  वर्मा ने ​हितग्राही मूलक योजनाओं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वामित्व कार्ड वितरण में तेजी लाने हेतु आगामी 03 महीनों का लक्ष्य निर्धारित किया। इसी तरह राजस्व निरीक्षकों के कार्यभार और तहसीलदारों के लिए वाहन क्रय संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा की गई। नायब तहसीलदारों की परिवीक्षा अवधि एवं तहसीलदारों की पदोन्नति की प्रक्रिया हर साल नियमित समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑटो डायवर्सन पोर्टल और विभिन्न राजस्व वसूलियों की समीक्षा करते हुए रायपुर जिले में राजस्व वसूली की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ​बैठक में विभागीय बजट वर्ष 2025-26 एवं आगामी बजट 2026-27 के संबंध में भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।