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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी मुठभेड़, 12 से ज्यादा नक्सली मारे गए

सुकमा  छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों का बड़ा अभियान जारी है। सुकमा और बीजापुर जिलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है। सुकमा जिले के किस्टाराम क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 10 नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है, जबकि इलाके में अब भी रुक-रुककर फायरिंग जारी है। दूसरी ओर बीजापुर जिले में दो माओवादियों को ढेर कर दिया गया है, जिनके शव और हथियार बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीम ने नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान शनिवार तड़के नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हो गई। माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीम ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान शनिवार तड़के नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। सुबह करीब 5 बजे से माओवादियों के साथ रुक-रुककर मुठभेड़ जारी है। सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक बीजापुर क्षेत्र से दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ की पुष्टि एसपी जितेंद्र यादव ने की है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए मुठभेड़ के सटीक स्थान और ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या का खुलासा नहीं किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी। 3 जनवरी की सुबह करीब 5 बजे से लगातार रुक-रुककर गोलीबारी चल रही है। बीजापुर में हुई मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने अब तक दो नक्सलियों के शव बरामद किए हैं। मुठभेड़ की पुष्टि बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने की है। उन्होंने बताया कि इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सुरक्षा कारणों को देखते हुए फिलहाल मुठभेड़ के सटीक स्थान और ऑपरेशन में शामिल जवानों की संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी। हाल के दिनों में तेज हुए नक्सल विरोधी अभियान गौरतलब है कि 8 दिन पहले पड़ोसी राज्य ओडिशा के कंधमाल जिले में हुए एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने 1 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली नेता गणेश उईके समेत 6 माओवादियों को मार गिराया था। उस कार्रवाई में दो महिला नक्सली भी ढेर हुई थीं और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती राज्यों में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को नक्सल नेटवर्क पर अब तक का बड़ा दबाव माना जा रहा है। Yearender 2025 – छत्तीसगढ़ के बड़े नक्सल एनकाउंटर  छत्तीसगढ़ में मार्च 2026 तक नक्सल खात्मे का लक्ष्य रखा गया है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर दौरे में नक्सलियों से हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की थी. इस अपील के बाद बड़ी संख्या में नक्सलियों ने फोर्स के सामने हथियार डाले. जिन नक्सलियों ने हथियार के साथ फोर्स को चुनौती देने की कोशिश की उनके नामो निशान मिट गए.साल 2025 बड़े नक्सलियों के खात्मे के लिए भी जाना जाएगा. दिसंबर 19.12.2025 : बीजापुर जिले में सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 5 लाख का इनामी नक्सली मारा गया. ASP चंद्रकांत गोवर्णा ने बताया कि भैरमगढ़ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इंद्रावती क्षेत्र में डीआरजी टीम ने तलाशी अभियान चलाया था.जिसमें एक नक्सली ढेर हुआ. 18.12.2025: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 3 नक्सली मारे गए, जिनमें कई हिंसक घटनाओं में शामिल एक महिला नक्सली भी थी. गोलापल्ली पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पहाड़ी वन क्षेत्र में यह मुठभेड़ हुई. 03.12.2025: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर में हुई मुठभेड़ में पीएलजीए कंपनी नंबर 2 के कमांडर मोदियामी वेल्ला समेत 18 नक्सली मारे गए. मुठभेड़ में तीन सुरक्षाकर्मी भी शहीद हो गए, जबकि दो घायल हुए. छत्तीसगढ़ सरकार ने वेल्ला पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था. नवंबर 18.11.2025: आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 6 माओवादी मारे गए. इनमें बस्तर का वरिष्ठ माओवादी नेता और केंद्रीय समिति सदस्य माडवी हिड़मा भी शामिल था. 11.11.2025: बीजापुर जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 6 नक्सली मारे गए. इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम क्षेत्र में वरिष्ठ माओवादी कैडरों की उपस्थिति की सूचना के आधार पर नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. सितंबर 28.09.2025: छत्तीसगढ़ के कांकेर में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 14 लाख रुपए के 3 इनामी नक्सली मारे गए. कांकेर पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसला के मुताबिक कांकेर और गरियाबंद जिलों की सीमा पर स्थित छिंदखड़क गांव के पास एक पहाड़ी पर मुठभेड़ हुई. 22.09.2025: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के जंगलों में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 2 नक्सली मारे गए. नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर, महाराष्ट्र से सटे अबूझमाड़ के मूसफरशी जंगलों में एक अभियान शुरू किया गया और सुबह गोलीबारी शुरू हो गई. नारायणपुर के एसपी रॉबिन्सन गुड़िया ने कहा कि महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर अबूझमाड़ के जंगलों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई. 11.09.2025: छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने हाल के वर्षों में अपनी सबसे बड़ी सफलताओं में से एक को अंजाम दिया, जब उन्होंने गरियाबंद क्षेत्र में एक सुनियोजित अभियान में 10 कट्टर नक्सलियों को मार गिराया. मारे गए लोगों में मोदम बालकृष्ण उर्फ ​​मोनाज (CCM) भी शामिल था, जिस पर एक करोड़ रुपए का इनाम था. 5.22 करोड़ रुपए के इनामी 10 नक्सली मारे गए: रायपुर रेंज के आईजी अमरीश मिश्रा ने बताया कि गरियाबंद मुठभेड़ में 10 नक्सली मारे गए. इनमें बालकृष्ण उर्फ मनोज उर्फ ​​बलन्ना भी शामिल था, जिस पर एक करोड़ रुपए का इनाम था.इस मुठभेड़ में अन्य नक्सली भी मारे गए, जिन पर कुल मिलाकर 4.22 करोड़ रुपए का इनाम था. अगस्त 13.08.2025: छत्तीसगढ़ के मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों ने भीषण मुठभेड़ में दो वरिष्ठ माओवादी नेताओं को मार गिराया. यह मुठभेड़ मदनवाड़ा क्षेत्र के बांदा पहाड़ रेतेगांव … Read more

रायपुर: CM साय ने केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से की मुलाकात, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेज़बानी पर चर्चा

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से की भेंट प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को  मिलना समूचे राज्य के लिए गर्व और सम्मान का विषय  – मुख्यमंत्री साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री मनसुख मांडविया से सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित “प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स – 2026” के सफल आयोजन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व तथा भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मार्गदर्शन में खेलों को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलना समूचे राज्य के लिए गर्व और सम्मान का विषय है, यह अवसर राज्य की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री साय ने अवगत कराया कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत एथलेटिक्स, तीरंदाजी, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, हॉकी, फुटबॉल और तैराकी सहित कुल 07 मुख्य खेलों की स्पर्धाएँ आयोजित की जाएँगी, वहीं 2 खेल डेमो स्वरूप प्रस्तुत किए जाएंगे। प्रस्तावित आयोजन के अनुसार सरगुजा संभाग में कुश्ती, तीरंदाजी एवं वेटलिफ्टिंग,रायपुर में हॉकी, फुटबॉल एवं तैराकी तथा बिलासपुर में एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने  कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 का उद्घाटन समारोह 14 फरवरी 2026 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री मांडविया को उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं में खेल प्रतिभा प्रचुर मात्रा में है और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में इस प्रकार के आयोजन खेलों के प्रति नए उत्साह और अवसर पैदा करेंगे। उन्होंने आयोजन की सभी तैयारियों में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से आदिवासी अंचलों के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा तथा छत्तीसगढ़ खेल महाशक्ति के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर मनसुख मांडविया को ईएसआईसी अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। उन्होंने राज्य में खेलों के आधारभूत ढाँचे के विकास, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण अवसरों के विस्तार तथा खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में खेल मंत्रालय के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने देश में कार्यान्वित ऐतिहासिक लेबर कोड के लिए भी केंद्रीय मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि इससे श्रमिक हितों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा कवरेज और श्रम क्षेत्र में पारदर्शिता एवं सरलता को नई दिशा मिली है।

बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे का ऐलान, 90 दिन में हिड़मा और बसवाराजू का एनकाउंटर, 6 अन्य की तलाश

बस्तर  बस्तर में नक्सलवाद खत्म करने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त बस्तर बनाने की डेडलाइन तय की है। अब इस तारीख तक सिर्फ 90 दिन बचे हैं। 2025 में नक्सलवाद पर बड़ा अभियान चलाया गया। डेढ़ साल में कुल 23 बड़े नक्सली मारे गए हैं। इनमें सबसे खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा, नक्सल संगठन सचिव बसवाराजू, गणेश उइके सहित 16 बड़े नक्सली शामिल हैं। भूपति, रूपेश और रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हथियार डाल दिए हैं। अब केवल पोलित ब्यूरो मेंबर देवजी, मिशिर बेसरा और गणपति तीन शीर्ष नक्सली बचे हैं, जो संगठन चला रहे हैं। बस्तर में पापाराव और देवा अपनी जान बचाने के लिए अब भी जंगल में घूम रहे हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। बस्तर में 200 से 300 नक्सली बचे नक्सल संगठन में बस्तर के अलग-अलग इलाकों में करीब 200 से 300 आर्म कैडर के नक्सली ही बचे हुए हैं, जो टुकड़ों में यहां-वहां छिपे हुए हैं। नक्सलियों का महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) जोन पूरी तरह से खत्म हो गया है। उत्तर बस्तर और माड़ डिवीजन से भी नक्सलियों का लगभग सफाया हो गया है। अब फोर्स के लिए इन 90 दिनों में दक्षिण बस्तर डिवीजन को नक्सल मुक्त करना ही सबसे बड़ी चुनौती है। जानकारी के मुताबिक दक्षिण बस्तर के जंगलों में ही देवा और पापाराव अपने साथियों के साथ अलग-अलग टुकड़ियों में छिपे हुए हैं। जबकि मिशिर बेसरा झारखंड में है। कुछ समय पहले देवजी की लोकेशन तेलंगाना-आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के ट्राई जंक्शन में थी। हालांकि, वह बार-बार ठिकाने बदल रहा है। इन 90 दिनों में अगर ये 5 से 6 बड़े नक्सली मारे जाते हैं या सरेंडर करते हैं तो बस्तर के फ्रंट लाइन के सभी टॉप लीडर्स खत्म हो जाएंगे। जानिए उन टॉप नक्सलियों के बारे में जिनकी पुलिस को तलाश है… 1 – थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी (61)- देवजी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन ने थिप्परी तिरुपति को नक्सल संगठन का महासचिव बनाया है। ये नक्सल संगठन में पोलित ब्यूरो मेंबर भी है। वर्तमान में नक्सल संगठन का सबसे टॉप लीडर यही है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की पुलिस इसकी तलाश में जुटी हुई है। इसपर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित है। 2. मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति (74)- गणपति भी तेलंगाना का रहने वाला है। बसवाराजू से पहले ये ही नक्सल संगठन का महासचिव था। हालांकि, बीमारी और बढ़ती उम्र के चलते इसने करीब 4-5 साल पहले ही संगठन के इस सबसे बड़े पद को छोड़ दिया था। जिसके बाद बसवाराजू को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 3. मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर (62)- भास्कर झारखंड का रहने वाला है। वर्तमान में नक्सलियों का पोलित ब्यूरो मेंबर है। साथ ही ERB का इंचार्ज है। इसपर भी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है। 4. पापा राव उर्फ मंगू (56)- पापाराव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वर्तमान में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZCM) मेंबर है। साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है। पापाराव अपने पास AK-47 राइफल रखता है। बस्तर के जल-जंगल जमीन से वाकिफ है, इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर निकला है। इसी इसने सरेंडर कर दिया या फिर एनकाउंटर में मारा गया तो नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी खत्म हो जाएगी। 5. देवा बारसे उर्फ सुक्का (48)- देवा सुकमा जिले का पूवर्ती का रहने वाला है। वर्तमान में SZCM कैडर का है। साथ ही नक्सलियों की सबसे खतरनाक टीम बटालियन नंबर 1 प्रभारी है। ये माड़वी हिड़मा का सबसे करीबी साथी रहा है। पुलिस को इसकी तलाश है। अगर पापा राव और देवा दोनों पकड़े या मारे जाते हैं तो दक्षिण बस्तर का इलाका भी शांत हो जाएगा। IG बोले- निर्णायक साल रहा बस्तर के IG सुंदरराज पी ने कहा कि साल 2025 बस्तर पुलिस के लिए नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में काफी निर्णायक साल रहा है। नक्सलियों के गढ़ में घुसकर बड़े लीडरों को मुठभेड़ में ढेर किया गया है। मारे गए माओवादियों के पास से LMG, AK-47, इंसास, SLR जैसे ऑटोमैटिक हथियार बरामद किया गया है। 2 सालों में ऐसे बदल गई परिस्थितियां? 2023 तक बस्तर में नक्सली फोर्स पर हावी थे। कई बड़े हमले किए गए। जवानों की कैजुअल्टी ज्यादा होती थी। लेकिन डेढ़ साल पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे के दौरान नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन जारी की थी। उन्होंने कहा था कि 31 मार्च 2026 तक देशभर से नक्सलवाद का सफाया हो जाएगा। साथ ही छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। नई स्ट्रेटजी के तहत काम किया। नक्सल ऑपरेशन पर एक-दूसरे राज्य के साथ कॉर्डिनेशन स्थापित करने निर्देश दिए थे। वहीं राज्य में भी पड़ोसी जिलों की पुलिस फोर्स का संयुक्त ऑपरेशन लॉन्च किया गया। नक्सलियों के गढ़ में घुसकर जवान नक्सलियों को घेरकर मारने लगे। यही वजह थी कि नक्सलियों को ज्यादा नुकसान हुआ है। हर 5 से 10 किमी के दायरे में कैंप खोले गए। सड़कें बनीं, इंद्रावती नदी पर पुल बनने से इसका सीधा फायदा पहुंचा और मानसून में भी जवानों का ऑपरेशन जारी रहा।  

छत्तीसगढ़ में 2026 में 12,000 से ज्यादा सरकारी पदों पर होगी भर्ती परीक्षा, युवाओं को मिलेगा सुनहरा मौका

रायपुर  प्रदेश के युवाओं के लिए वर्ष 2026 सरकारी नौकरी (CG Government Jobs 2026) की नई उम्मीदें लेकर आया है। व्यापमं ने इस वर्ष के लिए अपनी तैयारी पूरी करते हुए परीक्षाओं का विस्तृत कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कैलेंडर के अनुसार, वर्ष 2026 में शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य और तकनीकी विभागों सहित विभिन्न सरकारी महकमों में कुल 12 हजार पदों पर भर्ती (CG Government Job vacancies) की जानी है। व्यापमं (CG Vyapam Jobs) द्वारा जारी समय-सारणी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में नया उत्साह भर दिया है। इस साल की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित भर्ती शिक्षा विभाग में होने जा रही है। प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने अक्टूबर 2025 में ही 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी, जिसे वित्त विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है। अब इस प्रक्रिया को धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। इन भर्तियों में स्थानीय लोगों को ही अवसर मिलेंगे। फरवरी में शिक्षक पात्रता परीक्षा व्यापम द्वारा जारी कैलेंडर (CG Vyapam Job calender) के अनुसार एक फरवरी 2026 को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीइआरटी) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा (CG TET) का आयोजन किया जाएगा। टीईटी का यह आयोजन उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश द्वार साबित होगा जो लंबे समय से शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं। टीईटी के परिणाम आने के बाद मुख्य शिक्षक भर्ती परीक्षा का रास्ता साफ हो जाएगा, जिसके माध्यम से लगभग 5000 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। जनवरी से मार्च: तकनीकी और स्वास्थ्य पदों पर फोकस     व्यापम का वर्ष 2026 का कैलेंडर (CG Vyapam Job calander 2026) जनवरी माह से ही सक्रिय हो जाएगा। साल की शुरुआत छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल में भर्ती से होगी।     11 जनवरी 2026 को मंडल में रसायनज्ञ के पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी।     फरवरी माह में टीईटी के अलावा 08 फरवरी को एनआरडीए में उप अभियंता (सिविल) के पदों पर भर्ती परीक्षा होगी।     मार्च का महीना मुद्रण और जल संसाधन विभाग के नाम रहेगा। एक मार्च 2026 को मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग में डीटीपी आपरेटर और अन्य (समूह तीन) पदों के लिए परीक्षा होगी।     इसके ठीक बाद 08 मार्च को इसी विभाग में मेकेनिक कम इलेक्ट्रिशियन और अन्य तकनीकी पदों (समूह 2) के लिए अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।     जल संसाधन विभाग में सहायक मानचित्रकार (सिविल) के लिए 15 मार्च 2026 की तारीख तय की गई है, जबकि 22 मार्च 2026 को पर्यावरण संरक्षण मंडल में प्रयोगशाला सहायक ग्रेड-2 की परीक्षा होगी। अप्रैल से जून: पुलिस और न्यायालय में अवसर     साल की दूसरी तिमाही में भर्तियों की रफ्तार और तेज होगी। 12 अप्रैल 2026 को स्वास्थ्य संचालनालय के अंतर्गत फार्मासिस्ट ग्रेड-2 की परीक्षा होगी।     परिवहन विभाग में जाने के इच्छुक युवाओं के लिए 19 अप्रैल 2026 का दिन अहम है, जब परिवहन आरक्षक के पदों पर परीक्षा होगी।     कृषि उपज मंडियों को सुदृढ़ करने के लिए 26 अप्रैल 2026 को मंडी बोर्ड में उप निरीक्षक के पदों पर भर्ती की जाएगी।     मई और जून का महीना मुख्य रूप से प्रवेश परीक्षाओं और कुछ अहम भर्तियों के नाम रहेगा।     28 जून 2026 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में डाटा एंट्री आपरेटर की महत्वपूर्ण परीक्षा आयोजित होगी, जिसका इंतजार बहुत से अभ्यर्थी कर रहे हैं। जुलाई से दिसंबर: गृह विभाग और संयुक्त भर्तियां     साल का उत्तरार्द्ध पुलिस और मंत्रालय में लिपिकीय पदों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खास रहेगा।     पांच जुलाई 2026 को सहकारिता विभाग में उप अंकेक्षक की परीक्षा होगी।     गृह (पुलिस) विभाग में सहायक उप निरीक्षक (एम) के लिए 12 जुलाई 2026 को परीक्षा ली जाएगी।     नगर सेना में फायरमैन के पदों पर 19 जुलाई 2026 को भर्ती परीक्षा प्रस्तावित है।     उच्च शिक्षा में करियर बनाने वालों के लिए चार अक्टूबर 2026 को राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) का आयोजन किया जाएगा।     वर्ष का समापन बंपर लिपिकीय भर्तियों के साथ होगा। दिसंबर में संयुक्त भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।     13 दिसंबर 2026 को विभिन्न विभागों के लिए स्टेनोग्राफर की परीक्षा होगी।     साल की आखिरी परीक्षा 30 दिसंबर 2026 को सहायक ग्रेड-3 के पदों के लिए होगी, जिसमें बड़ी संख्या में आवेदन आने की संभावना है।  

कवर्धा में 146 करोड़ की लागत से बनेगा भोरमदेव कॉरिडोर, काशी और उज्जैन की तर्ज पर होगा निर्माण

कबीरधाम  केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश के नए पर्यटन का केन्द्र बनेगा। प्रदेश में लगातार विकास हो रहा है। डबल इंजन की सरकार में ये सब काम हो रहें है। वे भोरमदेव कॉरीडोर के भूमिपूजन के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णु देवसाय ने 146 करोड़ के भोरमदेव कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए भूमिपूजन किया।नए वर्ष के पहले दिन कबीरधाम जिले को बड़ी सौगात मिली है। करीब 146 करोड़ रुपए के भोरमदेव कॉरिडोर प्रोजेक्ट का भूमिपूजन किया गया। भोरमदेव में आयोजित इस कार्यक्रम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत उपस्थित थे। इस मौके पर सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। कबीरधाम जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर से मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ एवं सरोदा जलाशय तक एक सुव्यवस्थित एवं समग्र पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर के निर्माण होने से जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पुरातात्विक स्थलों को एक सशक्त पर्यटन श्रृंखला में जोड़ते हुए भोरमदेव को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर भोरमदेव कॉरिडोर का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने की बोड़ला–भोरमदेव सड़क उन्नयन की घोषणा इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के आग्रह पर बोड़ला से भोरमदेव तक सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक हजार वर्ष पुराने बाबा भोरमदेव मंदिर का विकास पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। सावन माह में यहां हजारों श्रद्धालु अमरकंटक से नर्मदा जल लाकर जलाभिषेक करते हैं, ऐसे में बेहतर सड़क और सुविधाएं श्रद्धालुओं की आस्था को और मजबूत करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन द्वारा हर वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। विशेष पिछड़ी जनजातियों, विशेषकर बैगा समुदाय के लिए पीएम जनमन योजना के माध्यम से पक्की सड़कें, आवास और बुनियादी सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की गई हैं, जिनमें डॉक्टर, नर्स और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं। भोरमदेव कॉरिडोर से जुड़ेगा विकास, रोजगार और संस्कृति भोरमदेव कॉरिडोर (Bhoramdev Tourism Corridor) के निर्माण से क्षेत्र में होटल, गाइड, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। परियोजना से धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल कबीरधाम जिला बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की पर्यटन अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि भोरमदेव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 146 करोड़ रुपए की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण होगा। यह कॉरिडोर उज्जैन व बनारस की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिससे भोरमदेव मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण होने के साथ-साथ श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन हुआ है। यह जिलेवासियों के लिए गर्व का विषय है, जो कबीरधाम को धार्मिक व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी। सीएम विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना व आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, डिप्टी सीएम अरुण साव, विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक भावना बोहरा उपस्थित थे।

हत्या के प्रयास, लूट और बलात्कार की घटनाओं में गिरावट, पुलिस प्रमुख ने जारी किए आंकड़े

बिलासपुर बिलासपुर पुलिस का दावा है कि उनकी सक्रियता से पिछले साल की अपेक्षा वर्ष 2025 में गंभीर अपराधों में कमी आई है. इसी तरह सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु की संख्या घटी है. हत्या के प्रयास में 25 प्रतिशत कमी एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि पिछले साल की तुलना में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी, महिला संबंधी अपराध जैसे गंभीर अपराधों में कमी आई है. उन्होंने बताया कि हत्या के प्रयास में 25 प्रतिशत कमी आई है. वर्ष 2024 में 52 मामले हुए थे, जबकि वर्ष 2025 में मात्र 39 मामले हुए हैं. लूट के मामले में 42 प्रतिशत कमी आई है. वर्ष 2024 में 48 मामले हुए थे. इस साल मात्र 28 मामले हुए हैं. चोरी में 5 प्रतिशत कमी आई है. इस साल 717 मामले दर्ज हुए हैं. बलात्कार में 13 प्रतिशत कमी आई है. वर्ष 2024 में बलात्कार के 185 मामले हुए थे. इस साल 161 मामले दर्ज हुए हैं. बलवा में 5 प्रतिशत कमी आई है. एसएसपी के मुताबिक वर्ष 2024 में 17 लाख 76 हजार 420 रुपए की लूट हुई थी और 13 लाख 18 हजार 350 रुपए जब्त किए गए थे. वर्ष 2025 में 46 लाख 8 हजार 250 रुपए की लूट हुई और 36 लाख 4 हजार 650 रुपए जब्त किए गए हैं. वर्ष 2025 में 2 करोड़ 98 लाख 17 हजार 425 रुपए की चोरी हुई है और 1 करोड़ 94 लाख 32 हजार 50 रुपए की संपत्ति जब्त की गई है. सड़क हादसों में आई कमी वर्ष 2025 में कुल 4 हजार 275 प्रकरण में 21 हजार 760 लीटर कीमती 46 लाख 75 हजार का शराब जब्त की गई है. इसी तरह 67 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं. वर्ष 2024 में सड़क हादसे में 359 लोगों की मृत्यु हुई थी. 1 हजार 236 लोग घायल हुए थे. वर्ष 2025 में 298 लोगों की मृत्यु हुई है और 1 हजार 307 लो घायल हुए हैं. एसएसपी ने बताया कि वर्ष 2025 में 97 नए गुण्डा बदमाश और 22 निगरानी बदमाशों की नई फाइल खोली गई है.

शराब घोटाले में चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत

 रायपुर पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चतैन्य बघेल को बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. ईडी और ईओडब्ल्यू के मामलों में सुनवाई के बाद चैतन्य की जमानत याचिका स्वीकार कर ली गई है. लगभग 168 दिनों के बाद वे जेल से बाहर आएंगे. 29,800 पन्नों का अंतिम चालान पेश छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED ने 26 दिसंबर को कोर्ट में लगभग 29 हजार 800 से अधिक पन्नों का अंतिम चालान पेश किया. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 82 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है. ED ने चैतन्य बघेल को जन्मदिन के दिन किया था गिरफ्तार ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था. शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई. क्या है शराब घोटाला ? छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है. ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है. दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है. इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है. ED ने अपनी जांच में पाया है कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था. अब तक इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी शराब घोटाला मामले में अब तक कई बड़े नामों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, सौम्य चौरसिया शामिल हैं. इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.

चयनित खिलाड़ियों को दिए हॉकी किट उप मुख्यमंत्री साव ने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में चयनित खिलाड़ियों को परफॉर्मेंस असेसमेंट से पहले दी हॉकी किट

रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने बेंग्लुरू स्थित साई के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में परफॉर्मेंस असेसमेंट के लिए चयनित खिलाड़ियों को हॉकी किट प्रदान किया। उन्होंने आज नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय में गोलकीपर अल्फाज खान को गोलकीपिंग का संपूर्ण किट तथा फॉरवर्ड पोजिशन में खेलने वाली मधु सिदार और दामिनी खुसरो को हाकी स्टिक प्रदान किया। ये तीनों खिलाड़ी बिलासपुर स्थित स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में पिछले तीन सालों से हॉकी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। उप मुख्यमंत्री साव ने तीनों खिलाड़ियों के साई के परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप में चयन पर खुशी जाहिर करते हुए बधाई दी। उन्होंने तीनों को भविष्य में अच्छे प्रदर्शन और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। जून-2022 से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बहतराई के आवासीय प्रशिक्षण केंद्र में 67 खिलाड़ी अभी हॉकी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। राज्य शासन और प्रशिक्षकों के सहयोग से यहां से लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। हॉकी किट के वितरण के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक ए. एक्का और राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में हॉकी के वरिष्ठ कोच राकेश टोप्पो भी मौजूद थे। रायपुर के अल्फाज खान हाल ही में 12 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक बेंग्लुरू के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप में शामिल हुए थे। वहां भारतीय हॉकी कोच पी.आर. श्रीजेश ने देशभर के खिलाड़ियों के प्रदर्शन को परखा। जशपुर की मधु सिदार और बोड़ला (कबीरधाम) की दामिनी खुसरो इसी महीने 16 जनवरी से 23 जनवरी तक आयोजित परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप में शामिल होंगी। इन तीनों खिलाड़ियों ने 15वीं हॉकी इण्डिया जूनियर नेशनल चैम्पियनशिप में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। इसी आधार पर उनका चयन राष्ट्रीय स्तर पर परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप के लिए हुआ है। दामिनी खुसरो और मधु सिदार पिछले वर्ष  हुए वेस्ट जोन हॉकी चैम्पियनशिप में विजेता टीम का हिस्सा रही थी। इसमें मधु सिदार सर्वाधिक गोल कर टॉप स्कोरर रही थी।

RTE प्रवेश नियम संशोधन का विरोध तेज: निजी स्कूलों में नर्सरी–KG में दाखिला बंद करने के फैसले पर उठे सवाल

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 16 दिसंबर 2025 को लिए गए निर्णय से शिक्षा जगत में हलचल मच गई है। इस निर्णय के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आरटीई शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में कमजोर वर्ग के बच्चों का प्रवेश केवल कक्षा पहली से ही दिया जाएगा। पहले नर्सरी, प्री-प्राइमरी PP-1, PP-2 और कक्षा 1 में प्रवेश की सुविधा थी, लेकिन अब इसे सीमित कर दिया गया है। इस फैसले की तीखी आलोचना करते हुए छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष किष्टोफर पॉल ने इसे RTE कानून की धारा 12(1)(ग) का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि स्कूल पूर्व-प्राथमिक शिक्षा (प्री-स्कूल) प्रदान करता है, तो 25% आरक्षण का नियम वहां भी लागू होगा। कर्नाटक हाईकोर्ट के 17 अप्रैल 2017 के फैसले (W.P. No. 14241/2017) का हवाला देते हुए पॉल ने तर्क दिया कि प्रवेश के दो स्तर हैं – एक कक्षा 1 में और दूसरा पूर्व-प्राथमिक में। पॉल ने सरकार से अपील की है कि इस निर्णय को तुरंत निरस्त किया जाए और RTE के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में पूर्व-प्राथमिक स्तर से ही प्रवेश का अधिकार बहाल किया जाए। इस निर्णय के नुकसान क्या हैं? शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के अनुसार, RTE प्रवेश को केवल कक्षा 1 तक सीमित करने से कई गंभीर नुकसान हो सकते हैं- प्रारंभिक शिक्षा का अवसर छिनना – पूर्व-प्राथमिक शिक्षा 3-6 वर्ष आयु के बच्चे के आधारभूत विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होती है। यहां से निजी स्कूलों में प्रवेश न मिलने से गरीब बच्चे अच्छी शुरुआत से वंचित रह जाएंगे, जिससे आगे की पढ़ाई में लर्निंग गैप (सीखने का अंतर) बढ़ेगा। शैक्षणिक असमानता बढ़ना – विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बच्चा कक्षा 1 में अचानक निजी स्कूल में प्रवेश लेता है, तो वह पहले से पढ़ रहे अमीर बच्चों से पीछे रह जाएगा। इससे सामाजिक और आर्थिक असमानता गहराएगी। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने भी इसे “आरटीई विरोधी” बताया और कहा कि यह गरीब बच्चों को महत्वपूर्ण चरण में पीछे धकेल देगा। वित्तीय बोझ से बचने का आरोप – आलोचकों का मानना है कि सरकार पूर्व-प्राथमिक स्तर पर रीइंबर्समेंट (फीस वापसी) के बोझ से बचना चाहती है, लेकिन इसका खामियाजा सबसे गरीब बच्चों को भुगतना पड़ेगा। ड्रॉपआउट दर बढ़ने का खतरा – शुरुआती स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा न मिलने से बच्चों का आगे पढ़ने का मनोबल टूट सकता है, जिससे ड्रॉपआउट बढ़ेगा। शिक्षाविदों की राय शिक्षाविद और RTE विशेषज्ञ इस निर्णय को कानून की भावना के विरुद्ध मानते हैं। RTE एक्ट की धारा 12(1)(ग) में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा पर भी आरक्षण लागू होने का स्पष्ट उल्लेख है। कई अदालती फैसलों, जैसे कर्नाटक हाईकोर्ट का निर्णय, में यह दोहराया गया है कि प्रावधान पूरक हैं और पूर्व-स्कूल स्तर को बाहर नहीं रखा जा सकता। राष्ट्रीय स्तर पर RTE विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे प्रतिबंध समावेशी शिक्षा के उद्देश्य को कमजोर करते हैं। प्राइवेट स्कूलों में शुरुआती प्रवेश से सामाजिक मिश्रण बढ़ता है और गरीब बच्चे बेहतर सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। इस निर्णय से RTE का मूल लक्ष्य सभी बच्चों को समान अवसर प्रभावित होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाएगा और गड़बड़ियों पर अंकुश लगाएगा, लेकिन पैरेंट्स एसोसिएशन और विशेषज्ञ इसे गरीब विरोधी बता रहे हैं। अब देखना यह है कि सरकार इस विरोध पर क्या कदम उठाती है या अदालत में चुनौती दी जाती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर किया नमन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका महान समाज सुधारक एवं नारी सशक्तिकरण की अग्रदूत स्वर्गीय सावित्रीबाई फुले की जयंती (3 जनवरी) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में महिला शिक्षा की अलख जगाई, जब समाज में अनेक कुरीतियाँ और बंधन व्याप्त थे। उन्होंने न केवल महिलाओं को शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर उन्हें शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। छुआछूत, लैंगिक भेदभाव और सामाजिक असमानताओं के विरुद्ध उनका संघर्ष साहस, संकल्प और सामाजिक चेतना का अद्वितीय प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्त्री अधिकारों, समानता और शिक्षा के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले का योगदान अमूल्य तथा अविस्मरणीय है। उनके विचार और कर्म आज भी समाज को प्रगतिशील दिशा देने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेते हुए शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें।