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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विजय दिवस पर शहीदों को किया नमन

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विजय दिवस (16 दिसंबर) के अवसर पर राष्ट्र के वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजय दिवस भारतीय सेना के शौर्य, साहस और अदम्य पराक्रम का गौरवपूर्ण प्रतीक है, जो देशवासियों के हृदय में गर्व और कृतज्ञता का भाव जाग्रत करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने 1971 के ऐतिहासिक युद्ध का स्मरण करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों ने असाधारण साहस, त्याग और बलिदान का परिचय देकर देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की। उनके पराक्रम से न केवल भारत की सैन्य शक्ति विश्व मंच पर स्थापित हुई, बल्कि मानवीय मूल्यों और राष्ट्रधर्म की मिसाल भी प्रस्तुत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की अमर प्रेरणा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे देशभक्ति, अनुशासन और एकता के मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलना, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना और देश सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना ही विजय दिवस पर उन्हें सच्ची और स्थायी श्रद्धांजलि है।

प्रतियोगिता के पहले दिन हुए रोमांचक मुकाबले

दुर्ग केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के तत्वाधान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र द्वारा आयोजित पॉवर कंपनीज अंतरक्षेत्रीय लॉन टेनिस प्रतियोगिता 2025 का शुभारंभ लॉन टेनिस कॉम्प्लेक्स, सिविक सेंटर, भिलाई में आज दिनांक 15 दिसंबर 2025 को किया गया। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कपनीज के अंतर्गत आने वाले विभिन्न रीजन की पॉंच टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता का शुभारंभ क्षेत्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के सचिव श्री एच.के.मेश्राम के मुख्य आतिथ्य एवं कार्यपालक निदेशक श्री के.एस.मनोटिया एवं श्री एम.एस.चौहान, चेयरमेन इसीजीआरएफ दुर्ग रीजन श्री पी.वी.सजीव, ओलंपियन एवं अर्जुन अवार्ड प्राप्त उपमहाप्रबंधक क्रीड़ा भिलाई स्टील प्लांट श्री राजेन्द्र प्रसाद, अधीक्षण अभियंता श्री एस.मनोज, श्री आर.के.मिश्रा, श्री जे.जगन्नाथ प्रसाद, श्री एस.के.भूआर्य एवं श्रीमती पद्मशा तिवारी तथा डीजीएम एफ एंड ए श्री वाय कोसरिया के विशिष्ट आतिथ्य में दीप प्रज्वलित कर किया गया। आयोजन में मुख्य अतिथि की आसंदी को सुशोभित करते हुए श्री एच.के.मेश्राम ने कहा कि कंपनी द्वारा ऐसे आयोजन का उद्देश्य है कि कर्मचारियों का तनाव दूर करना। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विभिन्न क्षेत्रों से पधारे हमारे अधिकारी एवं कर्मचारीगणों का आपसी समझ एवं भाईचारे में वृद्धि होती है साथ ही अपनी बेहतर कार्यशैली का उल्लेख कर दूसरे कर्मचारियों को भी प्रेरित करने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि खेल मैदान में उतरने वाले सभी खिलाड़ी विशेष होते हैं, कोई दिल जीतता है, कोई ट्रॉफी और कोई आत्मविश्वास इसलिए मैदान में उतरने वाला हर खिलाड़ी विजेता है। उपमहाप्रबंधक क्रीड़ा भिलाई स्टील प्लांट श्री राजेन्द्र प्रसाद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आप इस खेल प्रतियोगिता में सकारात्मक प्रेरणा लेकर टीम भावना के साथ, नई ऊर्जा और नये उत्साह के साथ खेलें। कार्यक्रम में दुर्ग रीजन के समस्त कार्यपालन अभियंता, भिलाई स्टील प्लांट के स्पोर्ट ऑफिसर श्री अभिजीत भौमिक एवं सीनियर मैनेजर टीएसजी श्री विवेक गुप्ता सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित हुए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश स्तरीय इस विद्युत प्रतिस्पर्धा में पॉच टीमों यथा मेजबान टीम दुर्ग क्षेत्र, कोरबा पश्चिम, रायपुर केन्द्रीय, रायपुर क्षेत्र एवं बिलासपुर क्षेत्र के खिलाड़ियों एवं मैनेजरों ने खेल भावना से खेल प्रदर्शन करने का संकल्प लिया। दुर्ग क्षेत्र में इस प्रतियोगिता का आयोजन दिनांक 15 से 17 दिसम्बर 2025 तक किया जा रहा है। समारोह का समापन दिनांक 17 दिसंबर को षाम 04 बजे लॉन टेनिस कॉम्प्लेक्स सिविक सेंटर, भिलाई में किया जाएगा।   आज के मैच के परिणाम प्रतियोगिता के पहले दिन हुए मुकाबले के टीम इवेंट में ग्रुप बी में पहला मैच बिलासपुर रीजन और रायपुर सेंट्रल रीजन के बीच हुआ जिसमें रायपुर सेंट्रल ने बिलासपुर को 2-0 से पराजित किया। रायपुर सेंट्रल के श्री अनुराग षर्मा ने श्री समीर तिवारी को 6-3 से हराया। महेंन्द्र सिंह चौहान रायपुर सेंट्रल ने बिलासपुर के ओमप्रकाष को 6-0 से हराया। टीम इवेंट ग्रुप ए में पहला सेमीफाइनल रायपुर रीजन एवं कोरबा वेस्ट के बीच खेला गया जिसमें कोरबा वेस्ट ने 2-0 से विजय हासिल की। पहला मैच श्री सुनील सिंह एवं तरुण ठाकुर के बीच खेला गया जिसमें श्री सुनील सिंह ने 6-1 से जीत हासिल की। दूसरा मैच श्री विकल्प तिवारी एवं श्री षेखर वर्मा के बीच खेला गया जिसमें श्री विकल्प तिवारी ने 6-0 से विजय प्राप्त किया। टीम इवेंट ग्रुप बी का दूसरा सेमीफाइनल मैच दुर्ग रीजन एवं रायपुर सेंट्रल के बीच खेला गया जिसमें दुर्ग रीजन ने रायपुर सेंट्रल को 2-0 से पराजित किया। पहले मैच में श्री अरुण साहू ने श्री महेंन्द्र सिंह चौहान को 6-2 से पराजित किया। दूसरे मैच में श्री पी.एल.माहेष्वरी ने श्री अनुराग षर्मा को 6-1 से पराजित किया। टीम इवेंट का फाइनल मैच आज दुर्ग श्रेत्र एवं कोरबा वेस्ट के बीच खेला जाएगा।

गरियाबंद : आदिम जाति कल्याण विभाग के निर्माण कार्यों की जांच हेतु समिति गठित

गरियाबंद : आदिम जाति कल्याण विभाग के निर्माण कार्यों की जांच हेतु समिति गठित वर्ष 2022-23 से 2024-25 की निविदा एवं भौतिक तथा वित्तीय स्थिति की होगी समीक्षा गरियाबंद  कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बीएस उइके ने आदिम जाति कल्याण विभाग जिला गरियाबंद में वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में विभिन्न निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया एवं भौतिक तथा वित्तीय स्थिति की जांच करने के लिए समिति गठन किया गया है। जिसके अध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर होंगे तथा सदस्य के रूप में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग मैनपुर के अनुविभागीय अधिकारी जिला पंचायत के लेखाधिकारी होंगे। उक्त जांच समिति निर्माण कार्यों की स्वीकृत विभिन्न कार्य के निविदा प्रक्रिया तथा वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।

रायपुर: नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, मुख्यमंत्री ने दी छात्रों को सपनों को उड़ान

रायपुर : मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना : सपनों को मिली नई उड़ान आर्थिक सहयोग से भूषण साहू की उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ रायपुर  छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत निर्माणी श्रमिक श्रीमती चंदा बाई साहू, पति श्री हरिशंकर साहू, निवासी ग्राम सिंधौरीकला, विकासखंड कुरूद, जिला धमतरी के परिवार के लिए मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना आशा की किरण बनकर आई है। श्रीमती चंदा बाई साहू एक निर्माणी श्रमिक (रेजा) के रूप में कार्य करती हैं तथा उनके पति भी दैनिक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय के कारण उच्च शिक्षा का सपना अधूरा प्रतीत हो रहा था। इसी बीच श्रम विभाग से संपर्क के दौरान उन्हें निर्माणी श्रमिकों के बच्चों हेतु संचालित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना की जानकारी मिली।   योजना के अंतर्गत उनके पुत्र श्री भूषण साहू, जो कि CIPET कॉलेज, रायपुर में डिप्लोमा इन प्लास्टिक टेक्नोलॉजी (द्वितीय वर्ष) में अध्ययनरत हैं, के लिए आवेदन किया गया। सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाईन आवेदन करने के कुछ ही दिवसों में राशि रूपये 82,496/ सीधे डी.बी.टी. के माध्यम से हितग्राही के खाते में प्रदान की गई। इस आर्थिक सहयोग से भूषण साहू की उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ।     हितग्राही श्रीमती चंदा बाई साहू ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बच्चों को पढ़ाने का सपना अधूरा लग रहा था, परंतु योजना से मिली सहायता ने उनके परिवार को संबल दिया। वहीं, पिता श्री हरिशंकर साहू ने कहा कि वे चाहते थे कि उनका बेटा मजदूरी के बजाय शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़े और आत्मनिर्भर बने। योजना से मिली सहायता से उनका यह सपना साकार हो रहा है।    श्रम पदाधिकारी श्री नंदकिशोर साहू ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत निर्माणी श्रमिकों के मेधावी बच्चों-सामान्य एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरतकृको पात्रता अनुसार सहायता प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 467 तथा 2025-26 में 505 बच्चों को लाभ दिया जा चुका है। आगामी वर्षों में सभी पात्र बच्चों को लाभांवित करने का लक्ष्य निर्धारित है। इच्छुक हितग्राही “श्रमेव जयते” ऐप अथवा जिला एवं जनपद पंचायतों में स्थापित श्रम संसाधन केंद्रों से निःशुल्क आवेदन कर सकते हैं। श्री हरिशंकर साहू ने  मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, श्रम मंत्री, जिला प्रशासन तथा श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य प्रदान कर रही है। यह कहानी प्रमाण है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब ज़मीन तक पहुंचती हैं, तो श्रमिक परिवारों के सपनों को नई दिशा और उड़ान मिलती है।

रायपुर में चिरायु योजना से नित्या राजवाड़े को नया जीवन मिला, मिली जान की राहत

रायपुर कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पतरापाली निवासी नित्या राजवाड़े (उम्र 4 वर्ष 7 माह),  जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी। नित्या का नाम आंगनबाड़ी केंद्र पतरापानी-1 में दर्ज है। जन्म से ही नित्या को कमजोरी, जल्दी थकान, सांस लेने में तकलीफ तथा बार-बार सर्दी-खांसी की समस्या रहती थी। चिरायु टीम द्वारा किए गए स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिकित्सक द्वारा जांच कर जिला चिकित्सालय बैकुण्ठपुर रेफर किया गया। जिला चिकित्सालय में शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा जांच उपरांत जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि हुई, जिसके बाद उच्च संस्थान एम.एम.आई. नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर के लिए रेफर किया गया। चिरायु योजना के अंतर्गत नित्या को नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर में भर्ती कराया गया। आवश्यक जांचों के पश्चात सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद नित्या को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। चिरायु योजना के अंतर्गत नित्या का संपूर्ण उपचार पूर्णतः निःशुल्क किया गया। वर्तमान में नित्या राजवाड़े पूरी तरह स्वस्थ है। नित्या के माता-पिता अत्यंत प्रसन्न हैं और उन्होंने चिरायु टीम, पटना सहित स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनकी बेटी को नया जीवन दिया है।

गरियाबंद : स्कूल जतन योजना के निर्माण कार्यों की जांच के लिए समिति गठित

गरियाबंद : स्कूल जतन योजना के निर्माण कार्यों की जांच के लिए समिति गठित मैनपुर विकासखण्ड के स्कूल भवनों की गुणवत्ता व प्रगति की होगी जांच गरियाबंद  कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री बीएस उइके ने दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित शीर्षक स्कूलों की सामने की दीवार चमाचक अंदर फिनिशिंग का काम अधुरा छोड़ा खबर प्रकाशित का संज्ञान लेते हुए तथा उक्त निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पूर्णता के संबंध में विभिन्न सामाजिक संगठनों व जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त होने पर मैनपुर विकासखण्ड अंतर्गत स्कूल जतन योजना के तहत निर्मित समस्त स्कूलों, भवनों की शिकायतों की जांच हेतु जांच समिति का ओदश जारी किया है। जिसके अध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर होंगे तथा सदस्य के रूप में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मैनपुर, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, ग्रामिण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग मैनपुर के अनुविभागीय अधिकारी जिला पंचायत के लेखाधिकारी शामिल है। उनके द्वारा स्कुल जतन योजना के तहत स्वीकृत समस्त कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जांच मय फोटोग्राफ के 7 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।

गौरेला पेंड्रा मरवाही : राजमेरगढ़ में स्टार गेज़िंग एडवेंचर का आयोजन : प्रतिभागियों ने खगोलीय पिंडों का किया अवलोकन

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला प्रशासन और बनमनई ईकोकेअर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ में शनिवार को स्टार गेज़िंग एडवेंचर का आयोजन किया गया। ’जेमिनिड्स मीटियोर शॉवर (उल्का वृष्टि) स्टार गेज़िंग एडवेंचर’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह आयोजन खगोल विज्ञान और प्रकृति अन्वेषण का एक अद्भुत संगम रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने जेमिनिड्स मीटियोर शॉवर के शानदार नजारे का दीदार किया। मुख्य आकर्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन विशेषज्ञ एवं एमेच्योर एस्ट्रोफोटोग्राफर देवल सिंह बघेल द्वारा प्रतिभागियों को रात में इस आकशीय घटना की वैज्ञानिक व्याख्या दी गई। उन्होंने बताया कि जैमिनीड्स उस विशेष उल्का समूह का नाम है जो जेमिनी (मिथुन) नक्षत्र की दिशा से आता हुआ दिखाई देता है। ये उल्कवृष्टि पूरे वर्ष भर में होने वाले अनेक उल्का वृष्टि में सर्वाधिक सघन और आकर्षक माना जाता है। जैमिनी कांस्टेलेशन की सीध में सौरमंडल में विद्यमान एस्टेरॉयड बेल्ट में स्थित रॉक कॉमेट “3200 पायथन“ के टुकड़े इस दौरान पृथ्वी की सीध में आने के कारण पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं और घर्षण के कारण जल उठते हैं, जिससे टूटते हुए तारे की अविस्मरणीय अनुभूति प्राप्त होती है।                   सभी प्रतिभागियों ने कड़कड़ाती ठंड में अलाव की आंच का लुत्फ लेते हुए रात भर में लगभग 100 से अधिक उल्कापिंड देखे, जो कि बहुत ही आकर्षक रहा। इसके साथ ही अत्याधुनिक टेलीस्कोप के माध्यम से बृहस्पति और उसके चंद्रमा, शनि के छल्ले, ओरियन, प्लेयडीज सहित प्रमुख नक्षत्र जैसे नेबुला, तारा समूह, एंड्रोमेडा गैलेक्सी और अन्य खगोलीय पिंडों का अवलोकन भी किया गया। देवल सिंह बघेल ने अत्यंत रोचक और सरल भाषा में नक्षत्रों की पहचान, तारों की संरचना, तापमान और आयु, ग्रहों की कक्षाएं और गति, ध्रुवतारा से दिशा निर्धारण, आकाशगंगा की संरचना के बारे में विस्तार से बताया। पर्यावरणविद् संजय पयासी द्वारा मैकल पर्वतमाला की जैव विविधताओं और संरक्षण पर जानकारी दी गई, जिससे प्रतिभागियों को खगोल विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान को एक साथ जानने का अवसर मिला।

रायपुर : पर्यावरण संरक्षण और पशुधन संवर्धन की मिसाल- ग्राम सेमरा बी के कीर्तन निषाद की प्रेरक पहल

रायपुर पर्यावरण संरक्षण और पशुधन हित (पशु कल्याण) आपस में जुड़े हैं, जहाँ पशुधन से ग्रीनहाउस गैस (मीथेन), भूमि क्षरण और जल प्रदूषण होता है, वहीं सतत पशुधन प्रबंधन (जैसे बेहतर चारा, एंटीबायोटिक का विवेकपूर्ण उपयोग) इन प्रभावों को कम कर सकता है, साथ ही जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों की रक्षा भी कर सकता है, जिससे खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और पर्यावरण संतुलन में मदद मिलती है। वातावरण में धुएं और विषैली गैसों के उत्सर्जन में आई कमी           पर्यावरण संरक्षण, पशुधन हित और सतत कृषि की दिशा में धमतरी जिले के विकासखण्ड कुरूद के ग्राम सेमरा बी के प्रगतिशील पशुपालक एवं कृषक कीर्तन निषाद द्वारा किया गया कार्य एक उल्लेखनीय शासकीय सफलता की कहानी के रूप में उभरकर सामने आया है। उनकी दूरदर्शी सोच और जागरूक प्रयासों से लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में फैले पैरा (फसल अवशेष) को सुरक्षित रूप से उनके भाठा में एकत्रित किया गया, जिससे पराली जलाने की हानिकारक परंपरा पर प्रभावी रोक लगाई जा सकी।  पराली जलाने से जहां वायु प्रदूषण, भूमि की उर्वरता में कमी तथा जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, वहीं कीर्तन निषाद की इस पहल ने इन सभी समस्याओं का व्यवहारिक और टिकाऊ समाधान प्रस्तुत किया है। उनके प्रयासों से वातावरण में धुएं और विषैली गैसों के उत्सर्जन में कमी आई, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को स्वच्छ वायु का लाभ मिला। यह पहल शासन द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण संरक्षण अभियानों और जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों के उद्देश्यों के पूर्णतः अनुरूप है। पशुओं के पोषण स्तर में सुधार                इस नवाचारी प्रयास का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष पशुधन संवर्धन से जुड़ा है। एकत्रित पैरा से क्षेत्र में पशुओं के लिए पर्याप्त सूखे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हुई, जिससे पशुपालकों को चारे की कमी की समस्या से राहत मिली। इससे न केवल पशुओं के पोषण स्तर में सुधार हुआ, बल्कि दुग्ध उत्पादन और पशुपालन की आय में वृद्धि की संभावनाएं भी सुदृढ़ हुई हैं। यह पहल आत्मनिर्भर पशुपालन और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है। ग्रामीण विकास की दिशा में एक आदर्श मॉडल           कीर्तन निषाद की यह उपलब्धि इस बात का सशक्त उदाहरण है कि शासन की नीतियों, जनजागरूकता और व्यक्तिगत पहल के समन्वय से बड़े सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं। उनकी सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और किसानों-पशुपालकों के हित में की गई यह पहल अन्य कृषकों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। निःसंदेह, ग्राम सेमरा बी की यह पहल पर्यावरण संरक्षण, पशुधन विकास और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में एक आदर्श मॉडल है, जिसे अपनाकर अन्य ग्राम भी स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।

मैनपाट के करमा रिसॉर्ट में 19 दिसंबर को होगी धूमधाम से लोकनृत्य प्रतियोगिता, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का बड़ा आयोजन

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का शानदार आयोजन: मैनपाट के करमा रिसॉर्ट में 19 दिसंबर को धूमधाम से लोकनृत्य प्रतियोगिता, विजेताओं को आकर्षक नगद पुरस्कार छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना  रजत जयंती वर्ष पर विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 8 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक विशेष गतिविधियों और प्रतियोगिताओं की भव्य श्रृंखला आयोजित कर रहा है। प्रदेश के विभिन्न पर्यटन केंद्रों, रिसॉर्ट्स और पर्यटन बोर्ड के प्रधान कार्यालय रायपुर में रचनात्मक कार्यक्रमों का दौर चल रहा है। इनका मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। इसी कड़ी में पर्यटन बोर्ड 19 दिसंबर 2025 को सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित करमा रिसॉर्ट में लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रही है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 7 हजार रुपये नगद, द्वितीय को 5 हजार रुपये तथा तृतीय को 3 हजार रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र भी भेंट किए जाएंगे। प्रचार सामग्री में स्थान और व्यापक पहचान का अवसर प्रतियोगिता के दौरान कैद किए गए छायाचित्रों और वीडियो को छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की प्रचार सामग्री तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से स्थान दिया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा। ये आयोजन न केवल स्थानीय पर्यटन को गति देंगे, बल्कि युवाओं में लोककला के प्रति उत्साह भी जगाएंगे। पर्यटन बोर्ड ने राज्य के युवाओं, पर्यटकों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। विस्तृत जानकारी के लिए +91-93991-61360 पर संपर्क किया जा सकता है।

दिव्यांगों के लिए खुशखबरी: छत्तीसगढ़ में अब मिलेगा 25 लाख तक का सब्सिडी लोन, जानें पूरी शर्तें

रायपुर छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा स्वरोजगार व उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र दिव्यांगों को पांच लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें शासन की ओर से सब्सिडी भी दी जाती है। योजना का उद्देश्य दिव्यांगों को नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय खुद का व्यवसाय शुरू करने का अवसर देना है। इसके अंतर्गत दुकान, सर्विस सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, ट्रांसपोर्ट, होटल, डेयरी, पोल्ट्री, मशीनरी आधारित कार्य जैसे कई व्यवसाय शामिल हैं। कौन ले सकता है योजना का लाभ योजना का लाभ वही दिव्यांगजन ले सकते हैं जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो। आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और उसके पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। आय सीमा शासन के मापदंडों के अनुसार तय की जाती है। लोन राशि और सब्सिडी समाज कल्याण विभाग के अनुसार व्यवसाय की प्रकृति और परियोजना रिपोर्ट के आधार पर पांच लाख से 25 लाख रुपये तक का लोन स्वीकृत किया जाता है। इस राशि में शासन द्वारा सब्सिडी दी जाती है, जिससे लाभार्थी को बैंक को चुकाने वाली राशि कम हो जाती है। शेष रकम आसान किश्तों में चुकानी होती है। कैसे करें आवेदन इच्छुक दिव्यांगजन जिला समाज कल्याण कार्यालय या संबंधित जनपद एवं नगर निगम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और प्रस्तावित व्यवसाय से जुड़ी जानकारी देनी होती है। जांच के बाद प्रकरण बैंक को भेजा जाता है। ग्रामीण और शहरी दोनों को मौका यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के दिव्यांगों के लिए लागू है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, पशुपालन, डेयरी, ट्रैक्टर या मशीनरी आधारित व्यवसाय को भी योजना में शामिल किया गया है।