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मनरेगा के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी हुआ शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत किए जाने के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक आकर्षक कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया। यह पुस्तक राज्य में ग्रामीण आवास योजना के तहत प्राप्त ऐतिहासिक प्रगति, नवाचारों और उपलब्धियों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य को प्राप्त 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 17.14 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्तमान सरकार ने अपने मात्र दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर राज्य में ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया। इन डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मनरेगा के तहत पात्र हितग्राहियों, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी भी शामिल हैं, की निजी भूमि पर इन डबरियों का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आय में भी स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी। कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए, जो सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं महात्मा गांधी नरेगा के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की ऊर्जा यात्रा को मिला नया आयाम, सीएम विष्णु देव साय ने ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ पुस्तक का अनावरण किया

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवीन विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में रजत महोत्सव विशेष छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल द्वारा प्रकाशित ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह काफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल एवं उसकी उत्तरवर्ती पावर कंपनियों की 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा, उपलब्धियों और विकास गाथा पर आधारित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तनों, अधोसंरचना विकास, नवाचारों और जनसेवा आधारित कार्यों का सजीव दस्तावेज है। कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ राज्य ने ऊर्जा क्षेत्र में सुदृढ़ नियोजन, आधुनिक तकनीक और उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियों को शामिल किया गया है और सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना से लेकर 32 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता, कोयला खनन के सुदृढ़ संचालन और राज्यव्यापी पारेषण- वितरण ढांचे के विस्तार तक बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल की टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन तथा डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी श्री रोहित यादव, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारी श्री जे.एस. नेताम, श्री संजीव सिंह एवं श्री आशुतोष जायसवाल उपस्थित थे।

रायपुर: वित्त मंत्री ने भाठनपाली-बिंजकोट में 6.26 करोड़ रुपए की सड़क निर्माण परियोजना का किया भूमिपूजन

रायपुर : वित्त मंत्री ने भाठनपाली-बिंजकोट में 6.26 करोड़ रुपए के सडक निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन पीएमजीएसवाई अंतर्गत ग्रामीण सड़कों से बदलेगी तस्वीर 10-10 लाख के दो विकास कार्य की घोघणा रायपुर ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधा को मजबूत करने और विकास कार्यों को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ जिले के पुसौर विकासखंड के ग्राम भाठनपाली एवं बिंजकोट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 6 करोड़ 26 लाख रुपए से अधिक की लागत से बनने वाले सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कर जिले को महत्वपूर्ण विकास सौगात दी। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।  10-10 लाख के दो विकास कार्य की घोघणा          वित्त मंत्री चौधरी ने भाठनपाली में 10 लाख रुपए की लागत से शेड निर्माण और बिंजकोट में 10 लाख रुपए के आवश्यक विकास कार्यों के लिए देने की घोषणा की। साथ ही ग्रामीणों की सीसी रोड की मांग को भी शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत बिंजकोट में 6 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन भी वितरित किए गए।            भाठनपाली में एनएच-49 से मोहंदाभाठा बस्ती तक 2.25 किलोमीटर सड़क तथा धनुहारडेरा से भाठनपाली तक 1.80 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है, जिसकी कुल लागत 3.28 करोड़ रुपए है। वहीं बिंजकोट में एकताल रोड से बिंजकोट बस्ती तक तथा एकताल से सांपखोड़-सकरबोंगा तक सड़कों के निर्माण पर 2.98 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे। वित्त मंत्री चौधरी ने सभी निर्माण कार्यों को 12 माह के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वाेपरि बताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमीशनखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है          वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद से प्रदेश की जनता के हित में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं। 12 लाख किसानों को 3716 करोड़ रुपए का बकाया बोनस, 21 क्विंटल प्रति एकड़ , 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का भुगतान, रामलला दर्शन योजना, 18 लाख गरीब परिवारों के लिए आवास और महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु महतारी वंदन योजना इसके प्रमुख उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और जनहित कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार सबको साथ लेकर, सबके विकास के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है।          कार्यक्रम में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल,  जिला पंचायत सदस्य बृजेश गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान, ग्रामों के सरपंच सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

रायपुर: वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी ने रेंगालपाली में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का किया लोकार्पण

रायपुर : वित्तमंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया रेंगालपाली में सर्वसुविधायुक्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण 300 से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा स्मार्ट क्लास की सुविधाओं से युक्त उन्नत शिक्षण वातावरण रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने   रायगढ जिले के पुसौर विकासखंड के ग्राम रेंगालपाली में निर्मित एक करोड़ 21 लाख 16 हजार रुपये की लागत वाले सर्वसुविधायुक्त शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास एवं प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी की सराहना की।   नव निर्मित विद्यालय भवन को आधुनिक शैक्षणिक मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इसमें 9 सुसज्जित कक्षाएँ, स्मार्ट क्लास, दो आधुनिक प्रयोगशालाएँ, समृद्ध लाइब्रेरी, प्रिंसिपल एवं स्टाफ कक्ष, बालक-बालिका प्रसाधन कक्ष जैसी प्रमुख सुविधाएँ शामिल हैं। यह भवन 300 से अधिक विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक, सुरक्षित और आधुनिक शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराएगा।  उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा विकसित भारत की मजबूत नींव- वित्त मंत्री           वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि गुणवत्ता-सम्पन्न शिक्षा ही उन्नत समाज और विकसित भारत का आधार है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर बच्चे को आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर शिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध हों। रायगढ़ जिला शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यालय विकास में मिले एचडीएफसी बैंक के सीएसआर सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में जितने शैक्षणिक और विकासात्मक कार्य हुए हैं, उतने एक साथ कई वर्षों में नहीं हो पाए थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं से मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया और उन्हें कैरियर मार्गदर्शन भी प्रदान किया। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता अमित कश्यप ने भवन निर्माण की लागत, संरचना और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।            इस अवसर पर पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, जनपद अध्यक्ष पुसौर श्रीमती हेमलता चौहान, श्रीमती हेमालिनी गुप्ता, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मानी सतपथी सहित विद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कृषि विज्ञान केन्द्रों की समस्याओं का जल्द निराकरण होगा

रायपुर : छत्तीसगढ़ के कृषि विकास में पूर्ण सहयोग देगा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद कृषि विज्ञान केन्द्रों की समस्याओं का जल्द निराकरण होगा कुलपति डॉ. चंदेल ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक से मुलाकात की रायपुर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट से मुलाकात कर उन्हे विश्वविद्यालय द्वारा संचालित शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रस्तार गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. चंदेल ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. जाट से विश्वविद्यालय एवं इसके अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों की अधिमान्यता के संबंध में चर्चा की और महाविद्यालयों को शीघ्र अधिमान्यता प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों से संबंधित विषयों एवं समस्याओं से डॉ. जाट को अवगत कराया तथा कृषि विज्ञान केंद्रों से संबंधित  समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु अनुरोध किया। इस संबंध में डॉ. जाट ने कहा कि देश भर में संचालित कृषि विज्ञान केन्द्रों की समस्याओं की निराकरण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा गंभीर विचार मंथन किया जा रहा है, उन्होंने इनके जल्द ही सुलझने की उम्मीद जताई। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अनुसंधान एवं विस्तार कार्याे की सराहना की और आशा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के किसानों की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। महानिदेशक डॉ. जाट ने आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में कृषि के विकास के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने पर जोर दिया और कहा कि इस कार्य योजना के क्रियान्वयन में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। डॉ. जाट ने कहा कि विकसित भारत 2047 के विजन डाक्यूमेंट में कृषि फसलों को केवल पेट भरने का साधन ना मानते हुए इन्हें पोषण तथा स्वास्थ्य रक्षा का स्त्रोत माना गया है। डॉ. जाट ने कहा कि विभिन्न कृषि फसलों की मानव स्वास्थ्य एवं पोषण में उपादेयता जानने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं (आई.सी.ए.आर.) भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आई.सी.एम.आर) मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने विभिन्न फसलों की पोषकता बढ़ाने हेतु इनके बायोफोर्टिफिकेशन पर जोर दिया। डॉ. चंदेल ने जानकारी दी कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विभन्न फसलों के बायोफोर्टिफिकेशन पर काफी कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर कुलपति डॉ. चंदेल ने डॉ. जाट को छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होनें सहर्ष स्वीकार किया।

रायपुर: जशपुर में बनेगी अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मिली 20.53 करोड़ की स्वीकृति

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात, जशपुर में 20.53 करोड़ की लागत से बनेगी तीरंदाजी अकादमी रायपुर अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का मतलब ऐसी अकादमी से है जहाँ खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और बेहतरीन सुविधाएं (जैसे हॉस्टल, इनडोर/आउटडोर रेंज) मिलती हैं, ताकि वे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात मिली है। जिले के बगीचा विकासखंड के पंडरा पाठ में अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी (आर्चरी सेंटर) के निर्माण के लिए स्वीकृति मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण हेतु एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र बनेगा          नई तीरंदाजी अकादमी बनने से जिले के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ मिलेंगी। यह पहल आने वाले समय में जशपुर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतिभाओं का हब बनाने में निर्णायक साबित होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें विश्व पटल तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता का यह एक और बड़ा उदाहरण है। अकादमी के बनने से जशपुर न केवल खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा, बल्कि यह देश के युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभरेगा। यह पहल खेलों के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा हैं।  वित्तीय सहयोग एनटीपीसी के सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग से          तीरंदाजी अकादमी के निर्माण में एनटीपीसी लिमिटेड अपनी कॉर्प्रोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। यहां आउटडोर और वातानुकूलित इनडोर तीरंदाजी रेंज, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, छात्रावास जैसे निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।जशपुर के युवाओं में इस घोषणा को लेकर उत्साह का माहौल है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

चिकित्सा- कानूनी प्रकरणों की जांच में आधुनिकता की ओर बढ़ते कदम, मुख्यमंत्री विष्णु साय का नेतृत्व

रायपुर : विष्णु के सुशासन में चिकित्सा- कानूनी प्रकरण(मेडिको लीगल केस) की जाँच के आधुनिकीकरण की ओर बढ़ते कदम स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अम्बेडकर अस्पताल के क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एण्ड टॉक्सीकोलॉजी (CFMT) यूनिट एवं चिकित्सा महाविद्यालय के नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार का किया उद्घाटन मध्यभारत का पहला संस्थान जहां क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एण्ड टॉक्सीकोलॉजी यूनिट की हुई शुरुआत अभी तक भारत देश के चुनिंदा मेडिकल कॉलेजों में ही इसकी सुविधा  ऐसा संस्थान जहाँ पर एफ.टी.ए. पेपर के द्वारा खून का नमूना डी.एन.ए. जाँच के लिए रखा जा सकेगा सुरक्षित रायपुर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में स्वास्थ्य सेवाओं के सर्वसुलभ, सरलीकरण तथा अत्याधुनिकीकरण हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में चिकित्सालय में आने वाले मेडिको लीगल (एमएलसी) केस में व्यक्ति या पीड़ित के जांच एवं उपचार के लिए क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी यूनिट की स्थापना डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के आपात चिकित्सा विभाग में हुई है। आज इस यूनिट का विधिवत शुभारंभ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के कर कमलों से संपन्न हुआ। इस यूनिट के साथ ही साथ स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय के नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार का भी उद्घाटन किया।  इस अवसर पर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा, दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुनील सोनी, चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. स्निग्धा जैन, फॉरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नागेंद्र सोनवानी, डॉ. शिवनारायण मांझी, डॉ. महेंद्र साहू (टॉक्सिकोलॉजिस्ट) (Toxicologist), फॉरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कमल साहू समेत विभाग के अन्य फैकल्टी मेंबर भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस नवीन जांच सुविधा के उद्घाटन के अवसर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एण्ड टॉक्सीकोलॉजी (CFMT) यूनिट मध्यभारत का पहला एवं पूरे देश का बारहवाँ यूनिट है । जहां पर चोट के मामले जो किसी अपराध का संकेत देते हैं ,उनकी जाँच, शराब के सेवन की ब्रीथ एनालाइज़र द्वारा जाँच, नशा का सेवन करने वालों की उनके यूरिन के माध्यम से पुष्टि तथा पोक्सो कानून के अंतर्गत आने वाले अपराधिक मामलों में उम्र बताने की जाँच करने वाला पहला संस्थान होगा।   उन्होंने कहा कि न्यायपालिका लोगों को न्याय देती है, आज के समय में अपराध की प्रकृति बदलती जा रही है, इसलिए आने वाले दिनों में यह देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक होगा। यह अपराध के जांच और कार्रवाई में सटीक सूचना देने में अहम भूमिका निभाएगी।  उन्होंने कहा कि यह राज्य का ऐसा संस्थान है जहाँ पर एफ.टी.ए. पेपर के द्वारा खून का नमूना डी.एन.ए. जाँच के लिए रखा जायेगा। मेडिको लीगल केस के अंतर्गत किए जाने वाले इन सभी जांचों का सीधा फायदा पुलिस विभाग को एवं माननीय न्यायालय को अपराधिक मामलों के खात्मा करने में होगा।  शराब के अलावा इन मादक पदार्थों के सेवन की भी हो सकेगी जाँच:- 1. एम्फ़ैटेमिन 2. बार्बिटुरेट्स 3. बेंजोडायजेपिन 4. कोकीन 5. मारिजुआना 6. मेथैम्फेटामाइन 7. ओपियोड (हेरोइन) 8. फेनसाइक्लिडीन (पीसीपी) 9. मॉर्फिन 10. मेथोडोन 11. एक्सटेसी 12. ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट

विधानसभा समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की अहम बैठक, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने लिया हिस्सा

रायपुर  विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री की परीक्षा पे चर्चा: विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावकों को परीक्षा के तनाव से मिलेगी मुक्ति

रायपुर परीक्षा पे चर्चा 2026 का नौवां संस्करण जनवरी 2026 में आयोजित होगा। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह कार्यक्रम पीएम मोदी का एक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है, जिसमें देश-विदेश के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक परीक्षा से जुड़े तनाव, अनुभव और सकारात्मक तैयारी पर चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन  MyGov पोर्टल (innovateindia1.mygov.in) पर शुरू हो चुके हैं और इसकी अंतिम तिथि 11 जनवरी 2026 है। कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थीए शिक्षक और अभिभावक ऑनलाइन डब्फ आधारित प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं। तनाव को कम करने का प्रयास  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देशभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों को सीधे संवाद करने का एक और सुनहरा अवसर मिल रहा है। प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी परीक्षा पे चर्चा के भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जो इस श्रंखला का 9 वाँ संस्करण होगा। इस मंच के माध्यम से  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्यों से चयनित बच्चों द्वारा परीक्षा से संबंधित पूछे गए सवालों के जवाब देकर उनका मार्गदर्शन करेंगे और उनके तनाव को कम करने का प्रयास करेंगे। सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनकी मदद कर सकें  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी माता-पिता और शिक्षकों के साथ बातचीत भी करते हैं, ताकि वे छात्रों के सभी सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनकी मदद कर सकें और अपने बच्चों और छात्रों को एग्जाम के तनाव को दूर करने में मदद कर सकें।  परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में केवल कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के छात्र एवं कक्षा 6 से 12 छात्रों के पेरेंट्स रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन करके वे अपना सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। गौरतलब है कि पीपीसी 2025 के 8 वें संस्करण ने भारत और विदेशों में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से पंजीकरण के मामले में एक अभूतपूर्व मील का पत्थर स्थापित किया है। कार्यक्रम की अपार लोकप्रियता छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को संबोधित करने और परीक्षाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में इसकी सफलता को उजागर करती है। प्रतिभागी अपने प्रश्न 11 जनवरी 2026 तक अपलोड कर सकते हैं इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 वीं के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक सभी अपने प्रश्न अधिकतम 500 शब्दों में तैयार कर सकते हैं। प्रश्न अपलोड करने की सुविधा भारत सरकार के पोर्टल   http://innovateindia1.mygov.in  पर उपलब्ध है।  परीक्षा पे चर्चा विकल्प में प्रतिभागी पुरस्कारों से जुडी तिथियों और अन्य दिशा-निर्देशों की जानकारी देख सकते हैं। कार्यक्रम के लिए प्रश्न अपलोड करने की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और प्रतिभागी अपने प्रश्न 11 जनवरी 2026 तक जमा (अपलोड)कर सकते हैं।

रायपुर: पीएम सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई मजबूती – CM साय

रायपुर : पीएम सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस की दी शुभकामनाएं रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस (14 दिसंबर) के अवसर पर  प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण सतत विकास, पर्यावरण संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अनिवार्य है। ऊर्जा का विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और कुशल उपयोग न केवल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहायक है, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने का भी प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित पीएम सूर्यघर योजना स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को जन-जन तक पहुँचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना से घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे बिजली व्यय में कमी के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे ऊर्जा बचत को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं, ऊर्जा-सक्षम उपकरणों का अधिकाधिक उपयोग करें और छोटे-छोटे सामूहिक प्रयासों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को हरित, स्वच्छ और विकसित राज्य बनाने में सक्रिय योगदान दें।