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छत्तीसगढ़ का बदला चेहरा: सीएम विष्णु देव साय का बड़ा संदेश, दो वर्षों में विकास की रफ्तार तेज

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी सेवायात्रा के दो वर्ष पूरे होने पर जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय केवल शासन का नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का रहा। उन्होंने बताया कि इन दो वर्षों में सरकार ने हर वर्ग और क्षेत्र के लोगों तक विकास की किरण पहुँचाने का प्रयास किया है। आज जब मैं सेवायात्रा के दो वर्ष पूरे कर रहा हूँ, तो मन अपार भावनाओं से भर गया है। यह दो वर्ष मेरे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष रहे , क्योंकि यह समय केवल शासन का नहीं, सेवा और समर्पण का था। आपके साथ चलने का, आपकी मुस्कान में अपने दायित्व का प्रतिबिंब देखने का अवसर मिला। इन दो वर्षों में हमने छत्तीसगढ़ के हर कोने में विकास का दीप जलाने की कोशिश की है। हमने किसानों की मेहनत को सम्मान देने के लिए सुविधाएँ बढ़ाईं, जिससे उनकी उपज का पूरा मूल्य समय पर मिल सके। युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए नई भर्तियों, प्रशिक्षण और औद्योगिक अवसरों के द्वार खोले गए। आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों का ऐसा जाल बिछाया गया जिससे विकास की रोशनी उन इलाकों तक पहुँचे जहाँ पहले उम्मीदें धुंधली थीं। हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और सम्मान की दिशा में नए कदम उठाए गए ताकि हर घर में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का वातावरण बने। इन सभी प्रयासों के बीच सबसे बड़ा परिवर्तन यह हुआ कि शासन अब जनता के द्वार पर है। प्रशासन और लोगों के बीच जो दूरी कभी रही, वह अब सहभागिता में बदल रही है। मुझे गर्व है कि छत्तीसगढ़ आज विश्वास और स्थिरता के एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है। भविष्य के लिए हमारी प्रतिबद्धता और भी सशक्त है। आने वाले वर्षों में हम शिक्षा, रोजगार, कृषि और ग्रामीण विकास पर और तीव्र गति से काम करेंगे। हमारा लक्ष्य है ऐसा छत्तीसगढ़, जो आत्मनिर्भर हो, जहाँ हर युवा को अवसर मिले, किसान को गर्व हो और हर नागरिक को यह विश्वास हो कि उसका शासन उसके साथ खड़ा है। प्रिय जनों, यह यात्रा अभी लंबी है और मंज़िल बड़ी। मैं आप सबसे यही अपेक्षा करता हूँ कि इस विकास यात्रा में अपने सुझावों, अपने परिश्रम और अपने विश्वास से हमारा मार्ग रोशन करते रहें। आपकी आस्था ही हमारी शक्ति है, और आपका सहयोग ही छत्तीसगढ़ के सुनहरे भविष्य की गारंटी। विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन    

बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक खत्म हो जायेगा

2026 का बस्तर ओलंपिक नक्सलवाद से मुक्त बस्तर में होगा नक्सलवाद छोड़कर 700 से अधिक युवाओं का बस्तर ओलंपिक 2025 से जुड़ना हम सभी के लिए गर्व की बात है आत्मसमर्पण करने वालों ने भय की जगह आशा व विनाश की जगह विकास को चुना, यही मोदी जी की विकसित बस्तर की संकल्पना है जिस बस्तर में पहले ‘लाल सलाम’ के नारे लगते थे, अब वहाँ ‘भारत माता की जय’ के नारे गूँज रहे हैं शांति ही विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, इसलिए नक्सली हथियार डालकर मुख्यधारा में आयें और पुनर्वसन नीति का लाभ उठाएं आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में बस्तर के खिलाड़ी देश का नाम रोशन करें, इसके प्रबंध किए जा रहे हैं बस्तर ओलम्पिक 2025 में 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो ढाई गुना बढ़ा है, खिलाड़ियों की वृद्धि दर में बहनों ने भाइयों से बाजी मारी आत्मसमर्पण करने वाले और नक्सल हिंसा के शिकार लोगों के लिए हम बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना लाएंगे केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर विकसित बस्तर बनाने के लिए कार्य कर रही हैं गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि वे हथियारबंद नक्सलियों को समझाकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने में सहयोग करें रायपुर  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा। श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। श्री शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी/सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। श्री शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरूआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी जी और श्री विष्णुदेव जी के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। श्री शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी जी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति दुनियाभर में सबसे अधिक समृद्ध संस्कृति है। उन्होंने कहा कि सभी जनजातियों का खानपान, परिवेश, कला, वाद्य, नृत्य और पारंपरिक खेल सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि पूरे भारत की सबसे समृद्ध विरासत है। श्री अमित शाह ने कहा कि हाल … Read more

सूरजपुर जिला के 366 आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेगा लाभ

रायपुर एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (आई.सी.डी.एस) अंतर्गत आँगनवाडी केन्द्रों द्वारा दी जाने वाली छः सेवाओं में से पूरक पोषण आहार एक महत्वपूर्ण सेवा हैं । आँगनवाडी केन्द्रों के माध्यम से 6 माह से 3 वर्ष आयु के बच्चों, 3 वर्ष से 6 वर्ष आयु के बच्चों तथा गर्भवती व शिशुवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जाता हैं ।  योजना के अंतर्गत 11 से 14 वर्ष आयु की शाला त्यागी किशोरी बालिकाओ तथा 14 से 18 आयु वर्ग की सभी किशोरी बालिकाओं को प्रतिदिन 5/- रू. के मान से पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जा रहा हैं। ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा विकासखंड भैयाथान के दर्रीपारा में आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा पूरक पोषण आहार कार्यक्रम अंतर्गत स्थापित इस संयंत्र का गत लोकार्पण किया गया था। 366 आंगनबाड़ी केंद्रों को नियमित की जाएगी आपूर्ति  जिला सूरजपुर की एकीकृत बाल विकास परियोजना भैयाथान अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह, दर्रीपारा का चयन किया गया था।  इस आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह, दर्रीपारा द्वारा लगभग 90 लाख रुपये की लागत से मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया निर्माण हेतु आधुनिक यूनिट की स्थापना की गई थी। महिला बाल विकास विभाग द्वारा मिली जानकारी में बताया गया कि इस यूनिट के माध्यम से परियोजना भैयाथान के अंतर्गत संचालित 366 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए लगभग 35 मीट्रिक टन मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया का निर्माण कर नियमित आपूर्ति की जाएगी।  महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार का अवसर  इस संयंत्र के माध्यम से एकीकृत बाल विकास परियोजना भैयाथान के आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषण आहार का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। यह पहल बच्चों एवं गर्भवती  महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार एवं आत्मनिर्भरता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात 20.53 करोड़ की मिली स्वीकृति

रायपुर अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का मतलब ऐसी अकादमी से है जहाँ खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और बेहतरीन सुविधाएं (जैसे हॉस्टल, इनडोर/आउटडोर रेंज) मिलती हैं, ताकि वे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात मिली है। जिले के बगीचा विकासखंड के पंडरा पाठ में अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी (आर्चरी सेंटर) के निर्माण के लिए स्वीकृति मिल गई है।इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण हेतु एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र बनेगा नई तीरंदाजी अकादमी बनने से जिले के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ मिलेंगी। यह पहल आने वाले समय में जशपुर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतिभाओं का हब बनाने में निर्णायक साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें विश्व पटल तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता का यह एक और बड़ा उदाहरण है। अकादमी के बनने से जशपुर न केवल खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा, बल्कि यह देश के युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभरेगा। यह पहल खेलों के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा हैं।  वित्तीय सहयोग एनटीपीसी के सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग से  तीरंदाजी अकादमी के निर्माण में एनटीपीसी लिमिटेड अपनी कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। यहां आउटडोर और वातानुकूलित इनडोर तीरंदाजी रेंज, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, छात्रावास जैसे निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।जशपुर के युवाओं में इस घोषणा को लेकर उत्साह का माहौल है और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 513 नए 4G मोबाइल टावरों की स्वीकृति:डिजिटल कनेक्टिविटी से सशक्त होंगे सुदूर क्षेत्र

रायपुर : नक्सल उन्मूलन के बाद विकास की ठोस पहल: दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगा डिजिटल नेटवर्क डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 513 नए 4G मोबाइल टावरों की स्वीकृति:डिजिटल कनेक्टिविटी से सशक्त होंगे सुदूर क्षेत्र 513 नए 4G टावरों से शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय समावेशन को मिलेगा बल : मुख्यमंत्री साय रायपुर, डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में बीएसएनएल के माध्यम से 513 नए 4G मोबाइल टावर स्थापित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे नक्सल प्रभावित और दूरस्थ अंचलों में शांति, सुरक्षा और विकास के साझा प्रयासों का महत्वपूर्ण प्रतिफल बताया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह निर्णय नक्सल उन्मूलन की दिशा में चल रहे प्रभावी प्रयासों की एक मजबूत कड़ी है। सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई और प्रशासनिक समन्वय से जिन क्षेत्रों में स्थायित्व स्थापित हुआ है, वहां अब विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 4G मोबाइल टावरों की स्थापना से सुदूर और दुर्गम इलाकों में रहने वाली जनता को पहली बार सुलभ और विश्वसनीय मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाएं प्राप्त होंगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, प्रशासनिक सेवाओं और आपातकालीन संचार की सुविधा सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी का यह विस्तार वित्तीय समावेशन की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। मोबाइल नेटवर्क के सशक्त होने से बैंकिंग सेवाएं, डीबीटी, यूपीआई, बीमा, पेंशन और अन्य डिजिटल सेवाओं की पहुंच आम नागरिकों तक सहज रूप से सुनिश्चित हो सकेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल “डिजिटल इंडिया” के उस मूल उद्देश्य को साकार करती है, जिसमें अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने का संकल्प निहित है। इससे स्थानीय युवाओं को डिजिटल माध्यमों से नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित राज्यों के लिए सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इस विजन के अनुरूप केंद्र के साथ मिलकर राज्य के प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ को डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और समावेशी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।  

“महासमुंद में अवैध धान भंडारण और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई, 4 प्रकरणों में 2112 कट्टा धान जब्त

महासमुंद राज्य शासन के मंशानुरूप, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह से प्राप्त निर्देशों के पालन में जिले में अवैध रबी एवं खरीफ धान के संग्रहण एवं परिवहन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में राजस्व, मंडी विभाग एवं संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से विभिन्न तहसीलों में की गई कार्रवाई के दौरान कुल 2112 कट्टा धान जब्त किया गया है।  विकासखंड सरायपाली अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुपमा आनंद के नेतृत्व में ग्राम बारडोली में रवि फसल का 95 कट्टा धान जब्त किया गया। वहीं ग्राम चनाट में कार्रवाई करते हुए 267 पैकेट अवैध रबी धान पकड़ा गया। इसके अलावा रात्रिकालीन गश्त के दौरान सराईपाली–सरसिवा मार्ग पर बगयीजोर के पास धान से लदे 5 वाहन जिसमें 4 माजदा एवं 1 छोटा हाथी जब्त किए गए। इन वाहनों से कुल 750 पैकेट, लगभग 300 क्विंटल धान बरामद किया गया, जिसे थाना सरायपाली की सुपुर्दगी में दिया गया है। वहीं विकासखण्ड पिथौरा अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बजरंग वर्मा के नेतृत्व में ग्राम टोंगोपथरा में धनुर्जय साहू के निवास पर छापेमारी के दौरान लगभग 1000 कट्टा धान का अवैध संग्रहण पाया गया। उक्त धान को जब्त कर कृषि उपज मंडी पिथौरा को सुपुर्द किया गया।  यह कार्रवाई शासन द्वारा निर्धारित नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण हेतु की गई है। जिला प्रशासन ने कहा है कि अवैध धान संग्रहण एवं परिवहन के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

आज से आगामी एक सप्ताह पीएम आवास के लिए डेडीकेटेड, सभी अप्रारम्भ

सूरजपुर : पीएम आवास के एक-एक हितग्राही तक पहुंच रही है टीम आज से आगामी एक सप्ताह पीएम आवास के लिए डेडीकेटेड, सभी अप्रारम्भ  आवासों को प्रारम्भ एवं प्रगतिरत आवासों को पूर्ण करने का लक्ष्य समस्त स्वीकृत आवासों को 31 जनवरी तक पूर्ण करने का है लक्ष्य सूरजपुर कलेक्टर एस जयवर्धन के निर्देश व सीईओ जिला पंचायत विजेंद्र सिंह पाटले के  मार्गदर्शन  में पीएम आवास ग्रामीण निरन्तर प्रगति के लिए कार्य कर रहा है। विगत दो वर्षों में 34784 आवास स्वीकृत, 30776 आवास पूर्ण एवं 349 करोड़ से अधिक की राशि हितग्राहियों के खातों में हस्तांतरित कर जिले ने एक कीर्तिमान स्थापित किया है। पूरी तरह पारदर्शी पीएम आवास योजना ग्रामीण योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु प्रशासन सतत् प्रयासरत है।  उक्त तारतम्य में आज से आगामी 7 दिन डेडीकेटेड पीएम आवास के निर्माण में फोकस करने के लिए रखा गया है। इसके अंतर्गत आवास निर्माण के लिए लंबित हितग्राहियों को बुलाकर जगह जगह आवास चौपाल, निरंतर फील्ड विजिट, क्लस्टर के सभी स्टाफो की मीटिंग, हितग्राहियों से फोन के माध्यम से बात करने जैसे कार्य किए जा रहे है। ताकि जितने आवास अप्रारम्भ है उन्हें प्रारम्भ, और प्लिंथ से ऊपर स्तर पर है उन्हें तत्काल पूर्ण करा लिए जाए तथा हितग्राहियों को सभी किस्तें समय पर प्रदाय कर दी जाए। इस उद्देश्य के साथ यह सप्ताह जिला प्रशासन द्वारा शासन की महत्वाकांक्षी पीएम आवास योजना ग्रामीण में प्रगति के लिए पूरी तरह समर्पित है। आवास निर्माण की दृष्टि से दिसंबर एवं जनवरी सबसे अनुकूल समय है, इस समय अधिक से अधिक आवास पूर्ण किए जा सकते है। हितग्राहियों के सभी प्रकार के समस्याओं का समाधान करते हुए, इन्हें लगातार आवास निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सामग्री की व्यवस्था से लेकर मिस्त्री एवं आवश्यकतानुसार बिहान योजना से हितग्राहियों को लोन का प्रावधान कराने जैसे सारे प्रयास किए जा रहे है ताकि निर्माण कार्य में तेजी आ सके। उक्त निर्माण कार्य समाप्ति उपरान्त आवास प्लस 2024 के माध्यम से सर्वेक्षित हुए, पात्र परिवारों को आवास से लाभान्वित करने की कार्यवाही प्रारंभ की जावेगी।  जिला प्रशासन का हितग्राहियों से अपील है कि अपने आवास को आप जल्दी से पूर्ण कराते हुए, आवास की सभी किश्तों को प्राप्त कर लीजिए। किसी के बहकावे में आकर आवास की राशि किसी भी अन्य व्यक्ति या अन्य कार्यों में खर्च कदापि ना करें। किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो जिला स्तरीय हेल्पलाइन नंबर +91-9244049285 पर सीधे संपर्क कर सकते है। 

रायपुर: विशेष लेख – फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर बना मध्यभारत में दिव्यांगों के पुनर्वास का प्रमुख उदाहरण

रायपुर : विशेष लेख : फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर बना मध्यभारत में दिव्यांग पुनर्वास की मिसाल रायपुर छत्तीसगढ़ में समाज कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2012 में स्थापित फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर, माना कैम्प ने दिव्यांगजन पुनर्वास और कृत्रिम अंग निर्माण के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए मध्यभारत में एक आदर्श और अग्रणी संस्थान के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सकीय एवं तकनीकी विशेषज्ञों की समर्पित टीम और मानवीय संवेदनाओं से प्रेरित कार्य संस्कृति के चलते यह केंद्र आज केवल एक उपचार या तकनीकी सुविधा का स्थान नहीं, बल्कि हजारों दिव्यांगजनों के लिए आत्मनिर्भरता, सम्मानपूर्ण जीवन और नए भविष्य की मजबूत आधारशिला बन चुका है। राज्य ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में दिव्यांगजन यहाँ पहुँचकर पुनर्वास सेवाओं का लाभ ले रहे हैं, जिससे यह केंद्र छत्तीसगढ़ की सामाजिक प्रतिबद्धता और संवेदनशील शासन व्यवस्था का प्रभावी प्रतीक बनकर उभरा है। सात हजार से अधिक दिव्यांगजनों को मिला नया जीवन केंद्र द्वारा अब तक 7000 से अधिक कृत्रिम हाथ-पैर एवं प्रोस्थेटिक उपकरण निःशुल्क तैयार कर वितरित किए गए हैं। इन उपकरणों से अनेक दिव्यांगजन दोबारा चलने-फिरने और कामकाज में सक्षम हुए, युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले, विद्यार्थी पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़े और बुजुर्गों ने स्वतंत्र रूप से जीवन जीने की क्षमता प्राप्त की। यह सहायता केवल शारीरिक नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सामाजिक सहभागिता को भी सशक्त करती है। आधुनिक तकनीक से सटीक और निःशुल्क सेवाएँ फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर में आधुनिक मापन तकनीक, उच्च गुणवत्ता सामग्री और अनुभवी तकनीशियनों की टीम द्वारा प्रत्येक लाभार्थी की आवश्यकता के अनुरूप टिकाऊ प्रोस्थेटिक और ऑर्थाेटिक उपकरण तैयार किए जाते हैं। केंद्र की सभी सेवाएँ पूर्णतः निःशुल्क हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के दिव्यांगजनों को भी उच्च गुणवत्ता की सुविधाएँ सुलभ हो रही हैं। इसके साथ ही व्हीलचेयर, कैलिपर्स, एल्बो क्रचेज़ एवं अन्य सहायक उपकरणों का वितरण कर दैनिक जीवन को और अधिक सुगम बनाया जा रहा है। 3डी तकनीक से और सशक्त होगी पुनर्वास व्यवस्था समाज कल्याण विभाग द्वारा केंद्र को तकनीकी रूप से और उन्नत करने की दिशा में 3डी प्रिंटर आधारित कृत्रिम अंग निर्माण तकनीक शीघ्र शुरू की जा रही है। इस तकनीक से कृत्रिम अंग निर्माण का समय कम होगा, लाभार्थियों के लिए परफेक्ट-फिट उपकरण तैयार किए जा सकेंगे और गुणवत्ता व आराम में उल्लेखनीय सुधार आएगा। यह पहल छत्तीसगढ़ में प्रोस्थेटिक निर्माण के क्षेत्र में एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि मानी जा रही है। भविष्य में और जिलों तक पहुँचेगी सेवा विभाग का लक्ष्य आने वाले समय में केंद्र की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई अत्याधुनिक तकनीकें जोड़ने और सेवाओं का विस्तार दूरस्थ एवं अधिक जिलों तक करने का है, ताकि राज्य का प्रत्येक जरूरतमंद दिव्यांगजन गुणवत्तापूर्ण पुनर्वास सेवाओं से लाभान्वित हो सके। आशा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का केंद्र फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर केवल एक पुनर्वास संस्थान नहीं, बल्कि हजारों दिव्यांगजनों और उनके परिवारों के लिए नई उम्मीद और नई शुरुआत का प्रतीक बन चुका है। यहाँ से मिलने वाला हर कृत्रिम अंग किसी जीवन को नई दिशा और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर अग्रसर कर रहा है।      डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक (जनसंपर्क)

सरकार किसानों के साथ: टोकन सिस्टम में समय की बंदिश खत्म

रायपुर : धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार का निर्णायक कदम: धान विक्रय प्रक्रिया हुई सरल, अब दिन-रात कभी भी मिलेगा तूहर टोकन सरकार किसानों के साथ: टोकन सिस्टम में समय की बंदिश खत्म किसानों के लिए बड़ी सहूलियत: तूहर टोकन ऐप अब 24 घंटे उपलब्ध किसानों की सुविधा सर्वोपरि, टोकन व्यवस्था को बनाया गया सहज रायपुर प्रदेश के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तूहर टोकन ऐप को अब 24×7 खोल दिया गया है। अब मोबाइल एप से टोकन काटने के लिए किसी निर्धारित समय की बाध्यता नहीं रहेगी। किसान दिन-रात किसी भी समय अपनी सुविधा के अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे। अब किसान 13 जनवरी तक अगले 20 दिनों तक के लिए टोकन ले सकते हैं।इससे किसानों को धान विक्रय की योजना बनाने और टोकन प्राप्त करने में पर्याप्त समय मिलेगा तथा भीड़ और तकनीकी दबाव की समस्या से राहत मिलेगी। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसान अब 31 जनवरी तक तूहर टोकन ऐप से टोकन ले सकेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लघु किसनों के लिए यह सुविधा मुहैया कराई गई है l उल्लेखनीय है कि टोकन प्रत्येक सहकारी समिति को आबंटित सीमा के भीतर ही जारी किए जाएंगे। किसानों से आग्रह है कि वे समय रहते तूहर टोकन ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त करें और किसी भी असुविधा से बचें। *"किसानों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तूहर टोकन ऐप को 24×7 खोलने और समय की बाध्यता समाप्त करने का निर्णय इसी सोच का परिणाम है। अब किसान बिना किसी दबाव के, अपनी सुविधा अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे। 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसानों के लिये टोकन की अतिरिक्त समय सीमा और अवधि का विस्तार किसानों को वास्तविक राहत देगा। राज्य सरकार किसान हित में हर संभव कदम उठाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।"-

रायपुर: रेडियोलॉजी में एआई का उपयोग, दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए वरदान – स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर : रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए बनेगा वरदान : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित आईरा सीजीकॉन 2025 (IRIA-CGCON-2025) के 15वें वार्षिक राज्यस्तरीय कॉन्फ्रेंस का हुआ शुभारंभ रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग विज्ञान में ज्ञान और सहयोग की नई दिशा रायपुर इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) – छत्तीसगढ़ चैप्टर, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के रेडियोडायग्नोसिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आईरा सीजीकॉन 2025 (IRIA-CGCON-2025) के 15वें वार्षिक राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन चिकित्सा महाविद्यालय स्थित स्व. अटल बिहारी वाजपेई सभागार में किया जा रहा है। दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। पूरे देशभर से 150 से भी अधिक रेडियोलॉजिस्ट इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।  रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए बनेगा वरदान : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल   सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अपने उद्बोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग तकनीक के क्षेत्र में एआई का समावेश चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया विभिन्न क्षेत्रों में एआई का उपयोग कर तेजी से आगे बढ़ रही है, ऐसे में मेडिकल और विशेषकर रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग समय की आवश्यकता बन चुका है।   स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एआई आधारित इमेजिंग तकनीक से जांच की गुणवत्ता में सुधार, रिपोर्टिंग में तेजी और रेडियोलॉजिस्ट विशेषज्ञों की कमी वाले दूरस्थ क्षेत्रों में भी सटीक निदान संभव हो सकेगा। इससे मरीजों को बड़े शहरों तक आने की आवश्यकता कम होगी और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।  उन्होंने सम्मेलन में जुटे देश भर के रेडियोलॉजिस्टों से आह्वान किया कि वे तकनीकी नवाचारों को अपनाते हुए एआई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, सटीक और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य करें, ताकि छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर रहने वाले मरीजों को भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके। स्वास्थ्य मंत्री के इस विचारोत्तेजक वक्तव्य को सम्मेलन में उपस्थित विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों ने सराहा और रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई के व्यापक उपयोग पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।   इस अवसर पर आयोजन समिति के पेट्रन एवं मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, आयोजन अध्यक्ष डॉ. आनंद जायसवाल (अध्यक्ष IRIA-CGCON), उपाध्यक्ष डॉ. विवेक पात्रे (विभागाध्यक्ष, रेडियोडायग्नोसिस विभाग), आईरा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ए. ए. उस्मान, सचिव डॉ. विकास भोजसिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।   सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से पधारे प्रख्यात विशेषज्ञों एवं प्रतिष्ठित वक्ताओं में डॉ. सी. कृष्णा, डॉ. वर्षा जोशी, डॉ. प्रशांत ओंकार, डॉ. नितिन सहित अनेक फैकल्टी मेंबर्स ने सहभागिता की।    सम्मेलन की थीम रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग विज्ञान में ज्ञान और सहयोग की नई दिशा (Advancing Knowledge and Collaboration in Radiology and Imaging Science) रखी गई है।