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मृणाल मंडल ने धान विक्रय का सही मूल्य मिला

ऑनलाइन टोकन से आसान हुआ धान खरीदी रायपुर ऑनलाइन टोकन  प्रणाली ने धान खरीदी प्रक्रिया को सरल और सहज बनाया है l किसान स्वयं ऑनलाइन टोकन के माध्यम से  घर बैठे ही टोकन प्राप्त कर सकते हैं।  समिति में पहुंचते ही  उन्हें बिना किसी परेशानी के धान बेचना आसानी हुआ ।         जिला बलरामपुर- रामानुजगंज के बलरामपुर विकासखंड के धान उपार्जन केंद्र बरदर में ग्राम रामनगरकला रहने वाले किसान श्री मृणाल मंडल ने अपनी मेहनत से उपजे लगभग 166 बोरी धान का विक्रय किया। समिति में मिली बेहतर व्यवस्था, सहज प्रक्रिया और त्वरित खरीदी ने उन्हें संतुष्ट किया,  मृणाल मंडल बताते हैं कि धान का सर्वाधिक मूल्य ने उनकी मेहनत को सही मूल्य दिलाया है। 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी का प्रावधान किसानों के लिए  बड़ी राहत साबित हो रहा है।           श्री मंडल ने बताया कि समय पर समिति पहुंचना और तुरंत धान की खरीदी होना उनके लिए अत्यंत सुखद अनुभव रहा। बिना लंबी प्रतीक्षा और बिना किसी भागदौड़ और सुव्यवस्थित खरीदी व्यवस्था से धान विक्रय हो गया। उन्होंने बताया की इस बार की उपज के मिले राशि से परिवार की जरूरत, अगली फसल की तैयारी में उपयोग करेंगे। श्री मंडल ने धान खरीदी व्यवस्था को सरल एवं सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त भी किया।

पी.एम. सूर्य घर योजना: रायगढ़ का एक गांव अब पूरी तरह सोलर एनर्जी से रोशन

जिला स्तरीय चयन समिति ने शुरू की चयन प्रक्रिया, 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों में अगले छह माह चलेगी प्रतिस्पर्धा रायुपर,  केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले में एक ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित सोलर मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में जिला स्तरीय चयन समिति ने औपचारिक रूप से चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। कलेक्टर  की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले के उन्हीं ग्रामों को प्रतिस्पर्धा में शामिल किया जाएगा, जिनकी जनसंख्या 5 हजार  से अधिक है। चूंकि जिले में इस श्रेणी के ग्राम सीमित संख्या में हैं, इसलिए प्रशासन ने सर्वाधिक जनसंख्या वाले 10 ग्रामों का चयन कर उन्हें छह माह की प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया है।          उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर  राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को गति देने के लिए जिलों को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर सौर ऊर्जा लक्ष्य को धरातल पर साकार किया जा सके।        रायगढ़ जिले में केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार जिले में प्रतियोगिता के लिए चयनित 10 ग्राम ग्राम पंचायतों में घरघोड़ा विकासखंड का ग्राम कुडुमकेला, तमनार विकासखंड का ग्राम तमनार, रायगढ़ विकासखंड का ग्राम खैरपुर, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम विजयनगर, तमनार विकासखंड का ग्राम तराईमाल, लैलूंगा विकासखंड का ग्राम गहनाझरिया, पुसौर विकासखंड का ग्राम गढ़मरिया, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम छाल, पुसौर विकासखंड का ग्राम सिसरिंगा, और पुसौर विकासखंड का ग्राम कोडातराई। इन्हीं ग्रामों में से एक ग्राम जिले का पहला सोलर मॉडल विलेज बनेगा।           जिले के सभी विकासखंड से ग्राम  पंचायतों का चयन किया गया है। इन ग्रामों में अब अगले छह माह तक सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, जनजागरूकता अभियान चलाने, घरेलू एवं सामुदायिक सौर संयंत्रों की स्थापना, तथा योजनाओं के लिए ग्रामीणों द्वारा किए जाने वाले आवेदनों की सतत समीक्षा की जाएगी।           इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए  प्रत्येक चयनित ग्राम में आदर्श ग्राम समिति गठित की जा रही है, जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, डॉक्टर, कृषि विस्तार अधिकारी तथा संबंधित शासकीय अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यह समिति डोर-टू-डोर संपर्क कर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पी.एम. कुसुम योजना, जल जीवन मिशन के सोलर डुअल पंप, सोलर हाईमास्ट, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रदान करेगी।          क्रेडा के सहायक अभियंता विक्रम वर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक ग्राम अपनी जरूरतों के अनुसार सामुदायिक सौर संयंत्रों के प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।  छह माह की अवधि पूर्ण होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी ग्रामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन ग्रामीणों द्वारा स्थापित सौर संयंत्रों की संख्या, योजनाओं के लिए किए गए आवेदनों, सामुदायिक सहभागिता, उपलब्ध ऊर्जा सुविधाओं और सौर संसाधनों के उपयोग की आधारशिला पर किया जाएगा। इसी मूल्यांकन के आधार पर जिले के पहले सोलर मॉडल विलेज का चयन किया जाएगा और चयनित ग्राम का विस्तृत डी.पी.आर. तैयार कर 15 मार्च 2025 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा, ताकि उस ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित आदर्श मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्रा निहारिका नाग बनी राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता

राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव उद्भव 2025 में छत्तीसगढ़ राज्य का किया नाम रोशन मिट्टीकला में निहारिका ने बढ़ाया प्रदेश का मान रायपुर,  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शंकरगढ़ की होनहार छात्रा निहारिका नाग ने वह कर दिखाया है, जिसका सपना हर विद्यार्थी देखता है। साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली यह बाल प्रतिभा आज अपने हुनर से न सिर्फ जिले का, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय मानचित्र पर रोशन किया है। मिट्टीकला में मिला नया आयाम       शंकरगढ़ की कक्षा 11वीं की छात्रा निहारिका नाग को एकलव्य विद्यालय में प्रवेश के बाद अपनी मिट्टी कला सामर्थ्य को निखारने का सुनहरा अवसर मिला, जहां विद्यालय के बेहतर माहौल, उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञों के प्रशिक्षण ने उनके सपनों को मजबूती दी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक से मिली नई उड़ान           निहारिका ने पहले जगदलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने कला कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। यह जीत उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने में सहायक साबित हुई। उद्भव 2025 में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक से हुई दोहरी जीत        इसके बाद निहारिका ने आंध्र प्रदेश में आयोजित 6 वीं ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव उद्भव 2025 में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। लगातार दोहरा स्वर्ण पदक जीतकर निहारिका ने अपने विद्यालय और छत्तीसगढ़  राज्य का मान बढ़ाया है। शिक्षकों का मार्गदर्शन बना सफलता की नींव        निहारिका के इस सफलता के पीछे उनके कला शिक्षक श्री राहुल जंघेल की प्रेरणा और विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय कुमार तिर्की का सतत सहयोग और मार्गदर्शन रहा। निहारिका ने साबित कर दिखाया कि प्रतिभा को बस सही मंच की जरूरत होती है। निहारिका की बचपन से ही मिट्टी कला के प्रति गंभीर रुझान रखती थीं और विद्यालय ने उनकी इस प्रतिभा को ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेहनत और मार्गदर्शन से बनती है नई पहचान        निहारिका की इस उपलब्धि से  बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में उत्साह का माहौल है। निहारिका की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद ऊंचे सपने देखते हैं।  निहारिका नाग की तरह मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी विद्यार्थी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकता है।

खेत में लगी भयंकर आग से 7 एकड़ गन्ना नष्ट, किसान-ग्रामीण मिलकर कर रहे बुझाने की कोशिश

कवर्धा जिले में दामापुर के सैहामालगी गांव में आज दोपहर गन्ने की फसल वाले खेतों में अचानक लगी भयंकर आग ने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया है। घटना में करीब 7 एकड़ में खड़ी गन्ने की तैयार फसल पूरी तरह आग की चपेट में आ गई, जिससे क्षेत्र के किसानों को लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि खेतों में आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें काबू पाने का समय ही नहीं मिला। मौके पर मौजूद ग्रामीण और किसान बोरिंग मोटर से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग बाल्टी और पाइप की मदद से आग की लपटों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।

कांग्रेस में नई नियुक्तियों पर उठे सवाल, पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा– पार्टी की पहचान खतरे में

रायपुर छत्तीसगढ़ में आज कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों ने पदभार ग्रहण किया. राजधानी के गांधी मैदान स्थित जिला कांग्रेस भवन में रायपुर शहर समेत ग्रामीण के जिला अध्यक्षों ने पदभार ग्रहण किया. इस दौरान बड़ी संख्या में जिलों के पदाधिकारी और प्रदेश के पदाधिकारी शामिल हुए. इसी के साथ ही कांग्रेस पार्टी ने सभी पूर्व जिला अध्यक्षों को पद से मुक्त कर दिया है. इस दौरान पूर्व डिप्टी सीएम TS सिंहदेव ने मीडिया से बातचीत में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा- यह नियुक्ति कांग्रेस के मूल स्वरूप को बदलने वाली है. पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव ने कहा कि यह नियुक्ति कांग्रेस के मूल स्वरूप को बदलने वाली है. कोशिश है कि हम भी कैडर बेस्ड पार्टी खड़ा कर सकें. कांग्रेस में लोग केवल व्यक्ति से जुड़ने लगे थे, पार्टी से नहीं. अब संगठन आगे होगा, व्यक्ति थोड़ा पीछे रहेंगे. पूरा परिवर्तन लाने में थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन जितनी देर करते उतना पीछे रहते. पदभार ग्रहण के अवसर पर पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंह देव, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पीसीसी चीफ दीपक बैज और प्रदेश सह प्रभारी विजय जांगिड़ भी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. वहीं पश्चिम बंगाल में रखी जा रही बाबरी मस्जिद की नींव को लेकर भी पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आपने किसी से कोई चीज ले ली है. देश के कानून के अनुरूप भी नहीं ली. बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने धारा 142-143 लगाकर ले ली. उन लोगों की भावना आहत हुई है. ऐसा नहीं है कि वह देश के नागरिक नहीं रह गए. सबको अपने तौर तरीकों से पूजा अर्चना करने की आजादी है.

कार में ले जा रहे थे अवैध शराब! पुलिस ने लाखों की खेप पकड़ी, दो तस्कर गिरफ्तार

राजनांदगांव शराब तस्करी पर बसंतपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लाखों रुपए की मध्यप्रदेश निर्मित अवैध शराब जब्त की है। पुलिस के अनुसार आरोपी कार से भारी मात्रा में शराब को राजनांदगांव जिले में खपाने की कोशिश में था। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम ने आरके नगर इलाके में पॉइंट लगाया। जांच के दौरान संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली तो उसमें बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर बसंतपुर क्षेत्र में असामाजिक तत्वों एवं अवैध गांजा, शराब व नशीले पदार्थाें की बिक्री में संलिप्त लोगों के विरूद्व लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बसंतपुर थाना प्रभारी एमन साहू ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की छानबीन भी की जा रही है। बरामद शराब और वाहन को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अवैध शराब तस्करी के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा। पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम मनोज आचार्य निवासी बोरसी दुर्ग प्रगती मैदान एवं रोशन साहू निवासी धौराभांठा, धमधा जिला बेमेतरा का रहने वाला बताया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ राजनांदगांव, दुर्ग, महासमुन्द, रायगढ़, बलौदाबाजार, बेमेतरा में आपराधिक प्रकरण दर्ज है। जब्त शराब व कार, मोबाइल जुमला कीमत 7,46,414 रुपए है। इस मामले में पम्मे सरदार एवं अन्य की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

ग्रामीणों का शक्ति प्रदर्शन: सीमेंट परियोजना के विरोध में ट्रैक्टर रैली, SDM कार्यालय में उमड़ी भीड़

  खैरागढ़ जिले में प्रस्तावित श्री सीमेंट लिमिटेड की सण्डी चूना पत्थर खदान और सीमेंट परियोजना के खिलाफ जनविरोध चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के हजारों किसानों ने 200 से अधिक ट्रैक्टर–ट्रालियों के काफिले के साथ छुईखदान की ओर कूच किया। महिलाओं, युवाओं और बुज़ुर्गों की भारी भागीदारी ने विरोध को बड़े जनआंदोलन का रूप दिया। किसान हल्ला–बोल रैली को छुईखदान की सीमा से पहले ही पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण पैदल ही आगे बढ़ते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए 11 दिसंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई को तत्काल रद्द करने की मांग रखी। 39 गांवों का लिखित विरोध, पंचायतों ने भी सुनाई दो टूक बात प्रस्तावित खदान क्षेत्र के 10 किलोमीटर दायरे में आने वाले 39 गांवों ने लिखित आपत्ति दर्ज करते हुए परियोजना का विरोध किया है। सण्डी, पंडारिया, विचारपुर और भरदागोड़ पंचायतों ने अपने ग्रामसभा प्रस्तावों में स्पष्ट कहा है कि वे चूना पत्थर खदान को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि खदान खुलने पर जलस्रोत, कृषि, पशुपालन और पर्यावरण पर गंभीर खतरा मंडराएगा। ग्रामीणों का आरोप – जनसुनवाई की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं ग्रामसभा से शुरू हुआ यह विरोध अब गांवों की सीमाओं को पार कर विधायक कार्यालयों, युवा संगठनों और सामाजिक संस्थाओं तक पहुंच चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खदान से होने वाला प्रदूषण और विस्थापन उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार करेगा। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जनसुनवाई की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और प्रभावित गांवों की असल राय को शामिल नहीं किया गया। खदान के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया के तहत 11 दिसंबर को जनसुनवाई नियत है, लेकिन बढ़ते विरोध के बीच इसे लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। मांगों पर सहमति नहीं बनी होगा व्यापक आंदोलन किसानों का कहना है कि जब 39 गांव औपचारिक रूप से परियोजना को अस्वीकार कर चुके हैं तो जनसुनवाई का कोई औचित्य नहीं बचता। ग्रामीणों के व्यापक विरोध, पंचायतों की दो टूक आपत्तियों और राजनीतिक–सामाजिक संगठनों के समर्थन से यह आंदोलन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनी तो विरोध और भी व्यापक रूप ले सकता है। क्षेत्र में प्रस्तावित श्री सीमेंट परियोजना के खिलाफ उठ रही यह आवाज अब केवल पर्यावरण या भूमि से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि ग्रामीणों के अस्तित्व, आजीविका और भविष्य की सुरक्षा का संघर्ष बन चुकी है। हजारों किसानों का शक्ति प्रदर्शन यह साफ संदेश देता है कि स्थानीय जनता अपनी भूमि और जल स्रोतों के सवाल पर किसी तरह का समझौता करने के पक्ष में नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस समारोह में जवानों को दिया सेवा का मूलमंत्र

सेवा ही सम्मान है, अनुशासन ही पहचान है और राष्ट्रहित ही सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस समारोह में जवानों को दिया सेवा का मूलमंत्र कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य रैतिक परेड की ली सलामी, होमगार्ड जवानों की कर्तव्यनिष्ठा को सराहा मुख्यमंत्री बोले: आप केवल एक बल के स्वयंसेवक नहीं, बल्कि समाज का विश्वास व प्रदेश सरकार की शक्ति हैं हर थाने में होमगार्ड जवानों के लिए रूम होगा आरक्षित, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के लिए विभाग बनाकर भेजे प्रस्तावः मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड के जवानों को सेवा का मूलमंत्र देते हुए कहा कि सेवा ही सम्मान है, अनुशासन ही पहचान है तथा राष्ट्रहित ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शनिवार को उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य रैतिक परेड की सलामी ली और जवानों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपका अनुशासन, निष्ठा व त्याग हमारे समाज को सुरक्षित व संरक्षित बनाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है। आप केवल एक बल के स्वयंसेवक नहीं, बल्कि समाज के विश्वास के साथ ही प्रदेश सरकार की शक्ति हैं। इस अवसर पर उन्होंने होमगार्ड्स के विभिन्न मेडल प्राप्त अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि अब हर थाने में होमगार्ड जवानों के लिए रूम आरक्षित होगा, जिससें वह यूनिफॉर्म व आवश्यक कागजात को सुरक्षित रख सकेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग से कहा कि होमगार्ड के जवान को आयुष्मान भारत की तर्ज पर कैशलेस स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें, सरकार इसे आगे बढ़ाएगी। अनुशासन, समर्पण व सेवा भावना का प्रतीक उत्तर प्रदेश होमगार्ड स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जवानों व अधिकारियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड स्थापना दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण व सेवा भावना का प्रतीक है। आज यहां होमगार्ड संगठन के ऊर्जावान जवानों द्वारा अत्यंत उच्च कोटि की रैतिक परेड का प्रदर्शन किया गया है, जो होमगार्ड विभाग की क्षमता, उच्च अनुशासन और अनवरत परिश्रम को दर्शाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तारीफ करते हुए कहा कि कार्यक्रम में सम्मिलित सभी होमगार्ड जवान, जिनकी वेशभूषा, सेरिमोनियल ड्रेस, परिसर की साज-सज्जा और हरियाली, आकर्षक व सम्मोहित करने वाली है, जो किसी भी संगठन व फोर्स के लिए प्रेरणादायी क्षण होना चाहिए। जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक रहे केवल भारतीयता की भावना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भारत के संविधान के शिल्पी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का पावन महापरिनिर्वाण दिवस है। यह दिन प्रेरणा दिवस है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने प्रत्येक भारतीय को एक ही प्रेरणा दी कि हमारी पहचान परिवार, जाति, क्षेत्र व भाषा से नहीं, बल्कि जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक केवल भारतीयता की होनी चाहिए। इसी भारतीयता की पहचान का पालन हमें करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हर भारतवासी से कहा था कि यूनिफॉर्म धारी प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान हम सबके मन में होना चाहिए। यह तभी होगा जब इस प्रकार का प्रदर्शन व परिसर बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध दिखाई देंगे। इससे हर भारतीय के मन में श्रद्धा व सम्मान का भाव झलकेगा। सुरक्षा कवच की तरह बना हुआ है संबल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 6 दिसंबर 1963 को उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स की स्थापना हुई थी। तभी से यह संगठन सुरक्षा कवच की तरह उत्तर प्रदेश पुलिस बल का संबल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि राष्ट्रपति पदक से वर्ष 2024 में विशिष्ट सेवा के लिए 3, सराहनीय सेवाओं के लिए 11 तथा वर्ष 2025 में सराहनीय सेवाओं के लिए 3 जवानों को अलंकृत किया गया है। भारत सरकार द्वारा 38 कमेंडेशन डिस्क भी उत्तर प्रदेश के जवानों को मिले हैं। पहले होमगार्ड के जवानों को उपेक्षित कर दिया जाता था, लेकिन अब राष्ट्रपति व गृह मंत्रालय के सम्मान से भी पुरस्कृत किया जा रहा है। आपदा मित्रों की नियुक्ति का किया उल्लेख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड संगठन अब केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में नहीं है। पुलिस के साथ कानून-व्यवस्था व शांति का माहौल बनाए रखने में तो योगदान मिलता ही है, साथ ही यातायात संचालन, डायल 112, चुनाव के दौरान न केवल प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों में भी इनकी मांग होती है। जेल सुरक्षा, आपदा नियंत्रण, सार्वजनिक इमारतों की सुरक्षा, बड़े आयोजनों जैसे कि महाकुंभ तथा परीक्षाओं के सफल आयोजन में भी यह संगठन व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। प्रदेश में वर्तमान में आपदा मित्रों की नियुक्ति हो रही है और होमगार्ड विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर 4 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया है। होमगार्ड मित्र ऐप बना पारदर्शी व डिजिटल माध्यम महाकुंभ 2025 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि होमगार्ड के 14 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया था और सभी ने उनकी सराहना की थी। विभाग अपनी वेबसाइट व होमगार्ड मित्र ऐप के माध्यम से पारदर्शी व डिजिटल व्यवस्था विकसित कर रहा है, जिसके द्वारा उपस्थिति, ड्यूटी भत्ता, यूनिफॉर्म भत्ता और भुगतान की जानकारी आसानी से उपलब्ध करायी जा रही है। होमगार्ड जवानों के योगदान को करना होगा याद मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रदेश के पर्व-त्योहारों, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, आजादी के अमृत महोत्सव, तिरंगा मार्च, पर्यावरण व जल संरक्षण जैसे अभियानों में भी होमगार्ड विभाग महत्वपूर्ण योगदान देता है। इन सेवाओं को हमें याद रखना होगा। कोविड काल में नहीं की जान की परवाह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब अन्य राज्यों में फंसे हुए उत्तर प्रदेश के कामगारों व श्रमिकों को वापस लाने में कठिनाई थी, तब परिवहन विभाग के हर वाहन में 1-2 होमगार्ड जवानों को लगाया गया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित लाने में योगदान दिया। इसके बाद जब मैं पहली बार स्थापना दिवस कार्यक्रम में आया तो मैंने घोषणा की थी कि किसी भी जवान के बलिदान होने पर परिवार को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके तहत अब तक 2871 दिवंगत जवानों के आश्रितों … Read more

कोर जोन में सुरक्षा का विस्तार: बीजापुर–नारायणपुर के पहुंचविहीन गांव अब जुड़े

जगदलपुर एक ओर जहां जवान नक्सलियों के माड़ में घुसकर उन्हें मुहतोड़ जवाब देने के साथ ही उनके कोर जोन में लगातार सुरक्षा कैम्प का निर्माण कर रहे है, जवानों के इस हौसले और ग्रामीण क्षेत्रो में खुल रहे कैम्प से अब ग्रामीण भी राहत की सास ले रहे है, इसी तारतम्य में जवानों ने  नक्सलियों के सबसे सेफ जोन पल्लेवाया में नवीन कैम्प खोलकर ग्रामीणों को राहत पहुँचाया। बता दें कि दंतेवाड़ा जिले के पल्लेवाया में नवीन सुरक्षा कैम्प खोला गया, जिसके बारे में आला अधिकारियों ने बताया कि अति नक्सल प्रभावित बीजापुर तथा अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम पल्लेवाया में जिला दंतेवाड़ा पुलिस तथा CRPF 165 वी वाहिनी द्वारा नया फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (F.O.B.) कैम्प खोला गया है, इसे छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजना नियद नेल्लानार के तहत इस क्षेत्र के ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने एवं शासन की योजनाओं से लाभ पहुँचाने के  उद्देश्य से खोला गया है, यह इलाका कोई समय मे  माओवादियों के कोर जोन के रूप में पहचान बना चुका था, जिसको देखते हुए आला अधिकारियों के द्वारा यह कैंप स्थापित किया गया है, इस कैंप की स्थापना से जिला बीजापुर तथा नारायणपुर के अब तक पहुंचविहीन गांवों को जोड़ा गया है, पल्लेवाया कैम्प से आसपास के ग्रामीणों को अब सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य केंद्र, पीडीएस दुकानें, शिक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी,  नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना और वर्तमान में तमाम विपरीत परिस्थिति के बावजूद सुरक्षा बलों द्वारा निर्माण कार्य की गति में कोई कमी नहीं आई है। कैंप स्थापना के दौरान नक्सली स्मारक भी ध्वस्त किए गए, सभी जवान, जनता के हित को ध्यान में रखते हुए दिन-रात मेहनत करके उन्हें सभी आधारभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, यह एफओबी कठिन परिस्थितियों के बीच कैम्प स्थापित किया गया, इस बेस की स्थापना अबूझमाड़ के भीतरी हिस्सों में, जो लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद (LWE) से प्रभावित रहे हैं, सुरक्षा और शासन की पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

मौसम अलर्ट: छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान 7°C, जानिए अगले तीन दिनों का हाल

  रायपुर छत्तीसगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। अम्बिकापुर में तापमान 6-7°C पहुंच गया है। वहीं रायपुर में 12-13°C और दुर्ग में 11-12 °C के आसपास न्यूनतम तापमान चल रहा है। वहीं मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिन तक इस तापमान में कोई विशेष बदलाव होने की संभावना नहीं जताई है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो सबसे ज्यादा तापमान 27.8 °C जगदलपुर और सबसे कम न्यूनतम तापमान 07.4°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया है। स्थिति को देखते हुए लोकल प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था की है। रायपुर में नगर निगम ने कई जगह अलाव की व्यवस्था की है। रायगढ़ में बढ़ सकती है ठंड रायगढ़ जिले में तापमान लगातार कम हो रहा है। 5 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। आसमान में बादल छाए रहने के कारण दिन में भी हल्की ठंड महसूस हो रही है। पिछले दो दिनों में ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान और गिरने की उम्मीद है। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।