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महिलाओं के लिए रजिस्ट्री हुई सस्ती और आसान, 50% शुल्क छूट से नम्रता-प्रिया को बचाए ₹30 हजार

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी विष्णु भैया के विजन के अनुरूप पंजीयन व्यवस्था में किए गए सुधारों से नागरिकों के समय और धन की हो रही बचत महज 30 मिनट में हुई रजिस्ट्री, नम्रता और प्रिया को मिली 30 हजार रुपये की आर्थिक राहत महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट और 0.6 प्रतिशत उपकर समाप्त होने से कम हुआ रजिस्ट्री का खर्च समय और धन की हुई बचत —राजनांदगांव की दो महिलाओं ने साझा किए पंजीयन व्यवस्था में बदलाव के अनुभव रायपुर कभी संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए घंटों इंतजार और अधिक खर्च की चिंता रहती थी, लेकिन अब पंजीयन व्यवस्था में किए गए सुधारों से नागरिकों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है। राजनांदगांव की श्रीमती नम्रता खंडेलवाल और श्रीमती प्रिया खंडेलवाल ने इस बदलाव को स्वयं महसूस किया। संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पहुंचीं दोनों महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत और 0.6 प्रतिशत उपकर समाप्त होने से कुल करीब 30 हजार रुपये की आर्थिक राहत मिली। वहीं, उप-पंजीयक कार्यालय में पंजीयन की पूरी प्रक्रिया महज 30 मिनट में पूरी हो गई। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में दोनों महिलाओं ने इस सुखद अनुभव को साझा किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए विभिन्न सुधार किए गए हैं। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर शुल्क में रियायत, उपकर की समाप्ति और तकनीक आधारित सुविधाओं के विस्तार से नागरिकों को प्रत्यक्ष आर्थिक राहत मिलने के साथ रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी आसान हुई है। रजिस्ट्री में 30 हजार रुपये की बचत, दोनों महिलाओं के चेहरे पर आई खुशी श्रीमती नम्रता खंडेलवाल और श्रीमती प्रिया खंडेलवाल ने बताया कि महिला क्रेता होने के कारण उन्हें पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत मिली। महिलाओं के पक्ष में संपत्ति अंतरण संबंधी दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। इसके साथ ही राज्य शासन द्वारा 0.6 प्रतिशत उपकर समाप्त किए जाने का लाभ भी उन्हें मिला। इन दोनों रियायतों के कारण संपत्ति पंजीयन पर होने वाला कुल खर्च कम हुआ और उन्हें करीब 30 हजार रुपये की बचत हुई। दोनों महिलाओं ने इस आर्थिक राहत को उपयोगी बताते हुए कहा कि शुल्क में कमी से अपने नाम संपत्ति की रजिस्ट्री कराना अधिक किफायती हुआ है। प्रिया ने बताया—सिर्फ 30 मिनट में पूरा हो गया रजिस्ट्री का कार्य श्रीमती प्रिया खंडेलवाल ने पंजीयन प्रक्रिया में आए बदलाव के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उप-पंजीयक कार्यालय में उनकी रजिस्ट्री और उससे संबंधित प्रक्रिया लगभग 30 मिनट में पूरी हो गई। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल भुगतान और तकनीक आधारित अन्य सुविधाओं के कारण उन्हें पंजीयन कराने में आसानी हुई। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक हुई है। कम समय में काम पूरा होने से अनावश्यक इंतजार और कार्यालयीन दौड़भाग से भी राहत मिली। डिजिटल सुविधाओं से रजिस्ट्री हुई आसान, नामांतरण की प्रक्रिया भी हुई सरल पंजीयन विभाग द्वारा तकनीक आधारित सुधारों के माध्यम से संपत्ति पंजीयन की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाया जा रहा है। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट से नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार पंजीयन के लिए समय निर्धारित कर सकते हैं। वहीं, ऑनलाइन भुगतान की सुविधा से पंजीयन शुल्क का भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जा सकता है। इसके साथ ही आधार आधारित पहचान सत्यापन और डिजिटल दस्तावेज जैसी व्यवस्थाओं से पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिल रही है। ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत संपत्ति की रजिस्ट्री होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे नागरिकों को नामांतरण के लिए अलग से आवेदन और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हो रही है। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को मिल रहा प्रोत्साहन राज्य शासन द्वारा महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत से संपत्ति पंजीयन का आर्थिक भार कम हुआ है। यह पहल महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने और उसका विधिवत पंजीयन कराने को प्रोत्साहित कर रही है। संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ना उनकी आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। श्रीमती नम्रता खंडेलवाल और श्रीमती प्रिया खंडेलवाल को मिली करीब 30 हजार रुपये की आर्थिक राहत इसी व्यवस्था का प्रत्यक्ष उदाहरण है। शुल्क में छूट के साथ कम समय में रजिस्ट्री पूरी होने से दोनों महिलाओं को दोहरा लाभ मिला। नम्रता और प्रिया की कहानी—सुशासन से मिली दोहरी राहत श्रीमती नम्रता खंडेलवाल और श्रीमती प्रिया खंडेलवाल ने पंजीयन शुल्क में रियायत तथा डिजिटल सुविधाओं से मिले लाभ के लिए छत्तीसगढ़ शासन और पंजीयन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शुल्क में राहत और कम समय में पंजीयन की सुविधा से उनका अनुभव पहले की तुलना में बेहतर रहा। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर सुधारों के जमीनी प्रभाव, अनुभव और सुझाव संकलित कर रहा है। राजनांदगांव की नम्रता और प्रिया की यह कहानी बताती है कि नागरिक सेवाओं में किए गए सुधारों का वास्तविक महत्व तब सामने आता है, जब उनका लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचता है। महज 30 मिनट में रजिस्ट्री और करीब 30 हजार रुपये की आर्थिक बचत उनके लिए केवल प्रशासनिक सुधार का परिणाम नहीं, बल्कि समय, धन और अनावश्यक परेशानी से मिली राहत का अनुभव है।

मुख्यमंत्री ने कहा – न चौक का नाम बदल रहे हैं, न उसके मूल स्वरूप से कोई छेड़छाड़ की जा रही है

तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा, किसी तरह का भ्रम न रखें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश के 38 स्थानों पर विकसित होंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’, तेलीबांधा चौक भी इनमें शामिल मुख्यमंत्री ने कहा – न चौक का नाम बदल रहे हैं, न उसके मूल स्वरूप से कोई छेड़छाड़ की जा रही है महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त होगी जारी, दुर्ग जिले को मिलेंगी विकास कार्यों की सौगात रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर उत्पन्न भ्रम को स्पष्ट करते हुए कहा है कि तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा है। न तो चौक के नाम में कोई परिवर्तन किया जा रहा है और न ही उसके मूल स्वरूप के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश में 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के तहत विकसित किए जाने की घोषणा की गई है। इनमें रायपुर का तेलीबांधा चौक भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर किसी को भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। तेलीबांधा चौक का नाम यथावत रहेगा, इसे केवल ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की भावना के अनुरूप विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी इसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में आज दुर्ग में आयोजित ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में वे शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए संचालित महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दुर्ग जिले को इस अवसर पर विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों की सौगात भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन और जनकल्याण की भावना के साथ राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

स्कूलों के निरीक्षण में खुली पोल, Bilaspur में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में मिली खामियां

बिलासपुर. जिले के स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। संयुक्त संचालक शिक्षा अश्विनी भारद्वाज ने बिल्हा, चकरभाठा, हरदी और हिर्री क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति, निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार अध्यापन नहीं होने और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान चकरभाठा कन्या स्कूल में प्राचार्य समेत कई शिक्षकों की अनुपस्थिति मिली। स्कूल में कुल 17 व्याख्याताओं में से केवल 4 ने निर्धारित कालखंड में अध्यापन कराया। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार कक्षाएं नहीं लेने पर संयुक्त संचालक ने प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा है। आत्मानंद स्कूल में भी कार्रवाई के निर्देश बिल्हा स्थित आत्मानंद स्कूल के निरीक्षण के दौरान संकुल समन्वयक द्वारा नियमित रूप से अध्यापन नहीं किए जाने की बात सामने आई। इस पर संयुक्त संचालक ने संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए और स्कूल की शिक्षण व्यवस्था में सुधार करने को कहा। हरदी प्राथमिक शाला में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं मिली। इस पर भोजन तैयार करने वाले समूह और प्रधान पाठक को चेतावनी दी गई। साथ ही भोजन की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संलग्नीकरण को लेकर भी जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान स्कूलों में कर्मचारियों के संलग्नीकरण को लेकर भी संयुक्त संचालक ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए और शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। संयुक्त संचालक ने स्पष्ट किया कि स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, समय-सारिणी के अनुसार अध्यापन और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरता और सक्रियता से दायित्वों का करें निर्वहन – अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं के प्रभावी व समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरता और सक्रियता से दायित्वों का करें निर्वहन – अरुण साव त्योहारों के पहले सड़कों की मरम्मत पूर्ण कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश रायपुर.  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में सरगुजा और सूरजपुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभागीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। सरगुजा के कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल और सूरजपुर की कलेक्टर श्रीमती रेना जमील भी बैठक में मौजूद थीं। योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने चारों विभागों के अधिकारियों से योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने तथा कार्यों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यालय की व्यवस्था सुधारने तथा अच्छी साफ-सफाई रखने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरतापूर्ण ढंग से दायित्वों का निर्वहन करें।  निर्माणाधीन पीएम आवासों को अक्टूबर तक पूर्ण करने कहा उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नगरीय निकायों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे शहर, हमारे प्रदेश की छवि और जिले की प्रतिष्ठा बनाते हैं। इसलिए नगरों की व्यवस्था दुरुस्त करें, स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।  उन्होंने अधिकारियों से कहा कि टेण्डर प्रकिया होने के बाद तुरंत कार्य शुरू हो जाएं, प्रगतिरत कार्यों को जल्द पूरा करें, गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और अपने दायित्वों का गम्भीरता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) प्राथमिकता का कार्य है, इसलिए सभी सीएमओ अक्टूबर माह तक प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा करें। उन्होंने राजस्व संग्रहण कार्य की हर माह समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद के कार्यों, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), 15वें वित्त आयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।  ’सड़कों की मरम्मत में लाएं तेजी’ उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने को कहा।  साव ने भवनों, सड़कों, पुल-पुलियों तथा अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अधोसंरचना से जुड़े कार्यों का सीधा प्रभाव आम लोगों के आवागमन पर पड़ता है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। आने वाला समय त्यौहारों का समय है, इसलिए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य हो, लोगों को असुविधा न हो।  पेयजल अधोसंरचनाओं के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान पेयजल एवं अन्य योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था, जलापूर्ति से संबंधित कार्यों तथा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, जल स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पेयजल से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने को कहा। उन्होंने पेयजल से संबंधित अधोसंरचना के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। ’प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं’ उप मुख्यमंत्री ने बैठक में खेल गतिविधियों, खेल अधोसंरचना तथा युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं। खेल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ एवं शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने स्कूलों के संकुलवार एक-एक पीटीआई को खेल गतिविधियां संचालित करने के लिए चिन्हांकित करने को कहा। उन्होंने सरगुजा ओलंपिक के लिए किए जा रहे पंजीयन की भी जानकारी ली। उन्होंने इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने, खेल संघों, खेल से जुड़े लोगों को शामिल करने तथा अधिक से अधिक लोगों को हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल स्वास्थ्य, अनुशासन, आत्मविश्वास, मिलकर चलने का स्वभाव, रचनात्मकता की प्रेरणा देता है। इसलिए युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास करें। सरगुजा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरोमा श्रीवास्तव, सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले और अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त विनय कुमार अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में नर्सों का आंदोलन तेज, दो सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन

राजनांदगांव. पिछले दिनों इंटर्न डाक्टरों की हड़ताल से पहले ही स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई है। वही एक बार फिर नर्सों ने आंदोलन छेड़ दिया है। जिससे फिर से स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर प्रभावित हो रही है। विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रही नर्सों का कहना है कि दो सूत्रीय मांगों के लिए हड़ताल जारी है। नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के बैनर तले अपनी 2 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। नर्सों ने बताया कि, ग्रेड पर बने प्रस्ताव को लागू करने, संविदा और दैनिक वेतनभोगी स्टाफ नर्सेज को वर्तमान कार्यरत अस्पतालों में नियमित करने की मांग पर मंगलवार से हड़ताल जारी है। मांगों पर आवाज बुलंद करते नर्सेज ने मेडिकल कॉलेज के सामने नारेबाजी की। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों की जांच, इलाज, देखभाल का काम प्रभावित रहा। 2018 से कर रहे मांग नर्सिंग आफिसर्स एसोसिएशन के प्रातांध्यक्ष डां रीना राजपूत ने बताया कि, रायपुर में सांकेतिक हड़ताल कर नारेबाजी की थी। वहीं 28 से 33 के बीच कोरबा, अंबिकापुर, महासमुंद में प्रदर्शन किया लेकिन मांगे पूरी नहीं हो सकी। 7 अक्टूबर को काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया गया। 8 अक्टूबर को स्कूटी रैली निकाली जाएगी। दिवाली से पहले मांग पूरी करने की मांग की है। उनके द्वारा वर्ष 2018 से लगातार मांग की जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सतत निगरानी और जांच

विष्णु के सुशासन में जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वाेपरि, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन सख्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सतत निगरानी और जांच फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच की बिक्री एवं वितरण पर तत्काल रोक, गौरेला में पनीर का नमूना जांच में पाया गया असुरक्षित विष्णु भैया की सरकार में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों को प्राथमिकता, खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण और नमूना संकलन की कार्रवाई जारी रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की सघन निगरानी की जा रही है। खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, खाद्य सामग्री के नमूनों का संकलन और प्रयोगशाला जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के माध्यम से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों की रक्षा के प्रयास किए जा रहे हैं। विष्णु के सुशासन में जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जांच में निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच की बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें तथा प्रतिबंधित बैच के उत्पाद का विक्रय एवं वितरण नहीं करें। पनीर की जांच में मिली अनियमितता, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा गौरेला में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के माध्यम से पनीर का विधिवत नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया था। प्राप्त जांच प्रतिवेदन में वेजिटेबल फैट की मात्रा निर्धारित सीमा से 77 प्रतिशत अधिक पाए जाने के आधार पर खाद्य विश्लेषक द्वारा संबंधित पनीर को असुरक्षित घोषित किया गया है। जांच में सामने आई इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही द्वारा फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच क्रमांक FAMD50059A की जिले में बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को आदेश का कड़ाई से पालन करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री का विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच का दायरा बढ़ा, विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूना संकलन की कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में गृहस्थी सुपर बाजार से मैगी एवं साबूदाना तथा 786 बिरयानी सेंटर और हरी कन्फेक्शनरी से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संकलित किए गए हैं। संकलित नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो और उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाया जा सके। खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर, कारोबारियों को दिए आवश्यक निर्देश राज्य सरकार की जनस्वास्थ्य संरक्षण संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय के दौरान स्वच्छता तथा गुणवत्ता संबंधी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से संबंधित अनियमितताओं को गंभीरता से लिया जाएगा। जांच में अमानक अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण एवं नमूना परीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील विष्णु भैया की सरकार की जनहितकारी प्राथमिकताओं के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, निर्माण तिथि, अवसान तिथि, गुणवत्ता तथा लेबल पर अंकित आवश्यक विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करें। नागरिकों को संदिग्ध गुणवत्ता वाले, खराब पैकेजिंग वाले अथवा निर्धारित अवधि समाप्त हो चुके खाद्य पदार्थों की खरीद और सेवन से बचने की सलाह दी गई है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की आशंका होने पर संबंधित विभाग को जानकारी देने की भी अपील की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जिले में खाद्य सुरक्षा संबंधी निगरानी, निरीक्षण और जांच की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करते हुए नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।

सड़क निर्माण में लापरवाही पर भड़कीं दुर्ग महापौर, अधिकारियों को लगाई फटकार

दुर्ग. नगर निगम दुर्ग के निर्माण कार्य में लगातार गड़बड़ी मिल रही है। इस गड़बड़ी को उजागर करने में महापौर अलका बाघमार की भूमिका महत्वपूर्ण है। वे लगातार निर्माण कार्यों पर निगरानी रख रही है। ताजा मामले में दुर्ग सीमा अंतर्गत गया नगर वार्ड 5 महर्षि स्कूल लाइन में चल रहे सीमेंटीकरण सड़क निर्माण कार्य का बुधवार को महापौर अलका बाघमार ने औचक निरीक्षण किया। क्षेत्रवासियों से प्राप्त शिकायत को महापौर ने गंभीरता से लेते हुए निर्माण स्थल पर पहुंचकर सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता, मोटाई एवं निर्माण की प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया। महापौर ने निर्माणाधीन सीमेंटीकरण सड़क की मोटाई की जांच कराई। जांच में सामने आया कि सड़क का निर्माण निर्धारित मापदंड के अनुसार 6 इंच मोटाई में किया जाना है, जबकि मौके पर 2.50 से 3 इंच तक ही निर्माण की स्थिति सामने आई। महापौर अलका बाघमार ने यह भी देखा कि सड़क निर्माण के दौरान दोनों ओर निर्धारित चैनल का भी समुचित निर्माण नहीं किया जा रहा था । निर्माण कार्य में इस प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर महापौर ने मौके पर ही नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्य निर्धारित मापदंड, तकनीकी स्वीकृति एवं गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ ही कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण का लाभ लंबे समय तक आम नागरिकों को मिलना चाहिए, इसलिए कार्य केवल पूरा करना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि गुणवत्ता भी बेहतर होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रख्यात अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर जताया शोक

नाना पाटेकर ने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को किया समृद्ध: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रख्यात अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर जताया शोक सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया नाना पाटेकर ने: सीएम लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रख्यात अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताया। मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर लिखा कि प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार एवं संवेदनशील समाजसेवी 'पद्म श्री' नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि नाना पाटेकर ने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और अपने सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।

दुर्ग को बड़ी सौगात: साइंस सिटी से निखरेगी नई वैज्ञानिक पीढ़ी

दुर्ग. दुर्ग में शिक्षा के नए नए आयामों को लगातार अंजाम दिया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की विशेष पहल से अब साइंस सिटी विकसित होने जा रही है। पद्मनाभपुर स्थित शासकीय नवीन स्कूल में साइंस सिटी निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिला शिक्षा विभाग प्रस्तावित बजट में साइंस सिटी पर 1 करोड़ 70 लाख के खर्च का आंकलन किया गया है। दरअसल, साइंस सिटी एक ऐसा बड़ा विज्ञान केंद्र या परिसर होता है, जहां मनोरंजन के साथ-साथ विज्ञान और तकनीक की शिक्षा दी जाती है। यहां लोग, विशेषकर बच्चे, विज्ञान के नियमों को खेल-खेल में और प्रयोगों के जरिए आसानी से समझ सकते हैं। गजेंद्र यादव की इस पहल से साइंस के बच्चों को एक नई दिशा मिलेगी। भारत में कोलकाता स्थित साइंस सिटी सबसे बड़ा और पहला प्रमुख विज्ञान केंद्र है, इसलिए कोलकाता को ‘भारत का साइंस सिटी’ भी कहा जाता है। इसके अलावा अहमदाबाद (गुजरात) और कपूरथला (पंजाब) में भी प्रसिद्ध साइंस सिटी बने हुए हैं। रायपुर में भी साइंस सेंटर विकसित की गई है इनकी मुख्य विशेषताओं में मनोरंजन और ज्ञान यह सिर्फ एक शांत संग्रहालय नहीं होता, बल्कि यहां थ्रीडी थिएटर, स्पेस शो और चलती-फिरती प्रदर्शनियां होती हैं। इंटरएक्टिव मॉडल के तहत यहां आगंतुकों को विज्ञान से जुड़े मॉडलों को खुद छूने और इस्तेमाल करने का मौका मिलता है। जाहिर है दुर्ग में साइंस सिटी के विकसित होने से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक अभिरुचि बढ़ेगी।

सिंगापुर दौरे से छत्तीसगढ़ को मिली बड़ी सौगात, ₹43,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव और वैश्विक साझेदारियां

रायपुर : ₹43,600 करोड़ की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धताएं, कौशल विकास समझौता और वैश्विक साझेदारियां : छत्तीसगढ़ के लिए उपलब्धियों से भरा रहा सिंगापुर दौरा तीन दिनों की लगातार बैठकों और संवाद से निवेश, कौशल विकास तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए द्वार खुले रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर की सफल यात्रा के बाद आज रायपुर लौटा। तीन दिवसीय इस दौरे में प्रदेश को ₹43,600 करोड़ की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धताएं प्राप्त हुईं। किसी एक विदेश यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ को मिले यह अब तक के सबसे बड़े निवेश प्रतिबद्धताओं में शामिल हैं। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा प्रथम ‘सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम-2026’ में भागीदारी के लिए देश से केवल छत्तीसगढ़ और हरियाणा का चयन किया गया था। सिंगापुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ ने ₹41,750 करोड़ के एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस के निवेश प्रस्ताव के साथ कौशल विकास के क्षेत्र में ITE Education Services, Singapore के साथ महत्वपूर्ण एमओयू किया। वहीं Gardens by the Bay और Mandai Wildlife Group जैसी विश्वस्तरीय संस्थाओं के साथ हरित विकास, पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। एआई डेटा सेंटर से सौर ऊर्जा और कृषि प्रसंस्करण तक बड़े निवेश सिंगापुर की Energy Capital Global (ECG) ने छत्तीसगढ़ में 100 मेगावाट क्षमता का एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने के लिए ₹41,750 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह परियोजना प्रदेश को देश की उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था और आधुनिक डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ी पहल साबित हो सकती है। इसी प्रकार Sunstream Green Energy Pvt. Ltd. को सोलर क्षेत्र के साथ साथ 300 मेगावाट की सम्बन्धित बैटरी स्टोरेज और कंपोनेंट्स के लिए ₹1,500 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्ताव भी प्रस्ताव हुआ। वहीं 22 देशों में कार्यरत वैश्विक एग्रीबिजनेस समूह Valency International Pte Ltd को ₹350 करोड़ के एकीकृत एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए निवेश आमंत्रण दिया गया। इससे प्रदेश में कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन मजबूत होने के साथ किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के नए अवसर बनेंगे। इन निवेश प्रस्तावों का लाभ प्रदेश के विभिन्न वर्गों तक पहुंचेगा। युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-टेक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक उद्योगों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे। स्थानीय स्टार्टअप और एमएसएमई को बड़ी वैश्विक कंपनियों के सप्लायर और बिजनेस पार्टनर के रूप में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, वहीं प्रदेश के किसानों और कृषि उत्पादों की पहुंच वैश्विक बाजार तक बढ़ेगी। युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप मिलेगा कौशल प्रशिक्षण भविष्य के उद्योगों के लिए प्रदेश के युवाओं को तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने ITE Education Services, Singapore के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए एमओयू किया। इसके अंतर्गत उद्योगों की जरूरत के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने, तकनीकी प्रशिक्षण को मजबूत करने और युवाओं के लिए कौशल से रोजगार तक बेहतर अवसर विकसित करने पर काम किया जाएगा। SING Forum में दुनिया के सामने रखी छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा Singapore Business Federation (SBF) द्वारा आयोजित SING Forum-2026 में छत्तीसगढ़ ने निवेश, उद्योग और विकास के क्षेत्र में अपनी नई संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। फोरम में सिंगापुर की विदेश मंत्रालय तथा व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की राज्य मंत्री सुGan Siow Huang, SBF के चेयरमैन Mark Lee, सीईओ Kok Ping Soon सहित Mastercard, Nestlé और IHCL (Taj Hotels) जैसी प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। फोरम के दौरान आयोजित ‘फायरसाइड चैट’ में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश में आने वाला प्रत्येक निवेश रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का माध्यम बने। सिंगापुर के विदेश मंत्री से मुलाकात, राज्य स्तर पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा मुख्यमंत्री साय ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. Vivian Balakrishnan से सौजन्य भेंट की। इस दौरान भारत-सिंगापुर के मजबूत संबंधों को राज्य स्तर पर और विस्तार देने तथा निवेश, कौशल विकास, शहरी नियोजन और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ और सिंगापुर के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। 15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के साथ सीईओ राउंडटेबल मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में आयोजित सीईओ राउंडटेबल में TCS, SMBC, Tolaram Group और Agrocorp सहित 15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ में निवेश और भविष्य की व्यावसायिक साझेदारियों की संभावनाओं पर विस्तार से संवाद हुआ। Global Finance & Technology Network (GFTN) के साथ हुई चर्चा में प्रदेश के युवाओं को एआई और डिजिटल फाइनेंस का प्रशिक्षण देने तथा छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों और बाजारों तक पहुंच दिलाने की संभावनाओं पर विचार किया गया। Aquatech Pacific Holdings Pte Ltd के साथ प्रदेश के उद्योगों के लिए अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा हुई, जबकि Adroit Overseas Pte Ltd ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं में रुचि दिखाई। हरित विकास और पर्यटन के क्षेत्र में भी वैश्विक साझेदारी की पहल सिंगापुर यात्रा के दौरान Gardens by the Bay और Mandai Wildlife Group के साथ हुई बैठकों ने छत्तीसगढ़ में हरित विकास, जैव विविधता संरक्षण और पर्यटन के लिए सहयोग के नए रास्ते खोले हैं। Gardens by the Bay के अनुभव और विश्वस्तरीय कार्यप्रणाली का उपयोग नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन विकसित करने तथा प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बेहतर और अधिक हरित सार्वजनिक स्थल तैयार करने में किया जा सकेगा। Mandai Wildlife Group के साथ नंदनवन जंगल सफारी को विश्वस्तरीय वन्यजीव पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस दिशा में सहयोग से प्रदेश में पर्यटन को नई गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी तैयार होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिंगापुर यात्रा को छत्तीसगढ़ की वैश्विक निवेश यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा, “इस यात्रा ने दुनिया के सामने यह स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। हम निवेश प्रस्तावों के साथ नई साझेदारियां और आगे बढ़ने का स्पष्ट रोडमैप लेकर लौटे हैं। अब … Read more