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यातायात नियम तोड़ने वालों पर कड़ी निगरानी, 30.55 करोड़ का भारी जुर्माना

रायपुर छत्तीसगढ़ में वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता ही जा रहा है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल जनवरी से सितंबर के बीच वाहन चालकों से 19 करोड़ 96 लाख रुपए वसूले गए, लेकिन इस साल इसी अवधि में चालानी रकम बढ़कर 30 करोड़ 55 लाख रुपए हो गई है. राज्य पुलिस मुख्यालय ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाईयों का जो आंकड़ा जारी किया है, उससे यह तथ्य सामने आया है. मोटे तौर पर देखने से साफ होता है कि पुलिस वाहन चालकों, खासकर दुपहिया और मध्यम आकार के गैर व्यावसायिक वाहन चलाने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाईयां तेज कर रही है. एक तरफ पुलिस सड़क पर लोगों की सुरक्षा के नाम पर ये कार्रवाईयां कर रहीं है, दूसरी ओर राज्य में हर साल रोड एक्सीडेंट की संख्या और उनमें जान गंवाने वालों की संख्या भी बढ़ रही है. धमतरी, रायगढ़, जशपुर नारायणपुर में कसा शिकंजा छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में जनवरी से लेकर सितंबर तक के आंकड़ों से ये साफ होता है कि पुलिस और उससे जुड़े यातायात पुलिस के अमले सड़कों पर यातायात को आसान बनाने लोगों को सुविधा देने की जगह केवल और केवल चालानी कार्रवाईयों पर जो दे रहे हैं. राज्य के 33 जिलों में 2024 की तुलना में कितनी अधिक कार्रवाईयां तेज हुई हैं, उसका प्रमाण पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों से होता है. 2024 के मुकाबले 2025 में किस जिले में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई है. धमतरी में 175.60 प्रतिशत, रायगढ़ में 138.85 प्रतिशत, जशपुर जिले में 131.85 प्रतिशत, नारायणपुर में 117.36 प्रतिशत जऔर दुर्ग जिले में 100 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. कुछ जिलों में कमी भी राज्य के कुछ जिलों में चालानी कार्रवाई पिछले साल के मुकाबले कम हुई है. जिन जिलों में यह कमी आई है, उनमें सारंगढ़ बिलाईगढ़ गौरेला-पेड्रा-मरवाही, कांकेर, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम शामिल हैं. कुल मिलाकर पुलिस वो पिछले खल सभी तरह के वाहनों के चालान के 4 लाख 51 हजार 49 प्रकरण बजाए थे, जबकि इस साल 6 लाख 86 हजार 983 प्रकरण बने हैं. चालानी कार्रवाई में यह वृद्धि 52.31 प्रतिशत है.

धान खरीदी तिहार सुचारू और पारदर्शी, भिट्ठी कला के किसानों ने जताया विश्वास

3100 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य से किसानों को सीधा लाभ रायपुर,  प्रदेश में इस वर्ष धान खरीदी तिहार पूरी तरह सुगमता, पारदर्शिता और सुव्यवस्था के साथ संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में राज्य के सभी धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित किए जाने से किसानों में उत्साह और विश्वास का माहौल है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत भिट्ठी कला स्थित आदिमजाति सहकारी मर्यादित समिति मेंड्राकला में धान विक्रय करने पहुँचे किसान इस वर्ष की खरीदी व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट दिखाई दिए। किसानों ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुचारू, सुविधाजनक और पारदर्शी है। किसान बनकेश्वर राम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान मूल्य से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र में तुलाई, नमी परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएँ बिना किसी कठिनाई के पूरी हुईं, जिससे खरीदी का अनुभव सहज रहा। उपार्जन केंद्र में उपलब्ध सुव्यवस्थित व्यवस्था देखकर किसान बनकेश्वर राम ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों—बारदाना उपलब्धता, पारदर्शी तुलाई, त्वरित भुगतान प्रणाली और लगातार निगरानी—ने किसानों के बीच प्रक्रिया के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है।

छत्तीसगढ़ में बड़ी कामयाबी: 48 लाख के इनामी 15 सक्रिय माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

सुकमा छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों को सफलता मिल रही है। इसी क्रम में आज सुकमा जिले में एक और बड़ी कामयाबी मिली है, जहां 15 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इन सभी पर 48 लाख रुपये के इनाम घोषित था। आत्मसमर्पित माओवादियों में PLGA बटालियन-01 के 4 हार्डकोर सदस्य भी शामिल हैं। हार्डकोर नक्सली भी किये सरेंडर आत्मसमर्पण करने वालों में PPCM के 4, SCM के 2, पार्टी सदस्य 3 और अन्य 8 सदस्य शामिल हैं। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष माओवादी हैं। इन सभी पर मिलाकर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें 4 माओवादियों पर 8-8 लाख, 2 पर 5-5 लाख, 1 पर 3 लाख, 1 पर 2 लाख, 1 पर 1 लाख का इनाम था। आत्मसमर्पित माओवादियों ने ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ और पुना मुर्गम योजना से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ा है। इसके साथ ही तर्रेम और अंसदरी क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंपों की बढ़ी मौजूदगी ने भी उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया। इस आत्मसमर्पण अभियान में जिला पुलिस बल, DRG, RAF, CRPF (02, 212, 217, 223 बटालियन), COBRA 207 और विभिन्न इंटेलिजेंस एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग को नई गति मिलेगी, सीएम साय ने चिराग पासवान से की रणनीतिक बातचीत

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री चिराग पासवान से उनके कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े अनेक जनहित विषयों पर रचनात्मक और सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से राज्य में खाद्य सुरक्षा, कृषि-आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ में की जाए, ताकि राज्य के युवाओं को आधुनिक खाद्य तकनीक, उद्यमिता तथा नए रोजगारों से संबंधित उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि दृष्टि से छत्तीसगढ़ एक मजबूत राज्य है और यहां ऐसे संस्थान से हजारों छात्रों, किसानों तथा खाद्य-आधारित उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस प्रस्ताव को अत्यंत सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि वे इस विषय पर हर संभव सहयोग देंगे और इसे गंभीरता से विचार में लेंगे। रायपुर में वर्ल्ड फूड इंडिया का रीजनल समिट कराने का किया आग्रह मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह भी अनुरोध किया कि वर्ल्ड फूड इंडिया के रीजनल समिट का आयोजन रायपुर में किया जाए। उन्होंने कहा कि रायपुर की समृद्ध खाद्य परंपरा, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और विविधता ऐसे आयोजन के लिए आदर्श गंतव्य बनाती है। यह फेस्टिवल क्षेत्रीय पाक-परंपराओं को वैश्विक पहचान देगा और नए खाद्य-आधारित उद्यमों के लिए बड़े अवसर उत्पन्न करेगा। सीएम साय ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली के वर्ल्ड फूड इंडिया अथवा गुवाहाटी के नॉर्थ ईस्ट फूड फेस्ट की तर्ज पर हर दो वर्ष में आयोजित किया जाए। प्रदेश में फूड इर्रेडिएशन यूनिट के लिए केंद्र से मांगा सहयोग मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद्य वस्तुओं की जांच के लिए फूड टेस्टिंग लैब तथा खाद्य उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए फूड इर्रेडिएशन यूनिट स्थापित की जानी है, जिनके लिए राज्य केंद्र से सहयोग चाहता है। उन्होंने कहा कि धान तथा फल–सब्जी आधारित उद्योगों में बड़े निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को व्यापक गति मिलेगी। साय ने जानकारी दी कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को विशेष महत्व दिया गया है और निवेशकों को अनेक अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत Drools कंपनी द्वारा छत्तीसगढ़ में ₹1,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और इसका लाभ ग्रामीण व आदिवासी समुदायों तक पहुंचेगा। राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित होगा छत्तीसगढ़ सीएम ने यह भी कहा कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित करना है, जिससे तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा। आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 का सपना इन्हीं प्रयासों के माध्यम से साकार होगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत एवं इन्वेस्टमेंट कमिश्नर रितु सेन उपस्थित थीं।

प्रार्थना सभा में अवैध धर्मांतरण का आरोप: बजरंग दल के पहुंचते ही हंगामा, दो लोग पकड़े गए

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक बार फिर धर्मांतरण का मामला गरमाया है। जिले के रनचिराई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कलंगपुर गांव में रविवार को एक प्रार्थना सभा की आड़ में कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बजरंग दल की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने मौके पर दबिश दी और दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, कलंगपुर गांव में एक निजी परिसर में पिछले काफी समय से हर रविवार को प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा था। स्थानीय हिंदू संगठनों, विशेषकर बजरंग दल का आरोप है कि इस आयोजन का इस्तेमाल भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने के लिए किया जा रहा था। रविवार को जब यह प्रार्थना सभा चल रही थी, उसी दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और धर्मांतरण की कोशिशों का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने तत्काल रनचिराई पुलिस को इस संबंध में सूचना दी।   पुलिस ने दो लोगों को लिया हिरासत में शिकायत मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत गांव पहुंची और सभा स्थल पर दबिश दी। पुलिस ने सभा के आयोजकों में से दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। बजरंग दल ने मांग की है कि धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत इन व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। रनचिराई थाना प्रभारी राधा बोरकर ने इस संबंध में बताया, "हमें प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण की शिकायत मिली थी। मौके पर पहुंचकर दो संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" जिले में बढ़ता धर्मांतरण विवाद यह घटना बालोद जिले में धर्मांतरण को लेकर बढ़ते तनाव की एक नई कड़ी है। हाल ही में, इसी जिले में मसीही समाज द्वारा कब्रिस्तान की मांग को लेकर भी एक बड़ा विवाद हुआ था, जिसका हिंदू संगठनों ने पुरजोर विरोध किया था। ऐसे में, प्रशासन के लिए जिले में धर्मांतरण की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना और धार्मिक सद्भाव बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।  

युवक-युवती सम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने किया पुस्तकों का विमोचन, गोंड समाज को आर्थिक सहायता भी दी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया और उन्होंने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गोंड समाज को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 05 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम में आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम द्वारा लिखित दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोंड समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों के प्रति संवेदनशील हैं और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है और नागरिकों से नया रायपुर स्थित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवक-युवती परिचय सम्मेलन समाज के लोगों को एक-दूसरे को समझने और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस अवसर पर विकास मरकाम ने गोंड समाज के गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और नवाचारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डबल-इंजन की सरकार में जनजातीय समुदाय के हितों, विकास और उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री जग्गू सिंह, उपाध्यक्ष श्री किशोर ध्रुव, श्री सेवाराम ध्रुव, श्री हरि सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। 

माओवादी प्रवक्ता का सीएम साय को पत्र, एंटी नक्सल अभियान रोकने की मांग

जगदलपुर महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी (एमएमसी जोन) के प्रवक्ता अनंत ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक पत्र लिखकर सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों को रोकने की अपील की है। इस पत्र में उन्होंने इस बार 'नक्सली सप्ताह' न मनाने की घोषणा भी की है और सरकार से पुनर्वास के लिए समय मांगा है। प्रवक्ता अनंत ने पत्र में कहा है कि पार्टी की केंद्रीय कमेटी के सदस्य और पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड सोनू दादा ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए हथियार त्यागकर सशस्त्र संघर्ष को अस्थायी रूप से विराम देने का जो निर्णय लिया है, उसका एमएनसी स्पेशल जोनल कमेटी समर्थन करती है। एमएमसी सतीश दादा के बाद हाल ही में एक और एमएमसी कॉमरेड चंद्रत्ना ने भी इस निर्णय का समर्थन किया है। एमएमसी स्पेशल जोनल कमेटी भी हथियार छोड़कर सरकार की पुनर्वास और पुनर्निर्माण योजना को स्वीकार करना चाहती है। इसके लिए तीनों राज्यों की सरकारों से अनुरोध किया गया है कि वे उन्हें कुछ समय प्रदान करें। पत्र में तीनों राज्यों की सरकारों से यह निवेदन किया गया है कि वे उन्हें 15 फरवरी 2026 तक का समय दें। प्रवक्ता ने यह भी स्वीकार किया कि यह समय सरकार द्वारा माओवाद समाप्ति के लिए तय की गई समय-सीमा (31 मार्च 2026) के दायरे में ही है। इस अवधि के दौरान, तीनों राज्य सरकारों से अनुरोध किया गया है कि वे थोड़ा संयम बरतें और अपने सुरक्षा बलों के अभियानों को रोक दें। यहां तक कि आगामी पीएलजीए सप्ताह के दौरान भी कोई अभियान न चलाने की बात कही गई है। मुखबिरों की गतिविधियों को भी रोकने और सूचना के आधार पर बलों को किसी भी कार्रवाई में शामिल न करने का आग्रह किया गया है। 'नक्सली सप्ताह' स्थगित बदले में नक्सली प्रवक्ता ने विश्वास दिलाया है कि इस बार पीएलजीए सप्ताह नहीं मनाया जाएगा और उनकी तमाम गतिविधियां विराम पर रहेंगी। नक्सली प्रवक्ता द्वारा इस तरह का पत्र जारी करना एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। यह नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की नीतियों की सफलता का संकेत हो सकता है, या फिर यह रणनीतिक बदलाव का हिस्सा भी हो सकता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सरकार द्वारा तय की गई समय-सीमा के करीब आने का दबाव भी हो सकता है। प्रवक्ता द्वारा समय मांगने और हथियार छोड़ने की इच्छा व्यक्त करने से यह उम्मीद जगी है कि भविष्य में शांति बहाली की दिशा में कुछ सकारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि, सुरक्षा बलों और सरकारों को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी, क्योंकि यह एक संवेदनशील स्थिति है और किसी भी अप्रत्याशित घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

रायपुर में शुरू हुई 2060 करोड़ की आवासीय परियोजनाएँ, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया लोकार्पण

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ की लागत वाली आवासीय परियोजनाओं का किया शुभारंभ राज्य के 26 जिलों में हाउसिंग बोर्ड की 55 परियोजनाओं से बनेंगे 12 हजार से अधिक किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवास  शंकर नगर बीटीआई ग्राउण्ड में 3 दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेला शुरू रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउण्ड में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेले में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ की आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया। यह 55 परियोजना राज्य के 26 जिलों में शुरू होंगी, जिनके माध्यम से 12 हजार से अधिक किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण मकानों का निर्माण किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हाउसिंग बोर्ड के एआई चैट बॉट और पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजनाओं की जानकारी सहजता से मिल सकेगी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओपी चौधरी, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, विधायक  मोतीलाल साहू, विधायक  पुरंदर मिश्रा, विधायक  अनुज शर्मा, अध्यक्ष गृह निर्माण मंडल  अनुराग सिंहदेव, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष  जतीन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की टीम बहुत बेहतर है। राज्य के लोगों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण मकान उपलब्ध कराने के लिए नवाचार के साथ आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाउसिंग बोर्ड के 790 करोड़ रूपए के कर्ज को अदा कर बोर्ड को कर्ज मुक्त कर दिया है ताकि बोर्ड बेहतर रणनीति के साथ काम करें। उन्होंने जरूरतमंदों एवं आवासहीनों को पक्का मकान दिए जाने के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ही नहीं वरन पूरे देश में संचालित प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 2 वर्षों में छत्तीसगढ़ राज्य में इस योजना के तहत 26 लाख लोगों को आवासों की मंजूरी दी गई। सबका आवास बन रहा है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 32 हजार तथा बस्तर में आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 15 हजार आवास की मंजूरी दी गई है।  मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य स्तरीय आवास मेले में आवास बुकिंग का प्रमाण पत्र, हाउसिंग बोर्ड के उपभोक्ताओं को आवास की चाबी तथा फ्री होल्ड मकान का प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।  विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की सराहना की और कहा कि बोर्ड की वर्तमान टीम, हाउसिंग के क्षेत्र में अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आवास मेले की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब से मेला शुरू हुआ है रोड पर जाम लग गया है और टैªफिक व्यवस्था संभल नहीं रही है। उन्होंने राज्य में जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि इसके लिए उन्होंने बजट में 14 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया। डॉ. सिंह ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की सभी परियोजनाओं को जिलों में अच्छा प्रतिसाद मिलेगा।  आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओपी चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड के काम-काज को बेहतर बनाने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए फैसलों के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की विशेष पहल से छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड 790 करोड़ रूपए के कर्ज से मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि साल भर के भीतर हाउसिंग बोर्ड ने 672 करोड़ का बिजनेस किया है। लैंड डायवर्सन एवं फ्री होल्ड की रियायत सरकार ने देकर हाउसिंग बोर्ड और उपभोक्ताओं को राहत दी है।  चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड उपभोक्ताओं की डिमांड के आधार पर आवासीय परियोजनाओं के निर्माण का काम शुरू करेगा।  कार्यक्रम को हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष  अनुराग सिंहदेव ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड राज्य के सभी जिलों में मकान का निर्माण करेगा। हम अगले चरण में सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी आवासीय परियोजनाएं लॉन्च करेंगे।  गौरतलब है कि बीटीआई ग्राउंड में यह राज्य स्तरीय आवास मेला 25 नवम्बर तक चलेगा। मेले के पहले दिन सुबह से ही मेला ग्राउंड में हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजनाओं की जानकारी लेने और आवास बुक कराने के लिए लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा था। शंकर नगर टर्निंग प्वाइंट से खम्हारडीह जाने वाली रोड पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई थी। 

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 को 7 करोड़ की विकास योजनाओं की मिली स्वीकृति

रायपुर जिला पंचायत कवर्धा क्षेत्र क्रमांक 10 के लिए विकास का नया अध्याय जुड़ गया है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के निरंतर प्रयासों से क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित सड़क—दुल्लापुर, नेवारीगुड़ा, कान्हाभैरा से कंझेटा तक—के निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह निर्णय क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। क्षेत्रवासियों ने इस जनहितकारी निर्णय के लिए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क के अभाव में लंबे समय से आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और व्यापारिक गतिविधियों में काफी दिक्कतें आती थीं। सड़क निर्माण प्रारंभ होने से इन समस्याओं का समाधान होगा और आर्थिक-सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 के सदस्य  कैलाश चंद्रवंशी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री  शर्मा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार सक्रिय हैं। उनके मार्गदर्शन में क्षेत्र की अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए कई अहम परियोजनाएँ स्वीकृत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि दुल्लापुर–नेवारीगुड़ा–कान्हाभैरा मार्ग इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। सड़क का निर्माण दुल्लापुर के नहर पार से नेवारीगुड़ा तक गांव के बाहरी हिस्से से होकर किया जाएगा, जो दुल्लापुर और नेवारीगुड़ा के लिए बायपास मार्ग के रूप में भी कार्य करेगा। यह योजना क्षेत्र की गतिशीलता और सुविधा को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तैयारी तेजी से जारी है। इसके पूर्ण होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर होगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने कहा कि यह स्वीकृति उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा की संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी: विस्फोटक सामग्री संग 7 नक्सली धराए

बीजापुर  माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। नैमेड़ थाना, कोबरा 210 और भोपालपटनम् पुलिस की संयुक्त और अलग-अलग कार्रवाई में कुल 7 माओवादी आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। सभी के पास से टिफिन बम, डेटोनेटर और कार्डेक्स वायर सहित बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। नैमेड़ थाना-कोबरा 210 की संयुक्त कार्रवाई माओवादी विरोधी अभियान के दौरान नैमेड़ पुलिस और कोबरा 210 की टीम कांडका-जपेली जंगल में सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान टीम ने 5 माओवादियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए माओवादियों के कब्जे से टिफिन बम, कार्डेक्स वायर सहित अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद किया गया है। भोपालपटनम् थाना की कार्रवाई इधर भोपालपटनम् थाना पुलिस ने मट्टीमरका मार्ग पर एमसीपी (मोबाइल चेकिंग पॉइंट) के दौरान वाहनों की जांच की। इस दौरान 2 माओवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। पकडे़ गए माओवादी सहयोगी के कब्जे से 01 नग टिफिन बम, डेटोनेटर, इलेक्ट्रीक वायर, कोर्डेक्स वायर बरामद किया गया है। प्रकरण में गिरफ्तार माओवादी के विरूद्ध नैमेड़ और भोपालपटनम् थाना में वैधानिक कार्रवाई की गई। उसके बाद न्यायिक रिमांड पर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।